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लाखों पेंशनधारकों पर असर: पंजाब सरकार ने बदले नियम, जानें नया अपडेट

संगरूर  संगरूर के जिला खजाना दफ्तर में चल रहे पैंशनर सेवा मेले के दूसरे दिन बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा लाभ उठाया गया। इस मौके पर अतिरिक्त डायरेक्टर खजाना एवं लेखा, पंजाब सिमरजीत कौर ने द्वारा मेले में विशेष तौर पर पहुंच कर पैंशनर सेवा मेले का जायजा लिया गया और ई-केवाईसी करवाने आए पेंशनभोगियों से बातचीत की गई। इस मौके पर डीसीएफए प्रवीण गुप्ता और जिला खजाना अफसर प्रदीप कुमार भी मौजूद थे।       अतिरिक्त डायरेक्टर सिमरजीत कौर ने बताया कि पंजाब सरकार के निर्देशों पर 13 से 15 नवंबर तक पूरे राज्य में पैंशनर सेवा मेले आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नए लॉन्च किए गए पैंशनर सेवा पोर्टल पर राज्य के पेंशनभोगियों का पंजीकरण तीन महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पैंशनर सेवा मेले में वित्त विभाग और पेंशन वितरण करने वाले बैंकों के अधिकारी किसी भी तकनीकी समस्या का मौके पर ही समाधान करने के लिए मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने तक पेंशन वितरण निर्बाध रूप से जारी रहेगा और पंजीकरण प्रक्रिया में देरी के कारण पेंशनभोगियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने पेंशनभोगियों से बेहतर सेवाओं के लिए ई-केवाईसी करवाने की अपील की। ​​इस अवसर पर जिला खजाना अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि 13 व 14 नवंबर को बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने मेले का लाभ उठाया है और यह मेला 15 नवंबर को भी जिला खजाना दफ्तर में जारी रहेगा। 

राज्य स्तरीय प्रतिभा खोज परीक्षा का बिगुल फूंका, 16 नवंबर को होगी परीक्षा

अजमेर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय प्रतिभा खोज परीक्षा (एसटीएसई) 2025 का आयोजन 16 नंवबर रविवार को पूरे प्रदेश में किया जाएगा। इस परीक्षा को लेकर बोर्ड की सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। प्रदेश के सभी 41 जिलों में परीक्षा केंद्र निर्धारित कर दिए गए हैं और संबंधित केंद्रों पर आवश्यक सामग्री एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दी गई हैं। दो पारी में होगी परीक्षा बोर्ड सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि एसटीएसई परीक्षा कक्षा 10 और कक्षा 12 के मेधावी विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जाती है। यह परीक्षा कल रविवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक एक ही पारी में संपन्न होगी। उन्होंने बताया कि परीक्षार्थियों के ऑनलाइन प्रवेश-पत्र तथा परीक्षा केंद्रों के लिए आवश्यक केंद्र सामग्री बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। सचिव राठौड़ के अनुसार, संस्था प्रधान अपने पूर्व प्रदत्त लॉगिन आईडी और पासवर्ड की सहायता से प्रवेश-पत्र डाउनलोड कर परीक्षार्थियों को उपलब्ध कराएंगे। वहीं, केंद्र अधीक्षक भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक केंद्र सामग्री डाउनलोड कर सकते हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में डाउनलोड की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। नियंत्रण कक्ष से पैनी नजर परीक्षा की व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु बोर्ड कार्यालय में नियंत्रण कक्ष (Control Room) स्थापित किया गया है, जो 15 और 16 नवंबर को सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक सक्रिय रहेगा। प्रवेश-पत्र या केंद्र सामग्री डाउनलोड से संबंधित किसी भी तकनीकी समस्या के समाधान के लिए परीक्षा केंद्रों को विशेष दूरभाष नंबर जारी किए गए हैं। ऑनलाइन सामग्री डाउनलोड संबंधी सहायता के लिए ए.सी.पी. से 0145-2632865 और 0145-2627454 पर संपर्क किया जा सकता है। वहीं अन्य परीक्षा-संबंधी सहायता के लिए नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 0145-2632866, 2632867 और 2632868 उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा परीक्षार्थी एवं परीक्षा केंद्र उप निदेशक (परीक्षा-1) से 0145-2425770 पर संपर्क कर सकते हैं। प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर राजस्थान बोर्ड ने सभी परीक्षा केंद्रों को समय पर परीक्षा सामग्री वितरण, सुरक्षा प्रबंध, निगरानी एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड का कहना है कि इस परीक्षा से राज्य के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन मिलेगा और प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे।

श्रीराम मंदिर बनने से कारीगरों के हाथों को काम, कला को मिल रहा है सम्मान

 सीएम योगी के विजन से युवाओं के लिए रोजगार की ऊचाइयों के नये आयाम खुल रहे हैं अयोध्या के विकास से नौजवानों के लिए खुले रोजगार के असीमित दरवाजे सीएम योगी के अथक परिश्रम से युवाओं का रुका पलायन, घर लौट रही हैं उम्मीदें रिवर्स माइग्रेशन शहर की आर्थिक सेहत का सबसे मजबूत संकेत  अयोध्या के विकास से ODOP उत्पाद गुड़ और स्थानीय उत्पादों की विदेशों में धमक  लखनऊ अयोध्या सिर्फ परंपरा का प्रहरी मात्र नहीं बल्कि भविष्य के विकास का ध्वजवाहक भी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के डेडीकेशन और विजन का परिणाम है कि राम मंदिर निर्माण के बाद यह शहर केवल धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पुनर्जागरण का केंद्र बन चुका है। परिवर्तन की इस यात्रा में अयोध्या ध्वजारोहण समारोह एक ऐसा उत्सव बनकर उभर रहा है जो विकास की पूरी दास्तान को अपने भीतर समेटे हुए है। यह समारोह सिर्फ आस्था का पर्व नहीं, बल्कि एक ऐसा आयोजन है जिसने युवाओं, उद्योगों, कारीगरों और आम नागरिकों के लिए नये अवसरों का दरवाजा खोल दिया है। ध्वजारोहण उत्सव से अयोध्या की अर्थव्यवस्था में वृद्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या अब सिर्फ एक तीर्थ नहीं बल्कि विकास की प्रयोगशाला बन चुका है। अयोध्या के ऐतिहासिक विकास ने युवाओं की ज़िंदगी में नई रोशनी, स्थानीय उद्योगों में नई सांसें और परंपरागत कला में एक नई दिशा दी है। अयोध्या में 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्री राम मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराएंगे। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान देश और विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आएंगे। इससे होटल, रेस्टोरेंट, टूर और ट्रेवेल्स, स्थानीय उत्पादों, ODOP के तहत गुड़ कारोबार जैसे अनेकों व्यवसाय में वृद्धि देखने को मिलेगी। अनुमान है कि अयोध्या में इस दौरान करोड़ों का कारोबार होगा।  युवाओं के लिए रोजगार की ऊँचाइयों का नया एजेण्डा अयोध्या के ध्वजारोहण समारोह से पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियां नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी।  जब लाखों श्रद्धालु शहर की तरफ उमड़ते हैं, तो शहर की अर्थव्यवस्था भी उतनी ही तेजी से चलती है। होटल, रेस्टोरेंट, ट्रैवल एजेंसियां, सुरक्षा सेवाएं, इवेंट मैनेजमेंट कंपनियाँ और स्थानीय दुकानों के लए लाभ के दरवाजे खुल जाते हैं। उत्तर प्रदेश में धार्मिक केंद्रों के रूप में अयोध्या-वाराणसी-प्रयागराज के पर्यटन में बड़ी उछाल आई है। इस क्षेत्र में 2017 से अब तक पर्यटकों की संख्या में 361% से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश का पर्यटन सेक्टर अगले कुछ वर्षों में 70,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। विकास परियोजनाएं अयोध्या को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा रही हैं। “राम वन गमन पथ” का निर्माण 4,403 करोड़ रुपये से हो रहा है। ग्रीनफील्ड टाउनशिप प्रोजेक्ट 2,182 करोड़ से बन रहा है। शहर की जनसंख्या और भूमि उपयोग की योजना भी स्पष्ट है। अयोध्या शहर की वर्तमान आबादी लगभग 11 लाख है, जो 2031 तक लगभग 24 लाख और 2047 तक लगभग 35 लाख तक पहुंचने का अनुमान है। इन विकास परियोजनाओं का सीधा लाभ युवाओं को मिल रहा है। उनके लिए लिए रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।  युवाओं के लिए खुले रोजगार के असीमित दरवाजे युवाओं के लिए जहाँ पहले रोजगार सीमित थे, वही आज अवसरों की बाढ़ आ गई है। हजारों नौजवान गाइडिंग, फोटोग्राफी, सोशल मीडिया प्रबंधन, सांस्कृतिक आयोजन, परिवहन सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और होटल प्रबंधन में नए रोल निभा रहे हैं। इससे न केवल उनकी आय में बढ़ोतरी हो रही है बल्कि रोजगार की संभावनाओं को नए पर लग रहे हैं।  युवाओं का रुका पलायन, घर लौटती उम्मीदें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी सोच का ही परिणाम है कि अयोध्या के युवा आज रोजगार के लिए शहर नहीं छोड़ रहे, बल्कि बाहरी कंपनिया अब अयोध्या में अपनी शाखाएं खोलने में रुचि दिखा रही हैं। इससे स्थानीय युवाओं को स्थायी और सम्मानजनक नौकरी मिल रही है। 2017 से पहले युवाओं के बीच यह अवधारणा बन गई थी कि छोटे शहरों में रहने वाले युवाओं को बड़े सपने देखने का हक नहीं। करियर के नाम पर उन्हें महानगरों की दौड़ धूप में जाना ही पड़ता था। लेकिन अयोध्या ने इस मिथक को तोड़ दिया है। राम मंदिर निर्माण और अयोध्या के भव्य विकास के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि यहा से जाने वाले युवा अब वापस लौट रहे हैं। रिवर्स माइग्रेशन शहर की आर्थिक सेहत का सबसे मजबूत संकेत स्थानीय रोजगार में वृद्धि, व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार और पर्यटन उद्योग के विस्तार ने युवाओं को यह भरोसा दिया है कि उनके सपने अब उनके अपने शहर में पूरे हो सकते हैं। आज अयोध्या के युवा अपने परिवारों के साथ रहकर वही कमा पा रहे हैं, जो पहले उन्हें मीलों दूर रहकर कमाना पड़ता था। यह बदलाव सिर्फ रोजगार का नहीं, बल्कि सामाजिक स्थिरता और परिवारिक मजबूती का भी प्रतीक है। अयोध्या के विकास से ODOP उत्पाद गुड़ की विदेशों में धमक  उत्तर प्रदेश का ODOP (एक जिला, एक उत्पाद) अभियान अयोध्या की वास्तविक ताकत बनकर उभरा है। अयोध्या की काष्ठकला, गुलाब उत्पाद, धार्मिक उपहार, मूर्तिकला, राम नाम से जुड़े स्मृति चिह्न सबको देश-विदेश के बाजारों में नई पहचान मिली है।  कारीगरों के हाथों को काम, कला को सम्मान राम मंदिर आने वाले लाखों पर्यटकों की वजह से स्थानीय उत्पादों की मांग को कई गुना बढ़ा दिया है। इससे स्थानीय कलाकारों, महिलाओं के स्वयं-सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों को नए रोजगार के अवसर मिले हैं। ODOP ने न केवल रोजगार दिया, बल्कि कला को उसकी असली कीमत भी दिलाई है।

जिलाधिकारी एक्शन मोड में: आरोग्यम फेज 2.0 को लेकर मीटिंग में दिए अहम निर्देश

औरैया उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में आरोग्यम फेज 2.0 कार्यक्रम के प्रभावी संचालन के लिए जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में शनिशार काे बैठक कर स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को दायित्व सौंपे।  उन्होंने बताया कि दूरस्थ ग्रामों को प्राथमिकता देते हुए माइक्रो प्लान के आधार पर न्याय पंचायतवार शिविर आयोजित किए जाएंगे। 18 नवंबर से 8 जनवरी तक प्रत्येक मंगलवार और गुरुवार को ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सुबह 10 बजे से आरोग्यम शिविर लगेंगे। इसके लिए 75 नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिशिर पुरी को कार्यक्रम का नोडल अधिकारी बनाया गया है और उन्हें डिजिटल डायरी तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने आरबीएसके टीम की शिथिलता पर नाराजगी व्यक्त करते हुए बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण में गति लाने के निर्देश दिए। एनआरसी में कुपोषित बच्चों की कम भर्ती पर संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी गई। ई-कवच पोर्टल और अन्य फीडिंग कार्यों में लापरवाही पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। नवजात मृत्यु दर को गंभीरता से लेते हुए सभी एमओआईसी को प्रत्येक मृत्यु की वजह और रोकथाम संबंधी सुझाव ऑडिट रिपोर्ट के साथ उपलब्ध कराने को कहा गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।  

51 हजार से अधिक किसानों से किया गया धान क्रय

3.01 लाख मीट्रिक टन हुई धान खरीद  3.82 लाख किसानों ने धान खरीद सत्र में कराया पंजीकरण  धान (कॉमन)-2369 व (ग्रेड-ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर हो रही खरीद लखनऊ  पहली अक्टूबर से पश्चिम व पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में धान खरीद शुरू हुई थी। योगी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल अन्नदाता किसान निरंतर इससे जुड़ रहे हैं। 14 नवंबर तक 51,361 किसानों से 3.01 लाख मीट्रिक टन से अधिक की धान खरीद हो चुकी है। धान (कॉमन)-2369 व (ग्रेड-ए) की खरीद 2389 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर हो रही है। खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक धान खरीद सत्र के लिए शुक्रवार तक 3,82,997 किसानों का पंजीकरण किया गया है। वहीं 51,361 किसानों से 3.01 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई। अब तक प्रदेश में 4139 क्रय केंद्रों की स्थापना की जा चुकी है।  सीएम योगी के निर्देश पर 48 घंटे में किसानों को किया जा रहा भुगतान  सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान किया जा रहा है।  किसानों के आधार लिंक्ड बैंक खाते में सीधे भुगतान किया जाएगा। वहीं बिचौलियों को रोकने व पारदर्शिता बरतते हुए क्रय केंद्रों पर मोटे अनाज की खरीद ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वॉइंट ऑफ परचेज) डिवाइस के माध्यम से पहले की भांति किसानों का बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए ही होगी। किसान अपनी समस्याएं टोल फ्री नंबर 18001800150 पर जानकारी ले सकते हैं या अपनी समस्या भी बता सकते हैं।   पहली अक्टूबर से पश्चिम उत्तर प्रदेश व पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में हो रही खरीद  पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, बरेली, मुरादाबाद, आगरा, अलीगढ़, झांसी व लखनऊ संभाग के जनपद (लखीमपुर खीरी, हरदोई व सीतापुर) में पहली अक्टूबर से धान खरीद हो रही है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के अयोध्या, आजमगढ़, कानपुर, चित्रकूट, देवीपाटन, प्रयागराज, गोरखपुर, मीरजापुर, बस्ती, वाराणसी व लखनऊ संभाग के उन्नाव, रायबरेली व लखनऊ में पहली नवंबर से धान खरीद हो रही है।

लखनऊ की 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी में दिखेगा लघु भारत का भव्य नजारा

लखनऊ में जुटने जा रहा 'मिनी इंडिया': विज्ञान, संचार और स्वास्थ्य की विशेष व्यवस्था 33,000 स्काउट्स एवं गाइड्स उठायंगे देशभर के खान-पान का स्वाद    जंबूरी में होगी अभेद्य सुरक्षा, कैंडिडेट्स के स्वास्थ्य के लिए बनेगा 100 बेड का अस्थायी अस्पताल  जंबूरी में होगा विविधता और तकनीक का संगम, अस्थाई तारामंडल और निर्बाध इन्टरनेट भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की 75वीं वर्षगांठ: लखनऊ में होगा एशिया-पैसिफिक देशों के प्रतिनिधियों का जमावड़ा लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ 61 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय आयोजन की मेज़बानी के लिए पूरी तरह तैयार है। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की डायमंड जुबली 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी का भव्य आयोजन 23 से 29 नवंबर तक वृंदावन योजना स्थित रक्षा एक्सपो ग्राउंड में होने जा रहा है। इस आयोजन में देश भर से लगभग 30,000 स्काउट-गाइड, यूनिट लीडर्स और 1500 विदेशी प्रतिभागियों समेत कुल 33,000 से अधिक लोगों के भाग लेने की संभावना है। मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर, आयोजन स्थल को 'लघु भारत' का भव्य स्वरुप दिया जा रहा है। टेंट सिटी में विभिन्न राज्यों के लिए आवास तैयार किए जा रहे हैं, जबकि मुख्य आयोजन के लिए 'सेन्टर एरिना' का निर्माण अंतिम चरण में है। सांस्कृतिक विविधता का संगम लखनऊ में आयोजित हो रही 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी 'लघु भारत' का भव्य दर्शन कराएगी। यहाँ देश के सभी राज्यों की सांस्कृतिक विविधता एक मंच पर जुटेगी। विभिन्न राज्यों की परंपराओं और कलाओं का यह अद्वितीय संगम राष्ट्रीय एकता की भावना को सशक्त करेगा। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में, पड़ोसी देशों जैसे नेपाल, श्रीलंका, भूटान, अफगानिस्तान समेत एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के 10 देशों के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे। यह अंतर्राष्ट्रीय सहभागिता का एक अनूठा संगम होगा। नवाचार और तकनीक का समागम यह जम्बूरी परंपरा के साथ नवाचार का भी संगम होगी। टेंट सिटी में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा एक अस्थाई तारामंडल का निर्माण किया जा रहा है, जहाँ बच्चों को अत्याधुनिक दूरबीनों के माध्यम से दिन में सूर्य और रात में तारों की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। प्रतिभागियों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए एक अस्थाई बाज़ार और फूड कोर्ट भी तैयार किया जा रहा है, जहाँ देशभर के खान-पान का स्वाद मिलेगा। निर्बाध संचार कनेक्टिविटी के लिए, दूर संचार मंत्रालय एक समर्पित टावर और उपकरण लगाने जा रहा है, ताकि 40,000 से अधिक कैंडिडेट्स बिना किसी रुकावट के अपने परिजनों से संपर्क स्थापित कर सकें। स्वास्थ्य सुरक्षा का अभेद्य चक्र इस बड़े अंतर्राष्ट्रीय आयोजन को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में 100 बेड का एक अस्थायी अस्पताल तैयार किया गया है, जिसमें 50 बेड पुरुषों और 50 बेड महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे। इसके अतिरिक्त, पूरे दिन सक्रिय रहने वाली 15 डिस्पेंसरी भी बनाई जा रही हैं। अस्पताल के सुचारू संचालन के लिए 50 डॉक्टरों (फिजिशियन, सर्जन, आर्थोपैडिक) और लगभग 100 पैरामेडिकल स्टाफ (नर्स, टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट) की ड्यूटी तीन पालियों में लगाई गई है। आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था के साथ-साथ, पास के अस्पतालों में आईसीयू और सामान्य बेड भी रिजर्व रखे गए हैं।

भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर महासमुंद में जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजन

प्रधानमंत्री मोदी  वर्चुअली जुड़े, विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण रायपुर, महासमुंद जिला पंचायत सभाकक्ष में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस पूरे उत्साह और सम्मान के साथ मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नर्मदा ज़िले के डेडियापाड़ा से वर्चुअली शामिल हुए और दो बहुउद्देशीय केंद्रों का शुभारंभ एवं 13 छात्रावासों का शिलान्यास किया। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक संपत अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह सहित जनजातीय समाज के प्रमुख उपस्थित थे। बिरसा मुंडा का संघर्ष आज भी प्रेरणा का स्रोत— मंत्री साहेब अपने संबोधन में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन त्याग, साहस और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अल्पायु में ही बड़ा आंदोलन खड़ा किया, जिसकी प्रेरणा आज भी जनजातीय समाज को दिशा देती है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने के निर्णय की सराहना की। जनप्रतिनिधियों ने बिरसा मुंडा के योगदान को याद किया महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि यह दिवस आदिवासी अस्मिता और गौरव का प्रतीक है। वहीं बसना विधायक संपत अग्रवाल ने कहा कि बिरसा मुंडा का संघर्ष सामाजिक, सांस्कृतिक और अस्तित्व की रक्षा का महाआंदोलन था और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनजातीय समाज की उन्नति के लिए लगातार कार्य जारी हैं। प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं और हितग्राहियों का सम्मान कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को मोमेंटो व प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। साथ ही पीएम जनमन अंतर्गत 5 हितग्राहियों को पीएम आवास की चाबी सौंपी गई।महिला स्व सहायता समूहों को चक्रीय एवं सामुदायिक निवेश निधि के चेक तथा 5 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसी तरह डेयरी फॉर्म स्थापना हेतु 2 लाभार्थियों को सहायता राशि एवंस्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं नक्सल प्रभावित परिवारों को मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिले में जनजातीय विकास के व्यापक कार्य— कलेक्टर लंगेह कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास हेतु पिछले एक वर्ष में—3025 आधार कार्ड, 1887 आयुष्मान कार्ड, 2102 बैंक खाते, 3099 राशन कार्ड और 1380 सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र बनाए गए। पीएम जनमन के तहत 678 आवास, 26 सड़कें, पेयजल, विद्युत और आंगनबाड़ी जैसी सुविधाएँ दी गईं। धरती आबा कार्यक्रम के तहत 308 गांवों में ग्रामीणों द्वारा विलेज एक्शन प्लान तैयार किया गया। विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण, समूहों के कार्यों की सराहना कार्यक्रम से पूर्व मंत्री एवं विधायकगणों ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। स्व सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों की सराहना की गई तथा स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल पर हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए।  बड़ी संख्या में हुई जनभागीदारी कार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज के प्रमुख, विभिन्न जनजातियों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, महिला स्व सहायता समूह की सदस्याएँ और स्कूली बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।  

धीमी धान खरीदी पर कांग्रेस का वार: PCC चीफ बैज बोले—सरकार उदासीन, किसान बेहाल

  रायपुर  छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का बहुप्रतीक्षित सीजन आज 15 नवंबर से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। हालांकि खरीदी के पहले ही दिन व्यवस्थाएँ पूरी तरह पटरी पर नहीं दिखीं। PACS कर्मचारियों की हड़ताल के चलते कई खरीदी केंद्रों पर कामकाज ठप रहा। कई केंद्रों में मशीनें बंद रहीं, किसान लाइन में खड़े रहे, मगर खरीदी शुरू नहीं हो सकी। इस स्थिति पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार को आड़े हाथों लिया। दीपक बैज ने कहा कि सरकार की चुप्पी और लापरवाही का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। “धान खरीदी केंद्रों में सन्नाटा है। कर्मचारी हड़ताल पर हैं और किसान अपना धान बेच नहीं पा रहे। सरकार को तुरंत कर्मचारियों से संवाद करना चाहिए। कांग्रेस हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों के साथ है और धान खरीदी की स्थिति पर पूरी निगरानी कर रही है। आदिवासी गौरव जनजाति दिवस पर भाजपा बड़े कार्यक्रम आयोजित कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ने वाले हैं। इसी बीच पीसीसी चीफ दीपक बैज ने भाजपा पर “आदिवासी विरोधी मानसिकता” का आरोप लगाया। बैज ने कहा कि आज बिरसा मुंडा की जयंती पर पूरा आदिवासी समाज उनके संघर्ष और योगदान को याद कर रहा है। उन्होंने कहा, “बीजेपी आदिवासी दिवस का विरोध करती रही है। आज दिखावे के कार्यक्रमों से आदिवासियों को भ्रमित करने की कोशिश हो रही है। जल, जंगल और जमीन को लगातार बेचा जा रहा है और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।” कांग्रेस द्वारा आयोजित बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) बैठक में PCC चीफ दीपक बैज ने बिहार चुनाव के नतीजों को लेकर गंभीर प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आईं। बैज ने कहा, “बिहार में आए चुनाव परिणाम चौंकाने वाले हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार और मंत्रियों के प्रति गहरा आक्रोश था, फिर भी नतीजे बिलकुल उलटे आए। कई जगह लोगों को वोटिंग से रोका गया और कई मतदाताओं की जगह किसी और ने वोट डाल दिए—ऐसी शिकायतें आम रहीं।” उन्होंने कहा कि यह स्थिति “चुनाव आयोग और भाजपा के गठजोड़” का संकेत देती है। बैठक में बीएलओ को विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। जिला अध्यक्षों ने भी भाग लिया और तय किया गया कि आने वाले दिनों में जिले, विधानसभा और ब्लॉक स्तर पर भी प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि मतदाता सूची (SIR) से जुड़े कार्यों में लोगों की अधिक प्रभावी सहायता की जा सके।

सौर ऊर्जा उत्पादन में यूपी राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल

2.72 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित, 48 हजार से अधिक रोजगार सृजित छतों पर सौर ऊर्जा की कुल स्थापित क्षमता 950 मेगावाट से भी अधिक पहुंची   लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पीएम सूर्यघर योजना ने रिकॉर्ड सफलता हासिल की है। प्रदेश में अब तक 2.72 लाख से अधिक रूफटॉप सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनसे प्रतिदिन करीब 40 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। छतों पर सौर ऊर्जा की कुल स्थापित क्षमता 950 मेगावाट से भी अधिक पहुंच गई है, जिसके साथ यूपी राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है। स्थापना के मामले में प्रदेश गुजरात और महाराष्ट्र के बाद तीसरे स्थान पर है, जबकि कुल आवेदनों में दूसरा स्थान प्राप्त है। वेंडर्स की संख्या 400 से बढ़कर 4,000, रोजगार के नए अवसर योजना की शुरुआत में जहां मात्र 400 वेंडर थे, वहीं यह संख्या अब बढ़कर करीब 4 हजार पहुंच गई है। इसके चलते प्रदेश में 48,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार और सप्लाई चेन व मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में लाखों अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं। रूफटॉप सोलर मॉडल से अब तक 3,800 एकड़ कृषि भूमि की बचत भी संभव हुई है। यूपी की अर्थव्यवस्था को मिला नई ऊर्जा का संबल योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा ₹1,808 करोड़, जबकि राज्य सरकार द्वारा ₹584 करोड़ की सब्सिडी सीधे उपभोक्ताओं को प्रदान की गई है। सोलर संयंत्रों के माध्यम से बिजली लागत में वार्षिक बचत प्रदेश के GDP में 0.2% से अधिक योगदान दे रही है, जो उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर गति प्रदान कर रही है। कार्बन उत्सर्जन में बड़ी कमी रूफटॉप सौर संयंत्रों से हर वर्ष 11.3 लाख टन CO₂ उत्सर्जन में कमी आ रही है, जो 2.3 करोड़ पेड़ों के अवशोषण के बराबर है। यह पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है। युवाओं के लिए बड़ा अवसर प्रदेश सरकार ने सौर ऊर्जा क्षेत्र में युवाओं को जोड़ने के लिए योजना को सीएम युवा से भी लिंक किया है। यूपीनेडा के माध्यम से इंपैनलमेंट होने के बाद युवाओं को सौर वेंडर फर्म स्थापित करने हेतु 5 लाख रुपए की सहायता प्रदान की जाएगी। उत्तर प्रदेश को 'सोलर प्रदेश' बनाने का लक्ष्य राज्य सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 तक रूफटॉप सौर स्थापना में गुजरात को पीछे छोड़ते हुए उत्तर प्रदेश को सोलर प्रदेश यूपी के रूप में स्थापित किया जाए। यह कदम ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित भविष्य की दिशा में यूपी को अग्रणी बनाएगा।

क्षेत्र में सनसनी: झाड़ियों से मिला कंकाल, जाँच में जुटी पुलिस

दुर्ग  कुम्हारी रेलवे स्टेशन के परसदा रेलवे फाटक के पास झाड़ियाें में नर कंकाल मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि शव लंबे समय से पड़े रहने के कारण सड़ चुका है। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए कचांदूर स्थित सीसीएम मेडिकल कॉलेज भेजा। दरअसल राजेश नाम का व्यक्ति रेलवे लाइन के किनारे अपनी बकरियों को चरा रहा था। तभी अचानक बकरियां दौड़ने भागने लगी, जिससे राजेश को अनहोनी की आशंका हुई। जब राजेश झाड़ियों के बीच पहुंचा तो उसने सड़ी गली अवस्था में नर कंकाल देखा। इसके बाद उन्होंने तुरंत इसकी सूचना डायल 112 और पुलिस को दी। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव की पहचान शुरू कर दी है।