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भोपाल का ‘भिखारी मुक्त’ सपना अधूरा, बढ़ती भिखारी संख्या ने बढ़ाई चिंता

भोपाल  भोपाल को “भिखारी मुक्त शहर” बनाने का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया है. प्रशासन के तमाम दावों और पहले चलाए गए अभियानों के बावजूद, शहर के प्रमुख चौराहों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर भिखारियों की संख्या फिर से बढ़ने लगी है. न्यू मार्केट, बोर्ड ऑफिस चौराहा, व्यापम चौराहा, ज्योति टॉकीज, बिट्ठन मार्केट, मंदिरों और बस स्टैंडों जैसे इलाकों में भिखारी बड़ी संख्या में दिखाई दे रहे हैं. इनमें से कई भिखारी सामान बेचने का बहाना करते हैं, लेकिन उनका असली मकसद भीख मांगना होता है. ये लोग हाथ में अगरबत्ती, रक्षासूत्र, झाड़ू या कोई सस्ता सामान लेकर राहगीरों से पैसे मांगते हैं. अगर कोई पैसे देने से मना करता है, तो कई बार ये लोग बदतमीजी पर उतर आते हैं. इससे आम लोगों को असुविधा और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से इस समस्या को हल करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे. कुछ समय पहले भोपाल प्रशासन ने शहर को भिखारी मुक्त बनाने के लिए एक अभियान शुरू किया था. इस दौरान कई भिखारियों को आश्रय गृहों में भेजा गया था, लेकिन अभियान के रुकते ही ये लोग फिर से सड़कों पर लौट आए. भोपाल कलेक्टर ने इस मुद्दे पर कहा कि हाल के दिनों में यह अभियान धीमा पड़ गया है, लेकिन त्योहारों के बाद जल्द ही भिखारियों को हटाने के लिए विशेष अभियान फिर से शुरू किया जाएगा. हालांकि, स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यह सब सिर्फ “कागजी कार्रवाई” बनकर रह गया है. वे चाहते हैं कि प्रशासन केवल अभियान चलाकर दिखावा न करे, बल्कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले. लोगों का कहना है कि भिखारियों के पुनर्वास के लिए ठोस योजनाएं बनाई जाएं, जैसे उन्हें रोजगार के अवसर देना या आश्रय गृहों में बेहतर सुविधाएं देना. तभी भोपाल वास्तव में एक स्वच्छ, व्यवस्थित और भिखारी मुक्त शहर बन सकता है. नागरिकों की मांग है कि प्रशासन इस दिशा में गंभीरता से काम करे और भोपाल को एक आदर्श शहर बनाने का सपना साकार करे.  

शिक्षा क्षेत्र में बड़ी सफलता, छत्तीसगढ़ के 16,165 शिक्षकों और प्राचार्यों का समायोजन

अब कोई भी विद्यालय शिक्षक-विहीन नहीं, एकल-शिक्षकीय विद्यालयों की संख्या घटी रायपुर, छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी युक्तियुक्तकरण निर्देशों के प्रावधानों के तहत राज्य में व्यापक युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही की गई है। इस बड़े कदम के फलस्वरूप 16,165 शिक्षकों एवं प्राचार्यों का समायोजन किया गया है। अब प्रदेश का कोई भी विद्यालय शिक्षक-विहीन नहीं है। उल्लेखनीय है कि पहले जहां 5,936 विद्यालय एकल-शिक्षकीय थे, वहीं युक्तियुक्तकरण के बाद केवल 1,207 प्राथमिक शालाएँ शिक्षकों की अनुपलब्धता के कारण एकल-शिक्षकीय रह गई हैं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन विषयवार किया गया है। यदि किसी संस्था में किसी एक विषय का शिक्षक अतिशेष पाया गया, किन्तु उसी संस्था में सेटअप के आधार पर किसी अन्य विषय का पद रिक्त था, तो ऐसे अतिशेष शिक्षक का युक्तियुक्तकरण करते हुए आवश्यकता के आधार पर रिक्त विषय के पद पर उस विषय के शिक्षक की पदस्थापना की गई है। युक्तियुक्तकरण निर्देशों के अंतर्गत, शालाओं में पदस्थापना तिथि के आधार पर अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन किया गया है। इस दौरान विषय, विकलांगता तथा परिवीक्षा अवधि जैसे कारकों का भी विशेष ध्यान रखा गया। इसके अलावा, अतिशेष शिक्षकों की गणना उनकी सेवा पुस्तिका में दर्ज मूल विषय के आधार पर की गई है। जिन शिक्षकों ने युक्तियुक्तकरण के पश्चात कार्यमुक्त होकर नवीन पदस्थापना स्थल में कार्यभार ग्रहण कर लिया है, उनके वेतन आहरण की कार्यवाही पूर्व पदस्थ संस्था से प्राप्त अंतिम वेतन प्रमाणपत्र के आधार पर की जा रही है। इसी तरह, युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के दौरान विभिन्न शिक्षकों से प्राप्त अभ्यावेदन (जिनमें न्यायालयीन प्रकरण भी सम्मिलित हैं) पर शासन गंभीरता से परीक्षण कर रहा है। इन प्रकरणों की जांच संभागीय आयुक्त की समिति, संचालनालय स्तरीय समिति एवं शासन स्तरीय समिति में की जा रही है और शीघ्र ही इनका निराकरण कर लिया जाएगा।

मंंत्रिमंडल विस्तार के बाद कैबिनेट की पहली बैठक, मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

  रायपुर मंत्रिपरिषद ने सुकमा जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान 09 जून 2025 को बम विस्फोट की घटना में शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरेपूंजे की शहादत और अदम्य वीरता को सम्मानित करते हुए उनकी पत्नी श्रीमती स्नेहा गिरेपूंजे को विशेष प्रकरण मानते हुए राज्य पुलिस सेवा में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मंत्रिपरिषद की बैठक में पारंपरिक ऊर्जा स्त्रोत की निर्भरता को कम करने तथा गैर पारंपरिक स्त्रोत आधारित ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य की सौर ऊर्जा नीति में आवश्यक संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। नीति की अवधि – नई व्यवस्था के अनुसार यह संशोधित नीति अब 2030 तक लागू रहेगी, या फिर जब तक राज्य सरकार नई सौर ऊर्जा नीति जारी नहीं करती। उद्योगों को मिलने वाले लाभ – सौर ऊर्जा परियोजनाओं को अब राज्य की औद्योगिक नीति के तहत प्राथमिकता उद्योग का दर्जा मिलेगा। इसके तहत निवेशकों को कई तरह की रियायतें और प्रोत्साहन मिलेंगे, जैसे ब्याज अनुदान, पूंजी लागत पर अनुदान (सूक्ष्म उद्योगों को), जीएसटी प्रतिपूर्ति (लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों को), बिजली शुल्क में छूट, स्टाम्प शुल्क में छूट, परियोजना रिपोर्ट तैयार करने पर अनुदान, भूमि उपयोग बदलने की फीस में छूट, भूमि बैंक से जमीन लेने पर शुल्क में रियायत मिलेगी, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और तृतीय लिंग समुदाय के उद्यमियों को जमीन के प्रीमियम में छूट, दिव्यांगों को रोजगार देने पर अनुदान, मेगा और अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्स के लिए विशेष पैकेज का प्रावधान किया गया है। मंत्रिपरिषद की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सुश्री रीता शांडिल्य, जो वर्तमान में लोक सेवा आयोग की सदस्य एवं कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं, को लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्त करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया है। मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ वरिष्ठ मीडिया कर्मी सम्मान निधि के तहत सेवानिवृत्त हो चुके मीडिया कर्मियों को दी जाने वाली सम्मान राशि 10 हजार रूपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 20 हजार रूपए प्रतिमाह करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसकी घोषणा वर्ष 2025-26 के बजट में की गई थी।

नए वाहनों पर बड़ी राहत: सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट से मोटरयान कर में 50% छूट

नए वाहनों पर "सर्टिफ़िकेट ऑफ़ डिपॉजिट" से मोटरयान कर में 50 प्रतिशत की छूट दिये जाने का निर्णय मध्यप्रदेश नगर पालिका (संशोधन) अध्यादेश-2025 की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार कोमंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा पंजीकृत वाहन स्क्रेपिंग सुविधा में स्क्रेपिंग को बढ़ावा देने के लिए बीएस-I और पूर्ववती तथा बीएस-॥ व्यापक उत्सर्जन मानक मानदंडों वाले वाहनों को जारी "सर्टिफ़िकेट ऑफ़ डिपॉजिट" के विरुद्ध पंजीकृत किये जाने वाले नए गैर परिवहन यानों तथा नए परिवहन वाहनों पर 50 प्रतिशत की मोटरयान कर में छूट प्रदान किये जाने की स्वीकृति शर्तों के अधीन प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार समस्त यान जो व्यापक उत्सर्जन मानक भारत चरण 1 (बीएस-1) मानक और पूर्ववती व्यापक उत्सर्जन मानक मानदंडों अनुसार विनिर्मित किये गए है तथा मध्यम मालयान/भारी मालयान/ मध्यम यात्री मोटरयान/भारी पात्री मोटरयान जो व्यापक उत्सर्जन मानक भारत चरण 2 (बीएस-।।) मानदंडों के अनुसार विनिर्मित किये गए हैं, को इसके तहत छूट प्रदान की गयी हैं। प्रदेश में वर्ष 2024-25 में 1563 नए वाहन पंजीकरण पर लगभग 17 करोड़ 5 लाख रूपये की छूट प्रदान की गई है। वर्तमान में BS-1 एवं BS-II श्रेणी के लगभग 99 हजार मोटरयान ऑनरोड है। इनको मोटरयान कर में 50% छूट दिए जाने पर 100 करोड़ रूपये का वित्तीय भार आएगा। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा पंजीकृत वाहन स्क्रेपिंग सुविधा में स्क्रेपिंग को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश को 200 करोड़ रुपये की विशेष सहायता प्राप्त होगी। भारत में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भारत स्टेज (बीएस-1) उत्सर्जन मानदण्डों को सबसे पहले अप्रैल 2000 में लाया गया था। स्वीकृति अनुसार जिस व्यक्ति के नाम से तत्समय "Certificate of Deposih धारित होगा उसी व्यक्ति के नाम पर नया वाहन क्रय किये जाने पर मोटर यान कर में छूट प्रदान की जाएगी। वाहन स्वामी दवारा नया वाहन खरीदने पर प्रोत्साहन और लाभ प्राप्त करने के लिए, "Certificate of Deposit एक आवश्यक और पर्याप्त दस्तावेज होगा, इस प्रमाण-पत्र की वैधता जारी होने की तिथि से 3 वर्ष होगी। "सर्टिफ़िकेट ऑफ़ डिपॉज़िट" इलेक्ट्रॉनिक रूप से विनिमय योग्य होगा। प्रत्येक नए मालिक को "Certificate of Deposit" का हस्तांतरण फॉर्म 2 डी के अनुसार ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा। "Certificate of Deposit" का एक बार उपयोग हो जाने पर, उस क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय या डीलर दवारा उसे वाहन डेटाबेस में "रद्द" के रूप में चिह्नित कर दिया जाएगा, जिसके द्वारा उक्त प्रमाण-पत्र के धारक को लाभ प्रदान किया गया है। मोटरयान कर में छूट तभी प्रदान की जाएगी, जब नया वाहन मध्यप्रदेश राज्य में पंजीकृत किसी आर.वी.एस.एफ द्वारा ही जारी "Cerificate of Deposit के विरुद्ध पंजीकृत किया जाये। यदि "Certificate of Deposit" मध्यप्रदेश राज्य के अलावा किसी अन्य राज्य में स्थित आर.वी.एस.एफ. दवारा जारी किया गया हो तो मोटरयान कर में छूट प्रदान नहीं की जाएगी। जिस श्रेणी का वाहन स्क्रैप किया गया है उसी श्रेणी का नया वाहन क्रय करने पर मोटर यान कर में छूट प्रदान की जाएगी। जीवनकाल कर जमा किये जाने की स्थिति में गैर-परिवहन/परिवहन यानों पर 50% मोटरयान कर में एकमुश्त छूट प्रदान की जाएगी। जिन वाहनों पर मासिक/त्रैमासिक/वार्षिक आधार पर कर उद्ग्रहित किया जाता है, उन्हें मासिक/त्रैमासिक/वार्षिक कर में 8 वर्ष तक 50% की छूट प्रदान की जाएगी। मध्यप्रदेश शासन, परिवहन विभाग द्वारा 8 सितंबर 2022 को जारी अधिसूचना के अंतर्गत प्रदाय की जाने वाली मोटरयान कर की छूट उन वाहनों पर लागू नहीं होगी, जिन्हें इस अधिसूचना के अंतर्गत मोटर यान कर छूट प्रदान की गई है। मध्यप्रदेश नगर पालिका (संशोधन) अध्यादेश 2025 की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की नगर पालिका परिषद नगर परिषदों के अध्यक्ष पद का निर्वाचन आगामी आम-निर्वाचन में प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा कराये जाने के लिए मध्यप्रदेश नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश 2025 लाये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। मध्यप्रदेश में नगरीय निकायों के अध्यक्ष पद का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा वर्ष 1999 से 2014 तक लगातार किया जाता रहा है। कोविड महामारी के आ जाने से वर्ष 2019 में निर्वाचन नहीं हो सके। इसके बाद वर्ष 2022 के नगरीय निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद का निर्वाचन अप्रत्यक्ष प्रणाली से किया गया। वर्ष 2027 के नगरीय निकायों में अध्यक्ष पद का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा किया जाना है। उपरोक्त स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की संबंधित धाराओं में संशोधन के लिए मध्यप्रदेश नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश 2025 लाये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।  

कृषि उद्योग समागम नवंबर में सीहोर में, कार्यक्रम के लिए गठित हुई समिति

भोपाल  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कृषि विकास एवं किसानों को आधुनिक तकनीकों से सीधे जोड़ने के दृष्टिकोण को क्रियान्वित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य शासन द्वारा इस वर्ष 'कृषि उद्योग समागम-2025 (एग्रीकल्चर इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव) का आयोजन नवंबर माह में सीहोर में किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन वृहद स्तर पर कई विभागों की सहभागिता से किया जाएगा। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य शासन द्वारा समिति गठित की गई है। समिति के अध्यक्ष सचिव, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग होंगे। आयुक्त सह संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विभाग को सदस्य एवं आयुक्त सह संचालक, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग को सदस्य सचिव बनाया गया है। सदस्यों में आयुक्त, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, आयुक्त औद्योगिकी नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, आयुक्त सहकारिता, आयुक्त जनसंपर्क, संचालक मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास, संचालक पशुपालन एवं डेयरी, संचालक कृषि0 अभियांत्रिकी, प्रबंध संचालक मण्डी बोर्ड, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य कृषि उद्योग विकास निगम और मिशन संचालक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन शामिल हैं।  

हरियाणा के पानीपत में ट्रैफिक नियम में बदलाव: ई-रिक्शा व ऑटो पर ऑड-ईवन, यूनियन नाराज

पानीपत  पानीपत प्रदेश का पहला ऐसा शहर बन गया है, जहां पर ऑटो व ई-रिक्शा के लिए ऑड-ईवन नियम लागू किया गया है। प्रशासन ने 7 दिन के ट्रायल के बाद 8 सितंबर से ऑड ईवन नियम नियमित रूप से लागू करने का फैसला लिया है पानीपत: पानीपत प्रदेश का पहला ऐसा शहर बन गया है, जहां पर ऑटो व ई-रिक्शा के लिए ऑड-ईवन नियम लागू किया गया है। प्रशासन ने 7 दिन के ट्रायल के बाद 8 सितंबर से ऑड ईवन नियम नियमित रूप से लागू करने का फैसला लिया है। इससे शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम हो गया, वाहन चालक कम समय में गंतव्य पर पहुंच रहे हैं। इसके अलावा प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट आई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शहर में 4632 ई-रिक्शा और 3414 ऑटो रजिस्टर्ड हैं, जिन्हें 4 अंक का एक कोड जारी किया है। जबकि 15 हजार के आसपास ऑटो-ई-रिक्शा चल रहे थे। जिनकी वजह से शहर की सड़कों पर जाम लगा रहा था। 10 मिनट के सफर को पूरा करने में 30 से 45 मिनट तक लगते थे। ऑटो यूनियन के प्रधान नरेश डाहर ने 10 सितंबर तक प्रशासन को नियम वापस लेने का अल्टीमेटम दिया है। उनकी मांग है कि प्रशासन ऑड-ईवन के बजाय रूट निर्धारित करे। डीएसपी ट्रैफिक सुरेश सैनी और नगर निगम कमिश्नर पंकज कुमार का कहना है कि यातायात सुचारू रहे इसलिए नियम पूर्णतया लागू रखने का फैसला लिया गया है। यह व्यवस्था दो बार फेल हो चुकी है, इस कारण इस बार पुलिस प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस ली है। शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर नाकेबंदी की जाएगी। जीटी रोड पर नांगल खेड़ी और टोल प्लाजा पर नाके लगाए जाएंगे। सनौली रोड पर बबैल नाका, गोहना रोड पर पुराना शुगर मिल और असंध रोड पर गाबा ढाबा पर नाकेबंदी की जाएगी। वहीं 150 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। शहर में करीब आठ हजार ऑटो व ई-रिक्शा प्रतिदिन दौड़ते हैं। जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है।  

अपराध की लंबी फेहरिस्त: पार्षद अनवर डकैत पर महिला के प्लॉट हड़पने और बेचने का केस

इंदौर  कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत पर एक प्रकरण और दर्ज हुआ है। खजराना पुलिस ने महिला को शिकायत पर दर्ज किया धोखाधड़ी मामला दर्ज किया है। अनवर ने महिला के प्लाॅट के फर्जी दस्तावेज तैयार कर दूसरे को बेच दिए थे। अब पुलिस इस मामले में भी अनवर से पूछताछ करेगी। फिलहाल अनवर पुलिस रिमांड पर है और पुलिस ने उसे लव जिहाद की फंडिंग के मामले में गिरफ्तार किया है। अनवर ने खजराना में रहने वाली जौहरा बी से उसका प्लाॅट बिकवाने की बात कही थी। बाद में अनवर ने खुद महिला के प्लाॅट के फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उसे दूसरे व्यक्ति को बेच दिया। महिला ने पहले भी इस मामले में पुलिस को शिकायत की थी, लेकिन प्रकरण दर्ज नहीं हुआ। अब पुलिस ने अनवर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। ढाई माह बाद हुआ था पेश अनवर डकैत पर 15 से ज्यादा केस पहले से दर्ज है और अब एक और केस दर्ज हो चुका है। ढाई माह से पुलिस को अनवर की तलाश थी, लेकिन वह उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई थी। अनवर खुद कोर्ट में पेश हुआ था। कोर्ट में पेश होने के बाद अनवर को सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा था। अब रिमांड अवधि और बढ़ाई गई है।  

अयोध्या राम मंदिर: L&T और टाटा कंसल्टेंसी का कार्यकाल बढ़ा, 200 करोड़ से बनेंगी गैलरियां

अयोध्या यूपी के अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि में बन रहे भव्य राम मंदिर निर्माण कार्य की धीमी गति को देखते हुए एल एंड टी और टाटा कंसल्टेंसी का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है। अब ये दोनों कंपनियां मार्च 2026 तक काम करेंगी। जबकि, पहले इनका कार्यकाल सितंबर 2025 तक तय था। राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम मंदिर के शिखर पर पताका फहराने की तिथि 25 नवंबर प्रस्तावित है। आज होने वाली भवन निर्माण समिति व श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में इस पर औपचारिक मुहर लगाई जाएगी। अब तक मंदिर निर्माण पर करीब 1400 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। इनमें से 1100 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसके साथ ही मंदिर परिसर में बनने वाले म्यूजियम की 20 गैलरियों पर लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इन गैलरियों में रामायण काल से लेकर राम मंदिर आंदोलन तक की झलकियां दिखाने की योजना है। मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए अत्याधुनिक उपकरण खरीदे जा चुके हैं। अब इन्हें स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू होगी। सुरक्षा इंतजाम इतने पुख्ता होंगे कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को पूरी तरह सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।  

जीएसटी में बदलाव से राज्य और देश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति, कारोबारियों और आमजन को मिलेगा लाभ : मुख्यमंत्री साय

रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में राज्य के विभिन्न व्यावसायिक संघों के प्रतिनिधियों ने भेंट कर जीएसटी में किए गए सुधारों के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जीएसटी ने न केवल व्यापार जगत को सशक्त किया है, बल्कि पारदर्शिता और कर संग्रहण में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था भारत को वैश्विक व्यापार में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की कर व्यवस्था में अब तक का सबसे बड़ा सुधार माने जाने वाला वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) राज्य और देश के व्यापार जगत को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। जीएसटी में किए गए हालिया सुधारों से राज्य के उद्योगों और व्यापारियों के साथ-साथ आमजन को भी महत्वपूर्ण राहत मिली है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के कर संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे विकास कार्यों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे। यह सुधार भविष्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होगा। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित राज्य के विभिन्न व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

महागठबंधन में टकराव: भाकपा ने बढ़ाई सीटों की मांग, बिहार चुनाव में सीट बंटवारे पर संकट

पटना भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के राष्ट्रीय महासचिव डी राजा (D Raja) ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में पहले से ज़्यादा सीटों की मांग करेगी। राजा ने पार्टी के पांच दिवसीय राज्य सम्मेलन के पहले दिन पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे पर बातचीत के दौरान 2020 के मुकाबले ज़्यादा सीटों की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में सभी दल ज़्यादा सीटों की मांग कर रहे हैं और जनाधार के अनुसार उन्हें भी बढ़ी हुई सीटें मांगने का अधिकार है। भाकपा नेता ने कहा, 'सीट बंटवारे में उनकी पार्टी को आवंटित सीटों की संख्या उचित होनी चाहिए।' डी राजा ने कहा कि बिहार में उनकी पार्टी का जनाधार मज़बूत है और सदस्यों की संख्या के लिहाज़ से पार्टी बिहार में चौथे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के राजनैतिक इतिहास पर नजर डालें तो बिहार की पटना लोकसभा सीट से भाकपा के सांसद निर्वाचित होते थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि महागठबंधन के सभी घटक दल सीट बंटवारे के मुद्दे को आपस में सुलझा लेंगे और आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में गठबंधन के सभी दलों का प्रदर्शन अच्छा रहेगा।