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विद्युत परियोजनाओं में लापरवाही नहीं चलेगी, समयसीमा में पूरा हो काम: उप मुख्यमंत्री का सख्त संदेश

फीडर सेपरेशन और नए विद्युत सब स्टेशन का निर्माण समय सीमा में करें : उप मुख्यमंत्री शुक्ल फीडर सेपरेशन और नए सब स्टेशन का निर्माण समय पर पूरा करें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल का निर्देश विद्युत परियोजनाओं में लापरवाही नहीं चलेगी, समयसीमा में पूरा हो काम: उप मुख्यमंत्री का सख्त संदेश बिजली ट्रिपिंग रोकने के करें प्रभावी उपाय – बिजली उपभोक्ताओं को न हो असुविधा भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सर्किट हाउस रीवा में बैठक में कहा कि विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए कई परियोजनाओं में कार्य किया जा रहा है। फीडर सेपरेशन तथा नए विद्युत सब स्टेशन के निर्माण का कार्य तय समय सीमा में पूरा करें। शहर में पीटीएस चौराहा तथा चोरहटा में दो नए सब स्टेशन का निर्माण पूरा होने से विद्युत व्यवस्था बेहतर हुई है। शहर में कई स्थानों में विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इन्हें तत्काल बदलें। इनसे कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है। शहर में बिजली की ट्रिपिंग को रोकने के लिए भी प्रभावी उपाय करें। कई बिजली उपभोक्ताओं द्वारा मीटर की जाँच के नाम पर परेशान करने की शिकायतें की गई हैं। जाँच के नाम पर ईमानदार बिजली उपभोक्ताओं को परेशान न करें। यदि कोई व्यक्ति बिजली की चोरी कर रहा है तो सही मूल्यांकन करके ही जुर्माना लगाएं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि निर्माणाधीन सिक्स लेन बायपास रोड से बिजली लाइनों की तत्काल शिफ्टिंग कराएं। प्रस्तावित सड़क में भूमिगत विद्युत लाइन बिछाने का कार्य प्रस्तावित करें। अतिरिक्त मुख्य अभियंता पाण्डेय ने बताया कि खराब विद्युत पोल बदलने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इसका कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा। विद्युत सब स्टेशन स्थापित करने का कार्य पूरा हो गया है। खराब ट्रांसफार्मर तय समय सीमा में बदले जा रहे हैं। संभाग के सभी डिपो में पर्याप्त संख्या में ट्रांसफार्मर उपलब्ध हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय, स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी तथा निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

रमोतिन ने स्वयं ट्रैक्टर चलाना सीखा और बनी सक्षम किसान

रायपुर : लखपति दीदी को किया गया सम्मानित, ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना ग्रामीण आजीविका मिशन की सफलता की मिसाल बनीं लखपति दीदी, रायपुर में हुआ सम्मानित रमोतिन ने स्वयं ट्रैक्टर चलाना सीखा और बनी सक्षम किसान रायपुर  मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने आज कार्यालय जिला पंचायत में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना अंतर्गत छुरिया विकासखंड के ग्राम सागर की लखपति दीदी श्रीमती रमोतिन ठाकुर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। लखपति दीदी श्रीमती रमोतिन ठाकुर 11 जुलाई 2025 को रायपुर में आयोजित लखपति दीदी संवाद कार्यक्रम में शामिल होकर मेरी कहानी मेरी जुबानी के तहत अपनी सफलता की कहानी प्रस्तुतीकरण करेंगी। उल्लेखनीय है कि लखपति दीदी श्रीमती रमोतिन ठाकुर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान अंतर्गत वीणा स्वसहायता समूह की सदस्य है। महिलाएं भी खेती-किसानी का कार्य कर सकती है, इसकी एक मिसाल है। एक गृहणी से एक सक्षम किसान बनने की उनकी कहानी रोचक है। उन्होंने बैंक से ऋण लेकर ट्रैक्टर खरीदने का निर्णय लिया। वाहन चालक को प्रतिमाह अधिक वेतन देना पड़ता था, इसलिए उन्होंने स्वयं ट्रैक्टर चलाना सीखा। उन्होंने अपनी 3 एकड़ बंजर भूमि को कृषि योग्य भूमि बनाया। जिससे उनकी आय दोगुनी हो गई। उनकी वार्षिक आय 1 लाख रूपए से अधिक है तथा वे एनआरएलएम की विभिन्न गतिविधियों से जुड़ी हुई है।

परिवहन विभाग और तेल कंपनियों की संयुक्त बैठक में बनी कार्ययोजना

रायपुर : पेट्रोल पंपों में स्थापित होंगे प्रदूषण जांच केन्द्र रायपुर के पेट्रोल पंपों पर शुरू होगी प्रदूषण जांच सेवा, जल्द स्थापित होंगे केंद्र परिवहन विभाग और तेल कंपनियों की संयुक्त बैठक में बनी कार्ययोजना रायपुर राज्य में वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण को प्रभावी बनाने की दिशा में परिवहन विभाग ने एक अहम पहल की है। आगामी दिनों में 56 पेट्रोल पंपों में प्रदूषण जांच केन्द्र की स्थापना की जाएगी। परिवहन विभाग के सचिव एवं परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश (भाप्रसे) तथा अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर (भापुसे) की उपस्थिति में पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर पेट्रोल पंपों में प्रदूषण जांच केन्द्र स्थापित करने की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में एचपीसीएल ने बताया कि रायपुर स्थित सेंट्रल जेल के पास उनके पेट्रोल पंप में पीयूसी सेंटर की शुरुआत हो चुकी है और आगामी दिनों में 50 आउटलेट्स में सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य है। वहीं जियो पेट्रोलियम ने धमतरी और रायपुर के पंपों में केंद्र प्रारंभ कर दिए हैं तथा इस तिमाही में 6 नए केंद्र खोलने की योजना है। इंडियन ऑयल कंपनी ने जानकारी दी कि रायपुर-बिलासपुर मार्ग स्थित जय-जवान पेट्रोल पंप में पीयूसी सेंटर शुरू किया गया है। परिवहन आयुक्त ने निर्देश दिए कि पीयूसी सेंटरों की उपलब्धता की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक वाहन मालिक प्रदूषण जांच करवा सकें और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग दें। बैठक में उप परिवहन आयुक्त मनोज कुमार धु्रव, एआरटीओ सुयुगेश्वरी वर्मा तथा तेल कंपनियों के प्रतिनिधि इंडियन ऑयल से विशाल राणा, एचपीसीएल से राकेश जोशी एवं नितिन श्रीवास्तव, और जियो पेट्रोलियम से शिखर श्रीवास्तव उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री आवास योजना से हर जरूरतमंद को मिल रहा पक्का घर: उप मुख्यमंत्री का बयान

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के हितग्राहियों को किया हितलाभ वितरण भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों के पक्के आवास के सपने को पूरा कर रही है। योजना से देश में 4 करोड़ पक्के आवास लोगों को मिल चुके हैं आने वाले समय में 3 करोड़ मकान गरीबों को दिये जायेंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नगर निगम रीवा के टाउन हाल में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के 224 हितग्राहियों को आवास की एक लाख रूपये की प्रथम किश्त के स्वीकृति पत्र सौंपे। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत प्रदेश के 65 हजार से अधिक हितग्राहियों को 1626 करोड़ रूपये की राशि प्रदान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर से हितग्राहियों को राशि का वितरण किया। इंदौर के कार्यक्रम का संजीव प्रसारण भी किया गया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना से रीवा में 1736 आवास तैयार किये जा चुके हैं। इसी प्रकार पूर्व में 4198 आवास पूर्ण हो गये हैं तथा 224 हितग्राहियों को प्रथम किश्त के तौर पर एक लाख रूपये की राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प है कि कोई भी गरीब कच्चे आवास में न रहे। उनकी संकल्पना को मूर्तरूप देने के उद्देश्य से प्रदेश व जिले में भी गरीबों को पक्के आवास प्रदान किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों, युवाओं, किसानों व महिलाओं के कल्याण के लिये कृत संकल्पित है। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित रहे।  

उज्जैन के गौरवशाली अतीत को लौटाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है सरकार: सीएम डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में 360 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया उज्जैन के पुराने वैभव को पुनर्स्थापित करने के निरंतर प्रयास जारी : मुख्यमंत्री डॉ यादव उज्जैन के गौरवशाली अतीत को लौटाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है सरकार: सीएम डॉ. यादव उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय का नामकरण सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के नाम से किया जाएगा। उज्जैन शहर का अत्यंत गौरवशाली इतिहास रहा है। उज्जैन आदिकालीन नगरी है और इसके पुराने वैभव को पुनर्स्थापित करने के निरंतर प्रयास किए जा रहे है। यहां देश के प्रमुख उद्योगपतियों द्वारा उद्योगों की स्थापना की जाएगी। उज्जैन की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नए मार्गों का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को देवास रोड स्थित क्षिप्रा विहार वाणिज्यिक परिसर में आयोजित कार्यक्रम में यूडीए ,उच्च शिक्षा विभाग और महर्षि पाणिनी संस्कृत विश्वविद्यालय के अंतर्गत 360 करोड रुपए से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण करने के बाद सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हम सबका सौभाग्य है कि उज्जैन में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन संत जनों की उपस्थिती में संपन्न हुआ है। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों के चेहरे की प्रसन्नता और आंखों की चमक से स्पष्ट प्रतीत होता है कि उज्जैन शहर की चमक दिनो दिन बढती जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत भी विभिन्न विकास कार्यों का भूमि पूजन और लोकार्पण किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर,उज्जैन,धार,देवास,शाजापुर को मिलाकर मेट्रो पोलिटन नगरी के रुप में विकसित किया जाएगा। शासन द्वारा युवाओं को रोजगार देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे है। आने वाले समय में 1 लाख से अधिक पदों पर नियुक्ति की जाएगी। विभिन्न वर्गों की संयुक्त रुप से एक ही परीक्षा के माध्यम से भर्ती की जाएगी और विभागों के रिक्त पदों की पूर्ति की जाएगी। मंगलनाथ, भूखिमाता, गढकालीका, हरिसिध्दी माता मंदिर को और भव्य रुप प्रदान किया जाएगा। इंदौर से उज्जैन तक मेट्रो लाईन डाली जाएगी। फ्रीगंज के ब्रिज के समानांतर एक नए ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। उज्जैन खगोल कालगणना और विज्ञान की नगरी रही है इसें पुन: उसी स्वरुप में लाने के प्रयास किए जाऐंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम यहां विकास कार्यों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।मुख्यमंत्री ने मंच पर संतों का शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। इस दौरान लोकप्रिय गायिका सुअभिलिप्सा पांडे के द्वारा शिव स्तुति और शिवाष्टक की प्रस्तुति दी गई। विकास कार्यों पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। बहुउदेशीय वाणिज्यिक काम्पलेक्स प्रतिकल्पा का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नानाखेड़ा स्थित यू डी ए द्वारा निर्मित शहर के पहले 7 मंजिला बहुउदेशीय वाणिज्यिक काम्पलेक्स (प्रतिकल्पा) का फीता कांट कर लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर सांसद उज्जैन आलोट अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालुहेड़ा, संजय अग्रवाल, राजेश धाकड़, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव एवं अन्य गणमान्य नागरिक और अधिकारीगण उपस्थित थे।  

भोपाल के एक्वा पार्क का भी होगा भूमिपूजन

उज्जैन में राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन आज  मुख्यमंत्री डॉ. यादव देंगे 152 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों की सौगात भोपाल के एक्वा पार्क का भी होगा भूमिपूजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारा लक्ष्य मछुआ समाज को सम्मान देने के साथ ही तकनीकी नवाचार, सुरक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है। मध्यप्रदेश अब नीलक्रांति की दिशा में पूरे देश के लिए प्रेरणा बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में उज्जैन में राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन 12 जुलाई शनिवार को आयोजित होगा। यह आयोजन मछुआ समाज को सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि के लिए सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों को और भी मजबूती देगा। मछुआ समुदाय की सामाजिक समरसता और आधुनिक मछली पालन की दिशा में यह सम्मेलन ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है। मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नारायण सिंह पंवार, उज्जैन के प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री सीता राम बाथम की मौजूदगी में मछुआरों को हितलाभ वितरण और अनेक सौगातें दी जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देंगे विकास कार्यों की सौगात     453 स्मार्ट फिश पार्लर (22.65 करोड़)     अंडरवॉटर टनल और एक्वा पार्क (40 करोड़)     इंदिरा सागर जलाशय में 3060 केज फिशिंग (91.80 करोड़)     430 मोटर साइकिल विद आइस बॉक्स, 100 यूनिट्स का वितरण     डेफर्ड वेजेस में 9.63 करोड़ का सिंगल क्लिक अंतरण     उत्कृष्ट मछुआरों एवं सहकारी समितियों का सम्मान सुरक्षा से समृद्धि की ओर – मछुआ समाज के लिए तकनीकी क्रांति राज्य सरकार अब मछुआरों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इंदिरा सागर जैसे जलाशयों में ड्रोन, GPS और CCTV युक्त आधुनिक कंट्रोल कमांड सेंटर की स्थापना हो रही है। इससे 24×7 निगरानी, नावों की ट्रैकिंग और आपात स्थिति में त्वरित सहायता संभव हो सकेगी। गांधी सागर और इंदिरा सागर में 5 ट्रांजिट हाउस और 2 फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म का निर्माण किया जाएगा। मछुआ भाइयों के लिए सोलर मोबाइल चार्जिंग, बायो टॉयलेट और आपात रात्रि विश्राम की व्यवस्था की जाएगी। भोपाल में FIDF योजना अंतर्गत ₹5 करोड़ की लागत से केवट प्रशिक्षण संस्थान का निर्माण होगा जिसमें केज कल्चर, बायोफ्लॉक, RAS तकनीक, फिश प्रोसेसिंग आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सामाजिक समरसता का उत्सव निषादराज को समर्पित: राज्यमंत्री श्री नारायण सिंह पंवार उज्जैन की पवित्र भूमि पर होने वाला राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन निषाद समाज के गौरव और उसकी सांस्कृतिक परंपराओं को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नारायण सिंह पंवार ने कहा कि समर्पण, समानता और सेवा के सनातन प्रतीक निषादराज को समर्पित ऐतिहासिक आयोजन है। उन्होंने कहा कि श्रीराम और निषादराज की मित्रता आज भी सामाजिक समरसता की सबसे प्रेरक कथा है। "मछलीघर" से "एक्वा पार्क" तक: भोपाल के लिए यादों और भविष्य का संगम भोपाल के दिल में बसने वाले पुराने मछलीघर की स्मृतियों को नया जीवन देने जा रहा है अत्याधुनिक "एक्वा पार्क" का भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअली करेंगे। इस 40 करोड़ की महत्वाकांक्षी परियोजना में केंद्र सरकार की 25 करोड़ व राज्य सरकार की 15 करोड़ की साझेदारी है।     समुद्री और मीठे पानी की सैकड़ों मछलियों की प्रजातियाँ यहां देखने को मिलेगी     डिजिटल एक्वेरियम, वॉटर टनल और 3D इंटरेक्टिव जोन     बच्चों के लिए सी-लाइफ लर्निंग सेंटर     पर्यावरण शिक्षा और संरक्षण आधारित कार्यक्रम नीलक्रांति में अग्रदूत बना प्रदेश मध्यप्रदेश में 4.42 लाख हेक्टेयर जलक्षेत्र उपलब्ध है, जिसमें से 4.40 लाख हेक्टेयर में मत्स्य पालन किया जा रहा है। बीते वर्ष लक्षित मत्स्योत्पादन का 98 फीसदी (3.81 लाख मैट्रिक टन) मत्स्योत्पादन किया गया। प्रदेश में 2595 पंजीकृत मछुआ सहकारी समितियों के 95,417 सदस्य मछली पालन में कर रहे हैं। 1.45 लाख मछुआ किसान क्रेडिट कार्ड स्वीकृत किए गए देश में अंतर्देशीय राज्यों में मध्यप्रदेश मछुआरों को क्रेडिट कार्ड वितरण में पहले स्थान पर है। प्रदेश में मछलीपालन से 2 करोड़ 75 लाख से ज्यादा मानव दिवसों के रोजगार सृजित किए गए। बीते वर्ष प्रदेश में 217 करोड़ से ज्यादा मत्स्यबीज उत्पादित किए गए, जिससे मत्स्य क्षेत्र में प्रदेश ने आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से कदम आगे बढ़ाए।  

इशरा का दर्द खत्म, हमीदिया के डॉक्टरों ने बिना ऑपरेशन किया इलाज

भोपाल राजधानी के हमीदिया अस्पताल ने एक बार फिर उम्मीद की नई किरण जगाई है। 15 साल की इशरा खान टीबी और मवाद के कारण अपनी रीढ़ की हड्डी की भयानक बीमारी से जूझ रही थीं, उन्हें अब नई जिंदगी मिली है। इशरा की रीढ़ की हड्डी इतनी खराब हो चुकी थी कि वे चल-फिर नहीं पाती थीं। उनका इलाज लगभग 15 साल से चल रहा था, लेकिन कोई खास फायदा नहीं हो रहा था। इशरा को भोपाल के कई निजी अस्पतालों में दिखाया गया, लेकिन सब जगह उन्हें निराशा ही मिली। हर जगह ऑपरेशन की सलाह दी गई, जिसमें जान का भी खतरा था। इशरा के पिता रईस खान ने हार नहीं मानी और हमीदिया अस्पताल लेकर आए। यहां डॉक्टरों ने इशरा की गंभीर हालत को देखते हुए बिना किसी बड़े ऑपरेशन के इलाज करने का फैसला किया। यह ऑपरेशन आयुष्मान भारत योजना के तहत निश्शुल्क किया गया।   बिना चीर-फाड़ के निकाला एक लीटर मवाद हमीदिया अस्पताल के डाक्टरों की टीम ने 23 जून 2025 को इशरा का ऑपरेशन किया। इस दौरान उन्होंने बिना किसी बड़ी चीर-फाड़ के इशरा की रीढ़ की हड्डी से एक लीटर से भी ज़्यादा मवाद बाहर निकाला। इसके साथ ही हड्डी को जोड़ने वाली एक खास ''स्क्रू तकनीक'' का भी इस्तेमाल किया गया। यह आपरेशन बहुत मुश्किल था, क्योंकि रीढ़ की हड्डी के पास से नसें गुजरती हैं और ज़रा सी भी गलती से मरीज को लकवा हो सकता था। खास मशीन से किया उपचार डॉक्टरों ने बताया कि इशरा के ऑपरेशन के दौरान एक खास मशीन ''न्यूरो मानिटर'' और ''इंट्रा आपरेटिव एक्स-रे मानिटर'' का इस्तेमाल किया गया, जिससे नसें सुरक्षित रहीं। इस टीम में अस्तिरोग विभाग के डॉ. वैभव जैन, डॉ. सुनीत टंडन, डॉ. आशीष गोहिया, डॉ. राहुल वर्मा, डॉ. अभिषेक निगम, डॉ. ट्विंकल केवल, डॉ. उर्मिला केसरी और डॉ. आरपी कौशल शामिल थे। मेरी बेटी को नया जन्म मिला: पिता रईस खान ऑपरेशन के बाद इशरा के पिता रईस खान ने अस्पताल प्रशासन औरडॉक्टरों का दिल से शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी को नया जन्म मिला है। इस अस्पताल में मेरी बेटी को नई जिंदगी दी है। यह सफल सर्जरी न केवल इशरा के लिए, बल्कि उन सभी मरीजों के लिए एक उम्मीद है जो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। हमीदिया अस्पताल की अधीक्षक डॉ. सुनीत टंडन ने कहा कि 'हमीदिया अस्पताल में भी अब अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता के साथ जटिल सर्जरी संभव हैं। यह सर्जरी न केवल इशरा को नया जीवन देगी, बल्कि सीमित संसाधनों वाले मरीजों के लिए भी आशा की किरण बनेगी।' 

बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए सीएम मोहन यादव और उनकी धर्मपत्नी, किया आशीर्वाद ग्रहण

उज्जैन  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को उज्जैन में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वे आध्यात्मिक, सामाजिक और विकासात्मक गतिविधियों में शामिल होंगे। सुबह वे श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्मारती के दर्शन करेंगे और भक्त निवास के समीप आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके बाद वे कालिदास अकादमी में निषाद सम्मेलन को संबोधित करेंगे और नलवा में लाड़ली बहना योजना के तहत लाभार्थियों के खातों में राशि हस्तांतरित करेंगे। श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्मारती और पूजा-अर्चना सावन मास के दूसरे दिन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी धर्मपत्नी के साथ श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्मारती के दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों की समृद्धि और कल्याण के लिए प्रार्थना की। दर्शन के बाद उन्होंने गर्भगृह में विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिर समिति के पदाधिकारी, पुजारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इस पवित्र अवसर पर उनके साथ उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा, "बाबा महाकाल की कृपा से मध्यप्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। मैं प्रार्थना करता हूँ कि हमारा प्रदेश आत्मनिर्भरता, रोजगार, शिक्षा और आध्यात्म के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़े।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि सावन मास बाबा महाकाल की कृपा प्राप्त करने का विशेष समय है और इस पवित्र माह में लिया गया संकल्प जनकल्याण के लिए फलदायी होता है। उज्जैन, जो महाकाल की नगरी के रूप में विख्यात है, से उन्होंने प्रदेश की भावनात्मक और आध्यात्मिक एकता का संदेश भी दिया। कालिदास अकादमी में निषादराज सम्मेलन शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे, मुख्यमंत्री कालिदास अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन में शामिल होंगे। इस अवसर पर वे कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का वर्चुअwatertight वर्चुअल भूमि-पूजन करेंगे, जिनमें शामिल हैं: 453 स्मार्ट फिश पार्लर: 22.65 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ये पार्लर मछुआरों के लिए आधुनिक सुविधाएँ प्रदान करेंगे। अत्याधुनिक अंडर वॉटर टनल और एक्वा पार्क: 40 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह परियोजना पर्यटन और मत्स्य पालन को बढ़ावा देगी। इंदिरा सागर जलाशय में मत्स्य उत्पादन: 91.80 करोड़ रुपये की लागत से 3060 केजेस के माध्यम से मत्स्य उत्पादन और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री 430 मोटरसाइकिल विद आइस बॉक्स के स्वीकृति पत्र, 100 यूनिट्स का वितरण, 396 केज के स्वीकृति पत्र, फीडमील हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र और उत्कृष्ट कार्य करने वाले मछुआरों व मत्स्य सहकारी समितियों को पुरस्कार वितरित करेंगे। वे मत्स्य महासंघ के मछुआरों को 9.63 करोड़ रुपये के डेफर्ड वेजेस का एकल क्लिक के माध्यम से हस्तांतरण करेंगे और रॉयल्टी चेक भी सौंपेंगे। लाड़ली बहना योजना की राशि हस्तांतरण दोपहर 2:30 बजे, मुख्यमंत्री नलवा में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रदेशभर की लाड़ली बहनों के खातों में राशि हस्तांतरित करेंगे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएँ भाग लेंगी। यह योजना मध्यप्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके तहत नियमित रूप से वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

किसानों को नहीं मिल रहा हक का पंप, 10 HP के बदले जबरन दिया जा रहा 7.5 HP

भिंड  प्रदेश भर में 10 हार्स पावर (एचपी) के सोलर पंप लगवाने के लिए पंजीयन कराने वाले 62 हजार किसान उलझन में हैं। दरअसल, 90 प्रतिशत अनुदान के साथ सोलर पंप के लिए अप्रैल में पोर्टल पर पंजीयन कराए गए थे। उसके बाद से ही किसानों को कंपनियों के माध्यम से पंप मिलने की प्रतीक्षा थी। हाल ही में ग्वालियर अंचल के भिंड दौरे पर आए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के मंत्री राजेन्द्र शुक्ल की मौजूदगी में अपडेट पोर्टल की शुरुआत करते हुए किसानों को योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाने की अपील की थी, परंतु अभी तक विभाग ने 10 एचपी कनेक्शन के लिए कंपनी ही अनुबंधित नहीं की है। ऐसे में जिन किसानों ने पंजीयन कराए हैं, उन पर कंपनियां 7.5 एचपी के कनेक्शन के लिए दबाव बना रही हैं। योजना के अनुसार प्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की सोलर पंप योजना के तहत 10 एचपी तक के सोलर पंप किसानों को दिए जाने हैं। इसकी लागत का 90 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। किसानों ने जमा किए हैं पांच हजार रुपये सरकार ने वादा तो कर दिया लेकिन टेंडर सिर्फ 7.5 एचपी तक के ही किए हैं, जबकि हजारों किसान 10 एचपी का कनेक्शन लेने के लिए पांच हजार रुपये विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन जमा करा चुके हैं। 10 एचपी का सोलर पंप लगाने पर करीब छह लाख रुपये का खर्च आता है। अनुदान मिलने के बाद किसान को महज 58 से 60 हजार रुपये ही खर्च करने होंगे। इस वजह से किसान कम पावर का कनेक्शन लेने को तैयार नहीं हैं। किसानों का कहना है कि कम क्षमता के सोलर पंप से खेतों में पर्याप्त सिंचाई नहीं हो पाती। उधर विभाग की मुश्किल यह है कि सरकार द्वारा टेंडर प्रक्रिया शुरू कर अभी तक कंपनी तय नहीं की गई है, इसलिए फिलहाल पोर्टल ही बंद रखा गया है। भिंड के पावई बिरगवा के रहने वाले हरेंद्र सिंह भदौरिया ने कहा कि "10 एचपी का सोलर पंप लगाए जाने के लिए पांच हजार रुपये जमा करके पंजीयन कराया था। एक माह से कंपनियां फोन लगाकर 10 एचपी के बजाय 7.5 एचपी का सोलर पंप लेने को कह रही हैं। उनका कहना है कि सरकार ने अभी 10 एचपी के लिए किसी कंपनी को टेंडर ही नहीं दिया है। सरकार ने 10 एचपी पर अनुदान देने की घोषणा की है तो 10 एचपी का ही पंप लगवाया जाए।" किसानों के साथ नहीं होगा धोखा नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि "किसानों के साथ किसी भी तरह का धोखा नहीं होने देंगे। जिन किसानों ने 10 एचपी के लिए आवेदन किया है, उन्हें 10 एचपी का ही पंप दिया जाएगा। सोलर पंप योजना के तहत फिलहाल प्रक्रिया चल रही है। अगर कोई व्यक्ति इस योजना के नाम पर गुमराह कर रहा है तो उसकी शिकायत दर्ज कराएं, जिससे संबंधित पर कार्रवाई हो सके।" 

बरसात में बिखरी बस्तर की सुंदरता, पर्यटकों को मान सम्मोहित कर रहे चित्रकोट जलप्रपात और तीरथगढ़ जलप्रपात

जगदलपुर मानसून की फुहारों के साथ ही बस्तर की धरती ने हरियाली की चादर ओढ़ ली है। प्रकृति ने जैसे अपना श्रृंगार कर लिया हो। हर ओर हरियाली, शीतल बयार और गगनभेदी जलप्रपातों की गूंज इस अंचल को एक जीवंत चित्रपटल में बदल देती है। इन्हीं में से दो प्रमुख आकर्षण हैं चित्रकोट जलप्रपात और तीरथगढ़ जलप्रपात, जो इस समय पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। जगदलपुर से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित चित्रकोट जलप्रपात, जिसे भारत का “मिनी नियाग्रा” कहा जाता है और कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के भीतर स्थित तीरथगढ़ जलप्रपात, जिसे “बस्तर की जान” कहा जाता है, दोनों ही बरसात के मौसम में अपनी अद्भुत छटा बिखेरते हैं। बारिश के दौरान इन झरनों का जलस्तर बढ़ जाता है और गिरती हुई धाराओं की गूंज, चारों ओर फैली हरियाली और प्रकृति का सुरम्य वातावरण पर्यटकों को मान सम्मोहित कर लेता है। देश-विदेश से आने वाले सैलानी इन प्राकृतिक चमत्कारों का दीदार करने बस्तर पहुंचते हैं। ये नज़ारे इतने मोहक होते हैं कि कोई भी उन्हें देखकर मंत्रमुग्ध हुए बिना नहीं रह सकता।