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मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा दो दिवसीय प्रबंधन कैम्पिंग प्रशिक्षण सम्पन्न

भोपाल मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा 17 एवं 18 जुलाई को सीहोर जिले के वन मण्डल अंतर्गत ग्राम कठौतिया ईको जंगल कैम्प में दो दिवसीय गंतव्य स्थल प्रबंधन एवं कैम्पिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य ईको पर्यटन स्थल पर कार्यरत समिति सदस्यों को रोजगार के नये आयाम विकसित करना, स्थल पर आने वाले पर्यटकों को वन एवं वन्य-जीव पर्यावरण के संबंध में शिक्षित करना और स्थल के आसपास के सभी गाँवों को वनों को संरक्षित करने के लिये जागरूक करना है। प्रशिक्षण में मुख्य कार्यपालन अधिकारी ईको पर्यटन विकास बोर्ड डॉ. समिता राजौरा ने सभी प्रशिक्षणार्थियों से संवाद किया। प्रशिक्षण में 12 ईको पर्यटन से आये 49 सदस्यों ने लिया भाग प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के 12 ईको पर्यटन गंतव्य स्थलों, जिनमें सापना ईको पर्यटन स्थल वन मण्डल दक्षिण बैतूल, मगरपाठ व कठौतिया ईको पर्यटन स्थल वन मण्डल सीहोर, बोदाखो व समर्धा ईको पर्यटन स्थल वन मण्डल भोपाल, चिड़ीखो अभयारण्य वन मण्डल राजगढ़, देलावाड़ी ईको पर्यटन स्थल रातापानी टाइगर रिजर्व, उमरीखेड़ा ईको पर्यटन स्थल वन मण्डल इंदौर, देवखो कूनो वन्य-प्राणी अभयारण्य, चारखेड़ा ईको पर्यटन स्थल वन मण्डल खण्डवा, पनपथा ईको पर्यटन स्थल बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व और खिवनी अभयारण्य वन मण्डल देवास से आये कुल 49 सदस्यों, वन परिक्षेत्र अधिकारी, वन रक्षक, समिति अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, सदस्य ने प्रशिक्षण में भाग लिया। ईको पर्यटन की गतिविधियों को समझाया प्रशिक्षण के पहले सत्र में ईको पर्यटन समिति का गठन एवं संचालन, समिति सदस्यों की चयन प्रक्रिया, समिति गठन की प्रक्रिया, समिति सदस्यों तथा अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष का दायित्व एवं कर्त्तव्य, प्रत्येक माह में समिति की बैठकों का रजिस्टर संधारण, संघर्ष प्रबंधन, सेवा प्रदाता का चयन और कानूनी अनुपालन के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। दूसरे सत्र में अतिथि सत्कार प्रबंधन, अतिथि रवानगी, स्टोर प्रबंधन, किचन प्रबंधन, कैम्प साइड प्रबंधन, टॉयलेट प्रबंधन, तीसरे सत्र में साइड प्रबंधन, साफ-सफाई एवं स्वच्छता प्रबंधन, बुनियादी सुविधा, भण्डार प्रबंधन, सुरक्षा प्रबंधन, ट्रेकिंग एवं कैम्पिंग आदि के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। ईको पर्यटन के अंतर्गत गतिविधियों में प्राकृतिक पथ-भ्रमण, पक्षी-दर्शन, विलेज वॉक, रात्रि जंगल वॉक, साहसिक गतिविधि, सेल्फी पाइंट और बैलगाड़ी की सैर इत्यादि शामिल है। प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र भी दिये गये।  

उत्तर प्रदेश में कांवड़ लेने जा रहे 4 श्रद्धालुओं को ट्रैक्टर ट्रॉली ने मारी टक्कर, एक की मौत

संभल  उत्तर प्रदेश के संभल जिले में कांवड़ यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं के साथ एक दर्दनाक हादसा हो गया. असमोली थाना क्षेत्र के मनोटा पुल के पास तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्रॉली ने बाइक सवार चार कांवड़ियों को टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक कांवड़िए की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और RRF (रैपिड रेस्पॉन्स फोर्स) की टीम मौके पर पहुंची. चारों घायलों को तुरंत संभल जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने एक और कांवड़िए को मृत घोषित कर दिया. बाकी तीन घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है. हादसे के बाद अस्पताल में भारी भीड़ जमा हो गई.

कांग्रेस अध्यक्ष पद पर राव दान सिंह की चर्चा पर किरण का कटाक्ष – अब तो पूरी तबाही तय है

भिवानी  राज्यसभा सांसद किरण चौधरी आज भिवानी रेलवे स्टेशन पहुंचीं। उन्होंने बताया कि स्टेशन के नवीनीकरण पर 16 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। यह काम केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हो रहा है। राव दान सिंह को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा पर किरण चौधरी ने ली चुटकी  इस दौरान किरण चौधरी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रदेश कार्यकारिणी की 30 जून तक गठन किए जाने के बाद भी अभी तक नहीं बनने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस की डेटलाईन आती-जाती रहती है। यह पार्टी शून्य पर थी तथा शून्य पर ही बनी रहेगी। जनता को इस पार्टी से अधिक अपेक्षा नहीं रखना चाहिए। हरियाणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव दान सिंह को बनाए जाने की चर्चाओं पर किरण चौधरी ने चुटकी ली। उन्होंने कहा कि उनके नाम तो पहले ही 16 हजार करोड़ रूपये का घोटाला है। यदि ऐसा प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस का बनेगा तो रही-कसी कसर भी पूरी हो जाएगी।  उन्होंने कहा कि कि पूर्व मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल ने रेलवे मंत्री रहते हुए भिवानी के इस रेलवे स्टेशन को उस समय का एक मॉडल रेलवे स्टेशन बनाया था, जिसका जीर्णोद्धार अब 16 करोड़ रूपये की लागत से किया गया है। आधुनिकीकरण के तहत रेलवे स्टेशन पर सांस्कृतिक झलक के साथ डिजाईन, दिव्यांगों के लिए रैंप, आधुनिक प्रतीक्षालय व शौचालय, टिकट काऊंटर व आकर्षित प्रवेश द्वार इस योजना के तहत बनाए गए है। ताकि भारतीय रेलवे और भी सुदृढ़ तरीके से लोगों की यात्राएं सुगम बढ़ाने की तरफ आगे बढ़ सकें। इस मौके पर राज्यसभा सांसद किरण चौधरी ने कहा कि भारत एक विशाल देश है। इसे सांस्कृतिक रूप से जोड़े रखने में रेलवे की अहम भूमिका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इस वीजन को आगे बढ़ाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि भिवानी सिटी स्टेशन पर दिल्ली जाने वाली ट्रेनों के ठहराव को लेकर भी राज्यसभा में मुद्दा उठाएंगी। वहीं अभय सिंह चौटाला को अपराधिक तत्वों द्वारा धमकी दिए जाने को किरण चौधरी ने गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि पुलिस इस दिशा में कार्य कर रही है तथा मुख्यमंत्री भी कह चुके है कि प्रदेश में गुंड़ों को नहीं रहने दिया जाएगा। राव इंद्रजीत सिंह व किरण चौधरी को दिग्विजय चौटाला द्वारा टिप्पणी किए जाने के सवाल पर राज्यसभा सांसद ने कहा कि दिग्विजय चौटाला के पास कोई पद नहीं है। वे जिम्मेदारी वाली बात नहीं करते। उनके लिए अंगूर अभी खट्टे है।

मुख्यमंत्री साय बोले – नई औद्योगिक नीति के माध्यम से विकास और रोजगार सृजन कर रही है हमारी सरकार

फार्मास्यूटिकल इकाई का शुभारंभ प्रदेश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण कदम रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के सेक्टर-05 स्थित एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स की नवनिर्मित इकाई का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रबंधन को शुभकामनाएं दीं और उत्पादन इकाई का भ्रमण कर दवा निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री शसाय ने कहा कि कोविड के कठिन दौर में दवाइयों की किल्लत को देखते हुए इस इकाई के निर्माण का सपना देखा गया था और आज वह साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया कोविड के संकट से जूझ रही थी, तब भारत ने स्वदेशी वैक्सीन विकसित कर एक मिसाल कायम की। श्री साय ने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स की  इकाई का शुभारंभ प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति निवेशकों को आकर्षित कर रही है और पिछले सात-आठ महीनों में 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से कई परियोजनाओं पर कार्य आरंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से अधिक से अधिक रोजगार सृजन का कार्य कर रही है और ऐसी इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और इन 25 वर्षों में जो विकास हुआ है, उसमें पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह ने न केवल प्रदेश से भूखमरी को दूर किया, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी ठोस नींव रखी। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य गठन के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के जरिए लोगों को निःशुल्क इलाज मिल रहा है। श्री साय ने बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष की अवधि में छह से अधिक विशेषज्ञ अस्पतालों के शुभारंभ का मैं साक्षी रहा हूं, जो दर्शाता है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री मोदी का मानना है कि लोग बीमार न पड़ें, निरोगी रहें, और उनकी इसी संकल्पना के अनुरूप वेलनेस सेंटर के माध्यम से लोगों को आरोग्य प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार ने “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” की परिकल्पना के तहत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की सकल राज्यीय उत्पाद (GSDP) 5 लाख करोड़ है, जिसे 2030 तक ₹10 लाख करोड़ और 2047 तक ₹75 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, और यह प्रदेशवासियों के सहयोग से ही संभव होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स का भ्रमण कर उन्नत तकनीकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह इकाई पूरी तरह ऑटोमेटेड है, जहाँ टैबलेट, सिरप, ऑइंटमेंट और क्रीम जैसे विभिन्न प्रकार की दवाइयों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस इकाई के विस्तार से बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश के फार्मास्यूटिकल सेक्टर में यह एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक शुरुआत है। उन्होंने कहा कि भारत ने इस क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाई है और कोविड काल के दौरान पूरी दुनिया को यह एहसास हुआ कि दवाइयों और चिकित्सा संसाधनों का क्या महत्व है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों ने भी उस दौर में भारत की फार्मा क्षमता पर विश्वास जताया। उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए विजन डॉक्यूमेंट जारी किया गया है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास में नवा रायपुर की केंद्रीय भूमिका है। यह क्षेत्र न केवल औद्योगिक निवेश के लिए उपयुक्त है, बल्कि सभी प्रमुख मार्गों से जुड़ाव के कारण लॉजिस्टिक्स की दृष्टि से भी अत्यंत सुविधाजनक है। डॉ. सिंह ने एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स की टीम को इस नई शुरुआत के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह इकाई नवा रायपुर के विकास को नई गति देगी। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, पवन साय, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक ललित चंद्राकर, विधायक संपत अग्रवाल, विधायक अनुज शर्मा, सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्षसंजय श्रीवास्तव, एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स से कोमलचंद चोपड़ा, अनिल देशलहरा और उज्ज्वल दीपक सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

चुनावी पोस्टर लगे वाहन में मिली भारी मात्रा में शराब, जांच में जुटी पुलिस

रोहतास रोहतास जिले के काराकाट थाना क्षेत्र अंतर्गत जोरावरपुर गांव के पास शनिवार सुबह एक वाहन दुर्घटना के बाद उस वक्त हड़कंप मच गया जब उसमें से भारी मात्रा में शराब बरामद हुई। खास बात यह रही कि उक्त वाहन पर जन सुराज पार्टी के पोस्टर लगे हुए थे, जिससे कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने वाहन सहित शराब की खेप को जब्त कर लिया है और मामले की जांच में जुट गई है। दुर्घटना के बाद उजागर हुआ मामला प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जन सुराज पार्टी के पोस्टर लगे एक बोलेरो वाहन और एक ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हुई। हादसे के बाद दोनों वाहन चालक मौके से फरार हो गए। टक्कर की आवाज सुनकर पहुंचे स्थानीय लोगों ने जब वाहन को देखा, तो उसमें शराब की खेप पाई गई। घटना की जानकारी मिलते ही काराकाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बोलेरो से बड़ी मात्रा में शराब बरामद की। पुलिस ने बोलेरो और ट्रक दोनों को जब्त कर लिया है और कागजातों की जांच की जा रही है। जांच के घेरे में कई सवाल पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या शराब की यह खेप किसी राजनीतिक कार्यकर्ता से जुड़ी थी या किसी तस्कर ने पहचान छिपाने के लिए राजनीतिक पार्टी का पोस्टर वाहन पर चिपकाया था। फिलहाल वाहन मालिक की पहचान की जा रही है और प्राथमिकी दर्ज कर जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

कलेक्टर ने व्हीसी के माध्यम से की बाढ़ आपदा प्रबंधन की समीक्षा

राजस्व अधिकारी अतिवृष्टि बाढ़ से प्रभावित परिवारो का सर्वे कर समय पर कराये राहत राशि का वितरतण :  शुक्ला   सिंगरौली जिले में हो रही भारी बारिस को दृष्टिगत रखते हुये कलेक्टर चन्द्र शेखर शुक्ला ने व्हीसी के माध्यम से राजस्व अधिकारियो के साथ बाढ़ आपदा प्रबंधन की समीक्षा। बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले ऐसे परिवार जिन्हे अतिवृष्टि बाढ़ के कारण जान माल की क्षति हुई ऐसे परिवारो का सर्वे कर उन्हे निर्धारित समय सीमा के अंदर राहत राशि का वितरण कराये।      कलेक्टर शुक्ला ने राजस्व अधिकारियो को निर्देश दिए कि जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रो की लगातार मानीटरिंग करते रहे। अपना सूचना तंत्र मजबूत रखे ताकि बाढ़ आपदा के समय हर पल की जानकारी लगातार मिलती रहे। उन्होने उपखण्ड अधिकारी चितरंगी को सोन नदी के आस पास वाले गावो की लगतार निगरानी रखने के साथ अपादा के दौरान नगारिको को सुरंक्षित स्थानो पर ले जाने के लिए सभी तैयारिया रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बाढ़ आकाशीय बिजली , सर्प दंश सहित अन्य आकस्मिक दुर्घटनाओ से पिड़ित व्यक्तियो के परिजनो को शासन के नियामनुसार तत्काल राहत राशि का वितरण कराये। निचले क्षेत्रो वाले बस्तियो गावो की जानकारी हर समय मिल सके इस हेतु ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक सहित गाव में रहने वाले कम से कम चार लोगो का मोबाईल नम्बर अपने पास रखे। कलेक्टर ने कहा कि बाढ़ के समय जो पुल पुलिया जलमग्न हो जाती है उन्हे चिन्हित कर उनके दोनो किनारो में बोर्ड लगाकर  संदेश लिखवाये कि जलमग्न होने पर पुल या पुलिया से आवागमन बिलकुल न करे साथ ही जानकारी प्राप्त होते पुल पुलियो के दोनो ओर बैरिकेंटिग भी कराये।  कलेक्टर ने समस्त राजस्व अधिकारियो को निर्देश दिए कि अपने अपने क्षेत्रो के विद्यालय भवनो सहित शासकीय भवनो का सर्वे कराये कि वे जर्जर हालत मे तो नही यदि भवन जर्जर हालत में मरम्मत कराने योग्य नही है तत्काल उनको डिसमेंटल करने की कार्यवही करे। साथ ही ऐसे स्थल जहा पर जल भराव की समस्या बनी रहती है ऐसे स्थलो को चिन्हित कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करे। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियो को निर्देश दिए कि बाढ़ आपदा के दौरान अपने क्षेत्रो में होने वाली जानमाल के क्षति की जानकारी से प्रत्येक दिवस शांय के समय दिया जाना सुनिश्चित करे। बैठक के दौरान संयुक्त कलेक्टर संजीव पाण्डेय, एसडीएम सिंगरौली सृजन बर्मा, डिप्टी कलेक्टर देवेन्द्र द्विवेदी, तहसीलदार सविता यादव, जान्हवी शुक्ला सहित अन्य राजस्व अधिकारी व्हीसी के माध्यम से बैठक में शामिल रहे।

गरीब रथ के इंजन में भीषण आग, लोको पायलट ने समय रहते रोक ली बड़ी दुर्घटना

जयपुर राजस्थान में शनिवार तड़के एक बड़ा रेल हादसा उस समय टल गया जबकि गरीब रथ एक्सप्रेस (12216) के इंजन में अचानक आग लग गई। यह घटना 19 जुलाई की सुबह करीब 3 बजे सेंदड़ा (ब्यावर) रेलवे स्टेशन के पास हुई, जब ट्रेन मुंबई के बांद्रा स्टेशन से दिल्ली के सराय रोहिल्ला जा रही थी। जानकारी अनुसार ट्रेन में उस वक्त 500 से अधिक यात्री सवार थे। लोको पायलट को इंजन के पिछले हिस्से से धुआं उठता हुआ दिखाई दिया, जिसके बाद उन्होंने तुरंत ट्रेन को रोका और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेल अधिकारियों को तत्काल सूचना दी गई और राहत कार्य शुरू कर दिए गए। रेलवे प्रवक्ता के अनुसार प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आग लगने का कारण तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट से हो सकता है। राहत की बात यह रही कि आग डिब्बों तक नहीं पहुंची और सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। इसी के साथ रेल प्रशासन ने कहा है कि यात्रियों को वैकल्पिक साधनों से उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। साथ ही, प्रभावित इंजन को हटाकर ट्रैक को साफ किया जा रहा है। रूट को पूरी तरह बंद नहीं किया गया, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अन्य ट्रेनों को कम गति से वहां से निकाला गया है। गौरतलब है कि यह गरीब रथ एक्सप्रेस रात 11:30 बजे आबू रोड से रवाना होकर सुबह 3:45 बजे अजमेर पहुंचती है। सेंदड़ा स्टेशन ट्रेन का आधिकारिक स्टॉप नहीं है, लेकिन घटना के समय ट्रेन की रफ्तार कम होने के चलते लोको पायलट ने सूझबूझ से बड़ा हादसा टाल दिया। रेलवे विभाग ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और इंजन में लगी आग की विस्तृत तकनीकी जांच की जाएगी।  

AI साफ्टवेयर का उपयोग कर मां शारदा देवी मंदिर में ब्लास्ट की झूठी अफवाह फैलाने वाला भेजा गया जेल

मैहर पुलिस अधीक्षक मैहर सुधीर कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) के कुशल निर्देशन एवं चंचल नागर अपुअ, महेन्द्र सिंह चौहान सीएसपी मैहर के मार्गदर्शन में निरीक्षक अनिमेष दिवेदी थाना प्रभारी कोतवाली मैहर के नेतृत्व में मिली सफलता वीडियो वायरल होने के महज 12 घंटों के अंदर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। विवरण – दिनांक 18.07.2025 को विभिन्न व्हास्ट्सप ग्रुपों एवं सोशल मीडिया में मां शारदा देवीजी मंदिर मैहर में प्रवेश द्वार पर आतंकवादी हमला (ब्लास्ट) होने एवं कुछ श्रद्धालुओं के हताहत होने की वीडियो वायरल होने पर करीबन 40 लाख से अधिक सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा वीडियो देखा गया तथा उक्त कथित भ्रामक वीडियो के संबंध में लोगों में काफी आक्रोश देखा गया जिस पर कार्यालय अधीक्षक मां शारदा देवी मंदिर मैहर द्वारा थाना मैहर मे अज्ञात व्यक्ति के द्वारा अपने फेसबुक अकाउंट से उक्त झूठी ब्लास्ट होने की वीडियो वायरल किये जाने व लोगो की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाये जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई जिस पर थाना कोतवाली मैहर मे अपराध धारा 192, 299, 351(1) बीएनएस का पंजीबद्ध कर आरोपी द्वारा वीडियों वायरल हेतु उपयोग किये गये फेसबुक अकाउंट के संबंध में जांच की गई जो आरोपी दीपांशु गुप्ता निवासी सीधी का पाये जाने पर आरोपी उपरोक्त की गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक मैहर द्वारा गठित विशेष टीम द्वारा 12 घंटे के अंदर पकड़ा गया जिसने पूंछताछ पर AI साफ्टवेयर का उपयोग कर देवीजी शारदा मंदिर में ब्लास्ट की झूठी वीडियो बनाकर वायरल करना बताया। जिस पर आरोपी का वीडियो वायरल में प्रयुक्त REAL ME कंपनी का एन्ड्राइड मोबाइल फोन जब्त कर आरोपी दीपांशु गुप्ता पिता दिनेश गुप्ता 19 वर्ष निवासी पोंडी थाना मझौली जिला सीधी को गिरफ्तार कर पेश न्यायालय किया गया है। जप्ती विवरणः- भ्रामक वीडियो बनाने एवं वायरल करने में प्रयुक्त REAL ME कंपनी का एन्ड्राइड मोबाइल फोन कीमती 15 हजार रु. नाम पता गिरफ्तार आरोपीः- दीपांशु गुप्ता पिता दिनेश गुप्ता 19 वर्ष निवासी पोंडी थाना मझौली जिला सीधी सराहनीय भूमिकाः- निरीक्षक अनिमेष दिवेदी थाना प्रभारी कोतवाली मैहर, सउनि अरविन्द दिवेदी, सउनि पुष्पेन्द्र सिंह, प्रआर पुष्पेन्द्र वर्मा, आर. आशुतोष यादव, संजय तिवारी, शिवम तिवारी एवं सायवर सेल मैहर से आर. संदीप सिंह, सुशील दिवेदी की रही है।

मिशन हॉस्पिटल मामला: कोर्ट ने याचिका खारिज कर सरकार को दी बड़ी जीत

बिलासपुर मिशन हॉस्पिटल मामले में हाईकोर्ट ने शासन के पक्ष में बड़ा से फैसला सुनाया है. मामले में सुनवाई के बाद 24 अप्रैल 2025 को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया गया था. कोर्ट ने आज फैसला सुनाते हुए याचिका को खारिज कर दिया है. 1885 में लीज पर मिली थी 11 एकड़ जमीन दरअसल, मिशन अस्पताल की स्थापना वर्ष 1885 में हुई थी. मिशन अस्पताल के लिए सेवा के नाम से 11 एकड़ जमीन लीज पर दी गई थी. इसके लिए क्रिश्चियन वुमन बोर्ड ऑफ मिशन हॉस्पिटल बिलासपुर, तहसील व जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़ को जमीन आवंटित की थी. यह मोहल्ला चांटापारा शीट नंबर 17, प्लाट नंबर 20/1 एवं रकबा 382711 एवं 40500 वर्गफीट है. 1966 में लीज का नवीनीकरण कर साल 1994 तक लीज बढ़ाई गई थी. जिसकी अवधि 31 अप्रैल 1994 तक के लिए थी. जिसमें मुख्य रूप से निर्माण में बदलाव एवं व्यवसायिक गतिविधियां बिना कलेक्टर की अनुमति के न किए जाने की शर्त थी. डायरेक्टर का कारनामा, शर्तों के विरुद्ध बनाई चौपाटी लीज पर जमीन लेकर डायरेक्टर रमन जोगी ने इसे चौपाटी बनाकर किराए पर चढ़ा दिया था. एक रेस्टोरेंट का कैम्पस में संचालन किया जा रहा था. लीज की शर्तों का उल्लंघन कर व्यावसायिक उपयोग करने पर तत्कालीन कलेक्टर अवनीश शरण की नजर पड़ी. लीज की अवधि बढ़ाने के समय इसमें कई शर्तें भी लागू की गई थी. पर शर्तों का उल्लंघन कर न केवल इसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था. साथ ही किराए पर अन्य प्रतिष्ठानों को देकर इसे कमाई का माध्यम बना लिया गया था. 1994 को लीज खत्म होने के बाद 30 वर्षों तक लीज का नवीनीकरण नहीं करवाया गया था. मामले की सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से पैरवी कर रहे महाधिवक्ता ने कहा था कि नितिन लॉरेंस प्रत्येक याचिका में अपना पद बदल रहे हैं और विभिन्न संस्थाओं की पॉवर ऑफ अटॉर्नी प्रस्तुत कर रहे है. अदालत को गुमराह किया जा रहा है. यह कानूनी रूप से गलत है. जस्टिस प्रसाद ने अपने फैसले में लिखा है कि अधिकारियों ने पट्टे को नवीनीकृत करने से इनकार करके और पट्टे को वापस लेने में अपने अधिकारों और अधिकार क्षेत्र के भीतर काम किया. भूमि पर पुनः कब्ज़ा प्राप्त करने के लिए कदम उठाएँ. उनके निर्णय में कोई त्रुटि या अवैधता नहीं है, जिसके लिए भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 या 227 के अंतर्गत इस न्यायालय द्वारा हस्तक्षेप की आवश्यकता हो.

राजस्थान में मानसून का जलवा, मंत्री ने कहा – गिरिराज महाराज का आशीर्वाद बरसा

जोधपुर राजस्थान के कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल राज्य में लगातार हो रही बारिश से खुश हैं। राजस्थान में इस बार मानसून ने समय से पहले दस्तक दी है। जलस्रोतों में बहाव लौट आया है, नदियां-नाले उफान पर हैं और किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। इसी क्रम में कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने अच्छी बरसात पर अपनी खुशी जाहिर की है। राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने बारिश को ‘गिरिराज महाराज की कृपा’ बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रार्थना को गिरिराज महाराज ने स्वीकार किया है, जिसकी बदौलत इस बार प्रदेश में मानसून जल्दी और जोरदार आया है। जोधपुर प्रवास के दौरान मीडिया से बात करते हुए कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा, “इस बार इंद्रदेव राजस्थान पर मेहरबान हैं। जब राज्य में पानी की समस्या रही, तब गिरिराज महाराज से प्रार्थना की थी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की गुहार को गिरिराज महाराज ने सुना। गिरिराज महाराज की कृपा हुई और इस बार मानसून 9-10 दिन पहले आया। लगभग पूरे राजस्थान में यह बारिश देखने को मिली है। पहले के मुकाबले इस बार जुलाई में 170 प्रतिशत से अधिक बारिश दर्ज हुई है।” इस दौरान मंत्री जोगाराम पटेल ने प्रदेश की जनता से भी खास अपील की। उन्होंने कहा, “पूरे प्रदेश में नदी-नाले उफान पर हैं। मैंने लूणी और पाली विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया। लोगों से आग्रह है कि वे इन उफनती नदियों और नालों के पास न जाएं और पूरी सावधानी बरतें। हाल ही में अरना झरना क्षेत्र में एक जनहानि भी हो चुकी है। सभी लोग सावधानी बरतें। पशुओं की भी सावधानी रखें।” राज्य में कुछ जगह जलभराव की समस्याओं पर मंत्री जोगाराम पटेल ने जवाब दिया। उन्होंने बताया कि जलभराव की समस्याओं के समाधान के लिए नगर निगम और जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) लगातार प्रयास कर रहे हैं। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और अन्य राहत एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी आपात स्थिति से निपटा जा सके। मंत्री पटेल ने जोधपुर के दो प्रमुख नालों (बनाड़ नाला और भैरव नाला) के निर्माण कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “इन नालों का निर्माण पूरा होने के बाद जलभराव की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।” उन्होंने बताया कि उन्होंने बनाड़ क्षेत्र का दौरा किया, जहां जलभराव की स्थिति सामान्य थी और थोड़ी ही देर में पानी निकल गया। फिर भी प्रशासन का प्रयास है कि स्थायी समाधान किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने एम्स जोधपुर में आयोजित एक विशेष वर्कशॉप का जिक्र किया जिसमें यह बताया गया कि मरीजों के अटेंडेंट्स से किस तरह व्यवहार किया जाए।