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कुरुक्षेत्र में SBI में बड़ा कैश लॉस: ₹40 लाख गायब, CCTV में मिली अहम जानकारी, दो कर्मचारियों पर FIR

कुरुक्षेत्र  हरियाणा के कुरुक्षेत्र की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की पिहोवा ब्रांच से 40 लाख रुपए के नोट की गड्डियां गायब होने का मामला सामने आया है। यह खुलासा तब हुआ, जब ब्रांच मैनेजर ने रूटीन जांच की और पुरानी CCTV फुटेज खंगाली। इस घटना में बैंक के ही दो कर्मचारियों पर नोट गायब करने का आरोप है। रूटीन जांच में हुआ कैश गायब होने का खुलासा ब्रांच मैनेजर तरसेम लाल ने बताया कि 18 नवंबर सुबह करीब 9:30 बजे बैंक में रूटीन निरीक्षण के दौरान करेंसी चेस्ट (बिन नंबर 26) की जांच की गई। रिकॉर्ड के अनुसार इस बिन में 500 रुपए के 90 गड्डियां होनी चाहिए थीं, लेकिन चेस्ट में केवल 82 गड्डियां ही मिलीं। इससे कुल 40 लाख रुपए गायब पाए गए। कैश ऑफिसर और अकाउंटेंट की जिम्मेदारी गायब नोटों के मामले में कैश ऑफिसर रवि कुमार और अकाउंटेंट करण पाल से पूछताछ की गई। इन दोनों को बैंक की करेंसी चेस्ट की जिम्मेदारी दी गई थी और इनके पास ही चेस्ट की चाबियां थीं। दोनों कर्मी पूछताछ में संतोषजनक जवाब देने में असफल रहे।      गड्डियां गायब होने की बात सामने आई। इसमें बैंक के ही 2 कर्मियों पर गड्डियां गायब करने का आरोप लगा। ब्रांच मैनेजर के पुरानी सीसीटीवी फुटेज देखने पर मामले का खुलासा हुआ।     500 रुपए के नोट की 8 गड्डियां गायबः ब्रांच मैनेजर तरसेम लाल के मुताबिक 18 नवंबर सुबह करीब 9:30 बजे बैंक में रूटीन जांच की गई। इस जांच में करेंसी चेस्ट के बिन नंबर 26 का निरीक्षण किया गया। बैंक रिकॉर्ड में इस बिन में 90 गड्डियां (हर बंडल में 1 हजार नोट) 500 रुपए के नोट होने चाहिए थे, लेकिन चेस्ट में सिर्फ 82 गड्डियां मिलीं।     कैश ऑफिसर-अकाउंटेंट पर थी जिम्मेदारीः इन 8 गड्डियों के गायब होने से बैंक के 40 लाख रुपए कम पाए गए। इस पर मैनेजर ने कैश ऑफिसर रवि कुमार और अकाउंटेंट करण पाल से पूछताछ की। इन दोनों को बैंक की ओर से करेंसी चेस्ट की जिम्मेदारी दी गई थी। साथ ही उनके पास ही चेस्ट की चाबियां होती है।     CCTV फुटेज से खुलासाः पूछताछ में दोनों कर्मी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, तब बैंक की CCTV फुटेज जांची गई। इससे खुलासा हुआ कि 10 नवंबर को आखिरी निकासी के बाद शेष बंडलों की सही जांच नहीं की। दोनों कर्मियों पर मिलीभगत करके कैश गायब करने का शक है।     कैशियर-अकाउंटेंट पर केस दर्जः ​​बैंक मैनेजर ने सीसीटीवी देखने के बाद पुलिस में शिकायत की। ​शिकायत पर पुलिस ने बैंक के कैश ऑफिसर रवि कुमार और अकाउंटेंट करण पा​​ल के खिलाफ FIR दर्ज की। कर्मियों की विभागीय जांच भी होगी। FIR के बाद जांच में जुटी पुलिस ब्रांच मैनेजर ने DSP पिहोवा निर्मल सिंह को घटना की शिकायत दी गई। उनकी शिकायत पर पुलिस ने थाना सिटी पिहोवा में रवि और करण पाल के खिलाफ BNS की धारा 316 (5) और 318 (4) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। CCTV फुटेज से खुलासा ब्रांच मैनेजर ने पुरानी CCTV फुटेज चेक की, जिससे पता चला कि 10 नवंबर को आखिरी निकासी के बाद शेष बंडलों की सही जांच नहीं की गई थी। फुटेज और घटनाक्रम से शक है कि दोनों कर्मियों ने मिलकर कैश गायब किया। FIR दर्ज और पुलिस जांच बैंक मैनेजर ने पुलिस में शिकायत की। DSP पिहोवा निर्मल सिंह की रिपोर्ट पर थाना सिटी पिहोवा में रवि कुमार और करण पाल के खिलाफ BNS की धारा 316 (5) और 318 (4) के तहत FIR दर्ज की गई। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है। इसके अलावा कर्मियों पर विभागीय जांच भी होगी।

