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पाकिस्तान कनेक्शन उजागर! पंजाब में ड्रग्स-हथियार तस्करी नेटवर्क ध्वस्त, पाँच दबोचे गए

अमृतसर  खुफिया जानकारी के आधार पर, अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने पाकिस्तान से जुड़े एक हथियार और नार्को नेटवर्क का भंडाफोड़ किया और 5 लोगों को गिरफ्तार किया। उनके पास से छह आधुनिक पिस्तौल (पांच .30 बोर और एक ग्लॉक 9 एमएम) और 1 किलो 10 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। यह जानकारी पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने साझा की। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी सोशल मीडिया और ड्रोन के ज़रिए पाकिस्तान स्थित संचालकों के संपर्क में थे और पंजाब में अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की आपूर्ति और वितरण का समन्वय करते थे। डीजीपी ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ छेहरटा पुलिस स्टेशन और कैंटोनमेंट पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई हैं। संचालकों की पहचान करने और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच जारी है। 

भोपाल में राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी 18 नवम्बर से

विभिन्न प्रदेशों के 900 विद्यार्थी एवं शिक्षक विज्ञान मॉडल का करेंगे प्रदर्शन भोपाल  भोपाल में 18 नवम्बर से 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का आयोजन राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, श्यामला हिल्स, भोपाल में किया जा रहा है। प्रदर्शनी के आयोजन में स्कूल शिक्षा विभाग सहभागिता कर रहा है। प्रदर्शनी में 35 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के लगभग 900 विद्यार्थी एवं शिक्षक विज्ञान पर केन्द्रित प्रोजेक्ट एवं मॉडल प्रदर्शित करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी में विज्ञान के प्रति रुचि पैदा करना और वैज्ञानिक विचार विकसित करना है। इस कार्यक्रम में देश के समस्त प्रदेश एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के स्कूली विद्यार्थी शामिल होंगे। बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में प्रतिदिन प्रात: 9 बजे से विभिन्न वैज्ञानिक संस्थाओं जैसे आंचलिक विज्ञान केन्द्र, आईसर, मैनिट, आईसेक्ट एवं ग्लोबल स्किल पार्क के वैज्ञानिक सहभागी विद्यार्थियों के साथ वैज्ञानिक वार्ता में विशेष व्याख्यान देंगे। इसके बाद 30 मिनट विद्यार्थियों के साथ प्रश्नोत्तरी भी होगी। प्रदर्शनी में शाम को प्रतिदिन विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। विभिन्न राज्यों से आये विद्यार्थियों को राजधानी भोपाल के आसपास ऐतिहासिक स्थलों, संग्रहालयों, विज्ञान केन्द्र, शिल्प केन्द्र आदि का भ्रमण भी कराया जायेगा। भोपाल में 6 दिवसीय प्रदर्शनी का समापन 23 नवम्बर को दोपहर 3:30 बजे होगा।  

निशांत कुमार का बड़ा बयान: जनता का भरोसा फिर जीतेंगे नीतीश

पटना बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के परिवार के सदस्यों की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने जीत का श्रेय मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार की 20 साल की मेहनत को दिया और आशीर्वाद के लिए जनता का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने रविवार को कहा, "यह बिहार की जनता का आशीर्वाद और समर्थन है। मेरे पिता ने पिछले 20 सालों में जो कड़ी मेहनत की है, उसका फल मिला है, इसके लिए जनता का धन्यवाद करते हैं।" उन्होंने कहा, "मैं बिहार की जनता का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने एक बार फिर मेरे पिता पर भरोसा जताया और उन्हें यह जीत दिलाई। पूरी उम्मीद होगी कि पिताजी जनता के विश्वास पर खरा उतरें और पहले जो विकास किया है, उसको जारी रखें।" मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बड़े भाई सतीश कुमार ने आईएएनएस से कहा, "बहुत कुछ किया गया है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। उनके दिमाग में सब कुछ योजनाबद्ध है, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित हैं। वे बिहार के लिए और भी बहुत कुछ करेंगे। जब एक और कार्यकाल पूरा होगा, तो आप बिहार को चमकते हुए देखेंगे।" इससे पहले, बिहार चुनाव में जीत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उनसे मिले सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने जनता को भरोसा दिया कि सबके सहयोग से बिहार और आगे बढ़ेगा व बिहार देश के सबसे ज्यादा विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा। गौरतलब है कि 243 सदस्यी बिहार विधानसभा में एनडीए ने चुनाव के दौरान 202 सीटों पर जीत हासिल की। एनडीए के घटक दलों में शामिल भाजपा को सबसे अधिक 89 सीटें मिली, जबकि 85 सीटें जीतकर जदयू राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी। इसके अलावा, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 19, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को पांच और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को चार सीटों पर विजय प्राप्त हुई।

