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बच्‍चे पर अपराध करने वाला 60 साल का आरोपी विदिशा में 20 साल जेल भेजा गया

विदिशा डेढ़ वर्ष की अबोध बच्ची के साथ दुष्कृत्य करने वाले 60 वर्षीय आरोपित को कुरवाई की अदालत ने कठोर सजा सुनाई है। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आनंद गौतम ने शुक्रवार को दिए फैसले में आरोपी को पॉक्सो सहित विभिन्न धाराओं में कुल 20 वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया।   यह है पूरा मामला मामला थाना पठारी क्षेत्र का है। फरियादिया की बुआ ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 12 नवंबर 2024 की सुबह उसकी भतीजी बरामदे में खेल रही थी। तभी उनके रिश्ते के जीजा ने बच्ची के साथ छेड़छाड़ की। बच्ची के रोने पर जब वह पहुंची तो आरोपी भाग खड़ा हुआ। इस संबंध में थाना पठारी में बीएनएस की धारा 64(2), 65(2), 332(ए) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एम)/6 और 5(एन)/6 के तहत मामला दर्ज किया गया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसपी रोहित काशवानी ने सहायक अभियोजन अधिकारी मनीष कथोरिया को विशेष पैरवी हेतु नियुक्त किया। विचारण के दौरान प्रस्तुत साक्ष्य और गवाहों के बयानों को अदालत ने प्रमाणित मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया। न्यायालय ने बीएनएस की धारा 64(2) और 65(2) में 10-10 वर्ष का कठोर कारावास, धारा 332(ए) में एक वर्ष का कारावास तथा पॉक्सो की धारा 5(एम)/6 और 5(एन)/6 में 20-20 वर्ष का कठोर कारावास दिया है। इस प्रकरण की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी विमलेशा राय ने की थी। पैरवी एडिशनल डीपीओ मनीष कथोरिया ने की, जबकि मार्गदर्शन सहायक उपनिदेशक जे.एस. तोमर का रहा। पांच साल की सजा काट चुका है आरोपित एसपी रोहित काशवानी ने बताया कि इस घटना का आरोपित पहले भी एक साढ़े चार वर्ष की बालिका से दुष्कृत्य कर चुका है। उसे न्यायालय ने इस मामले में पांच साल की सजा भी सुनाई थी। काशवानी ने बताया कि वर्ष 2017 में त्योंदा थाना क्षेत्र में आरोपित ने साढ़े चार वर्ष की बालिका से दुराचार किया था। पीड़िता की मां की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। इस मामले में आरोपित को न्यायालय ने पांच साल की सजा सुनाई थी। आरोपित पांच साल की सजा काटकर वर्ष 2021 में जेल से रिहा हुआ था।

शिवपाल यादव का हमला सरकार पर, कहा- जनता अब नहीं सह सकती महंगाई, सपा ग्राम सभा चुनाव से बाहर

लखनऊ  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने शनिवार को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इटावा के बसरेहर ब्लॉक के गोरा दयालपुर में स्व. पूर्व प्रधान की प्रतिमा का अनावरण करते हुए मीडिया से बातचीत में कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पिछले 14 सालों में जनता को लूटकर महंगाई लगातार बढ़ाई गई है। जीएसटी के नाम पर लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया है और आम आदमी परेशान है। जनता अब इन बेइमानों को बख्शने वाली नहीं है। PM मोदी के मणिपुर दौरे पर सवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मणिपुर दौरे पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आते ही सौगातों की घोषणाएं शुरू हो जाती हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही गुजरात की कंपनियां पहुंचकर सब कुछ लूट लेती हैं। उन्होंने जनता से सतर्क रहने की अपील की। राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए शिवपाल ने कहा कि आज प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। महिलाएं कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं, आए दिन रेप और सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ रही हैं। भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है और स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह बदहाल हो चुकी हैं। उन्होंने जल जीवन मिशन को पूरी तरह असफल बताते हुए कहा कि आज भी टंकियों में पानी नहीं है और बनी-बनाई सड़कों को खोद दिया गया है, लेकिन उन्हें बनाने के लिए धन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। "2047 तक विकसित यूपी" सपना है झूठा योगी सरकार के 2047 तक विकसित प्रदेश के संकल्प को झूठा करार देते हुए शिवपाल बोले कि हकीकत में प्रदेश का विकास नहीं हो रहा, बल्कि सत्ताधारी लोग अपने घर, कॉलेज और यूनिवर्सिटी खड़ी करने में लगे हैं। चुनावी रणनीति को लेकर उन्होंने साफ किया कि समाजवादी पार्टी ग्राम सभा, प्रधान और बीडीसी चुनाव में भाग नहीं लेगी। जिला पंचायत और ब्लॉक प्रमुख चुनावों में पार्टी प्रत्याशी जरूर उतारेगी। उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

9 अक्टूबर से शुरू होने वाले दिवाली मेले में शामिल होने का न्योता, जेसोवा के प्रतिनिधि ने CM हेमंत से किया स्वागत

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं विधायक कल्पना सोरेन से मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन (जेसोवा) के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने जेसोवा की ओर से राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में 9 अक्टूबर से 13 अक्टूबर – 2025 तक आयोजित होने वाले दिवाली मेला में सम्मिलित होने के लिए मुख्यमंत्री को सपरिवार आमंत्रित किया। उन्होंने 5 दिनों तक चलने वाले इस दिवाली मेले के दौरान आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। प्रतिनिधि मंडल ने जेसोवा के द्वारा किए जा रहे सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्यों कार्यक्रमों और गतिविधियों की भी जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में जेसोवा की अध्यक्ष प्रीति कुमारी, सचिव मनु झा, कोषाध्यक्ष शिवानी सिंह, कार्यकारिणी समिति सदस्य रंजना कुमार एवं ज्योति मंजू शामिल थीं।  

सामान्य अस्पताल में ताला लगा शौचालय, 11 लाख खर्च होने के बावजूद सुविधा नहीं

जींद जींद के सामान्य अस्पताल में शव गृह के समीप बने शौचालय पर ताला लगा होने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह शौचालय वर्ष 2011 में जिला योजना स्कीम के तहत 11 लाख रुपये की लागत से बनाया गया था, लेकिन अब यह उपयोग के लायक नहीं रहा। अस्पताल में आने वाले लोगों, विशेषकर महिलाओं, ने शौचालय बंद होने की शिकायत की है।  जुलाना के झमोला गांव के प्रदीप, जो अपने गांव के एक युवक की मृत देह लेकर अस्पताल आए थे, ने बताया, "हमारे साथ आईं महिलाओं को शौचालय की जरूरत थी, लेकिन ताला लगा होने के कारण वे परेशान हैं। क्या महिलाएं अब खुले में शौच करें? 11 लाख रुपये से बना शौचालय बेकार पड़ा है।" इसके अलावा, अस्पताल में पीने के पानी की व्यवस्था न होने की भी शिकायत सामने आई है। अस्पताल प्रशासन के डॉ. रघुवीर पुनिया ने बताया कि यह शौचालय लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा बनाया गया था और अब यह जर्जर हालत में है। उन्होंने कहा, "सुरक्षा के लिए ताला लगाया गया है ताकि कोई हादसा न हो। हमने PWD को इस बारे में पत्र लिखा है।"हाल ही में कुरुक्षेत्र के एक अस्पताल में हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने महिला शौचालय पर ताला देखकर तत्काल दरवाजा तुड़वाने का आदेश दिया था। लेकिन जींद में यह समस्या वर्षों से अनसुलझी बनी हुई है, जिससे आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

मेडिकल कॉलेज की लेबर रूम बनी जंग का अखाड़ा, महिला डॉक्टरों में हाथापाई

शहडोल बिरसा मुंडा शासकीय मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर डॉक्टरों की फूहड़ता सामने आई है। शुक्रवार की रात में यहां के लेबर रूम में इंटर्न महिला डॉक्टरों ने हंगामा किया। मरीजों के सामने डॉक्टर आपस भिड़ गए और एक दूसरे के साथ मारपीट करने लगे। जहां डाक्टर लड़ रहे थे वहां गर्भवती महिलाओं का वार्ड है। डॉक्टरों की हंगामेदार लड़ाई से वहां भर्ती महिलाएं डर गई थीं। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद जानकारी के अनुसार एक महिला डॉक्टर शिवानी लाखिया ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया कि उसकी सहपाठी इंटर्न डॉक्टर ने उसके बाल पकड़कर उसे जमीन पर पटक दिया और कपड़े फाड़ दिए। जान से मारने की धमकी भी दी है। इस पूरे घटनाक्रम को नर्सिंग स्टाफ, गार्ड और अन्य मेडिकल कर्मियों ने देखा जिनके नाम गवाहों में दर्ज हैं। वहीं पूरी घटना वहां के लेबर रूम के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।   इंटर्न डॉक्टर का यह पहला विवाद नहीं इतना ही नहीं, इस घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। प्रसारित वीडियो के बाद कॉलेज प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग में हलचल मची है। सूत्रों के अनुसार इंटर्न डॉक्टर का यह पहला विवाद नहीं है। इससे पहले भी वह नफीस बस विवाद और महादेव प्रकरण जैसी कई घटनाओं में शामिल रही है। इसके बाद एक और वीडियो प्रसारित हो रहा है, जिसमें प्रसव कराते समय डॉक्टर पर हमला करते हुए कैमरा छीन लिया गया है। डॉक्टरों की सुरक्षा पर उठे सवाल पीड़िता और स्टाफ ने आरोपित इंटर्न डॉक्टर के निलंबन के साथ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की गई है। इधर कॉलेज प्रबंधन और पुलिस पर मामले को दबाने के आरोप भी लग रहा है। मारपीट कांड ने मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था और महिला डॉक्टरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कॉलेज में इलाज कराने आई महिलाओं और उनके परिजनों का कहना है कि जिस जगह पर जीवन बचाने की जिम्मेदारी है, वहां खुद डॉक्टर ही हिंसक हो जाएं तो क्या स्थिति बनेगी। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों का विवाद हुआ। जांच कमेटी बना दी गई है और विवाद करने वाले डॉक्टरों के अभिभावकों भी बुलाया गया है। लड़ने वाले डॉक्टर बाहर के हैं। सोमवार तक जांच रिपोर्ट आ जाएगी और अभिभावक भी आ जाएंगे। लापरवाही हुई है कार्रवाई होगी। डीन अभी बाहर हैं। वे भी सोमवार को आ जाएंगे और कार्रवाई होगी। डॉ.नागेंद्र सिंह,अधीक्षक मेडिकल कालेज शहडोल।

मान सरकार ने शुरू किया पंजाब को पटरी पर लाने का मिशन

पंजाब  पंजाब को दोबारा पटरी पर लाने के लिए आम आदमी पार्टी की मान सरकार ने एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। बाढ़ का पानी कई इलाकों से उतर चुका है, लेकिन गांव-गांव में अभी भी सिल्ट, गंदगी और मलबा फैला हुआ है। जनजीवन सामान्य करने और बीमारियों से बचाव के लिए सरकार ने सफाई से लेकर स्वास्थ्य और किसानों की मदद तक का व्यापक प्लान बनाया है। मान सरकार ने कहा है कि 2300 से ज़्यादा गांव और वार्ड में सफाई का महाअभियान चलेगा। हर गांव में जेसीबी, ट्रैक्टर- ट्रॉली और मज़दूरों की टीमें भेजी जा रही हैं। ये टीमें मलबा और सिल्ट हटाएंगी, मरे हुए जानवरों को नष्ट करेंगी और इसके बाद हर गांव में फॉगिंग होगी ताकि कोई बीमारी न फैले। इस काम के लिए ₹100 करोड़ का फंड रखा गया है। हर गांव को तुरंत ₹1 लाख दिया गया है और ज़रूरत पड़ने पर अतिरिक्त पैसा भी मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि 24 सितंबर तक गाँवों से मलबा हट जाए, 15 अक्टूबर तक सामाजिक जगहों की मरम्मत पूरी हो और 22 अक्टूबर तक तालाबों की सफाई हो जाए।स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। बाढ़ प्रभावित 2303 गांवों में मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे। जिन 596 गांवों में पहले से आम आदमी क्लिनिक हैं, वहाँ ये कैंप चलेंगे। बाकी 1707 गांवों में स्कूल, धर्मशाला, आंगनवाड़ी या पंचायत भवन में कैंप लगेंगे। हर कैंप में डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ और दवाइयाँ मौजूद होंगी। इसके अलावा 550 एंबुलेंस भी तैनात की जा रही हैं, ताकि लोगों को तुरंत इलाज मिल सके। पशुधन को बचाने के लिए भी सरकार ने मोर्चा संभाला है। रिपोर्ट के मुताबिक़ 713 गांवों में करीब 2.5 लाख पशु प्रभावित हुए हैं। इसके लिए वेटनरी डॉक्टरों की टीमें गांवों में पहुंच चुकी हैं। खराब चारा हटाया जा रहा है, किसानों को पोटाशियम परमैगनेट दिया जा रहा है और 30 सितंबर तक सभी प्रभावित पशुओं का टीकाकरण पूरा किया जाएगा। किसानों की सबसे बड़ी चिंता फसल बेचने की है। मान सरकार ने इस बार खरीद जल्दी शुरू करने का फ़ैसला किया है। 16 सितंबर से मंडियों में खरीद शुरू होगी। जिन मंडियों को बाढ़ से नुकसान हुआ है, वहां तेज़ी से सफाई और मरम्मत हो रही है, ताकि 19 सितंबर तक सभी मंडियाँ किसानों की फसल खरीदने के लिए तैयार हो जाएं।मान सरकार का कहना है कि यह सिर्फ़ राहत का काम नहीं, बल्कि पंजाब को दोबारा खड़ा करने का संकल्प है। सरकार ने लोगों से भी अपील की है कि एनजीओ, यूथ क्लब और समाजसेवी संस्थाएँ इस काम में हाथ बंटाएं। पंजाब ने हर संकट में मिलकर लड़ाई लड़ी है, इस समय संकट कितना भी बड़ा क्यों न हो, जब सरकार अपने लोगों के साथ खड़ी हो—तब हर पंजाबी दिल से कह उठता है, ‘ए मान सरकार साडे नाल खड़ी  

215 फीट का विशाल रावण कोटा में, रिमोट बटन दबाते ही होगा जलाया

कोटा कोटा का दशहरा मेला… नाम सुनते ही रोशनी, भीड़ और आतिशबाजी की तस्वीर दिमाग में उभर आती है लेकिन इस बार यहां का नजारा और भी निराला रहने वाला है। मैदान में एक ऐसा रावण खड़ा किया जा रहा है, जिसे देख लोग दंग रह जाएंगे। 215 फीट ऊंचा, 12 टन वजनी और लोहे से बना ये रावण अब तक का सबसे विशालकाय पुतला होगा। दशहरे के मैदान में सुबह से लेकर रात तक हथौड़ों की ठक-ठक और वेल्डिंग की चिंगारियां गूंज रही हैं। हरियाणा के अंबाला से आए तेजेंद्र चौहान और उनकी टीम पिछले चार महीने से इस रावण को गढ़ रहे हैं। चौहान मुस्कुराते हुए कहते हैं- 'रावण की हड्डियों में 9500 किलो लोहा है। इतना लोहा तो किसी छोटे पुल में भी नहीं लगता।' रावण का सिर ही अपने आप में अजूबा है। 25 फीट ऊंचा मुख्य सिर, बाकी नौ सिर 3×6 फीट के। चेहरे को फाइबर से ढाला गया है, वजन 300 किलो का। इस बार मूंछें भी घनी और ऊपर की ओर मुड़ी हुईं, बिलकुल वैसी जैसे किसी फिल्मी खलनायक की। मुकुट अपने आप में खास है। 60 फीट ऊंचा, चार हिस्सों में बना और एलईडी लाइट्स से जगमगाता हुआ। रात के अंधेरे में जब ये मुकुट चमकेगा तो पूरा मैदान रोशनी से नहा जाएगा। रावण की तलवार 50 फीट लंबी और जूतियां 40 फीट की। कुंभकरण और मेघनाथ भी रावण से पीछे नहीं हैं। 60-60 फीट के पुतले, जिनके चेहरे 10 फीट लंबे और 80 किलो वजनी। इतना बड़ा पुतला खड़ा करना आसान नहीं। इसके लिए 6 फीट गहरा और 25 फीट चौड़ा फाउंडेशन बनाया गया है। दो क्रेन, जेसीबी और सौ मजदूरों की मदद से रावण को तीन घंटे में खड़ा कर दिया जाएगा। मैदान में मौजूद एक मजदूर कहता है, “इतना ऊंचा रावण पहली बार देख रहे हैं। जब खड़ा होगा, तो लोग आसमान की तरफ गर्दन उठाकर ही देख पाएंगे।” इस बार दहन का तरीका भी अलग ही होगा। अब न मशाल, न तीर, अबकि बार रावण का विनाश रिमोट से होगा। पुतले में 20 जगह सेंसर लगाए गए हैं। जैसे ही बटन दबेगा, पहले छत्र जलेगा, फिर मुकुट के हिस्से और फिर पूरी देह आतिशबाजी के धमाकों में सुलग उठेगी। हालांकि इस बार रावण मूवमेंट नहीं करेगा। न तलवार घूमेगी, न आंखें चलेंगी लेकिन भव्यता इतनी होगी कि किसी को उसकी कमी महसूस नहीं होगी। रावण का चेहरा बनाने में ही एक महीना लग गया है, बाकी हिस्सों को तैयार करने में दो महीने और फिर दो ट्रकों से इन्हें कोटा लाया गया। फाइबर ग्लास से बने चेहरों पर रेजिन केमिकल की परत चढ़ाई गई है ताकि मजबूती बनी रहे। 2 अक्टूबर की शाम जब कोटा का आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाएगा, तब यह विशाल रावण सिर्फ एक पुतला नहीं रहेगा। यह दशहरे की परंपरा, कारीगरों की मेहनत और कोटा की शान का प्रतीक होगा।

सोनपुर पुलिस ने पकड़ा गैंग, वैशाली में 10 अपराधियों पर कार्रवाई, चोरी का सामान मिला

वैशाली वैशाली जिले के सोनपुर थाना क्षेत्र में कुछ दिनों पहले अपराधियों ने यात्रियों को पिस्टल दिखाकर और मारपीट कर तीन लूट की घटनाओं को अंजाम दिया था। इसमें अपराधियों ने तीन मोटरसाइकिल, मोबाइल, नकदी और सोने का लॉकेट लूट लिया था। इस मामले में सोनपुर थाना में एफआईआर दर्ज की गई थी। विशेष टीम ने की थी छापेमारी इसी बीच, सोनपुर के भरपूरा इलाके में एक घर का ताला तोड़कर चोरों ने नकदी और सोना-चांदी के गहने भी चुरा लिए थे। लगातार हो रही इन घटनाओं को देखते हुए सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक ने तुरंत कार्रवाई करने और लूटे गए सामान की बरामदगी का निर्देश दिया। निर्देश के बाद सोनपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई, जिसने छापेमारी शुरू की। 10 अपराधियों को गिरफ्तार किया पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल 10 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से लूटे गए मोटरसाइकिल, मोबाइल, नकदी और आभूषणों के साथ-साथ गृहभेदन में चोरी किए गए रुपये और गहने भी बरामद किए गए हैं। इनमें से छह अपराधी हथियार के साथ नई वारदात की योजना बनाते हुए पकड़े गए। दो अपराधी चोरी की वारदात के दौरान रंगे हाथों गिरफ्तार हुए और दो लोग लूटे गए मोबाइल व मोटरसाइकिल को खरीदने और छुपाने के आरोप में पकड़े गए। पुलिस ने इस संबंध में सारण के ग्रामीण एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी। गिरफ्तार अपराधियों के नाम और पते बिट्टू कुमार, पिता-रामबाबू साह, साकिन-चौसिया, थाना-सोनपुर, जिला-सारण। बिहारी कुमार, पिता-साधू राय, साकिन-चौसिया, थाना – सोनपुर, जिला-सारण। रोहित कुमार, पिता-कल्पू पासवान, साकिन-बजरंग चौक, थाना-पहलेजा, जिला – सारण। धीरज कुमार उर्फ कलवा उर्फ काला, पिता -भगवान साह, साकिन-वर्मा चौक, भरपूरा, थाना-सोनपुर, जिला-सारण। रवि कुमार उर्फ मेटल, पिता-राजेश राम, साकिन-साहपुर, थाना-सोनपुर, जिला-सारण। अनोज कुमार, पिता-अशोक पासवान, साकिन-मानपुर, थाना-दिघवारा, जिला-सारण। विशाल कुमार, पिता-पडरु बैठा, साकिन- भरपूरा बाजार, थाना-सोनपुर, जिला-सारण। दरवेशु राय, पिता-स्व. महंथ राय, साकिन- पुनरडीह, थाना-डेरनी, जिला- सारण। विकास कुमार, पिता-रामबाबू साह, साकिन-चौसिया, थाना-सोनपुर, जिला-सारण। नीरज कुमार, पिता-रामबाबू साह, साकिन-चौसिया, थाना-सोनपुर, जिला-सारण।

झारखंड दौरे पर केंद्रीय कोयला मंत्री, CM हेमंत के साथ बैठकर बनाई नई रणनीति

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री किशन रेड्डी ने मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में औपचारिक मुलाकात की। इस मौके पर राज्य सरकार के अधिकारियों तथा कोल मंत्रालय एवं कोल इंडिया की अनुषंगी इकाइयों के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में कोयला और खनन क्षेत्र की बेहतरी को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान राज्य में कोल माइंस से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों/ मुद्दों पर विचार- विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने कोल माइंस के मुद्दे पर राज्य सरकार का पक्ष रखा, वहीं केंद्रीय कोयला मंत्री ने कोल खनन परियोजनाओं को लेकर आ रही समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के आपसी सहयोग से ही कोल माइंस से जुड़े समस्याओं का समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र को क्षेत्र को आगे ले जाने के लिए मिलकर प्रयास करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री और कोयला मंत्री की उपस्थिति में अधिकारियों के बीच हुई बैठक में खनिजों पर मिलने वाली रॉयल्टी, विस्थापितों का पुनर्वास, नौकरी और मुआवजा, खनन क्षेत्र और आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों को रोजगार, खनन कार्य पूरा हो चुके जमीन की वापसी, खदानों में अवैध खनन की वजह से हो रहे हादसों पर नियंत्रण को लेकर सुरक्षा मानकों के पालन, कोल परियोजनाओं के ऑपरेशनल करने में आ रही अड़चनों का समाधान तथा डीएमएफटी और सीएसआर फंड के इस्तेमाल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई। बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, केंद्रीय खनन मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी संजय लोहिया, केंद्रीय कोयला मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी सनोज कुमार झा, राज्य सरकार में राजस्व विभाग के सचिव चंद्रशेखर, खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल, निदेशक खान एवं भूतत्व राहुल सिन्हा, कोल इंडिया के चेयरमैन पीएम प्रसाद, सीसीएल के सीएमडी निलेन्दु कुमार सिंह, बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल, हिंदुस्तान कॉपर के सीएमडी संजीव कुमार सिंह, केंद्रीय कोयला मंत्री के पीएस पंकज जैन समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।  

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बोले – संतों का अपमान करने से बचें, यही असली आस्था की पहचान

गयाजी बोधगया पहुंचे बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि संतों के बारे में किसी को भी अपमानजनक टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने हाल ही में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि अगर किसी ने फायरिंग यह कहकर की है कि संतों का अपमान हुआ था, तो यह बिल्कुल गलत है। किसी भी संत के बारे में बोलना मूर्खता है। किसी की आस्था को ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए। राजनीति से कोई लेना-देना नहीं-धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उन्होंने आगे कहा कि हमारी अपनी आस्था है, आप मत सुनिए। आपकी अपनी आस्था है, आपको अच्छा नहीं लगता तो मत देखिए। जैसे पाकिस्तान हमें अच्छा नहीं लगता, तो हम वहां नहीं जाते। आपको अच्छा लगता है तो जाइए। किसी पर प्रतिक्रिया करना या शब्दों से प्रहार करना मूर्खता है। ऐसी चीजों से बचना चाहिए। धीरेंद्र शास्त्री ने स्पष्ट किया कि उनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है, इसलिए वे राजनीतिक बयान नहीं देते। उन्होंने बताया कि वे हर साल पितृपक्ष में गया आते हैं और इस बार भी भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की प्रार्थना करेंगे। चार दिन करेंगे गयाजी में प्रवास, कराएंगे पिंडदान, कहेंगे कथा पितृपक्ष मेले के बीच बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री का शिष्यों ने स्वागत किया। उसके बाद पंडित धीरेन्द्र शास्त्री सड़क मार्ग से बोधगया प्रवास स्थल के लिए निकल गए। कल वे यहां अपने शिष्यों के साथ पितरों की आत्मशांति के लिए पिंडदान, तर्पण और त्रिपिंडी श्राद्ध कराएंगे। साथ ही एकादश भागवत कथा का आयोजन भी होगा। गयाजी तीर्थ के पुरोहित गजाधर लाल कटरियार ने इस यात्रा से जुड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शास्त्री के पूर्वज भी गया आकर अपने पितरों का पिंडदान और तर्पण कर चुके हैं। उनके वर्षो पुराने बही-खाते में इसका उल्लेख और हस्ताक्षर मौजूद है। उन्होंने बताया कि वे 13 सितंबर से 16 सितंबर तक गया प्रवास करेंगे। इस दौरान अपने शिष्यों और भक्तों को एकादश भागवत कथा सुनाएंगे और श्राद्ध कार्य कराएंगे। हालांकि, इस दौरान उनका दिव्य दरबार आयोजित नहीं होगा। वहीं, कथा एवं श्राद्ध कार्य सम्पन्न कराएंगे। मालूम हो कि वर्ष 2024 में भी उन्होंने इसी स्थान पर अपने शिष्यों के साथ कथा कराई थी। 7 नवंबर से 16 नवंबर तक पदयात्रा निकाली जाएगी उन्होंने कहा कि 7 नवंबर से 16 नवंबर तक पदयात्रा निकाली जाएगी, जिसके लिए बिहार की जनता से आह्वान करेंगे। अगली बार बिहार में दिव्य दरबार भी लगाया जाएगा। फिलहाल दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा चल रही है, उसके बाद बिहार में भी पदयात्रा होगी। उनका कहना है कि देशभर में जनजागृति फैलाना जरूरी है और बिहार उनका घर है। नेपाल हिंसा पर उन्होंने कहा कि भारत को सावधान रहने की आवश्यकता है। नेपाल में शांति स्थापित होनी चाहिए और पड़ोसी मुल्कों को समझने की ज़रूरत है।