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सोयाबीन के लिए भावांतर योजना का मॉडल रेट 4260 रुपये तय

भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट 4260 रुपए जारी भोपाल  भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए 28 नवंबर को 4260 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है। सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए, 20 नवंबर को 4267 रुपए, 21 नवंबर को 4271 रुपए और 22 नवंबर को 4285 रुपए, 23, 24 नवंबर को 4282 रुपए, 25 नवंबर को 4277 रुपए, 26 नवंबर को 4265 और 27 नवंबर को 4252 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए  प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।  

सरकार लाएगी विधेयक: MP के विधायकों का वेतन बढ़कर 1.70 लाख रुपये होगा

 भोपाल  मध्यप्रदेश विधायकों के वेतन भत्ते बढ़ेंगे। वर्तमान में विधायकों को 1 लाख 10 हजार रुपए मिलते हैं। अब 50 हजार बढ़ाकर देने की तैयारी है। यानी अब 1 लाख 60 हजार रुपए मिलेंगे। सीएम मोहन यादव ने सहमति दे दी है। संभावना है की 2 दिसंबर की कैबिनेट में मंजूरी के बाद 4 दिसंबर को विधानसभा में विधायकों के वेतन भत्ते बढ़ाने की मंजूरी दे दी जाए।  संसदीय कार्य विभाग ने गुरुवार को इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसे सैद्धांतिक सहमति के लिए मुख्यमंत्री के पास भेजा जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि माननीयों के वेतन-भत्तों में बढ़ोत्तरी से संबंधित विधेयक 1 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में लाया जाए। बता दें कि मध्य प्रदेश में 9 साल बाद विधायक और मंत्रियों के वेतन में बढ़ोतरी होगी। पड़ोसी राज्य राजस्थान और छत्तीसगढ़ पहले ही माननीयों के वेतन में बढ़ोतरी कर चुके हैं। विधायकों का बढ़ेगा वेतनभत्ता विधायकों की वर्तमान सैलरी में मूल सैलरी 30 हजार है। निर्वाचन भत्ता 35 हजार, चिकित्सा भत्ता 10 हजार है। अर्दली भत्ता 10 हजार, टेलीफोन खर्च 10 हजार है। किताब, पत्रिका और अन्य सामग्री के लिए 15 हजार मिलते हैं। यानी कुल मिलाकर विधायकों को 1 लाख 10 हजार रुपए मिलते हैं। 50 हजार रुपए बढ़ाने के बाद 1 लाख 60 हजार हो जाएंगे। पूर्व विधायकों और जिन विधायकों का निधन हो गया है उनकी पत्नी को मिलने वाली कुटुंब पेंशन भी 35 हजार से बढ़ाकर 60 हजार की जा रही है। विधानसभा में अध्यक्ष ने की थी घोषणा दरअसल, इसी साल बजट सत्र के दौरान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार व अन्य विधायकों ने सदन में वेतन-भत्ते बढ़ाने की मांग की थी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने आसंदी से कहा कि यदि सरकार विधायकों के वेतन भत्ते बढ़ाने पर विचार करने के लिए समिति का गठन करें तो विधानसभा अपनी सिफारिश भेज सकती है। इस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सहमति जताई। इसके बाद 27 अक्टूबर को तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया। इस कमेटी में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के अलावा बीजेपी विधायक अजय विश्नोई और खरगोन जिले के कसरावद से विधायक सचिन यादव को सदस्य के रूप में शामिल किया गया। संसदीय कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन को सदस्य सचिव बनाया गया। कमेटी ने अपना प्रस्ताव भेजा कमेटी ने दो दौर की चर्चा कर वेतन, भत्ते और पेंशन में बढ़ोतरी संबंधी प्रस्ताव तैयार कर अपनी सिफारिश राज्य शासन को भेजी। इसमें पूर्व विधायकों की पेंशन राशि में वृद्धि का प्रस्ताव भी शामिल किया गया था, लेकिन सरकार की तरफ से कहा गया कि इसमें मुख्यमंत्री, मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के