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रावण दहन समारोह: HEC धुर्वा में होगी भव्य उत्सव, सीएम हेमंत समेत कई दिग्गज शामिल

रांची झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं विजयादशमी रावण दहन समिति के मुख्य संरक्षक आलोक कुमार दुबे ने बताया कि इस वर्ष भी परंपरा के अनुसार 2 अक्टूबर को शालीमार बाजार, एचईसी धुर्वा में भव्य विजयादशमी रावण दहन समारोह आयोजित होगा। यह समारोह 1968 से निरंतर चल रहा है और झारखंड एवं रांची का सबसे पुराना रावण दहन मंच है, जिसमें हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस महत्वपूर्ण आयोजन में रावण, कुम्भकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन कर असत्य, अहंकार एवं अन्याय पर सत्य और धर्म की विजय का संदेश दिया जाता है। दूबे ने बताया कि यह आयोजन धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि रावण दहन समारोह में आयोजित आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन की भव्यता को और बढ़ा देते हैं। समिति के अध्यक्ष संजीत यादव और पदाधिकारियों ने झारखंड सरकार की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पा नेहा तिर्की एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से मुलाकात कर उन्हें रावण दहन समारोह में आमंत्रित किया। दोनों मंत्रियों ने कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति दी है। इसके अलावा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री दीपिका पांडे सिंह और लोहरदगा विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव सहित कई विशिष्ट अतिथियों को भी समारोह में आमंत्रित किया जा रहा है। दूबे ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन सुविधाओं को पूर्ण रूप से सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। उन्होंने बताया कि हालांकि बारिश का मौसम आयोजकों के लिए चुनौतीपूर्ण है, लेकिन प्रशासन और समिति के संयुक्त प्रयास से इस बार का रावण दहन समारोह और भी भव्य रूप से आयोजित होगा। सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से 28 सितंबर को डोरंडा छप्पन सेट में मां दुर्गा का पट खोलने का पावन कार्य और पूजा पंडाल का उद्घाटन भी किया जाएगा। यह आयोजन भी श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना में भाग लेने के लिए आमंत्रित करता है। दूबे ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे परिवार सहित इस पवित्र अवसर पर शामिल होकर विजयादशमी के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संदेश को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि यह त्यौहार असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है और इससे समाज में एकता और सछ्वावना बढ़ती है।  

मुख्यमंत्री यादव का संदेश: नवरात्रि से बढ़ाएं सामाजिक समरसता

नवरात्रि पर्व मिलकर आराधना करने और सद्भाव बढ़ाने का माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री भोपाल के भेल क्षेत्र में भोजपाल गरबा महोत्सव में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नवरात्रि पर्व हमें एक साथ मिलकर आराधना करने, मेलजोल और सद्भाव बढ़ाने का माध्यम बनता है। यह पावन पर्व शक्ति-आराधना का पर्व है। यह अवसर इतिहास के गौरवशाली अध्याय का स्मरण करवाता है। नवरात्रि पर्व में मां जगदम्बा, भगवान कृष्ण के स्वरूप और देवी-देवताओं के रूप में हमारे कलाकार उत्साह और श्रद्धा का परिचय देते हैं। ऐसी अनुभूति होती है कि माँ भवानी साक्षात हमारे बीच आ गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि दशहरा पर्व भगवान राम की असुरों पर विजय के साथ माँ जगदम्बा द्वारा महिषासुर का वध करने के उल्लास का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार की रात्रि भोपाल के भेल क्षेत्र में भोजपाल गरबा महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। वर्ष 2014 के बाद बदल गया है भारत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विश्व में अलग पहचान बनाई है। जहां तक शौर्य की बात है अब कोई भी शत्रु भारत में आतंकवादी गतिविधि घटित करने की हिम्मत नहीं कर सकता। भारत, शत्रु को पाताल तक जाकर भी तलाश कर सकता है और शत्रु के घर में घुसकर उसे सबक सिखाने की क्षमता रखता है। ऑपरेशन सिंदूर इस बात का उदाहरण है कि भारत दुश्मन के किसी मंसूबे को सफल नहीं होने देगा। वर्ष 2014 के पहले का भारत बदल चुका है, अब कोई शत्रु भारत से बच नहीं सकता। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में भारत के समस्त देव स्थानों पर आनंद की वर्षा हो रही है। भारत में शौर्य प्रदर्शन और विकास के साथ कई क्षेत्रों में अभूतपूर्व कार्य हो रहा है। खेल क्षेत्र में की बात करें तो गत रविवार को हुए 20-20 एशिया कप मैच में भारत की विजय सभी भारतीयों का गर्व बढ़ाने का कारण बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोजपाल गरबा महोत्सव का यह दूसरा वर्ष है। यहां नागरिकों और श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदाधिकारी और गरबा महोत्सव के संयोजक  सुनील यादव के साथ अन्य पदाधिकारियों को गरबा महोत्सव को अभिनव स्वरूप देने की बधाई दी और सराहना की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निर्वहन के लिए अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में संयोजक  सुनील यादव,  रविंद्र यति,  विकास विरानी,  अमन यादव और अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। गरबा महोत्सव के आखिरी दिन विशाल जनसमूह और कलाकार दल ने गरबा की आकर्षक प्रस्तुति दी।  

