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छत्तीसगढ़ में ‘महिला स्वास्थ्य सम्मेलन दिवस’ का भव्य आयोजन

हजारों महिलाओं ने स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पोषण संवाद और जागरूकता गतिविधियों में लिया सक्रिय भाग रायपुर, ‘स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार’ अभियान के अंतर्गत आज पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में महिला स्वास्थ्य सम्मेलन दिवस का राज्यस्तरीय आयोजन बड़े उत्साह और व्यापक सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और मातृत्व संबंधी समग्र सेवाएं प्रदान करते हुए उन्हें जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना था। राज्य के सुदूर ग्रामीण अंचलों से लेकर नगरीय क्षेत्रों तक फैले इस व्यापक अभियान में हजारों महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। स्वास्थ्य जांच शिविरों, टीकाकरण सत्रों, पोषण संवादों और जनजागरूकता गतिविधियों में महिलाओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम के तहत आयोजित VHSND (Village Health Sanitation and Nutrition Day) सत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा महिलाओं की हीमोग्लोबिन, रक्तचाप और शर्करा स्तर की जांच की गई। । इस दौरान 1,889 गर्भवती महिलाओं को आवश्यक टीकाकरण, पोषण संबंधी परामर्श तथा आयरन और कैल्शियम की खुराक प्रदान की गई। किशोरी बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता, सेनेटरी नैपकिन के प्रयोग और संक्रमण से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि संतुलित आहार, स्वच्छ जल, नियमित जांच और व्यायाम से कैसे अनेक रोगों की रोकथाम संभव है। पोषण शिक्षा, स्वच्छता व्यवहार और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उपायों पर विशेष बल दिया गया। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार: 6447 शिशुओं की स्वास्थ्य जांच 23,000 से अधिक  टीकाकरण बड़ी संख्या में किशोरी बालिकाओं को मासिक धर्म प्रबंधन पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार, आगामी सप्ताह तक सभी जिलों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में विशेष रूप से हाई-रिस्क प्रेगनेंसी, कुपोषण और अन्य जटिल स्वास्थ्य स्थितियों से ग्रस्त महिलाओं की गहन जांच की जाएगी। यह कार्यक्रम न केवल चिकित्सकीय सेवाओं का विस्तार करता है, बल्कि महिलाओं को उनके स्वास्थ्य अधिकारों, जरूरतों और आत्मनिर्भरता के प्रति भी सजग करता है। स्वास्थ्य के साथ सामाजिक सशक्तिकरण को जोड़ते हुए यह पहल प्रदेश की महिलाओं के समग्र विकास की दिशा में एक सशक्त कदम है।

बसपा से भाजपा में आए मक्खन सिंह लबाना को बड़ी जिम्मेदारी, अंबाला जिला परिषद चेयरमैन पद पर सर्वसम्मति से चयन