बटाला में हड़कंप! विजिलेंस टीम ने SDM को रिश्वत लेते दबोचा

बटाला पंजाब विजिलेंस विभाग ने बटाला के एसडीएम-कम-नगर निगम कमिश्नर विक्रमजीत सिंह पांथे को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। देर शाम हुई इस कार्रवाई के दौरान विजिलेंस टीम ने उनके सरकारी आवास पर छापा मारकर 13 लाख रुपये से अधिक की नकदी और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए हैं। शिकायतकर्ता ने दी थी कमीशन मांगने की जानकारी बीको कॉम्प्लेक्स के निवासी अमरपाल सिंह ने विजिलेंस को शिकायत दी थी कि उन्होंने नगर निगम क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत करवाई थी और इसके अलावा नौवें पातशाह के 350वें शहीदी दिवस पर आयोजित लाइट एंड साउंड शो के लिए लगाए गए कैमरों का बिल भी लंबित था। कुल भुगतान राशि 5,54,395 रुपये बनती है।  अमरपाल के अनुसार जब वह बिल पास कराने के लिए कमिश्नर पांथे के पास पहुंचे तो उन्होंने 10% कमीशन की मांग की और उन्हें नगर निगम के एसडीओ रोहित उप्पल से मिलने को कहा। चर्चा यह भी है कि उप्पल को एसडीओ का पद खुद पांथे ने दिलाया था। कमीशन और फूल चढ़ाने की बात शिकायतकर्ता ने बताया कि उप्पल ने 10% से घटाकर 9% कमीशन देने की बात कही और साथ ही “कमिश्नर के आदेशों पर फूल चढ़ाने” जैसे शब्द भी बोले। इसके बाद विजिलेंस अधिकारियों ने ट्रैप योजना बनाते हुए शिकायतकर्ता को 50,000 रुपये दिए। रंगे हाथों गिरफ्तारी शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे, अमरपाल सिंह ने तय योजना के तहत यह राशि एसडीएम-कम-कमिश्नर पांथे को दी। जैसे ही पैसे स्वीकार किए गए, विजिलेंस टीम ने छापा मारते हुए पांथे को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। छापे में उल्लेखनीय नकदी समेत कई दस्तावेज भी जब्त किए गए।

फरीदाबाद में सुरक्षा जांच तेज, दिल्ली ब्लास्ट के संदर्भ में NIA ने कई लोगों को हिरासत में लिया

 फरीदाबाद फरीदाबाद जिले के धौज गांव में क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की टीमों ने अचानक से सर्च अभियान चलाकर, मस्जिद, दुकानों, होटलों, घरों, गोदाम की चैकिंग की। दिल्ली ब्लास्ट को लेकर ये सर्च अभियान चलाया गया। पुलिस द्वारा अचानक से चलाए गए सर्च आपरेशन से लोगो में अफरातफरी।  NIA की टीम ने इसी गांव के एक मकान से यूरिया को पीसने वाली चक्की और रिफाइन करके अमोनिया नाइट्रेट को अलग करने वाली इलेक्ट्रानिक मशीन को बरामद किया था। इसके अलावा पल्ला, सराय ख्वाजा, शहर बल्लभगढ़ व सूरजकुंड अंतर्गत क्षेत्र में चैकिंग की गई है। यूनिवर्सिटी से जुड़े आंतक के तार अल फलाह यूनिवर्सिटी के तार आंतक के नेटवर्क से सीधे जुड़े हुए है। यहां से डॉ मुजम्मिल, डॉ शाहीन , लैब टेक्नीशियन बाशिद, वार्ड बाय शोएब, को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा गांव धौज से मोबाइल की दुकान करने वाले साबिर, गांव फतेहपुर तगा की मस्जिद के इमाम इश्तियाक, गांव सिरोही से इमाम इमामुद्दीन, गांव धौज से टैक्सी ड्राइवर सब्बीर को पकड़ा गया है। ये सभी लोग किसी ना किसी तरीके से आतंकी डाक्टरों के संपर्क में थे और उनकी मदद कर रहे थे। गांव धौज से कई लोगों को पकड़ा नेशनल जांच एजेंसी NIA ने गांव धौज से लैब टेक्नीशियन बाशिद, वार्ड बाय शोएब, टैक्सी चालक सब्बीर , मोबाइल की दुकान करने वाले साबिर, को हिरासत मे लिया है। इन सभी से अभी NIA पूछताछ कर रही है। बीते बुधवार की रात को जांच एजेंसी ने गांव धौज मस्जिद के पास एक टैक्सी ड्राइवर के घर पर छापेमारी कर वहां से आटा पीसने वाली चक्की और अन्य सामान बरामद किया है। बताया जा रहा है कि मुजम्मिल और उमर खाद की पिसाई करके उसे इस मशीन में बारीक बनाकर रॉ मटीरियल तैयार करता था। मकान, होटल, कबाड़ी की दुकानें खंगाली शनिवार की सुबह करीब 9 बजे अचानक से क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की टीमें गांव में पहुंची। जहां पर टीमों ने बाजार में बने कबाड़ के गोदाम को चैक करना शुरू किया। गोदान के साथ पुलिस ने बाजार की दुकान और होटलों को भी चैक किया। इसके बाद गांव मस्जिद के पास बने घरों की जांच की गई। हांलाकि पुलिस को जांच के दौरान किसी प्रकार का कोई संदिग्ध वस्तु नही मिली। पुलिस की अचानक से हुई छापेमारी से लोगों में हडकंप मच गया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि पुलिस की टीमों ने संयुक्त रूप से सर्च अभियान चलाया है, जो आगे भी जारी रहेगा।

‘वेहले रैहण दा मुकाबला’: पंजाब के देहात में अनोखी प्रतियोगिता बनी चर्चा का विषय

बठिंडा  ‘वेहले रैहण दा मुकाबला’ यानी खाली बैठे रहने की अनूठी प्रतियोगिता इन दिनों पंजाब के कई गांवों में चर्चा का विषय बन रही है। सबसे पहले बरनाला जिले के महल कलां के गहल गांव में एक युवक ने इसका आयोजन किया था और अब कई अन्य गांवों में भी यह आइडिया पहुंच रहा है। इसके पहले इवेंट के वीडियो को इंस्टाग्राम पर 20 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। इस ट्रेंड के पीछे हैं गुरजीत सिंह, जो एक रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर और यूट्यूबर हैं। उन्होंने कहा कि यह आइडिया लोगों को अपने मोबाइल फोन से दूर रहने के लिए बढ़ावा देते हुए कुछ मजा करने की इच्छा से आया था। गहल गांव में आयोजित किए गये मुकाबले में प्रतियोगियों को आराम से बैठना था, कोई फोन नहीं, कोई गेम नहीं, कोई वॉशरूम ब्रेक नहीं और सोने के लिए भी ब्रेक नहीं। एंट्री फीस 100 रुपये थी और इनाम की रकम थी 4500 रुपये। गुरजीत ने कहा, ‘शुरू में मेरे गांव के लोग मुझ पर हंसे। हमने इसे अपने घर पर होस्ट किया। हर प्रतियोगी को पानी की बोतल, बिस्किट, चिप्स, एक गद्दा और कंबल दिया गया। हमने सिर्फ 50 एंट्री की इजाजत दी, लेकिन राजस्थान समेत दूर-दराज़ के इलाकों से भी लोग हिस्सा लेना चाहते थे। पारदर्शिता के लिए वीडियोग्राफी की गई।’ एक से ज्यादा बने विजेता गुरजीत के अनुसार, प्रतियोगिता के दौरान एक बुजुर्ग ने दोपहर करीब 12.30 बजे पाठ पढ़ना शुरू किया और सुबह 4 बजे तक पढ़ते रहे। मानसा के एक युवक ने पांच किताबें पढ़ीं। 20 घंटे से ज्यादा समय बाद भी छह प्रतियोगी बैठे थे, इसलिए इनाम राशि उनके बीच बांटने का फैसला किया गया और वॉशरूम न जाने के नियम की वजह से सेहत की चिंताओं को देखते हुए सांत्वना पुरस्कार भी बढ़ा दिया। इसकी चर्चा से प्रेरित होकर, मोगा जिले के घोलिया खुर्द गांव के राजा सिंह 30 नवंबर को प्रतियोगिता आयोजित कर रहे हैं। कई अन्य गांवों में भी ऐसेे इवेंट होने की उम्मीद है। स्क्रीन से चिपके रहने के जमाने में, सबसे मुश्किल चुनौती चुपचाप बैठे रहना और कुछ न करना हो सकता है। आयोजक ने दावा किया कि यह पूरी तरह से ‘फन एक्टिविटी’ थी और इसलिए उन्होंने अधिकारियों से किसी भी तरह की मंजूरी नहीं ली। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी एक्टिविटी के बारे में पता नहीं है और वह देखेंगे कि क्या यह उनके दायरे में आता है।

एग्जाम सेंटर में अव्यवस्था हावी, भीड़भाड़ पर जेपीयू ने मांगा जवाब

  छपरा बिहार में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक अव्यवस्था की तस्वीरें अक्सर सामने आती रही हैं। कहीं आधारभूत संरचना का अभाव है, तो कहीं शिक्षकों और कर्मियों की भारी कमी। इसी बीच उच्च शिक्षा प्रणाली की लचर स्थिति को उजागर करती एक और घटना सामने आई है। लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम पर स्थापित जयप्रकाश विश्वविद्यालय (जेपीयू) के स्नातक CBCS चार वर्षीय सत्र 2024–2028 की द्वितीय सेमेस्टर परीक्षा के दौरान गंभीर कुव्यवस्था सामने आई है। परीक्षा में भरी अव्यवस्था 20 नवंबर 2025 को आयोजित स्नातक द्वितीय सेमेस्टर परीक्षा के दौरान सिवान जिला मुख्यालय स्थित राजा सिंह महाविद्यालय परीक्षा केंद्र की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। इस तस्वीर में एक ही बेंच पर पांच-पांच और छह-छह परीक्षार्थियों को बैठाकर परीक्षा कराई जा रही थी। यह स्थिति न केवल परीक्षा अनुशासन का उल्लंघन है, बल्कि कदाचार की संभावना को भी बेहद बढ़ाती है। तस्वीर सामने आने के बाद छात्रों, अभिभावकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने जेपीयू प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन की कड़ी आलोचना की। मेहनती छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए। विश्वविद्यालय ने तुरंत लिया संज्ञान, जारी किया नोटिस वायरल तस्वीर को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशोक कुमार मिश्रा ने केंद्राधीक्षक को नोटिस जारी किया है। Letter No. CE 2456, Dated 21/11/2025 के माध्यम से दो दिनों के अंदर घटना पर स्पष्ट प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया गया है। पत्र के साथ वह वायरल तस्वीर भी संलग्न की गई है, जिसमें अव्यवस्था साफ दिखाई दे रही है। केंद्राधीक्षक से कड़ा स्पष्टीकरण मांगा गया पत्र में उल्लेख है कि परीक्षा केंद्र पर व्यवस्था की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और केंद्राधीक्षक की है। वायरल फोटो विश्वविद्यालय की साख को धूमिल करने वाली है और इस पर तत्काल जवाब आवश्यक है। सूत्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई कर सकता है। कॉलेज प्रशासन की भूमिका, परीक्षा कक्षों की क्षमता और व्यवस्थाओं की कमी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इस घटना ने उच्च शिक्षा में परीक्षा अनुशासन पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। छात्रों का कहना है कि ऐसी अव्यवस्थाएं उनका भविष्य प्रभावित करती हैं। अभिभावकों ने मांग की है कि जेपीयू कठोर कदम उठाए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।

भोपाल, इंदौर और जबलपुर में कोहरे ने घेरा, दृश्यता सिर्फ 1 किलोमीटर तक सीमित

भोप्ला  मध्य प्रदेश में इस बार नवंबर की शुरुआत से ही ठंड का मौसम सामान्य से पहले सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह-शाम ठंड के साथ घना कोहरा छाया रहा, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पचमढ़ी में सबसे कम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। घना कोहरा और विजिबिलिटी शनिवार की सुबह कई शहरों में कोहरे का असर देखा गया। शाजापुर में घना कोहरा छाया, जबकि अकोदिया और शुजालपुर में विजिबिलिटी केवल 100 मीटर तक सीमित रही।  मध्य प्रदेश में बर्फीली हवाओं की वजह से ठंड का तेज असर जारी है. प्रदेश के हर हिस्से में कड़ाके की सर्दी देखने को मिल रही है. शीतलहर का असर देखने को मिल रहा है. प्रदेश के 8 शहरों भोपाल, राजगढ़, इंदौर, खंडवा, शाजापुर, नरसिंहपुर और खरगोन में शुक्रवार को शीतलहर का असर देखने को मिला. राजधानी में शनिवार (22 नवंबर) की सुबह कोहरा देखने को मिला. पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा शहर पहाड़ी राज्यों जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी का दौर जारी है. इस वजह से प्रदेश में कंटीली हवाएं चल रही हैं. पचमढ़ी में शुक्रवार को तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके साथ ही पचमढ़ी राज्य का सबसे ठंडा शहर रहा. इसके अलावा राजगढ़ में 8 डिग्री, शाजापुर जिले के गिरवर में 8.3 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री और छतरपुर जिले के नौगांव में न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. शहर/क्षेत्र विजिबिलिटी (मीटर) शाजापुर घना कोहरा अकोदिया, शुजालपुर 100 भोपाल, दतिया, इंदौर, जबलपुर 1000 गुना, ग्वालियर, सतना, रीवा, खजुराहो 500–1000 न्यूनतम तापमान शुक्रवार-शनिवार की रात में कई शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। शहर/स्थान न्यूनतम तापमान (°C) पचमढ़ी 6.2 भोपाल, इंदौर 9.4 ग्वालियर 13 उज्जैन, जबलपुर 11.8 राजगढ़ 8.2 खरगोन 8.6 नौगांव 8.8 नरसिंहपुर 9.4 उज्जैन में पुलिस कर्मियों के लिए चाय की व्यवस्था उज्जैन पुलिस अधीक्षक ने ठंड को देखते हुए रात में गश्त करने वाले पुलिस कर्मियों के लिए चाय उपलब्ध कराने का इंतजाम किया है। एक स्थान पर चाय बनाई जा रही है और गश्त पर तैनात कर्मियों तक पहुंचाई जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का क्या कहना है? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हाल ही में विंड पैटर्न बदला है। उत्तरी हवाओं के प्रभाव से पहले तेज ठंड थी, लेकिन अब राहत मिलने की संभावना है। इस बार नवंबर के पहले सप्ताह से ही ठंड सक्रिय है, जबकि आम तौर पर दूसरे सप्ताह में कड़ाके की ठंड पड़ती है। अक्टूबर में बारिश का रुझान माह औसत बारिश (इंच) सामान्य बारिश (इंच) प्रतिशत वृद्धि अक्टूबर 2.8 1.3 121% मध्य प्रदेश के लोगों को अगले कुछ दिनों में ठंड और कोहरे के चलते सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से ड्राइवरों को सीमित विजिबिलिटी वाले इलाकों में धीमी गति से वाहन चलाने की चेतावनी दी गई है। जबलपुर और नर्मदापुरम में धुंध और कोहरा देखने को मिला. नर्मदापुरम में विजिबिलिटी 500 मीटर रह गई थी. बड़े शहरों में सर्वाधिक न्यूनतम तापमान ग्वालियर में 12.8 डिग्री सेल्सियस मापा गया. जबलपुर में 11.1 और उज्जैन में 11.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा. प्रदेश का सर्वाधिक तापमान उज्जैन में 29.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. 8 शहरों में कोल्ड वेव का अलर्ट मौसम विभाग ने प्रदेश के 8 शहरों भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, शाजापुर, खंडवा, खरगोन और नरसिंहपुर में कोल्ड वेव का यलो अलर्ट जारी किया है. आगामी चार दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की जाएगी. शेष सभी जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा. जानिए, नवंबर में 5 बड़े शहरों का मौसम… भोपाल: इस बार टूट गया ओवरऑल रिकॉर्ड नवंबर में भोपाल में रात का तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है। पिछले 10 साल से ऐसा ही ट्रेंड रहा है। इस बार पहले सप्ताह से ही तेज ठंड का असर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में नवंबर में रात का तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंच चुका है। यह 30 नवंबर 1941 को दर्ज किया गया था, लेकिन इस साल 16 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री रहा। इस तरह नवंबर की सर्दी का ओवरऑल रिकॉर्ड बन गया है। यहां इस महीने बारिश होने का ट्रेंड भी है। 10 साल में तीन बार बारिश हो चुकी है। साल 1936 में महीने में साढ़े 5 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। इंदौर: 5.6 डिग्री तक जा चुका न्यूनतम पारा इंदौर में नवंबर में ठंड का असर रहता है। खासकर दूसरे सप्ताह से पारा तेजी से गिरता है। इस वजह से रातें ठंडी हो जाती हैं और टेम्प्रेचर 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। 25 नवंबर 1938 को पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। इंदौर में कभी-कभार बारिश भी हो जाती है। दिन में 31 से 33 डिग्री के बीच तापमान रहता है। ग्वालियर: 1927 में 3 इंच पानी गिरा था पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो नवंबर में ग्वालियर में पारा 8 डिग्री तक पहुंच चुका है। 54 साल पहले वर्ष 1970 में टेम्प्रेचर 3 डिग्री गया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। 2 नवंबर 2001 को दिन का तापमान 37.3 डिग्री तक रहा, जबकि यह सामान्य तौर पर 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। ग्वालियर में इस महीने बारिश भी होती है। 1927 में पूरे महीने 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। 10 साल में 3 बार ऐसा ही मौसम रह चुका है। जबलपुर: 1946 में 6 इंच से ज्यादा बारिश जबलपुर में पिछले 10 साल में 2022 में न्यूनतम पारा 7.8 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। ओवरऑल रिकॉर्ड 12 नवंबर 1989 को दर्ज किया गया था, तब टेम्प्रेचर 3.9 डिग्री तक पहुंच गया था। 1946 में पूरे महीने 6 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। 10 साल में दो बार बारिश हो चुकी है। दिन में 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान रहता है। उज्जैन: न्यूनतम तापमान 10-11° के बीच उज्जैन में 30 नवंबर 1974 को रात का तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 6 नवंबर 2008 को दिन का तापमान 36.5 डिग्री रहा था। पिछले 10 साल की बात करें तो न्यूनतम तापमान 10-11 … Read more

हरियाणा नगर निगम चुनाव स्थगित, जनवरी में कार्यकाल पूरा होने के बावजूद चुनाव मार्च-अप्रैल तक खिसक सकते हैं

 अंबाला हरियाणा के पंचकूला, सोनीपत और अंबाला सिटी नगर निगमों के जनवरी (2026) में प्रस्तावित चुनावों में देरी हो सकती है। इसकी तीन बड़ी वजहें बताई जा रही हैं। सबसे बड़ा कारण है, अभी वार्डबंदी फाइनल नहीं हुई है। दो निगमों में वार्डबंदी को लेकर विवाद भी है। इसके अलावा फरवरी व मार्च में बोर्ड की परीक्षाएं होंगी। ऐसे में संभवत उसके बाद ही चुनाव हो सकेंगे। हालांकि शहरी स्थानीय निकाय विभाग (ULB) की ओर से चुनाव की तैयारियां जोरों पर चलने का दावा है। इन तैयारियों को पूरा होने में भी दिसंबर लास्ट तक का समय लगेगा। इसकी पुष्टि खुद विभागीय अधिकारी और मंत्री कर रहे हैं। सरकार की ओर से 20 नवंबर लास्ट डेट रखी गई थी, लेकिन विवादों के कारण इस काम में भी तेजी नहीं आ पा रही है। प्रदेश में तीन नगर निगमों में चुनाव जनवरी में प्रस्तावित हैं, इनमें अंबाला, सोनीपत और पंचकूला शामिल हैं। इनके अलावा रेवाड़ी, सांपला और उकलाना निकायों का कार्यकाल भी जनवरी 2026 में समाप्त हो जाएगा। धारूहेड़ा नगर पालिका का जून में ही कार्यकाल समाप्त हो चुका है। इसलिए सरकार भी ये चाह रही है कि जनवरी तक चुनाव करा दिए जाएं, लेकिन तैयारियों को देखते हुए इसकी संभावनाएं काफी कम लग रही हैं।     वार्डबंदी में हो रही देरी: निकाय चुनाव से पहले वार्डबंदी का काम पूरा नहीं हो पाया है। दरअसल, शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से वार्डबंदी का काम पूरा करने के लिए 20 नवंबर की लास्ट डेट तय की थी, लेकिन तीनों नगर निगम अंबाला, पंचकूला और सोनीपत में ये काम पूरा नहीं हो पाया है। तीन नगर पालिकाओं उकलाना, सांपला और धारूहेड़ा तथा नगर परिषद रेवाड़ी के चेयरमैन, प्रधान पदों के आरक्षण को लेकर 1 दिसंबर को पंचकूला में ड्रा ऑफ लॉट निकाला जाएगा। इसको लेकर डिपार्टमेंट ने लेटर जारी कर दिया है।     दो नगर निगमों में वार्डबंदी विवाद: दो नगर निगमों अंबाला और पंचकूला में वार्डबंदी को लेकर विवाद खड़े हो गए हैं। विवाद निपटाने को लेकर पंचकूला में एडहॉक कमेटी का गठन किया गया है। हालांकि कमेटी में सदस्यों को शामिल करने का मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा हुआ है। अंबाला नगर निगम में भी ऐसा ही विवाद सामने आया था। यहां भी विपक्ष यही आरोप लगा रहा है कि कांग्रेसियों को एडहॉक कमेटी में शामिल नहीं किया गया है। सोनीपत नगर निगम में वार्डबंदी की एडहॉक कमेटी को लेकर बैठक हो चुकी है।     बोर्ड की परीक्षाएं फरवरी में प्रस्तावित: हरियाणा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 20 फरवरी से 4 अप्रैल 2026 तक आयोजित होने की उम्मीद है, जबकि प्रैक्टिकल एग्जाम 1 से 17 फरवरी 2026 तक होने के आसार हैं। ऐसे में जनवरी में प्रस्तावित निकाय चुनाव फरवरी में भी होने के आसार कम ही लग रहे हैं। मार्च में बजट सेशन शुरू हो जाएगा। ऐसे में संभावना दिख रही है कि तीनों नगर निगमों के चुनाव बजट सेशन के बाद आयोजित किए जा सकते हैं। पंचकूला-सोनीपत निगम में रिजर्वेशन का ये पैटर्न पंचकूला नगर निगम में 20 सीटें हैं। इनमें आरक्षण का पैटर्न अंबाला के समान है। तीन सीटें अनुसूचित जाति, एक सीट अनुसूचित जाति महिला, दो पिछड़ा वर्ग ‘ए’, एक सीट पिछड़ा वर्ग ‘ए’ महिला और सात सीटें सामान्य श्रेणी महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित की गई हैं। सोनीपत नगर निगम में कुल 22 सीटें तय हुई हैं। इनमें चार अनुसूचित जाति, दो अनुसूचित जाति महिला, दो पिछड़ा वर्ग ‘ए’, एक पिछड़ा वर्ग ‘ए’ महिला और आठ सीटें सामान्य श्रेणी की महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। यहां पढ़िए तीनों निगमों का क्या है जातीय आंकड़ा…     अंबाला नगर निगम: 20 वार्डों में कुल जनसंख्या 2 लाख 71 हजार 68 है। इसमें बैकवर्ड क्लास (ए) की 57,629, बैकवर्ड क्लास (बी) की 13,743 जनसंख्या है। यहां 36,210 एससी की जनसंख्या विभाग द्वारा बताई गई है।     पंचकूला नगर निगम: 20 वार्डों में कुल जनसंख्या 2 लाख 91 हजार 224 है। इनमें 16,511 बैकवर्ड क्लास (ए) की जनसंख्या है। बैकवर्ड क्लास (बी) की जनसंख्या 17,736 है। जबकि 41,467 एस.सी. जनसंख्या है।     सोनीपत नगर निगम: 22 वार्डों में 4 लाख 5 हजार 275 कुल जनसंख्या है। इनमें 83,000 बैकवर्ड क्लास (ए) की जनसंख्या है, 20,953 बैकवर्ड क्लास (बी) की जनसंख्या है। जबकि एससी की जनसंख्या 59,224 है।

UHBVNL ने जारी किया निर्देश, मुख्यालय आने से पहले लें परमिशन; टेलीफोन या ईमेल से संपर्क करें

चंडीगढ़  उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVNL) के कर्मचारी अधिकारी बिना परमिशन के मुख्यालय नहीं आ सकेंगे। इसको लेकर ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं। ऑर्डर में लिखा है कि क्षेत्रीय कार्यालयों, उप-मंडलों, मंडलों, जोनों और मुख्यालयों में कार्यरत सभी अधिकारियों और कर्मचारी के लिए निर्देश। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इस काम में वह सहयोग करें और दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन कराएं। यहां पढ़िए ऑर्डर में और क्या… 1. कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे निजी मामलों के लिए मुख्यालय या सीनियर ऑफिसर्स से मिलने से पहले, जहां तक ​​संभव हो, अनुमति जरूर लें, ताकि मिलने के लिए सही समय तय किया जाए और उन्हें इंतजार से बचाया जाए। 2. कर्मचारियों को बताया जाता है कि वे व्यक्तिगत मामलों के समाधान के लिए सबसे पहले संबंधित एसडीओ, उप-विभागीय अधिकारी या कार्यालय प्रभारी के स्तर पर प्रयास करें, ताकि समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके। 3. किसी भी आवेदन के लिए विभाग में पहले से तय प्रॉपर चैनल (एसडीओ/एक्सईएन/एसई/सीई/सक्षम प्राधिकारी) को फॉलो किया जाए। ये उन मामलों पर लागू नहीं होगा, जहां तत्काल समाधान की जरूरत हो। 4. ऐसे मामलों में जहां मामला पहले ही एक स्तर पर उठाया जा चुका है और हायर अथॉरिटी के ध्यान की आवश्यकता है, कर्मचारियों को अपने नियंत्रण अधिकारी को सूचित करने के बाद अगली अथारिटी से मिलने की अनुमति दी जा सकती है। 5. कर्मचारियों से अनुरोध है कि वे नियमित मुद्दों के लिए बिना पूर्व सूचना के मुख्यालय या वरिष्ठ अधिकारियों के पास सीधे जाने से बचें, ताकि कार्यालय का कामकाज सुचारू रूप से चलता रहे और यह सुनिश्चित हो सके कि सभी प्रस्तुतियां ठीक से दर्ज और संसाधित की गई हैं। आपातकालीन स्थितियों में इन्हें फॉलो करना होगा… 1. तत्काल ध्यान देने योग्य या संवेदनशील मामलों में, कर्मचारी संबंधित नियंत्रक अधिकारी से टेलीफोन या ईमेल द्वारा संपर्क कर सकते हैं। इस तरह के संचार को उच्च अधिकारियों से मिलने की वैध अनुमति माना जाएगा। 2. सभी अधिकारियों से अनुरोध है कि वे सहयोग प्रदान करें तथा कर्मचारियों द्वारा उठाए गए वास्तविक एवं अत्यावश्यक मुद्दों का समाधान सुनिश्चित करें। इन निर्देशों का अक्षरशः और पूरी भावना के साथ सावधानीपूर्वक और सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।

दिव्य साधना का समापन: शालीभद्र महाराज ने 16 दिनों बाद शांतिपूर्वक देह त्यागी

 बालोतरा बालोतरा शहर में शुक्रवार का दिन आध्यात्मिक और भावनात्मक रूप से बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। जैन समाज के विख्यात संत शालीभद्र महाराज ने 16 दिन की संथारा साधना पूर्ण करते हुए शांतचित्त मन से देह त्याग दी। स्थानक भवन परिसर में पिछले दिनों से उनके दर्शन करने और साधना का साक्षी बनने के लिए प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे थे। शुक्रवार को निकली उनकी बैकुंठ यात्रा में जिस तरह से सभी समाजों के लोगों का सैलाब उमड़ा, वह बालोतरा शहर ने पहले कभी नहीं देखा था। शालीभद्र महाराज का जीवन एक विलक्षण यात्रा रहा। 12 अक्टूबर 1947 को अलवर में जन्मे प्रकाश संचेती (सांसारिक नाम) बचपन से ही धार्मिक और अनुशासित वातावरण में पले-बढ़े थे। युवा अवस्था में उन्होंने जयपुर में रत्नों का व्यवसाय शुरू किया, और जल्द ही उनका व्यापार अमेरिका, यूरोप और एशियाई देशों तक फैल गया। अंतरराष्ट्रीय पहचान के बावजूद उनके भीतर आध्यात्मिकता का बीज लगातार बढ़ता रहा। उनकी मां की प्रेरणा ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। इसी प्रेरणा से उन्होंने 12 वर्षों तक गहन मौन और वैराग्य का जीवन जिया। अंततः 8 सितंबर 1994 को उन्होंने दीक्षा लेकर सभी सांसारिक मोह छोड़ दिए और ‘शालीभद्र जी’ के रूप में जैन समाज के प्रतिष्ठित संत बन गए। साल 2018 में बालोतरा उनका प्रमुख प्रवास स्थान बना, जहां उन्होंने प्रवचन, साधना और सेवा के माध्यम से हजारों लोगों के जीवन को प्रभावित किया। 5 नवंबर 2025 को उन्होंने पूर्ण प्रसन्नता और आत्मिक तृप्ति के साथ संथारा साधना का संकल्प लिया। 16 दिनों तक उन्होंने अन्न-जल का त्याग कर ध्यान, जप और आत्मचिंतन में स्वयं को समर्पित कर दिया। उनके दर्शन के लिए लगातार श्रद्धालु आते रहे और उनके शांत, तेजस्वी चेहरे को देख भाव-विह्वल होते रहे। जैन धर्म में संथारा को मृत्यु नहीं, बल्कि आत्मा की अंतिम साधना माना जाता है, जहां व्यक्ति पूर्ण क्षमा, शांति और निर्मलता के साथ जीवन की यात्रा को विराम देता है। शुक्रवार की सुबह उन्होंने समाधि अवस्था में देह त्याग दी। दोपहर में निकली बैकुंठ यात्रा के दौरान शहर जैसे ठहर गया। सड़कों पर लोगों का जनसैलाब उमड़ आया, दुकानों पर शटर बंद रहे, जगह-जगह पुष्पवृष्टि हुई और वातावरण “शालीभद्र महाराज अमर रहें” के जयघोष से गूंज उठा। लोग घरों और छतों से फूल बरसाते रहे और पूरे शहर में श्रद्धा, शांति और भावुकता का अद्भुत माहौल रहा। बालोतरा के धार्मिक इतिहास में यह दिन एक अविस्मरणीय अध्याय की तरह दर्ज हो गया।  

48 IAS अधिकारियों का तबादला आदेश जारी, शिखर की जगह अखिल अरोड़ा को मिली CM एसीएस की जिम्मेदारी

 जयपुर राजस्थान में नए मुख्य सचिव की एंट्री के साथ ही ब्यूरोक्रेसी में बदलाव शुरू हो गए। राज्य सरकार ने शुक्रवार देर रात 48 IAS अधिकारियों का बड़े पैमाने पर तबादला कर दिया। सबसे बड़ा बदलाव मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में देखा गया, जहां सीएम के एसीएस शिखर अग्रवाल को हटाकर उद्योग विभाग भेज दिया गया। उनकी जगह जलदाय विभाग के एसीएस अखिल अरोड़ा को मुख्यमंत्री का नया एसीएस बनाया गया है। नए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के पदभार संभालने के बाद CMO में किया गया यह फेरबदल राजनीतिक और प्रशासनिक तौर पर बड़ा संकेत माना जा रहा है। रोडवेज एमडी पुरुषोत्तम शर्मा को अतिरिक्त जिम्मेदारी देते हुए अब परिवहन आयुक्त का चार्ज भी सौंपा गया है। प्रवीण गुप्ता को चार अहम विभाग मिले पीडब्ल्यूडी एसीएस प्रवीण गुप्ता का दायरा बढ़ाते हुए सरकार ने उन्हें पर्यटन, कला-संस्कृति, RTDC अध्यक्ष और आमेर विकास प्राधिकरण का CEO भी बनाया। यह इस फेरबदल का सबसे बड़ा प्रोमोशन माना जा रहा है। शिखर अग्रवाल की सीएमओ से छुट्टी, उद्योग दिया उद्योग विभाग, BIP के प्रमुख सचिव आलोक गुप्ता को हटाकर Pollution Control Board का अध्यक्ष बनाया गया। उनकी जगह शिखर अग्रवाल को उद्योग विभाग की कमान दी गई है। राजेश यादव सचिवालय से बाहर पर्यटन और कला-संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव राजेश यादव को हटाकर HCM रिपा का DG लगाया गया है। इसे सचिवालय से बाहर भेजने की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। वित्त व स्वास्थ्य में भी बड़ा फेरबदल नवीन जैन को वित्त व्यय से हटाकर GAD व कैबिनेट सचिवालय भेजा गया।स्वास्थ्य सचिव गायत्री राठौड़ को प्रमोशन देते हुए मेडिकल एजुकेशन की जिम्मेदारी भी दी गई। वहीं टीना सोनी को वित्त व्यय सचिव तथा राजन विशाल को बजट में सचिव पद पर लगाया गया है। तीन बड़े विभागों की जिम्मेदारी मनजू राजपाल को मंजू राजपाल को सहकारिता विभाग व रजिस्ट्रार के साथ कृषि-उद्यानिकी विभाग और बीज निगम अध्यक्ष का बड़ा पोर्टफोलियो सौंपा गया। महिला बाल विकास, DLB और आईटी विभाग में भी बदलाव भवानी सिंह देथा को खाद्य विभाग से हटाकर महिला एवं बाल विकास में लगाया गया।रवि जैन को स्वायत्त शासन विभाग में रखते हुए अब DLB कमिश्नर और JCTCL अध्यक्ष की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई। डॉ. रवि सुरपुर को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटाकर IT विभाग का सचिव बनाया गया। राजस्व विभाग की कमान जोगाराम को GAD सचिव जोगाराम को राजस्व व पंचायतीराज विभाग का सचिव तथा आयुक्त नियुक्त किया गया है। अम्बरीश कुमार का तबादला मेडिकल एजुकेशन से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में कर दिया गया है।