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सेवा, अनुशासन और संस्कार का संदेश, डीके कॉलेज में राज्य स्तरीय एनएसएस शिविर संपन्न

रायपुर. डीके कॉलेज बलौदाबाजार में राज्य स्तरीय एनएसएस शिविर का हुआ समापन      दाऊ कल्याण शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बलौदाबाजार में आयोजित 7 दिवसीय राज्य स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर का मंगलवार को गरिमामय समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री   टंकराम वर्मा रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।      राज्य स्तरीय इस शिविर में प्रदेश के 9 विश्वविद्यालयों एवं उनसे सम्बद्ध महाविद्यालयों के कुल 270 स्वयंसेवकों ने सहभागिता की। सात दिनों तक चले शिविर के दौरान विभिन्न शैक्षणिक, सामाजिक एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।       मंत्री   वर्मा ने कहा कि युवाओं में अपार ऊर्जा होती है और यदि इस ऊर्जा को सही दिशा में लगाया जाए तो राष्ट्र को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एनएसएस जैसे शिविर युवाओं को अनुशासन, संयम और सामाजिक जिम्मेदारी का बोध कराते हैं, जो जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।       उन्होंने संगत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अच्छी संगत व्यक्ति के व्यक्तित्व को सकारात्मक रूप से गढ़ती है, इसलिए युवाओं को सदैव अच्छे विचारों और मूल्यों से जुड़ना चाहिए। स्वामी विवेकानंद के आदर्शों का स्मरण कराते हुए उन्होंने युवाओं से उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नई पहल कर रही है, ताकि प्रदेश के युवाओं को यहीं उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा एवं संस्थान उपलब्ध हो सकें।      समापन समारोह में पूर्व विधायक   प्रमोद शर्मा, भारत स्काउट एवं गाइड के राज्य उपाध्यक्ष   विजय केशरवानी, नगर पालिका उपाध्यक्ष   जितेन्द्र महले सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी शामिल हुए।

सिनेमा में आस्था की नई प्रस्तुति, मुख्यमंत्री ने ‘गोदान’ फिल्म का ट्रेलर किया लॉन्च

रायपुर. मुख्यमंत्री ने गौमाता पर बनी पहली फिल्म-'गोदान' का किया ट्रेलर लॉन्च मुख्यमंत्री   विष्णुदेव साय ने आज  राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गौमाता पर बनी पहली फिल्म-'गोदान' का ट्रेलर लॉन्च किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री   साय ने कहा कि गौमाता के संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। गौमाता ना सिर्फ आध्यात्मिक रूप से पूजनीय हैं बल्कि गाय का आर्थिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी बहुत महत्व है। मुख्यमंत्री   साय ने फिल्म-'गोदान' को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री किए जाने की घोषणा की।  मुख्यमंत्री   साय ने फिल्म-'गोदान' के ट्रेलर लॉन्च के अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ में गौ संवर्धन के लिए बहुत कार्य हो रहा है। गौशाला में गायों के चारा के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि को 20 रुपए से बढ़ाकर 35 रुपए किया गया है साथ ही गौशाला को अब 25 लाख रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गोधाम भी बनाए जा रहे हैं जहां घुमंतू गौवंश की उचित देखभाल की जा रही है।  मुख्यमंत्री   साय ने कहा कि मान्यता है कि गौमाता में 33 कोटि देवी- देवताओं का वास रहता है। हर अनुष्ठान से पहले पंचगव्य का उपयोग किया जाता है। ये बहुत खुशी की बात है कि गौमाता पर केंद्रित पहली फिल्म-'गोदान' का आज ट्रेलर लॉन्च किया जा रहा है। इस फिल्म के माध्यम से सभी को गौमाता के महत्व को और बेहतर तरीके से समझने का अवसर मिलेगा। मैं इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों को बहुत बधाई देता हूं।  मुख्यमंत्री   साय ने कहा कि हमें गौमाता के महत्व के प्रति जन-जन को जागरूक करना है। गाय के गोबर से बनी जैविक खाद ही ऑर्गेनिक खेती का आधार है। दो घंटे 9 मिनट की इस फिल्म के माध्यम से गौ संवर्धन का संदेश दर्शकों तक पहुंचेगा। फिल्म का माध्यम एक बहुत सशक्त माध्यम है जिसके द्वारा एक बड़े दर्शक वर्ग तक सकारात्मक संदेश को पहुंचाया जा सकता है। मुख्यमंत्री   साय ने फिल्म के पोस्टर तथा गीत ' गौमाता के प्राणों को बचा लो देशवासियों' का भी लॉन्च किया। उन्होंने पंचगव्य उत्पाद के गिफ्ट पैक का भी विमोचन किया। गौमाता की महत्ता को अभिव्यक्त करने वाली कामधेनु फिल्म प्रोडक्शंस की फिल्म गोदान 6 फरवरी को भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज होगी।  इस अवसर पर   अजीत महापात्र,   शांतनु शुक्ला, फिल्म के निर्माता एवं निर्देशक   विनोद चौधरी, डॉ आईपी सिंह,   सुबोध राठी सहित अन्य गणमान्यजन और मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