अंबाला  हरियाणा के अंबाला जिले में जिला परिषद अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी मक्खन सिंह लबाना ने शानदार जीत हासिल की। खास बात यह रही कि उनके सामने कोई अन्य प्रत्याशी मैदान में उतरा ही नहीं, जिसके चलते वे निर्विरोध चुने गए। जिला परिषद के 14 सदस्यों ने उनकी उम्मीदवारी पर पूर्ण सहमति जताई। विधायक का भी लड़ चुके हैं चुनाव मक्खन सिंह लबाना 2009 में बसपा से विधायक सीट पर चुनाव लड़ चुके हैं। उनको 12 हजार वोट मिले थे। वह 2008 व 2009 में बसपा में रहे। इसके बाद वह काफी समय तक सक्रिय नहीं थे। इसी दौरान वह आम आदमी पार्टी में भी शामिल हुए थे। उन्होंने आम आदमी पार्टी के चिन्ह पर जिला परिषद का चुनाव जीता। मार्च 2024 में वह कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए थे। वहीं, उन्होंने सितंबर 2025 में भाजपा ज्वाइन की थी। लबाना ने कहा कि जब से नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने हैं। तब से देश तरक्की कर रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यकाल में भी विकास कार्य हो रहे हैं।  चुनाव की दिशा में बदलाव अंबाला जिला परिषद में कुल 15 वार्ड हैं। इनमें से भाजपा समर्थित 8, कांग्रेस के 4 और बसपा के 3 पार्षद हैं। पहले संभावना जताई जा रही थी कि अध्यक्ष पद के लिए मतदान होगा, लेकिन सभी पार्षदों ने सर्वसम्मति से भाजपा हाईकमान की मंशा के अनुसार मक्खन सिंह लबाना के पक्ष में सहमति जताई। सूत्रों का कहना है कि पार्षदों का मानना था कि इस बार किसी भी तरह का दलगत खेल न कर, भाजपा के फैसले को स्वीकार कर लिया जाए। चूंकि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने लबाना पर विश्वास जताया था, लिहाजा उनके निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ हो गया। राजनीतिक सफर रोचक रहा मक्खन सिंह लबाना कोई नए चेहरे नहीं हैं। उनका राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वर्ष 2008-09 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से राजनीति की शुरुआत की। 2009 में वे बसपा प्रत्याशी के रूप में विधानसभा चुनाव मैदान में उतरे और करीब 12 हजार वोट हासिल किए। हालांकि उस समय उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन यह चुनाव उन्हें राजनीति की मुख्यधारा में पहचान दिलाने में अहम साबित हुआ। इसके बाद उन्होंने स्थानीय स्तर पर अपने संगठन और जनता से जुड़े रहने का सिलसिला जारी रखा। वर्ष 2016 में वह पहली बार जिला परिषद सदस्य चुने गए। इसके बाद 2022 में भी उन्होंने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। दो बार पार्षद रहते हुए उन्होंने जमीनी स्तर पर लोगों से मजबूत जुड़ाव बनाया और अपनी सक्रिय छवि कायम रखी। यही वजह रही कि भाजपा में शामिल होते ही उन्हें जिला परिषद अध्यक्ष पद का सबसे मजबूत दावेदार माना जाने लगा।

इन सब में न पड़ें, कुछ अच्छे काम करें – EVM याचिकाकर्ता को दिल्ली HC की नसीहत

नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनावों में EVM यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। याचिका के जरिए मांग की गई थी कि चुनावों में EVM के इस्तेमाल पर रोक लगा दी जाए। उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता को 'इन कामों में न पड़ने' की सलाह दी है। खास बात है कि विपक्ष लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है। बार एंड बेंच के अनुसार, दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनावों में मशीन के इस्तेमाल के खिलाफ पहुंची याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा, 'इन सब कामों में मत पड़िए। कुछ अच्छा काम करें।' चुनाव आयोग ने किए बदलाव EVM अब उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें होंगी और इसकी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनावों से होगी। वर्ष 2015 से EVM पर उम्मीदवारों की श्वेत-श्याम तस्वीरें होती थीं, जिन्हें पहचानना कई मतदाताओं के लिए मुश्किल होता था। निर्वाचन आयोग ने EVM मतपत्रों की स्पष्टता और पठनीयता बढ़ाने के लिए चुनाव संचालन नियम, 1961 की धारा 49बी के तहत EVM मतपत्रों के डिजाइन व मुद्रण के मौजूदा दिशानिर्देशों में संशोधन किया है। आयोग ने बीते सप्ताह बताया, 'अब से EVM पर उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें छपी होंगी। बेहतर दृश्यता के लिए उम्मीदवार का चेहरा तस्वीर के तीन-चौथाई हिस्से पर होगा।' उम्मीदवारों के क्रमांक और इनमें से कोई नहीं (नोटा) विकल्प भारतीय अंकों के अंतरराष्ट्रीय रूप में छपे होंगे। स्पष्टता के लिए फॉन्ट का आकार 30 होगा और बोल्ड में लिखा होगा। आयोग ने बताया कि एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए सभी उम्मीदवारों के नाम और ‘नोटा’ विकल्प एक ही फॉन्ट प्रकार और आसानी से पढ़े जाने योग्य बड़े आकार में छपे होंगे। EVM मतपत्र 70 जीएसएम कागज पर मुद्रित किए जाएंगे। विधानसभा चुनावों के लिए निर्दिष्ट ‘आरजीबी वैल्यू’ वाले गुलाबी रंग के कागज का उपयोग किया जाएगा। आयोग ने बताया कि आगामी चुनावों में उन्नत EVM मतपत्रों का उपयोग किया जाएगा, जिसकी शुरुआत बिहार से होगी। आयोग के मुताबिक, जब 10 साल पहले तस्वीरों का इस्तेमाल शुरू किया गया था, तब इसका उद्देश्य उन निर्वाचन क्षेत्रों में भ्रम की स्थिति से बचना था, जहां कई उम्मीदवारों के नाम एक जैसे थे या उनके नाम एक जैसे लगते थे। भारतीय निर्वाचन आयोग ने बताया कि मशीनों पर सीरियल नंबर भी अधिक प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।