एसआईआर के कार्य को गंभीरता के साथ चुनावी मोड पर करें: आयोग निदेशक श्रीमती सक्सेना

भारत निर्वाचन आयोग की निदेशक श्रीमती सक्सेना और सचिव श्री विनोद कुमार ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ की बैठक जल्द से जल्द डिजिटलाइजेशन का कार्य पूरा करने के दिए निर्देश भोपाल  भारत निर्वाचन आयोग की निदेशक श्रीमती शुभ्रा सक्सेना एवं सचिव श्री विनोद कुमार ने रविवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एवं सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों और अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी बने नगर निगम के कमिश्नर के साथ वर्चुअल बैठक की। इस दौरान प्रदेश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 के प्रगति की जिलेवार समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आयोग की निदेशक श्रीमती शुभ्रा सक्सेना ने कहा कि एसआईआर के कार्य को सभी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गंभीरता से लें। चुनावी मोड पर कार्य करें। लापरवाही न करें। बैठक के दौरान आयोग की निदेशक श्रीमती सक्सेना ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं को बांटे जा रहे गणना पत्रक, मैपिंग और डिजिटलाइजेशन के कार्य की समीक्षा की और बेहतर कार्य करने वाले जिलों की प्रशंसा की। सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी कमिश्नर नगर पालिक निगम को जल्द से जल्द डिजिटलाइजेशन का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि सभी जिले कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। प्रत्येक दिन बीएलओ के कार्य की समीक्षा करें और बीएलओ से स्वयं संवाद करें एवं कार्य में आ रही कठिनाइयों का त्वरित निदान करें। सहयोग के लिए वालेंटियर्स को लगाएं। कलेक्टर मैदानी स्तर पर जाकर एसआईआर कार्य की प्रगति देखें। आयोग द्वारा प्रतिदिन आपके कार्य की निगरानी और समीक्षा की जा रही है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने सभी कलेक्टर्स को जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाकर प्रतिदिन समीक्षा और मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 10% से अधिक गणना पत्रक के डिजिटलाइजेशन के कार्य का लक्ष्य तय करें। एक सप्ताह के अंदर सभी कार्य पूरा करें। बैठक के दौरान संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री रामप्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजय श्रीवास्तव, श्रीमती सुरभि तिवारी, श्री राजेश यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।  

गौ-अभयारण्य के विकास से जुड़े निर्माण कार्य समय पर पूरा करें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

बसामन मामा गौ-अभयारण्य का किया भ्रमण भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने बसामन मामा गौ-अभयारण्य का भ्रमण किया और गौ-अभयारण्य में गायों की सेवा के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने गौवंश की सेवा करते हुए गायों को गुड़ और चना खिलाया तथा गौ पूजा की। गौशाला के प्रशासनिक भवन में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बसामन मामा गौ-अभयारण्य प्रदेश का पहला गौ-अभयारण्य है। इसमें लगभग आठ हजार गौवंश को आश्रय दिया गया है। इसके विकास से जुड़े निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा में पूरे कराएं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल नेकहा कि गौ-अभयारण्य निराश्रित और असहाय गायों को आश्रय देने के साथ गोबर से खाद तथा अन्य उत्पाद बनाने के केन्द्र के रूप में भी विकसित हो रहा है। गायों को ठंड से बचाने के लिए भी समुचित प्रबंध करें। पशु चिकित्सक नियमित रूप से गायों के स्वास्थ्य की जाँच करें। बैठक में पूर्व विधायक श्री के.पी. त्रिपाठी, रेडक्रॉस समिति के अध्यक्ष डॉ. प्रभाकर चतुर्वेदी, एसडीएम सिरमौर दृष्टि जायसवाल, सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक डॉ. राजेश मिश्रा तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।  

UP में घुसपैठ की कोशिश नाकाम: नेपाल सीमा से चोरी-छुपे आए दो संदिग्ध दबोचे गए

बहराइच  भारत-नेपाल सीमावर्ती बहराइच जिले के रूपईडीहा सीमा पर शनिवार को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और पुलिस के जवानों ने नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर रहे ब्रिटिश पासपोर्ट धारक एक महिला और एक पुरुष डॉक्टर को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए ब्रिटिश नागरिक डॉक्टर हसन अमान सलीम पाकिस्तानी मूल का है, जबकि महिला डॉक्टर सुमित्रा शकील ओलिविया भारतीय मूल की है।  एसएसबी की 42वीं वाहिनी के सेनानायक गंगा सिंह उदावत ने मीडिया से बताया, ‘‘दिल्ली विस्फोट को लेकर सीमा पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। इसी क्रम में शनिवार सुबह करीब 10 बजे नेपाल से भारत में प्रवेश कर रही एक महिला और पुरुष को रोका गया। उनकी पहचान और अभिलेखों की जांच की गई, जिससे पता चला कि दोनों ब्रिटिश नागरिक हैं और भारत में प्रवेश के लिए उनके पास वैध वीजा नहीं है।'' उन्होंने कहा, ‘‘प्रारंभिक पूछताछ में दोनों भारत में आने का संतोषजनक जवाब देने में असफल रहे।'' सेनानायक ने बताया कि पकड़ा गया डॉक्टर हसन अमान सलीम (35) पाकिस्तानी मूल का है और उसका वर्तमान पता ब्रिटेन स्थित 1ए डलमॉर्टन रोड, मैनचेस्टर है।  उन्होंने बताया कि महिला डॉक्टर सुमित्रा शकील ओलिविया (61) मूल रूप से कर्नाटक के उडुपी की निवासी हैं और ब्रिटिश पासपोर्ट धारक हैं। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि वे पेशे से डॉक्टर हैं और नेपालगंज (नेपाल) स्थित एक अस्पताल के बुलावे पर नेपालगंज आए थे। हालांकि, नेपाल से भारत आने के संबंध में वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उन्हें रूपईडीहा पुलिस के हवाले कर दिया गया है। बहराइच के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रामनयन सिंह के कार्यालय से जारी सूचना के अनुसार, दोनों ब्रिटिश डॉक्टरों के खिलाफ पासपोर्ट अधिनियम 1967 की धारा 14ए के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जा रहा है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।   

जनसंपर्क विभाग द्वारा राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर विचार गोष्ठी का आयोजन

