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नवा रायपुर तैयार: DGP-IGP कॉन्फ्रेंस से पहले PM व HM के ठहराव को लेकर सुरक्षा-ट्रैफिक प्लान फाइनल

रायपुर नया रायपुर स्थित भारतीय प्रबंध संस्था (IIM) में 28 से 30 नवंबर 2025 तक आयोजित होने वाली “डीजी कॉन्फ्रेंस 2025” के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग ने सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। इस त्रिदिवसीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रायपुर प्रवास को लेकर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक प्लान तैयार किया गया है। बता दें कि छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के ठहरने के लिए, विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के नवा रायपुर स्थित सरकारी आवास का चयन किया गया है। पीएम की विशेष सुरक्षा दस्ता एसपीजी ने डॉ रमन सिंह के बंगले को अपने कस्टडी में ले लिया है। यहां सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम शुरू कर दिए गए है। सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था चाक-चौबंद तीन दिनों तक रायपुर में वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान शहर के विभिन्न मार्गों पर ट्रैफिक पुलिस के 500 से अधिक अधिकारी और जवान तैनात रहेंगे। इसके लिए प्रदेश के सभी जिलों से अतिरिक्त यातायात अधिकारी और जवानों को रायपुर बुलाया गया है, ताकि किसी भी तरह की भीड़भाड़ या अव्यवस्था न हो। डीआईजी प्रशांत अग्रवाल की अहम बैठक संपूर्ण मार्ग व्यवस्था के प्रभारी डीआईजी बस्तर रेंज प्रशांत अग्रवाल ने सभी तैनात अधिकारी-कर्मचारियों की अहम बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि—     VVIP ड्यूटी के दौरान पूर्ण मुस्तैदी और अनुशासन बनाए रखें।     अच्छी टर्नआउट में ड्यूटी पर उपस्थित हों।     मार्ग में आवारा मवेशियों की रोकथाम सुनिश्चित करें।     VIP मार्ग पर किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँचाएँ।     यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए टीमवर्क में कार्य करें। मध्यम और भारी वाहनों पर प्रतिबंध कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रायपुर के आदेशानुसार, 28 से 30 नवंबर तक सुबह 5 बजे से रात 12 बजे तक नया रायपुर क्षेत्र में मध्यम एवं भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित की गई है, ताकि वीवीआईपी यातायात निर्बाध रह सके। राजधानी में हाई अलर्ट, निगरानी कड़ी कॉन्फ्रेंस के दौरान शहर में सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त किए गए हैं। महत्वपूर्ण मार्गों, हवाई अड्डे और IIM रायपुर परिसर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। ड्रोन सर्विलांस, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और एंटी-ड्रोन सिस्टम भी सक्रिय रहेंगे। इस मेगा सुरक्षा प्लान के साथ रायपुर 28 से 30 नवंबर तक देश के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों और वीवीआईपी मेहमानों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है।

गलत रास्ता दिखा गया महंगा, गूगल मैप के भरोसे जलकर खाक हुई गाड़ी

हरदोई यूपी के हरदोई जिले में गूगल मैप के सहारे दिल्ली जा रहे एक चालक की कार गलत रास्ते पर पहुंच गई। तंग गलियों से निकलकर वाहन कच्चे और संकरे रास्ते में फंस गया, जहां लगातार आगे-पीछे करने से इंजन अत्यधिक गरम हो गया और अचानक कार में आग लग गई। देखते ही देखते कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई। आग की चपेट में आकर कार में रखी एक लैपटॉप और लगभग ₹1.95 लाख की नगदी समेत अन्य सामान भी राख हो गया। घटना कोतवाली शहर क्षेत्र के देहात इलाके में हुई। बताया जा रहा है कि चालक अपनी मामी और एक दोस्त से मिलने आया था। गनीमत रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे सभी ने राहत की सांस ली।

शराबबंदी पर जीतन राम मांझी का बयान— कानून सही, बदनामी की असली वजह कुछ और

भोजपुर बिहार के भोजपुर जिले के बिहिया में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने शराबबंदी कानून को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी अब तक का सबसे अच्छा कानून है और इससे बढ़कर कोई कानून हो ही नहीं सकता। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि शराब ने उनके परिवार में भी कई मुश्किलें पैदा की थीं, जिसके बाद उन्होंने शराब छोड़ने की सलाह दी। शराबबंदी बेहद जरूरी इस वजह से बताया उन्होंने कहा कि शराब छोड़ने के बाद ही वे शिक्षा हासिल कर आगे बढ़ पाए और उनका भाई इंस्पेक्टर बना, लेकिन आज वो इस दुनिया में नहीं है। मांझी ने कहा कि शराब इंसान को निशाचर बना देती है। इसलिए शराबबंदी बेहद जरूरी है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि पदाधिकारी और ब्रोकर्स की वजह से बिहार शराबबंदी की बदनामी झेलते आया है। मांझी ने आरोप लगाया कि कई पदाधिकारी और ब्रोकर्स मिलकर शराबबंदी को बदनाम कर रहे हैं। 'असर कमज़ोर पड़ रहा' पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून की मंशा साफ है लेकिन बीच की कड़ी में भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण इसका असर कमज़ोर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को निगरानी तंत्र को और मजबूत करना चाहिए ताकि गलत तरीके से शराब बेचने वाले और कानून का दुरुपयोग करने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई हो सके। मांझी के इस बयान ने एक बार फिर शराबबंदी को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अयोध्या में रहकर भी कार्यक्रम से दूरी… विनय कटियार बोले— हम फ्रीस्टाइल आदमी हैं

पटना  बजरंग दल के संस्थापक और राम मंदिर आंदोलन से उभरे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बड़े नेताओं में शामिल विनय कटियार अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण संपूर्ण होने के बाद 25 नवंबर को आयोजित ध्वजारोहण समारोह में शामिल नहीं हुए। रामजन्मभूमि ट्रस्ट से निमंत्रण मिलने के बाद भी कार्यक्रम में नहीं जाने को लेकर किसी नाराजगी की वजह से इनकार करते हुए कटियार ने कहा कि वो फ्रीस्टाइल आदमी हैं। कटियार ने कहा कि कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े लोग शामिल हुए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने इलाज के लिए कानपुर जाना था, इसलिए वो अयोध्या से निकल आए। बता दें कि मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत की मौजूदगी में कल राम मंदिर पर ध्वजा का आरोहण संपन्न हुआ था।   राम मंदिर ध्वजारोहण के दिन 25 नवंबर को ही विनय कटियार ने अपने लखनऊ आवास पर एक पत्रकार से बातचीत में कहा कि सब लोग तो वहां आ गए थे। कटियार ने कहा कि उनको लखनऊ आना था और कानपुर में मुंह का इलाज करवाने भी जाना है, इसलिए वो अयोध्या से निकल आए। कटियार ने कहा कि उन्हें निमंत्रण आया था, लेकिन वो गए नहीं। उन्होंने कहा- ‘अरे कहां झंझट में पड़ें। मंदिर तो बन ही गया। केवल झंडा फहराना है। देश के प्रधानमंत्री आ गए। और भी प्रमुख लोग आए। केवल झंडा ही फहराना था। हमारे घर से उसका शिखर दिखाई देता है। उन्होंने झंडा फहरा दिया। हम उसके बाद यहां चला आए।’ पत्रकार उनके मन की बात निकालने की कोशिश करता है, लेकिन कटियार खुलकर नहीं बोलते हैं। कार्यक्रम में नहीं रहने के सवाल पर कटियार कहते हैं- ‘इसकी कोई जरूरत नहीं थी। देश के प्रधानमंत्री आ गए। सब कुछ आ गए। सब तो आ गए वहां। फिर क्या दिक्कत है।’ पत्रकार ने और कुरेदते हुए अंदर की बात (कथित नाराजगी) का सवाल पूछा तो कटियार ने कहा- ‘कोई अंदर की बात नहीं है। हम फ्रीस्टाइल आदमी हैं। मंदिर ही बनवाया है। उसमें सब लोग पहुंच गए और हम निकल आए थे। चारों तरफ रोड जाम कर दिए गए थे। प्रधानमंत्री आए हैं। स्वाभाविक है, उनकी भी सुरक्षा का सवाल है।’ असंतुष्ट होने के सवाल पर कटियार ने कहा कि उन्हें लखनऊ-कानपुर आना था, इसलिए नहीं गए। उन्होंने कहा कि वो असंतुष्ट नहीं हैं।  

शेरपुर-दिघवारा परियोजना शीघ्र पूरा हो: अधिकारियों को सीएम नीतीश कुमार की सख्त हिदायत

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दानापुर-बिहटा ऐलिवेटेड कॉरिडोर तथा शेरपुर-दिघवारा गंगा पुल के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य को तेजी से पूर्ण करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने दानापुर-बिहटा ऐलिवेटेड कॉरिडोर का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से बिहटा से कोईलवर तक यातायात सुगम होगा। पटना शहर को एन0एच0-922 और कोईलवर पुल से जोड़ने में मदद मिलेगी। यह एनएच-922 को रिंग रोड (कन्हौली मोड़) एनएच-139 को एम्स गोलम्बर से जोड़नेवाले एक महत्त्वपूर्ण फीडर कॉरिडोर के रूप में कार्य करेगा। इस परियोजना के तहत बिहटा अन्तर्राट्रीय हवाई अड्डा के लिये विशेष कनेक्टिविटी मिलेगी। उन्होंने कहा कि हम लगातार इस परियोजना का निरीक्षण करते रहे हैं और समय-समय पर इसके संबंध में सुझाव देते रहे हैं। कार्य को जल्द से जल्द से पूर्ण करें। मुख्यमंत्री ने शेरपुर-दिघवारा गंगा पुल के निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। पटना शहर पर यातायात का बोझ कम होगा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि शेरपुर-दिघवारा परियाजना के पूर्ण होने से पटना शहर पर यातायात का बोझ कम होगा साथ ही शहर की यातायात व्यवस्था और सुदृढ़ एवं सुगम होगी। उन्होंने कहा कि छपरा, सीवान, गोपालगंज और हाजीपुर की ओर जानेवाले लोगों को अब पटना शहर से होकर गुजरने की आवश्यता नहीं होगी। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से राज्यवासियों को एक जगह से दूसरे जगह जाने का वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा। हम लगातार इसका निरीक्षण करते रहे हैं, जल्द से जल्द इस कार्य को पूर्ण करें। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव संदीप कुमार आर पुदुकलकट्टी, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

पहली बार विधानसभा में स्टूडेंट्स ने संभाली कमान, युवा बने एक दिन के मुख्यमंत्री

चंडीगढ़  पंजाब में पहली बार स्टूडेंट्स का असेंबली सेशन बुलाया गया है। स्टूडेंट्स का यह सेशन श्री आनंदपुर साहिब में चल रहा है। इस सेशन में पंजाब के 117 असेंबली इलाकों के सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट्स असेंबली में राजनीतिक दाताओं की भूमिका निभा रहे हैं। वे मुख्यमंत्री, कैबिनेट मिनिस्टर और MLA की भूमिका निभा रहे हैं। इतिहास में पहली बार 26 नवंबर को संविधान दिवस पर पंजाब असेंबली में ऐसा नजारा देखने को मिला है, जो इतिहास में दर्ज हो गया है।   मिली जानकारी के मुताबिक, संगरूर जिले के घनौरी कलां के स्कूल ऑफ एमिनेंस के हरकमलदीप सिंह मुख्यमंत्री भगवंत मान की भूमिका निभा रहे हैं। यह सेशन शुरू हो गया है। लखवीर सिंह (मंत्री हरपाल चीमा), अनिक (मंत्री अमन अरोड़ा), मोहित सिंह (मंत्री बरिंदर गोयल), जमंदर सिंह (स्पीकर कुलतार सिंह संधवा) की भूमिका निभा रहे हैं। इन स्टूडेंट्स को 19 नवंबर को असेंबली के स्पेशल सेशन के लिए खास ट्रेनिंग दी गई थी। यह सेशन पंजाब के 117 असेंबली इलाकों के सरकारी स्कूलों से चुने गए स्टूडेंट्स ने कंडक्ट किया था। 

मोहाली यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा आज चंडीगढ़ स्थित गवर्नर हाउस की ओर कूच किया जा रहा

पंजाब  मोहाली यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा आज चंडीगढ़ स्थित गवर्नर हाउस की ओर कूच किया जा रहा है। इसे लेकर चंडीगढ़ सीमा पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने फर्नीचर मार्केट के पास बैरिकेड लगाकर कार्यकर्ताओं को सीमा पर ही रोकने की तैयारी की गई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि केंद्र सरकार पंजाब के साथ लगातार अन्याय कर रही है।     प्रदर्शन में यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु और प्रदेश प्रधान मोहित मोहिंद्रा भी पहुंचे। नेताओं का कहना है कि केंद्र ने किसानों से लेकर पंजाबी यूनिवर्सिटी तक हर मुद्दे पर प्रदेश को परेशान किया है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ को अप्रत्यक्ष रूप से नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। फेज-III ए में बने कैंप में बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता जुटे थे। इस दौरान पार्किंग क्षेत्र में गाड़ियां खड़ी करने को लेकर कुछ देर दुकानदारों और कांग्रेसियों में बहस भी हुई, जिसके बाद नेताओं ने वाहन हटा लिए। यूथ कांग्रेस का कहना है कि वे पंजाब के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे। 

शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई: EOW का 7 हजार पन्नों का चार्जशीट, 6 आरोपी कोर्ट में पेश

रायपुर छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में EOW ने आज 6 आरोपियों के खिलाफ ACB/EOW की विशेष कोर्ट में 6वां पूरक चालान पेश किया। पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास, अतुल सिंह, मुकेश मनचंदा, नितेश पुरोहित और यश पुरोहित समेत दीपेंद्र चावड़ा के खिलाफ 7 हजार पन्नों का चालान पेश किया गया है। इस मामले को निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ाने की दिशा में इसे अहम माना जा रहा है। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज है। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था। क्या है शराब घोटाला छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के दौरान 2019 से 2023 तक शराब नीति को बदलकर चहेते सप्लायरों के माध्यम से शराब घोटाला हुआ। इसमें लाइसेंस की शर्तें ऐसी रखी गई कि चहेती कम्पनियों को काम मिल सके। उन कंपनियों ने नकली होलोग्राम और सील बनवाई। यह काम नोएडा की एक कंपनी ने किया। इसके बाद नकली होलोग्राम लगी शराब की महंगी बोतलें सरकारी दुकानों के माध्यम से बिक्री करवाई गई। चूंकि नकली होलोग्राम था तो बिक्री की जानकारी शासन को नहीं हो पाती थी और बिना एक्साइज टैक्स दिए शराब की बिक्री होती रही। इस तरह से शासन को 2165 करोड़ रुपए के टैक्स का चूना लगाया गया। यह रकम कांग्रेस भवन बनवाने से लेकर नेताओं, अधिकारियों और मंत्रियों तक बंटे। शराब घोटाला मामले में अब तक पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा आबकारी विभाग के 28 आबकारी अधिकारी भी आरोपी बनाए गए थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है।

4,000 KM की चैलेंजिंग राइड: छत्तीसगढ़ के तीन युवाओं ने 16 दिनों में बनाया नया रिकॉर्ड

रायपुर युवा एवं खेल मंत्रालय और फिट इंडिया मूवमेंट के तहत आयोजित 17 दिवसीय साइक्लिंग एक्सपीडिशन में छत्तीसगढ़ के तीन युवा साइकिलिस्टों ने जबरदस्त हौसला दिखाते हुए कश्मीर से कन्याकुमारी तक की लगभग 4,000 किलोमीटर की यात्रा सिर्फ 16 दिन में पूरी कर ली। तय समय से 1 दिन पहले लक्ष्य हासिल कर इन युवाओं ने अपनी प्रतिबद्धता और मजबूत इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। यह यात्रा एक राष्ट्र, एक संकल्प का संदेश लेकर की गई थी। इस साइक्लिंग एक्सपीडिशन में शामिल छत्तीसगढ़ के तीन साइकिलिस्ट स्वर पटेल, संजय कुमार मंगराज और श्रीराम पटेल रायपुर एयरपोर्ट पहुंचे तो उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। चुनौतियां थीं कठिन, लेकिन हौसला था मजबूत यात्रा के दौरान चुनौतियां कम नहीं थीं, लेकिन तीनों युवाओं का हौसला हर मुश्किल पर भारी पड़ा। उन्हें हर दिन 12-15 घंटे लगातार साइकिल चलानी पड़ी और प्रतिदिन 250-300 किलोमीटर की दूरी तय की। कई बार ऐसा भी हुआ कि लगातार 12 घंटे तक तेज बारिश में ही साइकिल चलानी पड़ी। रास्ते में ठंड, गर्मी, बारिश और तेज हवाओं जैसी प्राकृतिक मुश्किलों ने कई बार उनकी रफ्तार रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। गुजरात नाके पर दुर्घटना भी हुई, बावजूद इसके टीम ने अपनी एकजुटता और साथ बनाए रखा और सभी साथी एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हुए आखिरकार मंज़िल तक पहुंच गए।

पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई, लापरवाही के आरोप में तीन आरक्षक बर्खास्त

 कवर्धा ड्यूटी के दौरान शराब सेवन, अनुशासनहीनता और लापरवाही के मामलों में एसपी धर्मेन्द्र सिंह ने तीन आरक्षकों को विभाग से बर्खास्त कर दिया है। इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कम मच गया है। एएसपी पंकज पटेल ने बताया, जांच में आरक्षक अनिल मिरज के खिलाफ 334 दिन की अनाधिकृत अनुपस्थिति, 22 पूर्व दंड और कर्तव्यच्युति प्रमाणित हुई। आरक्षक आदित्य तिवारी बंदी पेशी जैसी महत्वपूर्ण ड्यूटी के दौरान नशे में सोते मिले और 91 दिन गैरहाजिर रहे। वहीं चालक आरक्षक राजेश उपाध्याय पुलिस अधीक्षक कार्यालय में नशे की हालत में पकड़े गए। तीनों के निरंतर कदाचार व सुधार न दिखाने की वजह से तीनों आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक किया गया।