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निजी क्षेत्र की सहभागिता से सतत विकास की रफ्तार तेज करेगा मध्यप्रदेश

भोपाल  मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ऋषि गर्ग ने कहा है कि “सतत विकास केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें निजी क्षेत्र, नागरिक समाज और आमजन की साझेदारी अनिवार्य है। उन्होंने ‘विकसित मध्यप्रदेश @2047’ दृष्टिपत्र की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि राज्य सरकार की रणनीति किस प्रकार सतत विकास लक्ष्यों के साथ सुसंगत है। श्री गर्ग "प्राइवेट सेक्टर एंगेजमेंट इन एसीलेरेटिंग एसडीजी इंप्लीमेंटशन इन मध्यप्रदेश" विषय पर गुरूवार को भोपाल में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग और जीआईजेड इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई। यह कार्यशाला इंडो-जर्मन ग्रीन एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट पार्टनरशिप (जीएसडीपी) परियोजना के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों (एडीजीएस) को स्थानीय स्तर पर तेज़ी से लागू करना, निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना और राज्य की विकास योजनाओं को अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से जोड़ना था। जीआईजेड इंडिया की परियोजना प्रमुख सुश्री हेनरीके पाईशर्ट ने इंडो-जर्मन सहयोग की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जीआईजेड राज्य सरकार को योजना निर्माण, क्षमता संवर्धन, सहभागिता और निगरानी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग कर रहा है। उद्घाटन सत्र में यूएनडीपी की रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव सुश्री एंजेला लुसीगी ने वैश्विक एसडीजी प्रगति की स्थिति पर चिंता जताते हुए बताया कि वर्तमान में मात्र 12% लक्ष्य ही ट्रैक पर हैं। उन्होंने भारत और विशेष रूप से मध्यप्रदेश की प्रशंसा की, जहां गरीबी उन्मूलन, स्वच्छ ऊर्जा और जल सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एमपीएसआरएलएम) की सीईओ सुश्री हर्षिका सिंह ने ‘लखपति दीदी’ योजना सहित अन्य नवाचारों की जानकारी दी, जो निजी क्षेत्र के साथ संभावित सहयोग के नए अवसर खोलते हैं, विशेषकर जलवायु-अनुरूप कृषि, वेस्ट मैनेजमेंट और कार्बन क्रेडिट जैसे क्षेत्रों में विशेष उपलब्धि हासिल की है। इस अवसर पर इंडो-जर्मन जीएसडीपी परियोजना का औपचारिक शुभारंभ भी किया गया। नीति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार श्री राजीब कुमार सेन ने एसडीजी इंडिया इंडेक्स, बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमडीपीआई), और राष्ट्रीय संकेतक फ्रेमवर्क पर विस्तृत जानकारी दी। राज्य पर केंद्रित सत्र में श्री ऋषि गर्ग ने बताया कि ‘विकसित मध्यप्रदेश @2047’ के तहत राज्य की योजना में 22 प्रमुख मिशन और 300 से ज्यादा एक्शन पॉइंट्स शामिल हैं, जिनमें से 200 से अधिक लक्ष्यों को आगामी पांच वर्षों में पूरा किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पंचायत स्तर पर 22 हजार 519 ग्राम पंचायतों को 9 विषयों पर प्रशिक्षित किया गया है। तकनीकी सत्र में आईआईटी इंदौर के प्रो. मनीष गोयल ने एनडीवीआई आधारित भूमि क्षरण और सूखा जोखिम का अध्ययन प्रस्तुत किया। डॉ. आशीष देसाई (एसपी जैन, मुंबई) ने "प्राफिट टू पर्पज" विषय पर निजी क्षेत्र की भूमिका रेखांकित की और एचयूएल के शक्ति एएमएमए कार्यक्रम, ईएसजी निवेश और वसुधैव कुटुंबकम की प्रशंसा की। प्रिंसिपल आर्किटेक्ट श्री दिवाकर किशोर ने डिजिटल तकनीक, डेटा और विविधता के संयोजन से 70% एसडीजी लक्ष्यों की पूर्ति की संभावना जताई। प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने भूमि क्षरण, निजी निवेश, विज्ञान और सीएसआर फंडिंग पर गहन प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर श्री ऋषि गर्ग ने राज्य की प्रतिबद्धताओं के साथ दिया। पैनल चर्चा का संचालन सुश्री हेनरीके पाईशर्ट ने किया। इस चर्चा में ओडिशा, इंडो-जर्मन चेम्बर ऑफ कॉमर्स, यूएनडीपी और एसपी जैन इंस्टीटयूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च इंस्टीटयूट के विशेषज्ञों ने वित्तीय नवाचार, सार्वजनिक-निजी भागीदारी, ग्रीन स्किलिंग और जोखिम न्यूनीकरण जैसे विषयों पर व्यावहारिक सुझाव साझा किए। अंतिम सत्र “सर्वश्रेष्ठ प्रथाएँ और अनुभव” में मेघालय, हिमाचल प्रदेश और ओडिशा के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने राज्यों में एसडीजी स्थानीयकरण की चुनौतियों और नवाचारों को साझा किया। जर्मन काउंसिल फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट की सुश्री अन्ना लोटा नागेल ने स्थानीय सतत विकास रिपोर्टिंग पर अपने अनुभव साझा किए। यह कार्यशाला मध्यप्रदेश में सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजीएस) को ज़मीन पर उतारने, निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने और राज्य की योजनाओं को अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जोड़ने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुई। इसमें अलग-अलग राज्यों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए, जिससे सभी को व्यावहारिक सीख और समाधान मिले। 

पीडीएस को और बेहतर तथा पारदर्शी बनाने नीतिगत एवं तकनीकी सहायता जरूरी

भोपाल  सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को नीतिगत एवं तकनीकी सहयोग से और अधिक बेहतर तथा पारदर्शी बनाकर देश में सबसे बेहतर खाद्यान वितरण करना हमारा ध्येय होना चाहिये। अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने यह बात खाद्य विभाग की दो दिवसीय कार्यशाला में कही। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में निजी क्षेत्र की कम्पनियों के प्रतिनिधियों द्वारा दिये गये सुझावों पर भी विचार किया जायेगा। आयुक्त खाद्य श्री कर्मवीर शर्मा ने कहा कि कार्यशाला में हमें विभाग की समस्याओं पर मंथन कर उनका समाधान निकालना है। उन्होंने कहा कि आगे भी इस तरह की कार्यशालाएँ आयोजित की जायेंगी। एमडी नागरिक आपूर्ति श्री अनुराग वर्मा ने भी विचार व्यक्त किये।  कार्यशाला में अधिकारी-कर्मचारियों की कार्य-क्षमता में वृद्धि, नवाचार, चुनौतियों तथा विभागीय नियमों और कार्य-प्रणालियों की जानकारी दी गयी। मुख्य रूप से मिलिंग, भण्डारण, उपार्जन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, ई-ऑफिस, ई-सीआर जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विषय-विशेषज्ञों ने जानकारी दी। आईटीसी एवं जोमेटो कम्पनियों के अधिकारियों ने कार्य-क्षमता व कार्य-कुशलता बढ़ाने के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिया। कार्यशाला में खाद्य, नागरिक आपूर्ति निगम और मध्यप्रदेश वेयर-हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।  

प्रदेश में 3800 करोड़ रुपए के निवेश से फ्रोजन आलू उत्पाद इकाई का प्रस्ताव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में "उद्योग और रोजगार वर्ष : 2025" औद्योगिक विकास की तीव्र संभावनाओं को साकार करने का वर्ष है। राज्य सरकार के प्रयासों से विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर निवेश प्रस्ताव मिल रहे हैं। निवेशकों को औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए भूमि सहित नीतियों के अंतर्गत सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में मैकेन फूड्स के रीजनल प्रेसिडेंट श्री पियरे डैनेट एवं प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों से चर्चा कर रहे थे। मैकेन फूड्स के श्री पियरे डैनेट ने बताया कि मध्यप्रदेश में किसानों को कांट्रेक्ट फार्मिंग के माध्यम से स्थायी बाजार बेहतर मूल्य और उन्नत कृषि तकनीक का लाभ दिलवाने के लिए 3800 करोड़ रुपए निवेश का प्रस्ताव दिया गया है। प्रथम चरण में 1800 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा और इस निवेश के फलस्वरूप 6300 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार प्राप्त होगा। वैश्विक कंपनी मैकेन फूड्स भारत में मुख्य रूप से फ्रोजन आलू उत्पादों जैसे फ्रेंच फ्राइज, आलू टिक्की और स्नैक आइटम बनाती है। कनाडा में स्थापित यह कंपनी भारत में वर्ष 2007 से खाद्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वर्तमान में गुजरात के मेहसाणा में कंपनी किसानों से आलू खरीद कर अत्याधुनिक उत्पादन इकाई के माध्यम से विभिन्न खाद्य उत्पाद निर्मित कर रही है। चर्चा के दौरान प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह और आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े उपस्थित थे।  

AIIMS दिल्ली में लगी आग से हड़कंप, ट्रांसफार्मर विस्फोट के बाद दमकल की 8 गाड़ियां मौके पर

नई दिल्ली  दिल्ली एम्स से ट्रांसफर में भंयकर विस्फोट की खबर सामने आई है। इसके चलते आग लग गई है। आग पर काबू पाने के लिए मौके पर दमकल की आठ गाड़ियां मौजूद हैं। जानाकारी के मुताबिक ये आग एम्स के ट्रामा सेंटर में लगे ट्रांसफार्मर में लगी है। आग बुझाने की कोशिशें जारी हैं। जानकारी के मुताबिक बीसीपी एरिया में मौजूद बिजली के ट्रांसफार्मर में ये आग शाम करीब चार बजे लगी है। आग लगते ही स्थिति को काबू में पाने के लिए दमकल की गाड़ियां पहुंच गईं। इस हादसे में किसी के हताहत होने की कोई खबर सामने नहीं आई है। बताया गया है कि स्थिति नियंत्रण में है। दमकल अधिकारी मनोज मेहलावत ने बताया कि शाम 3.55 पर ट्रांसफार्मर में आग लगने की खबर मिली थी। आग लगने की वजह बढ़ता तापमान सामने आया है। मौके पर पहुंचे तो एम्स की फायर यूनिट आग बुझाने में लगी हुई थी। हमारे साथ आठ यूनिट थीं, सबने मिलकर आग बुझा दी है। इस हादसे में किसी भी मरीज या अन्य शख्स को कोई नुकसान नहीं हुआ है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीसाबंदी श्री तपन भौमिक का किया सम्मान

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में माता-बहनों को सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। राज्य सरकार नारी सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हरसंभव प्रयास जारी हैं। आज नरसिंहपुर जिले में एसपी और कलेक्टर दोनों पद महिला अधिकारियों के पास हैं। शहडोल संभाग की संभागायुक्त भी महिला ही हैं। प्रदेश की मुख्य सचिव भी महिला अधिकारी रह चुकी हैं। महिला सुरक्षा के प्रति राज्य सरकार विशेष रूप से संवेदनशील है, मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जिसने दुष्कर्म के मामलों में सबसे पहले फांसी का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य स्तरीय महिला मॉक पार्लियामेंट को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीपुल्स यूनिवर्सिटी ऑडिटोरियम में हुए कार्यक्रम का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, महापौर श्रीमती मालती राय, सांसद श्री वी.डी. शर्मा, राज्यसभा सांसद श्री माया नारोलिया, विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल, श्री हितानंद शर्मा सहित जनप्रतिनिधि तथा प्रदेश के विभिन्न कॉलेजों की छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीसाबंदी श्री तपन भौमिक का तुलसी पौधा एवं अंगवस्त्रम भेंटकर सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभागियों से आपातकाल संबंधित विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिला मॉक पार्लियामेंट एक वैचारिक मंच है। संविधान की भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों की हर स्थिति में रक्षा करना सभी नागरिकों का दायित्व है। देश और हम सभी के व्यक्तित्व विकास में इन दोनों बिन्दुओं का महत्वपूर्ण स्थान है। मॉक पार्लियामेंट जैसी पहल से युवाओं में देश की राजनीतिक व्यवस्था की समझ विकसित होती है। युवा पीढ़ी को 50 साल पहले के आपातकाल के इतिहास से परिचित कराना जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए दिए गए योगदान का स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों, धारा 370, तीन तलाक, आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ हुई सैन्य कार्यवाहियों, संविधान संशोधनों और राजनैतिक मंशा के औचित्य आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा की।  

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास का रीडिंग केन्द्र न्यू मार्केट टी.टी. नगर में

भोपाल राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, नई दिल्ली का विक्रय केन्द्र बीएसएनएल परिसर न्यू मार्केट टी.टी. नगर में खोला गया है। इस केन्द्र में रीडिंग लाउंज की व्यवस्था भी है। यह केन्द्र प्रात: 10:30 से शाम 6 बजे तक संचालित होता है। इस केन्द्र में हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत तथा ब्रेल लिपि से संबंधित पुस्तके उपलब्ध है। रीडर्स की मांग पर अन्य भाषाओं की पुस्तके भी उपलब्ध कराई जाती है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस आशय की जानकारी समस्त जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर दी है। जिला शिक्षा अधिकारियों से इस केन्द्र का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिये कहा गया है। इस केन्द्र में रीडर्स को 100 रूपये में और संस्थाओं को 500 रूपये में लाईफ टाईम की सदस्यता प्रदान करने की सुविधा है। उपभोक्ता को पुस्तक क्रय के संबंध में 20 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाती है। केन्द्र से 200 रूपये से अधिक पुस्तक खरीदने पर राष्ट्रीय पुस्तक न्यास नई दिल्ली द्वारा स्वयं के व्यय से पाठक के पते पर पुस्तक भेजने की सुविधा भी है। 

प्रधानमंत्री मोदी को मिला घाना का सर्वोच्च नागरिक सम्मान विश्व पटल पर भारत के बढ़ते वर्चस्व का प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को घाना का सर्वोच्च नागरिक सम्मान "ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना (Officer of the Order of the Star of Ghana)" से सम्मानित किए जाने पर उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्व पटल पर फिर से मां भारती की जय-जयकार गूंज रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी को मिला यह सम्मान देशवासियों को गौरवान्वित करने वाला है। यह सम्मान विश्व पटल पर भारत के बढ़ते वर्चस्व का प्रतीक है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत और घाना के संबंध पहले से अधिक मजबूत हुए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पवित्र अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ पर की प्रदेश के मंगल की कामना

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर श्री अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पवित्र अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में तीर्थयात्री पहुंचते हैं। ईश्वर से प्रार्थना है‍कि यात्रा सभी के लिए मंगलमयी और सभी मनोरथ पूर्ण करने वाली हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवाधिदेव महादेव से प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए भी प्रार्थना की है।  

यूपी में विकास को मिलेगी रफ्तार, नया एक्सप्रेसवे पूर्वांचल को जोड़ेगा दिल्ली से

लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक प्रवेश नियंत्रित ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को अनुमोदन प्रदान किया है। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी' ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रिमंडल की बैठक में यह मंजूरी प्रदान की गयी है। लगभग 49.96 किमी लंबा यह एक्सप्रेसवे छह लेन का होगा, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इसका निर्माण ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) मॉडल पर किया जाएगा।  लखनऊ में खत्म होगा जाम का झंझट  परियोजना पर अनुमानित 4775.84 करोड़ रुपये का व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इस लिंक एक्सप्रेसवे के माध्यम से लखनऊ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गाजीपुर जैसे प्रमुख शहरों के बीच आवागमन और अधिक सुगम, त्वरित और बाधारहित हो सकेगा। उन्होने बताया कि खासकर राजधानी लखनऊ के भीतर होने वाले भारी यातायात दबाव को कम करने और यात्रा समय को घटाने में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।  'एक्सप्रेसवे ग्रिड तैयार कर रहे हैं लिंक एक्सप्रेसवे' औद्योगिक विकास मंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक विकसित आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे आपस में मिलकर एक एक्सप्रेसवे ग्रिड तैयार कर रहे हैं। यह ग्रिड प्रदेश के किसी भी कोने तक यात्रा को तेज, सुरक्षित और निर्बाध बनाएगा। 

संभल में शाही जामा मस्जिद-हरिहर मंदिर विवाद में कोर्ट का फैसला, मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज

संभल उत्तर प्रदेश के संभल जनपद के चंदौसी क्षेत्र में स्थित शाही जामा मस्जिद और हरिहर मंदिर के बीच लंबे समय से चला आ रहा भूमि विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस मामले में कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए सर्वे आदेश को वैध ठहराया है। शाही जामा मस्जिद-हरिहर मंदिर मामले में मुस्लिम पक्ष की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है, जिससे अब क्षेत्र का पुनः सर्वे कराने का रास्ता साफ हो गया है। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई 2025 को निर्धारित की है।   22 लोगों को बनाया गया है नामजद आरोपी इसके साथ ही 2,750 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के लिए गठित एसआईटी ने इस मामले में 1,100 पन्नों की एक विस्तृत चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है। इस चार्जशीट में कुल 22 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क को इस मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया है, जबकि सुहैल इकबाल को चार्जशीट से बाहर रखा गया है। विवाद की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस लगातार सतर्कता बनाए हुए है। वहीं शाही जामा मस्जिद को लेकर कोर्ट के आगामी आदेश के तहत सर्वे की तैयारियां चल रही हैं, ताकि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से पूरी की जा सके। यह मामला धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से अत्यधिक संवेदनशील है, इसलिए जिला प्रशासन मामले को लेकर कोई कोताही बरतने के मूड में नहीं है। वहीं इस मामले को लेकर आगे होने वाली कोर्ट की सुनवाई और सर्वे की प्रक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।