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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम में किया नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना का शुभारंभ

शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम के लिए महू, देवास, नरसिंहपुर के स्कूलों को 5-5 लाख का पुरस्कार शासकीय कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय के सर्व सुविधा युक्त भवन का लोकार्पण 36 करोड़ की लागत से निर्मित भवन में प्रयोगशाला, लाइब्रेरी और ऑडिटोरियम की सुविधाएं स्कूल में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को अब दी जाएगी इलेक्ट्रिक स्कूटी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कई देशों के नागरिक सम्मान मिलने पर प्रधानमंत्री श्री मोदी का किया अभिनंदन मुख्यमंत्री ने गुरु पूर्णिमा महोत्सव में गुरुजनों का किया सम्मान भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गुणवत्तापूर्ण और रोजगार परक शिक्षा ही किसी देश की मजबूती का आधार है। बेहतर शिक्षा के बूते ही भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा गणतंत्र बनकर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। हमारी वसुधैव कुटुबंकम की भावना से ऋषि-मुनियों के काल में भारतीय ज्ञान से दुनिया के कई देश प्रकाशमान हुए थे। वर्तमान समय में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत का स्वर्णिम काल चल रहा है। मध्यप्रदेश सरकार बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए उन्हें उच्च गुणवत्ता युक्त शिक्षा और सभी सुविधाएं प्रदान करने के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी शिक्षकों एवं छात्रों को गुरु पूर्णिमा महोत्सव की शुभकामानाएं देते हुए कहा कि प्रदेश में 369 सांदीपनि विद्यालय संचालित हो रहे हैं। जहां शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, स्कूल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के केंद्र बनकर उभरे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम के लिए महू, देवास, नरसिंहपुर के विद्यालयों को बेहतर शैक्षणिक प्रबंधन विकास के लिए 5-5 लाख रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को कुलगुरु की संज्ञा दी गई है, क्योंकि गुरु ही हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को शासकीय कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय में आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। प्रतीक स्वरूप 50 विद्यार्थियों को साइकिल वितरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत स्कूली बच्चों को नि:शुल्क साइकिल वितरण के 2 दिवसीय अभियान का शुभारंभ करते हुए 50 विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिलें वितरित कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विद्यार्थियों ने एक धुन में साइकिल की घंटी बजाकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिवादन किया। अभियान के पहले दिन विभिन्न जिलों में विद्यार्थियों को 4 लाख 30 हजार साइकिलें बांटी गईं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरु पूर्णिमा के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में गुरुजनों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए शिक्षक श्री मनोज सोहनी, श्री देवेंद्र बंसल, डॉ. एस.के. पाल, श्री मनोज कौशल, श्री सुरीत दास बनोथे, श्रीमती शुभांगी नामड़े, श्रीमती सारिका शर्मा, श्रीमती वंदना रामचंदानी, श्री योगेश विश्नोई और श्रीमती बख्तौर खान को अंगवस्त्र एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सांदीपनि विद्यालय पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया। प्रधानमंत्री को 27 देशों का सर्वोच्च सम्मान मिलना देशवासियों को करता है गौरवान्वित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछले दिनों प्रधानमंत्री श्री मोदी को नामीबिया, ब्राजील, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा घाना के राष्ट्राध्यक्षों द्वारा अपने देश का प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान दिए जाने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी दुनिया में भारत का गौरव बढ़ा रहे हैं। भारत हर क्षेत्र में विकास करते हुए आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री को 27 देशों का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलना 140 करोड़ देशवासियों को गौरवान्वित करता है। झाबुआ और रतलाम सांदीपनि विद्यालय को अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विरासत के साथ विकास की भावना से प्रदेश के सर्व सुविधायुक्त विद्यालय अब महर्षि सांदीपनि के नाम से पहचान बना रहे हैं। इन विद्यालयों में बच्चों के आवागमन के लिए शासकीय बस सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। दूसरी ओर, पात्र स्कूली बच्चों को विद्यालय आने-जाने के लिए राज्य सरकार साइकिलें बांट रही है। ये साइकिलें हमारी आत्मनिर्भरता का प्रतीक हैं। इनसे हमारा स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है। सरकार अगले सत्र में बच्चों को यूनिफॉर्म तैयार करवा कर बांटेगी। साथ ही अगले वर्ष 75 प्रतिशत तक अंक लाने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लगभग 1 लाख लैपटॉप बांटे जाएंगे। प्रदेश सरकार मेधावी विद्यार्थियों को इलेक्ट्रिक स्कूटी भी वितरित करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष झाबुआ और रतलाम सांदीपनि विद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार मिला। दसवीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने प्राइवेट स्कूलों को पीछे छोड़ दिया।    उज्जैन में प्रारंभ होगा आईआईटी का सेटैलाइट सेंटर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्कूलों के उन्नयन के साथ प्रदेश के 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेजों में भी नई शिक्षा नीति लागू की गई है, जहां विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा प्रदान की जा रही है। इसी उद्देश्य से उज्जैन में आईआईटी का सेटैलाइट सेंटर प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग का विलय कर मेडिकल एजुकेशन एवं हेल्थ सेक्टर में नवाचार किया है। सरकार छोटे शहरों में मेडिकल कॉलेज खोलने पर जोर दे रही है, जिसके फलस्वरूप प्रदेश में आगामी 2 वर्ष के अंदर एमबीबीएस की सीटें 10 हजार हो जाएंगी। मध्यप्रदेश इकलौता ऐसा राज्य है, जहां नीट पास करने के बाद सरकार मेडिकल एजुकेशन के लिए विद्यार्थियों को भरपूर सहयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद विद्यार्थी केवल नौकरी करने वाले नहीं, नौकरी देने वाले भी बनें। डॉक्टर बनकर छोटे शहरों में अस्पताल खोलें, राज्य सरकार इसके लिए भी 40 प्रतिशत अनुदान प्रदान कर रही है। सरकार युवाओं के स्वावलंबन के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों को मिलेगा रक्षाबंधन का तोहफा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में नारी को देवी के रूप में पूजा जाता है। भारतीय समाज में उनका अलग ही स्थान है। प्रदेश की 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन के अवसर पर 1500 रुपए की राशि ट्रांसफर की जाएगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में 2029 तक देश की बहनों को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को छात्रा संतोषी साहू ने हस्तनिर्मित पोर्ट्रेट भेंट किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के कमला नेहरू सांदीपनि कन्या विद्यालय के 36 करोड़ रुपये की लागत से तैयार नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। शाला परिसर में … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- महर्षि सांदीपनि की शिक्षा से भगवान श्रीकृष्ण को जगद्गुरु की मिली उपाधि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गुरू महर्षि सांदीपनि द्वारा प्रदान की गई विद्या से ही भगवान श्रीकृष्ण को विश्व-गुरू की उपाधि मिली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को गुरु पूर्णिमा पर उज्जैन के महर्षि सांदीपनि आश्रम पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के गुरु महर्षि सांदीपनि के दर्शन किये और पूजन-अर्चन कर आरती की। पंडित राजेश जोशी ने पूजा अर्चना संपन्न करवायी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अति प्राचीन श्री कुंडेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन भी किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे पिछले कई वर्षों से लगातार गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सांदीपनि आश्रम आकर दर्शन और पूजा अर्चना करते हैं। महर्षि सांदीपनि आश्रम का अतीत अत्यंत गौरवशाली और अद्वितीय रहा है। आज से लगभग 5000 वर्ष पहले भगवान श्रीकृष्ण, श्री सुदामा और श्री बलराम ने यहां आकर महर्षि सांदीपनि से विद्या ग्रहण की थी। भगवान श्रीकृष्ण ने यहां उनके गुरु महर्षि सांदीपनि व्यास से बहुत कम दिनों में 14 विद्या और 64 कलाओं का अध्ययन किया था। एक विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास कैसे हो सकता है, इसका इतिहास इसी सांदीपनि आश्रम में रचा गया था। महर्षि सांदीपनि के द्वारा प्रदान की गई विद्या से ही भगवान श्रीकृष्ण को विश्व गुरु की उपाधि मिली। वर्तमान में भारत फिर अपने गौरवशाली अतीत को प्राप्त कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी ओर से सभी को गुरु पूर्णिमा पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, श्री संजय अग्रवाल, श्री राजपाल सिंह सिसोदिया सहित अधिकारी और नागरिक मौजूद रहे। महर्षि सांदीपनि व्यास के वंशज और मंदिर के पुजारी परिवार के सदस्यों ने जानकारी दी कि प्रतिवर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आश्रम में विशेष आयोजन किया जाता है। सांदीपनि आश्रम में प्रातः विशेष पूजन अर्चन और पंचामृत अभिषेक किया गया। साथ ही प्रथम बार शिक्षा प्रारंभ करने वाले विद्यार्थियों के द्वारा यहां पर स्लेट की पूजा की गई।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्री काल भैरव का पूजन किया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उज्जैन में भगवान श्री काल भैरव मंदिर पहुंचकर दर्शन और पूजन अर्चन किया और देश-प्रदेश की सुख समृद्धि की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्री महाकाल की नगरी से देश और प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा पर्व की मंगलकामनाएं भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी प्राचीन विरासत को सहेजकर 'विरासत से विकास' के ध्येय को आत्मसात कर तीव्र गति से विश्व में अग्रणी राष्ट्र बनेगा।

MP के झाबुआ में 11 मोरों की मौत का मामला, रिपोर्ट में जहरीला पदार्थ खाने का संकेत

झाबुआ जिले की थांदला वन रेंज के तोरणिया में 11 मोर एक साथ मृत पाए गए। एक मोर घायल था, जिसे बचा लिया गया। खेत में छिड़के गए कीटनाशक मिश्रित अनाज के खाने से मोरों की मौत की आशंका जताई गई है। हालांकि पोस्टमार्टम में प्रारंभिक रूप से मौत का कारण फूड पाइजनिंग सामने आया है। मेघनगर तहसील और थांदला वन रेंज के तोरणिया के जंगल के बीच स्थित किसानों के खेतों में ये मोर बुधवार शाम को पड़े पाए गए। वन विभाग और पशुपालन विभाग की टीमों ने जांच की। गुरुवार को पशुपालन विभाग के चिकित्सकों की तीन सदस्यीय टीम ने पोस्टमार्टम किया। इसमें फूड पाइजनिंग से मौतों की बात सामने आई है। अब विसरा जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। उसकी रिपोर्ट के बाद मौत की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी। उन्होंने वन विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मौके पर खेतों पर में कीटनाशक भी पाया गया, संभव है कि कीटनाशक युक्त कोई अनाज खाने से मोरों की मौत हुई है। प्रभारी रेंजर तोल राम हटीला का कहना है कि कीटनाशक छिड़काव से मोरों की मौत के एंगल से जांच की जा रही है। जिसके भी खेत के कीटनाशक के कारण मोरों की मौत हुई है, उसको आरोपित बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षिप्रा नदी पर निर्माणाधीन घाटों का जायजा लिया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को उज्जैन में सिंहस्थ के लिए बनाए जा रहे घाटों के निर्माण कार्य का अवलोकन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु पूर्णिमा पर भगवान श्री विक्रांत भैरव के मंदिर पहुंचकर दर्शन और पूजन अर्चन किया तथा भगवान से देश प्रदेश की सुख समृद्धि की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माता क्षिप्रा को प्रणाम करने के बाद नौका विहार कर सिंहस्थ 2028 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए जा रहे 29 किमी से अधिक लंबे घाट निर्माण कार्यों का जायजा लिया। इन घाटों के निर्माण के बाद सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालु सुविधापूर्वक स्नान कर सकेंगे। जल मार्ग शुरू होने से भी श्रद्धालु जल, वायु और सड़क तीनों मार्ग से आसानी से मंदिरों तक पहुंच कर दर्शन कर सकेंगे। विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा , जनप्रतिनिधि श्री संजय अग्रवाल, श्री रवि सोलंकी तथा डॉ. अभिमन्यु यादव इस अवसर पर उपस्थित रहे। 

सात साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या, आरोपी को मिली दोहरी उम्र कैद की सजा

बुरहानपुर शहर के शिकारपुरा थाना क्षेत्र में सात साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या के बहुचर्चित मामले में विशेष न्यायालय पाक्सो एक्ट ने आरोपित गौरव उर्फ खुशाला को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने घटना के 13 माह में अपना फैसला सुनाया है। इसके साथ ही आरोपित पर 14 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। न्यायालय ने अपने फैसले में कहा है कि आरोपित को शेष जीवन काल के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाती है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने इस मामले को चिन्हित प्रकरणों की सूची में रखा था। विशेष लोक अभियोजक रामलाल रंधावे ने बताया कि दुष्कर्म और हत्या का यह जघन्य अपराध 18 मई 2024 को अंजाम दिया गया था। मृत बच्ची की मां ने शिकारपुरा थाने में शिकायत दर्ज कर बताया था कि बच्ची आंगनबाड़ी केंद्र गई थी। वहां से घर लौटने के बाद दोपहर करीब ढाई बजे घर के बाहर खेलने गई और वापस नहीं लौटी। पहले पुलिस को बच्ची के अपहरण की आशंका हुई, लेकिन किसी भी सीसीटीवी कैमरे में उसके नजर नहीं आने पर उसके साथ अनहोनी की आशंका में मोहल्ले में तलाश शुरू की गई। बीस मई को उसके घर के पीछे स्थित खंडहर मकान से बच्ची का शव बरामद किया गया था। जांच के दौरान पता चला कि आरोपित गौरव बच्ची को अपने साथ घर ले गया और दुष्कर्म के बाद बचने के लिए रस्सी से उसका गला घोंट कर खंडहर में फेंक दिया था। इस घटना को लेकर शहर में आक्रोश का माहौल निर्मित हो गया था।

गुरु पूर्णिमा पर्व: ओंकारेश्वर दर्शन करने आए जलगांव की 15 वर्षीय बालिका डूबी, फेफड़ों में पानी भरा

खंडवा गुरु पूर्णिमा पर्व पर ओंकारेश्वर दर्शन के लिए जलगांव (महाराष्ट्र) से आए तीर्थयात्री परिवार के लिए यह दिन पीड़ा भरा बन गया। दर्शन के बाद नर्मदा घाट पर स्नान करते समय 15 वर्षीय बालिका निकिता पुत्री रतिलाल का पैर फिसला और वह गहरे पानी में डूब गई। परिवार के लोगों ने स्थानीय लोगों की मदद से निकिता को बाहर निकाला और तुरंत ओंकारेश्वर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। लेकिन वहां वेंटिलेटर व अन्य जरूरी मेडिकल सुविधाओं का अभाव होने के कारण रवि वर्मा ने उसे निजी अस्पताल सनावद रेफर किया।चिकित्सकों के अनुसार, डूबने के दौरान निकिता के फेफड़ों में अत्यधिक पानी भर गया था, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। उसे वेंटिलेटर की आवश्यकता थी, इसलिए तत्काल उसे एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया।   घाट पर नहीं था सुरक्षा बल, नहीं दिखे होमगार्ड गौरतलब है कि गुरु पूर्णिमा जैसे बड़े पर्व पर भी घाट पर कोई होमगार्ड या सुरक्षा बल तैनात नहीं था।हादसे के समय निकिता को बचाने में स्थानीय लोगों ने अहम भूमिका निभाई।यदि मौके पर सुरक्षा कर्मी होते तो संभवतः हादसे से बचा जा सकता था। हर वर्ष होते हैं ऐसे हादसे ओंकारेश्वर में नर्मदा स्नान के दौरान डूबने की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ के बावजूद प्रशासन की ओर से पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए जाते, जिससे हर वर्ष कई दर्दनाक हादसे सामने आते हैं।

सिम्स में चिकित्सकों का कमाल, 65 वर्षीय महिला के पेट से निकाला 10 किलो से अधिक का ट्यूमर

रायपुर बिलासपुर जिले की कबीरधाम निवासी लक्ष्मी चौहान, जो पिछले दो वर्षों से पेट में सूजन और लगातार बढ़ती शारीरिक परेशानियों से जूझ रही थीं। उन्हें पिछले 10 दिनों से लगातार उल्टियां हो रही थीं और भोजन ग्रहण करने व मल-मूत्र त्याग में भी असमर्थता थी। परिजनों द्वारा उन्हें सिम्स लाया गया, सिम्स के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में भर्ती किया गया, सिम्स में उनकी जांच डॉ. नेहा सिंह के द्वारा की गई।      मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल भर्ती कर रक्त, मूत्र एवं सोनोग्राफी जांच की गई। सोनोग्राफी रिपोर्ट में पेट में एक बड़ा ट्यूमर होने की पुष्टि हुई। डॉ. नेहा सिंह ने विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता रमन जोगी को मामले से अवगत कराया। मरीज की हालत की गंभीरता को देखते हुए डॉ. संगीता द्वारा मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. लखन सिंह एवं अधिष्ठाता डॉ. रामनेश मूर्ति से चर्चा कर जीवन रक्षक ऑपरेशन की सहमति प्राप्त की गई।        सिम्स प्रबंधन द्वारा एक विशेषज्ञ टीम गठित की गई, जिसमें डॉ. संगीता रमन जोगी, डॉ. दीपिका सिंह, डॉ. रचना जैन, डॉ. अंजू गढ़वाल एवं निश्चेतना विभाग से डॉ. मधुमिता मूर्ति, डॉ. श्वेता, डॉ. प्राची, डॉ. आकांक्षा एवं नर्सिंग स्टाफ से ब्रदर अश्विनी शामिल थे। टीम द्वारा की गई जटिल सर्जरी में मरीज के पेट से 10 किलो 660 ग्राम वजनी ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला गया। सर्जरी पूरी तरह सफल रही और फिलहाल मरीज की स्थिति पहले से बेहतर है। सिम्स प्रबंधन द्वारा डॉक्टरों की टीम को उनके समर्पण और तत्परता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया है। सिम्स के डाक्टरों के विशेषज्ञ टीम द्वारा जटिल सर्जरी कर 65 वर्षीय महिला के पेट से 10 किलो से अधिक वजन का ट्यूमर सफलता पूर्वक निकाला गया।

खाद-बीज के 4775 मानक और 297 नमूने अमानक पाए गए

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा राज्य में रासायनिक उर्वरकों, बीज एवं पौध संरक्षण औषधियों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। कृषि विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखते हुए बीज, खाद और कीटनाशक औषधियों के सेम्पल ले रहे हैं, जिसकी जांच गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला में की जा रही है।   खरीफ सीजन 2025 में  राज्य में रासायनिक उर्वरकों, बीज एवं पौध संरक्षण औषधियों के जांच के लिए अबतक 6245 नमूने लिए गए है। इनमें से सभी प्रक्ररणों को गुणवत्ता जांच के लिए भेजे गए है, जिसमें 4775 नमूने मानक और 297 अमानक पाए गए। 31 नमूनों को निरस्त किया गया तथा 1142 नमूनों में जांच की कार्यवाही चल रही हैं।    कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विभाग द्वारा इस खरीफ सीजन में बीज के 5515 नमूने, उर्वरक के 4000 और पौध संरक्षण औषधी के 969 नमूनों को गुणवत्ता जांच के लिए लक्ष्य रखा गया हैं। लक्ष्य के विरूद्ध अबतक बीज के 4439, उर्वरक के 1641 और पौध संरक्षण औषधी के 165 नमूने लिए गए हैं। जिसे जांच गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला में प्ररीक्षण कराया गया जिसमें बीज के 3613 नमूने मानक तथा 245 अमानक पाए गए, इसी तरह उर्वरक के 1078 नमूने मानक और 45 नमूने अमानक पाए गए तथा पौध संरक्षण औषधी के 84 नमूने अमानक तथा 7 नमूने अमानक पाए गए। 

बच्चों के पोषण अभियान के साथ महिलाओं की आर्थिक समृद्धि को मजबूती देगी यह पहल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की एक और गारंटी को पूरा करते हुए रेडी टू ईट निर्माण का कार्य पुनः महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने के निर्णय पर अमल की पहल की शुरुआत आज रायगढ़ जिले से की गई है।  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में 10 महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी टू ईट निर्माण एवं वितरण के लिए अनुबंध पत्र सौंपे। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, रायगढ़ सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविंद्र गबेल, महापौर श्री जीवर्धन चौहान एवं जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट) के निर्माण एवं वितरण का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने का निर्णय लिया है। यह कार्य प्रारंभिक चरण में 6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया जाएगा। रायगढ़ इस पहल का पहला जिला बना है, जहाँ 10 महिला स्व-सहायता समूहों को अनुबंध पत्र वितरित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समूहों की बहनें अब आंगनबाड़ी के बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ इस कार्य से अपनी आमदनी भी बढ़ाएंगी, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगी। यह योजना महिलाओं को स्वरोजगार के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक सार्थक पहल है। साथ ही, बच्चों को पोषण युक्त आहार प्रदान कर राज्य के पोषण स्तर में सुधार लाने में भी यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि विगत डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अधिकांश कार्यों को धरातल पर उतारा गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, दो वर्षों का बकाया बोनस वितरण, महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि, तेन्दूपत्ता संग्रहण दर में  5500 रुपये प्रति मानक बोरा की वृद्धि तथा चरण पादुका योजना की पुनः शुरुआत जैसे कार्य इसके सशक्त उदाहरण हैं। साथ ही, रामलला दर्शन योजना एवं तीर्थयात्रा योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का लाभ भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल डिजिटल सेवा केन्द्रों की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके गांव में ही बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना है। अब तक प्रदेश की 1,460 पंचायतों में ऐसे सेवा केन्द्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे हजारों माताएं और बहनें सरल, सुरक्षित और सुलभ बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा रही हैं। आने वाले समय में शेष पंचायतों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु सतत कार्य कर रही है। पूरे देश में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का जो लक्ष्य रखा गया है, उसके अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। इसी दिशा में रेडी टू ईट योजना प्रारंभ की जा रही है, जिसके प्रथम चरण में 6 जिलों को शामिल किया गया है। रायगढ़ ऐसा पहला जिला है जहाँ महिला समूहों को अनुबंध पत्र सौंपे गए हैं। वित्त मंत्री ने अनुबंध प्राप्त सभी महिला समूहों से गुणवत्ता युक्त कार्य करने का आह्वान किया और कहा कि वे इस योजना को एक आदर्श मॉडल के रूप में प्रस्तुत करें। यह पहल न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि राज्य के पोषण अभियान को भी मजबूती प्रदान करेगी। उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले में रेडी टू ईट कार्य हेतु 10 महिला समूहों का चयन किया गया है, जिन्हें अनुबंध पत्र प्रदान किए गए हैं। इन समूहों को रेडी टू ईट यूनिट की स्थापना हेतु प्रधानमंत्री फॉर्मेलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज़ (PMFME) योजना के अंतर्गत उद्योग विभाग द्वारा पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाएगी।रायगढ़ जिले की रायगढ़ शहरी, रायगढ़ ग्रामीण, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकड़ेगा, धरमजयगढ़ एवं कापू परियोजनाओं के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू ईट वितरण हेतु महिला समूहों का चयन किया गया है।

MSME क्षेत्र के लिए वैकल्पिक वित्तीय स्रोतों पर केंद्रित कार्यशाला का आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न

धमतरी  छत्तीसगढ़ के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को पारंपरिक बैंकिंग साधनों से आगे बढ़कर वैकल्पिक वित्तीय स्रोतों से सहायता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रेजिंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस आरएएमपी योजना के तहत ’’वैकल्पिक वित्तपोषण” पर आज एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक जिंजर लीफ रेस्टोरेंट रुद्री में आयोजित की गई। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक ने बताया कि यह योजना भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय तथा विश्व बैंक द्वारा संयुक्त रूप से वित्तपोषित है। इसका उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाना, वित्तीय पहुंच को आसान करना तथा उन्हें प्रतिस्पर्धी एवं सतत् विकास की दिशा में आगे बढ़ाना है। कार्यशाला श्री योगेश कुमार द्वारा प्रतिभागियों आरएएमपी योजना की जानकारी दी गई। इसके बाद ब्रांच ऑफिस इन-चार्ज सिडबी रायपुर के श्री अमित खरे ने सिडबी के माध्यम से एमएसएमई को उपलब्ध विभिन्न वित्तीय सहायता योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की। वहीं एनएसई श्री उर्मिल ने एनएसई इमर्ज में सूचीकरण की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, पात्रता मानदंड और इससे मिलने वाले लाभों पर प्रस्तुति दी।           कार्यशाला में इनवॉसमार्ट के श्री निखिल ने बिल डिस्काउंटिंग और ट्रेड्स प्लेटफॉर्म के संचालन एवं लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ट्रेड्स प्लेटफॉर्म विलंबित भुगतानों की समस्या के समाधान, समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने और एमएसएमई के नकदी प्रवाह में सुधार के लिए एक प्रभावी माध्यम है। इस कार्यशाला में जिला व्यापार उद्योग केंद्र के प्रबंधक श्री प्रशांत चंद्राकर, अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री इंद्र कुमार टिलवानी, राइस मिलर्स एसोसिएशन के श्री मोहन गोलछा, कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के श्री संतोष शाह, सीए श्री अभिषेक पारख सहित जिले के 40 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों, राइस मिलर्स, महिला उद्यमियों एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने हिस्सा लिया। कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों ने विषय की उपयोगिता पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और ऐसी कार्यशालाओं को निरंतर आयोजित करने की मांग की। यह कार्यशाला एमएसएमई के लिए पूंजी बाजार में प्रवेश, वैकल्पिक वित्त स्रोतों की समझ और वित्तीय सशक्तिकरण की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुई।