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Jalandhar की हवा खतरे की सीमा पर! स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी बड़ी चेतावनी

जालंधर  जालंधर शहर की हवा इन दिनों जहरीली होती जा रही है। सड़कों से उड़ रही मिट्टी और उसके बारीक कणों ने लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है। पूरे दिन हवा में तैरते धूल के कणों के कारण शहरवासियों में आंखों में जलन, गले में खराश, बलगम, खांसी और जुकाम जैसी बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टरों और दवा दुकानों पर मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। अनुमान है कि शहर के हज़ारों लोग फिलहाल एलर्जी से जुड़ी समस्याओं का शिकार हो चुके हैं। शहर में लंबे समय से सरफेस वाटर प्रोजेक्ट का काम जारी है। इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग 60 किलोमीटर सड़कों को खोदा गया था। पाइप डालने के बाद भी कई जगहों पर मिट्टी के बड़े-बड़े ढेर पड़े हुए हैं। वाहनों के गुजरने पर यही मिट्टी उड़कर हवा में घुल जाती है और आसपास के इलाकों को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। स्थानीय निवासी शिकायत कर रहे हैं कि नगर निगम और प्रोजेक्ट संभाल रही कंपनियों ने धूल रोकने के लिए कोई इंतज़ाम नहीं किए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम के अधिकारी इस बढ़ते संकट के आगे बेबस नजऱ आ रहे हैं। स्थिति यह है कि शहर के कई इलाकों में सांस लेना भी मुश्किल होता जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द सड़कों की बहाली और धूल रोकने के उपाय नहीं किए गए तो हवा की गुणवत्ता और खराब हो सकती है, जिससे स्वास्थ्य समस्याएं और बढ़ेंगी।  जितना हो सके घर के अंदर रहें जब एयर क्वालिटी इंडेक्स  "बहुत खराब" या "गंभीर" स्तर पर हो, तो दमा के मरीजों को बाहर निकलने से बचना चाहिए। सुबह और शाम प्रदूषण का स्तर सबसे ज़्यादा होता है, इसलिए इन समयों पर बाहर निकलने या टहलने से परहेज़ करें। अगर बाहर जाना ज़रूरी हो, तो N95 या N99 मास्क पहनें जिससे प्रदूषण के कण फेफड़ों तक न पहुँच सकें। घर की हवा को साफ़ रखें घर के अंदर प्रदूषण कम करने के लिए एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें। अगर उपलब्ध न हो, तो घी या नारियल के तेल का छोटा दीया जलाकर हल्की नमी बनाए रख सकते हैं। दिन में कुछ देर के लिए दरवाज़े-खिड़कियाँ खोलें ताकि बासी हवा निकल सके, लेकिन जब बाहर धूल या धुआँ ज़्यादा हो तो तुरंत बंद कर दें। हर्बल स्टीम और भाप लें गले में खराश, नाक बंद या सांस लेने में परेशानी होने पर दिन में दो बार भाप लें। भाप में पुदीना, अजवाइन या यूक्लिप्टस तेल की कुछ बूंदें डालें। यह गले को आराम देता है और सांस की नलियों को खोलता है। इनहेलर और दवाइयों का सही उपयोग दमा के मरीज अपनी दवाएँ समय पर लें। इन्हेलर या नेबुलाइजऱ हमेशा अपने साथ रखें। अगर सांस लेने में दिक्कत, सीने में भारीपन या बेचैनी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। कभी भी दवाइयों में खुद से बदलाव न करें। योग और श्वास क्रियाएँ प्रदूषण के बीच भी फेफड़ों को मजबूत रखने के लिए घर में प्राणायाम, अनुलोम-विलोम जैसी कसरतें करें। ये फेफड़ों की क्षमता बढ़ाती हैं और सांस लेने की प्रक्रिया सुधारती हैं। यह केवल साफ़ हवा वाले कमरे में ही करें। धुएं और धूल से बचाव दमा के मरीज किसी भी तरह के धुएँ से दूर रहें— जैसे सिगरेट का धुआँ, खाना पकाने की गैस का धुआँ, अगरबत्ती या धूप का धुआँ। घर की सफ़ाई करते समय भी मास्क पहनें ताकि धूल के कण फेफड़ों को नुकसान न पहुँचा सकें। कब लें डॉक्टर की सलाह अगर रात को सांस लेने में दिक्कत हो, छाती में जकडऩ महसूस हो या बार-बार खांसी आए, तो इसे नजऱअंदाज़ न करें। यह संकेत हैं कि प्रदूषण का असर बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।  

उप मुख्यमंत्री ने सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र का किया निरीक्षण

प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बालिकाओं से किया संवाद भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कन्या महाविद्यालय रीवा परिसर में गोकुलदास एक्सपोर्ट द्वारा दिए जा रहे सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बालिकाओं से संवाद करते हुए कहा कि आप सब प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। लड़कियाँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। जरूरत इस बात की है कि उन्हें अवसर उपलब्ध कराया जाए। सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र में निर्धन वर्ग की लड़कियों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है जिससे प्रशिक्षण प्राप्त कर लड़कियाँ अतंर्राष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार प्राप्त कर सकें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल को बताया गया कि अभी तक केन्द्र से 30 प्रशिक्षण प्राप्त कर बालिकाओं को बैंगलोर में रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अब रीवा से बैंगलोर जाना आसान हो जाएगा। आगामी 22 दिसम्बर से रीवा से इंदौर के लिए वायु सेवा प्रारंभ हो जाएगी और इंदौर से लोगों को सीधे बैंगलोर की कनेक्टिंग फ्लाइट मिल सकेगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि इस केन्द्र के माध्यम से अधिक से अधिक लड़कियाँ प्रशिक्षण प्राप्त कर लेंगी तो गोकुलदास कंपनी की इकाई रीवा में स्थापित करने के प्रयास होंगे। प्रशिक्षण केन्द्र में प्रशिक्षणार्थियों को आवास व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में उप मुख्यमंत्री ने जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर कार्यकारी संचालक एमपीआईडीसी यूके तिवारी ने बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय कंपनी के कपड़े पूरे विश्व में निर्यात किए जाते हैं, जहाँ रीवा से प्रशिक्षण प्राप्त कर 30 लड़कियों को रोजगार के अवसर मिले हैं। निरीक्षण के समय जनभागीदारी समिति के विधायक प्रतिनिधि विवेक दुबे, गौसंवर्धन बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष राजेश पाण्डेय, केके गर्ग सहित प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षणार्थी बालिकाएं उपस्थित रहीं।

देश के सम्मान के लिए आदिवासी समाज सबसे आगे रहा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

उप मुख्यमंत्री ने कोल सामुदायिक भवन का किया लोकार्पण भोपाल  भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती गौरव दिवस के रूप में रीवा में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर रीवा जिले में कोल भवन परिसर में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि देश के सम्मान के लिए आदिवासी समाज हमेशा आगे रहा है। गुलामी की जंजीर में जकड़े हुए देश के स्वतंत्रता आंदोलन में भगवान बिरसा मुण्डा का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्हें 'धरती आबा' कहा गया। वह हमारे प्रेरणास्रोत हैं। देश उनकी 150वीं जयंती धूमधाम से मनाकर अपनी कृतज्ञता व्यक्त कर रहा है। श्री शुक्ल ने कहा कि हमारे महापुरूष प्रेरणास्रोत हैं। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान से ही हम स्वतंत्रता प्राप्त कर खुले में सांस ले पा रहे हैं। आदिवासी समाज ने शौर्य और पराक्रम का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए आजादी की लड़ाई में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। जल, जमीन और जंगल के बिना भारत की कल्पना असंभव है। देश में यदि जंगल बचा है तो वह सिर्फ आदिवासी समाज के कारण ही बचा है। आदिवासी समाज के हमारे भाई गंगा नदी के समान पवित्र और निश्छल हैं। उनमें वीरता के साथ धैर्यशीलता भी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समुदाय के लोगों को जमीन का पट्टा देने तथा पक्के मकान बनाने का जो संकल्प लिया है, उसे मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में पूरा किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा में कोल समाज के लिए समर्पित सामुदायिक भवन का भी लोकार्पण हुआ। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल ने कहा कि गुरूओं व बड़ों के आशीर्वाद से ही व्यक्ति आगे बढ़ता है। कोल सामुदायिक भवन की जो सौगात उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल द्वारा मिली है, उसे समाज के लोग हमेशा याद रखेंगे। विधायक मनगवां इंजीनियर नरेन्द्र प्रजापति ने कहा कि आदिवासी संस्कृति ही भारतीय संस्कृति की मूल पहचान है। आदिवासी समाज जल, जंगल व जमीन के लिए ही जीता है। विधायक व्यौहारी श्री शरद कोल ने कहा कि आज हम ऐसे महापुरूष को याद कर रहे हैं जिन्होंने बिना संसाधन के अपनी अस्मिता की पहचान को बनाए रखने का कार्य किया तथा भारत की स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि कोल समाज अपनी संस्कृति व इतिहास को बचाए हुए है। शासन के सहयोग से समाज के लोगों के विकास के कार्य प्राथमिकता से कराए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने 93.49 लाख रुपए से निर्मित कोल सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने जनजातीय देवी-देवताओं का पूजन कर जनजातीय धर्मगुरूओं का सम्मान किया। कार्यक्रम में आदिवासी लोकनृत्य एवं अन्य आदिवासी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियाँ हुईं। जिला स्तरीय आयोजन में गौरव रथयात्रा का समापन हुआ और ग्राम उत्कर्ष योजना से निर्मित आवासों के गृह प्रवेश के स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। आयोजन में हितग्राहीमूलक योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया गया। इस अवसर पर कमिश्नर बीएस जामोद, नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय, जिला भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र गुप्ता, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर सहित जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे। आभार प्रदर्शन जिला संयोजक कमलेश्वर सिंह द्वारा किया गया।  

सरकार का बड़ा फैसला: सोयाबीन का भावांतर मॉडल रेट अब 4225 रुपये

भोपाल भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए शनिवार 15 नवंबर को 4225 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए और 14 नवंबर को 4184 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी हुआ।  

कोनी को मिला नया संभागायुक्त कार्यालय, मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर के कोनी क्षेत्र में नवीन संभागायुक्त कार्यालय भवन का लोकार्पण किया। लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस सर्वसुविधायुक्त भवन का निर्माण अरपा नदी के तट पर लगभग ढाई एकड़ क्षेत्र में किया गया है। उल्लेखनीय है कि संभागायुक्त कार्यालय भवन में बेसमेंट सहित भूतल तथा प्रथम तल का निर्माण किया गया है। प्रत्येक तल का निर्माण क्षेत्र 1620 वर्गमीटर है। भूतल में 10 कक्ष और एक विशाल हॉल निर्मित किए गए हैं। इसी प्रकार प्रथम तल में 12 कक्ष, एक हॉल और अलग से प्रसाधन की व्यवस्था की गई है। भवन में संभागायुक्त एवं अपर आयुक्त के कक्ष, न्यायालय कक्ष, बैठक कक्ष तथा उपायुक्त (राजस्व), विकास, लेखा अधिकारी के कार्यालय कक्षों के साथ पृथक स्टाफ रूम भी शामिल हैं। नए भवन में अधिवक्ताओं और पक्षकारों की सुविधाओं का भी समुचित ध्यान रखा गया है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्रीअरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, विधायक धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव, दिलीप लहरिया, महापौर पूजा विधानी, संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

राजा रघुराज सिंह की प्रतिमा का भव्य अनावरण, मुख्यमंत्री बोले—हमारी गौरवशाली विरासत

बिलासपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर प्रवास के दौरान शहर के मध्य स्थित रघुराज स्टेडियम में दानदाता गोंड राजा रघुराज सिंह जगत की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। पंडरिया जमींदारी के राजा रघुराज सिंह जगत द्वारा शहर के बीचोबीच दान की गई लगभग 5 एकड़  भूमि पर इस ऐतिहासिक स्टेडियम का निर्माण किया गया है। क्रिकेट सहित कई इनडोर खेल प्रतियोगिताएं इसमें आयोजित होती हैं। मालूम हो कि अविभाजित बिलासपुर जिले की पश्चिम सीमा में पंडरिया जमींदारी शामिल थी।  वर्ष 1958 में यहां के राजा रघुराज सिंह जगत ने बिलासपुर शहर के बीचोबीच स्थित अपनी बेशकीमती जमीन खेलों के विकास के लिए दान कर दी थी। खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उनके द्वारा दान में दी गई भूमि पर स्टेडियम बना है। फिजिकल कल्चरल सोसाइटी फिलहाल इसकी देखरेख करती है। राजा रघुराज सिंह क्रिकेट स्टेडियम कई रणजी मैचों का गवाह रह चुका है । स्टेडियम में 1978, 1979 और 1981 में विदर्भ क्रिकेट टीम के खिलाफ मध्य प्रदेश क्रिकेट टीम और रेलवे क्रिकेट टीम के खिलाफ तीन रणजी मैचों की मेजबानी भी कर चुका है। इसके अलावा यहां कई राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय मैच खेल चुके खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्टेडियम में खिलाड़ियों से मिलकर उनका उत्साह बढ़ाया।     इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव,  विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह,श्री सुशांत शुक्ला,  महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

अग्निवीर सेना रैली में पूर्वांचल का दम, 651 युवाओं ने पार की पहली बाधा

रैली में सैन्य अफसर दौड़ के दौरान अभ्यर्थियों को प्रोत्साहित करते भी दिखाई दिए वाराणसी उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित छावनी क्षेत्र के रणबांकुरा स्टेडियम में कड़ी सुरक्षा के बीच चल रही सेना की (अग्निवीर) भर्ती रैली के तहत शनिवार को देवरिया और गाज़ीपुर जिलों के अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न हुई। सुबह से ही स्टेडियम परिसर में अभ्यर्थियों की लंबी कतारें और जोश देखने को मिला। सैन्य अधिकारियों के अनुसार, कुल 1233 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। उनमें देवरिया के 430 और गाज़ीपुर के 803 अभ्यर्थी शामिल थे। इनमें से 996 अभ्यर्थी उपस्थित हुए। निर्धारित दौड़ पूरी करने के बाद कुल 651 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया। भर्ती प्रक्रिया का नेतृत्व बरेली एआरओ (आर्मी रिक्रूटिंग आफिस) के भर्ती निदेशक कर्नल मानस महापात्रा ने किया। उनके निर्देशन में पूरी प्रक्रिया पूरी तरह अनुशासित, पारदर्शी और निष्पक्ष वातावरण में सम्पन्न हुई। मैदान में मौजूद भर्ती दल, सुरक्षा टीम और प्रशासनिक अधिकारियों ने सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित की। अभ्यर्थियों में चयन को लेकर उत्साह और प्रतिस्पर्धा पूरे दिन नजर आई। सैन्य अफसर दौड़ के दौरान अभ्यर्थियों को प्रोत्साहित करते भी दिखाई दिए।  वाराणसी स्थित सेना भर्ती निदेशक कर्नल शैलेष कुमार ने बताया कि अब चयनित अभ्यर्थियों को अगले चरण की प्रक्रिया के लिए बुलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि शनिवार 16 नवंबर को गाज़ीपुर जिले की जखनियां, सैदपुर और मोहम्मदाबाद तहसीलों के कुल 1260 अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। भर्ती निदेशालय ने सभी अभ्यर्थियों से समय से उपस्थित होने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उल्लेखनीय है कि छावनी क्षेत्र स्थित 39 जीटीसी परिसर स्थित रणबांकुरा स्टेडियम में 08 नवंबर से अग्निवीर सेना भर्ती रैली चल रही है।  

मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और कलेक्टरों ने तराजू-बॉट की पूजा-अर्चना कर खरीदी का किया शुभारंभ

पहले दिन किसानों से 188 केंद्रों में 18639 क्विंटल धान की हुई खरीदी उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरूण साव एवं श्री विजय शर्मा की मौजूदगी में हुआ श्रीगणेश खाद्य मंत्री श्री बघेल ने चंदरपुर और कृषि मंत्री श्री नेताम ने डौरा-कोचली में की खरीदी की शुरुआत रायपुर छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का महाअभियान आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। यह अभियान राज्य के सभी जिलों में 31 जनवरी तक चलेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में धान खरीदी के लिए सम्पूर्ण चाक-चौबंद और पारदर्शी व्यवस्था की गई है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए इस साल राज्य में 2739 धान खरीदी केंद्र बनाए गए हैं, जहां किसानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं, भुगतान की सुविधा सुगम बनाने हेतु माइक्रो एटीएम भी स्थापित किए गए हैं। खरीदी के पहले दिन प्रदेश में 18639 क्विंटल धान की खरीदी की गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सभी किसानों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि किसानों की मेहनत से ही प्रदेश में समृद्धि और खुशहाली का वातावरण निर्मित हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेती-किसानी को बढ़ावा देने के लिए निष्ठा, संवेदनशीलता और सजगता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि धान खरीदी को पूरी तरह व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा। किसानों की किसी भी प्रकार की असुविधा को रोकने के लिए सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इस वर्ष धान खरीदी को तकनीक-सक्षम बनाते हुए तुँहर टोकन ऐप, जीपीएस आधारित परिवहन, सतर्क ऐप और कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर जैसी व्यवस्थाएँ मजबूत की गई हैं। धान खरीदी के पहले दिन राज्यभर के खरीदी केंद्रों में किसानों का स्वागत फूल-मालाओं के साथ किया गया। विभिन्न जिलों में मंत्रिगणों, सांसदों, विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने धान खरीदी का विधिवत् शुभारंभ किया। उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने बिलासपुर जिले के सेंदरी धान खरीदी केंद्र में खरीदी की शुरुआत की, वहीं उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के महाराजपुर धान खरीदी केंद्र में धान खरीदी का शुभारंभ किया। इसी प्रकार, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने सूरजपुर जिले के चंद्रपुर धान खरीदी केंद्र में विधि-विधान के साथ खरीदी प्रारंभ की और किसानों का फूल-मालाओं से अभिनंदन किया। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने बलरामपुर जिले के डौरा-कोचली धान खरीदी केंद्र में पहुँचकर किसानों का आत्मीय स्वागत करते हुए खरीदी प्रक्रिया की शुरुआत की। सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने बस्तर जिले के पल्ली धान खरीदी केंद्र में पूजा-अर्चना कर खरीदी अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इसी क्रम में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कांकेर जिले के मालगांव धान खरीदी केंद्र में इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन और किसानों द्वारा लाए गए धान की पारंपरिक रीति से पूजा-अर्चना कर खरीदी का आरंभ किया। कौशल विकास मंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब ने महासमुंद जिले के झालखमरिया धान खरीदी केंद्र में धान खरीदी की औपचारिक शुरुआत की। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि हर किसान बिना किसी परेशानी के अपना धान बेच सके, समय पर भुगतान पाए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं सम्मानजनक हो। आज प्रदेशभर में जिस उत्साह और विश्वास के साथ किसानों ने खरीदी केंद्रों का रुख किया, वह छत्तीसगढ़ की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रतीक है। आगामी दिनों में खरीदी प्रक्रिया और अधिक सुगमता के साथ चले, इसके लिए सभी जिला प्रशासन सतर्क और प्रतिबद्ध हैं।  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सरकार का ध्येय केवल धान खरीदना नहीं, बल्कि किसान के श्रम का सम्मान सुनिश्चित करना है और यही भावना इस पूरे अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है।

मप्र कांग्रेस एससी विभाग की रणनीतिक बैठक, एआईसीसी प्रभारी भगवती प्रसाद चौधरी ने दिए निर्देश

भोपाल  अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त मध्य प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रभारी भगवती प्रसाद चौधरी के मुख्य आतिथ्य में आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय, भोपाल में अनुसूचित जाति विभाग की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में पार्टी संगठन में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग की भूमिका, महत्व तथा उनकी सक्रिय भागीदारी पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। प्रथम आगमन पर श्री चौधरी का कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के पदाधिकारी ने किया स्वागत मुख्य अतिथि भगवती प्रसाद चौधरी ने संगठन की मजबूती और अनुसूचित जाति वर्ग पर हो रहे अन्याय एवं उपेक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि— “पार्टी आज चुनौतियों और संघर्ष के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में हम सभी को एकजुट होकर संगठन को मजबूत करना होगा और अपने हक–अधिकार की लड़ाई पूरी शक्ति से लड़नी होगी।” मध्य प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने पार्टी की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए सभी पदाधिकारियों से संगठन को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि— “आने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अभी से संगठित और सक्रिय होने की आवश्यकता है। अनुसूचित जाति वर्ग प्रदेश में संगठन और सत्ता को मजबूती देने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद हमें जनता के अधिकारों की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभानी है।” श्री चौधरी के प्रथम आगमन पर अजा विभाग के कांग्रेस पदाधिकारियो ने उनका प्रदेश कांग्रेस कमेटी में स्वागत किया। बैठक में वरिष्ठ कांग्रेस नेता समस्त विभाग एवं प्रकोष्ठों के प्रभारी डॉक्टर महेंद्र सिंह चौहान, पूर्व महापौर दीपचंद यादव, हेमंत नरवरिया, विक्रम चौधरी, रवि वर्मा, हिरदेश किरार सहित सभी पदाधिकारियों ने अपने सुझाव प्रभारी के समक्ष रखे और संगठन की मजबूती हेतु एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया। अंत में प्रभारी भगवती प्रसाद चौधरी ने उपस्थित पदाधिकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि— “कांग्रेस पार्टी सदैव अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकार, सम्मान और भागीदारी के लिए प्रतिबद्ध है, और संगठन में प्रत्येक कार्यकर्ता को उसका हक और सम्मान अवश्य मिलेगा।” इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी,  विभाग के पदाधिकारी मुकेश बंसल, सुनील बोरासी, रमेश बकोरिया दीपू बलुआ, अनिल… नीरज चांडाले, आदि उपस्थित थे।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कांकेर जिला के मालगांव खरीदी केन्द्र में पूजा अर्चना कर धान खरीदी का किया शुभारंभ

रायपुर, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने आज कांकेर जिले के धान खरीदी केंद्र मालगांव पहुंचकर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने धान खरीदी केन्द्र में इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन एवं विक्रय के लिए किसान द्वारा लाए गए धान की पारंपरिक रीति-रिवाज व परंपरानुसार पूजा अर्चना कर धान खरीदी की शुरूआत की। इस अवसर पर कांकेर विधायक आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष श्रीमती तारा ठाकुर, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, जिले के कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, सीईओ हरेश मण्डावी, एसडीएम कांकेर अरूण वर्मा सहित महेश जैन, सतीश लाटिया, बृजेश चौहान भी उपस्थित थे। धान खरीदी केन्द्र मालगांव में कृषक तीजूराम उसेण्डी के धान की तौल कराकर खरीदी कार्य की शुरूआत की गई। उल्लेखनीय है कि कांकेर जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 149 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं तथा धान खरीदी केन्द्रो में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए खरीदी केन्द्र प्रभारी तथा पर्यवेक्षण व निगरानी के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है। जिले के सभी खरीदी केंद्रों में कम्प्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति कर ली गई है तथा बारदाना भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।