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भारिया, बैगा एवं सहरिया समुदाय के घरों के विद्युतीकरण के लिए 78 करोड़ 94 लाख रुपये का अनुमोदन

132 K.V. और उससे बड़ी लाईन बिछाने के लिए प्रतिपूर्ति राशि में वृद्धि करने की स्वीकृति भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम 2000 के नियम 17 एवं नियम 37 में संशोधन की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (PM-JANMAN) अंतर्गत प्रदेश में PVTG समूहों यथा भारिया, बैगा एवं सहरिया समुदाय के घरों के विद्युतीकरण के लिए विद्युत वितरण कंपनियों की अतिरिक्त कार्ययोजना द्वितीय चरण का अनुमोदन प्रदान किया गया है। स्वीकृति अनुसार प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (PM-JANMAN) के अंतर्गत अतिरिक्त 18 हजार 338 अविद्‌युतीकृत PVTG घरों के विद्युतीकरण के लिए विद्‌युत अधोसंरचना विस्तार के लिए लगभग 78 करोड़ 94 लाख रुपये की ‌द्वितीय चरण की कार्ययोजना की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस के लिए 60 प्रतिशत राशि 47 करोड़ 36 लाख रूपये केन्द्र शासन से अनुदान प्राप्त होगा व शेष 40 प्रतिशत राशि 31 करोड़ 58 लाख रुपये राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंशपूंजी के रूप में उपलब्ध कराई जायेगी। पीएम जनमन अन्तर्गत प्रदेश के 24 जिलों में निवासरत भारिया, बैगा एवं सहरिया समुदाय के अविद्युतीकृत घरों के विद्युतीकरण के लिये बसाहट वार पूर्व स्वीकृत सीमा एक लाख रूपये प्रति हाउसहोल्ड को बढ़ाकर 2 लाख रुपये प्रति हाउसहोल्ड किये जाने की स्वीकृति दी गई। विद्युत कंपनियों द्वारा 2 लाख रूपये प्रति हाउसहोल्ड तक आकलित लागत से विद्युतीकरण किया जायेगा। लागत अधिक होने की स्थिति में ऊर्जा विकास निगम द्वारा एक किलोवाट क्षमता का आफ ग्रिड सोलर पैनल और बैटरी लगाकर विद्युतीकरण किया जायेगा। 211 घरों का विद्युतीकरण आफ ग्रिड प्रणाली से किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (PM-JANMAN) के अंतर्गत प्रदेश में 3 PVTG जनजाति, यथा भारिया, बैगा एवं सहरिया समूहों के अविद्‌युतीकृत घरों का विद्युतीकरण किया जा रहा है। 11 मार्च, 2024 को संपन्न मंत्रि-परिषद बैठक में योजनांतर्गत प्रथम चरण में 10 हजार 952 घरों के विद्युतीकरण के लिए लगभग 65 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिसमें से 8 हजार 752 घरों को विद्युत कनेक्शन प्रदाय किये जा चुके हैं। 132 K.V. और उससे बड़ी लाईन बिछाने के कारण क्षतिपूर्ति राशि और क्षतिपूर्ति क्षेत्रफल में वृद्धि की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा अति उच्च दाब पारेषण 132 K.V. और उससे बड़ी लाईन बिछाने के लिए किसानों को दी जाने वाली मुआवजा/क्षतिपूर्ति राशि में वृद्धि करने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार टॉवर लगाने पर दी जाने वाली क्षतिपूर्ति राशि को 85 प्रतिशत से बढ़ाकर 200 प्रतिशत किया गया है साथ ही लाइन ट्रान्समिशन लाइन के ROW (Right of way) में आने वाली भूमि की क्षतिपूर्ति राशि को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया गया है। क्षतिपूर्ण क्षेत्रफल में टॉवर के चार पाए के अलावा सब तरफ 1-1 मीटर की अतिरिक्त वृद्धि की गयी है। भूमि का स्वामित्व किसान का ही रहेगा। टॉवर के बीच में और लाइन के नीचे की फसल किसान ले सकेगा। केवल तार के नीचे की जमीन 132 K.V. लाईन में 7 मीटर क्षतिपूर्ण क्षेत्रफल को बढाकर कारिडोर अनुसार 28 मीटर किया गया है। उसी तरह 220 K.V. लाईन 14 मीटर में वृद्धि कर कॉरीडोर अनुसार 35 मीटर किया गया है। इसके अतिरिक्त 400 K.V. लाईन के नीचे की जमीन का क्षतिपूर्ति क्षेत्रफल 52 मीटर निर्धारित किया गया है। बक्स्वाहा जिला छतरपुर में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड स्तर के लिए कुल 7 पदों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा बक्स्वाहा जिला छतरपुर में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड स्तर का एक नवीन पद व उनके अमले अंतर्गत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 06 पद, इस प्रकार कुल 07 नवीन पदों का सृजन के लिए 52 लाख 46 हजार रूपये प्रति वर्ष की स्वीकृति प्रदान की गयी है। भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम 2000 के नियम 17 एवं नियम 37 में संशोधन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम 2000 के नियम 17 एवं नियम 37 में संशोधन की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार भोपाल से बाहर स्थानांतरण होने की स्थिति में अधिकतम 06 माह तक की अवधि के लिए शासकीय सेवक सामान्य दर पर आवास धारित कर सकेगा। सेवानिवृत्त होने की स्थिति में शासकीय सेवक 06 माह तक आवास धारण कर सकेगा। सेवानिवृत्त शासकीय सेवक प्रथम 03 माह की अवधि के लिए आवंटित आवास सामान्य दर पर धारण कर सकेगा। उक्त अवधि के अवसान उपरांत पुनः आगामी 03 माह की अवधि के लिए किराया सामान्य दर से 10 गुना दर पर आवास धारण कर सकेगा। इसके उपरांत दाण्डिक दर से किराया वसूल किया जाएगा एवं बेदखली की कार्यवाही की जायेगी। पहले केवल 3 माह तक ही शासकीय आवास धारण करने की अनुमति थी। इसी तरह त्यागपत्र देने, सेवा से पृथक होने अथवा अन्य किन्ही कारणों से आवास रखने के लिए अनधिकृत होने पर 03 माह तक की अवधि के लिए शासकीय सेवक द्वारा सामान्य दर पर आवास धारित किया जा सकेगा। 03 माह की अवधि के अवसान पर नियमानुसार दाण्डिक किराया वसूल किया जाएगा एवं बेदखली की कार्यवाही की जायेगी। अनधिकृत आधिपत्य के लिये नियम 37 के तहत वेतनमान के आधार पर आवास की पात्रता और लायसेंस शुल्क की दरों का निर्धारण भी संशोधित किया गया है। दाण्डिक मासिक किराया 10 गुना से बढ़कर 30 गुना किया गया है। प्रति माह 10 प्रतिशत की उत्तरोत्तर वृद्धि की जायेगी। 