बिहार में बैंक हड़ताल के चलते कैश संकट से जूझे अकाउंट होल्डर

पटना/बगहा. बगहा अनुमंडल में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा असर आम लोगों पर पड़ता नजर आ रहा है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर मंगलवार को बैंकों में कार्य ठप रहा, जिससे पहले से जारी कैश की किल्लत और गहरा गई। लगातार चार दिनों से बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने के कारण बड़ी संख्या में खाताधारी अपने-अपने जरूरी कार्य के लिए बैंकों तक पहुंचे, लेकिन बैंक बंद मिलने पर उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। बगहा शहर स्थित विभिन्न बैंकों की शाखाओं के बाहर सुबह से ही लोगों की भीड़ देखी गई। शादी-विवाह, इलाज, खेती-किसानी, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जरूरतों के लिए पैसे निकालने पहुंचे खाताधारकों को बैंक बंद होने की सूचना मिलने पर परेशानी का सामना करना पड़ा। कई ग्रामीण इलाकों से आए लोग दिनभर इंतजार करते रहे, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। स्थानीय नागरिक प्रमोद कुमार गुप्ता का कहना है कि पहले से ही एटीएम में नकदी की भारी कमी बनी हुई है। कई एटीएम या तो बंद पड़े हैं या फिर कुछ ही घंटों में खाली हो जा रहे हैं। ऐसे में बैंक शाखाओं पर लोगों की निर्भरता बढ़ गई है, लेकिन हड़ताल और अवकाश के कारण सेवाएं ठप होने से आमजन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बैंक ऑफ इंडिया बगहा शाखा के प्रबंधक राहुल गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक माह सभी शनिवार को बैंक बंद रहते हैं और इसी क्रम में एक दिन की हड़ताल होने से बैंकिंग कार्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने बताया कि 28 जनवरी से शाखा का कामकाज पुनः सुचारू रूप से शुरू हो जाएगा। ग्राहकों से हुई असुविधा के लिए उन्होंने खेद भी जताया। हड़ताल के कारण सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और दूर-दराज से आए ग्रामीण खाताधारकों को उठानी पड़ी। कई लोगों ने कहा कि बैंक बंदी की पूर्व सूचना स्पष्ट रूप से नहीं मिलने के कारण उन्हें बेवजह समय और पैसे की बर्बादी करनी पड़ी। वहीं, छोटे व्यापारियों ने भी नकदी के अभाव में लेन-देन प्रभावित होने की बात कही। बैंक हड़ताल और कैश संकट ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। लोगों को उम्मीद है कि बैंक खुलते ही नकदी की समस्या का समाधान होगा और लंबित कार्य जल्द पूरे किए जा सकेंगे। फिलहाल, बैंक बंदी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बैंकिंग सेवाएं ठप होने का सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों पर ही पड़ता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री चौहान का बस्तर आर्ट प्रतीक चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय एवं केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान के मध्य छत्तीसगढ़ के किसानों के सशक्तिकरण, कृषि विकास एवं ग्रामीण आजीविका से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ में  प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित अंचलों में संचालित ‘नियद नेल्लानार’ योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास से वंचित परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने की पहल की प्रशंसा की। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

