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बाबूलाल मरांडी ने लगाया गंभीर आरोप: बोकारो DMFT में 631 करोड़ का फ्रॉड, CBI जांच हो

रांची झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बोकारो जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) में धन के गबन का आरोप लगाया और उन्होंने अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच करवाने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य इकाई के प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे मरांडी ने आरोप लगाया कि बोकारो जिले में डीएमएफटी के फंड से विभिन्न उद्देश्यों के लिए वस्तुओं और उपकरणों की खरीद बाजार मूल्य से कई गुना अधिक दरों पर की गई। मरांडी ने रांची में संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया, ‘‘बोकारो में 2024-25 और 2025-26 के दौरान डीएमएफटी फंड से 631 करोड़ रुपये निकाले गए। वस्तुओं और उपकरणों की आपूर्ति के लिए विभिन्न एजेंसियों को बाजार मूल्य से कई गुना अधिक भुगतान किया गया। इन वस्तुओं की खरीद व कार्य में पाई गई अनियमितताएं नेता प्रतिपक्ष मरांडी ने दावा किया कि डीएमएफटी फंड से 46 पंचायत भवनों के लिए जनरेटर सेट खरीदे गए। इनमें से प्रत्येक को 7.97 लाख रुपये की दर से खरीदा गया। इसके अलावा 31 जनरेटर सेट और भी खरीदे गए, जिनमें से प्रत्येक की कीमत 12.28 लाख रुपये थी। मरांडी ने दावा किया, ‘‘जब हमने बाजार में कीमत का सर्वेक्षण किया, तो पाया कि सर्वश्रेष्ठ कंपनियों के 15 केवीए जनरेटर की कीमत तीन लाख से चार लाख रुपये के बीच है। यह धन की लूट का एक छोटा सा उदाहरण है।'' मरांडी ने दावा किया कि इसी तरह 60 स्कूलों के लिए टैब खरीदे गए, जिनमें प्रत्येक यूनिट की कीमत 8.30 लाख रुपये बताई गई, जबकि बाजार मूल्य प्रति टैब सिर्फ 2.32 लाख रुपये है। मरांडी ने यह भी दावा किया कि 1,666 आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए 1.25 लाख रुपये प्रति डिजिटल मैट की दर से खरीदारी की गई, जबकि इनका अधिकतम बाजार मूल्य 7,614 रुपये है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘दिलचस्प बात यह है कि उसी वस्तु को अगली बार खरीदने पर कीमत कई गुना बढ़ गई।'' मरांडी ने कहा, ‘‘‘हाई-मास्ट लाइट', ‘एलईडी' वैन, सौर ऊर्जा चालित पंप सेट, स्कूलों में ‘मॉड्यूलर किचन' और ‘लाइटनिंग अरेस्टर' जैसी अन्य वस्तुओं की खरीद व कार्य में भी इसी तरह की अनियमितताएं पाई गईं।'' नेता प्रतिपक्ष ने की CBI जांच की मांग उन्होंने कहा, ‘‘यह घोटाला केवल मुख्यमंत्री के इशारे पर ही संभव हो सकता है, क्योंकि कोई भी अधिकारी इतना निडर नहीं हो सकता। इसलिए, हम इस घोटाले की सीबीआई जांच की मांग करते हैं। यह जांच किसी राज्य सरकार की एजेंसी से नहीं कराई जानी चाहिए।'' सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि राज्य सरकार आरोपों की जांच कर रही है और जो भी जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पांडे ने कहा, ‘‘डीएमएफटी फंड के प्रबंधन के लिए एक निगरानी समिति है। इस समिति में स्थानीय सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हैं। स्थानीय सांसद भाजपा से हैं। जब ऐसी घटना हो रही थी, तब वह क्या कर रहे थे? क्या मरांडी भी अपनी पार्टी के सांसद पर आरोप लगा रहे हैं? उन्हें स्पष्टीकरण देना चाहिए।'

अंबाला में हादसा: विशाल मेगा मार्ट में लगी आग, सामान और स्टोर हुआ तबाह

अंबाला  अंबाला शहर के प्रेम नगर में विशाल मेगा मार्ट में मंगलवार सुबह 10 बजे के करीब भयंकर आग लग गई। आग लगने की सूचना मिलते ही कर्मचारी बाहर की ओर दौड़े। कर्मचारियों ने दमकल विभाग को आग लगने की सूचना दी। आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास की इमारतों को खाली करवाया गया। आग लगने से पूरे क्षेत्र में दूर-दूर कर धूंआ फैल गया। मौके पर एसडीएम दर्शन कुमार पहुंचे। उन्होंने मेगा मार्केट कर्मचारियों से आग लगने के बारे में जानकारी भी ली। फिलहाल आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की गाड़ियां पहुंच गई हैं और आग बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, आग किस वजह से लगी इसका पता नहीं चल पाया है। विशाल मेगा मार्ट के शीशे आग की गर्मी से चटककर गिरने लगे दरअसल, अंबाला के विशाल मेगा मार्ट में आग लगने की यह घटना आज सुबह 9 बजे की है। गनीमत रही हि यह हादसा उस वक्त हुआ जब मॉल लोगों के लिए बंद था। लोगों को इसके बारे में जब पता चला जब मार्ट में लगे शीशे आग की गर्मी से चटककर गिरने लगे और धुआं बाहर आने लगा। कुछ ही देर में धुआं का गुब्बार इतना ऊंचा हुआ कि दो से तीन किमी दूर से नजर आने लगा। आग की लपटों को देख बंद कराए गए बैंक आग की लपटें इतनी तेज हैं कि दो से तीन घंटों में काबू पाना मुश्किल है। मौके पर पहुंचे फायर अधिकारी तरसेम राणा ने बताया कि आग ने कपड़ों के जरिए पूरे मॉल को अपनी चपेट में ले लिया है। सारा सामान जलकर खाक हो चुका है। उन्होंने बताया कि मौके पर अब तक 8 गाड़ियां आ चुकी हैं, लेकिन आग अब भी सुलग रही है। मॉल से उठ रहीं लपटों को देखते हुए आसपास मौजूद 3 बैंकों को सुरक्षा के लिहाज से बंद करवाए गए हैं। बता दें कि आग बुझा रहे एक दमकल कर्मी का आग और धुआं की वजह से दम घुट गया है। उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मध्यप्रदेश पुलिस में हड़कंप: 15 जिलों के SP बदले, 24 घंटे में 50 अधिकारियों का तबादला

भोपाल  मध्य प्रदेश में सोमवार की देर रात बड़ी प्रशासनिक सर्जरी देखने को मिली। गृह विभाग ने दूसरी लिस्ट जारी करते हुए 30 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इसमें 13 जिलों के एसपी को बदला गया है। इसके पहले सोमवार की शाम को जारी हुई लिस्ट में 20 आईपीएस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया था। इसमें 2 एसपी भी शामिल थे। इस तरह कुल 50 आईपीएस अधिकारियों का तबादला किय गया है। इस तबादले में इस बार एक और चौंकाने वाला फैसला रहा। नौकरशाहों के ट्रांसफर में जिस तरह मुख्य सचिव अनुराग जैन की खास भूमिका रहती है। उसी तरह इस बार सीनियर आईपीएस अधिकारियों के तबादले को लेकर एमपी पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) को भी महत्व दिया गया है। सीएम ने डीजीपी कैलाश मकवाना की सहमति से तबादला आदेश जारी किया है। देर रात गृह विभाग ने जारी किए आदेश गृह विभाग ने आधी रात के बाद 30 आइपीएस अफसरों के तबादला आदेश जारी किए। शाम को जारी 20 अफसरों के आदेश के बाद यह दूसरी सूची जारी हुई। इसमें 15 जिलों के पुलिस कप्तान बदले गए। इससे पूर्व शाम के आदेश में भी दो एसपी बदले थे। मोहन सरकार ने देर रात गृह विभाग में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की है। बताया जा रहा है कि यह प्रशासनिक सर्जरी लंबे समय से प्रतीक्षित थी। सूत्रों की मानें तो अभी कुछ और जिलों में भी फेरबदल संभावित है। पीएम मोदी के दौरे से 9 दिन पहले इस बदलाव ने कड़ी प्रशासनिक जमावट के संकेत दिए हैं। इन जिलों के एसपी बदले गए इंदौर पुलिस उपायुक्त में पदस्थ हंसराज सिंह को सतना जिले का एसपी बनाया गया है। बालाघाट 36वीं बटालियन के कमांडेंट अवधेश प्रताप सिंह को मैहर जिले का एसपी बनाया गया है। ग्वालियर 13वीं बटालियन के कमांडेंट शैलेंद्र सिंह चौहान को रीवा जिले का एसपी बनाया। एसपी रेल इंदौर के संतोष कोरी को सीधी जिले का एसपी बनाया गया। निवेदिता नायडू, एसपी उमरिया को पन्ना जिले का एसपी बनाया गया। सुधीर कुमार अग्रवाल, एसपी मैहर को श्योपुर जिले का एसपी बनाया। रवीन्द्र वर्मा, एसपी सीधी को खरगोन जिले का एसपी बनाया। शशांक, पुलिस उपायुक्त भोपाल को हरदा जिले का एसपी शिवदयाल 14वीं बटालियन ग्वालियर को झाबुआ जिले का एसपी बनाया। घुवंश कुमार सिंह 5वीं बटालियन मुरैना को आलीराजपुर जिले का एसपी बनाया। विजय भागवानी, एआईजी पीएचक्यू को उमरिया जिले का एसपी बनाया। सांईं कृष्ण एस थोटा, एसपी पन्ना को नर्मदापुरम जिले का एसपी बनाया। आईपीएस वीरेंद्र जैन, एसपी श्योपुर को बैतूल जिले का एसपी बनाया। आईपीएस संतोष कोरी को एसपी रेल इंदौर से सीधी जिले का एसपी बनाया गया। इंदौर भोपाल के डेप्युटी कमिश्नर में भी बदलाव सतना में एसपी रहे अशुतोष को भोपाल पुलिस उपायुक्त (जोन-1) बनाया गया है रीवा के एसपी विवेक सिंह को भोपाल जोन-2 का पुलिस उपायुक्त बनाया गया है। हरदा एसपी अभिनव चौकसे को भोपाल पुलिस उपायुक्त (जोन- 3 ) बनाया गया है। भोपाल पुलिस उपायुक्त (जोन-3) रियाद इकबाल को एससपी रेडियो नियुक्त किया गया है। भोपाल 23वीं बटालियन कमाडेंट कुमार प्रतीक को इंदौर पुलिस उपायुक्त ( जोन-2) नियुक्त किया गया है। लंबे समय से था तबादले का इंतजार एमपी पुलिस विभाग में लंबे समय से ट्रांसफर का इंतजार किया जा रहा था। सोमवार की रात जारी हुई लिस्ट से यह इंतजार खत्म हो गया। प्रदेश में काफी समय बाद 50 अधिकारियों के तबादले की लिस्ट जारी की गई है। इसमें मंत्री विजय शाह के मामले की एसआईटी के सदस्य कल्याण चक्रवर्ती तीन माह में डीआईजी रेंज छिंदवाड़ा से पुलिस हेकक्वार्टर वापस बुला लिया गया है। वह 2010 बैच के अधिकारी हैं। इससे पहले सोमवार शाम को गृह विभाग से जारी आदेश में 20 आईपीएस अफसरों के तबादले किए गए। इस लिस्ट में डीआईजी और एसपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। अशोकनगर और धार जिले के एसपी बदले गए हैं। अशोकनगर में राजीव कुमार मिश्रा और धार में मयंक अवस्थी नए पुलिस अधीक्षक होंगे। छतरपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, इंदौर ग्रामीण, भोपाल ग्रामीण, रतलाम और सागर रेंज में नए डीआईजी पदस्थ किए गए हैं। इसके साथ ही इंदौर और भोपाल में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध व मुख्यालय) को भी बदला गया है। विजय कुमार खत्री को डीआईजी छतरपुर रेंज, विनीत कुमार जैन को डीआईजी बालाघाट, मनोज कुमार सिंह को डीआईजी इंदौर ग्रामीण, राकेश कुमार सिंह को डीआईजी छिंदवाड़ा, राजेश सिंह को डीआईजी भोपाल ग्रामीण और शशीन्द्र चौहान को डीआईजी सागर रेंज पदस्थ किया गया है। छतरपुर डीआईजी ललित शाक्यवार और सागर डीआईजी सुनील कुमार पांडे को पीएचक्यू में पदस्थ किया गया है। बालाघाट डीआईजी मुकेश कुमार श्रीवास्तव को मानव अधिकार आयोग भेजा गया है। भोपाल ग्रामीण डीआईजी ओमप्रकाश त्रिपाठी को डीआईजी एसएएफ मध्य क्षेत्र बनाया गया है। मनोज कुमार सिंह डीआईजी रतलाम की पदस्थापना लोकायुक्त संगठन में डीआईजी के तौर पर की गई है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध व मुख्यालय) नगरीय पुलिस इंदौर मनोज कुमार श्रीवास्तव को डीआईजी पुलिस रिसर्च ट्रेनिंग सेंटर इंदौर भेजा गया है। मोनिका शुक्ला डीआईजी रेल, पीएचक्यू को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नगरीय पुलिस भोपाल बनाया गया है। निमिष अग्रवाल डीआईजी इंदौर ग्रामीण को डीआईजी रतलाम रेंज, डी कल्याण चक्रवर्ती डीआईजी छिंदवाड़ा को डीआईजी पीएचक्यू, हेमंत चौहान डीआईजी एससीआरबी पीएचक्यू को डीआईजी रीवा रेंज बनाया गया है।

मेरा लक्ष्य मेरा अभियान’: रायपुर में वनमंत्री कश्यप ने कार्यक्रम में दी विशेष भागीदारी

रायपुर : वनमंत्री कश्यप ‘मेरा लक्ष्य मेरा अभियान’ कार्यक्रम में हुए शामिल मेरा लक्ष्य मेरा अभियान’: रायपुर में वनमंत्री कश्यप ने कार्यक्रम में दी विशेष भागीदारी वनमंत्री कश्यप ने रायपुर में बढ़ाया उत्साह, ‘मेरा लक्ष्य मेरा अभियान’ कार्यक्रम में हुए शामिल रायपुर वन मंत्री केदार कश्यप आज कोण्डागांव जिले के फरसगांव स्थित आदर्श विद्यालय में आयोजित विधानसभा स्तरीय ‘मेरा लक्ष्य मेरा अभियान’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपने जीवन में स्पष्ट लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित करना था। इस कार्यक्रम में कुल 4,000 विद्यार्थियों ने भाग लिया। जिसमें कालेज के प्रथम वर्ष के लगभग 1 हजार और कक्षा 11वीं के करीब 3 हजार छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बस्तर भूमि से जुड़े प्रेरणादायक व्यक्तित्वों को आमंत्रित किया गया था, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस अवसर पर कांकेर विधायक आशाराम नेताम, डीआईजी कमललोचन कश्यप सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। वन मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र की प्रतिभाएं आज राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृढ़ संकल्प, गृह मंत्री अमित शाह के अदम्य साहस और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य नक्सलवाद के खात्मे की ओर बढ़ रहा है। इससे न केवल विकास कार्यों की गति तेज होगी बल्कि बस्तर क्षेत्र शिक्षा के क्षेत्र में भी अग्रणी बनेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में हम छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना का रजत जयंती  महोत्सव मना रहे हैं। इस अवसर पर हम देश के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को नमन करते हैं और उनके योगदान के लिए आभार प्रकट करते हैं। वन मंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे हर परिस्थिति में धैर्य बनाए रखें, जीवन में एक लक्ष्य तय कर एकाग्रता के साथ मेहनत करें और लक्ष्य प्राप्ति तक निरंतर आगे बढ़ते रहें। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी के बारे में न सोचकर अपनी रुचि के अनुसार कैरियर का चयन करना चाहिए। अंत में उन्होंने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं और बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।  इस अवसर पर बस्तर की बेटी लैंड एडवेंचर अवॉर्ड से सम्मानित पर्वतारोहिणी नैना सिंह धाकड़, कोण्डागांव जिले के प्रख्यात कृषक डॉ. राजाराम त्रिपाठी, सोशल मीडिया के क्षेत्र में प्रसिद्ध सीजी मास्टर टीम सहित बस्तर क्षेत्र के कई प्रमुख व्यक्तित्व उपस्थित रहे। इस अवसर पर पूर्व विधायक सेवक राम नेताम, नगर पंचायत फरसगांव और केशकाल के अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

लालू परिवार ने गयाजी में निभाई पितृपक्ष की परंपरा, बेटे और बहू के साथ किया पिंडदान

पटना राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव अपने परिवार के साथ गया जी पहुंचे, जहां उन्होंने विष्णुपद मंदिर के प्रांगण में अपने पितरों की आत्मा की मोक्ष की प्राप्ति के लिए विधिवत पिंडदान किया। स्थानीय पंडा शंभू लाल विट्ठल के द्वारा पिंडदान कर्मकांड की प्रक्रिया संपन्न कराई गई। इस दौरान लालू यादव के पुत्र तेजस्वी यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, राजश्री यादव सहित परिवार के कई लोग मौजूद थे। पिंडदान कर्मकांड करने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि हमारे पिता लालू प्रसाद यादव और माता राबड़ी देवी के द्वारा पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान कर्मकांड किया गया है। लालू का का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, इसके बावजूद हमलोग पूरे परिवार के साथ यहां पहुंचे हैं और पिंडदान कर्मकांड किया है। उन्होंने कहा कि हमलोग चाहते हैं की बिहार विकसित बिहार बने। हर हाथ को काम मिले। युवाओं को रोजगार मिले। बिहार भ्रष्टाचार मुक्त हो ।यही वजह है कि हमारे कार्यकर्ता कड़ी मेहनत कर रहे हैं।माई-बहिन योजना का फॉर्म भरवारा जा रहा है। युवाओं को रोजगार के लिये प्रेरित किया जा रहा है। राजद द्वारा घोषित की जाने वाली योजनाओं को देखकर अब सरकार भी 10 हजार की राशि महिलाओं को दे रही है। यह नकलची सरकार है, जिसे जनता समझ रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा आज उपराष्ट्रपति का चुनाव है, जिसमें हमारे इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं, हमारी पार्टी उन्हें ही अपना समर्थन देगी।

महिलाओं को मिलेगा बढ़ावा! हरियाणा में 2 हजार डिपो exclusively महिलाओं के लिए, उम्र और शिक्षा की शर्त

चंडीगढ़   हरियाणा के लोगों के लिए अच्छी खबर आई है। हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में युवाओं को बड़ी सौगात दी है। सरकार द्वारा राज्य में 6 हजार नए राशन डिपो खोले जाएंगे, जिसमें 33% भागीदारी महिलाओं की रहेगी, यानि 2 हजार राशन डिपो महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे। इस संबंध में फूड एंड सप्लाई विभाग ने फाइल तैयार कर सीएम नायब सैनी की मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को भेज दी है। फूड एंड सप्लाई विभाग के मंत्री राजेश नागर ने बताया कि विभाग की इस योजना को इसी सप्ताह मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है। इसको लेकर एक विभागीय बैठक बुलाई गई है जिसमें अधिकारियों से चर्चा की जायेगी. जल्द ही, आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। आवेदन के लिए शर्तें राशन डिपो आवेदन के लिए आवेदनकर्ता हरियाणा का मूल निवासी होना चाहिए और उसकी उम्र 21- 45 साल के बीच होनी चाहिए।आवेदन के लिए डोमिसाइल सर्टिफिकेट जमा कराना होगा। आवेदनकर्ता न्यूनतम 12वीं पास होना चाहिए और उसे कम्प्यूटर का ज्ञान होना चाहिए। महिलाओं को 33% आरक्षण का लाभ मिलेगा और नए डिपो के आवंटन में भी इसका फायदा महिलाओं को मिलेगा। ऐसे करें आवेदन     अंत्योदय सरल पोर्टल पर जाएं, इसमें लॉग- इन करें.     स्क्रीन के बाईं ओर “सेवा के लिए आवेदन करें” पर क्लिक करें.     नई उचित मूल्य की दुकान का लाइसेंस जारी करने की सेवा चुनें.     ऑनलाइन आवेदन पत्र में सभी आवश्यक जानकारी भरें.     पोर्टल पर बताए दस्तावेज अपलोड करें.     आखिर में ऑनलाइन अपना आवेदन जमा करें.  

पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत राज्य सरकार की 1.85 करोड़ रुपये की सब्सिडी का ऑनलाइन अंतरण

रायपुर : प्रदेश में सौर ऊर्जा के उपभोक्ता ऊर्जा उत्पादक के साथ-साथ बन रहे हैं ऊर्जा दाता : मुख्यमंत्री साय प्रदेश में सौर ऊर्जा के उपभोक्ता ऊर्जा उत्पादक के साथ-साथ बन रहे हैं ऊर्जा दाता पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत राज्य सरकार की 1.85 करोड़ रुपये की सब्सिडी का ऑनलाइन अंतरण मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में व्यापक जागरूकता के लिए सूर्य रथ को दिखाई हरी झंडी मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा जागरूकता और प्रोत्साहन अभियान में हुए शामिल, उत्कृष्ट वेंडरों को किया सम्मानित रायपुर प्रदेश में सौर ऊर्जा के उपभोक्ता अब केवल ऊर्जा उत्पादक ही नहीं, बल्कि ऊर्जा दाता भी बन रहे हैं। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी महत्वाकांक्षी पहल के माध्यम से प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य की प्राप्ति के संकल्प को तीव्र गति से पूर्ण करने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित सौर ऊर्जा जागरूकता और प्रोत्साहन अभियान को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा जागरूकता और प्रोत्साहन अभियान में हुए शामिल, उत्कृष्ट वेंडरों को किया सम्मानित मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सौर ऊर्जा के फायदों, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना और इसके अंतर्गत मिलने वाली सब्सिडी के विषय में लोगों को जानकारी देने और जागरूक करने के उद्देश्य से सूर्य रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने 618 उपभोक्ताओं के खातों में प्रत्येक को 30 हजार रुपये की दर से कुल 1.85 करोड़ रुपये की राज्यांश सब्सिडी का ऑनलाइन अंतरण किया। मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा जागरूकता और प्रोत्साहन अभियान में हुए शामिल, उत्कृष्ट वेंडरों को किया सम्मानित मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ता प्रदूषण हम सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2070 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है और छत्तीसगढ़ इस लक्ष्य की प्राप्ति में पूरे समर्पण और क्षमता के साथ अपनी भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए हॉफ बिजली बिल से आगे बढ़ते हुए मुफ्त बिजली की ओर ले जाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने इसे हर्ष का विषय बताते हुए कहा कि प्रदेशवासी इस योजना के महत्व को समझते हुए स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आमजन से आग्रह किया कि वे अपने आसपास के लोगों को भी इस योजना से जोड़ें और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में प्रदेश को अग्रसर बनाने में योगदान दें। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उपभोक्ताओं को सब्सिडी उपलब्ध करा रही हैं। साथ ही बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से आसान वित्तीय सुविधा भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उपभोक्ताओं को पूर्ण रूप से मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत आज लाभार्थियों को लेटर ऑफ अवार्ड प्रदान किए गए हैं। इन योजनाओं से उपभोक्ता स्वयं सौर ऊर्जा का उत्पादन कर बिजली का विक्रय कर रहे हैं और साथ ही सस्ती बिजली का लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सौभाग्य योजना के माध्यम से हर घर बिजली पहुँचाने का संकल्प लिया था। उस समय देश के 18 हजार गाँव अंधेरे में थे और आज उन सभी गाँवों तक बिजली पहुँच चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अब देश स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ में बिजली उत्पादन क्षमता केवल 1,400 मेगावाट थी, जबकि आज प्रदेश 30,000 मेगावाट का उत्पादन कर रहा है और पड़ोसी राज्यों को भी बिजली उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने बताया कि नई उद्योग नीति के अंतर्गत ऊर्जा क्षेत्र में 3.50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू संपादित हुए हैं और आने वाले समय में प्रदेश की ऊर्जा उत्पादन क्षमता और भी बढ़ जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाएँ और स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य की प्राप्ति में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएँ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के समक्ष राजनांदगांव से आए कक्षा 12वीं के छात्र प्रथम सोनी ने सौर ऊर्जा की विशेषताओं और शासन द्वारा इसे बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर अपने विचार रखे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘इम्पैक्ट ऑफ डिस्ट्रीब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी ऑन ग्रिड स्टेबिलिटी’ तथा ‘एग्रीवोल्टाइक्स परफार्मर हैण्डबुक’ का भी विमोचन किया। इस अवसर पर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में विशेष भूमिका निभाने वाले उत्कृष्ट वेंडरों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, क्रेडा के चेयरमैन भूपेंद्र सवन्नी, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, क्रेडा के सीईओ राजेश राणा, भारतीय सौर ऊर्जा महासंघ के अध्यक्ष सुमन कुमार, तीनों पॉवर कंपनी के प्रबंध निदेशक सहित बड़ी संख्या में सौर ऊर्जा के उपभोक्ता उपस्थित थे।

सुपोषण, महतारी वंदन योजना सहित राज्य सरकार के प्रयासों की यूनिसेफ इंडिया ने की सराहना

रायपुर : विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में यूनिसेफ इंडिया देगा तकनीकी सहयोग सुपोषण, महतारी वंदन योजना सहित राज्य सरकार के प्रयासों की यूनिसेफ इंडिया ने की सराहना मुख्यमंत्री से यूनिसेफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य भेंट रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में यूनिसेफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने विकसित छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और यूनिसेफ की ओर से तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यूनिसेफ इंडिया के सहयोग का स्वागत करते हुए कहा कि यूनिसेफ द्वारा विश्वभर में जनकल्याण हेतु विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूनिसेफ की तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ छत्तीसगढ़ को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने अंजोर विजन 2047 दस्तावेज़ के अंतर्गत सरकार की प्राथमिकताओं को प्रतिनिधिमंडल के साथ साझा किया। मुख्यमंत्री को यूनिसेफ के प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ में यूनिसेफ द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सर्विसेज प्रमुख सुसोलेदाद हेरेरो ने राज्य की पोषण संबंधी पहल और "विकसित छत्तीसगढ़" निर्माण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। सुहेरेरो ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि यूनिसेफ छत्तीसगढ़ में हमर स्वस्थ लइका कार्यक्रम में भी सहयोग प्रदान कर रहा है, जिसके अत्यंत सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इस पहल को मध्यप्रदेश, राजस्थान और ओडिशा जैसे अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने यूनिसेफ इंडिया द्वारा छत्तीसगढ़ में किए जा रहे योगदान की सराहना की और भविष्य में भी अंजोर विजन 2047 के लक्ष्यों को केंद्र में रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का आह्वान किया है। उसी कड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए संकल्पित है और इसके लिए अंजोर विजन 2047 दस्तावेज़ तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंजोर विजन 2047 के तहत आदिवासी समुदाय, विशेषकर विशेष पिछड़ी जनजातियों (पीवीटीजी) का उत्थान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। शिशु मृत्यु दर, कुपोषण सहित स्वास्थ्य एवं पोषण के सूचकांकों को बेहतर बनाने में यूनिसेफ का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री ने किशोरियों के सशक्तिकरण के लिए बेहतर स्वास्थ्य एवं शिक्षा के महत्व पर भी चर्चा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के प्रमुख विलियम हैनलॉन जूनियर तथा डॉ. बाल परितोष दास भी उपस्थित रहे।

रायपुर: युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने कौशल विकास से जोड़ें – मंत्री गुरु खुशवंत साहेब

रायपुर: युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने कौशल विकास से जोड़ें – मंत्री गुरु खुशवंत साहेब मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का संदेश: रायपुर में कहा, आत्मनिर्भर भारत के लिए युवाओं को कौशल विकास से जोड़ना जरूरी मंत्रालय में हुई विभागीय समीक्षा बैठक, योजनाओं की प्रगति पर हुई गहन चर्चा रायपुर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल में सशक्त बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किए जाएँ, ताकि प्रशिक्षित युवाओं को आसानी से रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हम चाहते हैं कि हर युवा अपने हुनर के बल पर आत्मनिर्भर बने और उसे बेहतर रोजगार या स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हों। मंत्री जी ने यह भी निर्देश दिए कि ग्रामीण और  दूरदराज़ क्षेत्रों के युवाओं को  योजनाओं का बेहतर लाभ मिल सके। मंत्री साहेब ने कहा कि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री साहेब ने आज मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर में विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार और अनुसूचित जाति विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री गुरू खुशवंत साहेब ने राज्य के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष बल दिया। मंत्री साहेब ने कहा- छत्तीसगढ़ के तकनीकी संस्थानों को देश के श्रेष्ठ संस्थानों की श्रेणी में लाने के लिए हमें शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना होगा। प्रयोगशालाओं  सहित अन्य सुविधाएँ सुदृढ़ करना हमारी प्राथमिकता है। इसके साथ ही उन्होंने उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। अनुसूचित जाति विकास विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री साहेब ने अधिकारियों से कहा कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र छात्र को छात्रवृत्ति से वंचित नहीं रहना चाहिए। यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा, प्रशिक्षण और आवासीय सुविधाएँ समय पर रूप से उपलब्ध हों। उन्होंने जिला स्तर पर विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए ताकि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की सतत निगरानी हो सके। मंत्री गुरू खुशवंत साहेब ने रोजगार विभाग के अधिकारियों से रोजगार मेला एवं प्लेसमेंट कैंप, स्कूल और कॉलेजांे में कैरियर मार्गदर्शन, ई-रोजगार पोर्टल, छत्तीसगढ़ रोजगार एप, अग्निवीर भर्ती परीक्षा तथा विभागीय नवाचार सहित विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य स्तरीय विशाल रोजगार मेला का आयोजन किया जाए ताकि बेरोजगार नवयुवक नियोजित हो सके। मंत्री साहेब ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुँचना चाहिए।  साथ ही उन्होंने अधिकारियों को आमजन के साथ संवाद बनाए रखने, नियमित फील्ड विजिट करने और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  बैठक में अपर मुख्य सचिव एवं अध्यक्ष व्यापम श्रीमती रेणु जी पिल्ले ने व्यवसायिक परिक्षा मण्डल की गतिविधियों से अवगत कराया साथ ही उन्होंने व्यापम द्वारा ली जाने वाली प्रवेश परीक्षा, पात्रता परीक्षा और भर्ती परीक्षाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। श्रीमती पिल्ले ने आयोजित परीक्षाओं में अनुचित साधनों को रोकने के लिए किए गए प्रयासों से भी अवगत कराया।  बैठक में कौशल एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस भारतीदासन, कौशल विकास के संचालक विजय दयाराम, तकनीकी विश्वविद्यालय एवं आई.टी. आई के अधिकारी गण सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

भोपाल में गणपति जुलूस पर हिंसा, जनता ने पुलिस थाने के बाहर किया प्रदर्शन

भोपाल  भोपाल में गणपति प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान अज्ञात लोगों ने पत्थर फेंके, जिससे माहौल बिगड़ गया. यह घटना नगर से डीआईजी बंगला की तरफ जा रहे जुलूस के दौरान हुई. पथराव से नाराज लोगों ने पत्थरबाजी करने वालों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर गौतम नगर थाने का घेराव कियाइस दौरान अचानक एक अज्ञात व्यक्ति ने जुलूस पर पत्थर फेंक (Stones thrown) दिया. पत्थरबाजी से अफरातफरी मच गई और लोगों में आक्रोश फैल गया. घटना से गुस्साए लोग सीधे गौतम नगर थाने पहुंच गए और वहां विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. बड़ी संख्या में लोग थाने के बाहर जमा होकर आरोपियों की पहचान और तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे. माहौल बिगड़ता देख थाने के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई. पत्थरबाजी के बाद विसर्जन जुलूस को रोक दिया गया. इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी. प्रतिमा विसर्जन का उत्सव तनाव में बदल गया और कई लोग थाने के बाहर डटे रहे. हिंदूवादी संगठनों की भूमिका घटना के बाद हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता भी सक्रिय हो गए. वे बड़ी संख्या में गौतम नगर थाने पहुंचे और पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाते हुए कहा कि दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की जाए. उनका कहना था कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है. जुलूस पर पत्थर फेंकने वाले की पहचान की जा रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को जल्द पकड़ा जाएगा. पथराव के बाद गणेश झांकी के लोग और गुस्साए कार्यकर्ता डीआईजी बंगले चौराहे पर पहुंचकर जमकर नारेबाजी करने लगे. उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए धरना शुरू कर दिया था. इस दौरान सड़क पर  भारी जाम लगा रहा. घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू उत्‍सव समिति सहित अन्‍य हिंदू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और यहां तनाव की स्थिति बन गई. घटना की जानकारी मिलते ही कई थानों की पुलिस को इलाके में तैनात करना पड़ा. गौतम नगर थाने के सामने भी भारी भीड़ रही. लोगों की मांग थी कि आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए. रासुका की कार्रवाई हो, हमारी आस्था पर हमला  हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष पंडित चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि प्रशासन से पहले ही सुरक्षा बढ़ाने की मांग की गई थी, लेकिन पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए. उन्होंने कहा, “यह हमारी आस्था पर हमला है. आरोपियों को गिरफ्तार कर उन पर रासुका की कार्रवाई की जाए.” तिवारी ने दावा किया कि साहिल नाम का युवक इसमें शामिल है और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. उन्‍होंने कहा कि जुलूस को लेकर हमने आरपीएफ की मांग की थी. पुलिस को पहले ही बताया था कि यह इलाका संवेदनशील है और यहां कड़ी सुरक्षा होनी चाहिए. पथराव करने वालों की पहचान कर गिरफ्तारी होगी धरने पर बैठे हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि जब तक आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. मौके पर पहुंचे डीआईजी रियाज इकबाल ने संगठन के पदाधिकारियों से मुलाकात कर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि पथराव करने वालों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी. इसके बाद पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा में सभी झांकियों को विसर्जन स्थल तक भेजा गया. इलाके में तनाव, पुलिस ने चौकसी बढ़ाई  घटना के बाद से इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है. पुलिस ने हालात पर कड़ी नजर रखी है. सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही अज्ञात हमलावरों की तलाश शुरू कर दी गई है. भोपाल में विसर्जन जुलूस के दौरान पथराव की इस घटना ने एक बार फिर धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय संगठनों का कहना है कि प्रशासन को पहले से सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने चाहिए थे, ताकि इस तरह की घटनाएं रोकी जा सकें. माहौल तनावपूर्ण, सुरक्षा कड़ी पत्थरबाजी की इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है ताकि कोई भी स्थिति बेकाबू न हो.