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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव समिति के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 समिति के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब उपस्थित थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव में मुख्य अतिथि के रुप में आमंत्रित किया। इस अवसर पर श्री के.के. भारद्वाज, डॉ. संदीप जैन, श्री नरेंद्र लोधी, श्री गोविंद वर्मा, श्री पुष्कर साहू, श्री संतोष लोधी, श्री अशोक चंद्राकर, श्री देवनाथ साहु, श्री राकेश सोनकर, श्री हीरामन कोसले, श्री विक्रम परमार, श्री चंद्रशेखर साहू, श्री गणेश राम साहू, दूजे राम धीवर उपस्थित थे।

सेना के अस्पताल में लगा बड़ा मेडिकल कैंप, डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने किया उद्घाटन

जयपुर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने आज आर्मी हॉस्पिटल में आयोजित विशाल मेडिकल कैंप का शुभारंभ किया। यह मेडिकल कैंप देश की रक्षा में अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों के कल्याण, सम्मान और बेहतर स्वास्थ्य के उद्देश्य से आयोजित किया गया। शुभारंभ के बाद उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने मेडिकल कैंप का निरीक्षण किया तथा मरीजों के पास पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने न केवल मरीजों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।   इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि इस मेडिकल कैंप के माध्यम से पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों को हृदय रोग, हड्डियों से संबंधित रोगों सहित विभिन्न चिकित्सकीय समस्याओं के उपचार और विशेषज्ञ परामर्श की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल उनके बेहतर स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक सार्थक कदम है। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिकों के अदम्य साहस, अनुशासन और निष्ठा से ही देश की सीमाएँ सुरक्षित हैं और भारत निरंतर सशक्त बन रहा है। दिया कुमारी ने कहा, “मैं स्वयं एक सैनिक की बेटी हूँ। अनुशासन, सेवा, त्याग और देशभक्ति के संस्कार बचपन से ही मेरे जीवन का हिस्सा रहे हैं। सैनिक परिवारों का दर्द, संघर्ष और गौरव मैंने बहुत करीब से देखा और महसूस किया है। इसलिए वीर सैनिकों और उनके परिवारों की सेवा मेरे लिए केवल दायित्व नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव और आत्मिक कर्तव्य है।” उन्होंने बताया कि 15 जनवरी को जयपुर में आयोजित होने वाले आर्मी डे समारोह की शुरुआत आज से इस मेडिकल कैंप के साथ की गई है। राजस्थान में पहली बार हो रही आर्मी डे परेड को लेकर आमजन में भारी उत्साह है। जयपुर में इस भव्य परेड का आयोजन होना प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात है। इस अवसर पर साउथ-वेस्टर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह, आवा की क्षेत्रीय अध्यक्षा बरिन्दरजीत कौर, बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं उनके परिवारजन उपस्थित रहे।  

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने टुंडली गांव में गुरुद्वारा बाज साहिब के नए भवन का शिलान्यास किया

अंबाला हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज प्रात: अंबाला कैंट के गांव टुंडली में गुरुद्वारा बाज साहिब के नए भवन का नींव पत्थर रखते हुए गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी टुंडली और श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दी। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि नया भवन पहले से बड़ा और भव्य होगा तथा अधिक श्रद्धालु भवन में बैठ पाएंगे। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने भवन निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पहले अरदास में हिस्सा लिया और नींव पत्थर रखा। ”बोले सो निहाल” जयकारों के बीच श्रद्धापूर्वक गुरुद्वारे के भवन का नींव पत्थर रखा गया। इससे पहले, गांव टुंडली में पहुंचने पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान गुरमीत सिंह व अन्य ने उनका स्वागत किया। मंत्री अनिल विज को सिरोपा पहनाकर उन्हें सम्मानित भी किया गया। गुरुद्वारा बाज साहिब प्रबंधक कमेटी के प्रधान गुरमीत सिंह ने बताया कि गुरुद्वारा बाज साहिब का वर्तमान भवन कई दशक पुराना है और छोटा है। अब नया भवन पहले से बड़ा और भव्य बनाया जा रहा है जिसकी आज शुरूआत की गई है। इस अवसर पर गांव टुंडली से बाबा बचित्तर सिंह, बलबीर सिंह, रघुबीर सिंह, लखविंद्र सिंह, अजैब सिंह, कुलबीर सिंह, नायब सिंह, धीर सिंह के अलावा जसबीर सिंह जस्सी, सुदर्शन सिंह सहगल, रणधीर सिंह, रामबाबू याद, डा. ऋषिपाल, गुरप्रीत सिंह, जसमेर सिंह, रोशन सिंह बरनाला, उधम सिंह, गुरविंद्र सिंह, तरविंद्र सिंह बंटी, गुरदीप सिंह जनेतपुर, बलदेव सिंह, शमशेर सिंह, लाल सिंह, पाल सिंह, बलकार सिंह, रतन सिंह टुंडली, चौड सिंह, कुलबीर सिंह आदि मौजूद रहे।