अयोध्या को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी और सस्टेनेबल सिटी के रूप में विकसित करने का लक्ष्य : मुख्यमंत्री

अयोध्या का विकास भव्यता, आस्था और आधुनिकता का संतुलित मॉडल बने अयोध्या विज़न 2047 के तहत आध्यात्मिक नगरी, ज्ञान नगरी, उत्सव नगरी और हरित नगरी के रूप में होगी पहचान वर्ष 2031 तक 24 लाख और 2047 तक 35 लाख की आबादी को ध्यान में रखकर सुनियोजित टाउनशिप, सड़कों और नागरिक सुविधाओं की योजना तैयार अयोध्या में 8,594 करोड़ रुपये के निवेश से 159 परियोजनाएं क्रियान्वित होने को तैयार मुख्यमंत्री का निर्देश, हर परियोजना पर्यावरणीय दृष्टि से सस्टेनेबल हो, सरयू नदी तट और हरित पट्टियों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए मुख्यमंत्री का निर्देश मिश्रित और औद्योगिक भूमि का दायरा बढ़ाएं सीवरेज ट्रीटमेंट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए नवाचारों को बढ़ावा देने और यथासंभव देसी मॉडल अपनाने पर जोर, पंचकोसी और 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर भी विविध गतिविधियों के लिए भूमि आरक्षित करने के निर्देश यातायात और आतिथ्य क्षेत्र के आधुनिकीकरण से तीर्थयात्रियों व पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी; बस-ट्रक अड्डों और पार्किंग का विकास होगा अनियोजित प्लाटिंग और बसावट पर रोक के निर्देश, बोले मुख्यमंत्री, सभी विकास कार्य योजना और नियमों के अनुरूप हों लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अयोध्या महायोजना 2031 से संबंधित प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए कहा कि अयोध्या का विकास भव्यता, आस्था और आधुनिकता तीनों का समन्वित रूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महायोजना का लक्ष्य अयोध्या को सुनियोजित, सुव्यवस्थित और सतत (सस्टेनेबल) विकास के साथ विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विकास कार्यों में अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक गरिमा और पर्यावरणीय संतुलन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। महायोजना के बिंदुओं पर विभागीय अधिकारियों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या विज़न 2047 के अंतर्गत अयोध्या को ग्लोबल आध्यात्मिक नगरी, ज्ञान नगरी, उत्सव नगरी, तीर्थ अनुकूल अवसंरचना, विविधीकृत पर्यटन, ऐतिहासिक सर्किट व हेरिटेज वॉक, हरित एवं सौर ऊर्जा आधारित नगरी  के रूप में आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महायोजना अयोध्या के सुनियोजित, सुव्यवस्थित और सस्टेनेबल विकास की आधारशिला बनेगी। बैठक में बताया गया कि अयोध्या महायोजना 2031 का उद्देश्य शहर को ग्लोबल स्पिरिचुअल एवं टूरिज़्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करना है। योजना के तहत अयोध्या विकास क्षेत्र को 18 जोनों में विभाजित कर संतुलित भूमि उपयोग सुनिश्चित किया गया है। प्रस्तावित 23.94 लाख की अनुमानित जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए 52.56 प्रतिशत भूमि आवासीय, 5.11 प्रतिशत वाणिज्यिक, 4.65 प्रतिशत औद्योगिक, 10.28 प्रतिशत सार्वजनिक उपयोग, 12.20 प्रतिशत परिवहन एवं 14.31 प्रतिशत हरित एवं खुले क्षेत्र के लिए नियोजित की गई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मिश्रित तथा औद्योगिक भूमि को बढ़ाया जाए, इसी प्रकार, पंचकोसी और 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर भी विविध गतिविधियों के लिए भूमि आरक्षित की जाए। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में अयोध्या की जनसंख्या लगभग 11 लाख है, जो 2031 तक लगभग 24 लाख और 2047 तक 35 लाख तक पहुंचने का अनुमान है। इसे ध्यान में रखते हुए नए आवासीय टाउनशिप, भव्य प्रवेश द्वार, बहुस्तरीय पार्किंग, 84 कोसी परिक्रमा मार्ग, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस मार्ग, रिंग रोड, एयरपोर्ट, टेंपल म्यूज़ियम, सौर ऊर्जा संयंत्र, होटल व आधुनिक नागरिक सुविधाएं महायोजना का हिस्सा हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सभी परियोजनाएं अयोध्या को स्मार्ट, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाएंगी। बैठक में बताया गया कि अयोध्या विकास क्षेत्र में 159 निवेश परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिनमें 8 हजार 594 करोड़ रुपये का निवेश होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का सड़क, रेल और वायु मार्ग से उत्कृष्ट संपर्क है। यातायात और आतिथ्य क्षेत्र (हॉस्पिटैलिटी सेक्टर) के आधुनिकीकरण से तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधा मिलेगी। आवश्यकता है कि लखनऊ, प्रयागराज, गोण्डा और अम्बेडकर नगर मार्ग की ओर बस और ट्रक अड्डों सहित पार्किंग का विकास किया जाए। मुख्यमंत्री ने महायोजना अंतर्गत  सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए भी भूमि आरक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीवरेज ट्रीटमेंट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए नवाचारों को बढ़ावा दें और यथासंभव देसी मॉडल को अपनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का विकास न केवल धार्मिक पर्यटन बल्कि आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी प्रेरक उदाहरण बने। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर परियोजना पर्यावरणीय दृष्टि से सस्टेनेबल हो तथा नदी सरयू के तटों और हरित पट्टियों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या आज केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का प्रतीक है। इसे ऐसे विकसित किया जाए कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए आस्था, सौंदर्य और समृद्धि का संगम बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के समय में अयोध्या में हो रहे बहुमुखी विकास को देखते हुए अनियोजित प्लाटिंग, बसावट भी देखने को मिल रही हैं। इसे रोका जाना चाहिए। जो कुछ भी हो योजना के अनुरूप और नियमों के अनुकूल होना चाहिए।

प्रशांत किशोर पर EC की नजर: डबल वोटर आईडी को लेकर नोटिस जारी

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के बीच जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर को निर्वाचन आयोग ने नोटिस भेज दिया है। आयोग ने पीके से दो वोटर आईडी रखने के मामले में जवाब मांगा है। प्रशांत किशोर का नाम पश्चिम बंगाल और बिहार, दोनों राज्यों की वोटर लिस्ट में शामिल है। चुनाव आयोग ने उनसे 3 दिन के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। रोहतास जिले की करगहर विधानसभा क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारी सह डीसीएलआर सासाराम की ओर से मंगलवार को यह नोटिस जारी किया गया। नोटिस में लिखा गया है कि एक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार प्रशांत किशोर का नाम बिहार और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों के निर्वाचक सूची में दर्ज है। उनका नाम बिहार में करगहर विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में है, जबकि पश्चिम बंगाल की भवानीपुर विधानसभा से भी वह मतदाता हैं। आयोग का कहना है कि लोक प्रतिनिधित्व कानून के अनुसार एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र में किसी एक व्यक्ति का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकता है। इन नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कानून के तहत एक साल की जेल या जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है। निर्वाची पदाधिकारी ने प्रशांत किशोर से तीन दिनों के भीतर इस पर जवाब आयोग के समक्ष पेश करने को कहा है। दूसरी ओर, जन सुराज पार्टी का कहना है कि प्रशांत किशोर जब पश्चिम बंगाल में रहते थे, तब उन्होंने अपना नाम वहां की मतदाता सूची में दर्ज कराया था। अब वे बिहार में रहते हैं और करहगर से उनका नाम वोट लिस्ट में है। पीके की ओर से पूर्व में ही पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची से अपना नाम हटाने का आवेदन कर दिया गया है।

जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र अब पूरी तरह ऑनलाइन

अक्टूबर 2023 के पूर्व जन्मे बच्चों के आधार कार्ड हेतु ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र की कोई बाध्यता नहीं रायपुर भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2023 में संशोधित ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया गया है, जिसके माध्यम से राज्य में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र ऑनलाइन बनाए जा रहे हैं। इस प्रकार, छत्तीसगढ़ राज्य में प्रत्येक जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र का ऑनलाइन बनाया जाना अनिवार्य किया गया है। उल्लेखनीय है कि जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में वर्ष 2023 में संशोधन किया गया है। संशोधन के अनुसार अक्टूबर 2023 के बाद जन्मे बच्चों की जन्म तिथि प्रमाणित करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र ही एकमात्र वैध आधार होगा। अर्थात, इस तिथि के पूर्व जन्मे बच्चों के मामलों में अन्य वैकल्पिक दस्तावेज भी जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में मान्य रहेंगे। परंतु अक्टूबर 2023 के बाद जन्मे बच्चों के लिए केवल जन्म प्रमाण पत्र ही तिथि प्रमाण का एकमात्र स्रोत होगा। राज्य में अप्रैल 2023 के बाद से जन्मे प्रत्येक बच्चे के लिए ऑनलाइन जारी जन्म प्रमाण पत्र को ही मान्य किया गया है। इस प्रकार स्पष्ट है कि अक्टूबर 2023 के पूर्व जन्मे बच्चों के जन्म तिथि प्रमाणन के लिए जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य नहीं है। उनके लिए अन्य दस्तावेज भी मान्य हैं। लेकिन अक्टूबर 2023 के बाद जन्मे बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र ही जन्म प्रमाण का एकमात्र आधार होगा। पूर्व में जिन बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र मैन्युअल पद्धति से जारी किया गया था, उनके लिए भी अब पोर्टल में ऑनलाइन प्रमाण पत्र बनाने का प्रावधान उपलब्ध है। इससे पुराने प्रमाण पत्र भी डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित किए जा सकेंगे। यह संज्ञान में आया है कि कुछ जिलों में केवल उन्हीं जन्म प्रमाण पत्रों के आधार पर आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं जिनमें क्यूआर कोड (QR Code) है। यह विषय संज्ञान में आने पर इस विषय में राज्य सरकार द्वारा सहायक प्रबंधक, UIDAI हैदराबाद से अनुरोध किया गया है कि वे राज्य के सभी आधार केंद्रों को उचित दिशा-निर्देश जारी करें।  यह भी उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में संशोधित पोर्टल के लॉन्च के बाद प्रारंभिक चरण में कुछ तकनीकी कठिनाइयाँ आई थीं, जिन्हें भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा समाधान कर दिया गया। साथ ही राज्य के सभी रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) को नए पोर्टल के संबंध में आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। आवश्यकता अनुसार जिला स्तर पर भी नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो रही है। राज्य में अप्रैल 2023 के बाद से सभी जन्म प्रमाण पत्र केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बनाए जा रहे हैं, और वर्तमान में पोर्टल पूरी तरह से तकनीकी रूप से सुचारू रूप से संचालित है।

दिल्ली में बादल तो बने, बारिश गायब! क्लाउड सीडिंग पर AAP का तंज– ‘सरकार की सीडिंग फुस्स’

नई दिल्ली  दिल्ली में आज दोपहर क्लाउड सीडिंग के कई ट्रायल किए गए. लेकिन रेखा सरकार का यह ट्रायल फिलहाल सवालों के घेरे में है. दो घंटे बीत जाने के बाद भी बारिश नहीं हुई है, जिस पर आप (AAP) ने दिल्ली सरकार पर निशाना साधा है. AAP ने इसे आर्टिफिशियल रेन के नाम पर फर्जीवाड़ा बताया है. क्लाउड सीडिंग के बाद अधिकारियों ने दावा किया था कि 15 मिनट से 4 घंटे के भीतर बारिश शुरू हो सकती है, लेकिन तीन घंटे बाद भी आसमान साफ नजर आ रहा है. AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने वीडियो बनाकर दिल्ली सरकार के इस ट्रायल पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने लिखा, 'बारिश में भी फर्ज़ीवाड़ा, कृत्रिम वर्षा का कोई नामुनिशान नहीं दिख रहा है. इन्होंने सोचा होगा देवता इंद्र करेंगे वर्षा. सरकार दिखाएगी खर्चा.'   'देवता इंद्र करेंगे वर्षा, सरकार दिखाएगी खर्चा' सौरभ भारद्वाज ने कहा, 'इंद्र देवता भी सरकार का साथ नहीं दे रहे. कल शाम को थोड़ी बहुत बारिश हो भी रही थी लेकिन अब तो जो थोड़े बहुत बादल दिख रहे थे, वो भी चले गए.' दिल्ली में हुआ ट्रायल बता दें कि राजधानी दिल्ली में आज क्लाउड सीडिंग का सफल ट्रायल किया गया. अब इसके तीन ट्रायल हो चुके हैं. इसके लिए IIT कानपुर के Cessna एयरक्राफ्ट ने मेरठ से उड़ान भरी और खेकरा, बुराड़ी, नार्थ करोल बाग, मयूर विहार, सड़कपुर और भोजपुर जैसे इलाकों में क्लाउड सीडिंग का ट्रायल किया. इस दौरान पायरो तकनीक का उपयोग करते हुए 8 क्लाउड सीडिंग फ्लेयर्स छोड़े गए.  मंत्री सिरसा ने दी क्लाउड सीडिंग की जानकारी दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिरसा ने इस बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि 8 फ्लेयर्स को यूज किया गया. एक फ्लेयर 2.5 kg की है और लगभग दो से ढाई मिनट तक चलती है. इस पूरे प्रोसेस में आधा घंटा लगा था. इस ट्रायल के बाद बाहरी दिल्ली के इलाकों में हल्की बूंदाबांदी के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई थी. लेकिन यह बादलों में नमी पर निर्भर करता है. फिलहाल नमी कम है, क्योंकि दिल्ली में मौसम विभाग द्वारा अनुमानित तापमान सामान्य से 3 डिग्री कम है. 

छल-कपट से दूर रहें अफसर— तेजस्वी यादव का चुनाव आयोग को कड़ा संदेश

पटना  राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और महागठबंधन (एमजीबी) के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी प्रसाद यादव ने आरोप लगाया है कि विपक्षी महागठबंधन के मजबूत बूथों पर मतदान को धीमा (स्लो वोटिंग) करने की साजिश चल रही है। उन्होंने कहा कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर अफसरों को आदेश दिया जा रहा है कि जिन बूथों पर 60 फीसदी से ज्यादा वोट पड़ा था, जहां-जहां महागठबंधन का मजबूत बूथ है, वहां स्लो पोलिंग कराई जाए। उन्होंने चुनाव कार्य में लगे अफसरों से अपील की है कि वो छल, कपट, बेईमानी से दूर रहें और संविधान के अनुसार न्याय के साथ काम करें। तेजस्वी ने पटना में मंगलवार की शाम महागठबंधन का चुनाव घोषणा पत्र ‘तेजस्वी प्रण’ जारी करते हुए कहा- “पहली बार बिहार में 1500 कंपनियां सेंट्रल फोर्स की लगाई जा रही हैं। हमको पता है कि वीसी करके दो-तीन दिन पहले क्या-क्या आदेश दिया गया है। ये हमें अच्छे से पता है, हमारे संज्ञान में है। मैं बड़े विनम्रता से सभी अधिकारियों से कहना चाहूंगा कि जिन लोगों ने भी संविधान की शपथ ली है, बिहार को उपनिवेश बनने मत दीजिए। किसी के बात को आप लागू नहीं करिए, तानाशाही नहीं कीजिए, बेईमानी मत कीजिए, वोट की चोरी मत कीजिए।”   उन्होंने कहा- “इस बार बिहार की जनता, महागठबंधन के लोग सजग हैं। वीसी में आदेश आया है कि जहां भी 60 फीसदी से ज्यादा वोट बूथ पर पड़े हैं, जहां-जहां महागठबंधन का मजबूत बूथ है, वहां स्लो पोलिंग कराई जाए। हम इस बार मुस्तैद हैं। महागठबंधन का एक-एक सिपाही और बिहार के लोग बूथ के आसपास रहेंगे और पूरा वीडियोग्राफी करेंगे। छल, कपट, तानाशाही की नीति बिहार की जनता इस बार चलने नहीं देगी। अपने-अपने वोट की रक्षा करेगी और बेईमानी हरगिज नहीं होने देगी।”  

दिल्ली में केजरीवाल की अग्निपरीक्षा: 3 झटकों के बाद अब 12 सीटों पर साख दांव पर

नई दिल्ली  दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने के 8 महीने बाद पार्टी को पहली चुनावी परीक्षा का सामना करना होगा। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) के लिए भी यह नाक की लड़ाई होगी। दरअसल, दिल्ली नगर निगम के 12 वार्डों में उपचुनाव की घोषणा राज्य चुनाव आयोग ने कर दी है। 30 नवंबर को चुनाव होंगे और मतों की गिनती 3 दिसंबर को होगी। निगम के 12 वार्डों के उपचुनाव में हार-जीत से सदन की सरकार भले ही ना बदले लेकिन भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के बीच यह नाक की लड़ाई जरूर होगी। वहीं कांग्रेस के पास भी अपनी स्थिति बेहतर करने का मौका होगा। इस चुनाव को सबसे अहम 'आप' के लिए माना जा रहा है, जिसे अपने सबसे बड़े गढ़ में लगातार तीन बड़े झटकों का सामना करना पड़ा है। पहले 2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस से गठजोड़ के बावजूद पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई तो इस साल की शुरुआत में उसे विधानसभा की सत्ता भी गंवानी पड़ी। बात यहीं खत्म नहीं हुई और आपसी फूट की वजह से निगम की सरकार भी हाथ से चली गई। ऐसे में अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली पार्टी पूरी ताकत झोंककर दमदार तरीके से वापसी करना चाहेगी। इन मुद्दों पर लड़ा जाएगा चुनाव यह चुनाव दिल्ली नगर निगम के कामकाज के ऊपर और दिल्ली में कूड़े व कचरे के निस्तारण, बाजारों में सफाई व्यवस्था समेत अन्य मुद्दों पर चुनाव लड़ा जाएगा। इसके अलावा तीनों लैंडफिल साइट में स्थित वर्षों पुराने कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने के मुद्दें पर भी चुनाव में अहम भूमिका निभाएगा। इसके अतिरिक्त सभी निगम के 12 जोन के 250 वार्डों में सप्ताह विभिन्न बार कूड़ा एकत्रित करने के लिए आने वाले ऑटो टिप्पर के मुद्दे भी स्थानीय स्तर पर अहम है। सड़क किनारे मलबा डालने, निगम की सभी सेवाएं जैसे स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस, फैक्ट्री लाइसेंस की प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे, सीलिंग जैसे मुद्दे व्यापारियों के लिए अहम है। अभी सदन में 238 सदस्य हैं निगम के सदन में कुल 250 पार्षदों में से अभी 238 पार्षद सदन के सदस्य हैं। इसमें भाजपा के 117 पार्षद, आम आदमी पार्टी के 99 पार्षद, इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (आईवीपी) के 15 पार्षद और कांग्रेस के 7 पार्षद हैं। सदन में बहुमत के लिए कुल 126 सदस्य चाहिए होते हैं। अभी मौजूदा समय में आईवीपी, भाजपा को बाहर से समर्थन कर रही है। इन वार्ड पर होंगे उपचुनाव मुंडका, शालीमार बाग बी, अशोक विहार, चांदनी चौक, चांदनी महल, द्वारका बी, दिचाऊं कलां, नारायणा, संगम विहार-ए, दक्षिण पुरी, ग्रेटर कैलाश और विनोद नगर में उपचुनाव होंगे। इन सभी 11 वार्डों के पार्षद फरवरी 2025 के विधानसभा चुनाव में विधायक का चुनाव जीत गए थे। जिसके बाद यह 12 वार्ड खाली हो गए हैं। विधानसभा चुनाव में भाजपा के आठ विधायक जीते थे। जबकि चांदनी चौक, चांदनी महल और दक्षिणपुरी से आम आदमी पार्टी के पार्षद विधानसभा चुनाव जीते थे। भाजपा की द्वारका बी वार्ड से पार्षद रहीं कमलजीत सहरावत वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव में पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीट से सांसद का चुनाव जीती थीं। जिसके बाद से यह वार्ड खाली है। यह है वार्डों की स्थिति शालीमार बाग-बी ( वार्ड संख्या 56), अशोक विहार (वार्ड संख्या 65) , द्वारका-बी (वार्ड संख्या 120) , ढिचाऊं कलां (वार्ड संख्या 128) और ग्रेटर कैलाश (वार्ड संख्या 173) महिला वार्ड हैं। मुंडका (वार्ड संख्या 25), चांदनी चौक (वार्ड संख्या 74), चांदनी महल (76), नारायणा (वार्ड संख्या 139) , संगम विहार-ए (वार्ड संख्या 163) , विनोद नगर ( वार्ड संख्या 198) सामान्य वार्ड और दक्षिण पुरी (वार्ड संख्या 64) अनुसूचित जाति (एससी) वार्ड है। इन वार्डों में सत्ता पक्ष को मजबूती शालीमार बाग-बी वार्ड से वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पार्षद का चुनाव जीती थीं। इस वर्ष दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में शालीमार बाग विधानसभा से जीत दर्ज कर वह विधायक बनी थी। इसके मुंडका, अशोक विहार, द्वारका बी, दिचाऊं कलां, नारायणा, संगम विहार-ए, ग्रेटर कैलाश और विनोद नगर में भाजपा के पार्षद रह चुके हैं। इन कारणों से इन वार्डों में सत्ता पक्ष ने मजबूती की उम्मीद जताई है। हालांकि, दिल्ली में कूड़े के निस्तारण और अवैध रूप से फैंके जा रहे कूड़े के मुद्दे, सीलिंग के मुद्दे पर सत्ता पक्ष को विपक्ष घेर सकता है। कई कार्यों से हम चुनाव जीतेंगे: योगेश वर्मा सत्ता पक्ष से निगम के केशवपुरम वार्ड से पार्षद और निगम की शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा ने कहा कि हम चुनाव की घोषणा का स्वागत करते हैं। सितंबर महीने में दिल्ली के नागरिकों के लिए ग्रेटर कैलाश, पंजाबी बाग में नई मल्टी लेवल कार पार्किंग को शुरू किया। इसके अलावा रिहायशी इलाकों में स्पा सेंटरों को संचालन न करने समेत कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। गोयला डेयरी समेत कई स्थानों पर बायोगैस सीएनजी प्लांट जैसे कार्य शुरू हो गए। इन सब कार्यों को लेकर हमें उम्मीद है कि हम मजबूती से सभी वार्डों में चुनाव की जीत दर्ज करेंगे।  

UP में IAS अफसरों की बड़ी अदला-बदली, कई जिलों के DM बदले — देखें पूरी लिस्ट

लखनऊ  यूपी में एक बार फिर तबादला एक्सप्रेस चली है। बड़े पैमाने पर आईएएस अफसरों के तबादले किए गए हैं। 46 अधिकारियों को इधर से उधर कर दिया गया है। कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है। तीन मंडलायुक्त और दस जिलों के डीएम बदले गए हैं। मिर्जापुर (विंध्याचल) सहारनपुर और मेरठ के कमिश्नर बदल दिए गए हैं। हाथरस, सीतापुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, चित्रकूट, कौशांबी, बलरामपुर, ललितपुर, श्रावस्ती, रामपुर के जिलाधिकारियों को बदल दिया गया है। वाराणसी के तैनात चार आईएएस अफसरों की जिम्मेदारियों को बदला गया है। मुख्य विकास अधिकारी, विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, नगर आयुक्त और एडीएम फाइनेंस को बदला गया है। 1. अभी तक विंध्याचल के मंडलायुक्त रहे श्री बाल कृष्ण त्रिपाठी को सामान्य प्रशासन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन में सचिव बनाया गया है। 2. महानिदेशक मत्स्य राजेश प्रकाश अब विन्ध्याचल के मंडलायुक्त होंगे। 3. उ०प्र० राज्य मानवाधिकार आयोग की सचिव श्रीमती धनलक्ष्मी के० को महानिदेशक, मत्स्य, उत्तर प्रदेश बनाया गया है। 4. महानिदेशक, सार्वजनिक उद्यम, उत्तर प्रदेश संजय कुमार को वर्तमान पद के साथ सचिव, उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग के पद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 5.प्रबंध निदेशक, उ०प्र० राज्य विद्युत उत्पादन निगम तथा प्रबंध निदेशक, उ०प्र० पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लिमिटेड डा० रूपेश कुमार को अब मंडलायुक्त, सहारनपुर बनाया गया है। 6. मंडलायुक्त, सहारनपुर अटल कुमार राय को सचिव, गृह विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 7. सचिव, राजस्व विभाग, उ०प्र० शासन, राहत आयुक्त तथा चकबंदी आयुक्त भानु चन्द्र गोस्वामी अब मंडलायुक्त, मेरठ होंगे। 8. मंडलायुक्त, मेरठ डा० हृषिकेश भास्कर याशोद को सचिव, राजस्व विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, राहत आयुक्त, उत्तर प्रदेश एवं चकबंदी आयुक्त, उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई है। 9. मुख्य कार्यपालक अधिकारी, उ०प्र० राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण मयूर माहेश्वरी को प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम तथा प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लिमिटेड बनाया गया है। 10.सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग विजय किरन आनंद को वर्तमान पद के साथ मुख्य कार्यपालक अधिकारी, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण, प्रभारी एनआरआई सेल एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, लीडा के पद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 11.जिलाधिकारी, हाथरस राहुल पाण्डेय को विशेष सचिव, राज्य कर विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 12. उपाध्यक्ष, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण अतुल वत्स को जिलाधिकारी, हाथरस बनाया गया है। 13. जिलाधिकारी, ललितपुर अमनदीप डुली को अपर आयुक्त, मनरेगा, उत्तर प्रदेश बनाया गया है। 14. मुख्य विकास अधिकारी, वाराणसी हिमांशु नागपाल को नगर आयुक्त, वाराणसी बनाया गया है। 15. मुख्य विकास अधिकारी, अलीगढ एवं संभागीय खाद्य नियंत्रक, अलीगढ प्रखर कुमार सिंह को मुख्य विकास अधिकारी, वाराणसी बनाया गया है। 16.उपनिदेशक, मंडी परिषद, लखनऊ योगेन्द्र कुमार को मुख्य विकास अधिकारी, अलीगढ एवं संभागीय खाद्य नियंत्रक, अलीगढ बनाया गया है। 17. जिलाधिकारी, सीतापुर अभिषेक आनंद को विशेष सचिव, आबकारी विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 18.जिलाधिकारी, सिद्धार्थ नगर राजागणपति आर० को जिलाधिकारी सीतापुर बनाया गया है। 19. विशेष सचिव, राज्य कर विभाग, उत्तर प्रदेश शासन श्रीमती कृत्तिका ज्योत्सना को जिलाधिकारी, बस्ती बनाया गया है। 20.जिलाधिकारी, बस्ती रवीश गुप्ता को प्रबंध निदेशक, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम, मेरठ बनाया गया है। 21.प्रबंध निदेशक पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम, मेरठ श्रीमती ईशा दुहन को प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड बनाया गया है। 22.प्रबंध निदेशक, उ०प्र० सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड कुमार विनीत को विशेष सचिव, युवा कल्याण एवं खेल विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 23.जिलाधिकारी, चित्रकूट शिवशरणप्पा जीएन को जिलाधिकारी, सिद्धार्थ नगर बनाया गया है। 24.उपाध्यक्ष, वाराणसी विकास प्राधिकरण पुलकित गर्ग को जिलाधिकारी, चित्रकूट बनाया गया है। 25.मुख्य विकास अधिकारी, बिजनौर पूर्ण वोहरा को उपाध्यक्ष, वाराणसी विकास प्राधिकरण बनाया गया है। 26.अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), गाजियाबाद रणविजय सिंह को मुख्य विकास अधिकारी, बिजनौर बनाया गया है। 27.नगर आयुक्त, वाराणसी अक्षत वर्मा को विशेष सचिव, नियोजन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 28.नगर आयुक्त, फिरोजाबाद एवं उपाध्यक्ष, फिरोजाबाद शिकोहाबाद विकास प्राधिकरण ऋषि राज को उपाध्यक्ष, प्रयागराज विकास प्राधिकरण बनाया गया है। 29.मुख्य विकास अधिकारी, कुशीनगर श्रीमती गुंजन द्विवेदी को नगर आयुक्त, फिरोजाबाद तथा उपाध्यक्ष, फिरोजाबाद-शिकोहाबाद विकास प्राधिकरण बनाया गया है। 30.अपर जिलाधिकारी (फाइनेंस), वाराणसी सुश्री वंदिता श्रीवास्तव को मुख्य विकास अधिकारी, कुशीनगर बनाया गया है। 31.जिलाधिकारी, कौशाम्बी मधुसूदन हुल्गी को विशेष सचिव, मा० मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 32.उपाध्यक्ष, प्रयागराज विकास प्राधिकरण अमित पाल को जिलाधिकारी, कौशाम्बी बनाया गया है। 33.मुख्य विकास अधिकारी, रामपुर नन्द किशोर कलाल को उपाध्यक्ष, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण बनाया गया है। 34.अपर जिलाधिकारी (वि/रा), अयोध्या महेन्द्र कुमार सिंह को मुख्य विकास अधिकारी, रामपुर बनाया गया है। 35.जिलाधिकारी, बलरामपुर पवन अग्रवाल को विशेष सचिव, गृह विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 36.विशेष सचिव, मा० मुख्यमंत्री, उ०प्र० शासन विपिन कुमार जैन को जिलाधिकारी, बलरामपुर बनाया गया है। 37.विशेष कार्याधिकारी, कुम्भ मेला प्राधिकरण सुश्री आकांक्षा राणा को नगर आयुक्त, नगर निगम, झांसी बनाया गया है। 38.नगर आयुक्त, नगर निगम, झांसी सत्य प्रकाश को जिलाधिकारी, ललितपुर बनाया गया है। 39.विशेष सचिव, आबकारी विभाग देवेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा को विशेष सचिव, रेशम विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 40.उपाध्यक्ष, अयोध्या विकास प्राधिकरण अश्विनी कुमार पाण्डेय को जिलाधिकारी, श्रावस्ती बनाया गया है। 41.जिलाधिकारी, श्रावस्ती अजय कुमार द्विवेदी को जिलाधिकारी, रामपुर बनाया गया है। 42.जिलाधिकारी, रामपुर जोगिंदर सिंह को विशेष सचिव, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 43.मुख्य विकास अधिकारी, महाराजगंज अनुराज जैन को उपाध्यक्ष, अयोध्या विकास प्राधिकरण बनाया गया है। 44. अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), मुरादाबाद श्री गुलाब चन्द्र को मुख्य विकास अधिकारी, महाराजगंज बनाया गया है। 45.मुख्य विकास अधिकारी, अमेठी सूरज पटेल को मुख्य कार्यपालक अधिकारी, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद बनाया गया है। 46.संयुक्त निदेशक, मंडी परिषद, लखनऊ सचिन कुमार सिंह को मुख्य विकास अधिकारी, अमेठी बनाया गया है।

सभी एलोपैथिक दवा निर्माताओं पर हरियाणा सरकार की एडवाइजरी, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

चंडीगढ़ हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा सभी एलोपैथिक दवा निर्माताओं को रिस्की-सॉल्वेंट्स बारे एडवाइजरी जारी की गई है। लगातार जांच की जा रही है और निर्धारित मानकों में कमी पाए जाने पर दवा निर्माताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने हरियाणा सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना भी की। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव चंडीगढ़ से वर्चुअली मीटिंग के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दे रही थी। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव डा. आर. एस. ढिल्लो, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के आयुक्त डा. मनोज कुमार , स्टेट ड्रग कंट्रोलर ललित कुमार गोयल और असिस्टेंट स्टेट ड्रग कंट्रोलर श्री राकेश दहिया भी उपस्थित थे। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में सभी एलोपैथिक दवा निर्माताओं को रिस्की-सॉल्वेंट्स (प्रोपीलीन ग्लाइकोल, ग्लाइकोल और ग्लिसरीन आदि) की खरीद, स्टॉक और उपयोग के संबंध में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा संबंधित सॉल्वेंट्स के सत्यापन के लिए पहले ही निरीक्षण शुरू कर दिए गए थे। अब तक 37 निरीक्षण किए गए हैं और 54 नमूने लेकर परीक्षण के लिए भेजे गए  

अब नहीं देना पड़ेगा टोल टैक्स! पंजाब का ये टोल प्लाज़ा हो रहा है बंद

पंजाब  पंजाब वासियों के लिए एक और गुड न्यूज सामने आई है। जानकारी के अनुसार पंजाब सरकार ने जगराओं–नकोदर रोड के टोल प्लाजा को बंद करने का निर्णय लिया है। यह फैसला 15 मई 2027 तक की टोल की तय समय से करीब डेढ़ साल पहले लागू होगा। इसके बाद यह पंजाब का 19वां टोल प्लाजा होगा जिसे बंद किया जा रहा है। सरकार ने बताया कि संबंधित टोल का संचालन रोकने की औपचारिक नोटिफिकेशन जारी कर दी गई है और अब इस मार्ग पर वाहन चालकों से कोई टोल नहीं लिया जाएगा। बता दें कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में आम आदमी पार्टी की सरकार ने अब तक 18 टोल प्लाजा बंद कर चुकी है। इस कदम से लोगों को यात्रा में सुविधा मिलेगी और परिवहन लागत में कमी आएगी। राज्य सरकार के अनुसार, पहले ये टोल प्लाजा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर संचालित थे। अब इन सड़कों की देखरेख और रखरखाव सरकार के अधीन रहेगा। आंकड़ों के मुताबिक पहले 18 टोल प्लाजा से वार्षिक संग्रह लगभग ₹222 करोड़ रुपये होता था। अब यह राशि जनता को सीधी राहत के रूप में लाभ पहुंचाएगी।