अशोक चौधरी मामले में प्रशांत किशोर को कोर्ट में हाज़िरी लगाने का निर्देश

पटना बिहार का राजनीति में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के पांच बड़े नेताओं सम्राट चौधरी, मंगल पांडेय, अशोक चौधरी, दिलीप जायसवाल और संजय जायसवाल पर अलग-अलग तरह के आरोप लगाकर हलचल मचा रहे जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के नेता प्रशांत किशोर को पटना कोर्ट से बुलावा आ गया है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के मंत्री अशोक चौधरी ने जून महीने में पीके पर मानहानि का जो केस किया था, उसमें मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) कोर्ट ने प्रशांत किशोर को 17 अक्टूबर को पेश होने का आदेश दिया है। प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया था कि अशोक चौधरी ने पैसा देकर बेटी शांभवी चौधरी के लिए चिराग पासवान के दल लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलास (एलजेपी-आर) से लोकसभा चुनाव में टिकट खरीदा, जिसके बाद वो समस्तीपुर से सांसद बनीं। अशोक चौधरी ने इस बयान को लेकर प्रशांत को पहले मानहानि का नोटिस भेजा था और बाद में इसको लेकर पटना कोर्ट में मानहानि का केस दायर कर दिया था। प्रशांत किशोर पर ये पहला मानहानि का केस था। कल भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद संजय जायसवाल ने भी एक डिफेमेशन केस कर दिया है। प्रशांत किशोर ने पिछले शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में सम्राट चौधरी, मंगल पांडेय, अशोक चौधरी, दिलीप जायसवाल और संजय जायसवाल को लेकर नए आरोप लगाए थे। पीके ने अशोक चौधरी पर शांभवी की सगाई से शादी के बीच में पटना में 38 करोड़ की पांच जमीन खरीदने और दो साल में 200 करोड़ की बेनामी संपत्ति जुटाने का आरोप लगाया था। जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने पार्टी की तरफ से चौधरी को इस आरोप पर सफाई देने कहा है। प्रशांत किशोर ने बेनामी संपत्ति जुटाने के आरोप में अशोक की पत्नी नीता चौधरी, बेटी शांभवी चौधरी, दामाद सायन कुणाल और समधन अनिता कुणाल को भी लपेट लिया है। अशोक चौधरी ने ताजा आरोप को लेकर प्रशांत किशोर को 100 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा है। चौधरी ने कहा है कि प्रशांत किशोर की बातें सरासर झूठ है। उन्होंने कहा कि शांभवी ने अपनी वैधानिक आय एवं संसाधनों से जमीन खरीदी थी, जो चुनावी शपथ पत्र में है। चौधरी ने कहा कि उनकी पत्नी नीता और समधन अनिता के बीच बैंकिंग लेन-देन की बात भी गलत है।  

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत में खेल के क्षेत्र में हुई है नई क्रांति: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सभी राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी ला रहे हैं पदक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत में खेल के क्षेत्र में हुई है नई क्रांति फिट इंडिया मूवमेंट के अंतर्गत भोजन में तेल कम करना और जीवन में खेल गतिविधियां बढ़ाना जरूरी सेवा पखवाड़ा का हिस्सा बना खेल महोत्सव भारत माता के जयकारे, आतिशबाजी, तिरंगे गुब्बारे छोड़कर हुई खेल महोत्सव शुरूआत महोत्सव में 71 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने करवाया नामांकन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में खेल के क्षेत्र में नई क्रांति हुई है। भारतीय खिलाड़ी और जवानों ने हर अवसर पर देश-प्रदेश का मान बढ़ाया है। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए स्वदेशी और खेल क्रांति के लिए फिट इंडिया मूवमेंट महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री  मोदी देश के लिए महत्वपूर्ण इन दोनों गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी फिट इंडिया मूवमेंट के अंतर्गत जीवनशैली में बदलाव के लिए सभी को प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने 'भोजन में तेल कम करने और जीवन में खेल गतिविधियां बढ़ाने' का सभी देशवासियों से आहवान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल-सीहोर संसदीय क्षेत्र के 'सांसद खेल महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को शासकीय सुभाष एक्सीलेंस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भारत माता की जय के नारों और आतिशबाजी के बीच आसमान में तिरंगे गुब्बारे छोड़कर 'सांसद खेल महोत्सव 2025' के शुभारंभ की विधिवत घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज आरंभ हो रहे सांसद खेल महोत्सव में 71 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने नामांकन कराया है, यह प्रदेश के विद्यार्थियों में निरंतर बढ़ रही खेल गतिविधियों के प्रति रूचि का परिणाम है। प्रसन्नता का विषय है कि सांसद खेल महोत्सव, सेवा पखवाड़ा का भाग बन रहा है। प्रदेश के हर घर से खिलाड़ी और हर गांव से चैम्पियन निकले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए  पौष्टिक आहार पर ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने अपने भोजन में दूध, दही और मक्खन उचित मात्रा में शामिल करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। सनातन संस्कृति में आदिकाल से ही खेलों का विशेष महत्व रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन-जन में खेल भावना विकसित करने और हर वार्ड व ग्राम तक खेल गतिविधियों का विस्तार करने के उद्देश्य से सांसद खेल महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। प्रयास है कि प्रदेश के हर घर से खिलाड़ी और हर गांव से चैम्पियन निकले। राज्य सरकार खेल, खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को कर रही है प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी नगरों और पंचायतों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है, इसी का परिणाम है कि सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी पदक ला रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार खेल, खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को हर स्तर पर प्रोत्साहित कर रही है। प्रशिक्षकों के प्रमोशन, वेतन की व्यवस्था की गई है। विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स टीचर को कुलगुरु बनने तक का अवसर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में मार्शल आर्ट के अंतर्गत मलखम्ब, जूडो, कुश्ती और ताइक्वांडो के खिलाड़ियों द्वारा दिए गए प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने स्काउट गाइड के दल और बैंड ग्रुप के प्रदर्शन की भी सराहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों और उपस्थित जनसमुदाय को नवरात्रि पर्व और दशहरे की शुभकामनाएं दीं। खिलाड़ियों ने 24 से अधिक खेलों के लिए कराया रजिस्ट्रेशन सांसद  आलोक शर्मा ने बताया कि सांसद खेल महोत्सव के अंतर्गत भोपाल-सीहोर संसदीय क्षेत्र के 71 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने 24 से अधिक खेलों के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। यह प्रतियोगिताएं पंचायत और नगरीय निकाय स्तर पर कराई जाएंगी। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के युवा खेल महोत्सव से देश में युवाओं को फिटनेस की प्रेरणा मिली है। प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक  हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश खेलों के मामले में अग्रणी बनता जा रहा है। खेल युवाओं को अपनी प्रतिभा, योग्यता और क्षमता का उपयोग सृजनात्मक गतिविधियों में करने के लिए प्रेरित करते हैं। जहां खेल गतिविधियां अधिक हैं, वे राज्य सभी क्षेत्रों में उन्नति कर रहे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी की मंशा अनुरूप मध्यप्रदेश के सभी जनप्रतिनिधि खेलों को प्रोत्साहन देने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।  मलखम्ब के खिलाड़ियों ने किया शानदार प्रदर्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सांसद  आलोक शर्मा ने वस्त्र पट्टिका एवं स्मृचि चिह्न भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मां भारती सहित पंडित दीनदयाल उपाध्याय तथा श्रद्धेय श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उद्घाटन अवसर पर हुए मार्च पास्ट में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान बढ़ाने वाली 18 महिला खिलाड़ियों ने भाग लिया। साथ ही मार्च पास्ट में 120 प्रतिभावान खिलाड़ी भी शामिल हुए। मॉडल स्कूल के बैंड ने मनमोहक प्रस्तुति दी। मध्यप्रदेश ताइक्वांडो एवं जूडो खेल अकादमी के खिलाड़ियों एवं कुश्ती व कराटे के खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में प्रदेश के राजकीय खेल मलखम्ब के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा तथा परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्री तथा भोपाल जिले के प्रभारी  चैतन्य कुमार काश्यप, पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, संगठन मंत्री  हितानंद शर्मा, भोपाल महापौर मती मालती राय, विधायक  रामेश्वर शर्मा, विधायक  विष्णु खत्री, विधायक  भगवानदास सबनानी, विधायक सीहोर  सुदेश राय सहित भोपाल-सीहोर संसदीय क्षेत्र के नगरीय‍ निकायों एवं पंचायतों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और खिलाड़ी उपस्थित थे। 

रतलाम बाजार में जीएसटी की छापेमारी, दो फर्मों पर कार्रवाई; सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात

रतलाम   रतलाम में जीएसटी टीमों ने फ्रीगंज रोड स्थित प्रकाश ट्रेडर्स और राठी मशीनरी फर्म पर अचानक दबिश दी. इससे पूरे बाजार में हड़कंप मच गया. बाद में पता चला कि जीएसटी की टीमें सर्वे करने पहुंची हैं. इंदौर जीएसटी कार्यालय की टीमें कई वाहनों से रतलाम पहुंची. इसमें दो दर्जन जीएसटी के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. इतनी बड़ी संख्या में जीएसटी के अधिकारियों और पुलिस कर्मियों की मौजूदगी से आसपास के व्यापारिक प्रतिष्ठानों में हड़कंप मच गया. कृषि उपकरणों की दो फर्मों पर सर्वे दोनों ही फर्म कृषि उपकरणों के व्यवसाय से जुड़ी है. जहां करों में गड़बड़ी की सूचना पर जीएसटी टीमों ने कार्रवाई की. रतलाम के फ्रीगंज रोड पर मंगलवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब इंदौर से पहुंची जीएसटी की टीमें ने अचानक कार्रवाई शुरू कर दी. एक साथ 7 चार पहिया वाहनों से टीमें पहुंची. इस दौरान स्थानीय पुलिस फोर्स भी पहुंची. जीएसटी की टीमों ने फ्रीगंज रोड स्थित कृषि उपकरणों की दो विक्रेता फर्मों पर जाकर जांच शुरू की है. किसी को भी अंदर से बाहर जाने की अनुमति नहीं जीएसटी की कार्रवाई की खबर तेजी से शहर में फैल गई. इससे व्यापारियों में कई प्रकार की बातें होने लगी. इस दौरान बड़ी मात्रा में पुलिस कर्मचारियों की तैनाती भी की गई. कार्रवाई के दौरान बाहरी व्यक्ति को अंदर प्रवेश नहीं दिया गया और ना ही इन फर्म के स्टाफ को बाहर आने दिया गया. जीएसटी की टीमों में शामिल अधिकारी दोनों फर्मों के वित्तीय दस्तावेज खंगालने में जुट गए. यहां किस तरह की गड़बड़ी मिली और टैक्स में किस तरह की कमी पाई गई है, इस बारे में सर्वे पूरा होने के बाद ही जानकारी मिल सकेगी. दस्तावेजों की जांच में जुटी जीएसटी टीमें कार्रवाई में शामिल अधिकारियों ने फिलहाल कोई भी जानकारी दिए जाने से इनकार किया है. दोनों फर्म कृषि उपकरण बिक्री के व्यवसाय से जुड़ी हुई हैं. वहीं, प्रकाश ट्रेडर्स फर्म के प्रॉपर्टी व्यवसाय में इन्वेस्टमेंट से जुड़े होने सूचना भी जीएसटी को मिली है, जिसकी जांच जारी है. जीएसटी अधिकारी सोनाली जैन ने बताया "दोनों फर्मों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है. जो भी तथ्य निकलेंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी."  

