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राहुल को धमकी पर गहलोत का वार – BJP पर नफरत फैलाने का आरोप

जयपुर  राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता की उस कथित धमकी की सोमवार को निंदा की जिसमें उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी को गोली मार दी जाएगी। गहलोत ने इसे सत्तारूढ़ पार्टी की मानसिकता का खतरनाक प्रतिबिंब बताया। गहलोत ने वीडियो बयान में कहा, "पूरा देश जानता है कि इस देश में महात्मा गांधी व इंदिरा गांधी को किस प्रकार गोली मारी गई थी। वे देश को एक व अखंड रखने का संकल्प किए हुए थे। आज भाजपा के एक प्रवक्ता ने राहुल गांधी पर टिप्पणी की है कि इनकी छाती में गोली मार देंगे।” गहलोत ने इस मुद्दे पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा की चुप्पी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "अगर एक प्रवक्ता टीवी पर प्रसारित चर्चा में खुलेआम यह कह सकता है और पार्टी अध्यक्ष कोई प्रतिक्रिया नहीं देते, तो यह गंभीर सवाल खड़े करता है। देश को चिंतित होना चाहिए।" कांग्रेस नेता ने कहा, “ये हम बार बार कहते हैं कि इससे भाजपा की नफरत की राजनीति उजागर हुई है।” उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी की सार्वजनिक यात्रा की जानकारी मीडिया में साझा किए जाने के सुरक्षा निहितार्थों पर भी सवाल उठाया। गहलोत ने पूछा, "जब राहुल गांधी देश-विदेश की यात्रा करते हैं, तो उनकी लोकेशन भी सार्वजनिक कर दी जाती है। क्या यह सुरक्षा का उल्लंघन नहीं है?" भाजपा पर नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा अध्यक्ष से देश से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी महंगाई, बेरोजगारी और वोट चोरी की बात करते हैं। वह इसे देशभर में मुद्दा बना रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष को देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्हें देशवासियों को भरोसा दिलाना चाहिए कि यह मामला उनके संज्ञान में आ गया है और दोषियों को पार्टी से निकाला जाएगा और गृह मंत्रालय ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।" उन्होंने कहा, "मैं इस पूरी घटना की निंदा करता हूं। जिस प्रकार की सोच रखने वाले लोग आज सत्ता में बैठे हुए हैं इनका लोकतंत्र में कोई विश्वास नहीं है। विश्वास होता तो शायद ऐसी स्थिति नहीं होती। पूरा देश देख रहा है, समय आने पर जवाब देगा।" पुलिस ने भाजपा नेता प्रिंटू महादेवन के खिलाफ टेलीविजन पर चर्चा के दौरान उनकी कथित टिप्पणी के लिए सोमवार को मामला दर्ज किया। उन्होंने कथित रूप से था कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को गोली मार दी जाएगी। केरल प्रदेश कांग्रेस समिति (केपीसीसी) के सचिव श्रीकुमार सी.सी. की शिकायत के आधार पर पेरामंगलम पुलिस ने यह मामला दर्ज किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के पूर्व नेता महादेवन ने 26 सितंबर को एक मलयालम समाचार चैनल पर चर्चा के दौरान बांग्लादेश और नेपाल में विरोध प्रदर्शनों पर चर्चा करते हुए यह टिप्पणी की। 

विज्ञान मेला से प्रतिभाओं को मिलेगा आगे आने का मौका

नगरीय विकास मंत्री श्री विजयवर्गीय ने 12वें विज्ञान मेला को किया संबोधित भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार विज्ञान से जुड़ी प्रतिभाओं को अपने नवाचार के लिये लगातार प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि विज्ञान का क्षेत्र विकास की रफ्तार को और तेज करता है। मंत्री श्री विजयवर्गीय सोमवार को बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित 12वें भोपाल विज्ञान मेला के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। विज्ञान मेला का आयोजन विज्ञान भारती मध्य भारत प्रांत, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद एवं बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में लगाया गया था। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि विज्ञान से जुड़ी संस्थाओं को केन्द्र और राज्य सरकार दोनों का सहयोग मिल रहा है। कोविड काल का जिक्र करते हुए मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के वैज्ञानिकों को कोविड की दवाई और वैक्सीन तैयार करने के लिये प्रोत्साहित किया था। इस प्रोत्साहन से कोविड की दवाई और वैक्सीन बनाकर भारत ने दुनिया को अपनी वैज्ञानिक क्षमता का संदेश दिया था। कोविड की वैक्सीन न केवल देश के नागरिकों को लगाई गई बल्कि दुनिया के अनेक जरूरतमंद देशों को भी उपलब्ध कराई गई। रक्षा क्षेत्र में चल रहे हैं लगातार शोध मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में देश में लगातार शोध हो रहे हैं। रक्षा उपकरणों मामले में भारत काफी हद तक आत्मनिर्भर हुआ है। आयुर्वेद पद्धति की चर्चा करते हुए मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि हमारे देश की प्राचीन परंपराओं ने दुनिया में अपनी साख बनाई है। आज अनेक देश आयुर्वेद को अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि फर्जिलाइजर ने हमारी खेती की जमीन को काफी नुकसान पहुंचाया है। जरूरत इस बात की है कि हम जैविक और प्राकृतिक खेती की तरफ बढ़ें। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने विद्यार्थियों को विज्ञान को रचनात्मक कामों में उपयोग करने की समझाइश दी। कार्यक्रम को वरिष्ठ वैज्ञानिक पूर्व निदेशक डॉ. शंकर विनायक नाखे ने भी संबोधित किया। समापन सत्र में निदेशक राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय प्रो. सुधीर भदौरिया, अध्यक्ष भोपाल विज्ञान मेला डॉ. अनिल कोठारी, अध्यक्ष मध्य भारत प्रांत विज्ञान भारती डॉ. अमोघ ने भी संबोधित किया। विज्ञान मेले में 350 से अधिक विज्ञान मॉडल प्रस्तुत किये गये। भोपाल की अनेक शिक्षण संस्थाओं ने विज्ञान से जुड़े स्टॉल लगाये। 

आरटीई से लाभान्वित स्कूली बच्चों को अगले सत्र से उपलब्ध कराई जाएंगी पाठ्यपुस्तकें और बैग

बच्चों की बेहतर शिक्षा और भविष्य की सुरक्षा है आरटीई मुख्यमंत्री ने शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत 8.45 लाख से अधिक विद्यार्थियों की फीस प्रतिपूर्ति के 489 करोड़ रुपये निजी स्कूलों को किए अंतरित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार सभी वर्गों के हर चौथे बच्चे को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने की फीस दे रही है। राज्य सरकार ने बच्चों के स्वर्णिम भविष्य के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम से लाभान्वित निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को अगले सत्र से पाठ्यपुस्तकें और बैग उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश की पहचान आज सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाले राज्य की बन चुकी है। राज्य सरकार ने संपूर्ण प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की है। विद्यार्थियों को स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक राज्य सरकार द्वारा हर संभव मदद दी जा रही है। शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिल, ड्रेस और किताबें मिल रही हैं। शाला में प्रथम आने वाले विद्यार्थियों को स्कूटी और 75 प्रतिशत अंक लाने वालों को लैपटॉप प्रदान कर प्रोत्साहित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन आया है। बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाना उनके बेहतर भविष्य की सुरक्षा है। बच्चे अपना भविष्य बनाते हुए देशभक्त नागरिक बनें, वे डॉक्टर, इंजीनियर और शिक्षक बनें, साथ ही सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भी भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को हरदा जिले के खिरकिया में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत राज्यस्तरीय कार्यक्रम में 20 हजार 652 अशासकीय विद्यालयों को 489 करोड़ रुपये सिंगल क्लिक से अंतरित कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर 72 किलोमीटर लम्बी आशापुर-हरदा सड़क निर्माण की घोषणा भी की। केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उइके, प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह और पूर्व मंत्री श्री कमल पटेल भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने जो कहा है, वो करके दिखाया है। किसानों कल्याण के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को गेहूं की उपज पर 175 रुपए का बोनस उपलब्ध कराकर उन्हें गेहूं का 2600 रुपए प्रति क्विंटल का मूल्य दिलाया गया है। अब भावांतर योजना लागू करते हुए प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक हर किसान को प्रति क्विंटल 5328 रूपये समर्थन मूल्य दिलवाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। राज्य सरकार ने मूंग और धान उत्पादक किसानों को भी उपज का उचित मूल्य दिलाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरदा में हुई भीषण विस्फोट दुर्घटना का स्मरण करते हुए कहा कि शासन-प्रशासन ने उस कठिन परिस्थिति में तत्परता दिखाते हुए पीड़ित व्यक्तियों को हर संभव राहत और बचाव उपलब्ध कराने के प्रबंध किए गए थे। अब राज्य सरकार ने बीमार और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए पीएमश्री एयर एंबुलेंस की व्यवस्था आरंभ की है। कठिन परिस्थितियों में पीड़ित और जरूरतमंद व्यक्तियों को त्वरित रूप मदद उपलब्ध कराने के प्रति राज्य सरकार संवेदनशील है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को सर्वोच्च महत्व दिया गया है। गुरुजन के प्रयास और माताओं के आशीर्वाद से ही समाज का कल्याण हो सकता है। रामायणकाल में महर्षि विश्वामित्र की बालक राम को प्रभु श्रीराम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका रही। भगवान श्रीकृष्ण उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा-दीक्षा प्राप्त करने पहुंचे। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के प्रसंग से हम मित्रता और आपसी संबंधों में एक दूसरे को सम्मान देने के महत्व से भी परिचित होते हैं। हमें प्रयास करना होगा कि वर्तमान पीढ़ी भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा के इन प्रसंगों से प्रेरणा लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने ब्रिटिश काल में सबसे कठिन परीक्षा आईसीएस में चयनित होकर अंग्रजों की नौकरी ठुकराई और उन्हें भारतीय मेधा से परिचित कराया। दो स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति की राशि के सांकेतिक चेक भेंट किये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश के निःशुल्क प्रवेशित 8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस प्रतिपूर्ति के लिये प्रदेश के 20 हजार से अधिक अशासकीय विद्यालयों को 489 करोड़ रूपये अंतरित किये। उन्होंने इस दौरान शांति निकेतन हायर सेकण्ड्री स्कूल छीपाबड को 62 निःशुल्क प्रवेशित विद्यार्थियों के लिये 4 लाख एक हजार 593 रूपये और सरस्वती शिशु विद्या मंदिर खिरकिया को 59 निःशुल्क प्रवेशित विद्यार्थियों के लिये 3 लाख 61 हजार 979 रूपये के सांकेतिक चेक वितरित किये। केंद्रीय राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उईके ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा, सुशासन, कृषि सहित सभी क्षेत्रों में नवाचार और पारदर्शिता को प्रोत्साहित किया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम समाज के कमजोर वर्ग के लिए वरदान की तरह है। इस योजना से गरीब परिवार के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार गरीब और वंचित वर्ग के कल्याण के लिए संकल्पित है। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि यह देश और समाज की प्रगति का मार्ग है। शासकीय स्कूलों में अच्छे भवन बने हैं। बच्चों को पौष्टिक मध्यान भोजन मिल रहा है और उन्हें हर क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षा का अधिकार के माध्यम से निजी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों में 70 प्रतिशत विद्यार्थी किसान परिवार से आते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के लिए भावांतर योजना प्रारंभ की है। उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास के पथ पर अग्रसर है। पूर्व कृषि मंत्री श्री कमल पटेल ने कहा कि हरदा जिला सिंचाई से लेकर पेयजल, सड़क एवं बिजली सहित हर क्षेत्र में अग्रणी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हम हर क्षेत्र में विकास करने के लिये कटिबद्ध है। विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिरकिया में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 1851.04 लाख रूपये के 5 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इसमें 130.70 लाख रूपये की लागत से निर्मित होने वाले हाई स्कूल भवन कायदा में 4 क्लास रूम तथा 3 प्रयोगशाला, 404 लाख रूपये की लागत से निर्मित होने वाले महाविद्यालयीन बालक छात्रावास टिमरनी, 265 लाख रूपये की … Read more

स्कूल में क्रूरता का मामला: होमवर्क नहीं करने पर बच्चों पर हिंसक वार, प्रिंसिपल गिरफ्तार

चंडीगढ़  हरियाणा के पानीपत से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां जाटल रोड स्थित एक निजी स्कूल में एक कैब ड्राइवर ने सात साल के बच्चे की कथित तौर पर पिटाई की और उसे खिड़की से उल्टा लटका दिया. हालांकि यह घटना अगस्त में हुई थी, लेकिन बच्चे के माता-पिता को शनिवार को इसकी जानकारी तब हुई जब मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. उन्होंने तुरंत स्कूल प्रिंसिपल से संपर्क किया और मॉडल टाउन पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. स्कूल में हुई बच्चों के साथ बर्बरता मिली जानकारी के अनुसार, जटल रोड स्थित एक स्कूल में बच्चों के साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार के दो अलग-अलग वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं. एक वीडियो में जहां दूसरी कक्षा के एक छात्र को होमवर्क न करने पर रस्सी से खिड़की से उल्टा लटकाकर पीटा गया. वहीं, वायरल हो रही दूसरी वीडियो में स्कूल की प्रिंसिपल छोटे बच्चों को अन्य छात्रों के सामने थप्पड़ मारती हुई नजर आ रही हैं. स्कूल परिसर में हुई इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. वायरल वीडियो से हुआ खुलासा पीड़ित बच्चे की मां ने बताया कि उनके बेटे का इसी साल विराट नगर स्थित एक निजी स्कूल में दूसरी कक्षा में ए़डमिशन हुआ था. उन्होंने बताया कि यह घटना 13 अगस्त को हुई थी. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो को शनिवार को परिवार ने देखा. उसके बाद उन्हें इस घटना की जानकारी मिली. वीडियो में उन्होंने देखा कि बच्चे को पैर पर रस्सी बांध रखी है और खिड़की के सहारे उल्टा लटकाया हुआ है. ये सब देख के वो भी दंग रह गए. वहीं, एक अन्य वीडियो में उसी स्कूल की प्रिंसिपल दो अन्य बच्चों को दूसरे बच्चों के सामने थप्पड़ मारती हुई नजर आ रही थी.   पीड़ित बच्चे ने मां से क्या कहा? मिली जानकारी के अनुसार, जब परिवार ने इस घटना को लेकर स्कूल की प्रिंसिपल से पूछताछ की तो उन्होंने दावा किया कि हमें वीडियो के बारे में नहीं पता है. वहीं, बच्चे ने अपनी मां को बताया कि स्कूल के एक टीचर ने उसे खिड़की से लटका दिया था. उससे पहले टीचर ने उसे थप्पड़ भी मारे थे और घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया था. पीड़ित बच्चे की मां ने कहा कि बच्चे को सिर्फ होमवर्क नहीं करने की सजा मिली. कई धाराओं में दर्ज हुआ केस घटना की जानकारी के बाद पीड़ित बच्चे के परिवार ने मॉडल टाउन थाने में शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर तत्काल कार्रवाई कर आरोपी ड्राइवर अजय के खिलाफ धारा 115, 127(2), 351(2) और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट, 2015 की धारा 75 के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है. स्कूल की प्रिंसिपल और ड्राइवर गिरफ्तार पानीपत के स्कूल में बच्चे को उल्टा लटका कर पीटने वाला स्कूली ड्राइवर और स्कूल प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर लिया गया है. डीएसपी सतीश वत्स ने बताया कि विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर दोनो को गिरफ्तार किया है. बच्चो को उल्टा लटका कर पीटने के वीडियो वायरल हुआ था.  

12वें भोपाल विज्ञान मेले में एम.पी. ट्रांसको को मिला प्रथम स्थान

भोपाल विज्ञान भारती मध्य भारत प्रांत के तत्वावधान में बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय, स्थित ज्ञान विज्ञान भवन में आयोजित 12वें भोपाल विज्ञान मेले में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के स्टॉल को शासकीय वर्ग मे प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। विज्ञान मेले के समापन समारोह में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने यह पुरस्कार प्रदान किया। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने एम.पी. ट्रांसको को इस सफलता पर बधाई दी है। नवाचार और अत्याधुनिक तकनीकों का हुआ प्रदर्शन 26 सितंबर से प्रारंभ हुए इस मेले में एम.पी. ट्रांसको का स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। स्टॉल में एम.पी. ट्रांसको द्वारा मध्यप्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क में उपयोग की जा रही अत्याधुनिक तकनीकों और नवाचारों का प्रभावी प्रदर्शन किया गया। इनमें चार्ज ट्रांसमिशन लाइन पर हॉटलाइन तकनीक और वेयर हेंड तकनीक से सुधार कार्य, गैस इंसुलेटेड स्विचगियर (जी.आई.एस.) तकनीक से संचालित एक्स्ट्रा हाईटेंशन सबस्टेशन के मॉडल सहित अनेक तकनीकी डिस्प्ले प्रमुख आकर्षण रहे। विद्यार्थियों और आगंतुको ने ट्रांसमिशन सिस्टम की बारीकियों को जिज्ञासा और उत्साह से समझा। शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने भी गत दिवस ट्रांसको के स्टॉल का अवलोकन कर ट्रांसमिशन सिस्टम में नई-नई तकनीकें और नवाचार के उपयोग को सराहनीय बताया था।  

सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी की कोयला गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला को हासिल हुई एनएबीएल की चार वर्ष की मान्यता

भोपाल मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी (MPPGCL) के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी (STPS) स्थि‍त कोयला गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला को नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्ट‍िंग एन्ड कैलिब्रेशन लेबोरेट्रीज (एनएबीएल) से चार वर्षों की नवीन मान्यता हासिल हुई है। सारनी कोयला गुणवत्ता प्रयोगशाला को यह मान्यता आईएसओ/आईईसी 17025:2017 के मानकों के अनुरूप प्रदान की गई है। कोयला गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला को यह मान्यता 5 सितंबर 2029 तक की अवधि के लिए दी गई है। मान्यता सटीकता, विश्वसनीयता व पारदर्श‍िता का प्रतीक मध्यप्रदेश पावर जनेरटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक श्री मनजीत सिंह ने कहा कि सारनी कोयला गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला को एनएबीएल से चार वर्ष की मान्यता प्राप्त होना प्रयोगशाला की कोयला परीक्षण की सटीकता, विश्वसनीयता व पारदर्श‍िता का परिचायक है। एनएबीएल द्वारा कोयला गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला को मान्यता देने का कार्य कई चरणों में पूर्ण किया गया, जिसमें आन साइट सर्विलांस ऑडिट जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रि‍या शामिल थी। एनएबीएल द्वारा इसके अलावा प्रयोगशाला की कार्यप्रणालि‍यों, अभिलेखों और वहां पर कार्यरत कार्मिकों की क्षमता व कुशलता को परखा गया। इन समस्त मापदंडों में सारनी की कोयला प्रयोगशाला को सफलता मिली है। मानकों के अनुसार प्रतिबद्धता की पुष्ट‍ि अंतर्राष्ट्रीय मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी की सारनी कोयला गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला की यह सफलता टीम की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। इस मान्यता से अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार गुणवत्ता और क्षमता के प्रति प्रयोगशाला की निरंतर प्रतिबद्धता की पुष्ट‍ि होती है।  

पांडुर्णा में ऊर्जीकृत हुआ 200 एम.व्ही.ए. का नया पावर ट्रांसफार्मर

 महाराष्ट्र से अंतर्राज्यीय विद्युत पारेषण को मिली फ्लेक्सिबिलिटी : ऊर्जा मंत्री तोमर भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि महाराष्ट्र के कमलेश्वर से विद्युत आदान-प्रदान को और अधिक विश्वसनीय एवं लचीला बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने 13 करोड़ 47 लाख रुपये की अनुमानित लागत से पांडुर्णा 220 केवी सबस्टेशन पर क्षमता वृद्धि करते हुए एक नया 200 एम.व्ही.ए. क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया है। उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से अब महाराष्ट्र से अंतर्राज्यीय विद्युत पारेषण के लिए 40 एम.व्ही.ए. अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही इस ट्रांसफार्मर के जरिए आवश्यकता पड़ने पर पीजीसीआईएल बैतूल के 400 केवी सबस्टेशन से भी अतिरिक्त बिजली प्राप्त की जा सकेगी। इससे बोरगांव और मुलताई सहित छिंदवाड़ा जिले को पर्याप्त एवं स्थिर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी। क्षमता बढकर हुई 360 एमव्हीए एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता श्री अमर कीर्ति सक्सेना ने बताया कि पूर्व में पांडुर्णा 220 केवी सबस्टेशन पर 160 एम.व्ही.ए. क्षमता के दो पावर ट्रांसफार्मर स्थापित थे। उस व्यवस्था में महाराष्ट्र से विद्युत आदान-प्रदान में कभी-कभी दिक्कत आती थी, जिससे न तो मध्यप्रदेश को आवश्यकता अनुसार अधिक बिजली मिल पाती थी और न ही महाराष्ट्र को अतिरिक्त विद्युत दी जा सकती थी। इस कमी को दूर करने के लिए सबस्टेशन पर क्षमता वृद्धि की गई और अब नया 200 एम.व्ही.ए. ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया है। जिसे पांडुर्णा 220 के व्ही सब स्टेशन मे 220 केव्ही साइड की क्षमता बढ़कर 360 एम.व्ही.ए. हो गई है। इन क्षेत्रों को भी होगा लाभ पांडुर्णा में नए पावर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से बोरगांव 132 केवी सबस्टेशन, मुलताई 132 केवी सबस्टेशन तथा 220 केवी सबस्टेशन छिंदवाड़ा से जुड़े जिले के विभिन्न क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर पीजीसीआईएल बैतूल से भी अतिरिक्त विद्युत प्राप्त की जा सकेगी।  

पंजाब में स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा, CM मान के नेतृत्व में मोहाली बनेगा मेडिकल हब

चंडीगढ़  पंजाब को “रंगला, सेहतमंद, और भविष्य के लिए तैयार” बनाने की मुहिम में एक बड़ा कदम उठाते हुए, फोर्टिस हेल्थकेयर ने मोहाली में अपने कैंपस के विस्तार के लिए ₹900 करोड़ का ऐलान किया है। उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि इस निवेश के तहत 400 से अधिक नये बेड्स जुड़ेंगे और इसे 13.4 एकड़ में फैला कर विश्वस्तरीय उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) बनाया जाएगा जिससे पंजाब मेडिकल, रोज़गार और आधुनिक सुविधाओं का नया गढ़ बन रहा है। प्रदेश सरकार की सक्रियता, मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदृष्टि और मज़बूत नेतृत्व के चलते, फोर्टिस का यह अभूतपूर्व निवेश प्रदेश के युवाओं के लिए 2,200 से अधिक नई नौकरियां और हजारों अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर लेकर आएगा। यह परियोजना सीधे–सीधे 2500 से ज़्यादा लोगों को रोज़गार देगी, जिससे पंजाब के युवाओं को भविष्य की हेल्थकेयर इंडस्ट्री में दमदार शुरुआत मिलेगी।   इस विस्तार में अत्याधुनिक ICU, कार्डियोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, अंग प्रत्यारोपण, रोबोटिक सर्जरी, और 40 से ज़्यादा सुपरस्पेशलिटी सुविधाएं शामिल होंगी। मौजूदा फोर्टिस कैंपस पहले ही 375 बेड्स और 194 ICU बेड्स सहित, क्षेत्र में उच्चतम क्वॉलिटी की सेवाएं दे रहा है। राज्य सरकार ने निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की मज़बूत साझेदारी (Public–Private Partnership) के ज़रिये, पंजाब को हेल्थ और मेडिकल का ग्लोबल हब बनाने का निश्चय कर लिया है। इस विज़न के तहत न केवल मोहाली, बल्कि लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और अन्य ज़िलों में भी मल्टी–स्पेशलिस्ट अस्पतालों की शुरुआत की गई है, ताकि हर नागरिक को उनके घर के पास बेहतरीन चिकित्सा मिले।   फोर्टिस हेल्थकेयर ने 2013 से अब तक पंजाब में ₹1,500 करोड़ से भी अधिक का निवेश किया है और राज्यभर में आधुनिक, विश्वस्तरीय अस्पतालों का नेटवर्क बनाया है। लुधियाना में 259 बेड वाले सुपरस्पेशलिटी कैंपस, अमृतसर और जालंधर में भी अग्रणी स्वास्थ्य सेवाएँ दी जा रही है। यह निवेश योजना पंजाब के “Sehatmand, Rangla Punjab” विजन को धरातल पर उतारने का प्रमाण है — जहां हर नागरिक को समय पर, सुलभ और उम्दा स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हो। स्वास्थ्य मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा, “पंजाब सरकार हेल्थकेयर में संपूर्ण परिवर्तन के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदेश के नागरिकों को वैश्विक स्तर की सुविधाएँ देने के लिए लगातार निवेश और सुधार कर रही है” पंजाब सरकार द्वारा हॉस्पिटल PPP एक्ट पास करने के बाद, प्रदेश में निजी और सरकारी सहयोग से कई पायलट प्रोजेक्ट्स शुरू हो रहे है, जिससे चिकित्सा संसाधन, नई तकनीकी, और डॉक्टरों की उपलब्धता बेहतर हुई है। इसका सीधा लाभ आम लोगों को फ्री या सस्ती सेवाओं के रूप में मिलेगा।इस मेडिकल हब के विकास से न सिर्फ मोहाली बल्कि पूरे पंजाब को मेडिकल टूरिज़्म में नई पहचान मिलेगी, और आने वाले वर्षों में पंजाब हेल्थकेयर इनोवेशन का नायक बनेगा। फोर्टिस के इस निवेश के चलते पंजाब नॉर्थ इंडिया के सबसे बड़े और रणनीतिक रूप से अहम हेल्थकेयर सेंटर के तौर पर उभरेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यभर में 800 से भी अधिक आम आदमी क्लीनिक, मुफ्त दवाई, और मुफ्त 38 प्रकार की डायग्नॉस्टिक सेवाएं शुरू की है जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में पंजाब का रैंकिंग ऊपर आई है और प्रदेश का हर नागरिक “सस्ती, समय पर, और गुणवत्तापूर्ण” चिकित्सा सेवा का लाभ उठा रहा है।पंजाब सरकार और फोर्टिस हेल्थकेयर की यह साझेदारी भविष्य के स्वस्थ्य, उन्नत एवं खुशहाल पंजाब के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी और पंजाब का शोर्य, मज़बूती एवं सेहत पूरे भारत व विश्व में उदाहरण बनेगा।  

5 लाख लोगों की शपथ बनी पोषण जनआंदोलन

शाजापुर में ‘घर में पकायेंगे और घर का खायेंगे’ बना पोषण सूत्र भोपाल मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले ने राष्ट्रीय पोषण माह 2025 को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक जनांदोलन में बदल दिया है। “घर में पकायेंगे – घर का खायेंगे” नवाचार के माध्यम से जिले ने पोषण, स्वास्थ्य और पारिवारिक सहभागिता को एक सूत्र में पिरोते हुए राज्य स्तर पर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग को प्रोत्साहित करते हुए, बाजार के अस्वास्थ्यकर खाद्य विकल्पों से दूर रहने का जो संदेश शाजापुर ने दिया है, वह न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए बल्कि सांस्कृतिक जागरूकता के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। पोषण माह पर 17 सितम्बर को स्थानीय पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें दाल बाटी चूरमा, मक्के की रोटी, ज्वार-बाजरे की रोटियां, सोयाबीन से बने उत्पाद, अंकुरित अनाज और गुड़-चना जैसे पौष्टिक विकल्पों को लोगों के सामने प्रस्तुत किया गया। 5 लाख से अधिक लोगों ने ली शपथ जिलेभर में इस अभियान के अंतर्गत वृहद हस्ताक्षर और शपथ अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें अब तक 5 लाख से अधिक नागरिकों ने भाग लेकर “घर का खाना – सबसे अच्छा खाना” का संकल्प लिया है। अभियान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पर्यवेक्षक, परियोजना अधिकारी, स्कूल शिक्षक, पंचायत प्रतिनिधि, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। बाहर के खाने से होने वाले नुकसान पर विशेष फोकस अभियान के दौरान फास्ट फूड और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों के दुष्परिणामों पर विशेष रूप से जानकारी दी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अभियान कार्यकर्ताओं द्वारा बताया जा रहा है कि बाहर के खाने से बच्चों में मोटापा, मधुमेह, पोषण की कमी और पाचन संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। “पोषण भी, पढ़ाई भी” का संदेश अभियान को “पोषण भी, पढ़ाई भी” थीम से जोड़ा गया है। बच्चों को पोषण के साथ-साथ शिक्षा का महत्व भी बताया जा रहा है। अभियान का एक लोकप्रिय नारा “दादी/नानी बताएंगी, पापा लाएंगे, मम्मी पकाएंगी, बच्चे खायेंगे” अब हर गांव और मोहल्ले में गूंज रहा है। संपूर्ण परिवार की भागीदारी कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने बताया कि यह केवल पोषण अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक भागीदारी का उदाहरण है। “इस नवाचार ने यह साबित किया है कि यदि सही जागरूकता और समुदाय की भागीदारी हो, तो किसी भी योजना को जन आंदोलन में बदला जा सकता है।” सोशल मीडिया से भी जुड़ा जन-जागरूकता अभियान जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से भी अभियान का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। छोटे वीडियो, स्लोगन, पोस्टर और रील्स के ज़रिए खासकर युवाओं को इससे जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। 

परिवहन विभाग में फेसलेस सेवाओं का विस्तारीकरण

परिवहन मंत्री श्री सिंह मंगलवार को करेंगे लोकार्पण भोपाल  परिवहन विभाग में फेसलेस सेवाओं का विस्तारीकरण का लोकार्पण मंगलवार 30 सितम्बर को दोपहर 03:00 बजे परिवहन स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह करेंगे। लोकार्पण समारोह क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय कोकता, भोपाल में आयोजित किया गया है। फेसलेस सेवाओें का विस्तारीकरण का मकसद पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यावसायिक दक्षता के साथ सेवाओं का विस्तार करना है। कार्यक्रम में हेलमेट एवं राहवीर पुरस्कार वितरण, फेसलेस सेवाओं पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया जायेगा। कार्यक्रम में सचिव परिवहन विभाग एवं आयुक्त परिवहन भी मौजूद रहेंगे।