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दीपक बैज की चेतावनी: 400 यूनिट हाफ बिजली बिल लागू नहीं हुआ तो होगा CM हाउस का घेराव

रायपुर दिल्ली दौरे से लौटे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ में बिजली बिल को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। बैज ने कहा, सरकार ने 200 यूनिट हॉफ कर जनता को फिर धोखा दिया है। कांग्रेस की 400 यूनिट बिल हॉफ योजना को बंद किया गया। चार बार बिजली की दरें बढ़ाई गईं। स्मार्ट मीटर लगाकर अतिरिक्त वसूली की जा रही है। उन्होंने कहा कि 30 नवंबर तक 400 यूनिट हॉफ बिजली बिल योजना लागू नहीं की गई तो CM हाउस का घेराव करेंगे। बैज ने कहा, कोयला सस्ता हुआ, उस पर लगने वाला सेस खत्म हुआ, इसलिए अब 400 यूनिट बिजली बिल फ्री करना चाहिए।पीएम सूर्य घर योजना को लेकर पीसीसी चीफ बैज ने कहा, ये योजना छत्तीसगढ़ में फेल है। पीएम सूर्यघर योजना छत्तीसगढ़ में सफल नहीं है, इसे जबरन थोपा जा रहा है। दिल्ली में बैठक को लेकर दीपक बैज ने कहा, दिल्ली में 2 घंटे की महत्वपूर्ण बैठक हुई। AICC की बैठक में 12 राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष मौजूद रहे। SIR को लेकर कांग्रेस गंभीर है। बिहार में वोटर काटे गए और चुनाव से पहले नए वोटर जोड़े गए। इन मुद्दों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा, घर-घर जाकर मतदाताओं को जागरूक करने की रणनीति तैयार की जाएगी। सचिन पायलट प्रदेश के 3 हिस्सों में बैठक लेंगे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को निगरानी का मूल मंत्र दिया जाएगा। जल्द जारी होगी जिलाध्यक्षों की सूची कांग्रेस जिलाध्यक्षों की सूची को लेकर बैज ने कहा, जिलाध्यक्षों की सूची अंतिम चरण में है। छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना की सूची लगभग तैयार है। बहुत जल्द जिलाध्यक्षों की लिस्ट जारी होगी। झीरम घाटी हमले को बताया राजनीतिक षड्यंत्र झीरम घाटी हमले के मास्टरमाइंड हिड़मा के मारे जाने से क्या न्याय मिला? इस मामले में पीसीसी चीफ बैज ने कहा, आंध्रप्रदेश की सीमा पर उसका एनकाउंटर हुआ, बड़ी सफलता है, इसके लिए बधाई। झीरम घाटी की सच्चाई अब तक सामने नहीं आई है। वैसे भी यह राजनीतिक षड्यंत्र है।

ECI को AAP की बड़ी शिकायत: शिअद के ‘चुनाव चिह्न’ पर रोक लगाने की अपील

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) पर गंभीर आरोप लगाए हैं. AAP ने SAD के चुनाव चिह्न को तुरंत रद्द करने की मांग की है. AAP ने इस मामले को लेकर चुनाव आयोग को एक पत्र भी लिखा है जिसमें SAD की उपचुनाव उम्मीदवार कंचनप्रीत कौर पर अवैध तरीके से भारत में घुसने के आरोप लगाए गए हैं. AAP का कहना है कि कंचनप्रीत कौर के खिलाफ इमिग्रेशन/फॉरेनर्स एक्ट के तहत FIR दर्ज है. FRRO रिकॉर्ड के अनुसार दिसंबर 2023 के बाद कंचनप्रीत की भारत वापसी का कोई रिकॉर्ड नहीं है. AAP ने आरोप लगाया है कि कंचनप्रीत ने कनाडा आधारित गैंगस्टर की मदद से कवरिंग कैंडिडेट बनीं और चुनाव को प्रभावित किया. मिली जानकारी के अनुसार, कंचनप्रीत कौर के खिलाफ इमिग्रेशन/फॉरेनर्स एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है. कंचनप्रीत के लिव-इन पार्टनर गैंगस्टर अमृतपाल बाठ पर 20 से ज्यादा आपराधिक केस लंबित हैं.   अमृतपाल बाठ पर मतदाताओं को मारने की धमकी देकर SAD के पक्ष में वोट कराने का भी आरोप है. इसके अलावा व्हाट्सऐप कॉल्स से मतदाताओं को डराने-धमकाने के सबूत सामने आए हैं. जिनकी जांच की जा रही है. SAD का चुनाव चिह्न रद्द करने की मांग AAP ने चुनाव आयोग से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने और SAD के चुनाव चिह्न को रद्द करने की मांग की है. AAP का कहना है कि SAD ने एक आपराधिक पृष्ठभूमि वाली महिला को चुनाव में उतारकर लोकतंत्र का अपमान किया है.  

किसानों को सीधा फायदा: हरियाणा के 15 जिलों में जौ-गेहूं के लिए शुरू हुई विशेष सब्सिडी योजना

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने रबी सीजन में किसानों को मजबूत सहारा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत राज्य में जौ और गेहूं की फसलों के लिए बीज वितरण से लेकर प्रदर्शन प्लांट और पौध व मृदा संरक्षण प्रबंधन तक पर अनुदान दिया जाएगा। यह पहल किसानों की उत्पादकता बढ़ाने, बेहतर किस्मों को बढ़ावा देने और मिट्टी की उर्वरता कायम रखने में मदद करेगी। जौं की खेती को बढ़ावा देने के लिए पंचकूला, रोहतक, भिवानी, सिरसा, हिसार, झज्जर और चरखी दादरी जिलों को चुना गया है। इन जिलों में किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज, फसल प्रदर्शन इकाइयों और मृदा प्रबंधन तकनीकों पर सरकारी सहायता दी जाएगी। इच्छुक किसान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसी तरह गेहूं के लिए अम्बाला, भिवानी, हिसार, झज्जर, मेवात, पलवल, चरखी दादरी और रोहतक जिलों में अनुदान मंजूर किया गया है। इस स्कीम का उद्देश्य अधिक उत्पादन और वैज्ञानिक तरीके से खेती को बढ़ाना है। किसान बिजाई की समय-सारणी के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि उन्नत बीज, आधुनिक कृषि तकनीक और मृदा संरक्षण उपायों से फसल की पैदावार बढ़ेगी और किसानों के लाभ में भी इजाफा होगा। आवेदन प्रक्रिया हुई बेहद आसान दोनों फसलों के लिए किसान विभाग की वेबसाइट पर कुछ सरल चरणों में आवेदन पूरा कर सकते हैं। साथ ही, हर जिले के कृषि विकास अधिकारी, ब्लॉक कृषि अधिकारी, उप-मंडल कृषि अधिकारी और उप कृषि निदेशक के कार्यालयों में जानकारी और सहायता उपलब्ध रहेगी।

फॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में छत्तीसगढ़ का जलवा: लगातार 13वीं बार ओवरऑल खिताब अपने नाम

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर में ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियन बनने वाले छत्तीसगढ़ के विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को इस शानदार उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री साय ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से उन्होंने छत्तीसगढ़ का मान पूरे देश में ऊंचा किया है और उनकी यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उल्लेखनीय है कि देहरादून में 12 से 16 नवंबर तक आयोजित 28वीं ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में छत्तीसगढ़ ने अपना दबदबा कायम रखते हुए लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी जीती। यह विजय छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा, अनुशासन, कठिन परिश्रम और टीम की अदम्य प्रतिबद्धता का प्रतीक है। भव्य समापन समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह और वन मंत्री सुबोध उनियाल ने संयुक्त रूप से ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की, जिसे छत्तीसगढ़ की ओर से आईएफएस शालिनी रैना एवं दल की नोडल अधिकारी ने ग्रहण किया। उनके नेतृत्व में टीम की एकजुटता और उत्कृष्ट प्रदर्शन इस उपलब्धि की प्रमुख वजह रहा। इन खिलाड़ियों ने किया शानदार प्रदर्शन इस वर्ष 253 सदस्यों की मजबूत टीम के साथ छत्तीसगढ़ ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए कुल 150 पदक और 578 अंक हासिल किए, जो पहले रनर-अप से 221 अंकों की ऐतिहासिक बढ़त है। टीम ने 74 स्वर्ण, 34 रजत और 42 कांस्य पदक जीतकर प्रतियोगिता में अपना सर्वांगीण प्रभुत्व स्थापित किया। कई खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाया, जिनमें निखिल ज़ाल्को ने तैराकी में पांच स्वर्ण जीतकर सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी का खिताब प्राप्त किया। वहीं संगीता राजगोपालन ने बैडमिंटन और टेनिस में चार स्वर्ण एवं एक रजत जीतकर सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी का सम्मान हासिल किया। इसी प्रकार थोटा संकीर्तन ने पांच स्वर्ण जीतकर महिला ओपन वर्ग में सर्वश्रेष्ठ एथलीट बनीं। सुखनंदन लाल ध्रुव और चारुलता गजपाल ने वेटरन श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया। राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया खेल भावना और उत्कृष्टता का नया मानक यह ऐतिहासिक सफलता वन मंत्री केदार कश्यप के दूरदर्शी मार्गदर्शन और वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव के प्रेरक नेतृत्व का परिणाम है। उनके निरंतर सहयोग, दिशा और प्रोत्साहन ने टीम को हर बार नई ऊंचाइयों तक पहुंने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छत्तीसगढ़ वन विभाग की यह विजय केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि एक स्वर्णिम अध्याय है, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर खेल भावना और उत्कृष्टता का नया मानक स्थापित किया है। राज्य ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि उसकी खेल परंपरा, मेहनत और जज़्बा उसे लगातार चैंपियन बनाए रखते हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, नान के चेयरमैन संजय श्रीवास्तव, योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा, छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज, वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव सहित लघु वनोपज संघ के सदस्य तथा बड़ी संख्या में विजेता खिलाड़ी उपस्थित थे।

जन्मदिन पर जीनत अमान की अपील: जलवायु संकट को हल्के में न लें

मुंबई बॉलीवुड की दिग्‍गज एक्‍ट्रेस जीनत अमान 19 नवंबर को 74 साल की हो गई हैं। एक मॉडल से एक्‍ट्रेस बनीं जीनत, अपने दौर की सुपरस्‍टार और सबसे महंगी एक्‍ट्रेस रही हैं। साल 1970 में फेमिना मिस इंडिया और मिस एशिया पैसिफिक इंटरनेशनल का ताज जीतने वाली जीनत इसी साल ओटीटी पर रिलीज वेब सीरीज 'द रॉयल्‍स' में नजर आई थीं। फिल्‍मों से इतर दिग्‍गज एक्‍ट्रेस पर्यावरण और जलवायु संकट जैसे मुद्दों पर भी अपनी बेबाक राय रखती हैं। वह कहती हैं कि आज भी कई लोग जलवायु परिवर्तन को गंभीरता से नहीं लेते या उसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अब ऐसा करने का समय नहीं बचा है। इसकी मार हमारी हवा, पानी और मौसम, हर जगह दिख रही है। बीते दिनों भारत मंडपम में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में 70 के दशक की प्रतिष्ठित अभिनेत्री जीनत अमान ने पर्यावरण के मुद्दे पर खुलकर बात की। वह मोबियस फाउंडेशन और वॉर्नर ब्रदर्स डिस्कवरी की 10-एपिसोड वाली डॉक्यूमेंटरी सीरीज 'Embers of Hope: The Fight for Our Future' की नैरेटर हैं। उनका कहना है कि यह सीरीज सिर्फ जानकारी देने वाली फिल्म नहीं, बल्कि सोच बदलने वाला आंदोलन है। 'जलवायु परिवर्तन अब अनदेखा नहीं' जीनत अमान ने कहा, 'जलवायु संकट कोई दूर की बात नहीं है। इसका असर हमारी रोजमर्रा की जिंदगी- हवा, पानी, तापमान – सब पर दिख रहा है। हिमालय में ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं और तटीय शहरों को बड़ा खतरा है। गंगोत्री ग्लेशियर हर साल लगभग 18 मीटर पीछे हट रहा है, जबकि वैज्ञानिक चेतावनी देते हैं कि 2040 तक मुंबई का करीब 10% हिस्सा समुद्र में डूब सकता है।' अब दर्शक नहीं, बदलाव में सहभागी बनना होगा युवाओं को संबोधित करते हुए जीनत आगे कहती हैं, 'सिर्फ देखने से कुछ नहीं होगा। अब वक्त है बदलाव का हिस्सा बनने का। छोटे-छोटे कदम भी बड़ा असर डाल सकते हैं। इसमें पेड़ लगाना, प्लास्टिक का उपयोग कम करना, ऊर्जा बचाना, पर्यावरण-अनुकूल आदतें अपनाना जरूरी है। हमें यह सोचना होगा कि हम आने वाली पीढ़ियों के लिए कैसी दुनिया छोड़ रहे हैं।' अपनी डॉक्यूमेंट्री को लेकर उन्होंने दोहराया कि यह सिर्फ जानकारी देने वाला प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि सोच और व्यवहार बदलने वाला आंदोलन है। कंपनियों की भी जिम्मेदारी जीनत अमान ने कहा कि सिर्फ आम लोगों नहीं, बल्कि कंपनियों को भी सस्‍टेनेबिलिटी को अपनी योजनाओं में शामिल करना चाहिए। इससे ब्रांड पर विश्वास बढ़ता है और नए अवसर भी मिलते हैं। वह कहती हैं, 'जागरूकता ही असली बदलाव ला सकती है। विजुअल मीडियम लोगों को ज्यादा तेजी से प्रभावित करता है, इसलिए ऐसी डॉक्यूमेंट्री जरूरी हैं ताकि हर उम्र के लोग जलवायु संकट की गंभीरता को समझ सकें।'

यूपी पीईटी की फाइनल आंसर-की रिलीज़, कुछ प्रश्नों को ग्रेस मार्क्स

  लखनऊ उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) की फाइनल आंसर-की जारी की जा चुकी है। अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट upsssc.gov.in पर शिफ्ट वाइज फाइनल आंसर-की देख सकते हैं। 6 सितंबर को सेकेंड शिफ्ट के पेपर में एक प्रश्न, 7 सितंबर को पहली शिफ्ट के लिए एक प्रश्न, 7 सितंबर सेकेंड शिफ्ट के दो प्रश्नों के लिए फुल मार्क्स मिलेंगे। यूपी पीईटी 6 व 7 सितंबर को आयोजित हुई थी। अब किसी भी समय रिजल्ट आ सकता है। बता दें कि दो दिन की परीक्षा में 1941993 अभ्यर्थी शामिल हुए हैं। यूपीएसएसएससी पीईटी 2025 के लिए 25,31,996 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। पीईटी स्कोर 3 साल के लिए वैलिड रहेगा। इस भर्ती परीक्षा के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में खाली पड़े ग्रुप सी लेवल के हजारों पदों को भरा जाएगा। सबसे पहले प्रारंभिक अर्हता परीक्षा ( पीईटी ) होगी और इसके बाद भर्तियों के संबंध में विज्ञापन निकाल कर आयोग आवेदन लेगा। पीईटी स्कोर के आधार पर अलग-अलग भर्तियों में अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा/स्किल टेस्ट/शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। यूपी पीईटी रिजल्ट के बाद होंगी 44000 पदों पर भर्तियां उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को 44778 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव मिल चुका है। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा-2025 पीईटी का परिणाम ( UPSSSC PET Result 2025 ) जारी होने के बाद इन्हें भरने के लिए आवेदन लिए जाएंगे। राज्य सरकार ने समूह ‘ग’ तक के पदों को भरने का अधिकार उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को दे रखा है। आयोग द्वारा शासन को उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक उसे 868 भर्तियों के प्रस्ताव मिले हैं। इनमें कुल 44778 पद हैं। इस बार लेखपालों की भर्ती के लिए सर्वाधिक प्रस्ताव इस बार सर्वाधिक लेखपाल भर्ती के लिए प्रस्ताव हैं। लेखपाल के 7994, तकनीकी सेवा के 5431, कनिष्ठ सहायक के 4582 अधिशासी अधिकारी के 320 पदों के प्रस्ताव आयोग को मिल चुके हैं। मत्स्य अधिकारी के 105, होम्योपैथिक फार्मासिस्ट के 397, बीजीसी तकनीशियन के 255, कंपाउंडर 560, आबकारी सिपाही 564, सहायक विकास अधिकारी 545, सहायक बोरिंग तकनीशियन 419 पद हैं। मानचित्रकार, स्पर्श दृष्टिबाधित प्रशिक्षण स्नातक अध्यापक, अधीक्षक कार्यशाला, सहायक सांख्यिकीय अधिकारी-मत्स्य निरीक्षक के प्रस्ताव आयोग को मिले हैं।  

सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री सारंग ने ग्रामीण विकास योजनाओं पर की चर्चा

पैक्स एवं स्व-सहायता समूह साझेदारी से खुलेगा ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का नया अध्याय मंत्री  सारंग ने ली सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को मंत्रालय में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में सीपीपीपी अंतर्गत जीआईएस-2025 के दौरान हुए एमओयू की प्रगति, नवाचार प्रकोष्ठ की गतिविधियों तथा सहकारिता तंत्र को मजबूत बनाने से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री  सारंग ने कहा कि पैक्स और स्व-सहायता समूहों के बीच सहयोगात्मक ढांचा तैयार कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़े अवसर विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि पैक्स–स्व सहायता समूह के बीच साझेदारी का स्पष्ट एवं क्रियाशील रोडमैप तैयार किया जाए। जिससे ग्रामीण स्तर पर नए रोजगार व उद्यमों को बढ़ावा दिया जा सके। मंत्री  सारंग ने कहा कि सहकारिता ही वह सशक्त नेटवर्क है जो हर घर तक आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को पहुँचा सकता है। हमें स्थानीय आवश्यकताओं और संसाधनों को पहचानकर योजनाओं को धरातल पर उतारना होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि CPPP (Co-operative Public Private Partnership) नवाचार की सक्सेस स्टोरी तैयार की जाए। इस नवाचार को दस्तावेज़ रूप में भी संकलित किया जाए। मंत्री  सारंग ने कहा कि जिला स्तर पर सहकारी बैंकों के सीईओ के माध्यम से किसानों, सहकारी समितियों के प्रबंधकों तथा अन्य संबंधित हितधारकों से सुझाव एकत्र किए जाएं। जिससे मुख्यालय से आवश्यक सुधार करते हुए योजनाओं का प्रभावी कियान्वयन किया जा सके। बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता  डी.पी. आहूजा, आयुक्त सहकारिता  मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक (उपभोक्ता संघ)  ऋतुराज रंजन, प्रबंध संचालक (बीज संघ)  महेंद्र दीक्षित, प्रबंध संचालक (अपेक्स बैंक)  मनोज गुप्ता सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

चोरी गया ट्रक मिला: बिहार भेजने की साजिश में शामिल गिरोह पकड़ा गया

दुमका झारखंड के दुमका जिले के सरैयाहाट के पास से पुलिस ने लोहे की छड़ से लदे एक लापता ट्रक को बरामद कर लिया है। एक अधिकारी ने  यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि 16 नवंबर को गिरिडीह जिले से ट्रक चालक का शव बरामद कर लिया गया था। बगोदर के थाना प्रभारी विनय कुमार यादव ने बताया कि उन्हें 16 नवंबर की रात को 25 वर्षीय एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। यादव ने कहा, "दुमका में ट्रक की बरामदगी के बाद ही ट्रक चालक की पहचान से जुड़ा सुराग मिलना संभव हो पाया है। चालक की पहचान बिहार के खगड़िया जिले के रहने वाले धीरज कुमार के रूप में हुई है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम इस घटना की जांच कर रहे हैं। अपराधियों ने लोहे की छड़ों से लदे ट्रक को गायब करने के इरादे से शायद चालक की हत्या की होगी, लेकिन पकड़े जाने के डर से उन्हें दुमका में ट्रक को लावारिस छोड़ना पड़ा।" पुलिस अधिकारी ने बताया कि ट्रक मालिक रणजीत रॉय ने उन्हें बताया कि 15 नवंबर को रानीगंज में ट्रक में सामान लादा गया था और घटना के समय वह उत्तर प्रदेश के बनारस जा रहा था। ट्रक मालिक पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के रहने वाले हैं। ट्रक मालिक ने यह भी दावा किया कि 16 नवंबर को चालक का मोबाइल बंद पाए जाने के बाद से उनका उससे संपर्क टूट गया था। सरैयाहाट थाने के प्रभारी जय प्रकाश दास ने बताया कि रॉय ने ट्रक में लगे जीपीएस की मदद से ट्रक का पता लगाया, जिसके बाद वह सरैयाहाट के एनएच-133 पर भलुआ मोड़ पहुंचे, जहां उन्हें ट्रक लावारिस पड़ा मिला। दास ने कहा, "ट्रक मालिक ने हमसे संपर्क किया। हमने ट्रक को जब्त कर बगोदर पुलिस से संपर्क किया, जिन्होंने हमें चालक के शव की बरामदगी के बारे में सूचित किया। इस संबंध में बगोदर पुलिस थाने में एक मामला दर्ज किया गया है। हम ट्रक को बगोदर पुलिस को सौंप देंगे।" पुलिस सूत्रों ने बताया कि अपराधियों ने चालक की हत्या कर ट्रक को बगोदर से बिहार ले जाने की योजना बनाई थी।

धान विक्रय में हुई सुगमता से प्रसन्नचित है बुजुर्ग किसान कोल्हु राम साहू

मोबाईल एप्प से मिला टोकन और उपार्जन केन्द्र निपानी में आसानी से किया धान का विक्रय   रायपुर, बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सुगमता और पारदर्शिता के साथ जारी है। जिले के ग्राम निपानी के बुजुर्ग किसान कोल्हु राम साहू ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि शासन-प्रशासन की व्यवस्था बहुत अच्छी है, इसका परिणाम है कि उनका लगभग 80 क्विंटल धान आसानी से विक्रय हो गया है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी का कार्य शुरू होने के पूर्व ही उन्होंने अपने फसल की कटाई, मिंटाई आदि कार्य पूरा कर लिया था। धान खरीदी के एक दिन पूर्व ही उन्होंने अपने नाती के सहयोग से मोबाईल में तुंहर टोकन एप्प के माध्यम से अपने धान के विक्रय हेतु टोकन प्राप्त किया था। उन्होंने बताया कि पहले सोसायटी में टोकन के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, लेकिन अब मोबाईल के माध्यम से ही घर बैठे ऑनलाईन टोकन प्राप्त करने की बड़ी सुविधा मिली है, जो कि उनके जैसे बुजुर्गों के लिए काफी सुविधाजनक साबित हुआ है।     बुजुर्ग किसान साहू ने बताया कि उन्होंने 17 नवम्बर को 80 क्विंटल धान विक्रय के लिए टोकन लिया था, उस दिन वे धान खरीदी केन्द्र खुलते ही अपना धान लेकर आ गए थे। जिसके पश्चात् समय पर ही उनके धान की आदर््ता माप कर, पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया गया। बारदाना में धान भरने, तौलाई, सिलाई तथा स्टेक में रखने हेतु खरीदी केन्द्र में पर्याप्त मात्रा में कर्मचारी उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से समय पर ही उनका धान विक्रय हुआ है। उन्होंने बताया कि शासन प्रशासन की इस व्यवस्था से ही उनके धान का विक्रय आसानी से समय पर सुनिश्चित हुआ है, जिससे वे बहुत ही संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में पहुॅचने वाले किसानों के लिए बैठक, पेयजल, शौचालय आदि की भी व्यवस्था है, जो उन्हें धान खरीदी के कार्य में काफी सुविधाजनक लगा। उन्होंने किसान हितैषी योजनाओं एवं निर्णयों की सराहना करते हुए कहा कि 3100 रूपये प्रति क्विंटल में धान की खरीदी तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की खरीदी से सभी किसानों के लिए खेती का कार्य काफी लाभदायक बन चुका है। उन्होंने किसान हितैषी योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए शासन प्रशासन का आभार जताया।

रानी लक्ष्मीबाई की 197वीं जयंती पर झांसी में महिलाओं ने हाथ में तलवारें और बाइक लेकर किया प्रदर्शन

 झांसी बुंदेलखंड की ऐतिहासिक धरती झांसी में बुधवार को एक अनोखा दृश्य देखने को मिला. वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की 197वीं जयंती पर 500 से 600 महिलाओं ने रानी के परिधान पहनकर दोपहिया वाहनों पर भव्य रैली निकाली. यह रैली न केवल रानी लक्ष्मीबाई के साहस की याद दिला रही थी, बल्कि आधुनिक महिला शक्ति का एक सामूहिक रूप भी दिखा रही थी. समर्पण सेवा समिति द्वारा आयोजित इस वीरांगना वाहन रैली को उत्तर प्रदेश सरकार की मंत्री बेबी रानी मौर्य ने हरी झंडी दिखाकर शुरू किया. रैली झांसी किले की तलहटी से शुरू हुई. सुबह से ही रानी के स्वरूप में सजी महिलाओं का उत्साह देखने लायक था. डीजे पर बजते गीतों की धुन पर महिलाएं तलवारें हाथ में लिए पूरी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही थीं. वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की 197वीं जयंती रैली झांसी किला, इलाइट चौराहा, झांसी होटल, सदर बाजार और गोविंद चौराहा होते हुए रानी लक्ष्मीबाई पार्क में संपन्न हुई. पूरे मार्ग पर लोगों ने जगह जगह पुष्पवर्षा करके महिलाओं का स्वागत किया. रानी के भेष में स्कूटी और बाइक पर सवार महिलाएं शहर के लिए आकर्षण का केंद्र बन गईं. समर्पण सेवा समिति की अध्यक्ष अपर्णा दुबे ने कहा कि यह रैली सिर्फ शोभायात्रा नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का संदेश है. उन्होंने बताया कि सभी महिलाएं रानी लक्ष्मीबाई के परिधान में थीं और यह दृश्य आधुनिक नारी की ताकत को दर्शाता है. रानी के रूप में सजी हिमांशी समाधिया ने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे उस भूमि से हैं जहां रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी थी. महिलाएं तलवारें हाथ में लिए पूरी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ीं युवती रितु ने कहा कि स्कूटी पर रानी के रूप में बैठना एक विशेष अनुभव है और वह इस रैली में शामिल होकर खुश हैं. झांसी की सड़कों पर महिलाओं की यह रैली वीरांगना के साहस और आधुनिक नारी की शक्ति को एक साथ दिखाती रही.