नवादा-बांका में मिले पर्याप्त भंडार से पत्थर-स्टोन चिप में बिहार बनेगा आत्मनिर्भर

पटना. बिहार सरकार ने पड़ोसी राज्यों से होने वाली पत्थर आपूर्ति पर निर्भरता कम करने का निर्णय लिया है। सरकार ने राज्य के कई पहाड़ी जिलों में बड़े पैमाने पर पत्थर खनन की योजना बनाई है। लक्ष्य है कि निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक कच्चा माल स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो, जिससे लागत कम हो और विकास की रफ्तार तेज हो सके, लेकिन इसके पूर्व संबंधित जिलों में स्थित पहाड़ों का सर्वेक्षण होगा। सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर आगे योजना अमल में लाई जाएगी। खान एवं भू-तत्व विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी क अनुसार, खनन विभाग ने बीते दिनों नवादा, शेखपुरा, औरंगाबाद और कैमूर के अलावा बांका और गया जिले में सर्वे कराया था। जिसमें यह जानकारी सामने आई है कि इन जिलों की पहाडिय़ों में पर्याप्त मात्रा में पत्थर उपलब्ध हैं। विभाग ने इन जिलों को खनन की दृष्टि से उपयुक्त मानते हुए आगे की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। निर्णय अमल में आने पर न सिर्फ राज्य की निर्माण परियोजनाओं को गति मिलेगी, बल्कि खनन से जुड़े रोजगार के अवसर भी स्थानीय लोगों को मिल सकेंगे। जानकारी के अनुसार, अकेले बांका के शंभूगंज अंचल में लगभग 20 एकड़ पहाड़ी क्षेत्र को विशेष रूप से चिह्नित किया गया है। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, इस क्षेत्र से लाखों टन पत्थर निकलने की संभावना है। यदि पर्यावरणीय स्वीकृति और अन्य औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो यहां जल्द ही खनन कार्य शुरू किया जा सकता है। स्थानीय स्तर पर पत्थर उपलब्ध होने से सड़क, पुल, भवन और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लागत में कमी आएगी। साथ ही, खनन से मिलने वाली रायल्टी और अन्य शुल्क राज्य से राजस्व में बढ़ोत्तरी भी होगी। अधिकारियों का कहना है कि खनन कार्य पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए किया जाएगा, ताकि प्राकृतिक संतुलन बना रहे।

राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की झांकी कलाकारों का सम्मान

रायपुर. गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी में शामिल कलाकारों को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात का गौरव प्राप्त हुआ। राष्ट्रपति से स्नेहपूर्ण मुलाकात के दौरान कलाकार भावविभोर और अभिभूत नजर आए। राष्ट्रपति   द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ की झांकी की प्रशंसा करते हुए कहा कि झांकी के माध्यम से देश की समृद्ध जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ है। उन्होंने कलाकारों के समर्पण, मेहनत और जीवंत प्रस्तुति की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया भी कहा। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले से आए जनजातीय कलाकारों ने गणतंत्र दिवस परेड के दौरान छत्तीसगढ़ की झांकी के साथ पारंपरिक मंदार नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी थी, जिसने कर्तव्य पथ पर मौजूद दर्शकों के साथ-साथ देश-दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। कलाकारों ने राष्ट्रपति से मुलाकात को अपने जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें अपनी कला, संस्कृति और परंपराओं को और अधिक निष्ठा के साथ आगे बढ़ाने की नई प्रेरणा देगा। राष्ट्रपति से मुलाकात करने वालों में टीम लीडर तेज बहादुर भुवाल के नेतृत्व में नारायणपुर जिले के ग्राम नयनार से आए 13 सदस्यीय दल में जेनू राम सलाम, लच्छू राम, जैतू राम सलाम, राजीम सलाम, दिनेश करंगा, जयनाथ सलाम, मानसिंग करंगा, चन्द्रशेखर पोटाई, धनश्याम सलाम, जगनाथ सलाम, सुरेश सलाम तथा घोड़लापारा, ग्राम नयनार निवासी दिलीप गोटा शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि बस्तर अंचल की इस पारंपरिक कला टोली ने अपनी लोक-संस्कृति और नृत्य शैली से राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।