समाधान योजना में लापरवाही पर ट्रांसफर नहीं डिमोशन होगा: ऊर्जा मंत्री तोमर

किसानों को 10 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें मंत्री ने की समाधान योजना की प्रगति की समीक्षा भोपाल समाधान योजना में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार उपलब्धि नहीं प्राप्त होने तथा कार्य में लापरवाही पर अधिकारियों का ट्रांसफर नहीं डिमोशन किया जायेगा। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह बात समाधान योजना की प्रगति की ऑनलाइन समीक्षा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि रबी सीजन में किसानों को हर हाल में 10 घंटे की विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें। मंत्री श्री तोमर ने सर्किलवार योजना की प्रगति की समीक्षा की। समाधान योजना में अव्वल आने पर मिलेंगे 50 हजार ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि समाधान योजना में जो सर्किल सबसे अच्छी उपलब्धि अर्जित करेगा, उसके अधीक्षण यंत्री को 50 हजार रूपये का इनाम दिया जायेगा। कंपनी क्षेत्रार्न्तगत प्रथम सर्किल को 25 हजार रूपये और सर्वश्रेष्ठ सहायक यंत्री को 11 हजार रूपये का पुरस्कार दिया जायेगा। संबंधित के गोपनीय चरित्रावली में भी इसकी इंट्री की जायेगी। 2 लाख से अधिक के बकायादारों से सीई,एसई बात करें ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के 2 लाख रूपये से अधिक के बिजली बिल बकाया हैं, उनसे मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता स्वयं बात करें। इसका डिटेल मंत्री कार्यालय को भी दें। उन्होंने कहा कि प्रथमत: बड़े बकायादारों से सख्ती से वसूली करें। कंपनी की आर्थिक स्थिति ठीक करने के लिए यह कार्य जरूरी है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार फील्ड का भ्रमण करें। अभी तक जमा हुये 578 करोड़ रूपये समाधान योजना में अभी तक 578 करोड़ 22 लाख रूपये जमा हुए हैं। बिजली उपभोक्ताओं के 264 करोड़ 17 लाख रूपये के सरचार्ज माफ किये गए हैं। सर्वाधिक 382 करोड़ 72 लाख रूपये मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्र में जमा हुए हैं। योजना का प्रथम चरण 31 जानकारी तक चलेगा। सचिव ऊर्जा श्री विशेष गढ़पाले ने कहा कि लंबित बिजली बिल जमा नहीं करने वालों के बिजली कनेक्शन काटे जायें। उन्होंने कहा कि लक्ष्य के अनुसार वसूली जरूरी है। इस दौरान एम.डी. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी श्री अनय द्विवेदी, एम.डी. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी श्री अनूप सिंह सहित सभी अधिकारी बैठक में ऑनलाइन शामिल हुए।  

ऊर्जा मंत्री तोमर ने पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 3 नवाचारों का किया शुभारंभ

