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ऊर्जा मंत्री तोमर ने किया अस्पताल और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बुधवार की मध्य रात्रि ग्वालियर में सिविल अस्पताल हजीरा, बिरला नगर और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट मोतीझील का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने गंदा वॉशरूम देखकर स्वयं सफाई की। साथ ही सम्बन्धित अधिकारियों को सफाई व्यवस्था दुरस्त रखने के लिए निर्देशित किया। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने हजीरा सिविल अस्पताल में गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) मेँ भर्ती मरीजों का हालचाल जाना। उन्होंने सिविल अस्पताल बिरला नगर का भी निरीक्षण किया। ऊर्जा मंत्री को उप नगर ग्वालियर के अलग-अलग क्षेत्रों से गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने बुधवार देर रात अचानक मोतीझील प्लांट पहुंचकर जल आपूर्ति की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान ड्यूटी पर जिम्मेदार अधिकारियों के न मिलने पर निगमायुक्त श्री संघप्रिय से फोन पर चर्चा कर नाराज़गी व्यक्त की और कार्यवाही के निर्देश दिए। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने ड्यूटी से गायब अधिकारियों की अनुपस्थिति का पंचनामा बनाकर विभाग को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने मौजूद स्टाफ से बुधवार को की गई जल आपूर्ति के सैंपलों की जांच की जानकारी ली। इस दौरान श्री तोमर ने पानी को फिल्टर करने की प्रक्रिया को देखा। उन्होंने की जा रही जल आपूर्ति लोगों के लिए नुकसानदायक तो नहीं है की जानकारी ली। मंत्री श्री तोमर को उपस्थित कर्मियों ने बताया कि पानी के दिन में दो से तीन बार नमूने (सैंपल) लेकर जांच की जा रही है। जल आपूर्ति तय मानकों के आधार पर ट्रीटमेंट करने के बाद ही की जा रही है।

जिम्मेदारी के साथ कार्य करें अधिकारी : राज्यमंत्री गौर

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा है कि शासकीय धन का उपयोग सोच-समझकर और योजनाबद्ध तरीके से होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाएं धरातल पर उतरें, जिससे जनता को सुविधाएं मिल सकें। राज्यमंत्री श्रीमती गौर गुरुवार को मंत्रालय में राजधानी के वार्ड क्रमांक 52, 53 और 54 में हो रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा कर रही थीं। उन्होंने निर्देश दिए कि समयसीमा में सभी कार्य पूर्ण करें और लापरवाह ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करें। सीवेज लाइन और पेयजल नेटवर्क को दुरुस्त करें राज्यमंत्री ने वार्ड 52 के कम्फर्ट पाम कॉलोनी, रोहित नगर फेज 2 और आकृति नींव कॉलोनी में सीवेज लाइन और ट्रंकलाइन के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अमृत 2.0 योजना के कार्यों को मानसून के बाद प्रारंभ करने पर जोर दिया। नारायण नगर कॉलोनी के बंद पड़े सम्पवेल को पुनः चालू करने तथा आंतरिक पेयजल पाइपलाइन को अमृत योजना की डीपीआर में शामिल कराने के निर्देश दिए। सीवेज, पेयजल और पार्क विकास पर जोर राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने वार्ड 53 की अंजलि विहार, प्रोसपेरा कॉलोनी, रामेश्वरम डीलक्स, यशोदा गार्डन, पार्थ सारथी कॉलोनी, गुलाबी नगर और जाटखेड़ी गांव में सीवेज कार्य प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। बल्क कनेक्शन वाली कॉलोनियों में पानी की आपूर्ति बढ़ाकर 60 हजार लीटर करने, पार्कों का विकास और नालों के सीमांकन एवं चैनलाइजेशन के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश भी दिए। नाला सुधार और सौंदर्यीकरण की दिशा में पहल राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने वार्ड 54 के कुंजन नगर फेज 1 और 2, अग्रवाल नगर, बागसेवनिया बस्ती और अमराई क्षेत्र में बारिश से पहले सीवेज लाइन मरम्मत और नई लाइन डालने के निर्देश दिए गए। सुरेंद्र गार्डन क्षेत्र में नाले की सफाई, बाउंड्रीवाल निर्माण और अतिक्रमण हटाकर फेंसिंग कराने के निर्देश दिये। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बागसेवनिया में निर्माणाधीन नई सब्जी मंडी का कार्य भी शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

जल संसाधन मंत्री सिलावट ने केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री यादव से की भेंट

भोपाल  जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। मंत्री श्री सिलावट ने केंद्रीय मंत्री से प्रदेश की आठ सिंचाई परियोजनाओं की वन एवं पर्यावरण स्वीकृति के लिए अनुरोध किया। केन्द्रीय मंत्री श्री यादव ने सहमति देते हुए तत्संबंधी कार्रवाई करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। मंत्री श्री सिलावट ने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्री श्री यादव को धन्यवाद दिया। मंत्री श्री सिलावट ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने का जो सपना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने देखा है उसको पूरा करने और प्रदेश के  हर किसान के खेत तक सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मध्यप्रदेश जल संसाधन विभाग प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश की जिन सिंचाई परियोजनाओं को केंद्र द्वारा वन एवं पर्यावरण संबंधी सहमति प्रदान की गई है उनमें मां रतनगढ़ बहुउद्देशीय परियोजना डबरा (दतिया), लोअर ओर वृहद परियोजना अशोक नगर एवं शिवपुरी, चेंटीखेड़ी  परियोजना श्योपुर, मुंझिरी वृहद परियोजना श्योपुर, कोपरा मध्यम सिंचाई परियोजना सागर, छिंदवाड़ा कांप्लेक्स बैलेंसिंग रिजर्वॉयर छिंदवाड़ा, सोनखेड़ी लघु सिंचाई परियोजना बड़वानी और दामखेड़ा लघु सिंचाई योजना खरगोन शामिल है। 

ताजमहल की सैर के लिए बुजुर्ग को किया कैद, कार में छोड़कर चला गया पूरा परिवार

आगरा  आगरा में संवंदेनहीनता और अमानवीयता की हदें पार करने वाला मामला सामने आया है। ताजमहल देखने आया एक परिवार बुजुर्ग को कार में ही हाथ-पैर बांधकर छोड़ गया था। जब कुछ लोगों की नजर कार मे बंधे बुजुर्ग पर पड़ी तो हैरान रह गए। गाइडों की मौके पर भीड़ जुट गई। पुलिस को भी मामले की सूचना दी गई। जब तक पुलिस पहुंचती गाइडों ने ही कार का लॉक तोड़कर बुजुर्ग को बाहर निकाल लिया। उनकी हालत भी काफी खराब थी। पुलिस ने एंबुलेंस बुलाकर उन्हें अस्पताल के लिए रवाना किया गया। इसी बीच परिवार भी पहुंच गया। परिवार बुजुर्ग को अपने साथ लेकर चला गया। गुरुवार ताजमहल की पश्चिमी गेट पार्किंग में कुछ गाइडों ने कार के अंदर एक बुजुर्ग को बंद देखा। उनके हाथ पैर बंधे हुए थे। कार बंद होने के कारण उनकी हालत खराब हो रही थी। इस पर गाइडों ने वहां के पार्किंग कर्मचारियों को जानकारी दी। इसके साथ ही सभी ने मिलकर कार का लॉक तोड़ा और उन्हें बाहर निकाला। बुजुर्ग कुछ बोलने की स्थिति में नहीं थे। सूचना पर्यटन पुलिस को दी गई। पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से बुजुर्ग को इलाज के लिए भेजा। उनके परिवार की तलाश भी शुरू की गई। बताया जा रहा है कि अगर थोड़ी देर और बुजुर्ग कार में रहते तो शायद उनका दम घुट जाता और मौत हो जाती। उनके एंबुलेंस से रवाना होते ही परिवार भी पहुंच गया। बुजुर्ग के किले तक पहुंचने तक बुजुर्ग के परिवार वाले आ गए। उन्होंने बुजुर्ग को अपने साथ ले लिया। परिवार ने बताया कि वह पहले से पैरालाइज हैं। इसलिए बांध के गए हुए थे। बुजुर्ग को परिवार वाले अपने साथ लेकर चले गए। कार में इस तरह से किसी इंसान को बांधकर ताजमहल देखने की पहले घटना सामने आई है। इससे पहले कई बार पर्यटक अपने साथ लाये गए कुत्तों को कार में बंद कर जाते हैं। कुछ समय पहले इसी तरह बांधे गए एक कुत्ते की मौत हो गई थी।

स्पोर्ट कॉम्पलेक्स निर्माण की सतत निगरानी के लिये होगा अधिकारी नियुक्त

भोपाल  खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने निर्देश दिये हैं कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स निर्माण के अधोसंरचना कार्यों की सतत निगरानी के लिए विभागीय स्तर पर एक अधिकारी की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण की गुणवत्ता, समयबद्धता तथा उपयोगिता सुनिश्चित करने के लिए यह आवश्यक कदम होगा। मंत्री श्री सारंग गुरुवार को भोपाल के बरखेड़ा नाथू स्थित अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के प्रथम एवं द्वितीय चरण के अंतर्गत प्रगतिशील निर्माण कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति तथा निर्माण कार्यों की वर्तमान प्रगति की समीक्षा भी की गई। संपूर्ण परिसर में हो साइनेजेस की स्पष्ट एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिए कि संपूर्ण परिसर में साइनेजेस की स्पष्ट एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था के लिए एक समर्पित प्रोजेक्ट प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि कॉम्पलेक्स के सुचारु संचालन एवं विभिन्न राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए प्रशासनिक भवन, सर्वर रूम, आईटी रूम तथा एक आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण की ठोस कार्य-योजना तैयार की जाए। मंत्री श्री सारंग ने बिजली, जल आपूर्ति, स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं से संबंधित उपकरणों की खरीदी के पहले विभागीय अनुमोदन अनिवार्य रूप से प्राप्त करने के निर्देश भी दिए। परिसर के अंदर ही हो उपयुक्त स्थान पर कैफेटेरिया मंत्री श्री सारंग ने द्वितीय चरण के अंतर्गत निर्माण गतिविधियों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि खिलाड़ियों एवं आगंतुकों की सुविधा के लिये परिसर के अंदर ही एक उपयुक्त स्थान पर कैफेटेरिया का निर्माण किया जाए। मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिए कि निर्माण एजेंसी द्वारा किसी भी संबद्ध एजेंसी को देय भुगतान से पहले खेल विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) प्राप्त किया जाना अनिवार्य होगा। उन्होंने विद्युत व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा, साइनेजेस, प्रशासनिक भवन एवं परिसर में किए जाने वाले हॉर्टिकल्चर कार्यों के लिए अलग से प्रोजेक्ट प्लानिंग रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिये। परिसर में होगी समुचित पॉर्किंग व्यवस्था बैठक में बताया गया कि कॉम्पलेक्स परिसर के सभी ब्लॉकों में दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों की समुचित पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है। अग्नि सुरक्षा के दृष्टिकोण से फायर सेफ्टी उपकरणों की स्थापना मानकों के अनुरूप की जा रही है। परिसर में एक अतिरिक्त प्रवेश द्वार का निर्माण किया जा रहा है, जिससे आमजन, फायर ब्रिगेड तथा पार्किंग क्षेत्रों तक सुविधाजनक पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी। इस द्वार से शूटिंग अकादमी की दिशा में बाउंड्री वॉल के समांतर सड़क का निर्माण भी प्रस्तावित है। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव, खेल एवं युवा कल्याण संचालक श्री राकेश गुप्ता, संयुक्त संचालक श्री बी.एस. यादव, निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति श्री संजीव सचदेवा को दी बधाई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के 29वें मुख्य न्यायाधिपति की शपथ लेने पर न्यायमूर्ति श्री संजीव सचदेवा को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनका अनुभव, न्याय के प्रति प्रतिबद्धता, दूरदृष्टि और अनुशासन निश्चित ही भारतीय न्याय व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि श्री सचदेवा अपने कार्यकाल में संवैधानिक मूल्यों की रक्षा, मौलिक अधिकारों की प्रतिष्ठा और शीघ्र एवं निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करें तथा न्याय एवं संविधान की गरिमा को नई दिशा दें, यही शुभकामनाएं हैं। 

मध्यप्रदेश अब स्वच्छता में देश का बना अग्रदूत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में मध्य प्रदेश फिर अव्वल इंदौर सुपर स्वच्छ लीग सिटीज़ श्रेणी में देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में सम्मानित 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले स्वच्छ शहरों में भोपाल दूसरे, जबलपुर 5वें और ग्वालियर 14वें स्थान पर 3 से 10 लाख जनसंख्या श्रेणी में उज्जैन, देश के शीर्ष शहरों में शामिल ग्वालियर को मिला प्रॉमिसिंग शहर का स्टेट अवार्ड 50 हजार से 3 लाख जनसंख्या वाले स्वच्छ शहरों में देवास प्रथम स्थान पर मुख्यमंत्री ने दी प्रदेशवासियों और नगरीय निकायों को बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के सम्मान समारोह में इंदौर को 'सुपर स्वच्छ लीग सिटीज़' श्रेणी में देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में सम्मानित किया जाना प्रदेशवासियों के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। उल्लेखनीय है कि विगत 7 वर्षों से स्वच्छ शहरों की श्रेणी में इंदौर ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया था। इंदौर के साथ भोपाल, देवास, शाहगंज, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन एवं बुधनी को भी विभिन्न श्रेणियों में स्वच्छता पुरस्कार प्राप्त होना इस बात का प्रमाण है कि पूरा मध्यप्रदेश अब स्वच्छता में देश का अग्रदूत बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस सफलता के लिए प्रदेश के समस्त स्थानीय निकायों के नागरिकों, विशेषकर स्वच्छताकर्मियों, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को स्पेन यात्रा के दूसरे दिन जारी संदेश में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश ने हमेशा की तरह एक बार फिर टॉप किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सभी राज्यों को स्वच्छता की प्रतिस्पर्धा में शामिल होने का अवसर मिला है। उन्होंने बताया कि स्वच्छता की विभिन्न श्रेणियों में अग्रणी शहरों की एक लीग बनाई गई, जिसमें इंदौर को शीर्ष स्थान मिला। इंदौर स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार-2024 में 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों की नवीन श्रेणी "स्वच्छ लीग अवार्ड" में सर्वश्रेष्ठ शहर बना है। धार्मिक नगरी उज्जैन को स्वच्छ लीग अवार्ड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वच्छ लीग अवार्ड में धार्मिक नगरी उज्जैन को 3 से 10 लाख जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में शीर्ष स्थान मिला है। इसी प्रकार 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों में बुदनी सर्वश्रेष्ठ शहर बना है। जबकि 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले स्वच्छ शहरों में भोपाल दूसरे, जबलपुर पांचवें और ग्वालियर 14वें स्थान पर रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में स्वच्छता में प्रॉमिसिंग शहर का स्टेट अवार्ड ग्वालियर को मिला। पचास हजार से तीन लाख जनसंख्या वाले स्वच्छ शहरों में देवास प्रथम स्थान पर रहा। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल देश की सबसे स्वच्छ राजधानी पहले ही बन चुका है।  

मुख्यमंत्री साय बोले – बस्तर का हर गांव बनेगा आपका अच्छा गांव

  मुख्यमंत्री साय ने बीजापुर के युवा ग्रेजुएट पंच का बढ़ाया हौसला बीजापुर जिले के युवाओं से मुख्यमंत्री साय ने की आत्मीय मुलाकात रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना के तहत राजधानी रायपुर के भ्रमण पर आए बीजापुर जिले युवाओं से मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय इन युवाओं से बहुत आत्मीयता से मिले और उनसे राजधानी रायपुर भ्रमण के अनुभवों को जाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का हर गांव आपका अच्छा गांव बनेगा। बस्तर के विकास को अब कोई नहीं रोक सकता। बस्तर का युवा आज आत्मविश्वास से भरा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बीजापुर जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों से आये युवाओं से उनका हाल-चाल जाना और आत्मीय चर्चा की। मुख्यमंत्री ने युवाओं से पूछा कि वे विगत डेढ़ वर्षों में क्या परिवर्तन महसूस कर रहे हैं ? युवाओं ने बताया कि बहुत परिवर्तन है। अब हमारे क्षेत्र में सड़कें बन रही हैं, बिजली की व्यवस्था हुई है और आंगनबाड़ी केंद्र भी खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का विकास हमारी सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं से उनकी पढ़ाई-लिखाई और गतिविधियों के विषय में जानकारी ली। बीजापुर के एक युवा ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि वह जूलॉजी विषय से बीएससी कर चुका है और वर्तमान में वह अपने गांव का पंच है। उसका एक साथी भी पंच निर्वाचित हुआ है। मुख्यमंत्री ने इन युवाओं के जज्बे की सराहना की और उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बच्चों से पूछा- कितने बच्चे इंस्टाग्राम चलाते हैं ? जब इस प्रश्न पर कई बच्चों ने हाथ उठाया तो मुख्यमंत्री ने आश्चर्यमिश्रित मुस्कान के साथ कहा- अब बस्तर के हमारे बच्चे भी समय के साथ हाईटेक हो रहे हैं। ये सुनकर ठहाके गूंज उठे। मुख्यमंत्री ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि युवा अपडेट हैं और तकनीक को समझ रहे हैं। युवाओं ने बताया कि उनके गांव में अब मोबाइल टावर भी लग रहे हैं। युवाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे कल राजधानी रायपुर आये हैं। उन्होंने मुक्तांगन, जंगल सफारी सहित अन्य जगहें देखी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं से कहा कि वे राजधानी रायपुर के भ्रमण के अनुभव का पूरा लाभ उठाएं। उल्लेखनीय है कि स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना के तहत बीजापुर जिले के नियद नेल्लानार ग्राम पंचायतों के 100 युवा राजधानी रायपुर के भ्रमण पर आये हैं। जिसके अंतर्गत  आज ये युवा छत्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचे। इस अवसर पर वनमंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री किरण देव, श्री संपत अग्रवाल, श्री ईश्वर साहू सहित गणमान्यजन उपस्थित थे।

खाद-बीज की उपलब्धता से खेती-किसानी का काम जोरों पर

सरकार की मदद से खेती में खुशहाली, किसानों का कहना-अब खेती मुनाफे का सौदा बिलासपुर, खरीफ सीजन में इन दिनों खेती किसानी ने जोर पकड़ लिया है। रोपा और बियासी का काम तेजी से जारी है। ऐसे में शासन द्वारा समय पर खाद बीज की उपलब्धता से किसानों का उत्साह दोगुना हो गया है। बिल्हा ब्लॉक के बैमा-नगोई के किसानों के चेहरे भी खिल उठे है। उन्हे न तो लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है और न ही मंहगे दामों पर बाजारों से बीज या खाद खरीदने की मजबूरी है। नगोई सहकारी समिति में खाद लेने आए किसान प्रदीप कुमार शास्त्री भी इस बार अच्छी फसल को लेकर आश्वस्त है। सरकारी मदद ने उनके उत्साह को और बढ़ा दिया है। श्री शास्त्री ने बताया कि वे 6 एकड़ में खेती किसानी करते है। समिति से खाद-बीज आसानी से मिल गया। बिना किसी लंबी कतार के उन्हें यूरिया, डीएपी, नैनो डीएपी मिला है। समय पर खाद बीज की उपलब्धता से उन्हें बड़ी मदद मिली है। यह खाद रियायती दर पर होने के साथ ही गुणवत्ता में भी बेहतर है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस बार बेहतर पैदावर होगी। कुछ इसी प्रकार की खुशी जाहिर करते हुए किसान श्री कालिका प्रसाद पाण्डेय ने बताया कि वे 4 एकड़ में खेती किसानी करते है। इस बार बारिश भी अच्छी हुई है और सरकार द्वारा समय पर खाद बीज उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि परिस्थितियां अनुकूल होने के कारण वे जोर-शोर से खेती किसानी में जुट गए है। इसी गांव के श्री राजेन्द्र प्रसाद गुरूदीवान ने बताया कि समिति से खाद बीज लेने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हो रही है। समिति द्वारा किसानों के लिए एक वाट्सअप ग्रुप बनाया गया है जिसमें सारी जानकारी मिल जाती है और वे समिति आकर खाद बीज ले लेते है। किसानों ने बताया कि उन्हें पीएम किसान सम्मान निधि, कृषक उन्नति योजना का भी लाभ मिल रहा है। किसानों ने कहा कि सरकारी मदद से खेती किसानी अब मुनाफे का सौदा बन गया है।

अपराध पर योगी का प्रहार: 8 वर्षों में यूपी में 30,000 अपराधी गिरफ्तार

लखनऊ  योगी सरकार की मजबूत कानून व्यवस्था देश ही नहीं विदेशों में भी सुर्खियों में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले आठ वर्षों में यूपी पुलिस जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराध और अपराधियों पर लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। यही वजह है कि यूपी पुलिस ने वर्ष 2017 से लेकर अब तक प्रदेश में कुल 30 हजार से ज्यादा अपराधियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया, जबकि मुठभेड़ के दौरान 9 हजार से ज्यादा अपराधियों को पैर में गोली लगी। यूपी पुलिस ने अपराधियों की धरपकड़ के लिए अब तक 14 हजार से अधिक कार्रवाई की, जिससे प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ। डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले आठ वर्षों में यूपी पुलिस द्वारा अपराधियों की धरपकड़ के लिए 14,973 कार्रवाई की गई। इस दौरान 30,694 अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पुलिस पर हमला करने वाले 9,467 अपराधियों के पैर में गोली लगी, जबकि 238 अपराधी मारे गए। प्रदेश में सबसे अधिक पश्चिम के मेरठ जोन में कार्रवाई की गई। यहां पर पुलिस ने 7,969 अपराधी गिरफ्तार किए, जबकि 2,911 घायल हुए। इसी तरह आगरा जोन में 5,529 अपराधी गिरफ्तार किए गए, जबकि 741 घायल हुए। वहीं, बरेली जोन में 4,383 अपराधी पकड़े गए और 921 घायल हुए। इसके अलावा वाराणसी जोन में 2,029 अपराधी अरेस्ट किए गए और 620 घायल हुए। डीजीपी ने बताया कि कमिश्नरेट में सबसे अधिक गौतमबुद्धनगर में 1,983 गिरफ्तार किए गए और 1,180 घायल हुए। गाजियाबाद कमिश्नरेट में 1,133 गिरफ्तार किए गए और 686 घायल हुए। इसके अलावा आगरा कमिश्नरेट में 1,060 अपराधी गिरफ्तार किए गए और 271 घायल हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की सत्ता संभालते ही सबसे पहला लक्ष्य प्रदेश में कानून का राज स्थापित करना और अपराधियों को नेस्तनाबूद करना रखा। उनकी स्पष्ट चेतावनी थी कि अपराधियों के लिए उत्तर प्रदेश में कोई जगह नहीं है। वे अपराध छोड़ दें या प्रदेश छोड़ दें। इस दिशा में उठाए गए सख्त कदमों ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को एक नई दिशा दी है। इसके लिए सीएम योगी ने न केवल पुलिस बल को अत्याधुनिक हथियारों और प्रशिक्षण से सुसज्जित किया, बल्कि उनके मनोबल को भी ऊंचा किया। पिछले आठ वर्षों की सख्त नीति और अभियान का ही नतीजा है कि आज उत्तर प्रदेश देश के सबसे सुरक्षित राज्यों में गिना जाने लगा है।