असुरक्षा और भय के जीवन से मिली मुक्ति प्रधानमंत्री आवास योजना से

रायपुर कभी नक्सल गतिविधियों से जुड़े रहे ग्राम पंचायत एलमागुंडा निवासी श्री सोड़ी हुंगा का वर्षों पुराना पक्के घर का सपना आखिरकार पूरा हो गया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में गृह विभाग से प्राप्त सूची के आधार पर ‘‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’’ (विशेष परियोजना नियद नेल्लानार योजना) के अंतर्गत उनका नाम चयनित किया गया। कलेक्टर बीजापुर के मार्गदर्शन में आवास प्लस ऐप सर्वे और प्राथमिकता क्रम मं  लक्ष्य आवंटन के बाद उनका आवास स्वीकृत हुआ।            पूर्व में नक्सली गतिविधियों में शामिल रहे श्री हुंगा ने लगातार असुरक्षा और भय से जीवन व्यतीत किया। शासन-प्रशासन पर विश्वास जताते हुए उन्होंने आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उन्हें प्रोत्साहन राशि और अब प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1 लाख 20 हजार रुपए की सहायता से पक्का मकान मिला। एलमागुंडा ग्राम पंचायत दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र है, जो जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित है। सीमित परिवहन सुविधाओं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद श्री हुंगा ने परिवार के सहयोग से अपने घर का निर्माण कार्य पूरा कर लिया।          प्रधानमंत्री आवास योजना की प्राप्ति से श्री सोड़ी हुंगा ने भावुक होकर कहा कि पहले नक्सल गतिविधियों में जीवन हमेशा खतरे में रहता था, लेकिन आज प्रधानमंत्री आवास योजना की बदौलत उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिला है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।          प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और नियद नेल्ला नार योजना न केवल आवासीय सुविधा उपलब्ध करा रही है, बल्कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उनका पुनर्वास भी सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि श्री सोड़ी हुंगा जैसे हितग्राहियों की सफलता की कहानियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि योजनाएँ सही दिशा में प्रभावी ढंग से कार्य कर रही हैं।

जंबो तबादला की तैयारी में मध्यप्रदेश सरकार, 12 कलेक्टरों पर गाज गिरने का खतरा

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने बीती शनिवार की देर रात 18 आइएएस और एसएएस के 8 अफसरों समेत 24 अधिकारियों के तबादले किए। एक जंबो सूची और आनी है। इसमें कई आइएएस अफसरों के नाम होंगे। चर्चा के अनुसार 12 से 15 कलेक्टरों पर गाज गिर सकती है। ये वे कलेक्टर होंगे, जिन्हें जिलों की कमान मिलने को दो से ढाई साल का आदर्श समय हो चुका है। बाकी ऐसे होंगे, जो पर्याप्त समय मिलने के बाद भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। हटाया जाना तय जिन कलेक्टरों की वजह से बार-बार विवाद की स्थिति बन चुकी है, उन कलेक्टरों को हटाया जाना तय बताया जा रहा है। इनमें भिंड जैसे जिलों के कलेक्टर दायरे में आ सकते हैं। हालांकि प्रशासन के ज्यादातर अधिकारी मानते हैं कि कलेक्टरों को कई बार घेरने के प्रयास भी होते है। कानूनी जवाब देने पर विवाद की स्थिति पैदा की जाती है। नहीं दिए बेहतर परिणाम लगभग यही बात मध्यप्रदेश आइएएस एसोसिएशन के पदाधिकारी पूर्व में मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव से मिलकर कह चुके हैं। उक्त सूची में मुख्यमंत्री कार्यालय के उन अधिकारियों के नाम भी होने की संभावना है, जिन्हें मौके देने के बावजूद बेहतर परिणाम नहीं दे पा रहे। इनमें दो आइएएस और इतने ही राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का नाम होना बताया जा रहा है। इनकी जगह नए अफसरों को मौके दिए जा सकते हैं।

इंदौर-पीथमपुर के बीच दौड़ेगी मेट्रो, सीएम मोहन यादव ने की घोषणा; एक और जिला होगा शामिल

इंदौर  मेट्रो को रेडिसन चौराहे तक संचालित करने के लिए ट्रैक के बाद अब स्टेशन तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। मेट्रो एमडी एस. कृष्ण चैतन्य ने अफसर-ठेकेदारों की बैठक ली है। इस बीच इंदौर से पीथमपुर के बीच मेट्रो ट्रैक बनानेे के लिए सर्वे का काम दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) को सौंपा गया है, टीम ने प्राथमिक जानकारी के आधार पर काम शुरू भी कर दिया है। सीएम ने की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर से पीथमपुर के बीच मेट्रो ट्रेन (Indore Metro Rail) के संचालन की घोषणा की है। इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो (Indore Metro Rail) का सर्वे करने वाली डीएमआरसी को करीब 2 करोड़ 70 लाख में सर्वे के साथ डीपीआर बनाने के लिए जिम्मेदारी दी है। दिल्ली की टीम ने स्थानीय अफसरों के साथ तैयारी भी शुरू कर दी है। उज्जैन में अंडरग्राउंड ट्रैक नहीं इंदौर से उज्जैन के बीच भी डीएमआरसी का सर्वे हो चुका है, लवकुश चौराहे से महाकाल मंदिर व उज्जैन रेलवे स्टेशन तक मेट्रो चलाने की प्लानिंग है। उज्जैन में ट्रैक को अंडरग्राउंड करने का प्रस्ताव था, लेकिन ज्यादा खर्च होने से शहर में एलिवेटेड ट्रैक का सुझाव दिया गया। जल्द ही संशोधन के बाद प्रस्ताव पेश होगा जिसके बाद डीपीआर की स्थिति बन सकती है। महू तक मेट्रो ले जाने पर विचार नहीं अफसरों के मुताबिक, इंदौर से पीथमपुर के बीच (Indore Metro Run Between Indore Pithampur) करीब 30 किमी लंबा ट्रैक प्रस्तावित है। एयरपोर्ट से पीथमपुर अथवा एबी रोड राजेंद्रनगर से राऊ होते हुए पीथमपुर जाने के विकल्प के आधार पर सर्वे होगा। शुरुआती दौर में इंदौर से राऊ, महू होते हुए पीथमपुर जाने के विकल्प पर चर्चा हुई, लेकिन महू जाने के प्रस्ताव को फिलहाल छोड़ दिया गया है। महू जाने पर करीब 10 किमी अतिरिक्त ट्रैक बनता जिसे देखते हुए विकल्प को छोड़ा गया है। डीएमआरसी की टीम जल्द मैदानी सर्वे शुरू कर देगी। इंदौर मेट्रो का विस्तार जारी है, पहले फेज के शुभारंभ के बाद अब सेकंड फेज का ट्रायल  इंदौर मेट्रो जहां अपनी रफ्तार से दौड़ रही है तो वहीं मेट्रो के अगले चरणों की रफ्तार भी तेज है. पहले फेज के बाद अब दूसरे फेज में मेट्रो ट्रेन दौड़ने को तैयार है. दीपावली तक मेट्रो शहर में एंट्री करेगी. शुक्रवार को मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने सुपर कॉरिडोर से एम आर 10 रोड तक मेट्रो से सफर किया. मेट्रो रेल कंपनी की पूर्व घोषणा के मुताबिक दीपावली तक इंदौर मेट्रो अपने सेकंड फेज का काम पूर्ण करेगी. सेकंड फेज में रेडिसन चौराहे से मालवीय नगर दूसरे फेज के तहत इंदौर मेट्रो शहर के रेडिसन से होते हुए मालवीय नगर स्टेशन तक पहुंच जाएगी. इंदौर मेट्रो रेल कंपनी के प्रमुख एस कृष्ण चैतन्य ने बताया "इंदौर मेट्रो का सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर-03 से एमआर-10 मेट्रो स्टेशन तक सफल परीक्षण किया गया. वर्तमान में मेट्रो का संचालन गांधीनगर डिपो से सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 तक 6 किलोमीटर का हो रहा है. शुक्रवार को मेट्रो कंपनी ने सुपर सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर-03 से एमआर-10 मेट्रो स्टेशन तक सफल परीक्षण किया." 17 किमी ट्रैक शुरू होते ही कमर्शियल रन दीपावली तक इंदौर मेट्रो का दायरा 4 किलोमीटर तक और बढ़ जाएगा. इस तरह इंदौर मेट्रो 17 में से 10 किलोमीटर सफर प्रारम्भ होने की स्थिति मे पहुंच गई है. इंदौर मेट्रो रेल कंपनी के प्रमुख एस कृष्ण चैतन्य ने बताया "17 km का ट्रैक तैयार होने के बाद ही कमर्शियल रन प्रारंभ होगा." गौरतलब है करीब 1520 करोड़ के मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का भूमिपूजन सितंबर 2019 को कमलनाथ सरकार के दौरान हुआ था, जिसके पहले ट्रायल रन का शुभारंभ 31 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर किया था. अभी पिकनिक के तौर पर ही मेट्रो का आनंद इंदौर मेट्रो के शुभारंभ के दौरान सुपर कॉरिडोर के 6 स्टेशनों पर ट्रेन ने रन किया था. अब इसको सेकंड फेज में 11 किलोमीटर तक चलाया जाएगा. फिलहाल 6 स्टेशन के बीच ट्रेन में आम लोग सिर्फ पिकनिक की तरह ही सफर कर रहे हैं लेकिन सेकंड फेज के बाद लोग मेट्रो से सुपर करिडोर से लेकर रेडिसन होटल तक सुविधाजनक सफर कर पाएंगे. जून में हुए ट्रायल में क्या-क्या हुआ था इससे पहले जून में मेट्रो ट्रायल के दौरान ट्रैक के साथ ही मेट्रो स्टेशनों के निरीक्षण किया गया था. इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट की प्रगति की भी जानकारी के साथ सभी स्टेशनों के सिविल तथा सिस्टम संबंधी कार्यों का अवलोकन किया गया था. निरीक्षण के दौरान मुख्यत: स्टेशन के दोनों ओर एंट्री-एग्जिट, लिफ्ट, एस्कलेटर, कंट्रोल रूम, विभिन्न सिस्टम रूम, टिकटिंग रूम, PEB/शेड इत्यादि निर्माण कार्यों के साथ-2 आंतरिक एवं बाहरी कार्यों को चेक किया था.  

‘टेक्नोलॉजी से बढ़ा समुद्री खतरा’, रक्षा मंत्री ने बताया एआई व साइबर डिफेंस का महत्व

नई दिल्ली रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चेताया कि समुद्री खतरे अब तकनीकी और बहुआयामी हो गए हैं। जीपीएस स्पूफिंग, रिमोट कंट्रोल बोट, एन्क्रिप्टेड संचार, ड्रोन और डार्क वेब के जरिए आपराधिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि बंदरगाह, शिपिंग लेन और ऊर्जा अवसंरचना भारत की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा हैं। समुद्री व्यापार में, भौतिक हो या साइबर, किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर राष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ता है। इसलिए आर्थिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा को एक ही नजरिए से देखने की आवश्यकता है। नई दिल्ली स्थित तटरक्षक मुख्यालय में 29 सितंबर को उन्होंने 42वीं भारतीय तटरक्षक कमांडर्स कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में तटरक्षक के वरिष्ठ अधिकारी रणनीतिक, परिचालन और प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर मंथन कर रहे हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय तटरक्षक आज राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम स्तंभ है। यह बल अपनी स्थापना के समय सीमित संसाधनों से शुरू होकर आज 152 जहाजों और 78 विमानों के साथ एक मजबूत संगठन बन चुका है। उन्होंने बताया कि तटरक्षक बल ने अब तक 1,638 विदेशी पोतों और 13,775 विदेशी मछुआरों को अवैध गतिविधियों में पकड़ा है तथा 6,430 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए हैं। जब्त किए गए इन मादक पदार्थों का मूल्य 37,833 करोड़ रुपए है। केवल इस वर्ष जुलाई तक 76 खोज एवं बचाव अभियानों में 74 लोगों की जान बचाई गई है। स्थापना से अब तक तटरक्षक बल 14,500 से अधिक लोगों का जीवन सुरक्षित कर चुका है। राजनाथ सिंह ने तटरक्षक की अनूठी भूमिका रेखांकित करते हुए कहा कि यह बल बाहरी और आंतरिक सुरक्षा दोनों के संगम पर कार्य करता है। सशस्त्र बल जहां बाहरी खतरों से देश की रक्षा करते हैं और अन्य एजेंसियां आंतरिक सुरक्षा देखती हैं, वहीं तटरक्षक दोनों मोर्चों पर सक्रिय है। अवैध मछली पकड़ना, ड्रग्स व हथियारों की तस्करी, मानव तस्करी, प्रदूषण और समुद्री अपराधों पर लगाम कसने में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। रक्षा मंत्री ने तटरक्षक की मानवीय संवेदनशीलता की सराहना करते हुए कहा कि चक्रवात, तेल रिसाव, औद्योगिक दुर्घटनाओं या विदेशी जहाजों की मुसीबत में तटरक्षक बल ने हमेशा तत्परता से प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “दुनिया भारत को ऐसे संकटों में हमारी प्रतिक्रिया से आंकती है और तटरक्षक बल ने हर बार देश का मान बढ़ाया है।” उन्होंने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में तटरक्षक बल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब महिलाएं केवल सहयोगी भूमिकाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पायलट, ऑब्जर्वर, हवरक्राफ्ट ऑपरेटर, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर, लॉजिस्टिक्स और विधि अधिकारी के रूप में अग्रिम मोर्चे पर सेवा दे रही हैं। यह बदलाव “समावेशी भागीदारी की दृष्टि” को दर्शाता है। रक्षा मंत्री ने तटरक्षक बल से 2047 तक के लिए एक भविष्यवादी रोडमैप तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युद्ध अब महीनों में नहीं बल्कि घंटों और सेकंडों में तय हो रहे हैं, जहां उपग्रह, ड्रोन और सेंसर निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में तैयारियों, अनुकूलन और त्वरित प्रतिक्रिया को तटरक्षक की दृष्टि का आधार बनाना होगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि तटरक्षक के आधुनिकीकरण में सरकार लगभग 90 प्रतिशत पूंजीगत बजट स्वदेशी साधनों पर खर्च कर रही है। जहाज और विमान निर्माण, मरम्मत और रखरखाव का काम अब देश में ही हो रहा है। इससे न केवल सुरक्षा मजबूत हुई है बल्कि भारतीय जहाज निर्माण उद्योग और अर्थव्यवस्था को भी बल मिला है। इस सम्मेलन में परिचालन प्रदर्शन, लॉजिस्टिक्स, मानव संसाधन विकास, प्रशिक्षण और प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है। इंजीनियर-इन-चीफ सहित रक्षा मंत्रालय और तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारी इसमें भाग ले रहे हैं।

भारत हर मैदान में विजेता: नायब सिंह सैनी का बड़ा बयान

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि खेल के मैदान में हमारे खिलाड़ी हों या युद्ध के क्षेत्र में सैनिक, जीत हमेशा भारत की हुई है। एशिया कप में भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान को हराकर एक भव्य जीत दर्ज की है। एक सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनाज मंडी में किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए प्रदेश सरकार पूरा ध्यान रख रही है।  अनाज मंडियों में धान खरीद को लेकर पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आज के मशीनी युग में सारे काम मशीनों से होते हैं। पहले हाथ से कटाई में कई दिनों तक फसल खेतों में पड़ी रहती थी, जिसे नमी की मात्रा नियंत्रण में रहती थी, लेकिन अब मशीनों की कटाई के तुरंत बाद फसल अनाज मंडी में पहुंच रही है। धान खरीद से पहले फसल में नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से ज्यादा न हो, इसके लिए किसानों से सहयोग की अपील है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गेट पास, फसल पंजीकरण से लेकर अन्य सभी सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इतना ही नहीं फसल खरीद के बाद भुगतान भी जल्द से जल्द करने के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। नायब सिंह सैनी ने कहा कि 3 अक्टूबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं, जो पहले सहकारिता विभाग के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे और इसके बाद कुरुक्षेत्र में नए आपराधिक कानून की उपलब्धियां पर लगाई जाने वाली प्रदर्शनी में हिस्सा लेंगे। 

बरेली में पोस्टर विवाद बढ़ा तनाव, नगर निगम ने 38 दुकानों पर कसा शिकंजा

बरेली  उत्तर प्रदेश के बरेली में अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को कई दुकानों को चिन्हित करते हुए नगर निगम की टीम ने लाल रंग का क्रॉस निशान लगाया है। इसके साथ ही, दुकानदारों को तुरंत दुकानें खाली करने के लिए कहा गया है। नगर निगम कर्मचारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह अतिक्रमण है। इस जमीन पर बनाई गई दुकानों को चिन्हित किया है। उन्होंने बताया कि दुकान खाली होने के बाद इन्हें सील करने की कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम के कर्मचारी ने बताया कि अतिक्रमण करके करीब 38 दुकानें बनाई गई थीं। नगर निगम की कार्रवाई पर दुकानदारों ने कहा कि हमें कुछ ही घंटे का समय दिया गया है, लेकिन हमारी मांग है कि हमें इतना समय मिलना चाहिए कि हम अपना सामान हटा सकें। एक दुकानदार ने यह स्वीकार भी किया कि इस बिल्डिंग पर पहले से ही स्टे लगी हुई है। हम सिर्फ यहां किराएदार हैं। दुकानदार ने नगर निगम की कार्रवाई का भी समर्थन किया और कहा कि हम इसके खिलाफ नहीं हैं। हमें बस अपना सामान हटाने के लिए वक्त दिया जाना चाहिए। बरेली में नगर निगम ने यह कार्रवाई उस समय की है, जब शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद 'आई लव मोहम्मद' पोस्टर के साथ हुए प्रदर्शन के कारण तनाव पैदा हो गया था। स्थिति को संभालते हुए पुलिस ने बल का प्रयोग किया। इस मामले में बरेली के मौलाना तौकीर रजा भी गिरफ्तार हुए हैं।

देशभर में चर्चा का विषय बना नया पोस्टर- ‘I Love India & Rahul Gandhi’

भोपाल  देश में इन दिनों पोस्टर वॉर का सिलसिला जारी है। ‘I Love Mohammad’ पोस्टरों को लेकर मचे बवाल के बीच, मध्य प्रदेश से एक नया पोस्टर सामने आया है। इस पोस्टर में ‘I Love India’, ‘I Love Rahul Gandhi’, ‘जय बाबू जय भीम जय संविधान’ और ‘नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान’ लिखा हुआ है। यह पोस्टर कहीं और नहीं बल्कि मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय के बाहर लगाया गया है। इस पोस्टर को प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण धौलपुरे ने लगवाया है। पोस्टर में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, एमपी कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, पूर्व सीएम कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, अजय सिंह, और अरुण यादव की तस्वीरें भी शामिल हैं। देशभर में ‘I Love Mohammad’ पोस्टर के विवाद के बीच यह पोस्टर अब सोशल मीडिया और जनता के बीच चर्चा का विषय बन गया है।  

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खोला विकास का पिटारा, 20,658 योजनाओं की दी सौगात

पटना  बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार जनोपयोगी और विकास योजनाओं का उपहार प्रदेशवासियों को दे रहे हैं। इस कार्यक्रम के अंतर्गत भवन निर्माण विभाग एवं बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित विज्ञान, प्राविधिकी एवं तकनीकी शिक्षा, पशु एवं मत्स्य संसाधन, समाज कल्याण, परिवहन, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण सहित अन्य विभाग के भवनों के निर्माण से संबंधित 997 करोड़ रुपये लागत की 97 योजनाओं का शिलान्यास, कार्यारंभ तथा 2,467 करोड़ की लागत से 137 योजनाओं का उद्घाटन किया गया। इसके अलावा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के अंतर्गत छूटे हुए टोलों में पेयजल आपूर्ति तथा बहुग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं से संबंधित 5,190 करोड़ रुपये की लागत की 15,670 योजनाओं का शिलान्यास एवं 1,377 करोड़ रुपये की लागत की 4,312 योजनाओं का उद्घाटन किया गया। साथ ही साथ स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न जिलों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक भवन, अनुमंडलीय अस्पताल, औषधि भंडार गृह एवं स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण से संबंधित 1,121 करोड़ रुपये की लागत की 281 योजनाओं का शिलान्यास, कार्यारंभ एवं 272 करोड़ की लागत की 144 योजनाओं का उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग के अंतर्गत 497 करोड़ की लागत से पर्यटन के विकास से संबंधित 17 विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास किया। इसके साथ ही, लघु जल संसाधन विभाग के तहत मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के 13,716 लाभार्थियों के खाते में 81 करोड़ 29 लाख रुपये का डीबीटी के माध्यम से अंतरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सभी संबद्ध विभागों को बधाई देते हुए कहा कि इन योजनाओं के शुरू होने से राज्य में विकास कार्यों को नई गति और दिशा मिलेगी। इसका प्रत्यक्ष लाभ लोगों को मिलेगा, जिससे उनका जीवन स्तर और बेहतर होगा। कार्यक्रम के दौरान लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, स्वास्थ्य एवं पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि एवं लघु जल संसाधन विभाग के सचिव बी कार्तिकेय धनजी ने अपने-अपने विभाग की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी।