samacharsecretary.com

सुरक्षा के लिहाज से भोपाल प्रशासन ने जारी किया नया आदेश, अब सभी ठहरने वालों की जानकारी अनिवार्य

भोपाल  भोपाल में किरायेदार, होटल और लॉज में रूकने वाले लोगों की जानकारी रजिस्ट्रर में दर्ज कर संबंधित थान या मध्य प्रदेश पुलिस सिटिजन पोर्टल पर देना अनिवार्य हो गया है। पुलिस आयुक्त भोपाल हरिनारायणचारी मिश्र ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, शहर में किरायेदार, होटल-लॉज, रिसॉर्ट, धर्मशाला और छात्रावासों में ठहरने वाले व्यक्तियों की पूरी जानकारी रजिस्टर में दर्ज कर संबंधित थाने या मध्यप्रदेश पुलिस सिटिजन पोर्टल पर देना अनिवार्य होगा। किराएदार की जानकारी एक सप्ताह में देना होगा  आदेश में कहा गया है कि मकान मालिक यदि अपना मकान या हिस्सा किराए पर देते हैं तो एक सप्ताह के भीतर किरायेदार अथवा पेइंग गेस्ट का विवरण देना होगा। पहले से रह रहे किरायेदार और घरेलू नौकरों की जानकारी भी 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी। होटल, लॉज, रिसॉर्ट और धर्मशालाओं के प्रबंधकों को मेहमानों का पूरा विवरण रजिस्टर में दर्ज कर पुलिस को देना होगा। छात्रावास संचालकों को भी रह रहे छात्रों की जानकारी अनिवार्य रूप से देनी होगी। स्पा सेंटर के कर्मचारियों का ID प्रूफ जमा करना होगा  निर्माण कार्य में लगे ठेकेदारों को मजदूरों का विवरण देना होगा, जबकि ट्रेवल एजेंसियों को वाहन किराए पर देने से पहले ग्राहक की पहचान की पुष्टि करनी होगी। स्पा सेंटर, मसाज सेंटर, ब्यूटी पार्लर और प्राइवेट सुरक्षा एजेंसियों को अपने कर्मचारियों की जानकारी और आईडी प्रूफ जमा करना होगा। साथ ही, ऑनलाइन शॉपिंग और डिलीवरी एजेंसियों को अपने डिलीवरी बॉय की पूरी जानकारी और दस्तावेज पुलिस को देने होंगे। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है और आगामी दो माह तक प्रभावशील रहेगा। आदेश का पालन न करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

दुर्योधन ने गयाजी में अदा किया पाकिस्तानी पूर्वजों को श्रद्धांजलि, बिहार की व्यवस्था पर जताया प्रशंसा

पटना पितृपक्ष माह में पितरों की आत्मा की शांति के लिए लोग बिहार के गया में पिंडदान करने के लिए आते हैं। गया श्राद्ध को सबसे पवित्र माना जाता है। इस बार भी पितृपक्ष मेले में कई चर्चित चेहरों का आगमन हो रहा है। इसी कड़ी में 'महाभारत' सीरियल में 'दुर्योधन' का रोल करने वाले एक्टर पुनीत इस्सर सोमवार को गया पहुंचे, जहां उन्होंने अपने पाकिस्तानी पूर्वजों समेत समस्त पितरों का पिंडदान किया। 'यह तो एकदम बदला हुआ बिहार है' दरअसल, पुनीत इस्सर अपनी पत्नी दीपावली इस्सर संग यहां पहुंचे। गयाजी के विष्णुपद अक्षय वट में उन्होंने पूर्वजों की मोक्ष प्राप्ति के लिए पिंडदान किया। इस मौके पर पुनीत और उनकी पत्नी दोनों ने बिहार की व्यवस्था की जमकर तारीफ की। पुनीत इस्सर ने कहा कि, 'यह तो एकदम बदला हुआ बिहार है। जो कहा जाता था वह बिहार नहीं है, यह नया बिहार है। हमने यहां की व्यवस्था देखी, जो शानदार है। हम इसकी प्रशंसा करते हैं।' बता दें कि पुनीत इस्सर के पूर्वज पाकिस्तान के पंजाबी रावलपिंडी में रहते थे। साथ ही इनके साले साहब सत्यजीत पूरी के पूर्वज गुजरांवाला पाकिस्तान पंजाब से थे। वहीं पशुपति दाढ़ी वाला ने बताया कि पुनीत इस्सर ने अपनी पत्नी दीपावली इस्सर संग गयाजी में पूर्वजों की मोक्ष प्राप्ति के लिए पिंडदान तर्पण किया।

EOW ने किया बड़ा खुलासा: फर्जी मुख्तारनामा के जरिए करोड़ों की जमीन हड़पने का प्रयास

भोपाल  आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने राजधानी में जमीन संबंधी एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। आरोपियों ने कूटरचित मुख्तारनामा (Forged Power of Attorney) तैयार कर वास्तविक मालिक की जमीन को धोखाधड़ी से बेच डाला। मामला ग्राम बरखेड़ी कलां, तहसील हुजूर, जिला भोपाल स्थित 0.134 हेक्टेयर (लगभग 0.33 एकड़) भूमि से जुड़ा है। इस जमीन की वास्तविक मालिक मेवल रेबेलो हैं, जो वर्तमान में गोवा में निवासरत हैं। शिकायतकर्ता पीएमके भारद्वाज की रिपोर्ट पर हुई जांच में सामने आया कि आरोपी राहुल शर्मा ने मेवल रेबेलो के नाम से फर्जी मुख्तारनामा तैयार कराया था। पंजीयन क्रमांक, पुस्तक व पृष्ठ संख्या की जांच में यह पाया गया कि जिस क्रमांक का उल्लेख मुख्तारनामे में किया गया था, उस पर वास्तव में सुरैया हसन और मोहम्मद ताहिर के बीच अन्य दस्तावेज दर्ज था। इसके बावजूद आरोपी राहुल शर्मा ने स्वयं को मुख्तारनामा धारक बताते हुए 12 दिसंबर 2024 को विक्रय पत्र तैयार कराया और भूमि को आरोपी नीरज पटेल के नाम बेच दिया। विक्रय पत्र में 71 लाख 72 हजार रुपये का भुगतान दर्शाया गया, जिसमें सात चेक और नकद राशि शामिल थी। लेकिन EOW की जांच में पता चला कि पांच चेक बाउंस हो गए और वास्तविक भुगतान केवल 8 लाख 22 हजार रुपये ही हुआ। बैंक विवरणों से भी यह तथ्य पुष्ट हुआ। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपी राहुल शर्मा और नीरज पटेल ने आपराधिक षड्यंत्र रचते हुए फर्जी दस्तावेज का उपयोग कर जमीन का नामांतरण करा लिया। EOW ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318, 336, 338, 340 सहपठित धारा 61 के तहत अपराध दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है। 

मानसून की कमी ने बढ़ाई परेशानी, राजस्थान के लोग राहत की राह देख रहे

जयपुर राजस्थान में मानसून अब कमजोर पड़ने लगा है। मौसम विभाग का कहना है कि मौजूदा सप्ताह के दौरान बारिश की गतिविधियों में तेजी से कमी आएगी। छिटपुट स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है। राजस्थान के उपर बना गहरा अवदाब क्षेत्र अब अवदाब में बदलकर पश्चिमी की ओर शिफ्ट हो रहा है। इससे प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आई है। मौमस विभाग की ओर से बाड़मेर और जैसलमेर को छोड़कर प्रदेश के किसी भी जिले में बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है। इसके साथ ही अगले 4 दिनों के पूर्वानुमान में भी बारिश की चेतावनी नहीं है। अगस्त-सितंबर में हुई भारी बारिश के चलते प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ से भारी नुकसान उठाना पड़ा। सरकार ने विधानसभा में आंकड़े पेश किए कि प्रदेश में वर्षा जनित हादसों में 193 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब गईं। खास तौर पर दौसा, सवाई माधोपुर, धौलपुर, अजमेर, सिरोही, जालौर, भरतपुर सहित करीब 20 जिलों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट का कहना है कि अतिवृष्टि के कारण अधिकांश क्षेत्रों में फसल 75% से लेकर 90% तक खराब हो चुकी है| बुवाई का समय भी समाप्त हो चुका है|    मुआवजे की मांग को लेकर विधानसभा में हंगामा किसानों को मुआवजे की मांग को लेकर कांग्रेस लगातार विधानसभा में प्रदर्शन कर रही है। 5 सितंबर को कांग्रेस विधायक मुआवजे की मांग को लेकर ट्रैक्टर पर बैठकर विधानसभा पहुंचे थे। कांग्रेस विधायकों के हाथों में फसलें भी थीं। इस दौरान काफी हो-हंगामा भी हुआ। सोमवार को भी कांग्रेस ने मुआवजे और कानून व्यवस्था को लेकर जमकर प्रदर्शन किया था।  सीएम के निर्देश 3  दिन में मरम्मत प्रस्ताव स्वीकृत हों सीएम भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में आपदा से हुए नुकसान की समीक्षा कर अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने, अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों, नहरों, एनिकट तथा भवनों के मरम्मत के प्रस्तावों को तीन दिन में स्वीकृत करने के विशेष रूप से निर्देश दिए। साथ ही, इन स्वीकृत प्रस्तावों का कार्य 23 सितंबर तक प्रारंभ करने और क्षतिग्रस्त पक्के और कच्चे मकान की रिपोर्ट 2 दिन में प्राप्त कर तत्काल स्वीकृति जारी करने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों से क्षतिग्रस्त सड़कों और भवनों के प्रस्ताव शीघ्र प्रेषित भी करवाए जाएं।

बाघ ने दिखाई मौजूदगी, पांडुका रेंज में पाए गए पंजे के निशान – गांवों में सतर्कता बढ़ी

गरियाबंद  गरियाबंद के पाण्डुका रेंज में बाघ की मौजूदगी नजर आने से क्षेत्र में सन्नाटा पसर गया है. स्थिति को देखते हुए पाण्डुका वन विभाग ने दर्जन भर गांव में हाई अलर्ट जारी किया है. वन विभाग से मिली जानकारी, पांडुका रेंज के नागझर जंगल में बाघ की मौजूदगी सामने आई है. क्षेत्र में कई जगह बाघ के पैरों के निशान देखे गए हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि धमतरी जिले के सिंगपुर परिक्षेत्र से नदी पार कर बाघ पहुंचा है. क्षेत्र में पहले से ही दो हाथी मौजूद हैं, ऐसे में स्थानीय रहवासियों की चिंता बढ़ गई है.

स्किल्ड युवा और गांव बनेंगे विकसित उत्तर प्रदेश के ध्वजवाहक

‘विकसित यूपी @2047’ : युवा को ज्ञान, सबको घरबार स्किल्ड युवा और गांव बनेंगे विकसित उत्तर प्रदेश के ध्वजवाहक 2047 तक यूपी को 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में जुटे योगी आदित्यनाथ – हर परिवार को पक्का घर, हर गांव को बुनियादी सुविधाएं देने का संकल्प  – यूपी बनेगा स्किल्ड और सेमी-स्किल्ड युवाओं का सबसे बड़ा प्रदाता – कृषि अनुसंधान और फूड प्रोसेसिंग से बढ़ेगी किसानों की आय – पश्चिमांचल की तरह पूर्वांचल और बुंदेलखंड भी बनेगा विकास का मॉडल  – 2017 से पहले शिक्षा और गांवों में थी अव्यवस्था, अब बन रहा विकास का सेंटर – ग्रामीण आवास में आई क्रांति- 36.57 लाख घर स्वीकृत, 36.34 लाख हुए पूरे – 3310 आईटीआई और 2138 पॉलीटेक्निक से युवाओं को मिल रहे नए अवसर लखनऊ  उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक ‘विकसित यूपी’ के रूप में स्थापित करने का विजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तय किया है। इस विजन के मुख्य आधार में से एक है ग्रामीण युवा को उच्च शिक्षा के साथ ही ग्राम स्वच्छता एवं ग्रामीण अवसंरचना को सुदृढ़ बनाना। सरकार का मानना है कि यदि अगले 22 वर्षों में इन दोनों क्षेत्रों में बड़े परिवर्तन किए जाएं तो प्रदेश 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनकर भारत की विकास यात्रा में अहम योगदान देगा। 2017 से पहले की स्थिति साल 2017 से पहले प्रदेश उच्च शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कई चुनौतियों से जूझ रहा था। शिक्षा व्यवस्था रोजगार उन्मुख नहीं थी और तकनीकी शिक्षा के संस्थान सीमित थे। प्रदेश में केवल 526 पॉलीटेक्निक और 2642 आईटीआई संचालित हो रहे थे। अनुसंधान और नवाचार का बुनियादी ढांचा भी कमजोर था। ग्रामीण क्षेत्र की तस्वीर भी उतनी ही चिंताजनक थी। लाखों परिवार पक्के मकानों से वंचित थे। गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल जैसी सुविधाओं का व्यापक अभाव था। ग्राम पंचायतें संसाधनों और क्षमता की कमी से जूझ रही थीं, जिससे योजनाओं का असर जमीनी स्तर पर नहीं दिख पाता था। 2017 से 2025 : विकास की नई दिशा योगी सरकार ने बीते साढ़े आठ वर्षों में उच्च शिक्षा और ग्रामीण विकास दोनों क्षेत्रों में ठोस कदम उठाए। "एक मंडल, एक विश्वविद्यालय" की दिशा में आगे बढ़ते हुए अब प्रदेश में 24 राज्य और 49 निजी विश्वविद्यालय हैं। इस दौरान 6 नए राज्य विश्वविद्यालय और 23 नए निजी विश्वविद्यालय स्थापित किए गए। तकनीकी शिक्षा में भी बड़ा विस्तार हुआ। आईटीआई की संख्या बढ़कर 3310 और पॉलीटेक्निक संस्थानों की संख्या 2138 हो गई। टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ करार कर 150 से अधिक सरकारी आईटीआई को आधुनिक तकनीक से लैस किया गया। गुणवत्ता सुधार के लिए 95 से अधिक संस्थानों को एनएएसी की मान्यता मिली और 67 संस्थान राष्ट्रीय रैंकिंग में शामिल हुए। युवाओं को डिजिटल युग से जोड़ने के लिए 49.86 लाख टैबलेट और स्मार्टफोन भी वितरित किए गए। ग्रामीण विकास में ऐतिहासिक बदलाव ग्रामीण अवसंरचना के क्षेत्र में सरकार ने करोड़ों लोगों के जीवन को बदलने वाला काम किया। अब तक 56.90 लाख परिवारों को पक्के घर मिले हैं। पीएम आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत 36.57 लाख घर स्वीकृत हुए और इनमें से 36.34 लाख का निर्माण पूरा हो चुका है। गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। 165 ब्लॉक मुख्यालय दो लेन सड़कों से जुड़े, 1385 किलोमीटर नई सड़कें बनीं और 25 हजार किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण व मजबूतीकरण किया गया। जल सुरक्षा के लिए अमृत सरोवर बनाए गए और 550 ग्राम पंचायतों को अटल भूजल योजना से जोड़ा गया। पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 24,489 पंचायत भवन बनाए गए। हर ग्राम पंचायत को सचिवालय मिला और पंचायत सहायकों की नियुक्ति हुई। अब हर गांव में शासन की योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन की मजबूत व्यवस्था है। मुख्यमंत्री का मिशन 'विकसित यूपी 2047' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन 'विकसित भारत @2047' को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश को ग्रोथ इंजन बनकर इसमें पूरा सहयोग देना होगा। पीएम मोदी के विजन को मिशन मोड में पूरा करने का संकल्प मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया है। उन्होंने आगामी 22 वर्षों में यूपी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का रोडमैप स्पष्ट किया है। 2030 तक लक्ष्य है कि प्रदेश के गांव केवल उत्पादन ही नहीं बल्कि उत्पादकता और निर्यात में भी अग्रणी बनें। इसके लिए सीड पार्क, उन्नत बीज, फसल विविधिकरण और फूड प्रोसेसिंग जैसी व्यवस्थाओं का विस्तार होगा। दीर्घकालिक लक्ष्य के तहत 2047 तक अनाज, फल और सब्जियों की उत्पादकता को विश्वस्तरीय स्तर पर ले जाया जाएगा। आधुनिक कृषि अनुसंधान और नवाचार केंद्र स्थापित होंगे। दुग्ध और अंडा उत्पादन में यूपी को विश्व में शीर्ष पर पहुंचाया जाएगा और पशुधन विज्ञान के अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही हर परिवार को पक्का मकान, अपशिष्ट प्रबंधन की आधुनिक प्रणाली, गरीबी का उन्मूलन और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। पूर्वांचल और बुंदेलखंड को पश्चिमांचल के बराबर लाकर क्षेत्रीय असमानता समाप्त करने का लक्ष्य है। 6 ट्रिलियन डॉलर की ओर प्रदेश का लक्ष्य वर्ष 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का है। यह भारत की अनुमानित जीडीपी का 20 प्रतिशत होगा। इसके लिए 2025 से 2047 तक लगातार 16 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखना जरूरी है। उच्च शिक्षा और कौशल विकास से तैयार कार्यबल घरेलू व वैश्विक उद्योगों को गति देगा। ग्रामीण अवसंरचना और कृषि उत्पादकता बढ़ने से आय और खपत में वृद्धि होगी। इन दोनों क्षेत्रों का संयुक्त योगदान ही यूपी को 26 लाख रुपये प्रति व्यक्ति आय के स्तर तक ले जाएगा।    

सरकार का कर्ज 4.53 लाख करोड़ पार, आज फिर 4 हजार करोड़ उधार लेगी मोहन सरकार

भोपाल  मोहन सरकार आज एक बार फिर 4,000 करोड़ रुपए का कर्ज उठाने जा रही है। यह कर्ज तीन हिस्सों में लिया जाएगा, जिसमें 1,500-1,500 करोड़ रुपए के दो और 1,000 करोड़ रुपए का एक लोन शामिल है। इससे पहले सरकार ने 26 अगस्त को भी 4,800 करोड़ रुपए का कर्ज बाजार से उठाया।  सरकार इस धनराशि का उपयोग लाड़ली बहना योजना की किस्त, सितंबर में मनाए जाने वाले सेवा पर्व और अलग-अलग बड़ी परियोजनाओं के भुगतान में करेगी। कुल कर्ज पहुंचा ₹4.53 लाख करोड़ के पार चालू वित्त वर्ष में मोहन सरकार अब तक मई, जून, जुलाई, अगस्त में कई बार कर्ज ले चुकी है। आज के ऋण के बाद चालू वित्त वर्ष में अब तक उठाया गया कुल कर्ज 31,900 करोड़ रुपए हो जाएगा। इसके साथ ही राज्य पर कुल बकाया कर्ज की राशि बढ़कर ₹4,53,640.27 करोड़ हो जाएगी। 31 मार्च 2025 तक की स्थिति में सरकार पर कुल कर्ज ₹4,21,740.27 करोड़ था। सरकार ने दिया राजस्व सरप्लस का हवाला सरकार का कहना है कि वह कर्ज लोन लिमिट के भीतर ही ले रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार ₹12,487.78 करोड़ के राजस्व अधिशेष (सरप्लस) में थी। उस साल सरकार की कुल आमदनी ₹2,34,026.05 करोड़ और खर्च ₹2,21,538.27 करोड़ था। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए संशोधित अनुमान के अनुसार, प्रदेश की आमदनी ₹2,62,009.01 करोड़ और खर्च ₹2,60,983.10 करोड़ रहने की संभावना है। इस प्रकार ₹1,025.91 करोड़ का अनुमानित राजस्व अधिशेष है।

बम की अफवाह से हड़कंप: गोल्डन स्कूल इंदौर में स्कूल खाली, पुलिस को तीन घंटे बाद दी सूचना

इंदौर  गोल्डन इंटरनेशनल स्कूल को देर रात बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक, स्कूल प्रशासन को रात 3:17 बजे ईमेल के माध्यम से धमकी मिली थी. जैसे ही इसकी सूचना पुलिस तक पहुंची, तुरंत मौके पर बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) और डॉग स्क्वॉड की टीम भेजी गई. सुबह स्कूल को एहतियातन खाली कराया गया और पुलिस ने पूरे परिसर की सघन सर्चिंग करवाई. बम डिस्पोजल टीम ने हर कोने की बारीकी से जांच की. हालांकि, जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमकी पूरी तरह फर्जी निकली. सर्चिंग पूरी होने के बाद पुलिस टीम स्कूल से बाहर निकल आई. फिलहाल, पुलिस ईमेल भेजने वाले की तलाश कर रही है. मेल में लिखा- कभी भी फट सकता है जानकारी के मुताबिक, स्कूल प्रबंधन को मेल रात 3 बजे करीब आया था। सुबह 7 बजे स्कूल प्रबंधन ने मेल चेक किया तो उसमें लिखा था कि आपके स्कूल में बम प्लांट किया गया है। जो कि कभी भी फट सकता है। धमकी भरा ये ईमेल स्कूल प्रबंधन को नयनतारा आउटलुक नाम से रात के 3.18 बजे प्राप्त हुई थी। जिसे उन्होंने सुबह 7 बजे देखा। इसके लगभग तीन घंटे बाद तकरीबन 10 बजे इसकी सूचना पुलिस को दी गई। जानकारी के मुताबिक, इमेल में लिखा है कि आपके स्कूल में बम प्लांट किया गया है, जो कि कभी भी फट सकता है। जिसके बाद स्कूल प्रशासन ने परिसर को खाली करवाया और सभी बच्चों को बस से उनके घर भेजा। ये पहली बार नहीं है जब शहर के किसी स्कूल को ऐसी धमकी प्राप्त हुई हो। इसी साल तकरीबन सात महीनें पहले फरवरी में इंदौर के दो स्कूलों को ऐसा ही धमकी भरा ईमेल मिला था। उस दौरान स्कूल प्रबंधन को ये ईमेल तमिलनाडु से आया था। वहीं, इसके करीब चार महीने पहले इंदौर के देवी अहिल्या इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। जिसके बाद एयरपोर्ट की सिक्योरिटी को बढ़ा दी गई थी।

MBBS में नामांकन रद्द: तीन छात्राओं ने जमा किए फर्जी EWS दस्तावेज़

रायपुर/ बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में तीन छात्राओं सुहानी सिंह, श्रेयांशी गुप्ता और भव्या मिश्रा का मेडिकल कॉलेज में दाखिला फर्जी (EWS certificate) के कारण रद्द कर दिया गया है. नीट परीक्षा पास करने के बाद इन छात्राओं ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) कोटे के तहत प्रवेश के लिए प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए थे, लेकिन तहसील कार्यालय की जांच में ये दस्तावेज फर्जी पाए गए. इस कारण Directorate of Medical Education (DME) ने उनका दाखिला निरस्त कर दिया. तहसीलदार गरिमा ठाकुर के मुताबिक तीनों छात्राओं के EWS प्रमाणपत्रों में हस्ताक्षर और सील फर्जी थे, और ये नियमानुसार जारी नहीं किए गए थे. जांच रिपोर्ट कलेक्टर संजय अग्रवाल को सौंपी गई. DME ने छात्राओं को 8 सितंबर तक वैध प्रमाणपत्र और लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का अंतिम मौका दिया था, लेकिन वे ऐसा नहीं कर सकीं. नतीजतन, उनका Medical College Admission रद्द कर दिया गया, और अब वे इस साल किसी भी मेडिकल कॉलेज में दाखिला नहीं ले सकेंगी DME ने स्पष्ट किया कि Transparent Admission Process के तहत सभी दस्तावेजों का सत्यापन अनिवार्य है. यदि कोई प्रमाणपत्र अधूरा, विवादित या समय पर प्रस्तुत नहीं होता, तो नियमों के अनुसार प्रवेश रद्द किया जाता है. कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मीडिया से कहा है कि EWS प्रमाणपत्र नियमानुसार नहीं बनाए गए थे, जिसके कारण यह कार्रवाई हुई.

मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला: डायरेक्ट नगर निगम चुनाव और स्क्रैप पॉलिसी की हरी झंडी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक का सबसे बड़ा निर्णय नगरीय निकायों में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर रहा। अब नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्षों का चुनाव सीधे मतदाताओं द्वारा किया जाएगा, जबकि पहले यह प्रक्रिया पार्षदों के माध्यम से होती थी। अध्यक्ष पद पर अविश्वास प्रस्ताव की नई व्यवस्था बैठक में तय किया गया कि अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए अब तीन-चौथाई पार्षदों को अविश्वास प्रस्ताव लाना होगा। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ‘खाली कुर्सी-भरी कुर्सी’ चुनाव कराएगा। इसमें जनता ही यह निर्णय करेगी कि अध्यक्ष पद पर रहेंगे या हटेंगे। वाहन स्क्रैप पॉलिसी को मंजूरी कैबिनेट ने वाहन स्क्रैप पॉलिसी को भी स्वीकृति दी। अब वाहन स्क्रैप करने वाली संस्थाओं को उद्योग का दर्जा मिलेगा। इन्हें वही प्रोत्साहन दिए जाएंगे, जो अन्य उद्योगों को मिलते हैं। वाहन स्क्रैप कराने वाले व्यक्तियों को नया वाहन खरीदते समय मोटरयान कर में 50% की छूट प्रदान की जाएगी। सेवा सप्ताह और पीएम मोदी का दौरा बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिए कि 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा सप्ताह में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें और आमजन से मिलकर कार्य करें। इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धार जिले के बदनावर में पीएम मित्रा का भूमिपूजन और अन्य कार्यक्रमों की शुरुआत करेंगे।  कब से लागू होगी नई व्यवस्था अध्यक्ष के प्रत्यक्ष चुनाव की यह नई व्यवस्था वर्ष 2027 के नगरीय निकाय चुनाव से लागू होगी। तब जनता अपने मताधिकार का उपयोग करते हुए सीधे अध्यक्ष का चुनाव करेगी। सरकार का कहना है कि इस बदलाव से पारदर्शिता बढ़ेगी और अविश्वास प्रस्तावों के कारण बार-बार पैदा होने वाली अस्थिरता समाप्त होगी। स्क्रैप नीति में विशेष छूट कैबिनेट बैठक में वाहनों से प्रदूषण घटाने को लेकर भी अहम निर्णय लिया गया। बीएस-1 और बीएस-2 गाड़ियों को स्क्रैप करने के लिए अधिक प्रोत्साहन देने की व्यवस्था की गई है। अब अधिकृत स्क्रैपिंग संस्था को इंडस्ट्री की तरह ही सुविधाएं मिलेंगी। जो वाहन मालिक अपनी पुरानी गाड़ी स्क्रैप करेंगे, उन्हें नई गाड़ी खरीदते समय मोटर रियायत में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल प्रदूषण घटेगा बल्कि आम लोगों को नई गाड़ी खरीदने में आर्थिक राहत भी मिलेगी। सेवा पखवाड़े की तैयारी बैठक में यह भी तय हुआ कि 17 सितंबर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से लेकर 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक सेवा पखवाड़ा चलाया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री जिलों का दौरा करेंगे और कार्यक्रमों में शामिल होकर योजनाओं की समीक्षा करेंगे।  मोहन कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों पर लगी मुहर     कैबिनेट के फैसलों की नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जानकारी देते हुए कहा कि अब महापौर और नगर पालिका अध्यक्ष का सीधा चुनाव होगा।अब वर्ष 2027 में नगर निगम के महापौर की तरह ही नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्षों का भी सीधे जनता द्वारा चुनाव होगा।अब तक नगरीय निकाय चुनाव में पार्षद महापौर को चुनते थे, लेकिन अब संशोधन के बाद से ऐसा नहीं होगा।     राज्य सरकार द्वारा 17 सितंबर से 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक सेवा पखवाड़ा चलेगा।17 से 24 सितम्बर तक रक्तदान और स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।एक पेड़ मां के नाम एवं मां की बगिया के तहत पौधरोपण भी किया जाएगा। पर्व के दौरान नए नमो पार्क, नमो बाग, नमो वन, नमो उपवन बनाए जाएंगे। 27 सितम्बर को नमो मैराथन आयोजित की जाएगी।  पर्व के दौरान विकास मेले एवं प्रदर्शनी के अलावा विद्यार्थियों की प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जीवन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। 22 सितम्बर को नवरात्रि पर्व और 02 अक्टूबर को विजयादशमी पर्व मनाया जाएगा। 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक पूरे देश में आदि कर्मयोगी अभियान चलाया जायेगा।     BS-1 और BS-2 गाड़ियां काफी प्रदूषण पैदा करती हैं।इसके लिए स्क्रैब करने वाली संस्था को भी इंडस्ट्री में दी जाने वाली सुविधा का लाभ दिया जाएगा। जो व्यक्ति स्क्रैब करेगा,उसको नई गाड़ी खरीदने पर मोटर कर यान 50% की छूट दी जाएगी। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आएंगे एमपी कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को धार में मित्र पार्क का शुभारंभ करने मध्य प्रदेश आएंगे। राज्य सरकार का फोकस मुख्य रूप से महिला सशक्तिकरण, स्वदेशी, पर्यावरण और स्वच्छता पर है । इसके लिए 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मनाए जाने वाले स्वच्छता पखवाड़े में भी अन्य बातों पर फोकस किया जाएगा>