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बड़ा बदलाव: राजधानी में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम पर काम शुरू, बनी 7 अफसरों की समिति

रायपुर रायपुर में एक नवंबर से लागू होने वाले पुलिस कमिश्नरेट पर काम शुरू हो गया है. इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए सरकार के निर्देश पर डीजीपी अरुणदेव गौतम ने सीनियर एडीजी प्रदीप गुप्ता के नेतृत्व में सात आईपीएस अधिकारियों की कमेटी बनाई है, जिसने ड्राफ्ट पर काम प्रारंभ कर दिया है. एडीजी प्रदीप गुप्ता के नेतृत्व में बनाई गई समिति में पुलिस महानिरीक्षक (नारकोटिक्स) अजय यादव, पुलिस महानिरीक्षक, रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा, पुलिस महानिरीक्षक (अअवि) ध्रुव गुप्ता, उप पुलिस महानिरीक्षक (दूरसंचार) अभिषेक मीणा, उप पुलिस महानिरीक्षक (सीसीटीएनएस) संतोष सिंह और , पुलिस अधीक्षक (विआशा) प्रभात कुमार बतौर सदस्य शामिल किए गए हैं. इसके अतिरिक्त वैधानिक पहलुओं के संबंध में आवश्यकता पड़ने पर लोक अभियोजन संचालनालय में संयुक्त संचालक मुकुला शर्मा को टीम में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया गया है. कमेटी इस बात पर मंथन करेगी कि पुलिस कमिश्नर सिस्टम को छत्तीसगढ़ पुलिस एक्ट 2007 के प्रावधानों के अनुसार बनाया जाए या फिर इसके लिए अलग से एक्ट बनाया जाए. सरकार अगर अलग से एक्ट बनाना चाहेगी तो फिर इसके लिए दो रास्ते हैं. पहला विधानसभा से अधिनियम पारित कराया जाए. या फिर राज्यपाल से अध्यादेश जारी कराना. चूंकि राज्योत्सव के मौके पर रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली की शुरुआत होनी है, ऐसे में कई राज्यों के सिस्टम का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ में बेस्ट ड्राफ्ट बनाने का प्रयास किया जा रहा है. क्या है पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली? पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम पहले से दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, भोपाल, इंदौर जैसे बड़े महा नगरों में लागू है. इसमें शहर की कमान किसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को दी जाती है, जो आमतौर पर डीजी, एडीजी या आईजी रैंक के हो सकते हैं. कौन-सा अधिकारी बैठेगा, यह राज्य सरकार तय करती है और यह शहर की जनसंख्या व क्राइम रिकॉर्ड पर निर्भर करता है. पुलिस आयुक्त के अधिकार और जिम्मेदारियां कमिश्नर के पास ऐसे कई अधिकार होंगे जो वर्तमान में कलेक्टर या मजिस्ट्रेट के पास होते हैं, जैसे- धारा 144 या कर्फ्यू लगाने का निर्णय धरना-प्रदर्शन की अनुमति देना आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई बड़े सार्वजनिक आयोजनों की अनुमति जिला बदर और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई का आदेश इससे पुलिस को किसी भी स्थिति में त्वरित निर्णय लेने की शक्ति मिलेगी और कलेक्टर पर निर्भरता खत्म हो जाएगी. कलेक्टर के अधिकार हो जाएंगे सीमित कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद कलेक्टर के अधिकार भी सीमित हो जाएंगे. वह सिर्फ रेवेन्यू का काम देखेंगे, जबकि अन्य अनुमति संबंधी कार्य कमिश्नर के हाथों में होंगे. एसपी और आईजी का क्या होगा? कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद जिले में लॉ एंड ऑर्डर की जिम्मेदारी कमिश्नर के हाथों में होगी. यदि सरकार चाहेगी तो, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग से एसपी (रूरल) की नियुक्ति हो सकती है. अगर पूरा जिला कमिश्नरेट के तहत आता है तो एसपी रैंक के अधिकारियों को डीसीपी बनाया जा सकता है. फिलहाल, सीएम विष्णुदेव साय ने केवल इसकी घोषणा की है. अधिकारों का दायरा और तैनाती की प्रक्रिया आने वाले दिनों में तय होगी. रायपुर का पहला पुलिस कमिश्नर कौन होगा, इस पर भी सबकी निगाहें टिकी हुई है.

प्रधानमंत्री मोदी करेंगे देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का उद्घाटन- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जीएसटी सुधार, आम आदमी को सुविधा और समृद्धि देने वाला उपहार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी करेंगे देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का उद्घाटन- मुख्यमंत्री डॉ. यादव दशहरे के बाद भोपाल में होगी दो दिवसीय कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वच्छता ही सेवा की थीम पर मनाया जाएगा सेवा पखवाड़ा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया मंत्रीगण को संबोधित स्वदेशी से समृद्धि के संकल्प के साथ मनेगी दीपावली भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में नये जनरेशन का जीएसटी रिफॉर्म लाकर जो सुधार किया है, वह आम आदमी, किसानों, एमएसएमई, मध्यम वर्ग, महिलाओं और युवाओं के जीवन को स्वावलंबी बनायेगा। यह आम आदमी के जीवन को सुविधा देने वाला उपहार है। अब की बार पूरा देश स्वदेशी से समृद्धि के संकल्प के साथ दीपावली मनाएगा। स्वदेशी से स्वावलंबन के दीप घर-घर जलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण से कहा कि हम सब को जीएसटी सुधारों की जानकारी जन-जन तक पहुँचानी चाहिए। संचार के सभी माध्यमों से इसका प्रचार-प्रसार किया जाये। स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार की थीम पर होगा कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेशवासियों के लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितंबर को धार जिले के बदनावर में पीएम मित्र पार्क का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार, स्वदेशी, एक पेड़ मां के नाम, एक बगिया मां के नाम, पीएम-जनमन योजना, धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान और मिशन कर्मयोगी की थीम पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। अस्वच्छ क्षेत्रों का चिह्नांकन कर उन्हें स्वच्छ बनाने के लिए होंगी गतिविधियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा की थीम पर सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा। स्वच्छोत्सव की थीम पर शहरी और ग्रामीण इलाकों में अस्वच्छ क्षेत्रों का चिह्नांकन कर उन्हें स्वच्छ बनाने के लिए गतिविधियां होंगी। पखवाड़े के अंतर्गत सफाई मित्र सुरक्षा शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन गतिविधियों में स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संस्थाओं, धार्मिक संगठनों को भी सहभागी बनाया जाए। मंत्रीगण प्रशासनिक, अधिकारी और राजनीतिक पदाधिकारी का सहयोग लेते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता- सेवा गतिविधियों का अधिक से अधिक विस्तार करें। आगामी वर्षों की कार्य योजना और विजन डॉक्यूमेंट पर होगी चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दशहरे के बाद भोपाल में दो दिवसीय कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। कॉन्फ्रेंस में कलेक्टर, एसपी, कमिश्नर, आईजी और पुलिस कमिश्नर भाग लेंगे। कॉन्फ्रेंस में आगामी वर्षों की कार्ययोजना और विजन डॉक्यूमेंट पर भी चर्चा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को इससे पहले अपने-अपने विभागों की विस्तृत समीक्षा करने के निर्देश दिए।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का निर्देश: जीएमसी भोपाल का प्लेटिनम जुबिली कार्यक्रम हो गरिमामय

भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) भोपाल देश की गौरवशाली धरोहर है। अब तक हजारों डॉक्टर और विशेषज्ञ तैयार हुए हैं और चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। कॉलेज की प्लेटिनम जुबिली एक ऐतिहासिक अवसर है, जिसका सुव्यवस्थित और गरिमामय आयोजन होना चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की संपूर्ण व्यवस्थाओं में हर स्तर पर आवश्यक सहयोग सुनिश्चित किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल से मंत्रालय में जीएमसी एल्यूमनी एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने उप मुख्यमंत्री शुक्ल को प्लेटिनम जुबिली समारोह में आमंत्रित किया और इस अवसर पर आयोजित होने वाले प्रमुख कार्यक्रमों की जानकारी दी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि शासन की ओर से हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्र संस्थान की परिस्थितियों और जरूरतों से भली-भांति परिचित होते हैं, उनके सुझाव सशक्तिकरण में अत्यंत सहायक होंगे। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि एल्यूमनी एसोसिएशन के प्रतिनिधि को सामान्य सभा की बैठकों में शामिल किया जाए, जिससे उनके अनुभव और सुझावों का लाभ कॉलेज प्रशासन को निरंतर मिलता रहे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जीएमसी भोपाल की प्लेटिनम जुबिली के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन प्रदेश और देश भर के पूर्व छात्रों को जोड़ने का एक अवसर बनेगा और संस्थान की गौरवशाली परंपरा को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा। जीएमसी एल्यूमनी एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने कॉलेज परिसर में पूर्व छात्रों द्वारा किए जा रहे विकास कार्य और अन्य गतिविधियों से अवगत कराया। उन्होंने संस्थान की व्यवस्थाओं के उन्नयन, अधोसंरचना और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी रखे तथा शासन से सहयोग की अपेक्षा की। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी, एम.डी. एम.पी. पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड मयंक अग्रवाल सहित जीएमसी एल्यूमनी एसोसिएशन के प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

आंगनबाड़ी सेविकाओं के खाते में आएंगे ₹9000, नीतीश कैबिनेट ने मंजूर किए 25 एजेंडों के फैसले

पटना नीतीश कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को कुल 25 एजेंडों पर मुहर लगी. कैबिनेट की बैठक में बिहार सरकार ने जनकल्याण और विकास को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी है. इनमें आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के मानदेय में वृद्धि, राजस्व कर्मचारियों के अतिरिक्त पदों की स्वीकृति, ग्रामीण पेयजल योजना, जीविका मुख्यालय निर्माण, कन्या विवाह मंडप, सोलर स्ट्रीट लाइट और शवदाहगृह जैसी योजनाएं शामिल हैं. इन फैसलों से बिहार के लाखों लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है. बिहार सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए बड़ी राहत दी है. अब आंगनबाड़ी सेविका को 9,000 रुपये और सहायिका को 4,500 रुपये मासिक मानदेय मिलेगा. इस बढ़ोतरी के लिए सरकार ने 345 करोड़ 19 लाख रुपये की स्वीकृति दी है. यह कदम आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उनके कार्य को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है. राजस्व कर्मचारियों के 3303 अतिरिक्त पद स्वीकृत राजस्व और भूमि सुधार विभाग के तहत क्षेत्रीय कार्यालयों में 3,303 अतिरिक्त राजस्व कर्मचारियों के पदों को मंजूरी दी गई है। यह फैसला भूमि सुधार और प्रशासनिक कार्यों को और प्रभावी बनाने में मदद करेगा। ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के लिए 594 करोड़ रुपये पंचायती राज विभाग के तहत मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के बकाया विपत्रों के भुगतान के लिए 594 करोड़ 56 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी. जीविका मुख्यालय भवन के लिए 73 करोड़ रुपये पटना में जीविका मुख्यालय भवन के निर्माण के लिए 73 करोड़ 66 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है. यह भवन जीविका परियोजना के संचालन को और सुचारू बनाएगा, जो महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण है. कन्या विवाह मंडप योजना के लिए 50 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के तहत राज्य के सभी 8,053 ग्राम पंचायतों में विवाह मंडप के निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है. यह योजना सामाजिक समारोहों को सुगम बनाने में सहायक होगी. ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के लिए 100 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है. इससे ग्रामीण इलाकों में रात के समय सुरक्षा और सुविधा बढ़ेगी. एलपीजी आधारित शवदाहगृह के लिए मंजूरी नगर विकास एवं आवास विभाग ने पटना, गया, छपरा, सहरसा, भागलपुर, और बेगूसराय में एलपीजी गैस आधारित शवदाहगृह की स्थापना और संचालन के लिए ईशा फाउंडेशन को 1 रुपये की टोकन राशि पर 33 वर्षों के लिए एक-एक एकड़ भूमि देने की स्वीकृति दी है. यह पर्यावरण के अनुकूल शवदाह प्रक्रिया को बढ़ावा देगा.

स्वास्थ्य में सुधार: हरियाणा ने एनीमिया के ग्राफ को सुधारा, देश में दूसरी रैंक पर आया

चंडीगढ़  हरियाणा अपनी दशकों पुरानी लोगों में एनीमिया की कमी की समस्या से दूर हो रहा है। राज्य ने साल की पहली तिमाही में इस मामले में सुधार दर्ज किया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की नई रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष की पहली तिमाही में हरियाणा एनीमिया उन्मूलन में हुआ खुलासा।  रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा 59 महीने तक की आयु के 77 % बच्चों तथा पांच से नौ वर्ष की आयु के 95% बच्चों की जरूरतों को पूरा करने में सफल रहा। राज्य ने 'किशोरों' की श्रेणी के 95% व्यक्तियों और 93% लोगों को भी कवर किया है। एनीमिया से निपटने के लिए हरियाणा सरकार की ओर से लाभार्थियों के लिए रोग निरोधी आयरन-फोलिक एसिड (IFA), आयरन से खाद्य पदार्थों का सुदृढ़ीकरण, समुदायों और स्कूलों में एनीमिया की जांच और उपचार; मलेरिया और फ्लोरोसिस जैसे गैर-पोषण संबंधी कारणों का समाधान; और अटल (संपूर्ण एनीमिया सीमा सुनिश्चित करना) अभियान के लागू किया। इसके अलावा अभियान के तहत लाभार्थी ट्रैकिंग और डेटा विश्लेषण के लिए एक आईटी प्लेटफॉर्म का भी उपयोग किया गया है। हरियाणा में सबसे अधिक पीड़ित एनीमिया मामलों में देशभर में हरियाणा 11वें और चंडीगढ़ 12वें नंबर पर हैं, जहां 15 से 49 वर्ष की महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं। तीन महीने पहले की एक रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा में स्थिति चंडीगढ़ से अधिक खराब है, जहां 60.4 फीसद महिलाएं एनीमिया से पीड़ित है। पंजाब में यह दर 58.7 और हिमाचल में यह दर 53.0 फीसद है। वहीं, हरियाणा प्रदेश में एनीमिया से ग्रसित महिलाओं की संख्या पंजाब से 3.2 और हिमाचल से 7.5 प्रतिशत ज्यादा है। क्या बोले अधिकारी… हरियाणा एनएचएम निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया, हम '6x6x6' एप्रोच को लागू करने में सफल रहे, जिससे हमारे प्रदर्शन में सुधार हुआ। हमने छह संस्थागत तंत्रों के माध्यम से छह हस्तक्षेपों के साथ छह आयु समूहों को लक्षित किया। हम समझते हैं कि स्तनपान कराने वाली माताओं को शामिल करना एक चुनौती है जिसका समाधान किया जाना आवश्यक है। हम इस चुनौती से पार पाने और हरियाणा को सौ प्रतिशत एनीमिया मुक्त बनाने की पहल पर काम कर रहे हैं।

भोपाल में गणेश विसर्जन पर बवाल, प्रतिमाओं पर पथराव… विश्वास सारंग का बड़ा बयान

भोपाल   राजधानी भोपाल में गणपति विसर्जन के दौरान हुए पथराव को लेकर सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कड़ी नाराजगी दिखाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश शांति का टापू है, हर सनातन त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा। लेकिन रंग में भंग मिलाने की कोशिश हुई तो सख्त कार्रवाई करेंगे। मंत्री विश्वार सारंग ने कहा कि ऐसी नजीर पेश करेंगे,अपराधी कोई भी हो, कैसा भी हो बख्शा नहीं जाएगा। आपराधियों के खिलाफ  एफआईआर हुई है। किसी को भी धार्मिक आयोजनों में विघ्न डालने की अनुमति नहीं मिलेगी। ये है पूरा मामला बता दें कि सोमवार को भोपाल के गौतम नगर थाना अंतर्गत आरिफ नगर में गणेश जी की प्रतिमा विसर्जित करने जा रहे थे। इसी दौरान समुदाय विशेष के कुछ लोगों ने पत्थरबाजी की जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया। हिंदू समाज के लोग एकत्रित होकर थाने पहुंचे और जमकर प्रदर्शन किया और चक्काजाम कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 3 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया, जिसके बाद चक्काजाम और प्रदर्शन खत्म हुआ। पुलिस ने चरण सिंह कुशवाहा की शिकायत पर साहिल बच्चा, यामीन और अब्दुल हलीम के खिलाफ मामला दर्ज किया है।  हिंदू उत्सव समिति ने चेतावनी वहीं इस विवाद के बाद हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि क्रिया की प्रतिक्रिया होगी। इसके लिए शासन और प्रशासन जिम्मेदार होगा। उन्होंने आरोप लगाए कि सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था नहीं की गई इसलिए ऐसी स्थित पैदा हुई। जिहादियों और विधर्मियों ने पथराव किया, श्री गणेश की कई प्रतिमाएं खंडित की। पूरे प्रदेश में जिहादियों के अराजकता का माहौल है। कई शहरों में घटनाएं सामने आई है। लेकिन हिंदुओं ने कभी मोहर्रम में पथराव नहीं किया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में अगर ऐसी घटना होती है तो उसके लिए शासन-प्रशासन जिम्मेदार होगा।

सिख धर्मस्थल पर बम धमकी! हरिमंदिर साहिब को निशाना बनाने वाले ने ई-मेल में ISI का नाम लिया

पटना पटना के तख्त श्री हरिमंदिर साहिब गुरुद्वारा को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। ई-मेल के जरिए बदमाशों गुरुद्वारा प्रबंधन को धमकी भेजी। इसमें लिखा था कि गुरु लंगर कक्षों में आईईडी लगे हुए हैं। जल्द ही विस्फोट होने वाला है। इस सूचना के बाद गुरुद्वारे में हड़कंप मच गया। फौरन पटना पुलिस की टीम बम निरोधक दस्ते के साथ पहुंची और जांच में जुट गई। टीम ने गुरुद्वारे के चप्पे-चप्पे को खंगाला लेकिन बम या कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिला। इसके बाद पटना पुलिस टीम हाई अलर्ट पर है।   कई नेताओं का जिक्र किया धमकी देने वाले ने मेल में खुद को “Vanniyar Pundai Ramadoss” बताते हुए कई सनसनीखेज बातें लिखी हैं। मेल में कहा गया है कि आईईडी विस्फोट से पहले तुरंत गुरुद्वारा के सभी कर्मचारियों और श्रद्धालुओं को बाहर निकाल लिया जाए। पत्र में न सिर्फ पटना साहिब को उड़ाने की बात कही गई है बल्कि उसने पाकिस्तान और खुफिया एजेंसी ISI जिंदाबाद के नारे भी लिखे। धमकी भरे मेल में कई नेताओं, संगठनों और विदेशी ताकतों से जुड़े विवादित और आपत्तिजनक जिक्र भी किया गया है। मेल में राजीव गांधी, एम करुणानिधि, एमके स्टालिन समेत कई नेताओं का जिक्र किया गयाा है। गुरुद्वारा की सुरक्षा कड़ी कर दी गई प्रबंधन के अनुसार, धमकी मिलने के बाद गुरुद्वारा प्रबंधन ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी। सुरक्षा एजेंसियां मेल की जांच में जुट गई हैं और साइबर सेल भी इस धमकी भरे मेल के स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रही है। पुलिस और प्रशासन ने फिलहाल गुरुद्वारा परिसर और उसके आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी है। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की मदद से पूरे इलाके की तलाशी ली जा रही है। पंजाब के हरिमंदिर साहिब को 20 बार मिली धमकी इससे पहले पंजाब में भी श्री हरिमंदिर साहिब को आरडीएक्स से उड़ाने की 20 बार धमकियां मिल चुकी हैं। हालांकि, इस मामले में पंजाब पुलिस ने आरोपियों का पता लगाकार जल्द उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।  पुलिस ने इस मेल कंपनी से मेल से संबंधित सारा डाटा मंगवाया है। जो एक माह तक पुलिस को उपलब्ध होगा। पुलिस ने धमकियों को लेकर हरिमंदिर साहिब के आसपास की सुरक्षा बढा दी है। हालांकि अब तक पुलिस आरोपियों को काबू नहीं कर सकी है।

बस्तर पर फोकस: यूनिफाइड कमांड बैठक में नक्सलवाद खत्म करने और विकास एजेंडे पर चर्चा

रायपुर। स्थित न्यू सर्किट हाउस में यूनिफाइड कमांड की बैठक हो रही है. बैठक में नक्सलवाद के खात्मे के लिए रणनीति बनाने के साथ बस्तर के विकास पर चर्चा होगी. बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन के अलावा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, आईटीबीपी, बीएसएफ, सीआईएसएफ, भारतीय वायु सेना और छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं. बैठक में नक्सलवाद और बस्तर विकास पर चर्चा करने के साथ इंटर स्टेट कोऑर्डिनेशन पर भी जोर दिया जाएगा. इसके अलावा नक्सली पुनर्वास नीति को लेकर भी बैठक में चर्चा होगी.

युगल कलेक्टर! पति-पत्नी दोनों IAS, जयति की सख्ती से थर्राते हैं अपराधी

भोपाल  मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर आईएएस और आईपीएस अफसरों के तबादले हुए हैं। इसमें कई जिलों के कलेक्टर भी बदल गए हैं। तबादले की सूची आने के बाद आईएएस कपल की चर्चा खूब है। पति-पत्नी एक साथ पहली बार कलेक्टर बने हैं। हालांकि पति पहले भी एक जिले के कलेक्टर रह चुके हैं। इस बार बड़े और अहम जिले की जिम्मेदारी मिली है। हम बात कर रहे हैं आईएएस अफसर शिवम वर्मा और जयति सिंह की है। पति बने इंदौर के तो पत्नी बनीं बड़वानी कलेक्टर दरअसल, सोमवार की रात आए तबादले की सूची में आईएएस अफसर शिवम वर्मा को इंदौर का कलेक्टर बनाया गया है। अभी वह इंदौर नगर निगम के कमिश्नर थे। शिवम वर्मा 2013 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वहीं, उनकी पत्नी जयति सिंह 2016 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। जयति सिंह अभी उज्जैन जिला पंचायत की सीईओ थीं। अब उन्हें बड़वानी का कलेक्टर बनाया गया है। पत्नी पहली बार बनी है कलेक्टर आईएएस शिवम वर्मा अपनी पत्नी जयति सिंह से सीनियर हैं। वह 2013 बैच के आईएएस अफसर हैं। इंदौर कलेक्टर बनने से पहले वह श्योपुर के कलेक्टर के रह चुके हैं। अब वह दूसरी बार कलेक्टर बने हैं। वहीं, जयति सिंह का बैच 2016 है। वह मध्य प्रदेश के कई जिलों में तैनात रही हैं। पहली बार वह अपने करियर में कलेक्टर बनी हैं। उन्हें बड़वानी कलेक्टर बनाया गया है। इंदौर से बड़वानी की दूरी लगभग 158 किलोमीटर है। इंदौर है सबसे अहम जिला हालांकि शिवम वर्मा पर मोहन सरकार ने बड़ा भरोसा जताया है। उन्हें श्योपुर कलेक्टर के पद से इंदौर लाकर नगर निगम का कमिश्नर बनाया गया था। इंदौर मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी है। इस जिले का प्रभार खुद सीएम मोहन यादव के पास है। हाल की घटित घटनाओं से सरकार की फजीहत हो रही थी। इसके बाद शिवम वर्मा को इंदौर की कमान सौंपी गई है। इससे साफ है कि शिवम वर्मा सीएम मोहन यादव के गुड बुक में हैं। जयति सिंह से थर्राते हैं माफिया वहीं, आईएएस अफसर जयति सिंह की छवि कड़क अधिकारी के रूप में रही है। वहां जहां भी तैनात रहीं, अपनी एक अलग छाप छोड़ी हैं। जयति सिंह मूल रूप से यूपी की रहने वाली हैं। डबरा में एसडीएम रहने के दौरान अवैध काम करने वाले लोगों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की थी। इनके नाम से माफियाओं की नींद उड़ी रहती थी। जयति सिंह को वहां से हटाने के लिए तत्कालीन मंत्री इमरती देवी ने उस समय मोर्चा खोला दिया था। इमरती देवी ने यहां तक कह दिया था कि डबरा में या तो एसडीएम रहेगी या फिर मैं। इसके बाद सीएम से जाकर शिकायत की थी। कुछ दिनों बाद एसडीएम का वहां से तबादला हो गया था। गौरतलब है कि अब सरकार ने दोनों पति-पत्नी को कलेक्टर बना दिया है। जयति सिंह के पास पहली बार पूरे जिले की कमान है। अब देखना होगा कि कैसे वह बड़वानी में छाप छोड़ती हैं।

इरफान अंसारी का बड़ा बयान: धमकियों के बावजूद नहीं डरूंगा, BJP-RSS पर साधा निशाना

रांची झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति व आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि लगातार मिल रही धमकियों से मैं जरा भी डरने वाला नहीं हूं और न कोई मुझे जनता से दूर कर सकता है और न ही मेरी आवाज दबा सकता है। डॉ. अंसारी ने कहा कि कल रात उत्तर प्रदेश से आए एक कॉल पर मुझे साफ शब्दों में कहा गया कि तुम्हें भी मिटा देंगे। मैं पूछता हूं कि मुझे जान से मारकर क्या मिलेगा? मैं तो जनता की सेवा के लिए बना हूं और सेवा ही करता रहूंगा। डॉ. अंसारी ने कहा कि भाजपा और आरएसएस के लोग दिन-रात मेरे पीछे पड़े रहते हैं, सिर्फ इसलिए कि मैं एक मुसलमान मंत्री हूं और ईमानदारी से काम करता हूं। यह उनकी छोटी मानसिकता और चरित्र को उजागर करता है, लेकिन मैं साफ कर देना चाहता हूं कि मेरी लड़ाई भाजपा से विचारधारा की है, नफरत से नहीं। डॉ. अंसारी ने कहा कि आज स्वास्थ्य विभाग में जो व्यापक सुधार दिख रहा है, वह मेरे काम का नतीजा है। यह काम भाजपा वालों को पच नहीं रहा, लेकिन सच यही है कि मैं काम करता आया हूं और काम करता रहूंगा। डॉ. अंसारी ने कहा कि धमकियों और नफरत की राजनीति से न मैं डरा हूं और न ही कभी डरूंगा। रोक सको तो रोक लो, क्योंकि मेरा मकसद सिर्फ और सिर्फ जनता की सेवा है।