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गले मिले, संवेदना जताई — हरिओम के परिवार से मुलाकात के दौरान इमोशनल हुए राहुल गांधी

फतेहपुर यूपी के फतेहपुर जिले में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार की सुबह रायबरेली के ऊंचाहार में मॉब लिंचिंग का शिकार हुए हरिओम वाल्मीकि के परिवार से काफी देर तक मुलाकात की। इस दौरान हरिओम के परिजन राहुल से मिलकर भावुक हो गए। बेटे हरिओम को खोने के बाद परिवार सदमे में है। राहुल गांधी ने संवेदना व्यक्त की और परिवार के सदस्यों का हाथ अपने हाथ में थाम लिया। मार्मिक मुलाकात के दौरान राहुल ने हरिओम के पिता को गले भी लगाया। कांग्रेस नेता के सामने हरिओम की मां फूट-फूटकर रोने लगीं। इसपर राहुल ने उनका हाथ थामकर ढांढस बंधाया। शुक्रवार सुबह जब कांग्रेस नेता मृतक हरिओम के घर पहुंचे तो शोकाकुल परिवार सदमे में डूबा था। राहुल गांधी ने हरिओम के पिता का न केवल हाथ थामा बल्कि उन्हें गले भी लगाया। हरिओम की मां के सामने भी राहुल गांधी भी भावुक हो गए।   हरिओम की मां राहुल के सामने फफक पड़ीं। बेटे की मौत पर दुख जताया। कांग्रेस नेता ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें शांत कराया। इस दौरान राहुल गांधी ने परिवार को न्याय दिलाने और हर कदम पर उनका साथ देने का आश्वासन दिया।   यूपी के रायबरेली जिले के ऊंचाहार में 2 अक्तूबर को चोर समझकर भीड़ ने बर्बरता से हरिओम वाल्मीकि की पिटाई की। जिससे उसकी मौत हो गई। मॉब लिंचिंग की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया। बताया जाता है कि पिटाई के दौरान हरिओम ने अपना नाम और पता भी बताया था। इसके अलावा अंतिम सांसों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम भी लिया था। जिसके बाद इस मुद्दे ने बड़ा सियासी रूप ले लिया था। 'हमारे बेटे, हमारे भाई को मारा गया है' कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दो अक्तूबर को रायबरेली में कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या मारे गए हरिओम वाल्मीकि के परिवार से मुलाकात के बाद कहा कि, "कुछ दिन पहले दलित अफसर ने आत्महत्या की थी। मैं वहां गया और आज मैं यहां आया हूं। अपराध इस परिवार ने नहीं किया, अपराध इनके खिलाफ किया गया है और लग ऐसा रहा है कि यह लोग अपराधी हैं। इन्हें घर में बंद कर रखा है, इन्हें डराया जा रहा है। ये लोग केवल न्याय मांग रहे हैं। हमारे बेटे, हमारे भाई को मारा गया है। उसकी हत्या की गई है। हम केवल न्याय मांग रहे हैं। 'इन्हें न्याय दीजिए, इनका सम्मान कीजिए' पूरे देश में दलितों के खिलाफ अत्याचार, हत्याएं, दुष्कर्म जैसी घटनाएं हो रही हैं। मैं मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूं, इन्हें न्याय दीजिए, इनका सम्मान कीजिए। जो अपराधी हैं उनके खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई कीजिए और उनकी रक्षा करने का प्रयास मत कीजिए…(पीड़ित परिवार) मुझ से मिलें, मुझ से ना मिलें यह जरूरी नहीं है, बल्कि जरूरी बात यह है कि ये लोग अपराधी नहीं हैं। इन्होंने कोई गलती नहीं की है… अपराधी दूसरे लोग हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मैंने आज यहां आकर इनसे बातचीत की, इनका दर्द और दुख सुना और कांग्रेस पार्टी और मेरा प्रयास है कि हम जो मदद कर सकते हैं हम करेंगे। 'परिवार को मुझसे न मिलने की धमकी दी' लोकसभा नेता राहुल गांधी ने कहा कि आज सुबह सरकार ने परिवार को मुझसे न मिलने की धमकी दी, यह महत्वपूर्ण नहीं है कि पीड़ित परिवार मुझसे मिलता है या नहीं, लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि ये लोग अपराधी नहीं हैं। उन्होंने कोई गलती नहीं की है। मैंने मृतक के परिवार से मुलाकात की और उनकी बात सुनी। कांग्रेस पार्टी और मैं परिवार को हर संभव मदद प्रदान करने की पूरी कोशिश करेंगे। देश में जहां भी दलितों के खिलाफ अत्याचार होगा, कांग्रेस वहां होगी और हम हर संभव मदद प्रदान करेंगे और न्याय के लिए लड़ेंगे। राहुल गांधी से मुलाकात करने से कर दिया था इनकार इससे पहले शुक्रवार सुबह परिवार ने राहुल गांधी से मुलाकात करने से साफ इनकार कर दिया था। हरिओम के भाई शिवम ने कहा है कि मैं सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट हूं। इस मामले में किसी तरह की राजनीति नहीं चाहते हैं। मेरे भाई के हत्यारों को जेल भेजा गया है और बहन को नौकरी भी दी गई है। हम चाहते हैं कि कांग्रेस और अन्य राजनैतिक पार्टियों के नेता राजनीति करने न आएं। माना जा रहा है कि परिवार अब राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रहना चाहता है, क्योंकि मामले में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है।

खदान हादसा: छुई मिट्टी निकालते समय धंसी मिट्टी, एक महिला की मौके पर मौत

अंबिकापुर बलरामपुर जिले के ककनेसा गांव में शुक्रवार सुबह हादसा हो गया। छुई मिट्टी निकालने के दौरान खदान धंसने से दो महिलाएं मिट्टी में दब गईं, जिसमें एक महिला की मौत हो गई, जबकि दूसरी घायल हो गई। हादसे के वक्त मौके पर मौजूद दो अन्य महिलाएं सुरक्षित बच गईं। घटना से गांव में कोहराम मच गया। महिलाओं को गांववालों ने ही बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह ग्राम गुरमुटी निवासी सविता बाई पति विजय कुमार (35) गांव की अन्य तीन महिलाओं के साथ छुई मिट्टी निकालने के लिए ग्राम ककनेसा गई थी। ककनेसा में छुई मिट्टी की खदान है, जहां से आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में मिट्टी निकालते हैं। छुई मिट्टी निकालने के लिए बनाए गए सुरंग में सविता बाई और एक अन्य महिला घुसी हुई थीं, तभी अचानक सुरंग का ऊपरी हिस्सा धंस गया और दोनों महिलाएं मिट्टी में दब गईं। साथ गई महिलाओं की चीख पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। एक महिला का कुछ हिस्सा मिट्टी से बाहर था, जिसे ग्रामीणों ने तत्काल निकाल लिया। वहीं अंदर दबी सविता बाई को निकालने के लिए ग्रामीणों ने फावड़ा से खुदाई शुरू की। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद सविता बाई को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों ने घायल महिला को वाड्रफनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है। वहीं, मृतका सविता बाई का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। छुई मिट्टी का उपयोग सरगुजा अंचल में ग्रामीण क्षेत्रों में दीवारों और घरों की लिपाई-पोताई के लिए किया जाता है। यह सफेद और चिकनी मिट्टी है। दीपावली त्योहार से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं घरों की रंगाई पोताई के लिए इस मिट्टी को निकालती हैं। इस मिट्टी को निकालने में खतरा रहता है। प्रतिवर्ष ऐसी घटनाएं होती हैं। ककनेसा में जहां यह हादसा हुआ, वहां खदान का ऊपरी हिस्सा भारी था, जो अचानक धंस गया और हादसा हो गया। घटना की सूचना मिलने पर वाड्रफनगर तहसीलदार अनुराग केरकेट्टा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने असुरक्षित तरीके से छुई मिट्टी निकालने पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश पंचायत प्रतिनिधियों को दिए। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि सुरक्षा उपायों के बिना खदानों में प्रवेश न करें और छुई मिट्टी निकालने के कार्य में सावधानी बरतें।

राजपूत-यादव को सबसे ज्यादा टिकट, चिराग की पार्टी में महिलाओं की भागीदारी कैसी रही?

पटना चिराग पासवान की पार्टी को एनडीए ने 29 सीट दिए हैं, जिसे चिराग पासवान ने 6 महिला, 13 युवा और 10 अनुभवी लोगों को टिकट दिया है। उन 29 सीटों में 5 राजपूत, 5 यादव,4 पासवान,4 भूमिहार,और एक-एक ब्राह्मण, तेली(वैश्य), पासी, सूढ़ी (वैश्य), रौनियार,कानू, रजवार, धोबी, कुशवाहा, रविदास और मुस्लिम को उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने बिहार के लगभग हर समाज को प्रतिनिधित्व दिया जिसमें सवर्ण, पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को मौका दिया। एनडीए ने अब 243 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की सूची सार्वजनिक कर दी है। सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी ने और फिर जनता दल यूनाइटेड ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा की। फिर हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की। अब चिराग पासवान ने अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है। चिराग पासवान ने पहली सूची में 14 प्रत्याशियों के नाम जारी किए थे और फिर दूसरी सूची में 15 उम्मीदवारों के नाम हैं। 

विस्फोट से जख्मी हुए थे, अब बने हीरो: टोमन कुमार ने तीरंदाजी में दिलाया भारत को स्वर्ण पदक

रायपुर अंतरराष्ट्रीय पैरा तीरंदाजी खिलाड़ी टोमन कुमार की कहानी साहस और जज़्बे की मिसाल है। 22 से 28 सितंबर 2025 तक दक्षिण कोरिया में आयोजित विश्व पैरा तीरंदाजी प्रतियोगिता में टोमन ने स्वर्ण और कांस्य पदक जीतकर भारत का नाम रौशन किया। तीन साल पहले झारखंड के माओवादी ऑपरेशन के दौरान CRPF की टुकड़ी में शामिल टोमन बारूदी विस्फोट का शिकार हुए और उनका चांया पैर खो गया। लेकिन इस चोट ने उन्हें नहीं तोड़ा; बल्कि नई उड़ान भरने की प्रेरणा दी। टोमन छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के अहिबरनवागांव के रहने वाले हैं और लक्ष्य पर निशाना साधने में माहिर हैं। टोमन ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान जयपुर के पैरा नेशनल में पहला पदक जीतकर बनाई। इसके बाद उन्होंने सामान्य वर्ग के नेशनल गेम्स देहरादून में भी हिस्सा लिया। खेल में अंतर केवल समय का होता है – साधारण वर्ग में निशाना साधने का समय तीन मिनट और पैरास्पोर्ट्स में चार मिनट होता है। दूरी और उपकरण समान रहते हैं, लेकिन धैर्य, हौसला और मानसिक दृढ़ता ही सफलता तय करती है। विश्व पैरा तीरंदाजी में स्वर्ण और कांस्य जीतने के बावजूद सरकार की ओर से टोमन को कोई आर्थिक सहायता या सम्मान नहीं मिला। उनका अगला लक्ष्य पैरालिंपिक 2028 में पदक जीतना है। दक्षिण कोरिया में हुई प्रतियोगिता के बाद भारतीय तीरंदाजी टीम अगले साल होने वाली एशियन चैंपियनशिप में हिस्सा लेगी, जिसमें टोमन कुमार भी शामिल होंगे। इस आधार पर भारत की पैरालिंपिक टीम का चयन किया जाएगा। तैयारी के लिए टोमन औरंगाबाद के ट्रेनिंग सेंटर में अभ्यास कर रहे हैं। टोमन ने अपना पहला नेशनल मुकाबला पटियाला में अपने कोच के कंपाउंड धनुष से खेला। अंतरराष्ट्रीय मानक का यह धनुष और उपकरण करीब 5.5 लाख रुपये का था। अपने सपनों को सच करने के लिए टोमन ने 2024 में अपनी बचत से दो लाख रुपये खर्च कर अपना पहला धनुष खरीदा। आज भी उनके कोच पंकज सिंह उन्हें तकनीकी और उपकरणों में मदद करते हैं। आमतौर पर इस मुकाम तक पहुंचने में खिलाड़ियों को सालों लग जाते हैं, लेकिन टोमन ने तीर-कमान में भी करिश्माई प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि हौसला और मेहनत किसी भी चुनौती को पार कर सकती है।

योगी सरकार का बड़ा कदम: 297 करोड़ की छात्रवृत्ति जारी, सीएम बोले- पहले होती थी अनदेखी

 लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा आयोजित छात्रवृत्ति वितरण समारोह में डीबीटी से करीब पांच लाख युवाओं के खातों में छात्रवृत्ति ट्रांसफर की। सरकार ने पहली बार वित्तीय वर्ष 2025-26 से सितंबर में ही छात्रवृत्ति वितरण की शुरुआत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में सभी छात्र-छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पहले छात्रवृत्ति के लिए छात्रों के चयन की प्रक्रिया में भेदभाव होता था। वर्ष 2016-17 में तो अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों की छात्रवृत्ति ही हड़प ली गई थी पर अब ऐसा नहीं होता है। अब प्रदेश के 62 लाख छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति मिल रही है। जब हम सत्ता में आए तो तय किया कि छात्रों को वर्ष के अंत में नहीं बल्कि दो बार में छात्रवृत्ति दी जाए। जो कि अब संभव हो रहा है। यह बदली हुई व्यवस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अब डीबीटी के माध्यम से विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जा रही है जिससे कि छात्र-छात्राओें को कहीं भी भटकना न पड़े। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अनुसूचित जाति और जनजाति के विद्यार्थियों से स्कूल जाने की अपील की और कहा कि पढ़ाई जरूर करें। इससे पूरा समाज बदलेगा। पहले चरण में लगभग 62.13 करोड़ रुपये कक्षा 9 से 12 तक के 2.5 लाख ओबीसी छात्रों को दिए जा चुके हैं। दूसरे चरण में शुक्रवार को 126.68 करोड़ रुपये 4.83 लाख से अधिक छात्रों को दिए गए। ई से ईजी गवर्नेंस की तरफ बढ़ रही सरकार इस मौके पर यूपी सरकार के मंत्री असीम अरुण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार यूपी सरकार अब ई गवर्नेंस से ईजी गवर्नेंस की तरफ बढ़ रही है।

जनता की राय जुटाने के लिए पोर्टल पर अब तक 42 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त

विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के लिए पूरे प्रदेश से मिल रहे सुझाव जनता की राय जुटाने के लिए पोर्टल पर अब तक 42 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त ग्रामीण क्षेत्रों से मिले 32.9 लाख और नगरीय क्षेत्रों से 9.36 लाख सुझाव 31 वर्ष से कम आयु के 20.5 लाख, 31-60 वर्ष आयु वर्ग के 19.7 लाख लोगों ने दिए सुझाव, 2.06 लाख वरिष्ठ नागरिकों ने भी दी राय फीडबैक देने में संभल, जौनपुर, प्रतापगढ़, बिजनौर और गोरखपुर जनपद शीर्ष पर   नागरिकों ने विकास की दिशा तय करने के लिए ग्रामीण विकास, संस्कृति संरक्षण और सिंचाई प्रणाली के सुझाव दिए जन-सहभागिता से उभर रहा विकास का नया मॉडल, ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ ने बदली नीति निर्माण की सोच अब तक 206 नगर पालिकाओं में बैठकें और 205 में सम्मेलन, 15 नगर निगमों में बैठक व सम्मेलन, 55 जिला पंचायतों में सम्मेलन और 51 में बैठकें, 512 नगर पंचायतों में बैठकें और 515 में सम्मेलन, 666 क्षेत्र पंचायतों में सम्मेलन और 637 में बैठकें सम्पन्न लखनऊ उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य के रूप में स्थापित करने के बड़े लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रारम्भ 'विकसित उत्तर प्रदेश@2047 : समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान” लगातार जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में शुरू हुआ यह महाभियान प्रदेश के विकास की दिशा तय करने में जनता की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित कर रहा है। जनता की राय जुटाने के लिए बनाए गए पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक कुल 42,27,215 सुझाव प्राप्त हुए हैं। इनमें 32,90,660 ग्रामीण क्षेत्रों से और 9,36,556 नगरीय क्षेत्रों से आए हैं। आयु वर्ग के अनुसार 20,49,797 सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वालों के हैं, 19,70,776 सुझाव 31 से 60 वर्ष के बीच के नागरिकों के हैं, जबकि 2,06,646 सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों से मिले हैं। विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों में कृषि क्षेत्र से 10,11,706, पशुधन एवं डेरी से 1,59,893, उद्योग से 1,43,969, आईटी एवं टेक्नोलॉजी से 1,20,859, पर्यटन से 95,841, ग्रामीण विकास से 8,58,509, अवसंरचना से 36,397, संतुलित विकास से 63,153, समाज कल्याण से 3,11,951, नगरीय एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से 2,99,631, शिक्षा से 10,47,621 और सुरक्षा से 77,692 सुझाव शामिल हैं। जनपदवार फीडबैक में संभल (1,81,255) पहले स्थान पर रहा, इसके बाद जौनपुर (1,80,671), प्रतापगढ़ (1,57,966), बिजनौर (1,49,973) और गोरखपुर (1,47,902) शीर्ष पाँच जिलों में शामिल हैं। वहीं महोबा (10,119), इटावा (18,546), फतेहपुर (19,697), फिरोजाबाद (21,311) और बागपत (21,631) जिलों से न्यूनतम फीडबैक प्राप्त हुए हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों से मिले सुझावों में लोगों ने विकास की दिशा स्पष्ट की है। अयोध्या के आलोक द्विवेदी ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के लिए ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। हर गाँव में सड़क, बिजली, पानी, डिजिटल कनेक्टिविटी, स्वरोजगार और कृषि आधारित उद्योगों की सुविधा बढ़ाई जाए तथा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को टेली-एजुकेशन और टेली-मेडिसिन से जोड़ा जाए। लखनऊ के ऋषभ ने कहा कि उत्तर प्रदेश को सनातन संस्कृति और विरासत का वैश्विक केंद्र बनना चाहिए। उन्होंने प्राचीन मंदिरों के संरक्षण, संस्कृत व योग शिक्षण संस्थानों की स्थापना और धार्मिक पर्यटन को विश्वस्तरीय पहचान देने का सुझाव दिया। वाराणसी के ज्ञान प्रकाश पांडे ने कहा कि सिंचाई प्रणाली को आधुनिक बनाना आवश्यक है। उन्होंने नहरों को पक्का करने, सूक्ष्म सिंचाई तकनीक अपनाने, तालाबों के पुनर्जीवन और सौर ऊर्जा पंपों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया। महाभियान के अंतर्गत जनजागरण और संवाद के लिए प्रदेशभर में बैठकें, गोष्ठियाँ और सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। अब तक 206 नगर पालिकाओं में बैठकें और 205 में सम्मेलन, 15 नगर निगमों में बैठकें व सम्मेलन, 55 जिला पंचायतों में सम्मेलन और 51 में बैठकें, 512 नगर पंचायतों में बैठकें और 515 में सम्मेलन, 666 क्षेत्र पंचायतों में सम्मेलन और 637 में बैठकें सम्पन्न हो चुकी हैं। इसके अलावा 41,476 ग्राम पंचायतों के स्तर पर भी बैठकों का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया है। इन आयोजनों से नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच संवाद को मजबूत करने में बड़ी मदद मिली है।  इससे पहले, अभियान के अंतर्गत 16 अक्टूबर तक राज्य के सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने छात्र, शिक्षक, व्यवसायी, उद्यमी, किसान, स्वयंसेवी संगठन, श्रमिक संगठन, मीडिया प्रतिनिधि और आम नागरिकों के साथ संवाद किया। इन मुलाकातों में प्रदेश की पिछले आठ वर्षों की विकास यात्रा साझा की गई और आने वाले वर्षों के रोडमैप पर चर्चा करते हुए नागरिकों से सुझाव लिए गए।

दीपावली विशेष अभियान’ के तहत पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर की गई छापेमारी

त्योहारों पर ‘मिलावटखोरों’ पर कड़ी कार्रवाई जारी, 3,394 क्विंटल मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त दीपावली विशेष अभियान’ के तहत पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर की गई छापेमारी अब तक प्रदेशभर में 5,464 निरीक्षण और 2,448 छापों के दौरान 3,369 नमूने संग्रहीत किए गए 4.76 करोड़ की मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त, 2.34 करोड़ की 1,463 क्विंटल सामग्री की गई नष्ट मथुरा में 4 डेयरी पर एफआईआर, लाइसेंस निलंबित, अलीगढ़ में ₹40.92 लाख की सामग्री जब्त बदायूं, गाज़ीपुर और बुलन्दशहर में भी हुई कार्रवाई, प्रयागराज, सम्भल, कानपुर, सहारनपुर में भी बड़ी जब्ती योगी सरकार के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग चला रहा अभियान लखनऊ त्योहारों पर मिलावटखोरों के खिलाफ योगी सरकार की सख्त कार्रवाई जारी है। दीपावली के अवसर पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे ‘दीपावली विशेष अभियान’ (8 से 17 अक्टूबर 2025) के तहत पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर छापेमारी की जा रही है। अब तक प्रदेशभर में 5,464 निरीक्षण और 2,448 छापों के दौरान 3,369 नमूने संग्रहीत किए गए हैं। कुल 3,394 क्विंटल मिलावटी खाद्य सामग्री (₹476 लाख मूल्य) जब्त की गई है, जबकि 1,463 क्विंटल सामग्री (₹234 लाख मूल्य) नष्ट कराई गई।  जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ रोशन जैकब ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार प्रदेश को मिलावट मुक्त बनाने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार प्रभावी परिणाम दे रहा है। 16 अक्टूबर को की गई कार्यवाही में प्रदेश के कई जनपदों में भारी मात्रा में मिलावटी खाद्य पदार्थ जब्त और नष्ट किए गए। उन्होंने कहा कि दीपावली और छठ जैसे त्योहारों के पावन अवसरों पर जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।  कई जनपदों में प्रभावी एक्शन मथुरा में बाजना क्षेत्र की चार डेयरियों में अपमिश्रक का प्रयोग पाए जाने पर चार एफआईआर दर्ज की गईं और छह लाइसेंस निलंबित किए गए।अलीगढ़ में 19,500 किलोग्राम मिलावटी खाद्य पदार्थ (₹17.37 लाख) नष्ट कराए गए और 4,188 किलोग्राम सामग्री (₹23.55 लाख) जब्त की गई। वहीं बदायूं में 2,100 किलोग्राम छेना मिठाई और 960 किलोग्राम पनीर, गाजीपुर में 1,439 किलोग्राम मिलावटी देशी घी, बुलंदशहर में 1,325 किलोग्राम मिलावटी पनीर, प्रयागराज में 5,295 किलोग्राम मिलावटी खाद्य तेल, सम्भल में 2,500 लीटर दूध, सहारनपुर में 1,060 किलोग्राम मिठाइयां तथा कानपुर नगर में 550 किलोग्राम मिलावटी खोया नष्ट कराया गया। छोटी दुकानों, स्टाफ या मजदूरों पर किसी भी प्रकार की नहीं होगी कार्रवाई डॉ रोशन जैकब ने बताया कि आगरा के गबाना, खैर और मथुरा के बजना क्षेत्र ऐसे संवेदनशील क्षेत्र हैं, जहाँ बड़ी डेयरियां और पनीर फैक्ट्रियां संचालित हैं, जो मुख्यतः दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में दूध और पनीर की आपूर्ति करती हैं। मुख्यमंत्री जी की इच्छा के अनुरूप इन क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों में मिलावट के गिरोहों और माफिया तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी कमर तोड़ने का अभियान चलाया जाएगा। इसी प्रकार नकली दवाओं के गिरोहों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दे दिए हैं कि छोटे कारोबारियों जैसे पनीर और मिठाई की छोटी दुकानों, स्टाफ या मजदूरों पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी। मिलावट या संदेहास्पद वस्तु की जानकारी हेल्पलाइन पर दें खाद्य सुरक्षा विभाग ने जनमानस से अपील की है कि मिठाई या खाद्य पदार्थ खरीदते समय बिल अवश्य लें, खुली मिठाई या संदिग्ध रंग-गंध वाले उत्पादों से बचें, और किसी भी प्रकार की मिलावट या संदेहास्पद वस्तु की जानकारी हेल्पलाइन 1800-180-5533 या व्हाट्सएप नंबर 9793429747 पर दें।

पिपलानी इलाके में युवती सुकन्या साहू पर बाइक सवार युवकों ने किया एसिड से हमला

भोपाल  भोपाल के पिपलानी क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे शहर में सनसनी मचा दी. बीती शाम, बाइक सवार कुछ अज्ञात युवकों ने चलती गाड़ी में एक युवती, सुकन्या साहू, पर एसिड अटैक का प्रयास किया. इस हमले के दौरान एसिड के कुछ छींटे सुकन्या के चेहरे पर पड़ गए, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई. घटना की सूचना मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों ने तुरंत कार्रवाई की और घायल युवती को इलाज के लिए नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों के अनुसार, सुकन्या की हालत गंभीर है, और उनका इलाज जारी है. पिपलानी पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू की. पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है. प्रारंभिक जांच में पता चला कि हमलावर बाइक पर सवार थे और उन्होंने जानबूझकर सुकन्या को निशाना बनाया. पुलिस ने आरोपियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम गठित की है, जो विभिन्न सुरागों पर काम कर रही है. जांच में यह जानने की कोशिश की जा रही है कि हमले के पीछे का मकसद क्या था और क्या यह किसी पुरानी रंजिश या अन्य कारणों से किया गया. यह घटना पिपलानी क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है. स्थानीय लोगों में इस हमले को लेकर गुस्सा और डर का माहौल है. कई लोग इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं पर जांच की जा रही है, जिसमें हमलावरों की पृष्ठभूमि, उनके मकसद और घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज शामिल हैं. इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर दबाव है कि वे जल्द से जल्द दोषियों को पकड़कर कड़ी सजा दिलवाएं. पिपलानी पुलिस ने कहा कि वे इस मामले में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे और दोषियों को जल्द से जल्द कानून के सामने लाया जाएगा. फिलहाल, सुकन्या के परिवार और स्थानीय लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं.  

त्योहारी तोहफा: यूपी सरकार ने दिया खुशखबरी भरा झटका, कर्मचारियों को मिला 3% डीए बढ़ोतरी का लाभ

लखनऊ दीपावली से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के करीब 28 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी खुशखबरी दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। अब यह दर 55% से बढ़कर 58% हो गई है। कब से लागू होगा नया DA-DR? – यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2025 से प्रभावी मानी जाएगी। – कर्मचारियों को इसका नकद भुगतान अक्टूबर 2025 से किया जाएगा। कितना खर्च आएगा सरकार पर? सरकार के इस फैसले से मार्च 2026 तक सरकार पर कुल ₹1960 करोड़ का अतिरिक्त खर्च आएगा:- – नवंबर 2025 में ही नकद भुगतान का बोझ होगा ₹795 करोड़ – इसमें से ₹185 करोड़ ओपीएस (पुरानी पेंशन योजना) वाले कर्मचारियों के GPF में जमा होंगे – जुलाई से सितंबर 2025 तक के एरियर के तौर पर ₹550 करोड़ का खर्च – दिसंबर 2025 से हर महीने ₹245 करोड़ का अतिरिक्त व्यय कर्मचारियों में खुशी की लहर मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यह प्रक्रिया समय से और सुचारू रूप से लागू की जाए। यह फैसला राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक राहत देगा। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री पहले ही दिवाली बोनस देने का ऐलान कर चुके हैं और यह भी कहा गया है कि बोनस का भुगतान समय पर हो ताकि लोग त्योहार खुशियों के साथ मना सकें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा? हमारी सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों की भलाई के लिए पूरी तरह समर्पित है। यह निर्णय लाखों परिवारों को राहत देगा और त्योहार से पहले उनकी मुस्कान लौटाएगा।  

भ्रष्टाचार की चमक: DIG के घर छापा, सोना-हीरा, लग्जरी कारें और कैश गिनने को लगीं 3 मशीनें

चंडीगढ़ पंजाब के पुलिस विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के भ्रष्टाचार के मामले ने तूल पकड़ लिया है। रोपड़ रेंज के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) हर्चरण सिंह भुल्लर को केंद्रीय जांच एजेंसी CBI ने 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। इससे शुरू हुई जांच में उनके खिलाफ ऐसे राज़ सामने आए हैं, जिनसे भ्रष्टाचार की गहराई और बड़े पैमाने का अहसास होता है। CBI की छापेमारी के दौरान भुल्लर के घर और कार्यालय से करोड़ों की नगदी, 1.5 किलो सोना, लग्जरी घड़ियां, महंगी कारों की चाबियां, विदेशी शराब और हथियार बरामद हुए हैं। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि भुल्लर ने पंजाब के कई शहरों और हिमाचल के सोलन में भी बड़ी संपत्तियों में निवेश किया है, जो उनकी काले धन की संपत्ति का प्रमाण है। रिश्वतखोरी की गुत्थी कैसे खुली? मंडी गोबिंदगढ़ के बिजनेसमैन आकाश बत्ता ने 11 अक्टूबर को CBI को शिकायत दी कि DIG भुल्लर ने उनके खिलाफ दर्ज एक पुरानी FIR (थाना सिरहिंद, नंबर 155/2023) को दबाने के लिए 8 लाख रुपये की मांग की है। इसके साथ ही मासिक तौर पर 5 लाख रुपए की रिश्वत भी मांगी गई, जिसे ‘सेवा-पानी’ कहा गया। जब व्यापारी ने पैसे देने से मना किया तो भुल्लर ने धमकाया कि झूठे केस में फंसा देंगे और उसका कारोबार चौपट कर देंगे। बिजनेसमैन ने CBI से संपर्क कर मदद मांगी, जिसके बाद एजेंसी ने एक जाल बिछाया। सीबीआई ने 11 अक्टूबर को हुई एक व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्ड की, जिसमें DIG अपने दलाल कृष्णु को स्पष्ट रूप से 8 लाख रुपये की वसूली के निर्देश देते हुए सुने गए। कार्रवाई और जबरदस्त छापेमारी व्यापारी की तरफ से रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 5 लाख रुपए देने के वक्त CBI ने भुल्लर को रंगे हाथों दबोच लिया। इसके बाद पंजाब और चंडीगढ़ में उनकी कई जगहों पर छापेमारी की गई। तलाशी के दौरान मिली चीजें देख अधिकारी भी दंग रह गए:- -लगभग 5 करोड़ रुपये नकद जिसे गिनने के लिए तीन नोटों की मशीनें मंगानी पड़ी -1.5 किलो सोना और हीरे। -22 लग्जरी घड़ियां। -मर्सिडीज और ऑडी जैसी महंगी कारों की चाबियां। -40 लीटर विदेशी शराब की बोतलें। -डबल बैरल गन, पिस्तौल, रिवॉल्वर, एयरगन और गोला-बारूद। -कई संपत्तियों के कागजात और ताले की चाबियां। -दलाल कृष्णु के पास से ₹21 लाख नकद। भ्रष्टाचार की गहरी साज़िश CBI की FIR में साफ लिखा गया है कि भुल्लर ने अपने दलाल के जरिए अवैध वसूली का नेटवर्क बनाया था। न केवल एक बार, बल्कि लगातार मासिक रिश्वत की मांग की जा रही थी। कॉल रिकॉर्ड और शिकायत की पुष्टि से यह पूरी साज़िश बयां हो गई। कौन हैं हर्चरण सिंह भुल्लर? हर्चरण सिंह भुल्लर आईपीएस के 2007 बैच के अधिकारी हैं और पंजाब के पूर्व DGP मेहल सिंह भुल्लर के पुत्र। उन्होंने पटियाला रेंज के DIG के रूप में काम किया है और विजिलेंस ब्यूरो में संयुक्त निदेशक का पद संभाला है। वे कई जिलों में SSP भी रह चुके हैं। भुल्लर ने 2021 में शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ ड्रग मामले की जांच के लिए गठित SIT का नेतृत्व भी किया था। पंजाब सरकार के नशा विरोधी अभियान में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। लेकिन अब उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों ने उनकी छवि को धूमिल कर दिया है। जांच अभी जारी, और खुलासे हो सकते हैं CBI सूत्रों के मुताबिक अभी जांच पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। एजेंसी भुल्लर के बैंक खातों, उनके और उनकी पत्नी की संपत्तियों की भी गहन जांच कर रही है। सूत्रों का कहना है कि पकड़ी गई रकम इससे भी ज्यादा हो सकती है। अब जांच यह भी पता लगाएगी कि किन-किन व्यापारियों से और किस तरह से अवैध वसूली की गई।