ऊर्जा मंत्री ने सिंथेटिक लॉन टेनिस कोर्ट का भी किया उद्घाटन भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेसिंग से बिजली उपभोक्ताओं, पेंशनधारकों एवं प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के लिये पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के तीन नवाचारों का शुभारंभ किया। उन्होंने सिंथेटिक लॉन टेनिस कोर्ट का भी वर्चुअल उद्घाटन किया। मंत्री श्री तोमर ने नालंदा अभिलेख कक्ष, क्यूआर फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ और पेंशन मित्र पुस्तिका का विमोचन किया। नालंदा अभिलेख कक्ष (रिकॉर्ड रूम) मंत्री श्री तोमर ने कहा कि पूर्व क्षेत्र कंपनी द्वारा आधुनिक एवं कम्प्यूटरिकृत रिकॉर्ड रूम तैयार किया गया है। रिकॉर्ड को नमी, धूप, शीलन, दीमक और जीर्ण-शीर्ण होने से बचाने के लिये उच्च गुणवत्ता के प्लास्टिक बॉक्स में रखा गया है। रिकॉर्ड का वर्गीकरण करते हुए विभागवार अलग-अलग रैक्स में इंडेक्सिंग की गई जिससे कम्प्यूटर में आसानी से सर्च किया जा सकता है। दूसरी ओर मुख्यालय में पुराना रखा हुआ रिकॉर्ड अब एक ही छत की नीचे होगा और सभी कार्यालयों के कॉरिडोर और स्टोर रूम साफ-सुथरे और व्यवस्थित होंगे। रिकॉर्ड रूम में कैमरे और फायर सेफ्टी यंत्र लगाये गये हैं। रिकॉर्ड रूम में मानव संसाधन विभाग की 7000, कार्य विभाग के 6000, क्रय एवं भण्डार के 4500, वाणिज्य विभाग के 6000, वित्त विभाग के 3000 एवं अन्य विभागों के लगभग 6000 इस प्रकार कुल लगभग 32,000 से अधिक फाईलों का संधारण किया गया है। रिकॉर्ड रूम बनाने से महत्वपूर्ण फाइलें, रजिस्टर, आदेश, नक्शे आदि सुरक्षित रहेंगे हैं। आग, नमी, दीमक, चोरी एवं क्षति से संरक्षण संभव हो सकेगा। क्यू आर फीडबैक प्रणाली मंत्री श्री तोमर ने कहा कि पूर्व क्षेत्र कंपनी के तकनीकी नवाचार क्यूआर फीडबैक प्रणाली का भी शुभारंभ किया गया है। इसे कंपनी के सभी कार्यालयों जैसे वितरण केंद्र, सब-स्टेशन, उप संभाग, संभाग, लेखा कार्यालय, वृत्त, क्षेत्रीय कार्यालय, कॉर्पोरेट कार्यालय के परिसर में उपभोक्ताओं के सुलभ स्थान जैसे मेन गेट, सूचना पटल, कॉरिडोर, उपभोक्ता काउंटर एवं अधिकारियों/ कर्मचारियों के केबिन के बाहर चस्पा किया जायेगा। इसमें उपभोक्ता क्यू आर कोड को स्कैन करके मात्र 1 से 2 मिनट में अधिकारियों/ कर्मचारियों के व्यवहार, उनकी कार्य प्रणाली और कार्यालयीन स्वच्छता के बारे में अपने अनुभव और सुझाव सीधे प्रबंधन तक पहुँचा सकेंगे। यह प्रणाली शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं है, बल्कि सकारात्मक सुझावों और अनुभवों के आधार पर समग्र सेवा-गुणवत्ता एवं व्यवस्था में सुधार लाने का साधन बनेगी। 'पेंशन मित्र' पुस्तिका मंत्री श्री तोमर ने कहा कि 'पेंशन मित्र' पुस्तिका कर्मचारियों के सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक अत्यंत सराहनीय प्रयास है। यह पुस्तिका पेंशन संबंधी नियमों, आदेशों और प्रक्रियाओं को सरल, सहज और एकीकृत रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे पेंशनधारकों को भटकना न पड़े और उन्हें अपने अधिकारों की स्पष्ट जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सके। साथ ही पेंशन मित्र पुस्तिका का एआई आधारित डिजिटल चैटबॉट का भी शुभारंभ किया गया है, जिसमें पेंशनधारक पेंशन, ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन, भत्ते एवं अन्य लाभ से संबंधित कोई भी सवाल पूछेंगे तो जरूरत के मुताबिक अनुकूल उत्तर तुरंत मिलेगा, जो उनके प्रकरणों के निराकरण में सुविधाजनक होगा। सिंथेटिक लॉन टेनिस कोर्ट मंत्री श्री तोमर ने कहा कि म. प्र. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमि., जबलपुर द्वारा सिंथेटिक टेनिस कोर्ट का उद्घाटन किया गया है, जो टेनिस खेलने वाले खिलाडियों के लिए वरदान साबित होगा, साथ ही इससे नये खिलाड़ी भी खेलने के लिए प्रेरित होंगे। पूर्व क्षेत्र कंपनी के प्रयासों एवं सभी नवाचारों के लिये ऊर्जा मंत्री ने प्रबंध संचालक श्री अनय द्विवेदी तथा उनकी टीम के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।  

प्रसूति स्वास्थ्य में ऐतिहासिक बदलाव: पंजाब सरकार की पहल से आम आदमी क्लीनिक बने गर्भवती महिलाओं का सहारा

चंडीगढ़ आने वाली पीढ़ियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने प्रसूति स्वास्थ्य देखभाल को सफलतापूर्वक विकेंद्रित किया है और आम आदमी क्लीनिक (ए.ए.सी.) गर्भवती महिलाओं के लिए नई जीवन रेखा के रूप में उभर रहे हैं। एक विशेष प्रोटोकॉल-आधारित गर्भावस्था देखभाल मॉडल शुरू करने के मात्र चार महीनों के अंदर सेवाएं हासिल करने वालों की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है और हर महीने लगभग 20,000 गर्भवती महिलाएं इन क्लीनिकों में पहुंच रही हैं। इस पहल की सफलता को साझा करते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत पहले ही एक यूनिक रैफरल सिस्टम के माध्यम से 10,000 से अधिक महिलाओं को मुफ्त अल्ट्रासाउंड सेवाएं प्रदान की गई हैं। इसके साथ ही लगभग 500 निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों को सूचीबद्ध करके राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि महिलाओं को विभिन्न स्कैन: जिनकी कीमत आम तौर पर 800 रुपये से 2,000 रुपये के बीच होती है – की सुविधा पूरी तरह मुफ्त दी जा रही है। इस सुविधा से मात्र 120 दिनों के छोटे समय में पंजाबी परिवारों को अनुमानित 1 करोड़ रुपये की बचत हुई है। आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि पंजाब में 70 प्रतिशत से कम गर्भवती महिलाओं ने अपना पहला एंटे-नेटल चेक-अप करवाया है और लगभग 60 प्रतिशत से कम ने सिफारिश अनुसार पूरे चार चेक-अप करवा लिए हैं, जबकि राज्य में माताओं की मृत्यु दर प्रति एक लाख जीवित जन्मों पर 90 रही है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इन आंकड़ों ने राज्य भर में एक व्यापक, पहुंचयोग्य गर्भावस्था देखभाल मॉडल की तुरंत आवश्यकता को उजागर किया। पंजाब में हर साल लगभग 4.3 लाख प्रसव होते हैं, जिससे माताओं और बच्चों की स्वास्थ्य रक्षा के लिए जल्दी पता लगाना, नियमित निगरानी और समय पर रैफरल बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। पिछले तीन सालों में, मान सरकार ने 881 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए हैं, जो पंजाब की प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली की रीढ़ के रूप में उभरे हैं, जिसमें 4.6 करोड़ से अधिक ओपीडी विजिट और रोजाना लगभग 70,000 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इस बुनियादी ढांचे का लाभ उठाते हुए, सरकार ने लगभग चार महीने पहले ए.ए.सीज़. के माध्यम से एक विस्तृत, प्रोटोकॉल-संचालित गर्भावस्था देखभाल मॉडल शुरू किया। इस सुधार के तहत, सभी जरूरी एंटे-नेटल चेक-अप अब आम आदमी क्लीनिकों में उपलब्ध हैं। इनमें एच.आई.वी. और साइफिलिस स्क्रीनिंग, खून के सभी टेस्ट, शुगर, थायरॉइड, हेपेटाइटिस, भ्रूण की दिल की धड़कन, कोलेस्ट्रॉल और हीमोग्लोबिन मूल्यांकन जैसे रूटीन और महत्वपूर्ण टेस्ट शामिल हैं। यदि अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता होती है तो ए.ए.सी. डॉक्टर द्वारा रैफरल स्लिप जारी की जाती है, जिसके माध्यम से गर्भवती महिलाएं मुफ्त अल्ट्रासाउंड सेवाएं प्राप्त कर सकती हैं। यहां महत्वपूर्ण बात यह है कि, लगभग 5,000 महिलाओं को हर महीने उच्च-जोखिम वाली गर्भावस्थाओं के रूप में पहचाना जा रहा है ताकि निरंतर ट्रैकिंग, केंद्रित सहायता और विशेषज्ञ देखभाल के लिए उच्च चिकित्सा सुविधाओं के लिए समय पर रैफरल किया जा सके। इस सुधार से मरीज के अनुभव में भी काफी सुधार हुआ है। महिलाएं अब गर्भावस्था से संबंधित ज्यादातर टेस्ट अपने घरों के नजदीक ही करवा सकती हैं, जिससे बड़े अस्पतालों में जाना और लंबी कतारों की परेशानी से बचते हुए मिनटों में चिकित्सकीय सलाह ले सकती हैं और बिना किसी वित्तीय बोझ के अल्ट्रासाउंड सेवाओं तक पहुंच कर सकती हैं। जन्म से पहले की पहली जांच से लेकर जन्म के बाद के फॉलो-अप तक, यह पहल तकनीकी, मानक क्लीनिकल प्रोटोकॉल, रैफरल प्रणालियों और कम्युनिटी-स्तरीय सहायता को एकीकृत करके पूरी गर्भावस्था देखभाल को मजबूत बनाती है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर कहा कि यह पहल जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी अगुवाई के तहत, पंजाब एक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली का निर्माण कर रहा है, जो यह सुनिश्चित करता है कि हर मां को घर के नजदीक मानक देखभाल मिले। सालाना 4.3 लाख गर्भावस्थाओं के साथ, आम आदमी क्लीनिकों में गर्भावस्था देखभाल सेवाओं का विस्तार एक परिवर्तनकारी कदम है और भारत में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए एक नया मानक स्थापित कर रहा है।” सरकार का मानना है कि यह पहल पिछले कुछ सालों में माताओं और बच्चे के स्वास्थ्य में पंजाब के सबसे महत्वपूर्ण निवेशों में से एक है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी महिला भौगोलिक स्थिति, आय या जागरूकता की कमी के कारण इस लाभ से वंचित न रहे। इसके साथ ही राज्य भर में माताओं और नवजात शिशुओं के लिए स्वास्थ्य परिणामों में लगातार सुधार किया जा रहा है।

अंबेडकर कामधेनु योजना एवं स्वावलंबी गोशाला निवास नीति-2025 का प्रभावी रूप से संचालन सुनिश्चित करें : राज्यमंत्री

भोपाल पशुपालन एवं डेयरी विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने सोमवार को भोपाल स्थित निवास कार्यालय में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। साथ ही स्वावलंबी गोशाला निवास नीति-2025 के क्रियान्वयन को लेकर भी गहन चर्चा की। राज्यीमंत्री श्री पटेल ने योजना एवं नीति के प्रभावी संचालन, गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा पशुपालकों को अधिकाधिक लाभ पहुंचाने के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव, संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ. पी.एस. पटेल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

ठंड से कांपा झारखंड, शीतलहर के चलते 8 जनवरी तक स्कूलों में छुट्टी, मौसम विभाग की चेतावनी

रांची  झारखंड में नए साल के साथ शुरू हुआ अत्यधिक सर्दी का सितम बरकरार है। ठंड और शीतलहर ने जनजीवन बेहाल कर रखा है। ऐसे मौसम में स्कूल जाने वाले छात्रों को जिला प्रशासन की ओर से बड़ी राहत दी गई है। 8 जनवरी तक राज्य के सभी स्कूल बंद ठंड और शीतलहर के बढ़ते असर को देखते हुए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने राज्य के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। विभाग ने 6 जनवरी 2026 से 8 जनवरी 2026 तक प्री-नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक की सभी कक्षाएं बंद रखने का निर्देश दिया है। यह आदेश राज्य में चल रहे सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, गैर सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित) और निजी स्कूलों पर लागू होगा। कोई स्कूल अगर इसका पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ नियम उल्लंघन के चलते कार्रवाई की जाएगी। सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी इन दिनों स्कूल आएंगे और अपनी उपस्थिति दर्ज करते हुए गैर-शैक्षणिक कार्य करेंगे। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि इस अवधि में किसी स्कूल में प्री-बोर्ड परीक्षा निर्धारित है, तो संबंधित सक्षम प्राधिकारी अपने स्तर से परीक्षा संचालन को लेकर फैसला ले सकते हैं। ठंड ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है दरअसल, मौसम विज्ञान केंद्र रांची द्वारा जारी विशेष बुलेटिन के अनुसार झारखंड में भारी ठंड और शीतलहरी की चेतावनी दी गई है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने 5, 6 और 7 जनवरी तक न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट होने का पूर्वानुमान जारी किया है जिससे आगामी तीन-चार दिनों तक ठंड का असर बढ़ने की पूरी संभावना है। बीते रविवार को राजधानी में दिनभर धूप-छांव की आंख मिचौली देखने को मिली। खिली धूप नहीं रहने से ठंड का असर देखने को मिला। वहीं, जिले के बाहरी क्षेत्रों में अहले सुबह घने कोहरे का असर भी दिखा। ठंड ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। हालांकि, शीतलहर होने के बावजूद लोगों की भीड़ शहर के पार्कों में देखने को मिल रही है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जयपुर में निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए किया आमंत्रित

देश के दिल से जुड़ें, मध्यप्रदेश है अनंत संभावनाओं का केंद्र हम निवेशकों के लिए तैयार कर रहे हैं आदर्श वातावरण अपने आइडिया को जमीन पर उतारिए, हमारी सरकार है निवेशकों के साथ जयपुर में हुआ राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट-2026   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश का सबसे युवा राज्य है। मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट है, चीता स्टेट है, फारेस्ट स्टेट है, मिनरल स्टेट है, बिजली सरप्लस स्टेट है और अब देश का सबसे बेहतर इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली स्टेट भी बन गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वर्ष 2025 में सबसे ज्यादा निवेश पाने वाला देश का तीसरा राज्य बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अनंत अवसर और संभावनायें लिए हुए है। मध्यप्रदेश में निवेश हर मायने में लाभ का सौदा है। देश के मध्य में होने के कारण मध्यप्रदेश व्यापार, व्यवसाय, उद्योग-धंधे और स्टार्ट-अप्स लगाने से लेकर अपने उत्पाद को निर्यात करने के लिए एक अनुपम केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को पिंक सिटी जयपुर में राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट 2026 में मध्यप्रदेश सेशन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और राजस्थान दोनों सदियों से इतिहास, विरासत और व्यापार-व्यवसाय की समझ के मामले में साझा भागीदार रहे हैं। राजस्थान के मारवाड़ी व्यापारी मध्यप्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। समिट में राजस्थान के उप मुख्यमंत्री श्री प्रेमचंद बैरवा भी उपस्थित थे। मध्यप्रदेश सरकार इस प्रतिष्ठित ग्लोबल समिट में 'स्टेट पार्टनर' के रूप में सहभागिता कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को विकास और अवसरों का केंद्र बताते हुए निवेशकों और उद्योगपतियों से कहा कि हमारा प्रदेश आज देश के उन चुनिंदा राज्यों में है, जहां प्राकृतिक संसाधन, उद्योग-अनुकूल नीतियां, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और सहयोगी सरकार सभी निवेशकों के लिए आदर्श वातावरण तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 18 नई उद्योग-अनुकूल नीतियां, विस्तृत लैंड बैंक, भरपूर जल उपलब्धता, स्किल्ड मानव संसाधन, उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और पारदर्शी प्रशासन निवेशकों को सर्वोत्तम सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर राजस्थान डिजिफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट के मध्यप्रदेश सेशन का विधिवत् शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सभी राज्यों के बीच औद्योगिक विकास की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा चल रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश के सभी राज्यों को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल रहा है। वैश्विक अर्थव्यवस्था आज भी उहापोह की स्थिति में है, ऐसी परिस्थिति में भी भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। भारत के लोकतंत्र में 'जियो और जीने दो' की भावना समाहित है। उद्योग-व्यापार से कई लोगों के जीवन में सवेरा आता है। इससे पवित्र काम कुछ नहीं हो सकता है। मध्यप्रदेश विकास के सभी सेक्टर्स में लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर भी कई बड़े पुरस्कार मिले हैं। हमारे टूरिज्म सेक्टर में सबसे अच्छे रिजल्ट देखने को मिल रहे हैं। पिछले दो साल में हमने प्रदेश में दो नए टाइगर रिजर्व बनाए हैं। मध्यप्रदेश टाइगर और वल्चर स्टेट तो है ही, हमारी धरती पर चीता भी तेजी से अपना कुनबा बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। यहां 250 से अधिक नदियां बहती हैं। हमने राजस्थान के साथ जल बंटवारे का विवाद सुलझाया। हमारे कार्यों में परस्पर सौहार्द और बंधुता का भाव होना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मेक इन इंडिया और इंडिया फर्स्ट का आह्वान किया है। यह सिर्फ शब्द नहीं हैं, इसके लिए बड़े मन से काम करने का मानस होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों और उद्योगपतियों को प्रोत्साहित करने के लिए शासकीय कामकाज को और भी सरल, सहज, पारदर्शी, आसान और सहयोगी बना रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में होटल, हास्पिटल, एआई, ड्रोन, सेमी कंडक्टर निर्माण एवं अन्य कई व्यवसाय स्थापित करने पर अनुदान दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने की शुरुआत की है। जिससे प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को गति मिलेगी और हमें पर्याप्त संख्या में डाक्टर्स भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा, आईटी और पेट्रो केमिकल्स जैसे सभी प्रमुख सेक्टर्स में निवेश के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने निवेशकों को औद्योगिक सहयोग के साथ-साथ शिक्षा, अनुसंधान, संस्कृति, कौशल विकास, अवसंरचना और पर्यटन में साझेदारी के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को विश्वास दिलाया कि मध्यप्रदेश निवेशकों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। आप सभी आइडिया को जमीन पर उतारिए, हमारी सरकार हमेशा आपके साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और राजस्थान सरकार की संयुक्त भागीदारी से हुई इस समिट में हमारी सरकार ने आईटी और संबंधित सेक्टर्स के व्यवसायियों के बीच प्रदेश की औद्योगिक विशेषताओं और विलक्षणताओं को सबके समक्ष रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उम्मीद जताई कि मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश के लिए आईडियल स्टेट है। निवेशक मध्यप्रदेश में अपना व्यापार-व्यवसाय स्थापित करेंगे, तो हम सभी को पूरा सहयोग करेंगे। राजस्थान हमारा सहोदर भाई है।  समिट में मध्यप्रदेश की मजबूत उद्योग शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए, राज्य में मुख्यालय या परिचालन आधारित विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त कंपनियों द्वारा मध्यप्रदेश की प्रौद्योगिकी सफलता एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उद्यमों को सशक्त बनाने में राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया। सीईओ इम्पेटस टेक्नोलॉजीज श्री संजीव अग्रवाल ने कहा कि वे पिछले 32 वर्षों से मध्यप्रदेश में कार्यरत हैं।उस समय राज्य में आईटी इको सिस्टम की शुरुआत हो रही थी। मध्यप्रदेश सरकार का व्यावहारिक सहयोग, संवाद के प्रति खुलापन, लागत-प्रभावशीलता पर जोर और गुणवत्तापूर्ण प्रतिभा पर ध्यान, ये सभी कारक मिलकर निवेश और विकास के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण का निर्माण करते हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि आज राज्य वैश्विक ग्राहकों के साथ सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है और निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।यदि कोई निवेशक सतत विकास, मजबूत सरकारी सहयोग और विश्वसनीय पारिस्थितिकी तंत्र की तलाश में है, तो मध्यप्रदेश इसके लिए सबसे उपयुक्त और आदर्श स्थान है। सह-संस्थापक इंफोबीन्स टेक्नोलॉजीज श्री सिद्धार्थ सेठी ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहां विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) की स्थापना हुई थी। … Read more

खेल कोई भी हो, उसे खेलने वाला ही उसके महत्व को सही मायने में समझता है : मालती राय

महापौर श्रीमती राय ने 69वीं राष्ट्रीय स्तरीय शालेय क्रीड़ा राइफल शूटिंग प्रतियोगिता 2025–26 का किया उद्घाटन 5 जनवरी से 9 जनवरी तक चलने वाली स्पर्धा में अंडर-14 एवं 19 वर्ग के बालक एवं बालिका खिलाड़ी ले रहे भाग, दिखाएंगे हुनर, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया जा रहा स्पार्धा का आयोजन भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा भोपाल जिले में 69वीं राष्ट्रीय स्तरीय शालेय क्रीड़ा राइफल शूटिंग प्रतियोगिता 2025–26 का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता 5 जनवरी से 9 जनवरी तक चलेगी। सोमवार को महापौर श्रीमती मालती राय ने शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शिवाजी नगर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में अंडर-14 एवं 19 वर्ग के बालक एवं बालिका खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर महापौर श्रीमती मालती राय ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल कोई भी हो, उसे खेलने वाला ही उसके महत्व को सही मायने में समझता है। भोपाल आए वि‍भिन्न राज्यों के खिलाड़ियों से मेरा आग्रह है कि वे प्रतियोगिता के साथ-साथ भोपाल शहर का भ्रमण भी करें। महापौर श्रीमती राय ने कहा कि भोपाल की पहचान झीलों की नगरी के रूप में है। खिलाड़ी बोट क्लब में जाकर शिकारा भ्रमण का आनंद लें। साथ ही राष्ट्रीय स्तर के बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करें। उन्होंने भोपाल आए सभी खिलाड़ियों का स्वागत, वंदन और अभिनंदन किया। इससे पूर्व विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों ने अपने-अपने दल के साथ परिचय दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। 32 राज्यों के 1051 प्रतिभागी ले रहे भाग पर्धा में उत्तरप्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गुजरात, हरियाणा, मध्यप्रदेश, दिल्ली, केरल, झारखंड, असम, बिहार, जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़, गोवा, पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश सहित देश के 32 राज्यों के 880 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इनमें 433 बालक एवं 447 बालिका खिलाड़ी शामिल हैं। साथ ही 171 कोच भी शामिल हैं। इस प्रकार कुल 1051 प्रतिभागी प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं। तीन जगहों पर हो रही स्पर्धा 69वीं राष्ट्रीय स्तरीय शालेय क्रीड़ा राइफल शूटिंग स्पगर्धा का आयोजन 3 जगहों पर किया जा रहा है। मध्यप्रदेश शूटिंग अकादमी, बिसनखेड़ी में पीप एवं पिस्ट्ल साइड, बाल भवन श्यामला हिल्सा में ओपन साइड एवं सरस्वती शि‍शु मंदि‍र शारदा विहार में केरवा डेम रोड में ओपन साइड स्पर्धा शामिल है।