वेतन-भत्ते बढ़ाने पर भी विचार किया जाए, इसके बाद नए सिरे से कमेटी ने प्रस्ताव तैयार किया। सैलरी का फैसला शीतकालीन सत्र में विधायकों की सैलरी, पेंशन और सुविधाओं को बढ़ाने के लिए खास कमेटी बनाई गई थी। इसे एक टारगेट दिया गया है। इस कमेटी को कहा गया है कि वह 30 नवंबर तक अपनी पूरी रिपोर्ट तैयार करके सरकार को सौंप दे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि 1 दिसंबर से शुरू होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में फैसले पर अंतिम मुहर लगाई जा सके। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में भरोसा दिलाया था कि विधायकों के वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी की जाएगी। अब कमेटी की रिपोर्ट मिलते ही, विधानसभा के सत्र में इस वादे को पूरा करने का मौका मिलेगा। यानी, दिसंबर महीने में ही जनप्रतिनिधियों के लिए यह बड़ी खुशखबरी आ सकती है।  विधायकों का बीमा कराने पर फैसला नहीं हुआ समिति के सामने यह प्रस्ताव भी आया था कि विधायकों का 10 लाख रुपए तक का बीमा कराया जाए, लेकिन इस पर अंतिम फैसला नहीं हो पाया। समिति के सामने विधायकों के परिवार के सदस्यों के इलाज के खर्च पर विचार विमर्श किया गया। इस पर भी सहमति नहीं बन पाई। सरकार ने बीमा कराने के प्रस्ताव पर सहमति नहीं दी, क्योंकि विधायकों के इलाज का पूरा खर्च सरकार के खजाने से ही होता है। पूर्व विधायकों की पेंशन में हो सकता है 66 फीसदी का इजाफा मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि पूर्व विधायकों की पेंशन में 66 फीसदी का इजाफा हो सकता है। वर्तमान में पूर्व विधायकों को 20 हजार रुपए पेंशन और 15 हजार रुपए चिकित्सीय सहायता मिलाकर 35 हजार रुपए मिलते हैं। अब इसमें 23 हजार रुपए का इजाफा कर 58 हजार रुपए किया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष की सैलरी में 27 फीसदी का इजाफा विधायक और पूर्व विधायकों के साथ विधानसभा अध्यक्ष की सैलरी में भी इजाफा करने पर सहमति बनी है। विधानसभा में चुनकर आए वरिष्ठ विधायक को ही सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना जाता है। उसे हर महीने 47 हजार रुपए वेतन, 48 हजार रुपए सत्कार भत्ता, 45 हजार रुपए निर्वाचन क्षेत्र भत्ता के साथ हर दिन 1500 रुपए दैनिक भत्ता भी दिया जाता है। इस तरह से विधानसभा अध्यक्ष को वेतन और भत्ते के रूप में कुल 1 लाख 85 हजार रुपए महीना मिलता है। अब इसमें 27 फीसदी का इजाफा करते हुए ये राशि 2 लाख 35 हजार रुपए करने का प्रस्ताव है। वहीं विधानसभा उपाध्यक्ष को फिलहाल 45 हजार रुपए महीना वेतन, 45 हजार रुपए महीने सत्कार भत्ता, 35 हजार महीने निर्वाचन क्षेत्र भत्ता और 1500 रुपए हर दिन दैनिक भत्ता मिलता है। इस तरह से 1 लाख 70 हजार रुपए महीना मिलता है। अब इसमें 18 फीसदी की बढ़ोतरी कर 2 लाख किए जाने का प्रस्ताव है। नेता प्रतिपक्ष का वेतन- भत्ता 2.20 लाख करने का प्रस्ताव नेता प्रतिपक्ष को हर महीने 45 हजार रुपए वेतन, 45 हजार रुपए सत्कार भत्ता, 35 हजार निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, डेढ़ हजार रुपए प्रतिदिन दैनिक भत्ता दिया जाता है। इस प्रकार हर महीने 1 लाख 70 हजार रुपए मिलते है। अब इसमें 29 फीसदी की बढ़ोतरी करते हुए ये 2 लाख 20 हजार रुपए किए जाने का प्रस्ताव है। अब जानिए किसका कितना वेतन बढ़ेगा विधायकों के वेतन में 54 फीसदी की बढ़ोतरी संभावित आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, विधायकों के वेतन में करीब 60 हजार रुपए की वृद्धि की जा सकती है। यह वर्तमान वेतन की करीब 54 प्रतिशत होगी। इस तरह … Read more

दिसंबर के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली में खाद्यान्न आवंटित