युवाओं के भविष्य को संवारने की पहल, विद्यार्थियों को मिल रहा बहुआयामी प्रशिक्षण

भोपाल.  प्रदेश के विद्यार्थियों को शैक्षणिक, व्यावसायिक एवं कौशल विकास का दिया जा रहा प्रशिक्षण प्रदेश के शासकीय स्‍कूलों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को स्‍कूल जीवन से ही भविष्‍य के अवसर प्राप्‍त हो, इसके लि‍ए स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के समस्त शासकीय हाई एवं हायर सेकंडरी विद्यालयों में 27 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक 5 दिवसीय करियर मेला एवं करियर काउंसलिंग अभि‍यान चलाया जा रहा है, जिसकी मंगलवार से शुरुआत हुई। यह कार्यक्रम समग्र शिक्षा अभियान, लोक शिक्षण संचानालय मध्यप्रदेश द्वारा यूनिसेफ एवं म.प्र. राज्‍य ओपन बोर्ड/ओपन स्कूल के सहयोग से किया जा रहा है। विद्यार्थियों को सही कैरियर चयन एवं उनके उज्ज्वल भविष्य निर्माण की दिशा में विभाग की यह पहल एक महत्वपूर्ण पहल है। पांच दिवसीय कैरियर मेलों और काउंसलिंग सत्रों में विद्यार्थियों को करियर के विविध विकल्पों की जानकारी के साथ ही शैक्षणिक, व्यावसायिक एवं कौशल आधारित मार्गदर्शन दि‍या जाएगा। उन्हें जीवन कौशल, करियर योजना एवं भविष्य की तैयारी के लिए सक्षम विभाग द्वारा सक्षम बनाया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों को विभिन्‍न शासकीय सेवाओं एवं उच्च शिक्षा के अवसरों से भी परिचित कराया जा रहा है। विभाग की इस पहल से लगभग 21 लाख विद्यार्थियों के लाभान्वित किया जाएगा। कार्यक्रम में ओपन स्कूल के माध्यम से यूट्यूब लाइव सत्र एवं वेबिनार आयोजित किए जा रहे हैं, जिन्हें विद्यालय स्तर पर टीवी/प्रोजेक्टर/मोबाइल/टैब से विद्यार्थियों को दिखाया जा रहा है। इसके साथ ही ब्लॉक स्तर पर उपलब्ध करियर काउंसलर विद्यालयों में जाकर काउंसलिंग सत्र आयोजित कर रहे हैं। प्रत्येक विद्यालय में नोडल शिक्षक एवं तकनीकी नोडल शिक्षक की नियुक्ति भी की गई है।  

कैमूर में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास के 8027 लाभार्थियों का होगा वेरिफिकेशन

कैमूर/भभुआ. जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना प्लस के अंतर्गत पात्र लोगों को आवास उपलब्ध कराने के लिए सभी प्रखंडों में सर्वे किया गया था। सर्वे का कार्य विभाग के दिशा- निर्देश के तहत 10 जनवरी से 15 मई तक कर्मियों के द्वारा किया गया था। सर्वे सूची में शामिल लोगों की पात्रता के सत्यापन के लिए 29 जनवरी 2026 तक पदाधिकारी व कर्मियों के द्वारा अभियान चलाकर सर्वे किया जा रहा है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में सत्यापन करने के लिए मात्र तीन दिनों का समय शेष बचा हुआ है। तीन दिनों के अंदर 8027 लोगों की पात्रता की जांच की जानी है। इस संबंध में एमआईएस पदाधिकारी सुधीर कुमार पांडेय ने बताया कि विभाग के दिशा- निर्देश के अनुसार आवास योजना की सूची में शामिल लोगों की पात्रता का सत्यापन का कार्य पूरा होने के बाद चिह्नित किए गए अपात्र परिवारों का नाम सूची से हटाने की कार्रवाई शुरू होगी। बता दें कि जिले में पीएम आवास योजना के लाभुकों की पात्रता की जांच का कार्य पदाधिकारियों के द्वारा कई चरणों में की जा रही है। जिला स्तर पर सत्यापन कार्य की समीक्षा उप विकास आयुक्त व निदेशक डीआरडीए के माध्यम से की जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए हुए अनुबंध (एमओयू)

