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MP के 28 अफसर बिहार विधानसभा चुनाव में रहेंगे सक्रिय, IAS-IPS का किया गया चयन

भोपाल चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के साथ ही आगामी दिनों में होने वाले उपचुनावों में मध्य प्रदेश के अधिकारियों की भी सेवाएं लेने का फैसला किया है। चुनाव आयोग ने प्रदेश संवर्ग के 25 आइएएस और तीन आइपीएस अधिकारियों को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। निर्धारित तिथि पर पहुंचने का निर्देश इन्हें तीन अक्टूबर को नई दिल्ली बुलाया गया है, जहां भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान में चुनाव संबंधी भूमिका के बारे में जानकारी दी जाएगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को भेजे पत्र में चुनाव आयोग ने कहा कि चयनित सभी अधिकारियों को यह सूचित किया जाए कि वे निर्धारित तिथि और समय पर पहुंचे। बैठक से अनुपस्थिति को आयोग गंभीरता से लेगा और अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।   इन आइएएस को बनाया पर्यवेक्षक शोभित जैन, सोनाली पोंक्षे वायंगणकर, विवेक पोरवाल, पी नरहरि, संजय गोयल, रघुराज एम आर, जीवी रश्मि, नागरगोजे मदन बिभीषण, स्वतंत्र कुमार सिंह, भारत यादव, अभिषेक सिंह, अजय गुप्ता, अमित तोमर, अविनाश लवानिया, प्रीति मैथिल, अनुराग चौधरी, कर्मवीर शर्मा, तरुण राठी, गौतम सिंह, गिरीश शर्मा, हरजिंदर सिंह, सरिता बाला प्रजापति, वीरेंद्र कुमार, फिटिंग राहुल दास और कुमार पुरुषोत्तम।  

भविष्य सुरक्षित करना है तो स्वास्थ्य जांच को अपनाएं — उप मुख्यमंत्री शुक्ल

बेहतर भविष्य के लिये स्वास्थ्य की जांच आवश्यक : उप मुख्यमंत्री  शुक्ल सेवा पखवाड़ा, स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत कन्या महाविद्यालय रीवा में आयोजित हुआ स्वास्थ्य शिविर भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने बेहतर भविष्य के लिये स्वास्थ्य की जांच की आवश्यकता समझाते हुए कहा कि सेवा पखवाड़ा अन्तर्गत स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान में लगाये जा रहे स्वास्थ्य शिविर में सभी किशोरी बालिकाएँ तथा महिला अपने स्वास्थ्य की जांच अवश्य करायें और शिविर का लाभ लें। कन्या महाविद्यालय रीवा में स्वास्थ्य शिविर में किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य की जांच की गई। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि स्वस्थ रहने पर ही सुखी रहा जा सकता है। इस लिए आवश्यक है कि शरीर की जांच हो तथा यदि कोई बीमारी निकले तो उसका उपचार हो सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य शिविर में किशोरी बालिकाओं के आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ एकाउण्ट) कार्ड बनाये जा रहे हैं जिसमें जांच का विवरण रहेगा और चिकित्सक संबंधित को उचित परामर्श दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह अभियान नि:शुल्क जांच एवं जागरूकता का अभियान है जिसका लाभ हर किशोरी बालिका अवश्य ले और हमारा प्रदेश व जिला सबसे ज्यादा जांच एवं स्क्रीनिंग करने वाला बने। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर्स व स्टाफ को निर्देश दिये कि कन्या महाविद्यालय में आयोजित शिविर में एक-एक किशोरी बालिका के स्वास्थ्य की जांच की जाए। यदि आवश्यक हो तो दूसरे दिन भी शिविर लगायें। इस दौरान सांसद  जनार्दन, जिला पंचायत अध्यक्ष मती नीता कोल, अध्यक्ष नगर निगम  व्यंकटेश पाण्डेय सहित चिकित्सक, महाविद्यालय के प्राध्यापक तथा छात्राएँ उपस्थित रहे।  

तीन स्तर पर 25 अक्टूबर से 25 दिसंबर तक होंगी प्रतियोगिताएं, पारंपरिक खेल भी शामिल होंगे

सांसद खेल महोत्सव से ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगी उड़ान : मंत्री  वर्मा तीन स्तर पर 25 अक्टूबर से 25 दिसंबर तक होंगी प्रतियोगिताएं, पारंपरिक खेल भी शामिल होंगे राजस्व मंत्री  वर्मा ने की सांसद खेल महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा भोपाल  राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश विभिन्न खेल और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई पहल की जा रही हैं। इस कड़ी में सांसद खेल महोत्सव ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध करवाने का अहम कार्य करेगा। यह बात राजस्व मंत्री  वर्मा ने भोपाल स्थित मंत्रालय में 'सांसद खेल महोत्सव 2025' की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा कि ये आयोजन विदिशा संसदीय क्षेत्र में युवाओं की खेलों के रुचि और सहभागिता को बढ़ाएगा। मंत्री  वर्मा ने बताया कि केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री एवं विदिशा सांसद और  शिवराज सिंह चौहान एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में इसका आयोजन होगा। मंत्री  वर्मा ने बताया कि इस खेल महोत्सव में विदिशा संसदीय क्षेत्र के निवासी ही पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन के लिए आधार कार्ड या वोटर आईडी आवश्यक होगी। ऑफलाइन पंजीयन की अंतिम तिथि 17 सितम्बर है, जबकि ऑनलाइन पंजीयन की अंतिम तिथि 20 सितम्बर 2025 है। 25 अक्टूबर से 15 नवंबर तक ग्राम पंचायत स्तर, 5 दिसंबर से 12 दिसंबर तक विधानसभा स्तर और 15 दिसंबर से 25 दिसंबर तक संसदीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इस आयोजन में कबड्डी, क्रिकेट, फुटबॉल, खो-खो, बास्केटबॉल, एथलेटिक्स समेत पारंपरिक खेल भी शामिल होंगी। राजस्व मंत्री  वर्मा ने सभी नागरिकों से बढ़ चढ़कर इस आयोजन में हिस्सा लेने की अपील की है। आयोजन के लिए संसदीय क्षेत्र, जिला, विधानसभा और मंडल स्तर पर विभिन्न समितियों का गठन किया गया है जिसमें स्थानीय विधायक, जनपद अध्यक्ष, नगर परिषद अध्यक्ष, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, खेल शिक्षक एवं अन्य विभागीय अधिकारी शामिल हैं।  

पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में 180 करोड़ की सब्सिडी वितरित

भोपाल सेवा पर्व के दौरान पश्चिम मप्र में हजारों उपभोक्ता पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जुड़े हैं। एक पखवाड़े के दौरान मालवा निमाड़ में 1000 से अधिक उपभोक्ताओं ने अपने यहां रूफ टॉप सोलर संयंत्र लगाए हैं। अब तक 42 हजार स्थानों पर सोलर रूफ टॉप संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। पिछले वर्ष से लागू पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत मालवा निमाड़ में 24 हजार से ज्य़ादा उपभोक्ताओं को रूफ टॉप सोलर लगाने पर 180 करोड़ की सब्सिडी प्रदान की जा चुकी है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने पर्यावरण संरक्षण, बिल में बचत और स्वयं के उपयोग की बिजली खुद तैयार करने की भावना के साथ हो रहे प्रेरक कार्य करने वाले उपभोक्ताओं को बधाई दी है। मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्य़ुत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह ने बताया कि पीएम सूर्य़घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जारी सेवा पर्व में 15 जिलों में अभियान चलाकर व्यापक प्रचार प्रसार कर हजारों नए उपभोक्ताओं को रूफ टॉप सोलर से जोड़ा गया है। श्री सिंह ने बताया कि सेवा पर्व में पीएम सूर्य़घर मुफ्त बिजली योजना की व्यापक रूप से जनप्रतिनिधियों को भी जानकारी दी गई। साथ ही वाहनों के माध्यम से दृश्य, श्रव्य प्रचार भी किया गया, ताकि योजना के लाभ एवं विशेषताओं को जन-जन तक व अंतिम छोर तक पहुंचाया जा सके। प्रबंध निदेशक ने बताया कि सितंबर के अंतिम सप्ताह तक मालवा निमाड़ में रूफ टॉप सोलर से जुड़ने वालों की कुल संख्या 42 हजार पार कर गई। कंपनी की कुल रूफ टॉप सोलर नेट मीटर क्षमता अब 300 मेगावॉट से ज्य़ादा हो गई है। कंपनी क्षेत्र में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से संबंद्ध उपभोक्ता 24 हजार से ज्यादा है। पीएम सूर्य़घर मुफ्त बिजली योजना में प्रति उपभोक्ता 78 हजार तक सब्सिडी दी जाती है, अब तक 180 करोड़ रूपए से ज्य़ादा की सब्सिडी दी जा चुकी है। इंदौर में सर्वाधिक 21500 उपभोक्ता म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह ने बताया कि रूफ टॉप सोलर से सबसे ज्यादा उपभोक्ता इंदौर शहर सीमा अंतर्गत कुल 21500 जुड़ चुके हैं। इंदौर शहर सीमा में ही रूफ टॉप सोलर नेट मीटर योजना अंतर्गत कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 125 मेगावॉट के करीब है।  

सभी अधिकारी बैठक में उठाए गए मुद्दों पर तत्परता से कार्यवाही करें- अपर मुख्य सचिव मती शमी

संभागीय बैठक से बड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिलेगी : उप मुख्यमंत्री  शुक्ल सभी अधिकारी बैठक में उठाए गए मुद्दों पर तत्परता से कार्यवाही करें- अपर मुख्य सचिव मती शमी संभागीय बैठक में जनप्रतिनिधियों ने उठाए बिजली, सड़क और जल जीवन मिशन से जुड़े मुद्दे भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की विशेष पहल पर संभागीय बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों से संभाग के सभी जिलों में बड़ी विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिली है। ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन के निर्माण तथा सिंचाई परियोजनाओं में गति आई है। उन्होंने कहा कि अपर मुख्य सचिव बैठक में उठाए गए राज्य स्तर के मुद्दों पर विभागीय समन्वय बनाकर परियोजनाओं के क्रियान्वयन की कठिनाईयों को दूर कराएं। संभागीय कमिश्नर जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के साथ हर माह बैठक करके भू अर्जन तथा अन्य बिन्दुओं पर कार्यवाही सुनिश्चित करें। ऊर्जा विभाग की आरडीएसएस योजना के संबंध में सभी जनप्रतिनिधियों ने चिंता व्यक्त की है। ऊर्जा विभाग के अधिकारी फीडर सेपरेशन तथा अन्य कार्यों की कार्ययोजना और कार्यों की सूची विधायकों को उपलब्ध कराएं। सीधी तथा सिंगरौली जिले में पीपीपी मोड पर स्व वित्त पोषित गौशालाओं के निर्माण का प्रस्ताव तैयार करें। विकास कार्यों की बाधाओं को अधिकारी समन्वय से दूर करें। वन भूमि में निर्माण कार्यों की स्वीकृति तथा अन्य मुद्दों पर लगातार प्रयास करें। नईगढ़ी माइक्रो तथा त्योंथर फ्लो सिंचाई परियोजना का कार्य शीघ्र पूरा कराएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की क्षेत्र में की गई घोषणाओं को पूरा कराने के लिए तत्परता से कार्यवाही करें। राज्यमंत्री ग्रामीण विकास मती राधा सिंह बगदरा में विद्युत सब स्टेशन का निर्माण शुरू कराने, बिजली की आपूर्ति में सुधार, चितरंगी में 132 केव्ही सब स्टेशन की स्थापना का सुझाव दिया। सांसद रीवा  जनार्दन मिश्र ने बिजली चोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई, आरडीएसएस योजना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई, छात्रावासों की व्यवस्था में सुधार, समूह नलजल योजना के निर्माण कार्य समय सीमा में पूरा कराने तथा सोहागी घाट में सड़क सुधार का सुझाव दिया। सांसद सतना  गणेश सिंह ने सतना में 650 बिस्तर अस्पताल को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री जी और उप मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद दिया। सांसद ने भोपाल-सिंगरौली इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में सतना को शामिल करने, टाइगर प्रोजेक्ट, मैहर के नवरात्रि मेले और चित्रकूट में दीपावली मेले के आयोजन के लिए बजट आवंटन, खाद की आपूर्ति, टोंस बराज की जमीन किसानों को वापस करने तथा बरगी बांध परियोजना के संबंध में सुझाव दिए। सांसद सीधी डॉ. राजेश मिश्रा ने रेल परियोजना के लिए सीधी से सिंगरौली के बीच भू अर्जन तेजी से पूरा करने, सोन घड़ियाल अभ्यारण्य तथा बगदरा अभ्यारण्य को डिनोटिफाई करने, सीधी में ट्रांसफार्मर डिपो बनाने और सिंगरौली से सरई होकर कटनी तक फोरलेन सड़क निर्माण का सुझाव दिया। विधायक सिहावल  विश्वामित्र पाठक ने देवसर में औद्योगिक केन्द्र की स्थापना, गोंड़ सिंचाई परियोजना, बिजली व्यवस्था में सुधार तथा विधायक मैहर कांत चतुर्वेदी ने मॉडल नर्सरी के निर्माण तथा अधोसंरचना विकास के लिए वन भूमि उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। विधायक देवतालाब  गिरीश गौतम ने गिरदावरी में सुधार, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भर्ती, नईगढ़ी माइक्रो सिंचाई परियोजना तथा उप स्वास्थ्य केन्द्रों को उपयुक्त स्थल में बनाने का सुझाव दिया। विधायक सिरमौर  दिव्यराज सिंह ने डभौरा से सिरमौर तक सड़क में सुधार एवं त्योंथर फ्लो सिंचाई परियोजना की गुणवत्ता की जाँच का मुद्दा उठाया। विधायक धौहनी  कुंवर सिंह टेकाम ने गोंड़ सिंचाई परियोजना, मझौली में सिविल अस्पताल निर्माण, तीन स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य शुरू कराने तथा खाद वितरण के संबंध में सुझाव दिए। विधायक सीधी मती रीति पाठक ने हर जिले में गौ अभ्यारण्य के निर्माण तथा मोहनिया से पिपरोहा मार्ग के निर्माण में गुणवत्ता सुधार के सुझाव दिए। विधायक देवसर  राजेन्द्र मेश्राम तथा विधायक सिंगरौली  रामनिवास शाह ने गोंड़ सिंचाई परियोजना, सीधी-सिंगरौली हाईवे का निर्माण पूरा कराने, बरगवां से बैढ़न तक फोरलेन सड़क निर्माण, सरई में सौ बेड अस्पताल निर्माण एवं सिंगरौली में स्टेडियम निर्माण के संबंध में सुझाव दिए। विधायक मनगवां इंजीनियर नरेन्द्र प्रजापति ने लालगांव चौकी के थाने में उन्नयन तथा मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं को पूरा करने का सुझाव दिया। विधायक मऊगंज  प्रदीप पटेल ने पुलिस बल में वृद्धि, आरडीएसएस योजना से फीडर सेपरेशन की जाँच, बिजली बिलों में सुधार, नलजल योजना, बिजली की आपूर्ति में सुधार तथा अदवा में सोलर प्लांट लगाने का सुझाव दिया। विधायक त्योंथर  सिद्धार्थ तिवारी राज ने फीडर सेपरेशन योजना से गलत स्थान पर ट्रांसफार्मर लगाने, त्योंथर में मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुरूप औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना तथा क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दे उठाए। विधायक चित्रकूट  सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने दौरी सागर बांध के लिए भू अर्जन, 6 नए बांधों का मंजूरी, बगदरा में गौ अभ्यारण्य की स्थापना, टोंस बराज से सिंचाई के लिए पानी देने तथा सतना से रीवा फोरलेन सड़क का अधूरा कार्य पूरा कराने एवं गुणवत्ता में सुधार का सुझाव दिया। कमिश्नर बीएस जामोद ने गत बैठक में लिए गए निर्णयों के पालन प्रतिवेदन की जानकारी दी। बैठक में पुनर्घनत्वीकरण योजना, रिक्त पदों की पूर्ति, सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना से जुड़े मुद्दे उठाए गए। बैठक में नगरीय विकास राज्यमंत्री मती प्रतिमा बागरी, महापौर रीवा  अजय मिश्र बाबा, जिला पंचायत अध्यक्ष रीवा मती नीता कोल, सतना  रामखेलावन कोल, संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, संभागीय अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।  

चांदी की कीमतों में अप्रत्याशित उछाल, इंदौर सराफा बाजार में डिलीवरी रुकी

इंदौर अंतरराष्ट्रीय बुलियन वायदा मार्केट में सोमवार को सप्ताह की शुरुआत चांदी में जोरदार तेजी के साथ हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 46.5 डालर प्रति औंस के ऊपर कारोबार कर रही है। चांदी का यह 14 वर्ष में सबसे ऊंचा स्तर है। विदेशी बाजार के असर से भारतीय सराफा बाजार में भी चांदी में जोरदार उछाल देखा गया। सोमवार को इंदौर सराफा में चांदी चौरसा के भाव 2300 रुपये उछलकर 1,47000 रुपये प्रति किलो पहुंच गए। तेज होती चांदी को देखकर निवेशक भी आकर्षित हो रहे हैं। हाल ये है कि हाजिर में चांदी की डिलीवरी अब नहीं मिल रही है। नकद में चांदी खरीद पर अब व्यापारी दशहरे के बाद का समय दे रहे हैं। जानकार बता रहे हैं कि आयातकों को भी उम्मीद नहीं थी कि चांदी ऐसी तेजी पकड़ेगी और देशी निवेशक सोने की बजाय चांदी में पैसा लगाने में अधिक रुचि लेंगे।   इसके चलते अब आयातकों के पास मांग के अनुरुप माल ही उपबलब्ध नहीं है। इसी तरह सोने में भी तेजी का सिलसिला जारी रहा। अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट में सोमवार को सोना 3770 डालर प्रति औंस के भाव पर पहुंच गया। दरअसल अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और नरम पड़ रहे डालर के चलते विदेशी निवेशकों का रुझान सोने में बना हुआ है।चीन जैसे कुछ देशों की केंद्रीय बैंक भी सोना खरीद रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दवाओं पर टैरिफ लगाने से भी अंतरराष्ट्रीय अर्थजगत में अनिश्चितता बढ़ रही है जो सोने को बढ़ावा दे रही है। इंदौर के बंद भाव सोना केडबरी रवा नकद में 119000 सोना (आरटीजीएस) 117000, सोना 22 कैरेट 108000 रुपये प्रति दस ग्राम रहा। शनिवार को सोना 117400 रुपये पर बंद हुआ। चांदी चौरसा 147000, चांदी आरटीजीएस 145000 चांदी टंच 148000 रुपये प्रति किलो और चांदी सिक्का 1675 रुपये प्रति नग बिका। शनिवार को चांदी 144700 रुपये पर बंद हुई थी।।

स्वास्थ्य के प्रति सजगता ही निरोग जीवन की कुंजी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

स्वास्थ्य के प्रति सजगता ही निरोग जीवन की कुंजी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल स्वस्थ शरीर के लिए जरूरी है स्वास्थ्य जागरूकता — उप मुख्यमंत्री का संदेश सेवा पखवाड़ा के तहत आदर्श विज्ञान महाविद्यालय रीवा में सिकल सेल एनीमिया जांच एवं जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि निरोगी काया तभी होगी जब हम स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें। सेवा पखवाड़ा में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार के तहत स्वास्थ्य शिविर आयोजित किये जा रहे हैं जिसमें महिलाएँ, बच्चे, किशोरी बालिकाएँ एवं अन्य लोग भी अपने स्वास्थ्य की जांच करायें तथा स्वास्थ्य रीवा विकसित भारत के संकल्प को पूर्ण करें। शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय रीवा में किरण सेवा संस्थान के सहयोग से सिकल सेल एनीमिया जागरूकता एवं टेस्टिंग शिविर का आयोजन किया गया। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया एक रक्तविकार है जिससे बीमारी होती है इसकी जांच के उपरांत इलाज आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किरण सेवा संस्थान बधाई की पात्र है जो इस क्षेत्र में सिकल सेल की जांच व उपचार का कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक संचालित सेवा पखवाड़ा अन्तर्गत स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान में सभी अपने स्वास्थ्य की जांच करायें। किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य की जांचकर आभा कार्ड बनाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहने के लिये नियमित दिनचर्या में प्राणायम, योगासन, ध्यान करते हुए खानपान में सावधानी रखें। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सरकार द्वारा चलाये जा रहे राइट टू स्क्रीनिंग अभियान का लाभ लें व स्वास्थ्य की जांच करायें। उन्होंने कहा कि शिशु मृत्यु दर व मातृ मृत्युदर को कम करने के प्रयास जारी हैं। आने वाले समय में स्वस्थ व विकसित भारत एवं विकसित रीवा का संकल्प पूरा होगा। किरण सेवा संस्थान के डॉ. अभय मिश्रा ने शिविर की संक्षिप्त जानकारी दी। अध्यक्ष नगर निगम  व्यंकटेश पाण्डेय, प्राचार्य  आरएन तिवारी सहित प्राध्यापक व विद्यार्थी उपस्थित रहे।  

दिल्ली में पहली बार! छठ पूजा अब यमुना के दोनों किनारों पर, सीएम रेखा गुप्ता ने किया बड़ा ऐलान

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि आस्था का छठ पर्व इस बार यमुना नदी के दोनों किनारों पर आयोजित किया जाएगा। ऐसा दिल्ली में पहली बार होगा। यमुना के किनारों पर छठ पूजा को लेकर विशेष प्रबंध किए जाएंगे ताकि व्रत करने वालों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि यमुना नदी के अलावा जहां कहीं भी छठ पूजा का आयोजन होगा, सरकार वहां पूरी व्यवस्था की निगरानी करेगी। मुख्मयंत्री के अनुसार आस्था, प्रकृति और भावनाओं से जुड़े इस पर्व को सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित ढंग से मनाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। यमुना में विसर्जन की मनाही है, पूजा की नहीं छठ पर्व की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, कपिल मिश्रा, मुख्य सचिव धमेंद्र के अलावा संबंधित विभागों के आला अधिकारी उपस्थित थे। छठ पर्व की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से बातचीत की, जानकारी ली और आवश्यक निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने बताया कि नियमों के अनुसार यमुना नदी में विसर्जन की मनाही है और छठ पर्व के अनुष्ठानों में विसर्जन का कोई प्रविधान नहीं है। उन्होंने कहा कि राजधानी में पूर्वांचलवासियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, इसलिए उनकी धार्मिक आस्था व सुविधा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में यमुना के प्रवेश स्थल पल्ला से लेकर अंतिम स्थल ओखला तक दोनों किनारों पर छठ पर्व का आयोजन किया जाएगा। इन दोनों किनारों पर जहां भी छठ पर्व के लिए समतल किनारे उपलब्ध होंगे, वहां सरकार की ओर से व्रतधरियों को समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। पल्ला से ओखला तक होंगे विशेष इंतजाम मुख्यमंत्री ने कहा कि पल्ला से लेकर वजीराबाद तक के किनारों पर तो विशेष व्यवस्था की ही जाएगी, साथ ही आईटीओ, ओखला जैसे पुराने स्थलों पर भी व्यवस्थाएं और दुरुस्त की जाएंगी। मुख्यमंत्री के अनुसार अधिकारियों को आदेश जारी किए गए हैं कि छठ पूजा के दौरान वहां सफाई व स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा, व्रतधारियों व उनके अपनों को धूल आदि की परेशानी से बचाने के लिए पानी का छिड़काव किया जाए। पुलिस व ट्रैफिक पुलिस को वहां सुरक्षा व यातायात व्यवस्था चौकस रखने के आदेश जारी किए गए हैं। आश्वयकता हुई तो पूजा स्थलों पर चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग को छठ पर्व से पूर्व यमुना से जलकुंभी निकालने के भी आदेश जारी किए गए हैं। इस बार इन स्थलों पर प्रकाश की विशेष व्यवस्था की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। छठ के अन्य घाटों का भी ध्यान रखेगी सरकार मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में यमुना के किनारो के अलावा मुनक नहर, मुंगेशपुर ड्रेन के अलावा कृत्रिम तालाबों में भी छठ पूजा आयोजित की जाती है। राजधानी में कुल मिलाकर 929 स्थलों पर पूजा-अर्चना की जाती है। इन स्थलों पर सरकार की ओर से समुचित व्यवस्थाएं की जाएंगी। अगर किसी संस्थान को एनओसी चाहिए तो उसे भी बिना किसी परेशानी से उसे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों बाद वह यमुना नदी व अन्य स्थानों का दौरा करेंगी, ताकि तैयारियों की किसी प्रकार की कमी न रहने पाए। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे विशेष स्थान भी चिह्नित किए जाएंगे, जहां छठ पूजा का विशेष आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अगर यमुना में अतिरिक्त पानी की जरूरत होगी तो हरियाणा सरकार से निवेदन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व पूर्वांचलवासियों की आस्था और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है और इसे पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाने के लिए दिल्ली सरकार पूरी तरह तैयार है। यह पर्व हमें प्रकृति और स्वच्छता के प्रति हमारी जिम्मेदारी का स्मरण कराता है। दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इस बार श्रद्धालुओं को छठ पर्व पर सभी सुविधाएं उपलब्ध हों और पर्व का आयोजन स्वच्छ, सुरक्षित और भव्य रूप में हो।  

नए सर्किल रेट से यूपी के इस जिले में जमीनें होंगी महंगी, जानें कितनी बढ़ सकती हैं कीमतें

बदायूं जमीन खरीदने और बेचने वाले सावधान हो जाएं। अगले सप्ताह से नए सर्किल रेट लागू हो रहे हैं। उसके अनुसार जिले की जमीन 15 प्रतिशत महंगी हो जाएगी। कुछ इलाकों में 18 प्रतिशत तक जमीनों के रेट बढ़ाए गए हैं। इससे उन जमीन मालिकों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जो नए सर्किल रेट के अनुसार अपनी जमीन बेचना चाह रहे हैं और जो लोग खरीदने के विचार में है, उन्हें 15 प्रतिशत ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। जिला प्रशासन की ओर से पिछले छह माह से जिले की जमीनों का सर्वे चल रहा था। उसके अनुसार जून में नए सर्किल रेट लागू होने थे लेकिन इससे पहले जिन किसानों या जमीन मालिकों की जमीन अधिग्रहण हो चुकी थी। उनका भुगतान भी पूरा नहीं हो पाया था। उनकी जमीनें पुराने सर्किल रेट के अनुसार अधिग्रहण की गईं थीं और उसी के हिसाब से उनका भुगतान हो रहा था। भुगतान न होने की वजह से जिले में नए सर्किल रेट लागू नहीं हो सके थे लेकिन अब उप निबंधक कार्यालय और जिला प्रशासन ने नए सर्किल रेट लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि अगले सप्ताह से जिले में नए सर्किल रेट लागू कर दिए जाएंगे। जिले भर की जमीनों के 15 से 18 प्रतिशत तक मूल्य बढ़ाए गए हैं। अधिकतर जमीनों के 15 प्रतिशत तक ही मूल्य बढ़े हैं जबकि जहां सबसे ज्यादा महंगी जमीन है, वहां पर 18 प्रतिशत तक मूल्य बढ़ा दिए गए हैं। इसका फायदा उन जमीन मालिकों को सबसे ज्यादा होगा, जो किसी कारण बस अपनी जमीन बेचना चाह रहे हैं। अब उन्हें नए सर्किल रेट के हिसाब से जमीन का पैसा मिलेगा लेकिन अब उन लोगों के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी जो लोग जमीन खरीदने का विचार बना रहे हैं। उन्हें अब नए सर्किल रेट के अनुसार जमीनों का भुगतान करना पड़ेगा। शहर के आसपास इलाके के लोगों को सबसे ज्यादा होगा लाभ इस समय शहर के आसपास इलाके में ही सबसे ज्यादा जमीन की खरीद फरोक्त हो रही है। शहर के तमाम व्यापारी बाईपास पर जाकर जमीनें तलाश रहे हैं, जिससे उनका कोई ठिकाना बन सके। इसके अलावा मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे, आंवला, बरेली, उझानी, उसहैत, अलापुर मार्गों पर जमीनें तलाशी जा रही हैं। नए सर्किल रेट के लागू होने से इन इलाकों में जमीनें महंगी हो जाएंगी। या फिर जिन इलाकों में सबसे ज्यादा प्लाटिंग चल रही है। वहां के लोगों को लाभ होगा। उन्हें नए सर्किट रेट के अनुसार ही भुगतान प्राप्त होगा।  

हरियाणा का यह जिला मनाएगा धूमधाम से दशहरा, देखें 70 फीट रावण और विशाल मूंछें

सिरसा  इस बार सिरसा में दशहरे का पर्व कुछ खास और अनोखा होने जा रहा है। यहां एक बेहद आकर्षक और अलग तरह का रावण का पुतला तैयार किया जा रहा है, जिसकी सबसे बड़ी खासियत हैं उसकी जलेबी जैसी लंबी, घुमावदार मूंछें। करीब 40 फीट लंबी इन मूंछों के साथ 70 फीट ऊंचा यह रावण लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस अनोखे पुतले के पीछे हैं दिल्ली के मशहूर कारीगर बाबा भगत, जो पिछले 40 वर्षों से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले बनाने की परंपरा को जीवित रखे हुए हैं। चार दशकों से रामायण की कहानी को जीवित रख रहे हैं बाबा भगत बाबा भगत का कहना है कि वे अब तक दिल्ली और सिरसा में मिलाकर हजारों पुतले बना चुके हैं। सिर्फ सिरसा में ही पिछले 20 वर्षों में उन्होंने लगभग 4000 छोटे रावण के पुतले तैयार किए हैं, जिन्हें बच्चे खास पसंद करते हैं। बच्चे इन पुतलों को मोहल्लों और गलियों में जलाकर अपने तरीके से दशहरा मनाते हैं। वहीं, बड़े पुतलों की बात करें तो बाबा भगत अब तक 500 से अधिक विशालकाय रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले बना चुके हैं। हर साल वे करीब 100 छोटे रावण के पुतले तैयार करते हैं, जिनकी मांग पूरे साल बनी रहती है—केवल दशहरे के लिए नहीं, बल्कि सजावट और अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए भी। इस बार 70 फीट का भव्य रावण, होगी 40 फीट की जलेबी मूंछ  इस बार सिरसा में जो रावण का पुतला तैयार हो रहा है, वह करीब 70 फीट ऊंचा होगा और इसकी सबसे अनोखी बात होगी इसकी 40 फीट लंबी जलेबी जैसी मूंछें, जो इसे बाकी रावणों से बिल्कुल अलग और खास बना रही हैं। इसके अलावा, कुंभकर्ण और मेघनाथ के भी विशाल पुतले तैयार किए जा रहे हैं, जो इस आयोजन को और भी भव्य बना देंगे। कला नहीं, एक संस्कार है यह काम – बाबा भगत बाबा भगत का कहना है कि वे इस कला को केवल रोजगार या पैसे कमाने के लिए नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक सेवा के रूप में करते हैं। उनका उद्देश्य है कि नई पीढ़ी रामायण और रावण की कहानी से जुड़े, केवल पुतले जलाकर उत्सव मनाना नहीं, बल्कि उसके पीछे छिपे अर्थ और संस्कृति को भी समझे। हालांकि, वे यह भी मानते हैं कि मौजूदा समय में महंगाई ने इस परंपरा को बनाए रखना कठिन बना दिया है। कागज, बांस, रंग और अन्य सामग्री की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका और उनके परिवार का जुनून कम नहीं हुआ। परिवार ही टीम है – मिलकर बनाते हैं इतिहास बाबा भगत के परिवार के करीब 20 सदस्य इस परंपरा में उनके साथ काम कर रहे हैं। कोई ढांचा तैयार करता है, कोई कागज चिपकाता है, तो कोई रंग भरने का काम करता है। महीनों की मेहनत के बाद ये भव्य पुतले आकार लेते हैं। इस बार सिरसा का दशहरा केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि एक दृश्यात्मक अनुभव होगा। जलेबी मूंछों वाला 70 फीट ऊंचा रावण, उसके साथ विराट कुंभकर्ण और मेघनाथ, दर्शकों को अद्भुत दृश्य और जीवन भर की यादें देंगे। रावण बुरा था या नहीं, बहस का विषय हो सकता है… बाबा भगत का मानना है कि “रावण बुरा था या नहीं, यह बहस का विषय हो सकता है, लेकिन उसकी कहानी अच्छाई और बुराई के बीच फर्क करना सिखाती है। यही संदेश हम अपने पुतलों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाते हैं।