भोपाल     राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अनुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली से माह दिसम्बर में वितरण के लिये खाद्यान्न, फोर्टिफाइड नमक और शक्कर का आवंटन जारी कर दिया गया है। जारी आवंटन में गेहूं 18 लाख 14 हजार 464 क्विंटल, फोर्टिफाइड चावल 6 लाख 2 हजार 957 क्विंटल, शक्कर 11 हजार 966 क्विंटल, डबल फोर्टिफाइड नमक 26 हजार 881 क्विंटल और नमक 76 हजार 731 क्विंटल जिलों को आवंटित किया गया है। उचित मूल्य दुकानवार/जिलेवारआवंटन ehttp://epos.mp.gov.inpos.mp.gov.in पर अलॉटमेंट लिंक पर प्रदर्शित है। 

रामेश्वर शर्मा ने कहा: दरिंदे सलमान को फांसी, ताकि कोई अपराध करने की हिम्मत न करे

भोपाल  रायसेन रेप केस के आरोपी सलमान के शॉर्ट एनकाउंटर के बाद विधायक रामेश्वर शर्मा ने कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि अपराधी जमीन में छुपा हो या आसमान में, उसे ढूंढ लिया जाएगा। विधायक ने आगे कहा कि आरोपी सलमान ने मासूम बेटी के साथ जो घिनौना दुराचार किया है, उसके लिए उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद हिंदू समाज में भारी आक्रोश है और सभी न्यायालय से मांग कर रहे हैं कि दरिंदे सलमान को कठोरतम सजा दी जाए।रामेश्वर शर्मा ने कहा, “ऐसे अपराधियों को सार्वजनिक रूप से सख्त सजा दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा कृत्य करने से पहले सौ बार सोचें।  मध्य प्रदेश के रायसेन में 6 साल की बच्ची से रेप करने का आरोपी सलमान गुरुवार देर रात शॉर्ट एनकाउंटर में घायल हो गया। पुलिस जब उसे गौहरगंज ले जा रही थी, तभी उसने भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस को उसे पैर में गोली मारना पड़ी।  सलमान पर आरोप है कि 21 नवंबर को वह बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर जंगल में ले गया। वहां उसके साथ रेप कर फरार हो गया। इलाके में तब से ही घटना के विरोध में धरना-प्रदर्शन चल रहा था। लोग आरोपी के एनकाउंटर की मांग कर रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे के मुताबिक, खरपुसे ने बताया, घटना रात करीब 3-4 बजे के बीच की है। आरोपी को गाड़ी में लेकर जा रहे थे। रास्ते में कील के कारण गाड़ी पंक्चर हो गई। बैकअप में एक और गाड़ी थी। उसे दूसरी गाड़ी में शिफ्ट करना था। उसी दौरान आरोपी ने सुल्तानगंज के थाना प्रभारी श्याम राज की पिस्टल को निकाल लिया। उनके ऊपर पिस्टल चलाने की कोशिश की। उन्होंने अपने बचाव में आरोपी का हाथ पकड़कर पिस्टल ऊपर कर दी। इस दौरान दो फायर हुए। इसके बाद दूसरी टीम ने क्रॉस फायरिंग कर उसे पकड़ा। वह भागने का प्रयास कर रहा था। उसे पैर में गोली लगी है। वहीं थाना प्रभारी को भी चोट आई है। उनका बैच गिर गया। घटना के बाद भोपाल फॉरेंसिक साइंस लैब के इंचार्ज डॉक्टर एके बड़ोने ने अपनी टीम के साथ मौके का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि पुलिस के साथ जो संघर्ष हुआ है। उसके साक्ष्य मिले हैं। इसका हम परीक्षण कर रिपोर्ट देंगे। 6 दिन बाद भोपाल से पकड़ा गया आरोपी पुलिस ने घटना के 6 दिन बाद गुरुवार रात आरोपी सलमान को गांधी नगर इलाके में एक चाय की दुकान से हिरासत में लिया। इसके बाद उसे गौहरगंज पुलिस के हवाले किया गया। गौहरगंज पुलिस उसे लेकर रात में ही रवाना हो गई थी। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह जंगलों के रास्ते पैदल ही भोपाल में दाखिल हुआ था और गांधीनगर इलाके में छिपा हुआ था। सलमान के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही जय मां भवानी हिंदू संगठन के कार्यकर्ता थाने पहुंचे थे, लेकिन उससे पहले ही आरोपी को गौहरगंज पुलिस को सौंपा जा चुका था। इसके अलावा रायसेन पुलिस ने एक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर किसी धर्म, जाति या समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाली, भड़काऊ या हिंसा को उकसाने वाली सामग्री, पोस्ट साझा नहीं करने की चेतावनी दी। लंदन के बिजनेसमैन उठाएंगे बच्ची की पढ़ाई का पूरा जिम्मा वहीं बच्ची से रेप के आरोपी सलमान की गिरफ्तारी पर रायसेन जिले के सुल्तानपुर निवासी रविराज सिंह (रॉबी) ने एक लाख रुपए देने की घोषणा की थी। उन्होंने बच्ची की पढ़ाई का पूरा जिम्मा लेने की बात भी कही थी।  रविराज सिंह से बात की। वे मूलत: सुल्तानपुर के निवासी हैं। 16 साल से लंदन में बिजनेस कर रहे हैं। उन्होंने बताया- हाल ही में शॉर्ट ट्रिप पर देश लौटा हूं। लंदन से आने के बाद अमृतसर गया था। फिर सड़क मार्ग से सुल्तानपुर जाने लगा। पहले दिन जब मंडीदीप में जाम लगा, उसमें मैं 7 से 8 घंटे फंसा रहा। प्रदर्शनकारी जाम क्यों लगा रहे हैं? जब इसकी जानकारी ली तो घटना ने दिल हिलाकर रख दिया, तभी आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक लाख रुपए देने की घोषणा की थी। मैं अपनी बात पर कायम हूं। बच्ची की शिक्षा का भी पूरा जिम्मा उठाऊंगा। अभी परिजनों से संपर्क नहीं हो पाया है। चूंकि, मैं दिसंबर तक यहीं हूं, इसलिए परिजनों से जल्द मिलूंगा।

CM मान की प्रतिक्रिया: पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव परिणाम जनता की जीत

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राजधानी चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) के सीनेट चुनाव के कार्यक्रम को मंजूरी दिए जाने को राज्य के लिए ‘‘शानदार जीत'' करार दिया है। मान ने X पर एक पोस्ट में कहा कि यह संस्थान केवल एक विश्वविद्यालय नहीं है, बल्कि पंजाब की विरासत है। मुख्यमंत्री ने आंदोलन में भाग लेने वाले शिक्षकों, छात्रों और संकाय सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने ‘भारी दबाव' को झेला और महीने भर चले आंदोलन के दौरान अपना जज्बा नहीं टूटने दिया। मान ने कहा, ‘‘छात्र, शिक्षक, संकाय सदस्य और सभी पंजाबी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने संघर्ष जारी रखा और अंततः उनका संघर्ष रंग लाया।'' उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) के सीनेट चुनाव कार्यक्रम को बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी। उपराष्ट्रपति पंजाब विश्वविद्यालय (PU) के कुलाधिपति भी हैं। यह घटनाक्रम छात्रों द्वारा सीनेट चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की मांग को लेकर किये जा रहे जोरदार प्रदर्शन के बीच हुआ है। यह चुनाव एक वर्ष से अधिक समय से नहीं हुआ है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव सात सितंबर 2026 से चार अक्टूबर 2026 तक कराये जाएंगे। उपराष्ट्रपति सचिवालय से पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) की कुलपति रेणु विग को भेजे गए पत्र में लिखा है, ‘‘मुझे यह सूचित करने का निर्देश दिया गया है कि माननीय उपराष्ट्रपति और पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) के कुलाधिपति ने उपरोक्त पत्र में प्रस्तावित सीनेट चुनाव के कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है।''   विश्वविद्यालय की कुलपति ने इससे पहले कुलाधिपति को पत्र लिखकर सीनेट चुनाव कार्यक्रम की मंजूरी मांगी थी। पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) बचाओ मोर्चा के बैनर तले पीयू के छात्र चुनाव कार्यक्रम की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पंजाब के कई राजनीतिक दलों आम आदमी पार्टी (आप), शिरोमणि अकाली दल (शिअद), कांग्रेस, साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा जैसे किसान संगठनों ने छात्रों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया था।

धोनी फैमिली संग विराट और पंत की खास मुलाकात, डिनर के बाद MS खुद आए बाहर छोड़ने

रांची  झारखंड की राजधानी रांची के जेएससीए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 30 नवंबर को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे मैच होगा। इसको लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। वहीं, विराट कोहली सहित कई खिलाड़ी रांची पहुंच चुके हैं। कोहली और पंत ने धोनी और उनके परिवार के साथ किया डिनर सूत्रों के मुताबिक बीते गुरुवार की रात को विराट कोहली और ऋषभ पंत, दलादली स्थित पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के आवास पहुंचे। इस दौरान कोहली और पंत ने धोनी और उनके परिवार के साथ डिनर किया। बाद में धोनी खुद गाड़ी चलाकर विराट कोहली को बाहर छोड़ने आए। वहीं, इससे पहले धोनी के घर के बाहर जैसे ही कोहली और पंत की गाड़ियां पहुंचीं, वहां मौजूद फैंस उन्हें देखने उमड़ पड़े। बता दें कि पहला मैच 30 नवंबर को रांची में खेला जाएगा। टीम के प्लेयर्स रांची पहुंचना शुरू हो गए हैं। दोपहर में डेढ़ बजे से मैच खेला जाएगा। इससे आधे घंटे पहले यानी ठीक एक बजे दोनों टीमों के कप्तान टॉस के लिए मैदान पर आएंगे। मैच चूंकि 50 ओवर का होगा, इसलिए उम्मीद की जानी चाहिए कि रात करीब दस बजे तक मैच खत्म भी हो जाएगा।  

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री के साथ किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण

उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः  सीएम योगी  मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री के साथ किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय पर दिया जोर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना की प्रगति के सम्बंध में अधिकारियों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, दिये आवश्यक दिशा निर्देश गौतमबुद्धनगर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  जेवर में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने टर्मिनल, उद्घाटन समारोह स्थल, सुरक्षा प्रबंधन, यातायात व्यवस्था समेत विभिन्न निर्माण गतिविधियों की वास्तविक प्रगति का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू भी मौजूद रहे। सीएम ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा है, इसलिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए।  सिक्योरिटी क्लीयरेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करें सीएम  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया गया कि एयरपोर्ट को अभी तक एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त नहीं हुआ है। इस पर उन्होंने निर्देश दिया कि ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी और सीआईएसएफ अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर सभी सुरक्षा मानकों को तत्काल पूर्ण किया जाए। साथ ही शीघ्र अति शीघ्र सिक्योरिटी क्लीयरेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “एयरपोर्ट प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजना है, इसलिए जहां भी सुरक्षा या अन्य कार्य शेष हैं, उन्हें तेज गति और सर्वोत्तम गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।”  सीएम का निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय पर जोर  मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा है, इसलिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उद्घाटन समारोह की तैयारियों को पूर्ण करें। उद्घाटन के समय एयरपोर्ट एक रनवे के साथ क्रियाशील होगा, जिसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 1.2 करोड़ होगी। पूरी क्षमता पर विकसित होने पर जेवर एयरपोर्ट में कुल 5 रनवे होंगे, इसका विस्तार 11,750 एकड़ तक होगा और यह प्रतिवर्ष 30 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम होगा, जो इसे विश्व के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल कर देगा। निरीक्षण व बैठक के दौरान लोक निर्माण राज्यमंत्री बृजेश सिंह, विधायक धीरेंद्र सिंह, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर मौजूद रहे। सीएम ने सचिव नगर विमानन मंत्रालय, अपर मुख्य सचिव नागरिक उड्डयन, निदेशक नागरिक उड्डयन, डीजी डीजीसीए, डीजी नगर विमानन सुरक्षा, डीआईजीसीआईएसएफ, एयरपोर्ट एथोरिटी ऑफ इंडिया, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ और नोडल ऑफिसर, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में परियोजना की वर्तमान स्थिति, आगामी कार्ययोजना और उद्घाटन समारोह की तैयारियों पर विस्तृत पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी प्रस्तुत की गई।

लखनऊ में 19वीं जम्बूरी के फिनाले में पहुंचे विदेशी प्रतिभागी, शहर की संस्कृति का लिया आनंद

लखनऊ 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी के डायमंड जुबली ग्रैंड फिनाले में भाग लेने आए अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों ने  लखनऊ शहर का विस्तृत भ्रमण किया। इस दल में मालदीव, नेपाल, सऊदी अरब समेत कई देशों के प्रतिनिधि शामिल थे, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं को निकट से जानने के उद्देश्य से विशेष रूप से लखनऊ पहुंचे। आयोजकों द्वारा प्रतिभागियों के लिए एक सुव्यवस्थित पर्यटन कार्यक्रम तैयार किया गया, जिसके तहत उन्हें लखनऊ के प्रमुख ऐतिहासिक और आधुनिक स्थलों का अवलोकन कराया गया। अतिथियों ने बड़ा इमामबाड़ा, घड़ीघर (Clock Tower), लुलु मॉल तथा शहर के अन्य प्रसिद्ध स्थलों का भ्रमण किया। बड़ा इमामबाड़ा की भव्यता और घड़ीघर की ऐतिहासिक संरचना ने विदेशी मेहमानों को विशेष रूप से आकर्षित किया। भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों ने लखनऊ की नवाबी तहज़ीब, यहां की कला, स्थापत्य शैली और सांस्कृतिक माहौल का प्रत्यक्ष अनुभव किया। शहर के खानपान का स्वाद चखने के लिए उन्हें विशेष रूप से लखनऊ के पारंपरिक व्यंजन परोसे गए, जिनमें टुंडे कबाबी, दही-चाट, कुल्फी और अन्य प्रसिद्ध पकवान शामिल थे। विदेशी अतिथियों ने इन व्यंजनों की स्वादिष्टता और विशिष्टता की सराहना की। प्रतिभागियों ने कहा कि लखनऊ की मेहमाननवाज़ी, यहां का सहज वातावरण और सांस्कृतिक समृद्धि उनके लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहा। कई प्रतिभागियों ने शहर की सुंदरता और लोगों की सौहार्दपूर्ण भावना की प्रशंसा भी की। आयोजकों का कहना है कि इस भ्रमण का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को भारत की गंगा-जमुनी तहज़ीब और समृद्ध विरासत से परिचित कराना था, जिसमें सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

खेतों में अब सूरज की गर्मी के साथ मिलेगा सिंचाई का सहारा, रोशनी से निकलेगा पानी

बरेली के किसानों पर मेहरबान योगी सरकार, भारी छूट पर मिलेंगे 1002 सोलर पंप खेतों में अब सूरज की गर्मी के साथ मिलेगा सिंचाई का सहारा, रोशनी से निकलेगा पानी पीएम कुसुम योजना में बरेली में लगेंगे सोलर पंप-15 दिसंबर तक मौका, लाखों की मिलेगी सब्सिडी सिंचाई पर खत्म होगी बिजली-डीजल की मार, किसानों को मिलेंगे 2.5 लाख तक के सोलर पंप बरेली योगी सरकार ने बरेली के अन्नदाता किसानों को बड़ी सौगात दी है। किसानों की समृद्धि और सिंचाई संकट को दूर करने के लिए इस बार बरेली जिले को विशेष प्राथमिकता में रखा है। पीएम कुसुम योजना के तहत जहां पूरे प्रदेश में 40,521 सोलर पंप वितरित किए जाएंगे, वहीं बरेली जनपद के लिए 1002 सोलर पंप का लक्ष्य तय किया गया है। कृषि विभाग ने जिले के किसानों से 15 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है। उपनिदेशक कृषि अमरपाल सिंह ने बताया कि यह योजना बरेली के किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी है। जिले में जिन किसानों ने पंजीकरण कराया है, उन्हें ई–लॉटरी के माध्यम से सोलर पंप आवंटित किए जाएंगे। आवेदन केवल कृषि विभाग की वेबसाइट पर किया जाएगा। बरेली के किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ-महज पांच हजार में शुरू होगी प्रक्रिया पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत आवेदन के समय किसानों को सिर्फ 5,000 रुपये टोकन मनी जमा करनी होगी। इसके बाद मोबाइल पर बुकिंग कन्फर्मेशन आएगा। अनुदान घटाने के बाद बची राशि किसान ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर किसान बैंक से ऋण लेकर भी किसान अंश जमा कर सकते हैं, जिस पर AIF योजना के तहत 6 प्रतिशत ब्याज में छूट मिलेगी। उपनिदेशक अमरपाल सिंह के ने बताया कि बरेली में पंप आवंटन पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया से होगा। तय नियमों के अनुसार बोरिंग और जमीन सत्यापन पूरा होने पर किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। बरेली में कौन-कौन से पंप सबसे ज्यादा मांग में बरेली में 2 एचपी सबमर्सिबल, 3 एचपी डीसी सबमर्सिबल, 5 एचपी सबमर्सिबल की मांग सबसे ज्यादा है। बरेली के ब्लॉकों में भोजीपुरा, मीरगंज, फतेहगंज, सेंथल, बहेड़ी और फरीदपुर में इन पंपों की सबसे अधिक मांग देखी जा रही है। गंगापुर, बिशारतगंज और नवाबगंज क्षेत्र में भी किसान तेजी से आवेदन कर रहे हैं। सोलर पंप के लिए बोरिंग को लेकर विभाग ने नियम स्पष्ट किए हैं। इसमें 2 एचपी पंप के लिये 4 इंच बोरिंग, 3 व 5 एचपी पंप के लिये 6 इंच बोरिंग, 7.5 व 10 एचपी पंप के लिये 8 इंच बोरिंग होना चाहिये। सत्यापन के समय बोरिंग न मिलने पर टोकन मनी जब्त हो जाएगी और आवेदन निरस्त माना जाएगा। बरेली के किसानों को कितना अनुदान मिलेगा केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों को भारी छूट दे रही है कि 2 एचपी सरफेस पंप : 98,593 अनुदान, 2 एचपी डीसी सबमर्सिबल : 1,00,215 अनुदान, 3 एचपी डीसी सबमर्सिबल : 1,33,621 अनुदान,  5 एचपी एसी सबमर्सिबल : 1,88,038 अनुदान, 7.5-10 एचपी पंप : 2,54,983 तक का सर्वाधिक अनुदान मिलेगा। यह छूट सीधे किसानों की लागत को कम कर रही है और बिजली निर्भरता खत्म कर किसानों को आत्मनिर्भर बना रही है। उपनिदेशक कृषि अमरपाल सिंह ने बताया कि इस योजना से बरेली जिले में सिंचाई पर आने वाली लागत में भारी कमी आएगी। डीजल और बिजली दोनों से किसानों को राहत मिलेगी। हमारा लक्ष्य है कि जिले के अधिक से अधिक अन्नदाता सोलर पंप का लाभ लें और आत्मनिर्भर बनें।

ग्वालियर-चंबल में बढ़ी ठंडी हवाएं, मौसम विशेषज्ञों ने चेताया: 48 घंटे ठंड बढ़ेगी

भोपाल उत्तर भारत के साथ मध्य भारत का मौसम लगातार बदल रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों में बने चार सिस्टम ग्वालियर-चंबल के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। इनमें सबसे प्रभावी सिस्टम जम्मू-कश्मीर में सक्रिय हुआ नया पश्चिमी विक्षोभ है। इसके साथ राजस्थान में बने चक्रवातीय घेरे का असर भी ग्वालियर तक पहुंच रहा है।  अगले 48 घंटे में कोहरा देगा दस्तक, बढ़ेगी ठंड अगले 48 घंटे में शहर में हल्के से मध्यम कोहरे की दस्तक होने की संभावना जताई है। इसके चलते रात के तापमान में से 1.5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज (cold wave) की जा सकती है। गुरुवार को शहर में न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लेकिन अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान और नीचे आ सकता है, जिससे सर्दी का असर और तेज महसूस होगा। चार मौसम सिस्टम एक साथ सक्रिय मौसम विभाग के अनुसार इस समय देश में चार प्रमुख सिस्टम सक्रिय हैं, जो ग्वालियर के मौसम को भी प्रभावित कर रहे हैं। इसमें पहला अंडमान-निकोबार के पास कम दबाव का क्षेत्र, इससे दक्षिण-पूर्वी दिशा में हवाओं का दबाव बढ़ा है। दूसरा श्रीलंका के पास कम दबाव क्षेत्र, इससे दक्षिणी हवाओं की विशा बदल दी है, जिससे ठंडक में इजाफा हो रहा है। तीसरा जम्मू-कश्मीर में नया पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर भारत में सक्रिय हुआ यह विक्षोभ पहाड़ी क्षेत्रों में बादल और बारिश की स्थिति बना सकता है, जिससे कोहरे की संभावना बढ़ गई है। चौथा राजस्थान में चक्रवातीय घेरा ये अरब सागर से नमी खींच रहा है, इससे कोहरे की परत बनेगी।