राज्य की प्रगति और उन्नति के लिए पर्याप्त विद्युत उपलब्धता आवश्यक बिजली, प्राणों की समान है महत्वपूर्ण 60 हजार करोड़ रूपए लागत के यह समझौते प्रदेश के स्थाई विकास का बनेंगे आधार अनूपपुर में स्थापित होंगे नए पॉवर हाउस टोरेंट, अदाणी और हिन्दुस्थान थर्मल ने एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के साथ किया अनुबंध भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिजली का महत्व शरीर में प्राणों की समान है। जैसे समस्त गतिविधियों के संचालन के लिए शरीर में प्राण आवश्यक है, वैसे ही किसी भी राज्य की प्रगति और उन्नति के लिए पर्याप्त विद्युत उपलब्धता आवश्यक है। प्रदेश में 60 हजार करोड़ रूपए की लागत से 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए हुए समझौते प्रदेश के स्थाई विकास का आधार बनेंगे। इससे प्रदेश में कुल विद्युत उपलब्धता में बढ़ोत्तरी होने के साथ-साथ बिजली की मांग की शत-प्रतिशत आपूर्ति संभव होगी। डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट (डीबीएफओओ) मॉडल पर स्थापित होने वाले इन नए विद्युत संयंत्रों से लगभग 8 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में 4 हजार मेगावॉट बिजली के पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए। अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई ने अनुबंध के संबंध में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक श्री विशेष गढ़पाले तथा टोरेंट पॉवर लिमिटेड के श्री जिगिश मेहता, अदानी पॉवर लिमिटेड के श्री एस.बी. खिलया तथा हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स के श्री रतुल पुरी के बीच पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट का आदान-प्रदान हुआ। यह नए पॉवर हाउस अनूपपुर में स्थापित होंगे। कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्योग समूह के प्रतिनिधियों ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग मित्र नीतियों, सशक्त अधोसंरचना और सुशासन आधारित व्यवस्था के परिणाम स्वरूप मध्यप्रदेश देश -विदेश के निवेशकों और औद्योगिक समूहों के लिए पहली प्राथमिकता बनता जा रहा है। विद्युत उत्पादन में भूमि-जल- पर्यावरण-कोयला- रेलवे लाइन आदि का बेहतर समन्वय आवश्यक है। इन सब आधारों पर मध्यप्रदेश उपयुक्त है। प्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रदेश को मिला पीएम मित्र पार्क विकास के नए आयाम और रोजगार के भरपूर अवसर प्रदान करेगा। प्रदेश में वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इससे उद्यमिता, स्वरोजगार और खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य सरकार रोजगार परक उद्योगों को विशेष महत्व दे रही है। प्रदेश में उद्योग समूहों की गतिविधियों के विस्तार के लिए पर्याप्त संभावनाएं विद्यमान हैं। एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने राज्य में स्थापित किए जाने वाले नए विद्युत संयंत्रों से डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट (डीबीएफओओ) के तहत विद्युत दर आधारित प्रतिस्पर्धात्मक बोली प्रक्रिया के माध्यम से 3200 मेगावाट बिजली खरीद के लिए बोलियां आमंत्रित की थीं। इसमें बिजली खरीद के ग्रीन शू विकल्प के तहत अतिरिक्त 800 मेगावॉट की बिजली खरीद का विकल्प भी शामिल था। इसके अनुसार मेसर्स हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को 800 मेगावॉट, मेसर्स टोरेंट पॉवर लिमिटेड को 1600 मेगावॉट तथा मेसर्स अदानी पॉवर लिमिटेड को 800 मेगावॉट व ग्रीन्शू विकल्प के अंतर्गत अतिरिक्त 800 मेगावॉट क्षमता आवंटित की गई है। टोरेंट द्वारा 24 हजार करोड़ रुपए, अडाणी पॉवर द्वारा 24 हजार करोड़ रुपए तथा हिन्दुस्थन थर्मल द्वारा 12 हजार करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। इन सभी क्षमताओं के लिये विद्युत आपूर्ति अनुबंध संबंधित चयनित विकासकों द्वारा गठित स्पेशल पर्पस व्हीकल्स के साथ किए गए हैं। इन विद्युत आपूर्ति अनुबंधों के अंतर्गत वर्ष 2030 से विद्युत आपूर्ति होना संभावित है।  

प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में देश के साथ बदल रहा मध्यप्रदेश भी

भोपाल . दो सिंचाई परियोजनाएं मंजूर होने पर सोहागपुर वासियों ने किया मुख्यमंत्री का आत्मीय अभिनंदन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को हर क्षेत्र में लगातार बड़ी सौगातें मिल रही हैं। पिछले 11 वर्षों के कालखंड में संपूर्ण देश के साथ हमारा प्रदेश भी बदल रहा है। राज्य सरकार ने वर्ष-2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है। पूरे साल में अनेक किसान हितैषी निर्णय लिए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। प्रधानमंत्री  मोदी ने बुंदेलखंड से केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान की शुरुआत की है। इस परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के कई जिलों के किसानों के खेतों में फसलें लहलहाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की प्रगति में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद् की बैठक में नर्मदापुरम जिले में 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 215 करोड़ 47 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। इससे सोहागपुर और पिपरिया क्षेत्र के किसानों एवं स्थानीय जनजातीय भाई-बहनों को अनुपम सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार की शाम मुख्यमंत्री निवास में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सोहागपुर विधायक  विजयपाल सिंह ने क्षेत्रवासियों को मिली सौगातों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। सोहागपुर से आए पार्टी पदाधिकारी, स्थानीयजन एवं विस्थापित जनजातीय परिवारों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय अभिनंदन किया। विरासत भी और विकास भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का वार्षिक बजट अब 4 लाख 21 हजार करोड़ रुपए हो चुका है। प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने के लिए हमारी सरकार संकल्पित है और इसके सुखद परिणाम अब जमीन पर नजर आने लगे हैं। नर्मदापुरम जिले में बाबई-मोहासा औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इससे निकट भविष्य में सोहागपुर-पिपरिया और आसपास के क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। राज्य सरकार विरासत के संरक्षण के साथ विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रदेश के गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के लिए जनहितैषी निर्णय लिए गए हैं। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पचमढ़ी में कैबिनेट बैठक आयोजित कर हमने क्षेत्र के गौरव राजा भभूत सिंह का स्मरण किया। इसी प्रकार इंदौर, खजुराहो, ग्वालियर जैसे स्थानों पर भी कैबिनेट बैठकों में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। सोहागपुर विधानसभा के 63 गांवों को मिलेगा पर्याप्त जल विधायक  विजयपाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का कोना-कोना सिंचाई सुविधा से लैस हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोहागपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता से किया अपना वादा निभाया और आज कैबिनेट ने क्षेत्रवासियों के कल्याण के लिए लगभग 226 करोड़ रुपए लागत की दो महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। उन्होंने कहा कि तवा परियोजना (दायीं तट नहर) की बागरा शाखा नहर होज सिंचाई परियोजना से बाबई एवं सोहागपुर तहसील के 33 गांवों की 4200 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। वहीं, तवा परियोजना की दांयी तट नहर से पिपरिया ब्रांच केनाल होज सिंचाई परियोजना से 6000 हैक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। परियोजना से सोहागपुर तहसील के 30 ग्राम लाभान्वित होंगे। दोनों परियोजनाओं से सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के आसपास रहने वाला जनजातीय समुदाय सर्वाधिक लाभान्वित होगा और उन्हें स्वच्छ पेयजल के साथ सिंचाई की सुविधा भी मिलेगी। अभिनंदन समारोह में नर्मदापुरम के लोकसभा सांसद  दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सदस्य श्रीमती माया नारोलिया,  राजेंद्र सिंह,  महेश उपाध्याय सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे।