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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उपार्जन केन्द्रों में किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए

रायपुर : प्रदेश में 15 नवम्बर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर तैयारियां पूरी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उपार्जन केन्द्रों में किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए रायपुर :धान के अवैध परिवहन एवं विक्रय के मामले में होगी कड़ी कार्रवाई रायपुर राज्य में 15 नवम्बर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर सभी खरीदी केन्द्रों में आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि किसानों को धान विक्रय में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। उन्होंने उपार्जन केंद्रों में किसानों की सुविधा हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। जिलों में कलेक्टरों के मार्गदर्शन में सहकारिता, मार्कफेड एवं खाद्य विभाग द्वारा धान खरीदी की व्यवस्था को लेकर सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। राज्य के सभी उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधा के लिए बारदानों की व्यवस्था, फड़, चबूतरा, पीने का पानी, किसानों के बैठने की छायादार व्यवस्था की जा रही हैं। कलेक्टर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने जिलों में दौरा कर धान खरीदी केन्द्रों की व्यवस्था का मुआयना कर रहे हैं। राज्य में इस साल किसानों से धान खरीदने के लिए 2739 उपार्जन केंद्रों बनाए गए हैं। सभी केन्द्रों में धान खरीदी के साथ-साथ क्रय धान के उठाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि किसानों को असुविधा न हो। राज्य में धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए अन्य राज्यों के सीमा में चेक पोस्ट स्थापित कर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। धान की सुरक्षा हेतु खरीदी केन्द्रों में आवश्यकतानुसार ड्रेनेज एवं तारपोलिन आदि की व्यवस्था और उचित स्थानों पर सीसीटीव्ही कैमरे लगाने भी लगाए जा रहे हैं, ताकि धान खरीदी परिसर और वहां की व्यवस्था पर निगरानी रखी जा सके।  धान खरीदी से जुड़े अधिकारियों को स्टेक लगाने, सभी समितियों को उचित संख्या में ही टोकन जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम खराब होने अथवा बारिश होने की स्थिति में किसी तरह की अव्यवस्था उत्पन्न न हो, इसको ध्यान में रखते हुए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि समितियों में माइक्रो एटीएम की व्यवस्था की गई है, ताकि धान बेचने आने वाले किसान तात्कालिक खर्चे के लिए आवश्यक राशि का आहरण कर सके।

टूरिज्म पर बड़ा असर: दिल्ली हमले के बाद वाराणसी में होटल बुकिंग में 20% की गिरावट

वाराणसी दिल्ली में 10 नवंबर को हुए आतंकी हमले का असर अब पर्यटन नगरी वाराणसी (बनारस) पर भी दिखने लगा है। बीते 48 घंटों में जिले के होटलों में लगभग 20 प्रतिशत बुकिंग कैंसिल कर दी गई हैं। इनमें अधिकतर रद्दीकरण विदेशी पर्यटकों के हैं, जो हर साल नवंबर-दिसंबर में काशी का रुख करते हैं। होटल एसोसिएशन के अनुसार, स्पेन, न्यूयॉर्क, फ्रांस, इटली और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से आने वाले यात्रियों की संख्या में सीजन की शुरुआत में ही 30–40% तक गिरावट दर्ज की गई है। गंगा घाटों के पास स्थित होटलों से लेकर शहर के प्रमुख मार्गों पर बने बजट और लक्जरी होटलों तक, अधिकांश बुकिंग्स में कमी दिखाई दे रही है। होटल इंडस्ट्री पर बड़ा प्रभाव होटल व्यवसायियों का कहना है कि नवंबर और दिसंबर हर साल पर्यटन गतिविधियों का पीक सीजन होता है, लेकिन इस बार हालात बदले हुए हैं। देव दीपावली में जहां होटलों की ऑक्युपेंसी लगभग फुल थी, वहीं दिल्ली धमाके के बाद माहौल अचानक बदल गया। शहर के कई होटलों में इस महीने की ऑक्युपेंसी 15–20% तक गिर गई है। कई बड़े होटलों ने सुरक्षा कारणों और पर्यटकों की अरुचि को देखते हुए पहले से तय इवेंट बुकिंग्स भी रद्द कर दी हैं। एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ने और लगातार जारी अलर्ट ने भी विदेशी यात्रियों की यात्रा योजनाओं को प्रभावित किया है। कई पर्यटक अपनी यात्रा फिलहाल टाल रहे हैं। सर्दियों में बढ़ता है विदेशी पर्यटकों का दबदबा वाराणसी होटल एसोसिएशन का कहना है कि नवंबर-दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, अर्जेंटीना समेत कई देशों के यात्री काशी में सर्दियों का आनंद लेने आते हैं। इसके अलावा दक्षिण भारत से आने वाले यात्रियों की संख्या भी इसी अवधि में काफी अधिक रहती है। क्या बोले पर्यटन संगठनों के पदाधिकारी? गोकुल शर्मा, अध्यक्ष—वाराणसी होटल एसोसिएशन “दिल्ली की घटना का असर काशी में दिख रहा है। कुछ होटलों में बुकिंग घटी है, हालांकि कई होटलों में बुकिंग्स सामान्य रूप से जारी हैं। राहुल मेहता, अध्यक्ष—टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन ने कहा कि “प्रशासन सुरक्षा को लेकर पूरी तरह एक्टिव है। नवंबर के मध्य से बनारस का पर्यटन फिर से रफ्तार पकड़ेगा। आतंकी घटनाओं का स्थायी प्रभाव काशी पर नहीं पड़ेगा।  

NIA की बड़ी कार्रवाई: नूंह से खाद विक्रेता हिरासत में, दिल्ली धमाके से जुड़ रहे सुराग

नूंह   दिल्ली विस्फोट मामले में एनआईए की टीम ने बृहस्पतिवार को हरियाणा के फरीदाबाद, गुरुग्राम और मेवात में खाद दुकानें खंगाली। जांच एजेंसी ने नूंह से एक खाद-बीज विक्रेता और एक निजी अस्पताल के डॉक्टर को हिरासत में लिया। माना जा रहा है कि कथित रूप से संदिग्ध डॉक्टरों ने इन जिलों की दुकानों से 26 क्विंटल एनपीके खाद खरीदा था। खाद विक्रेता की पहचान दिनेश सिंगला उर्फ डब्बू के रूप में हुई है। वह मूल रूप से गांव शिकारवा का निवासी है। दूसरे व्यक्ति की पहचान रिहान के रूप में हुई है, जो नूंह का निवासी है। वह तावडू में एक निजी अस्पताल में डॉक्टर है। सूत्रों के अनुसार, उसने अल-फ्लाह यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। इधर, हरियाणा पुलिस ने दिल्ली विस्फोट से जुड़ी तीसरी संदिग्ध ब्रिजा कार को अल-फ्लाह यूनिवर्सिटी से बरामद कर लिया। कार लेडी डॉक्टर शाहीन के नाम पर बताई जा रही है। बुधवार रात को दूसरी ईको इकोस्पोर्ट कार फरीदाबाद के गांव खंदावली से बरामद की गई थी। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी के एचआर विभाग से जमील को गिरफ्तार किया है। एक और व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस मामले में पुलिस को चौथी स्विफ्ट डिजायर कार की तलाश है। इसके साथ ही, अल-फ्लाह यूनिवर्सिटी में कार्यरत एक और कश्मीरी डाक्टर लापता है। फरीदाबाद पुलिस ने कई कालोनियों और झुग्गियों में सर्च ऑपरेशन चलाया।  इस बीच, विस्फोट में घायल एक व्यक्ति की उपचार के दौरान मौत हो गयी। इससे विस्फोट में मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गयी है। इधर, डीएनए परीक्षण से पुष्टि हुई है कि डॉ. उमर नबी ही उस कार को चला रहा था, जिसमें विस्फोट हुआ था। साथ ही, विस्फोट स्थल के पास एक दुकान की छत पर एक कटा हुआ हाथ मिला है। इस बीच, यह भी पता चला है कि तीनों अारोपी डॉक्टर ‘थ्रीमा’ नामक एक स्विस संचार एप के जरिए लगातार संपर्क में थे। 

जदयू ऑफिस के बाहर महिलाओं की खुशी का धमाका, कहा– अब बदलाव नहीं, विकास का दौर शुरू

पटना पटना में शुक्रवार को जदयू कार्यालय के बाहर माहौल बेहद रंगीन और उत्साह भरा रहा। ढोल की थाप पर महिला कार्यकर्ता नाचती-गाती दिखीं। चुनावी रुझानों में एनडीए को जबरदस्त बढ़त से खुश महिलाओं ने नतीजे घोषित होने से पहले ही जश्न मानना शुरू कर दिया। चुनाव आयोग ने जैसे ही मतगणना के रुझान देने शुरू किए, वैसे ही महिला समर्थक बड़ी संख्या में पार्टी कार्यालय पहुंचने लगीं। उन्होंने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर बधाई दी। महिला समर्थकों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब राजनीति में समीकरण बदल चुके हैं। एक महिला ने आईएएनएस से कहा, "लालू राज में 'एमवाई' का मतलब मुस्लिम और यादव था, लेकिन अब बिहार में 'महिला और युवा' फैक्टर चलता है। आज ये जीत इसी बदले हुए माहौल की पहचान है।" एक अन्य महिला समर्थक ने कहा, "आज की जीत विकास की जीत है। यह जीत हर उस महिला की है जिसे नीतीश कुमार ने सशक्त बनाया।" जदयू कार्यालय में मौजूद एक महिला ने कहा, "हम सभी यहां एक-दूसरे को बधाई देने आए हैं। आज हमारे लिए होली भी है और दीपावली भी। यह पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार की नेतृत्व क्षमता का परिणाम है।" एक महिला ने कहा, "नीतीश कुमार रोजमर्रा के जीवन को छूने वाली योजनाएं लेकर आए। महिलाओं को सम्मान मिला, उन्हें सशक्त बनाया गया। युवाओं को रोजगार मिला। बिहार का जो भी विकास हुआ है, वह नीतीश कुमार के कारण हुआ है।" उन्होंने आगे कहा, "नीतीश कुमार वोट की चिंता नहीं करते, वे वोटर्स की चिंता करते हैं। वह सच में विकास पुरुष हैं।" एक महिला समर्थक ने कहा, "हम इसलिए ज्यादा खुश हैं क्योंकि बिहार से जंगल राज का अंत हो चुका है।" वहीं एक महिला समर्थक ने कहा, "बिहार की बहनों ने जंगल राज को खत्म किया है। अब बिहार में सिर्फ विकास की गंगा बहेगी। यह जीत एनडीए की एकता का प्रतीक है।" इस दौरान कई महिलाएं जीत के गीत गाती नजर आईं।

प्रदेश में अधिक से अधिक बनें स्वावलंबी गो-शालाएँ : राज्यमंत्री पटेल

गो-शाला का किया निरीक्षण भोपाल  पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने कहा है कि प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में गो-संरक्षण एवं गो-संवर्धन के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में पहली बार निराश्रित गो-वंश के समुचित पालन-पोषण और गो-शालाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए "स्वावलंबी गो-शाला नीति" बनाई गई है, जिसका पूरे प्रदेश में सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। गो-पालन में समुदाय की भागीदारी बहुत आवश्यक है। राज्यमंत्री श्री पटेल ने शुक्रवार को पटिया वाले बाबा स्थान, मुरैना पहुंचकर दर्शन-पूजन किया और वहां संचालित गो-शाला का निरीक्षण किया। राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा कि गो-शालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने अनूठी पहल की है। प्रदेश में स्वावलंबी गो-शालाओं (गोकुल धाम) की स्थापना की नीति-2025 लागू की गई है, जिसमें न्यूनतम 5000 गो-वंश के व्यवस्थापन के लिए राज्य सरकार द्वारा 130 एकड़ तक भूमि गो-शालाओं को उपयोग के लिए दिए जाने को प्रावधान है। इसमें से 5 एकड़ भूमि व्यावसायिक गतिविधियों के लिए दी जाएगी। जिले में स्वावलंबी गो-शालाएँ विकसित हों, इसके लिए प्रदेश स्तर से 20 गो-शालाओं की स्वीकृति दी गई है, जिनमें मुरैना भी शामिल है। आने वाले समय में प्रत्येक जिले में स्वावलंबी गो-शाला स्थापित की जाएगी। राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा कि पटिया वाले बाबा स्थान मुरैना में जनसहयोग से गो-शाला का सुव्यवस्थित संचालन प्रशंसनीय है। यहां नंदी गो-वंश, स्वस्थ गायें, बीमार गायें और बछड़ों को अलग-अलग शेड में रखा गया है। गो-शाला में सैक्स सोर्टेड सीमन तकनीक से कृत्रिम गर्भाधान किया जा रहा है, यह सराहनीय है। श्री पटेल ने भूसा भंडारण स्थल, दाना मिश्रण व्यवस्था तथा गो-वंश के पोषण के लिए किए गए प्रबंधों का निरीक्षण किया। उन्होंने गो-शाला के लिए एक अतिरिक्त शेड निर्माण की घोषणा भी की। उन्होंने पशुपालन उप संचालक को पशु-औषधालय मुरैना के उन्नयन का प्रस्ताव भोपाल भेजने के निर्देश दिए। श्री पटेल ने बताया कि आने वाले समय में नस्ल सुधार पर ध्यान देते हुए देशी नस्लों के साथ जर्सी जैसी दुग्ध उत्पादक नस्लों को भी बढ़ावा देना आवश्यक है। गिर गाय श्योपुर जिले से लाई जाती है, इसे ब्राजील और गुजरात में बड़े पैमाने पर पाला जा रहा है, जहाँ यह गाय 60 लीटर तक दूध देती है। राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा कि गोबर गैस, सीएनजी प्लांट, सोलर प्लांट और नस्ल सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाए। भविष्य में बछिया (हीफर) रोजगार का प्रभावी साधन बन सकती है। इस अवसर पर गो-शाला संचालक श्री दीनबंधु महाराज, सचिव श्री रवि गुप्ता, उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ. बी.के. शर्मा, श्री रतन दास वैष्णव, श्री कौशल शर्मा आदि उपस्थित रहे। 

मेरा गैंगरेप हुआ, पुलिस बचा रही है आरोपियों को’—पीड़िता की चीख सीधे DIG तक पहुंची

बुलंदशहर यूपी के बुलंदशहर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गुरुवार को डीआईजी कलानिधि नैथानी खुर्जा नगर कोतवाली का निरीक्षण कर रहे थे। तभी गाड़ी के सामने एक गैंगरेप पीड़िता आ गई और उसने डीआईजी को अपनी आपबीती सुनाई। पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ छह लोगों ने गैंगरेप किया है।  पीड़िता ने डीआईजी को सुनाई आपबीती  मिली जानकारी के मुताबिक, डीआईजी नैथानी के निरीक्षण के दौरान पुलिस ने उन तक किसी को पहुंचने से रोकने के लिए सड़क पर सुरक्षा घेरा बना रखा था। इसी दौरान खुर्जा क्षेत्र में हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले की पीड़िता भी वहां पहुंची थी। उसे डीआईजी से मिलने से रोका गया था। जब निरीक्षण के बाद डीआईजी थाने से जा रहे थे, तब महिला अपने परिवार के साथ पुलिस का सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए उनकी गाड़ी के सामने दौड़ते हुए पहुंच गई। उसने अपनी आपबीती डीआईजी को सुनाई। पीड़िता ने रोते हुए बताया कि छह लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक सिर्फ चार आरोपियों को हिरासत में लिया है। जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं। जिनमें एक महिला भी शामिल है।  थाना प्रभारी 'लाइन हाजिर'  पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि फरार आरोपी उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। पीड़िता की गुहार सुन डीआईजी ने तुरंत मामले का संज्ञान लेते हुए इसकी जांच सीओ अनूपशहर को सौंपी और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही मामले में लापरवाही के आरोप में खुर्जा थाना प्रभारी को 'लाइन हाजिर' कर दिया।  डीआईजी कलानिधि नैथानी के निरीक्षण के दौरान कोई फरियादी अपनी शिकायत न कर सके और खुर्जा पुलिस की पोल न खुले, इसके लिए सीओ समेत अन्य अधिकारियों के निर्देश पर पुलिसकर्मियों ने शिकायत लेकर आए फरियादियों को जबरन गाड़ी में बैठाकर घर छोड़ दिया। जिसकी जानकारी चमन विहार कॉलोनी निवासी सुमित ने दी। जोकि अपने भाई की हत्या की जांच की मांग लेकर वहां पहुंचे थे। 

यात्रियों के लिए खुशखबरी! चंडीगढ़ एयरपोर्ट की उड़ान अवधि बढ़ी

हरियाणा  यात्रियों के लिए गुड न्यूज आई है। शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट चंडीगढ़ पर उड़ान सेवाओं का समय और दायरा दोनों बढ़ा दिए हैं। अब यहां से देश के 12 प्रमुख शहरों और दुबई के लिए सीधी उड़ानें होंगी। वहीं एयरपोर्ट अब 18 घंटे तक चालू रहेगा। पहले विमानों का केवल 7 घंटे ही संचालन होता था। यात्रियों को मिलेगा फायदा अब चंडीगढ़ एयरपोर्ट से  हैदराबाद, गोवा, दिल्ली, बंगलूरू, जयपुर, इंदौर, अहमदाबाद, मुंबई, आबू धाबी, धर्मशाला, श्रीनगर, पुणे और दुबई के लिए सीधी उड़ानें शुरू हो गई हैं। इससे यात्रियों को राहत मिलेगी। पहले फेज में 26 अक्टूबर से 6 नवंबर तक केवल 7 घंटे विमानों का संचालन हुआ था। अब दूसरे फेज में 7 नवंबर से 18 नवंबर तक यह अवधि 18 घंटे तक बढ़ाई गई है।

एनडीए की ऐतिहासिक विजय पर योगी का संदेश—समर्पित कार्यकर्ताओं पर जताया गर्व

लखनऊ बिहार विधानसभा चुनावों में भाजपा और राजग को शानदार जीत मिलती दिख रही है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक एनडीए गठबंधन 200 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इसे लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है। इसी कड़ी में सीएम योगी ने भाजपा की जीत पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा-एनडीए गठबंधन की प्रचंड विजय की समर्पित कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं जनता-जनार्दन का अभिनंदन!  हालांकि अभी तक कुछ सीटों पर फाइनल नतीजे चुनाव  आयोग ने घोषित किए है।  यह ऐतिहासिक विजय आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के विकासोन्मुख मार्गदर्शन और डबल इंजन सरकार की लोक-कल्याणकारी नीतियों पर बिहार की जनता के अटूट विश्वास की मुहर है। यह जनादेश विकास, सुशासन, समृद्धि और स्थिरता के उस मार्ग का समर्थन है, जिस पर नया बिहार आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है। भाजपा ने सोशल मीडिया पर बिहार में मिली हार को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी को ‘ट्रोल' करते हुए पोस्ट किए। पूर्व केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन ने कहा कि बिहार में बड़ी संख्या में महिलाएं मतदान करने पहुंचीं थीं, जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में उनके विश्वास तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति लगातार समर्थन को दर्शाता है। पूर्व भाजपा राज्य अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने कहा कि केरल को बिहार के जनादेश से सीख लेनी चाहिए, जहां जनता ने “जंगल राज” को अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार के मतदाताओं ने एक “भ्रष्ट” सरकार को हटाया और कांग्रेस-राजद गठबंधन ने जाति कार्ड खेलने की कोशिश की, लेकिन असफल रहा। उन्होंने कहा, “मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भी राजद–कांग्रेस गठबंधन ध्वस्त हो गया। यह राजग की स्पष्ट जीत है।” उन्होंने कहा कि केरल में, जहां धार्मिक अल्पसंख्यकों का प्रभाव अधिक है, बिहार का परिणाम एक स्पष्ट संदेश साबित होगा।   

श्रम विभाग ने एमपी पावर जनरेटिंग कंपनी के बारह पावर हाउस को दी 5 स्टार श्रम रेटिंग: ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कम्पनी लिमिटेड (MPPGCL) ने श्रम कानूनों के उत्कृष्ट अनुपालन और श्रमिक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। श्रम विभाग द्वारा कम्पनी के चार ताप विद्युत उत्पादन गृहों व आठ जल विद्युत गृह को ‘फाइव स्टार श्रम स्टार रेटिंग’ से सम्मानित किया है। यह सम्मान कम्पनी की उच्च कार्यसंस्कृति, पारदर्शिता, शत-प्रतिशत नियामकीय अनुपालन व श्रमिक हितों को सर्वोपरि रखने के दृष्टिकोण का सशक्त प्रमाण है। यह उपलब्धि पॉवर जनरेटिंग कम्पनी के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी, श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह खंडवा, अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई, संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर, गांधी सागर जल विद्युत गृह, टोंस जल विद्युत गृह सिरमौर,राजघाट जल विद्युत गृह, बाणसागर जल विद्युत गृह-दो सिलपरा, बाणसागर जल विद्युत गृह-तीन देवलोंद, बाणसागर जल विद्युत गृह-चार झिन्ना, मरहीखेड़ा जल विद्युत गृह और बिरसिंगपुर जल विद्युत गृह को हासिल हुई है। श्रम विभाग द्वारा श्रम कानूनों के अनुपालन, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा प्रावधानों तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्रोत्साहित करने के लिये ”श्रम स्टार रेटिंग” प्रारंभ की गई है। यह सम्मान संस्थान द्वारा श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रथाओं के अपनाने तथा श्रम कानूनों के प्रति स्वैच्छिक अनुपालन की प्रतिबद्धता का द्योतक है। गत वर्षों में विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में कम्पनी ने विभिन्न महत्वपूर्ण कीर्तिमान बनाएं है जो की न सिर्फ कम्पनी की नियामकीय प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि श्रमिकों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की उसकी नीति को भी सशक्त रूप से उजागर करती है। कम्पनी के प्रबंध संचालक श्री मनजीत सिंह ने इस उपलब्धि पर सभी विद्युत उत्पादन गृहों के मुख्य अभियंताओं, अभियंताओं व कार्मिकों को इस उपलब्धि का श्रेय व बधाई देते हुए कहा-“यह सम्मान हमारी कार्यसंस्कृति, अनुशासन और श्रमिक कल्याण के प्रति हमारी निष्ठा का परिणाम है। हमें गर्व है कि न केवल कम्पनी सभी स्तरों पर श्रमिकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से संबंधित विभिन्न नीतियां बना रही है, बल्कि हर मानक पर उत्कृष्टता की नई मिसालें भी स्थापित कर रहे हैं, जिसमें सभी कर्मचारियों का योगदान है।” 

प्रदेश में वाहन चोरी नियंत्रण के प्रयासों को मिली महत्वपूर्ण सफलता

मध्यप्रदेश पुलिस का वाहन चोरियों पर सुदृढ़ प्रहार 12 दिनों में 52 मोटरसाइकिलें, 1 ट्रैक्टर और 1 डंपर बरामद भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा वाहन चोरी के विरुद्ध संचालित विशेष अभियान के अंतर्गत इस माह उल्लेखनीय सफलताएँ दर्ज की गई हैं। सतत निगरानी, तकनीकी विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों से अब तक 31 मोटरसाइकिलें, एक ट्रैक्टर और एक डंपर बरामद किए गए हैं। ये उपलब्धियाँ पुनः सिद्ध करती हैं कि मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा के लिए निरंतर और दृढ़तापूर्वक कार्य कर रही है। जिला-स्तरीय हुई प्रमुख कार्रवाई अशोकनगर- में थाना बहादुरपुर पुलिस ने वाहन चोरी में संलिप्त गिरोह के 13 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर 7 मोटरसाइकिलें बरामद कीं। बैतूल के थाना मुलताई क्षेत्र में आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी की मोटरसाइकिल जब्त की गई।  दमोह- में थाना देहात पुलिस ने 6 मोटरसाइकिलें और सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए। एक अन्य प्रकरण में लूट व वाहन चोरी में लिप्त गिरोह से 3 मोटरसाइकिलें, 3 मोबाइल फोन और एक चांदी की अंगूठी जब्त की गई।  शिवपुरी- में थाना नरवर चौकी मगरौनी क्षेत्र से चोरी गया महिंद्रा ट्रैक्टर मात्र चार घंटे में बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त थाना बैराड़, करैरा और देहात क्षेत्रों में भी चोरी की एक-एक मोटरसाइकिल जब्त कर तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।  मंदसौर- में थाना कोतवाली पुलिस ने वाहन चोरी में लिप्त व्यक्ति से 3 मोटरसाइकिलें जब्त कीं।  शाजापुर- में तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस टीम ने लगभग 500 CCTV फुटेज खंगाले तथा 2000 किलोमीटर की दूरी तय कर अंतर्राज्यीय चोरों द्वारा चोरी किए गए 62 लाख रुपये मूल्य के डंपर को बरामद किया।  मंडला- में थाना कोतवाली पुलिस ने 3 व्यक्तियों से 7 मोटरसाइकिलें बरामद कीं, जबकि थाना देहात पुलिस ने चोरी की एक और मोटरसाइकिल जब्त की।  ग्वालियर- में थाना कोतवाली पुलिस ने दो व्यक्तियों से चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की।  छतरपुर जिले में अभियान के दौरान तकनीकी विश्लेषण, भौतिक साक्ष्यों और अंतर्राज्यीय मुखबिर तंत्र के आधार पर महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई। जिले में 21 मोटरसाइकिलें (मूल्य 16 लाख रुपये से अधिक) बरामद की गईं, जिन्हें चोरी के बाद गिरवी रखकर अवैध लाभ अर्जित किया जा रहा था। बरामद वाहनों में सागर जिले में दर्ज अपराधों से संबंधित 3 मोटरसाइकिलें भी शामिल हैं। वर्ष 2025 में कोतवाली, सिविल लाइन, खजुराहो और नौगांव क्षेत्रों में कार्रवाई कर 6 बड़े गिरोहों का पर्दाफाश किया गया तथा 115 से अधिक मोटरसाइकिलें बरामद की जा चुकी हैं।  उल्लेखनीय है कि पिछले माह भी मध्यप्रदेश पुलिस की त्वरित कार्रवाइयों से विभिन्न जिलों से लगभग 120 दोपहिया वाहन बरामद किए गए थे। यह निरंतर सफलता दर्शाती है कि वाहन चोरी की रोकथाम हेतु पुलिस की रणनीति, सतत निगरानी और तकनीकी तंत्र प्रदेशभर में प्रभावी रूप से कार्य कर रहा है।  हाई-टेक विश्लेषण, व्यापक CCTV निगरानी, फील्ड इंटेलिजेंस और पुलिस टीमों की सतर्कता के कारण इन कार्रवाइयों में तीव्रता और ठोस परिणाम सुनिश्चित हुए हैं। पुलिस अधीक्षकों के मार्गदर्शन और थाना प्रभारियों के नेतृत्व में की गई ये संयुक्त कार्रवाइयाँ नागरिकों में सुरक्षा और भरोसे की भावना को और मजबूत करती हैं। मध्यप्रदेश पुलिस का यह सतत अभियान राज्य में वाहन चोरी जैसे अपराधों पर व्यापक अंकुश स्थापित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।