विश्वसनीयता मीडिया की सबसे बड़ी ताकत रायपुर राष्ट्रीय प्रेस दिवस के मौके पर आज जनसंपर्क संचालनालय में  विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस विचार गोष्ठी में संपादकों, वरिष्ठ पत्रकारों और जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए। वरिष्ठ संपादक जयप्रकाश मिश्रा ने कहा कि कुछ लोग अपने हितों को सुरक्षित रखने के लिए भ्रामक सूचनाओं को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ एक ही तरह की भ्रामक सामग्री को भेजते हैं, जिससे उसका एल्गोरिदम बढ़ जाता है और पाठक भ्रमित होकर उसे सच मान बैठता है। उन्होंने दिल्ली मेट्रो का उदाहरण देते हुए कहा कि श्रीधरन जी जब भी मेट्रो में किसी तरह की रूकावट आती थी तब तुरंत ही सूचना प्रचार माध्यमों में समाचार जारी कर तकनीकी त्रुटि को ठीक करने में लगने वाला संभावित समय भी बता देते थे। जब सही और गुणवत्तापूर्ण सूचनाएं आगे बढ़ती हैं तो भ्रामक सूचनाएं ठहर नहीं पाती।  संपादक श्री रवि भोई ने कहा कि खबरों की सच्चाई अहम है इससे समझौता नहीं करना चाहिए। भले ही समय लगता हो लेकिन पुष्टि के पश्चात ही खबरे प्रसारित करना चाहिए। संपादक श्री एएन द्विवेदी ने कहा कि सूचनाओं की गुणवत्ता और उनके प्रसारण से पड़ने वाले प्रभाव के आधार पर बेहद गंभीरता बरतते हुए इन्हें जनसामान्य को प्रेषित किया जाना चाहिए। इसमें छोटी चूक भी बड़ी दुर्घटना का रूप ले लेती है। वरिष्ठ पत्रकार श्री अशोक साहू ने कहा कि पत्रकारिता में विश्वसनीयता के मानदंडों पर यदि काम किया जाए तो किसी तरह की भ्रामक सूचना जाने की आशंका नहीं रहती।  अपर संचालक श्री उमेश मिश्रा ने कहा कि मीडिया की विश्वसनीयता लोकतंत्र का आधार स्तंभ है, इसे किसी भी कीमत पर बनाए रखना जरूरी है। मीडिया को तकनीकी बदलाव के चलते तेजी से फैलती गलत सूचनाओं पर अपनी जिम्मेदारी के साथ-साथ सतर्कता बरतनी होगी।  अपर संचालक श्री आलोक देव ने कहा कि मीडिया की सबसे बड़ी ताकत है उसकी विश्वसनीयता। मीडिया सिर्फ खबरे नहीं देता, प्रेस मार्गदर्शन करता है, संदेह दूर करता है और विश्वास का निर्माण करता है। उप संचालक श्री सौरभ शर्मा ने कहा कि आज का दौर एआई का है ऐसे समय में गलत सूचनाओं का एल्गोरिथम बढ़ने से व्यापक रूप से हमारे बीच पहुंचता है। हमें ऐसी सूचनाओं को जांच-परख कर ही प्रसारित करना चाहिए। कार्यक्रम में अरविन्द मिश्रा सहित अनेक लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनसंपर्क विभाग के अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश के पहले 132 के.व्ही. सबस्टेशन ज्योति नगर उज्जैन ने पूरे किए 65 वर्ष

पांच सिंहस्थ सहित शहर को दी निर्बाध विद्युत आपूर्तिः छठे सिंहस्थ के लिये भी तैयार भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी है कि उज्जैन की ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्ता को देखते हुए सिंहस्थ-2028 के लिए शहर की विद्युत पारेषण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक और विश्वसनीय बनाने के लिए विशेष पहल की जा रही है। मध्यप्रदेश में सबसे पहले स्थापित 132 के.वी. सबस्टेशन — "ज्योति नगर उज्जैन'' के अपनी गौरवशाली यात्रा के 65 वर्ष पूर्ण करने पर इस सब स्टेशन को सिंहस्थ 28 के लिए विशेष तौर पर तैयार किया जा रहा है । ॥। वर्ष 1960 में प्रारंभ हुआ यह सब स्टेशन राज्य के ट्रांसमिशन नेटवर्क के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर सिद्ध हुआ है। यह न केवल उज्जैन की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं का सशक्त आधार रहा है, बल्कि प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क की नींव रखने वाले प्रमुख केंद्रों में से एक है। इस सब स्टेशन ने विगत पांच सिंहस्थ में उज्जैन को निर्बाध विद्युत आपूर्ति प्रदान कर अपनी तकनीकी दक्षता और विश्वसनीयता सिद्ध की है तथा अब आगामी छठे सिंहस्थ 2028 के लिए भी पूरी तरह तैयार है। सिंहस्थ सर्वोच्च प्राथमिकता में ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में एम.पी. ट्रांसको सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। उज्जैन के इस ऐतिहासिक पहले 132 के.वी. सबस्टेशन का तकनीकी उन्नयन, आधुनिकीकरण और रखरखाव निरंतर किया जा रहा है जिससे सिंहस्थ के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित रहे। 1960 से सतत क्रियाशील 17 नवंबर 1960 मे स्थापना के समय इस सब स्टेशन पर 132/66/11 के.वी. 30 एम.वी.ए. क्षमता के दो ट्रांसफॉर्मर एवं 132/33 के.वी. 20 एम.वी.ए. क्षमता का एक ट्रांसफॉर्मर स्थापित था। क्षेत्र में वोल्टेज स्थिरीकरण के उद्देश्य से वर्ष 1967 में 30 एम.वी.ए.आर. क्षमता का मित्सुबिशी (जापान) निर्मित कंडेंसर लगाया गया, जो वर्ष 2004 तक कार्यरत रहा। आरंभिक वर्षों में इस सबस्टेशन को गांधीसागर जल विद्युत संयंत्र से सीधे 132 के.वी. फीडर द्वारा विद्युत आपूर्ति प्राप्त होती थी। इसके माध्यम से उस समय की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों — विनोद मिल, इसको स्टेंट इंडस्ट्रीज़ इंदौर, टेक्सटाइल यूनिट्स, पाइप फैक्टरी उज्जैन तथा नगर क्षेत्र को विद्युत प्रदाय किया जाता था। खेडापति फीडर के माध्यम से होती रही है सिंहस्थ मे विद्युत आपूर्ति इस सबस्टेशन से 66 के.वी. फीडर के माध्यम से नागदा ग्रेसीम सहित नागदा क्षेत्र को तथा 33 के.वी. फीडर द्वारा राजगढ़, सरदारपुर, बड़नगर एवं बदनावर क्षेत्रों को भी विद्युत आपूर्ति की जाती रही है। विशेष रूप से 33 के.वी. खेड़ापति फीडर के माध्यम से सिंहस्थ क्षेत्र एवं उज्जैन कमिश्नरी सहित नगर जलापूर्ति के लिये विद्युत प्रदाय होता रहा है। वर्तमान में इस सबस्टेशन की कुल स्थापित क्षमता 103 एम.वी.ए. (63 एम.वी.ए. + 40 एम.वी.ए.) है। 132 के.वी. सबस्टेशन ज्योति नगर आज भी उज्जैन शहर की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था का एक अभिन्न एवं ऐतिहासिक केंद्र है, जिसने दशकों से विश्वसनीयता, सेवा और निरंतरता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।  

आयुष दवाओं की उपलब्धता बढ़ी, लोगों को अब आसानी से मिलेंगी सभी मेडिसिन

चंडीगढ़ आयुष विभाग ने दवा प्रबंधन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी व जवाबदेह बनाने के लिए ड्रग इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम लॉन्च किया है। इससे दवाओं की उपलब्धता, स्टॉक स्थिति, वितरण और उपयोग संबंधी सभी रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध होंगे जिससे प्रबंधन सरल, आधुनिक और त्रुटिरहित बनेगा। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने कहा कि आयुष निदेशालय की ओर से आयुष स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की आपूर्ति को पूर्णतया सुचारू और व्यवस्थित रखने के लिए निगरानी की जा रही है।  किसी भी संस्थान में दवाओं की कमी न हो, इसके लिए वितरण प्रणाली को मजबूत किया गया है। पूरे हरियाणा की योगशालाओं के सुचारू संचालन के लिए सभी पंचायती राज संस्थाओं को विस्तृत दिशा-निर्देशों सहित पत्र जारी किए गए हैं। राज्यभर की योगशालाओं में प्रतिदिन निर्धारित योग दिनचर्या का पालन किया जा रहा है।   

राज्य में अवैध परिवहन किए जा रहे 19 हजार 320 क्विंटल धान जब्त

मार्कफेड ने जारी किए 1 से 16 नवंबर तक के आंकड़े रायपुर छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारम्भ होने के पूर्व से ही प्रदेश में अवैध परिवहन से आने वाले धान की कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पिछले एक नवंबर से 16 नवंबर तक लगभग 19 हजार 320 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इस बार मार्कफेड द्वारा राज्य में अवैध परिवहन के जरिए अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले धान को रोकने के लिए राज्य के सीमावर्ती जिलों में चेकपोस्ट और कलेक्टर की अध्यक्षता में टॉस्कफोर्स भी बनाए गए हैं। इसके साथ ही मार्कफेड में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था की सतत् निगरानी की जा रही है।  मार्कफेड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले एक नवंबर से 16 नवंबर के अवधि में सीमावर्ती विभिन्न जिलों से छत्तीसगढ़ राज्य में अवैध परिवहन के माध्यम से आने वाले धान में सर्वाधिक महासमुंद जिले में 4266 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इसी प्रकार बलरामपुर जिले में 4139 क्विंटल, सूरजपुर जिले में 1750 क्विंटल, रायगढ़ जिले में 1201 क्विंटल, जशपुर जिले में 1157 क्विंटल, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 967 क्विंटल, कोण्डागांव जिले में 869 क्विंटल, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 687 क्विंटल, राजनांदगांव 607 क्विंटल, मुंगेली में 490 क्विंटल, बलौदाबाजार में 386 क्विंटल, बिलासपुर में 273 क्विंटल, कोरिया में 253 क्विंटल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 250 क्विंटल, सरगुजा में 240 क्विंटल, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 228 क्विंटल, दंतेवाड़ा में 220 क्विंटल, बस्तर जिले में 218 क्विंटल, सक्ती में 137 क्विंटल, सुकमा में 130 क्विंटल, बालोद में 123 क्विंटल, गरियाबंद में 122 क्विंटल, जांजगीर-चांपा में 119 क्विंटल, कवर्धा में 90 क्विंटल, कोरबा में 85 क्विंटल, रायपुर में 84 क्विंटल, धमतरी में 72 क्विंटल, नारायणपुर में 53 क्विंटल, दुर्ग में 38 क्विंटल, बेमेतरा में 32 क्विंटल, मोहला-मानपुर-चौकी में 27 क्विंटल धान जब्त किए गए हैं।  उल्लेखनीय है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के पूर्व प्रदेश में अवैध धान परिवहन और संग्रहण पर सख्त निगरानी जारी रखते हुए आज दो महत्वपूर्ण कार्रवाईयाँ की गईं। मार्कफेड के इंटीग्रेटेड कंट्रोल सिस्टम से प्राप्त 600 बैग (231.5 क्विंटल) अवैध धान संबंधी अलर्ट पर तत्काल कार्रवाई करते हुए कोंडागांव जिले की टीम ने मौके पर पहुंचकर धान जप्त किया। सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ाए जाने और त्वरित अलर्ट-रिस्पॉन्स सिस्टम की बदौलत अन्य राज्यों से धान की अवैध आमद को रोकने में प्रभावी सफलता मिल रही है। इसी क्रम में, रात्री गश्त के दौरान ग्राम त्रिशूली, थाना सनवाल क्षेत्र में अशोक सिंह पिता रामचरित्र के घर के बाहर बने शेड में दो अलग-अलग स्थानों पर कुल 222 कट्टा धान पाया गया। विवाद की स्थिति को देखते हुए दिन में पुनः तहसीलदार रामचंद्रपुरपुर, थाना प्रभारी सनवाल, महिला पुलिस, तथा मंडी कर्मचारियों की मौजूदगी में विस्तृत जांच की गई और धान की विधिवत जप्ती की कार्रवाई पूरी की गई। शासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता और अवैध गतिविधि को हर स्तर पर जीरो टॉलरेंस के साथ रोका जाएगा। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मार्कफेड द्वारा धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए एकीकृत कंट्रोल सेंटर के माध्यम से रियल-टाइम निगरानी की जा रही है। साथ ही अवैध परिवहन के माध्यम से राज्य में आने वाले धान को रोकने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा सतत् निगरानी रखी जा रही है।