जम्बूरी बनेगा युवाओं की ऊर्जा का ‘महाकुम्भ’ : साहसिक, रोमांचकारी और सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होंगे प्रतिभागी

हाई रोप्स, जिपलाइन, ट्रैकिंग और एडवेंचर पार्क जैसी गतिविधियां होंगी शामिल लोक नृत्य, नाटक, गीत, ग्लोबल विलेज और जीवन रक्षा कौशल की दी जाएगी शिक्षा रोबोटिक्स, विज्ञान प्रदर्शनी और तकनीकी अनुभव प्राप्त करेंगे प्रतिभागी पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक प्रोजेक्ट्स और खेलकूद से अनुशासन व टीमवर्क की भावना होगी मजबूत  ग्लोबल विलेज में दिखेगी भारत और दुनिया की सांस्कृतिक विविधता लखनऊ,   राजधानी में आयोजित होने जा रही 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी सिर्फ एक शिविर नहीं, बल्कि युवाओं की ऊर्जा का महाकुंभ बनने जा रही है। इस आयोजन में देश-विदेश से आए प्रतिभागियों को ऐसे अनुभव मिलेंगे, जो जीवनभर उनकी स्मृतियों में अंकित रहेंगे। स्काउटिंग की परंपरा के साथ यह शिविर युवाओं को साहस, अनुशासन, संस्कृति, विज्ञान और समाजसेवा से जोड़ने का अनूठा अवसर प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मेजबानी में आयोजित होने जा रहा यह महा आयोजन युवा शक्ति के लिए अनुशासन का महापर्व बनने जा रहा है। साहसिक गतिविधियों से होगा रोमांच का संचार राजधानी के वृंदावन योजना में भारत स्काउट एंड गाइड्स की ओर से आयोजित राष्ट्रीय जम्बूरी में हाई रोप्स, जिपलाइन, ट्रैकिंग और एडवेंचर पार्क जैसी गतिविधियों का आयोजन होगा। इनसे युवाओं को आत्मविश्वास और साहस का नया अनुभव मिलेगा। प्रतिभागी खुद को परखेंगे और अपने डर को चुनौती देंगे। बिखरेगी सांस्कृतिक रंगों की छटा नेशनल जम्बूरी में ग्लोबल विलेज, लोकनृत्य, नाटक और गीत-संगीत जैसे कार्यक्रम पूरे परिसर को सांस्कृतिक रंगों से भर देंगे। यहां न केवल भारत की विविधता झलकेगी, बल्कि दुनिया की बहुरंगी परंपराओं से भी युवाओं का परिचय होगा। यह आयोजन आपसी भाईचारे और वैश्विक संस्कृति का संगम बनेगा। शिक्षा और विज्ञान की प्रयोगशाला भी होगी इसके साथ ही फर्स्ट एड, गांठें बांधना और जीवन रक्षा कौशल जैसी स्काउटिंग की मूल विधाएं युवाओं को व्यवहारिक जीवन जीने की कला सिखाएंगी। वहीं रोबोटिक्स और विज्ञान प्रदर्शनी उन्हें तकनीक और नवाचार की नई दुनिया से जोड़ेंगी। मिलेगा समाजसेवा का सबक नेशनल जम्बूरी में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा प्रोजेक्ट्स युवाओं को दायित्वबोध और संवेदनशीलता सिखाएंगे। इन गतिविधियों से प्रतिभागी भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनने की ओर अग्रसर होंगे। युवाओं में बलवति होगी खेल और टीमवर्क की भावना साथ ही साथ खेलकूद और टीम गेम्स अनुशासन और टीमवर्क की भावना को मजबूत करेंगे। यह आयोजन युवाओं में नेतृत्व क्षमता और जीवन प्रबंधन कौशल विकसित करने का माध्यम बनेगा। योगी सरकार के प्रयासों से मिली मेजबानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सतत प्रयासों का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश को 61 साल बाद राष्ट्रीय जम्बूरी की मेजबानी का अवसर मिला है। इस आयोजन के लिए लखनऊ के वृंदावन योजना स्थित डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में एक भव्य टेंट सिटी बनाई जा रही है। यहां पर 23 से 29 नवंबर तक नेशनल जम्बूरी का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे, जबकि समापन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों प्रस्तावित है।   29 सितंबर को होगा भूमि पूजन आयोजन स्थल पर बनने वाली अस्थायी टेंट सिटी का भूमि पूजन 29 सितंबर को होगा। इसमें योगी सरकार के वरिष्ठ मंत्रीगण शामिल होंगे। इसी परिसर में 35 हजार प्रतिभागियों के रहने और विश्वस्तरीय सुविधाओं वाले टेंट सिटी की व्यवस्था की जाएगी। यह जम्बूरी न केवल युवाओं को जीवन मूल्यों से जोड़ने का मंच बनेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश की मेजबानी क्षमता और विश्वस्तरीय आयोजन की तैयारी को भी प्रदर्शित करेगी।

संभागायुक्त कावरे का न्याय सुधार अभियान: एक साल में 2000 ज्यादा प्रकरण निराकृत

रायपुर रायपुर संभागायुक्त आईएएस महादेव कावरे ने आयुक्त न्यायालय एवं अपर आयुक्त न्यायालय में अभियान चलाकर 2607 निराकृत प्रकरणों को अभिलेख कोष्ठ जमा कराया है. वर्तमान में संभागायुक्त के प्रयास से दोनों न्यायालयों के सभी प्रकरणों को ऑनलाइन दर्ज कर प्रकरणों से संबंधित सभी कार्यवाही ऑनलाइन की जा रही है. संभागायुक्त प्रकरणों को शीघ्र निराकरण के लिए सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को आयुक्त और मंगलवार एवं गुरुवार को अपर आयुक्त न्यायालय में पेशी नियत कर सुनवाई की जा रही है. इस तरह से एक वर्ष में कुल 2426 प्रकरण निराकृत किए गए हैं. निराकृत प्रकरणों का आदेश ऑनलाइन अपलोड किया जा रहा है, जिसे केस नम्बर डाल कर अपीलार्थी/उत्तरवारी अवलोकन कर सकते हैं. प्रकरणों की स्थिति देखने हेतु राजस्व विभाग के वेबसाइट-https://revenue.cg.nic.in में जाकर प्रकरण खोजे में प्रकरण क्रमांक डालकर प्रकरण की स्थिति देखा जा सकता है तथा आदेश हुए प्रकरणों की आदेश की कापी डाउनलोड किया जा सकता है. प्रकरण की पंजीयन के दौरान अपीलार्थी, उत्तरवादी एवं अधीवकतागणों का मोबाईल नंबर ऑनलाईन दर्ज किया जा रहा है, जिससे प्रकरण की पंजीयन क्रमांक एवं आगामी देशी तिथियों की जानकारी मेंसेज की माध्यम से उनके रजिस्टर्ड मोबाईल नंबर में सूचना मिल जा रही है. प्रकरण में प्रतिदिन की गई कार्यवाही की आर्डरशीट ऑनलाईन अपलोड किया जा रहा है. न्यायालय में लंबित 5 वर्ष से अधिक अवधि के प्रकरणों को प्राथमिकता देकर प्रति सप्ताह सुनवाई संभागायुक्त द्वारा किया जा रहा है.

नक्सली मरे, लेकिन पोस्टमार्टम नहीं, डॉक्टरों ने किया मना, भत्ता बना मुद्दा

 नारायणपुर  नारायणपुर जिला अस्पताल के डाक्टरों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मारे गए नक्सलियों का पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया है. बीते 9 महीने से नक्सल प्रोत्साहन क्षेत्र भत्ता (CRMC) नहीं मिलने से आक्रोशित डॉक्टरों ने अपना विरोध दर्ज कराया. नक्सल प्रोत्साहन क्षेत्र भत्ता नहीं मिलने से डॉक्टरों में लंबे समय से पनप रहा गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा, जब 22 सितंबर को अबूझमाड़ में मारे गए दो सेंट्रल कमेटी के सदस्यों के शव को पोस्टमार्टम के लिए लाया गया. डॉक्टरों ने एकजुट होकर पोस्टमार्टम से इंकार करते हुए बीते 9 महीने से अटके नक्सली भत्ते को देने की मांग पर अड़ गए. नारायणपुर जिला अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के तौर पर पदस्थ डॉ. हिमांशु सिन्हा ने बताया कि नक्सल क्षेत्र प्रोत्साहन भत्ता (सीआरएमसी) बीते नौ महीने से हमें नहीं मिला है. जनवरी 2025 से आज तक यह नहीं मिला है. साय सरकार का दावा है कि काम जल्द से जल्द किया जाता है, वह बात हमारे भत्ते को लेकर भी अमल में लाया जाए, और हमें जल्द से जल्द भत्ते का भुगतान किया जाएगा. सीएमएचओ एसएस राज ने बताया कि डॉक्टरों ने नक्सली भत्ता नहीं मिलने की बात कही है. इस पर बताया कि यह राज्य स्तरीय मामला है. अक्टूबर-नवंबर में बजट का आवंटन हो जाएगा, एक हफ्ते के भीतर भुगतान कर दिया जाएगा. आश्वासन पर डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम शुरू कर दिया है.

ब्रेन स्ट्रोक के बाद अस्पताल में भर्ती सुभासपा राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिले सीएम योगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर को देखने मेदांता अस्पताल पहुंचे. यहां उन्होंने राजभर की तबीयत के बारे में जानकारी ली. इस दौरान योगी के साथ मंत्री सुरेश खन्ना भी मौजूद रहे. मुलाकात के दौरान सुभासपा अध्यक्ष के दोनों बेटे अरुण राजभर और अरविंद राजभर भी मौजूद थे. इससे पहले पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने अस्पताल पहुंचकर कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का हालचाल जाना था. साथ में कैबिनेट मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम और दारा सिंह चौहान भी मौजूद थे. जानकारी के मुताबिक ओपी राजभर माइनर ब्रेन स्ट्रोक की वजह से अस्पताल में भर्ती है. 21 सितंबर को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी थी. जानकारी लगते ही डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने खुद उन्हें राम मनोहर लोहिया में भर्ती कराया था. जिसके बाद उन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया.