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बारिश ने तोड़ा 21 साल का रिकॉर्ड, हरियाणा में मौसम हुआ बदलने वाला

चंडीगढ़ हरियाणा में पिछले चार दिन से जारी बारिश का दौरा आज से थम गया है। आज धूप खिलेंगी। धूप खिलने के कारण दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, लेकिन रात के तापमान में गिरावट आएगी, जिस कारण ठंड का अहसास होगा। वहीं 5 से 8 अक्टूबर तक प्रदेश में हुई बारिश के कारण अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। दक्षिण हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में अधिकतम तापमान लगातार दूसरे दिन भी 10 डिग्री सेल्सियस से कम रहा। वहीं रोहतक में तापमान 7 डिग्री तक सामान्य से कम चल रहा है। बता दें कि हरियाणा में 3 दिन 5 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक पश्चिमी विक्षोभ का असर रहा। इससे ज्यादातर क्षेत्रों में हवाओं व गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई है। इस दौरान कुछ एक क्षेत्रों में तेज बारिश भी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ज्यादा बारिश होने के कारण इस बार ठंड अधिक पड़ने की संभावना है और समय से पहले ठंड दस्तक दे सकती है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के आगे जाने के बाद आज 9 अक्टूबर से 14 अक्टूबर के दौरान मौसम आमतौर पर खुश्क रहने की संभावना है। इस दौरान मौसम साफ रहने से तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस दौरान हवाओं में फिर से बदलाव उत्तर व उत्तर पश्चिमी होने से रात्रि तापमान में हल्की गिरावट होने की संभावना है।   हरियाणा में पहाड़ों से मैदानों की ओर चलने वाली उत्तर पश्चिमी हवाओं का असर देखा जाने लगा है। हरियाणा में अक्टूबर में हुई बारिश ने 21 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हरियाणा में अक्टूबर के आठ दिनों में करीब 29.2 एमएम बारिश को चुकी है। इससे पहले 2004 में पूरे अक्टूबर महीने में 58.4 एमएम बारिश हुई थी।  

शहर में ट्रैफिक पुलिस का कलेक्शन बूम! रोज 50 हजार से ज्यादा की वसूली

जालंधर  शहर में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर वाहनों को टो करना आम बात है, लेकिन हाल ही में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस और प्राइवेट ठेके पर बैठे कर्मचारियों के सहयोग से रोजाना 50 हजार रुपए से अधिक की कमाई हो रही है, लेकिन जनता को वास्तविक रसीद नहीं दी जा रही। अब सवाल उठ रहा है कि यह पैसा आखिर कहां जा रहा है। टोइंग का खेल और रसीदों का गबन शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की गाड़ियां नो पार्किंग में खड़े वाहनों को टो करके पुलिस थाने ले जाती हैं। टो का दायरा सिर्फ बी.एम.सी. चौक, गुरु नानक मिशन चौक, कचहरी चौक, लाडोवाली लोड और बस स्टैंड तक सीमित है।नो पार्किंग से गाडिय़ों को टो करने का जुर्माना 1150 रुपए निर्धारित है। लेकिन पुलिस थाने के काउंटर से सिर्फ 500 रुपए की रसीद दी जा रही है। इस मामले की शिकायत कैंट निवासी दीपक कौल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को की, जिन्होंने ई-मेल के माध्यम से डी.सी. जालंधर को जांच के आदेश दिए हैं। शहरवासियों के अनुभव दीपक कौल ने बताया कि वह सिविल लाइन के प्लाजा चौक के पास अपनी गाड़ी पार्क कर चुके थे। जब वे लौटे, तो उनकी गाड़ी टो कर ली गई थी। जुर्माना 1150 रुपए मांगा गया, लेकिन रसीद केवल 500 रुपए की दी गई। जब उन्होंने सवाल किया, तो रसीद पर बाकी की राशि को टोइंग वैन का शुल्क लिख दिया गया। इसी तरह कई अन्य लोगों ने भी कोर्ट में बताया कि उन्हें भी दो अलग रसीदें दी गई, जिससे आरोप और गंभीर हो गए हैं। क्या हो रही है रोजाना कमाई शहर में रोजाना लगभग 50 गाडिय़ां टो की जा रही हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इससे एक दिन में 57 हजार रुपए और महीने में करीब 17 लाख रुपए की कमाई हो रही है। नगरवासियों का कहना है कि यह मामला निष्पक्ष जांच का हकदार है, ताकि ट्रैफिक नियमों के नाम पर हो रही लूट का पर्दाफाश हो सके।

नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय ने अपनाया स्वदेशी ‘जोहो मेल’, आम नागरिकों को भी मिलेगा लाभ

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने आम नागरिकों की सुविधा के लिये अपना स्वदेशी ई-मेल जोहो अकाउंट जारी किया है। इसके लिये उन्होंने नागरिकों से स्वदेशी मेल अपनाकर उनसे जुड़ने का अनुरोध किया है। इसके लिये उन्होंने एक अपील भी जारी की है। प्रिय साथियों, हम रिश्तों के धागों से बंधे हैं। आपसे जुड़ाव ने हमेशा मुझे ताकत दी है। आपके विचार, सुझाव और शुभकामनाएं मेरे काम को दिशा देते रहे हैं। अब इस संवाद को और सहज बनाए रखने के लिए मैंने zoho mail अपनाया है। आप मुझसे सीधे ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए मेरा नया ई-मेल अकाउंट kailashvijayvargiya@zohomail.in है। आपके भरोसे और साथ के लिए मैं हृदय से आभार प्रकट करता हूं।  

झारखंड में जन्मे दो नवजातों का अवैध सौदा, स्वास्थ्यकर्मी बर्खास्त, सात आरोपियों पर FIR

गुमला झारखंड के गुमला ज़िले में एक महीने से भी कम उम्र के दो नवजात शिशुओं को बेच दिए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. हालांकि बाद में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए उन दोनों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया. इस वारदात के बारे में पुलिस ने बुधवार को जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि इस अवैध कृत्य में शामिल होने के आरोप में सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. जिनमें से पांच की पहचान हो गई है, जबकि दो अज्ञात लोग शामिल हैं. उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने अधिकारियों को रविवार को सामने आए मामले की जांच के निर्देश दिए हैं. जिल के रायडीह थाने के प्रभारी निरीक्षक संदीप कुमार यादव ने एक न्यूज़ अजेंसी को बताया कि दोनों नवजात शिशुओं को दो पक्षों को बेचा गया था. बाद में पुलिस ने एक बच्चा रांची से और दूसरा गुमला से बरामद किया है. इंस्पेक्टर संदीप कुमार यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि मामला अवैध गोद लेने से संबंधित है, क्योंकि गोद लेने के कानून के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया था और स्वास्थ्य अधिकारियों ने कथित तौर पर माता-पिता को शिशुओं को सौंपने के लिए राजी किया था. पुलिस अधिकारी ने कहा कि नवजात शिशुओं की खरीद-फरोख्त में कथित रूप से शामिल सात लोगों के खिलाफ मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की गई है. उन्होंने बताया कि उनमें से पांच की पहचान हो गई है और दो लोग अज्ञात हैं. एसएचओ यादव ने कहा कि पुलिस ने पूरे मामले जांच शुरू कर दी है. गुमला के सिविल सर्जन शंभू नाथ चौधरी ने बताया कि जांच में रायडीह के बांसडीह की सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, शंख मोड़ की सहिया पार्वती देवी और ब्लॉक टीम ट्रेनर (बीटीटी-ग्रामीण) सुमन कुजूर की संलिप्तता सामने आई है. उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक मामले में उनके और संबंधित पक्षों के बीच एक-एक लाख रुपये का लेन-देन पाया गया. उप-मंडल अधिकारी की अध्यक्षता वाली एक समिति के समक्ष अपनी संलिप्तता स्वीकार करने के बाद तीनों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. चौधरी ने बताया कि शिशुओं को गुमला स्थित बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को सौंप दिया गया है. सिविल सर्जन शंभू नाथ चौधरी ने दावा करते हुए बताया कि एक शिशु का जन्म गुमला के रायडीह स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ, जबकि दूसरे शिशु का जन्म छत्तीसगढ़ के लोरो घाटी स्थित एक निजी अस्पताल में एक अविवाहित महिला से हुआ. बाद में मां ने ब्लॉक आदिवासी कल्याण अधिकारी से संपर्क किया और शिशु को बेच दिया. सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष नेम्हंती तिग्गा ने बताया कि दोनों नवजात शिशु चिकित्सकीय रूप से स्वस्थ हैं. उन्होंने कहा कि सीडब्ल्यूसी द्वारा परिवार के सदस्यों को आमंत्रित किया जाएगा और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.

सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, राजस्थान के कई हिस्सों में ठंड का असर

 जयपुर बारिश थमने के साथ ही उत्तर-पश्चिमी हवाएं सक्रिय हो गई हैं, जिससे राजस्थान में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और वहां से आने वाली ठंडी हवाओं ने राज्य में सर्दी का असर बढ़ा दिया है। सिरोही में रात का तापमान गिरकर 15.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन की सबसे ठंडी रात रही। वहीं शेखावाटी, हनुमानगढ़, बीकानेर और गंगानगर क्षेत्रों में भी न्यूनतम तापमान लगातार 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल राज्य में अगले कुछ दिन मौसम शुष्क रहेगा। दिन में धूप खिलने से अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी, लेकिन सुबह-शाम उत्तरी हवाओं के चलते ठंडक बनी रहेगी। पिछले 24 घंटों में जयपुर, अलवर, सीकर, नागौर, बीकानेर, चूरू और पिलानी सहित अधिकांश शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। सीकर का अधिकतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण हो रही बर्फबारी का असर मैदानी राज्यों तक पहुंच रहा है। हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कई इलाकों में सुबह हल्का कोहरा और ठंडी हवाएं महसूस की जा रही हैं। ग्रामीण इलाकों में अब रात के समय पंखे और कूलर बंद हो चुके हैं, वहीं लोग हल्के गर्म कपड़े पहनने लगे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव रहेगा लेकिन सर्द हवाओं का असर जारी रहेगा। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के प्रमुख जिलों का न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा- अजमेर 18.6, जयपुर 20.8, सीकर 17.5, कोटा 21.7, चित्तौड़गढ़ में 21.2, बाड़मेर में 22.6, जैसलमेर 25.0, जोधपुर 21.5, बीकानेर में 20.4 डिग्री, चूरू में 19.4 डिग्री और श्री गंगानगर में 19.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि आगामी 14-15 अक्टूबर को उत्तरी इलाकों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। ऐसे में दीपावली के आसपास फिर से बारिश होने की आशंका है।

कुतुल से नीलांगुर महाराष्ट्र बॉर्डर तक एनएच-130-डी का होगा निर्माण

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने के लिए सरकार सतत प्रयासरत : मुख्यमंत्री साय रायपुर, बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी के निर्माण को नई गति मिली है। छत्तीसगढ़ शासन ने कुतुल से नीलांगुर (महाराष्ट्र सीमा) तक 21.5 किलोमीटर हिस्से के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस सड़क के निर्माण के लिए न्यूनतम टेंडर देने वाले ठेकेदार से अनुबंध की प्रक्रिया शर्तों सहित पूरी करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग मंत्रालय द्वारा प्रमुख अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र रायपुर को दिए गए हैं। कुल तीन खंडों में निर्मित होने वाले 21.5 किलोमीटर सड़क के निर्माण हेतु लगभग 152 करोड़ रुपए न्यूनतम टेंडर दर प्राप्त हुई है, जिसे छत्तीसगढ़ शासन ने मंजूरी प्रदान कर दी है। यह उल्लेखनीय है कि कुतुल, नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में स्थित है और कुतुल से महाराष्ट्र सीमा पर स्थित नीलांगुर की दूरी 21.5 किलोमीटर है। यह नेशनल हाईवे 130-डी का हिस्सा है। इस सड़क का निर्माण टू-लेन पेव्ड शोल्डर सहित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि एनएच-130डी राष्ट्रीय राजमार्ग है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 195 किलोमीटर है। यह एनएच-30 का शाखा मार्ग (स्पर रूट) है। यह कोण्डागांव से शुरू होकर नारायणपुर, कुतुल होते हुए नीलांगुर (महाराष्ट्र सीमा) तक जाता है। आगे महाराष्ट्र में यह बिंगुंडा, लहरे, धोदराज, भमरगढ़, हेमा, लकासा होते हुए आलापल्ली तक पहुँचता है, जहाँ यह एनएच-353डी से जुड़ जाता है। इस मार्ग के विकसित होने से बस्तर क्षेत्र सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ जाएगा और व्यापार, पर्यटन एवं सुरक्षा को बड़ी मजबूती प्राप्त होगी। नेशनल हाईवे 130-डी का कोण्डागांव से नारायणपुर तक का लगभग 50 किमी हिस्सा निर्माणाधीन है। नारायणपुर से कुतुल की दूरी 50 किमी है और वहाँ से महाराष्ट्र सीमा स्थित नीलांगुर तक 21.5 किमी की दूरी है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 195 किमी है, जिसमें से लगभग 122 किमी का हिस्सा कोण्डागांव-नारायणपुर से कुतुल होते हुए नीलांगुर तक छत्तीसगढ़ राज्य में आता है। इस सड़क के बन जाने से बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से सीधा और मजबूत सड़क संपर्क मिलेगा तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित एवं सुगम यातायात सुविधा सुलभ हो सकेगी।  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सहयोग से इस नेशनल हाईवे के अबूझमाड़ इलाके में स्थित हिस्से के लिए फॉरेस्ट क्लियरेंस और निर्माण की अनुमति प्राप्त हुई, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण का रास्ता खुल गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी केवल सड़क नहीं बल्कि बस्तर अंचल की प्रगति का मार्ग है। हमारी सरकार ने इस परियोजना को तेजी देने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। इस सड़क से बस्तर के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। यह सड़क न केवल छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को जोड़ेगी, बल्कि बस्तर अंचल के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में भी अहम भूमिका निभाएगी। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने के लिए यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी।

BSP चीफ मायावती ने आकाश आनंद पर किया खुलासा, समर्थकों को दिया यह संदेश

लखनऊ कांशीराम की पुण्यतिथि पर गुरुवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की महारैली में मायावती ने इशारों-इशारों में बता दिया है कि बसपा का अगला मुखिया कोन होगा? उन्होंने समर्थकों से कहा कि जिस तरह आपने कांशीराम का साथ दिया। उनके बाद मेरा साथ दिया। उसी तरह मेरे साथ-साथ आप आकाश आनंद का भी साथ दीजिए। इस बयान के बाद सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि मायावती ने अनौपचारिक रूप से आकाश आनंद को उत्तराधिकारी घोषित कर दिया है। लखनऊ में महारैली में आई भीड़ को देखकर उत्साहित पार्टी अध्यक्ष मायावती ने दावा किया कि 2027 में उनकी पार्टी की सरकार उत्तर प्रदेश में बनना तय हो गया है। मायावती ने कहा कि 2027 में बहुजन समाज पार्टी की सरकार बनेगी। स्मारक स्थल पर कांशीराम को श्रद्धांजलि देते हुए मायावती ने कहा कि भीड़ ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता लखनऊ पहुंचे हैं। रैली में पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र और उत्तराखंड राज्यों से आए समर्थक भी शामिल हैं। महारैली को देखते हुए पार्टी की तरफ से पांच लाख भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए हर जिले से कार्यकर्ताओं व समर्थकों के आगमन को लेकर परिवहन की व्यवस्था पदाधिकारियों और नेताओं की तरफ से की गई थी। वहीं दूसरे प्रदेशों में शामिल हरियाणा, पंजाब, दल्लिी आदि राज्यों से भी पदाधिकारी व समर्थक आये थे। खचाखच भीड़ से भरे रैली स्थल को लेकर पार्टी के नेताओं का दावा है कि अपेक्षा के अनुरूप काफी संख्या में समर्थक आये हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 में जब उत्तर प्रदेश में बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी, तब इन जातिवादी पार्टियों के चेहरे बेनकाब हो गए। कांग्रेस, भाजपा और सपा ने मिलकर षड्यंत्र किया कि बसपा को केंद्र की सत्ता तक न पहुंचने दिया जाए। रही-सही कसर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) ने पूरी कर दी। मायावती ने आरोप लगाया कि इन दलों ने बैलेट पेपर की जगह ईवीएम का इस्तेमाल कर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ किया, जबकि चुनाव बैलेट पेपर से भी शांति और पारदर्शिता के साथ कराए जा सकते हैं। अपने संबोधन में कांग्रेस पर पहला निशाना साधते हुये उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर देश के संविधान और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सद्धिांतों का अपमान किया था। कांग्रेस ने कभी भी डॉ. आंबेडकर और दलित समाज का सच्चा सम्मान नहीं किया। आज वही कांग्रेस नेता संविधान की कापी लेकर नाटकबाजी कर रही है।  

नया आदेश: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में टीचर फॅरलो नहीं मार सकेंगे — उल्लंघन पर मिलेगी कड़ी सज़ा

चंडीगढ़ हरियाणा के सरकारी स्कूलों के टीचरों को अब अपनी हर गतिविधि की जानकारी मूवमेंट रजिस्टर में दर्ज करनी होगी। यानी कि वे स्कूल टाइम के दौरान कहा और किस काम से गए थे। इन सब का ब्यौरा मूवमेंट रजिस्टर में दर्ज करना होगा। विभाग की ओर से यह नियम हाजिरी लगाकर स्कूल छोड़ देने वाले टीचरों पर नजर रखने के लिए बनाया गया है। विभाग के इस फैसले के बाद अब हरियाणा के सरकारी स्कूलों के टीचर फॅरलो नहीं मार पाएंगे। विभाग ने हर स्कूल में मूवमेंट रजिस्ट मैंटेन करने के आदेश जारी कर दिए हैं। हर स्कूल में अब डेली मूवमेंट रजिस्टर मैंटेन होगा। स्कूल मुखिया दैनिक आधार पर मूवमेंट रजिस्टर को डेली मूवमेंट का दर्ज कर अपनी टिप्पणी सहित हस्ताक्षर करने होंगे। आदेशों में साफ कहा गया है कि मुख्यालय द्वारा किसी सरकारी स्कूल की रैंडम चेकिंग हो सकती है। अगर इन आदेशों की पालना नहीं होती तो है मुख्यालय के द्वारा संबंधित स्कूल मुखिया के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।  हरियाणा विधानसभा की विषय समिति की अनुशंसा पर शिक्षा विभाग की ओर से फैसला लिया गया है। विधानसभा की विषय समिति ने बजट अधिवेशन के दौरान अपनी 10वीं रिपोर्ट में इसका जिक्र किया था। जिसे अब लागू करते हुए निदेशक माध्यमिक शिक्षा विभाग पंचकूला ने प्रदेश के सभी बीईओ, डीईईओ और डीपीसी के नाम पत्र जारी किया है।  शिक्षा विभाग द्वारा लिए गए फैसले के मुताबिक अगर कोई भी कर्मचारी स्कूल समय में किसी सरकारी कार्य से बाहर जाता है तो वापसी में अपनी हाजिरी रिपोर्ट वहां से लेकर आएगी। वो हाजिरी रिपोर्ट प्रमाण के तौर पर स्कूल के मूवमेंट रजिस्टर में पेस्ट करनी होगी। उच्च अधिकारियों के स्कूल विजिट के दौरान उन्हें मूवमेंट रजिस्टर का अवलोकन करवा कर उनसे साइन करवाने होंगे।  प्रदेश के हर बीईओ, डीईईओ और डीपीसी को प्रत्येक माह कम से कम 15 स्कूलों के हाजिरी व मूवमेंट रजिस्टर की जांच करनी होगी। यदि किसी स्कूल में प्रॉपर रजिस्टर मैंटेन नहीं किया गया है तो इसकी रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेजनी होगी। जिला मुख्यालय द्वारा एक माह के दौरान इस प्रकार कार्यवाही करनी होगी।  

मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ से सम्मान पाकर खिले खिलाड़ियों के चेहरे

सीएम योगी के सम्मान से बढ़ा खिलाड़ियों का हौसला   पदक विजेता बेटियों ने कहा– अब देश के लिए जीतेंगे मेडल  मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ से सम्मान पाकर खिले खिलाड़ियों के चेहरे  मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ ने किया सम्मान, खिलाड़ियों ने जताया आभार  योगी सरकार की खेल नीति से बदल रहा माहौल, बेटियाँ बोलीं– अब हमारी बारी है झांसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी की धरती पर न केवल खेलों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का संकल्प दोहराया, बल्कि अपनी प्रेरणादायक उपस्थिति से युवा खिलाड़ियों के सपनों को पंख भी लगा दिए। विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के 36वें क्षेत्रीय खेलकूद समारोह के समापन अवसर पर सीएम योगी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों को को सम्मानित किया। इन खिलाड़ियों के चेहरे पर चमकते आत्मविश्वास और आंखों में जगमगाते सपनों ने साबित कर दिया कि योगी सरकार का खेल को बढ़ावा देने की नीति न केवल बुनियादी ढांचा मजबूत कर रहा है, बल्कि युवा पीढ़ी को राष्ट्रीय पटल पर चमकाने का मंत्र भी दे रहा है। रुद्रिका सिंह, तारा देवी इंटर कॉलेज की होनहार छात्रा हैं, जिन्हें इस साल खेलो इंडिया में मेडल जीतने के लिए सम्मानित किया गया। रुद्रिका ने उत्साह से कहा कि मैं बहुत खुश हूं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में खेल का ऐसा अच्छा माहौल बनाया है कि हर सपना साकार लगता है। आगे मैं और मेहनत करूंगी, जिससे देश के लिए खेलने का मौका मिले और मैं अपने देश व प्रदेश का नाम रोशन कर सकूं।  इसी समारोह में संध्या राजपूत, महाराजा अग्रसेन सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की तेजतर्रार धाविका ने अपनी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि मेरी 3000 मीटर और 1500 मीटर दौड़ की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान आया। पिछले साल एसडीएफआई के अंडर 14 प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल किया। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुझे सम्मानित किया, मैं बहुत खुश हूं। यहां खेल का अच्छा माहौल है, आगे देश के लिए मेडल जीतना चाहती हूं।  अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूम मचाने वाली शीलू यादव, सरस्वती विद्या मंदिर की वेस्ट खिलाड़ी हैं। उन्होंने कहा कि मैं साउथ कोरिया में मेडल जीती हूं। मैं एक अंतरराष्ट्रीय मेडलिस्ट हूं। यहां झांसी में सरस्वती विद्या मंदिर में पढ़ती हूं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां सम्मानित किया है। मैं बहुत खुश हूं, आगे देश के लिए और मेडल जीतना चाहती हूं। काशी प्रांत की ओवरऑल चैंपियनशिप विजेता पल्लवी सिंह ने कहा कि इस सम्मान से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। मैं मुख्यमंत्री को धन्यवाद देती हूं। उन्होंने कहा कि सीएम योगी ने प्रदेश में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया है। वह केवल पदक ही नहीं बांटते हैं, बल्कि युवाओं के हौसले को भी मजबूत करते हैं।

खेती पर खतरा! पंजाब में लगातार कम हो रही उपजाऊ भूमि

गुरदासपुर  जिला गुरदासपुर में रावी और ब्यास दरिया द्वारा किसानों को हो रहे नुकसान का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। जहां पहले ही किसानों की धान और गन्ने की फसलें भारी तबाही का शिकार हो चुकी हैं, वहीं अब भी किसानों की उपजाऊ जमीनें दरिया में समा रही हैं। गुरदासपुर जिले के पुराना शाला नजदीकी इलाके में ब्यास दरिया ने अब नया रास्ता अपना लिया है। पुराने रास्ते से बहने की बजाय अब यह लगातार किसानों की ज़मीन को काट रहा है। किसानों द्वारा बोई गई गन्ने की फसल पानी की लपेट में आने से बर्बाद हो रही है। यहां तक कि किसानों के खेत भी दरिया में समा रहे हैं, जिससे किसान बेहद मायूस नजर आ रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के ब्लॉक प्रधान गुरप्रताप सिंह ने बताया कि इस सीजन में ब्यास दरिया लगातार किसानों की जमीनें निगल रहा है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग द्वारा लगाई गई रोकें दरिया के सामने बेबस नजर आ रही हैं और दरिया रोजाना किसानों की जमीन को काटते हुए धुसी की ओर बढ़ रहा है।उन्होंने बताया कि दलेलपुर खेड़ा और जगतपुर सहित आसपास के कई इलाकों में दरिया का तेज बहाव निरंतर जमीनों को नुकसान पहुंचा रहा है। किसानों के कमरों और ट्यूबवेलों को भी भारी नुकसान हुआ है। जहाँ किसानों की फसलें तबाह हो चुकी हैं, वहीं उनका और कीमती सामान भी दरिया की लपेट में आ चुका है।   उन्होंने कहा कि किसान इस समय दोहरी मार झेल रहे हैं एक तरफ उनकी फसलें और संपत्ति दरिया में डूब गई हैं, तो दूसरी ओर उनकी जमीनें भी अब दरिया में मिलकर लुप्त हो चुकी हैं, जिनकी वापसी संभव नहीं दिखती। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दरिया ने इसी तरह तेजी से अपना रुख बदलना जारी रखा तो वह दिन दूर नहीं जब इसका पानी धुसी बांध को भी अपनी चपेट में ले लेगा।