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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवजात बछिया का किया नामकरण

मुख्यमंत्री निवास की गौशाला में हुआ बछिया का जन्म कमला के नाम से जानी जाएगी नवजात बछिया भोपाल  मुख्यमंत्री निवास स्थित गौशाला में हाल ही में गाय ने एक प्यारी सी बछिया को जन्म दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस बछिया का जन्म होने पर अत्यंत हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि गौसेवा और पशुधन संवर्धन के लिए हमारी सरकार ने अनेक प्रयास प्रारंभ किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को महालक्ष्मी व्रत पूजन के दिन साक्षात् लक्ष्मी के रूप में मुख्यमंत्री निवास में जन्मी नवजात बछिया का स्वागत सत्कार किया। मुख्यमंत्री ने नवजात बछिया का नामकरण भी कर दिया। अब यह बछिया मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए 'कमला' नाम से जानी जाएगी। 'कमला' पहली ऐसी बछिया है, जिसका जन्म मुख्यमंत्री निवास की गौशाला में ही हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिदिन की तरह रविवार की सुबह गौशाला पहुंचकर यहां मौजूद सभी गायों को रोटी खिलाई। सभी गायों के साथ 'कमला' को भी तिलक लगाकर निवास में उसका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने 'कमला' को गोद मे लेकर दुलार किया और मुख्यमंत्री निवास में पदस्थ सभी अधिकारी-कर्मचारियों को मिष्ठान्न खिलाकर कमला के आगमन पर अपनी आत्मीय खुशी जाहिर की।  

आज झमाझम बारिश के आसार: मध्य प्रदेश के कई जिलों में अलर्ट जारी

भोपाल बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश और उससे लगे ओडिशा के तट पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। मानसून द्रोणिका भी मध्य प्रदेश के सिवनी से होकर गुजर रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इन मौसम प्रणालियों के कारण मध्य प्रदेश में रविवार से रुक-रुककर मध्यम स्तर की बारिश का सिलसिला शुरू होने के आसार हैं। विशेषकर भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर एवं इंदौर संभाग के जिलों में झमाझम बारिश हो सकती है। उधर शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक पचमढ़ी में 10, मंडला में पांच, सिवनी में दो, छिंदवाड़ा में एक, नर्मदापुरम में 0.8 मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में उत्तरी आंध्र प्रदेश के तट एवं दक्षिणी ओडिशा के तट पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।   मध्य प्रदेश के 16 जिलों भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर और खंडवा में आज तेज बारिश हो सकती है। यहां बना हुआ है चक्रवात मानसून द्रोणिका श्री गंगानगर, रोहतक, सिवनी, राजनांदगांव से कम दबाव के क्षेत्र तक बनी हुई है। दक्षिण-पश्चिमी बिहार और उससे लगे झारखंड पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। एक द्रोणिका कम दबाव के क्षेत्र से लेकर दक्षिणी महाराष्ट्र तक बनी हुई है, जो छत्तीसगढ़ और विदर्भ से होकर जा रही है। उत्तर-पूर्वी राजस्थान पर भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से रविवार से प्रदेश में कई जिलों में बारिश को सिलसिला शुरू होने की संभावना है। कम दबाव के क्षेत्र के सोमवार तक छत्तीसगढ़ की तरफ बढ़ने के भी आसार हैं। इस वजह से बारिश का सिलसिला तीन-चार दिनों तक बना रह सकता है।

हर संडे अब स्कूलों में श्रमदान, यूपी सरकार की अनोखी योजना का पूरा प्लान

लखनऊ  स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में अनुशासन, जिम्मेदारी और एक दूसरे का सहयोग करने की भावना को जाग्रत करने के लिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को नई गति देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने अभिनव कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण के निर्देश पर प्रदेश के सभी जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों और राजकीय छात्रावासों में हर रविवार श्रमदान कार्यक्रम शुरू हो गया है। श्रमदान कार्यक्रम के तहत प्रत्येक रविवार को विद्यालय और छात्रावास परिसर की साफ-सफाई की जाएगी। टूटी हुई कुर्सियाँ, मेज और अन्य फर्नीचर की मरम्मत, पानी की टंकियों व नालियों की सफाई तथा कचरा निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आवश्यक उपकरण—झाड़ू, फावड़े, बाल्टी, तसला और कूड़ेदान—की व्यवस्था पहले से कर दी गई है। बागवानी से हरियाली को बढ़ावा बागवानी पर जोर देते हुए पेड़-पौधों की निराई-गुड़ाई, नए पौधों का रोपण और सूखे पत्तों व टहनियों से खाद बनाने का कार्य भी किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण की भावना मजबूत होगी। सदनवार जिम्मेदारी और डिजिटल मॉनिटरिंग विद्यालयों को सदनों में बाँटकर श्रमदान की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इससे विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना जागेगी और परिसर को सुंदर बनाने की प्रेरणा मिलेगी। श्रमदान कार्य की पहले और बाद की तस्वीरें निर्धारित प्रारूप में QR कोड के माध्यम से अपलोड की जाएंगी, जिससे निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।  

डीजल बांटने के विवाद में सुखबीर बादल के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी

संगरूर अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल द्वारा मकरोड़ साहिब और मूनक में बांटे गए डीजल को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इसे लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों बीबी परमजीत कौर लांडरां, जत्थेदार सतविंदर सिंह टोहरा, जत्थेदार मलकीत सिंह चंगाल और जत्थेदार रामपाल सिंह बहनीवाल ने सुखबीर के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शिरोमणि कमेटी पर अपने पैसे का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि गुरु की गोलक को अंधाधुंध लूटा जा रहा है। बीबी परमजीत कौर लांडरां और अन्य सदस्यों ने गुरु की गोलक के राजनीतिक इस्तेमाल के सबूत पेश करते हुए कहा कि एसजीपीसी बाढ़ प्रभावित इलाकों में ज्यादा से ज्यादा मदद करे, यह पंथ की आवाज़ और मांग है, लेकिन किसी भी राजनीतिक नेता के जरिए एसजीपीसी के पैसे का इस्तेमाल संगत को बर्दाश्त नहीं है।   रुकावटें पैदा न करें : धामी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए हर तरह के राहत कार्य कर रही है। शिरोमणि अकाली दल भी बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रहा है। धामी ने कहा कि अगर शिरोमणि कमेटी और शिरोमणि अकाली दल बाढ़ पीड़ितों की सेवा कर रहे हैं तो आपको रुकावटें पैदा नहीं करनी चाहिए।

जिला स्तर पर भाजपा में महिला सशक्तिकरण की झलक, पीएम मोदी के संदेश का असर

भोपाल भाजपा ने जनवरी में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के सात माह बाद अब जिला कार्यकारिणी की घोषणा शुरू कर दी है। अब तक घोषित 16 जिलों की कार्यकारिणी में महिलाओं को 25 से 33 प्रतिशत स्थान दिया गया है। एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को भी प्रतिनिधित्व मिला है। इस तरह जिला कार्यकारिणी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'महिला सशक्तीकरण सिद्धांत' की झलक देखने को मिल रही है। प्रत्येक जिला कार्यकारिणी में पांच से सात महिला नेताओं को उपाध्यक्ष से लेकर महामंत्री और मंत्री पद दिया गया है। पिछले दिनों भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष द्वारा भोपाल ली गई बैठक के बाद से ही जिला कार्यकारिणी की घोषणा शुरू हुई थी। भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी की भी घोषणा जल्द की जानी है। इनमें भी महिलाओं का 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देखने को मिलेगा। बता दें, भाजपा की पिछली जिला कार्यकारिणी में महिलाओं की संख्या इस बार के मुकाबले कम थी।   भाजपा ने सात तो कांग्रेस ने चार महिलाओं को बनाया जिला अध्यक्ष भाजपा ने 62 संगठनात्मक जिलों में से सात जिलों में महिलाओं को अध्यक्ष बनाया है। सागर ग्रामीण में रानी पटेल कुशवाहा, टीकमगढ़ में सरोज राजपूत, शहडोल में अमिता चपरा, सिवनी में मीना बिसेन, नर्मदापुरम में प्रीति शुक्ला, खरगोन में नंदा ब्रह्मने और नीमच में वंदना खंडेलवाल को अध्यक्ष बनाया गया है। जबकि पिछली बार केवल पांढुर्णा में महिला जिला अध्यक्ष थीं। वहीं कांग्रेस ने 71 संगठनात्मक जिलों में से केवल चार जिलों नरसिंहपुर (सुनीता पटेल), आगर-मालवा (विजयलक्ष्मी तंवर), खंडवा (प्रतिभा रघुवंशी) और सिंगरौली (सरस्वती सिंह मरकाम) में महिलाओं को अध्यक्ष बनाया गया है।  

रतलाम SP को चेतावनी देते हुए CM बोले- ‘अगर नहीं बन पा रहा तो छोड़ दो’

रतलाम अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों को देखने व किसानों से संवाद के लिए 12 सितंबर को रतलाम के सैलाना क्षेत्र में आए सीएम डॉ. मोहन यादव एसपी अमित कुमार पर नाराज हो गए। खेत में किसानों से चर्चा के दौरान सामने आई मीडियाकर्मियों व ग्रामीणों की भीड़ पर सीएम ने एसपी को फटकार लगा दी। दरअसल सीएम करिया रोड पर किसानों से बात करने के लिए उतरे और खेत में गए। यहां मीडिया व ग्रामीणों की भीड़ आने पर सीएम ने सभी को पीछे हटने को कहा और कुछ देर तक सभी को पीछे करने के बाद जब किसानों से चर्चा शुरू की तो फिर से भीड़ जमा हो गई। इस पर सीएम डॉ. यादव ने पूछा कि एसपी कहां है।   एसपी अमित कुमार के आने पर नाराज होकर सीएम बोले कि सब मैं ही कर लूं क्या, छोड़ो फिर सब। इसके बाद एसपी को व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। साथ चल रहे जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय किसानों को समझाइश देते रहे कि आपके लिए ही आएं हैं। इधर, रतलाम कलेक्ट्रेट में बैठे किसान, बोले- बगैर सर्वे मुआवजा दो अतिवृष्टि और पीले मौजेक रोग से फसलों के नुकसान की भरपाई की मांग को लेकर किसानों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। करनी सेना परिवार प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान कृषि उपज मंडी से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम आर्ची हरित को ज्ञापन सौंपा। जीवन सिंह शेरपुर ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगें नहीं मानी गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। किसानों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में पटवारी सही आकलन नहीं कर रहे और केवल 70 प्रतिशत नुकसान का सर्वे किया जा रहा है, जबकि फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। सर्वे में समय बर्बाद न कर सीधे खातों में मुआवजा राशि जमा की जाए। किसान नेता संजयराम पाटीदार ने बताया कि ग्रामीणों को नकली दवाईयां बेची गई। जिससे कई किसानों को नुकसान हुआ, लेकिन संबंधित पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। शेरपुर ने भी अधिकारियों पर दुकानदारों से सांठगाठ का आरोप लगाया।

सेना के जवान का घर चोरी का शिकार, पुलिस की कार्रवाई से दुखी जवान ने बताया दर्द

मुरैना घर में चोरी करने वाले बदमाशों को पुलिस द्वारा पकड़े नहीं जाने, चोरी गई रायफल व अन्य सामान की बरामदगी नहीं होने से दुखी सेना के एक जवान ने वीडियो जारी कर हड़कंप मचा दिया है। सेना का यह जवान कह रहा है कि मुरैना में ठाकुरों का जातिवाद चल रहा है। छोटी जातियां मारी जा रही हैं, उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही। यह जवान मदद मांगते हुए कह रहा है, कि मुरैना जिले में जातिवाद बढ़ा है। इस सैनिक का नाम सत्यनारायण ओझा है, जो वर्तमान में बैंगलुरू में पदस्थ हैं। अंबाह कस्बे के पूठ रोड की गली नंबर एक का निवासी है। जो कह रहा है कि सरकार चोरों का पकड़े या फिर उसे गांव छोड़ने की अनुमति दे। वह अपना घर-जमीन चोर, पुलिस और नेताओं को दे जाएगा।   पढ़िए सैनिक सत्यनारायण ओझा की जुबानी मैं श्रीमान डॉक्टर मोहन यादव से एक प्रार्थना करना चाहता हूं, कि अभी मुरैना जिले में जातिवाद बहुत चल रहा है। मेरे साथ भी यही हुआ है। मेरे घर में 4 मई 2025 को चोरी हुई। चोर मेरी पर्सनल रायफल, लाइसेंस, मोबाइल, सोना और घर में रखी नकदी को ले गए। चोर चोरी करके निकल गए, रात को एक बजे मेरी मां ने मुझे फोन पर बताया, कि घर में चोरी हो गई। मैंने मां से कहा अभी मैं ऑपरेशन सिंदूर की ड्यूटी में हूं। मैं यहां से अभी नहीं आ सकता। पहले देश की सुरक्षा की ड्यूटी जरूरी है, घर की सुरक्षा बाद में भी जा आएगी। मेरे पिता साधू बन गए हैं, कोई भाई नहीं है, तीन बहने हैं उनकी शादी हो चुकी है। रात में पिता मंदिर से आए और माता-पिता रात में ही थाने गए। टीआई ने सुबह, दोपहर और फिर कहा कि शाम को आ जाओ, दूसरे दिन रात आठ बजे चोरी का केस दर्ज हुआ। मेरे घर से दो किलोमीटर दूर एक सीसीटीवी कैमरे में चोर मेरी बंदूक के साथ दिखे। इसके बाद मैंने कई बार फोन किया, टीआई साहब ने उन आरोपितों को कुछ दिन बाद शाम के समय पकड़ा और सुबह छोड़ दिया। मैंने फोन पर पूछा तो पहले मुझसे कहा कि चोर यही है, चिंता मत करो फौजी तुम्हारा सामान मिल जाएगा। चोरों ने तुम्हारा घर बता दिया, कहां से चढ़े, कहां से चोरी की सब बता दिया। टीआई साहब ने बताया कि इसके चार साथी और हैं, उनका पता लगता है। बाद में कहने लगे कि यह चोर नहीं हैं। टीआई अब मेरा फोन तक नहीं उठाते। मेरे घर से चोरों का घर तीन-चार किलोमीटर दूर है। गांव में भी सब कह रहे हैं, कि यही चोर हैं और पुलिस ने ले-देकर इन्हें छोड़ दिया है। पहले मैं जम्मू था अब बैंगलुरू में हूं। टीआई तो सुनते ही नहीं, ऐसा लगता है कि वह खुद की प्रधानमंत्री है, वह नेताओं का आदमी है, जनता का नहीं है। मैं चार बार छुट्टी लेकर गया, दो बार एसपी साहब के सामने गया, एक बार एएसपी साहब से गुहार लगाई, चौथी बार मुझे कोई नहीं मिला, घंटों इंतजार कर वापिस आ गया, पर कहीं सुनवाई नहीं कर रहे। सीएम हेल्पलाइन में शिकायत कर-करके परेशान हो गया। सीएम साहब ने सीएम हेल्पलाइन नाम की बनाई है। यहां नेताओं की दबंगई चल रही है। हमारे यहां मुरैना में नेता कौन है? दिमनी विधानसभा में देख लो कौन हैं। तोमर-तोमर की भाईबंदी चल रही है। नींची जात मारी जा रही है, हमारी जैसी। यही चोरी किसी तोमर के घर में होती तो पुलिस शाम तक खुलासा कर देती। सीएम साहब से मेरा अनुरोध है, कि चोरी गया मेरा सामान दिलवाएं या फिर मुझे गांव छोड़ने की अनुमति दे दी। मेरा छोटा सा घर है, थोड़ी सी जमीन है, उसे चोरों को दे दू दूंगा, पुलिस को दे दूंगा और अगर नेताओं को चाहिए तो उन्हें दे दूंगा। मुझे कुछ नहीं चाहिए। मैं यूं ही खाली हाथ चला जाऊंगा। किसी नेता का पीतल का हाथी चोरी हुआ उसको 24 घंटे में ढूंढ लिया। एक नेता का कुत्ता चोरी हुआ उसे पुलिस चोर सहित पकड़ लाई।  

खानाबदोशों में भिड़ंत, दमोह स्टेशन पर चले लाठी और पत्थर

दमोह मध्य प्रदेश के दमोह रेलवे स्टेशन पर शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात स्टेशन के बाहर रहने वाले खानाबदोश समुदाय के लोगों में विवाद हो गया और इस विवाद के चलते एक दूसरे पर लाठी एवं पत्थरों से हमला किया गया। इस घटना के बाद स्टेशन के आसपास रहने वाले लोगों को जीआरपी द्वारा स्टेशन से बाहर किए जाने की कारर्वाई की गई। घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार रविवार की दरमियानी रात इन खानाबदोश समुदाय के कुछ पुरुषों ने शराब पीने के बाद आपस में विवाद शुरू कर दिया। विवाद में दोनों पक्षों पर लाठी और पत्थरो का खुलकर इस्तेमाल किया गया, जिससे एक व्यक्ति के सिर में चोट भी आई।   लगभग यह क्रम आध घंटे तक खुलेआम चलता रहा और दोनों पक्ष के लोग एक दूसरे के साथ मारपीट एवं गाली गलौज करते रहे। घटना के समय स्टेशन पर कोई भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। वहीं दूसरी ओर इस दौरान उपस्थित किसी व्यक्ति द्वारा घटना का वीडियो बनाने के उपरांत उसे वायरल कर दिया। जब तक पुलिस पहुंची वो भाग गए उल्लेखनीय है कि स्टेशन पर जहां जीआरपी पुलिस की चौकी है और वहां पर जवान भी तैनात है। इसके अलावा आर पी एफ का पुलिस थाना भी बना हुआ है जिसमें पूरा स्टाफ रहता है। वहीं दूसरी ओर कोतवाली पुलिस द्वारा भी एक आरक्षक की स्थाई ड्यूटी स्टेशन पर लगाई गई है, लेकिन इसके बाद भी इस प्रकार का घटनाक्रम लगभग आधे घंटे तक खुलेआम चलता रहा। जब तक वहां पुलिस पहुंचती दोनों ही पक्ष के लोग घटनास्थल से फरार हो गए। हालांकि दोनों ही पक्षों में से किसी के द्वारा भी इस मामले में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

रूंगटा इंटरनेशनल स्किल्स यूनिवर्सिटी के विद्यारंभ समारोह में शामिल हुए राज्यपाल

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका आज रूंगटा इंटरनेशलन स्कील्स यूनिवर्सिटी भिलाई में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के विद्यारंभ समारोह में शामिल हुए। इस दौरान राज्यपाल ने यूनिवर्सिटी के ड्रोन क्लब का उद्घाटन किया। समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल  रमेन डेका ने कहा कि रूंगटा अंतर्राष्ट्रीय कौशल विश्वविद्यालय में प्रतिभाशाली लोगों को संबोधित करने में अपार प्रसन्नता हो रही है, जो हमारे छत्तीसगढ़ राज्य और हमारे राष्ट्र के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। जब आप यहाँ से स्नातक होंगे, तो आपके पास केवल एक डिग्री ही नहीं होगी, बल्कि आपके पास वैश्विक प्रौद्योगिकी परिदृश्य को परिभाषित करने वाली कंपनियों के प्रमाणपत्र भी होंगे। आपका रिज्यूमे एक ऐसी भाषा बोलेगा जिसे दुनिया भर के नियोक्ता समझते और सम्मान करते हैं। राज्यपाल ने कहा आप सभी रोज़गार की तलाश से आगे सोचे, रोज़गार सृजन के बारे में सोचें। समाज में समस्याओं की पहचान करने और ऐसे समाधान विकसित करने के बारे में सोचें जिनसे लाखों लोगों को लाभ हो सके। यहाँ की सहायता प्रणाली – मार्गदर्शन से लेकर वित्तपोषण तक – आपके सपनों को हकीकत में बदलने के लिए डिज़ाइन की गई है। राज्यपाल ने कहा कि यहाँ की ड्रोन प्रयोगशाला इस बात का एक आदर्श उदाहरण है कि कैसे तकनीक का उपयोग सामाजिक लाभ के लिए किया जा सकता है। ड्रोन केवल उड़ने वाले उपकरण नहीं हैं; वे ऐसे उपकरण हैं जो कृषि, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवा वितरण और पर्यावरण निगरानी में क्रांति ला सकते हैं। जब आप इस प्रयोगशाला में प्रयोग और नवाचार करते हैं, तो याद रखें कि प्रत्येक परियोजना में जीवन को प्रभावित करने और समुदायों को बदलने की क्षमता है। रूंगटा इंटरनेशनल स्किल्स यूनिवर्सिटी के विद्यारंभ समारोह में शामिल हुए राज्यपालराज्यपाल  डेका ने विद्यार्थियों से कहा किं आज नियोक्ता ऐसे पेशेवरों की तलाश में हैं जो गंभीरता से सोच सकें, टीमों में काम कर सकें, प्रभावी ढंग से संवाद कर सकें और बदलाव के साथ तालमेल बिठा सकें। ये क्लब पाठ्येतर गतिविधियाँ नहीं हैं; ये आपके पेशेवर विकास का अभिन्न अंग हैं। 2,000 युवा दिमागों के एक ही छत के नीचे इकट्ठा होने से, आप बदलाव की एक शक्तिशाली ताकत का प्रतिनिधित्व करते हैं। लेकिन इस अवसर के साथ आपके अपने, आपके परिवार, आपके संस्थान, समाज और राष्ट्र के प्रति ज़िम्मेदारी भी आती है। आप जिस दुनिया में प्रवेश कर रहे हैं, वह पिछली पीढ़ियों के अनुभव से बहुत अलग है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और अनगिनत अन्य तकनीकें हर उद्योग को नया रूप दे रही हैं। आज जो नौकरियाँ मौजूद हैं, वे कल अप्रचलित हो सकती हैं, जबकि नई भूमिकाएँ उभरेंगी जिनकी हम आज कल्पना भी नहीं कर सकते। राज्यपाल  डेका ने विद्यार्थियों को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ राज्य के राज्यपाल के रूप में, उन्हें कई सफल पेशेवरों, उद्यमियों और अन्य लोगों से मिलने का सौभाग्य मिला है। उन्हें सिर्फ़ उनका तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि समस्याओं को सुलझाने की उनकी क्षमता, जोखिम उठाने की उनकी इच्छाशक्ति, दूसरों का नेतृत्व करने की उनकी क्षमता और बदलाव लाने की उनकी प्रतिबद्धता भी अलग बनाती है।     राज्यपाल  डेका ने कहा, इस रोमांचक यात्रा की शुरुआत करते हुए, मैं चाहता हूँ कि आप जिज्ञासु रहें, हर चीज़ पर सवाल उठाएँ, हर अवसर का लाभ उठाएँ और सीखना कभी बंद न करें, सहयोगी बनें, सर्वाेत्तम नवाचार तब होते हैं जब विविध विचार एक साथ काम करते हैं। साहसी बनें, असफल होने से न डरें, कोशिश करने से न डरें और प्रतिबद्ध रहें। उत्कृष्टता कोई संयोग नहीं है, यह निरंतर प्रयास का परिणाम है। अपने कौशल का उपयोग वास्तविक समस्याओं को हल करने और ज़रूरतमंदों की मदद करने के लिए करें। मैं एक ऐसे भविष्य की कल्पना करता हूँ जहाँ आरआईएसयू के स्नातक प्रमुख निगमों का नेतृत्व कर रहे हों, नवीन कंपनियाँ शुरू कर रहे हों, अभूतपूर्व शोध कर रहे हों और विभिन्न क्षमताओं में समाज की सेवा कर रहे हों। मैं आपको छत्तीसगढ़ का गौरव और भारत की ताकत बनते हुए देख रहा हूँ। अब से तीन या चार साल बाद जब आप इन द्वारों से बाहर निकलेंगे, तो आप अपने साथ न केवल शैक्षणिक डिग्रियां लेकर जाएंगे, बल्कि उद्योग प्रमाणपत्र, व्यावहारिक अनुभव, उद्यमशीलता की मानसिकता और सबसे महत्वपूर्ण बात, किसी भी चुनौती को स्वीकार करने का आत्मविश्वास भी लेकर जाएंगे। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा, आप न केवल इस संस्थान का भविष्य हैं, बल्कि आप हमारे राज्य, हमारे देश और हमारी पूरी दुनिया का भविष्य हैं। यहाँ आप जो कौशल अर्जित करते हैं, जो नेटवर्क बनाते हैं, जो नवाचार करते हैं और जिन मूल्यों को अपनाते हैं, उनका प्रभाव इन परिसरों की दीवारों से कहीं आगे तक जाएगा। इस परिवर्तनकारी यात्रा पर निकलते समय, अपने परिवारों का आशीर्वाद अपने साथ लेकर चलें। आपके संस्थान की अपेक्षाएँ, आपके राज्य की आकांक्षाएँ और आपके राष्ट्र की आशाएँ। राज्यपाल ने विद्यार्थियों को आगे की शैक्षणिक यात्रा के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आप कुशल पेशेवर, नवोन्मेषी उद्यमी और ज़िम्मेदार नागरिक बनकर उभरें, जिन पर हम सभी को गर्व होगा। राज्यपाल  डेका ने प्रतिभावान विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया। राज्यपाल और अन्य अतिथियों ने एक पेड़ मां के नाम पर युनिवर्सिटी परिसर में वृक्षारोपण भी किए।      कार्यक्रम में उपस्थित सांसद बघेल ने कहा कि भिलाई शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम गढ़ने जा रहा है। रूंगटा युनिवर्सिटी में देश ही नहीं विदेश से भी बच्चे यहां पढ़ने आए हैं। जिस भाव से बच्चे यहां आए है, उनकी सभी भाव की पूर्ति करने में युनिवर्सिटी की शिक्षा पद्धति सहायक हो। सांसद ने शिक्षा के साथ अनुशासन पर जोर देते हुए सभी नव प्रवेशी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। विद्यार्थियों को विधायक  रिकेश सेन , पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने भी संबोधित किया। रूंगटा विश्वविद्यालय के कुलपति  संतोष रूंगटा ने स्वागत उद्बोधन दिया। इस अवसर पर फैकल्टी मेंबर, विश्वविद्यालय के अधिकारी कर्मचारी, प्राध्यापक गण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।  

साहित्य रचने का दायित्व लेने वाले आदर के पात्र : बृजलाल सर्राफ

भिवानी हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में वैश्य महाविद्यालय भिवानी के हिंदी विभाग एवं साहित्य सुरभि प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में कवि सम्मेलन का आयोजन वैश्य महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय गोयल, हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल तंवर एवं आयोजक सचिव डॉ. कामना कौशिक की देखरेख में महाविद्यालय के सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से वैश्य महाविद्यालय ट्रस्ट के प्रधान एडवोकेट शिवरतन गुप्ता,वैश्य महाविद्यालय प्रबंधक समिति के कोषाध्यक्ष बृजलाल सर्राफ, ट्रस्टी विजयकिशन अग्रवाल, प्राचार्य डॉ. संजय गोयल एवं कार्यक्रम संयोजक हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल तंवर ने शिरकत की। कवि सम्मेलन में सुप्रसिद्ध कवियों विजेंद्र गाफिल, प्रो. रश्मि बजाज, प्रो. श्याम वशिष्ठ, विकास यशकीर्ति एवं डॉ. हरिकेश पंघाल ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समा बांध दिया। प्राचार्य डॉ संजय गोयल ने कहा कि इस तरह के आयोजन से विद्यार्थियों को अपने जीवन के विभिन्न शिक्षाप्रद बारीकियों से रूबरू होने का अवसर कवियों के माध्यम से मिलता है क्योंकि एक साहित्यकार ही शौर्य को जीवंत रख सकता है। वैश्य महाविद्यालय ट्रस्ट के प्रधान एडवोकेट शिवरतन गुप्ता ने कहा कि आधुनिकता के युग में कला को जीवित रखना बड़ा कार्य है। कवि सच्चा साधक : सर्राफ वैश्य महाविद्यालय प्रबंधक समिति के कोषाध्यक्ष बृजलाल सर्राफ एवं ट्रस्टी विजय किशन अग्रवाल ने कहा कि एक कवि सच्चा साधक होता है जो कल्पना से शब्दों को जोड़कर उनको एक माला में पिरोने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कलाकार एवं साहित्य अमर रहता है। साहित्य रचने का दायित्व लेने वाले आदर के पात्र होते हैं। कवियों ने इन रचनाओं से बांधा समां विधानसभा चुनावों के समर्थन कर रहे हैं।कवि सम्मेलन में पधारे सुप्रसिद्ध कवि विजेंद्र गाफिल ने हिंदी एवं उर्दू काव्य पाठ के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए अपने शायराना अंदाज में ‘कोई आए या न आए यह मर्जी उसी की, मेरी आदत सी है कमतर देखने की’, ‘मंजिल मुश्किल है फिर भी नामुनकिन तो नहीं’, ‘हमने कागज के फूलों पर तितलियों को खुशबू लेते हुए देखा है की प्रस्तुति दी। कवयित्री डॉ. रश्मि बजाज ने हिंदी भाषा की जीवन यात्रा पर प्रकाश डालते हुए भारतीय समाज की विभिन्न कुरीतियों पर कटाक्ष करती एवं भ्रूण हत्या, लिंगानुपात एवं स्त्रियों पर हो रहे अत्याचार पर प्रकाश डालती अपनी कविता ‘वो कब औरों की राह देखे हैं, जिसे गंगा जमीं पर लानी है, हौसले वाले पर उतरेंगे, ये दरिया कितनी भी तूफानी हो’ सुनाकर सबमें जोश भर दिया। कवि विकास दिव्यकीर्ति ने ‘मां की स्नेहशील दास्तां सुनकर ये छाले फूट जाते हैं, अगर रोती है कहीं ममता तो शिवालय रूठ जाते हैं, अगर प्रदेश में हो बेटे तो उनकी यादों से माताओं के हाथ से निवाले छूट जाते हैं’ सुनाकर सबको भाव विभोर कर दिया। कवि प्रोफेसर श्याम वशिष्ठ ने जिंदगी के अहम रिश्तों पर आधारित अपनी गजल मोहब्बत की निशानी को यहां पर कौन देखेगा, बुजुर्गों की कहानी को यहां पर कौन देखेगा, गाते हुए खूब वाह वाही लूटी। कवि डॉ हरिकेश पंघाल ने अपनी रचना पहला सुख निरोगी काया के माध्यम से मानव जीवन का बेहतरीन चित्रण प्रस्तुत किया। उन्होंने अपनी हरियाणवी कविता चिचड़ के माध्यम आज के युग में भ्रष्टाचार के दलदल में फंसे मनुष्य का वर्णन करते हुए भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया। कार्यक्रम में पधारे सभी कवियों को साहित्य सुरभि शिखर सम्मान से अलंकृत किया गया।