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मौसम विभाग की चेतावनी: पंजाब में 18 सितंबर तक सतर्क रहें

पंजाब  पंजाब के मौसम को लेकर नई चेतावनी जारी हुई है। दरअसल, मौसम विभाग के निदेशक डॉ. सुरिंदर पाल के अनुसार  राज्य में 17-18 सितंबर को भारी बारिश होने के आसार है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर निचले इलाकों में रहने वालों को बारिश के दिनों में सावधानी बरतने की अपील की गई है। कहा जा रहा है कि फिलहाल बड़े पैमाने पर बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन 17-18 सितंबर को पंजाब भर में तेज बारिश देखने को मिल सकती है।  लोगों को सावधान रहने की अपील  वहीं आपको बता दें कि राज्य में लगातार बारिश रुकने से नदियों और दरियाओं का पानी घटने लगा है। लोगों को कुछ हद तक राहत मिली है। घग्गर दरिया, जो एक हफ़्ता पहले खतरे के निशान से ऊपर बह रहा था, अब नीचे उतरना शुरू हो गया है। इसी तरह टांगरी और मारकंडा नदियों का पानी भी खतरे के निशान से नीचे आ गया है, जिससे बाढ़-प्रभावित इलाकों में काफी सुधार दिखाई दे रहा है। पानी का बढ़ना रुकने से न सिर्फ़ गांवों में लोग अब अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं, बल्कि खेतों से भी खड़ा पानी सूखने लगा है।  इस कारण किसानों में फसल बचाने की उम्मीद जग रही है। प्रशासन ने लोगों को सावधान रहने की अपील की है क्योंकि कमजोर बांध, टूटी हुई सड़कें और कमजोर किनारे अभी भी कभी भी ख़तरा पैदा कर सकते हैं।  राहत टीमें अभी भी मैदान में तैनात हैं। हालांकि बाढ़ का खतरा अब घटता जा रहा है, लेकिन प्रभावित इलाकों में साफ़-सफ़ाई, बीमारियों से बचाव और लोगों के पुनर्वास का बड़ा चुनौतीपूर्ण काम अभी भी सामने खड़ा है। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 28 अगस्त को मिशन रोजगार के तहत नव चयनित मुख्य सेविकाओं को सौंपे थे नियुक्ति पत्र

नव चयनित मुख्य सेविकाओं को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी प्रक्रिया के जरिये जिले किये गये आवंटित   2403 मुख्य सेविकाओं को उनकी प्राथमिकता के आधार पर जिलों का किया गया आवंटन लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन रोजगार के तहत 28 अगस्त को बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में नव चयनित 2425 मुख्य सेविकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किया था। वहीं मजह 15 दिनों में सभी नव चयनित मुख्य सेविकाओं को ऑनलाइन प्रेफरेंस कम मेरिट के अाधार पर पारदर्शी प्रक्रिया को अपनाते हुए जिले आवंटित कर दिये गये हैं। इसी के साथ विभाग द्वारा प्रदेश के सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को नव चयनित मुख्य सेविकाओं को तैनाती देने के निर्देश दिये गये हैं।  69 जिलों में विकल्प चुनने के लिए मुख्य सेविकाओं के लिए खोला गया था पोर्टल बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप नव चयनित मुख्य सेविकाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत जिले में तैनाती के लिए ऑनलाइन पोर्टल (ऑनलाइन प्रेफरेंस कम मेरिट) विकसित किया गया था। ऐेसे में शासन से अनुमोदित नीति के अनुसार 69 जिलों में विकल्प के लिए मुख्य सेविकाओं के लिए पोर्टल को खोला गया था। इस पोर्टल पर ऐसे जनपद थे, जहां पर 60 प्रतिशत या इससे अधिक मुख्य सेविका के पद रिक्त थे। इसमें जो मुख्य सेविकाओं की बाल विकास परियोजना अधिकारी के पद पर पदोन्नति हो चुकी है, उन रिक्त पदों को भी सम्मिलित करते हुए विकल्प भर जाने की सुविधा दी गयी थी। इस पोर्टल पर मुख्य सेविकाओं द्वारा मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से लॉगिन कर अपना जनपद चुना गया।  सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को तैनाती देने के दिये गये निर्देश पोर्टल के माध्यम से 69 जिलों में से 2425 मुख्य सेविकाओं ने अपनी जिला आवंटन प्राथमिकता दर्ज करायी गयी थी। इसमें से 2403 मुख्य सेविकाओं को उनकी प्राथमिकता के आधार पर जिलों का आवंटन किया गया जबकि शेष 22 मुख्य सेविकाओं को रैंडम आवंटन के माध्यम से जिले आवंटित किये गये हैं। जिला आवंटन पारदर्शी प्रक्रिया में 2120 मुख्य सेविकाओं को उनकी पहली पसंद वाला जिला आवंटित किया गया है, जिसका रेश्यो 88.22 प्रतिशत है। इसी तरह 202 मुख्य सेविकाओं को उनकी द्वितीय प्राथमिकता वाला जिला आवंटित किया गया, जिसका रेश्यो 8.41 प्रतिशत है जबकि 34 को तीसरा प्राथमिकता वाला जिला, 29 को चौथा प्राथमिकता वाला जिला और 11 को पांचवां प्राथमिकता वाला जिला आवंटित किया गया है। वहीं 22 मुख्य सेविकाओं को रैंडम आवंटन के माध्यम से जिले आवंटित किये गये हैं। सभी मुख्य सेविकाओं को जिला आवंटित होने के बाद सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को मुख्य सेविकाओं को तैनाती देने के निर्देश दिये गये हैं।     

शिक्षा और विकास पर मिला व्यापक जनसमर्थन, अभियान में अब तक सवा लाख से अधिक फीडबैक दर्ज

– 75 जिलों में अधिकारियों और प्रबुद्धजनों ने जनता से किया सीधा संवाद – ग्रामीण क्षेत्रों से सबसे अधिक 88 हजार से अधिक फीडबैक प्राप्त शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए सबसे ज्यादा 41 हजार से अधिक सुझाव मिले – आगरा, बलिया, कानपुर नगर समेत कई जिलों से 16,350 से अधिक फीडबैक – जनता ने डिजिटल शिक्षा, रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम और सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता बढ़ाने पर दिया जोर लखनऊ योगी सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'समर्थ उत्तर प्रदेश–विकसित उत्तर प्रदेश @2047”' अभियान को जनता का अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है। शनिवार  तक प्रदेश के सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्धजनों ने भ्रमण कर छात्रों, शिक्षकों, व्यवसायियों, उद्यमियों, कृषकों, स्वयंसेवी संगठनों, श्रमिक संगठनों, मीडिया और आम जनमानस से संवाद किया। इस दौरान प्रदेश की विगत आठ वर्षों की विकास यात्रा साझा की गई और भविष्य के रोडमैप पर चर्चा कर व्यापक फीडबैक प्राप्त किया गया। सवा लाख से अधिक फीडबैक दर्ज अभियान के तहत बनाए गए विशेष पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक सवा लाख फीडबैक दर्ज हो चुके हैं। इनमें से 88 हजार से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों से और 24 हजार नगरीय क्षेत्रों से प्राप्त हुए। आयु वर्ग के आधार पर करीब 41 हजार सुझाव 31 वर्ष से कम, 65 हजार से अधिक सुझाव 31 से 60 वर्ष के बीच तथा सात हजार से अधिक सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से आए हैं। शिक्षा पर सबसे ज्यादा फीडबैक जनता ने सबसे अधिक महत्व शिक्षा क्षेत्र को दिया। 41 हजार से अधिक सुझाव शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मिले। इसके अलावा नगरीय और ग्रामीण विकास पर 19 हजार से अधिक, स्वास्थ्य पर 12 हजार से अधिक, समाज कल्याण पर 10 हजार से अधिक और कृषि क्षेत्र पर 17 हजार से अधिक सुझाव प्राप्त हुए। यह स्पष्ट करता है कि जनता शिक्षा और कृषि दोनों को भविष्य के विकास का आधार मानती है। जिलों से उत्साही भागीदारी आगरा, बलिया, बलरामपुर, जौनपुर, कानपुर देहात, फिरोजाबाद, कानपुर नगर, मैनपुरी और प्रतापगढ़ जैसे जनपदों से सबसे अधिक भागीदारी रही। इन जिलों से 16 हजार से अधिक फीडबैक प्राप्त हुए हैं, जो अभियान की सफलता को दर्शाते हैं। शिक्षा क्षेत्र में सुधार पर जोर शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सुझावों में छात्रों के लिए बुनियादी सुविधाओं—स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल, सुसज्जित पुस्तकालय और खेल के मैदान की अनिवार्य उपलब्धता पर बल दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा को सशक्त बनाने हेतु हाई-स्पीड इंटरनेट और स्मार्ट क्लासरूम स्थापित करने की मांग उठी। परीक्षा प्रणाली और रोजगारोन्मुखी शिक्षा फीडबैक में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु तकनीकी सुधार लागू करने की आवश्यकता बताई गई। साथ ही, शिक्षा को रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल करने और ई-लर्निंग पोर्टल के माध्यम से मुफ्त कौशल विकास कोर्स उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। निजी शिक्षा की लागत पर चिंता शहरी क्षेत्रों में निजी शिक्षा की बढ़ती लागत से निपटने के लिए लोगों ने सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता और संसाधनों में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका मानना है कि मजबूत सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली ही समान अवसर प्रदान कर सकती है और भविष्य में सामाजिक असमानता को कम कर सकती है। अभियान से यह स्पष्ट हो रहा है कि प्रदेश की जनता न केवल विकास यात्रा की सहभागी है, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभा रही है।

मुख्यमंत्री साय बोले – प्रदेश की 3 करोड़ जनता के आरोग्य के साथ विकसित छत्तीसगढ़ का सपना करेंगे पूरा

मानव मुस्कान को सुरक्षित रखने और सहेजने में दंत चिकित्सकों की भूमिका महत्वपूर्ण रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश की 3 करोड़ जनता के आरोग्य के साथ हम विकसित छत्तीसगढ़ का सपना साकार करेंगे। पिछले 20 महीनों में प्रदेश की स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करते हुए दुर्गम अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने का कार्य हमारी सरकार ने किया है। मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित तीन दिवसीय डेंटल कॉन्फ्रेंस 2025 का शुभारंभ कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दंत चिकित्सा और दांतों की देखभाल से जुड़े उपयोगी उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा डेंटल एसोसिएशन की वार्षिक स्मारिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार बनने के पहले दिन से ही हमने प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति दी गई है, साथ ही फिजियोथैरेपी, नर्सिंग और मदर-चाइल्ड हॉस्पिटल जैसे संस्थानों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ के साथ ही हम प्रगति की भी बात कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। वर्ष 2000 में जहां केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज 15 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं। आयुष्मान भारत योजना और प्रधानमंत्री वय वंदना योजना से मरीजों और बुजुर्गों को निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है। वहीं, सस्ती जेनेरिक दवाइयां आम जनता को राहत प्रदान कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पान मसाला, गुटखा और तंबाकू की वजह से मुँह के कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।उन्होंने कहा कि  दाँतों की देखभाल और सुंदर मुस्कान देने में दंत चिकित्सकों की अहम भूमिका है।उन्होंने चिकित्सकों से आह्वान किया कि इस दिशा में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाएँ। उन्होंने भावुक होकर अपने संसदीय कार्यकाल की स्मृतियाँ साझा कीं। उन्होंने बताया कि 1999 में जब श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे, उस समय एम्स दिल्ली पर पूरे देश के मरीजों का दबाव था। तब हमने संसद में निवेदन किया था कि छत्तीसगढ़ में भी एम्स की स्थापना हो। सौभाग्य से 1 नवम्बर 2000 को राज्य गठन के बाद पहली किस्त में छह राज्यों को एम्स की सौगात मिली और छत्तीसगढ़ को भी यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ विजन 2047’ डॉक्यूमेंट तैयार किया और 10 मिशन बनाकर प्रदेश को आगे बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। श्री साय ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश का जीएसडीपी 5 लाख करोड़ है, जिसे वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इस दिशा में हम पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज और वन संपदा से समृद्ध है, मेहनतकश किसान और परिश्रमी जनता इसकी असली ताकत हैं। “छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया” की कहावत को दोहराते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश 2047 तक अपने लक्ष्यों को अवश्य प्राप्त करेगा। जीएसटी सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में जीएसटी के स्लैब को 5 और 18 प्रतिशत में एकरूप किया गया है। इससे व्यापार और कृषि क्षेत्र को लाभ मिलेगा तथा व्यावसायिक गतिविधियाँ सरल होंगी। यह प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि को दर्शाता है, जो भारत को आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत बनाएगा। मुख्यमंत्री साय ने अंत में कहा कि “मानव की मुस्कान सबसे कीमती है और उसे सुरक्षित रखने व सहेजने में दंत चिकित्सकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।” उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय इस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दंत चिकित्सक मुँह और दाँत से जुड़ी बीमारियों पर विस्तृत चर्चा करेंगे और उनके उपचार की दिशा में नए संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार समीक्षा कर रहे हैं और नक्सल प्रभावित व दूरस्थ अंचलों तक गुणवत्तापूर्ण सुविधाएँ पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर में 20 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है और यह हमारे प्रयासों का प्रमाण है कि सुकमा जिले के चिंतागुफा स्वास्थ्य केंद्र को एनक्यूएएस सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति के साथ अब कुल 15 मेडिकल कॉलेज होंगे। इसके अलावा बिलासपुर में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, 12 नए नर्सिंग कॉलेज और पाँच फिजियोथैरेपी कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। जायसवाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट और दुर्गम क्षेत्रों के लिए बाइक एम्बुलेंस सेवा शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पूरे देश में सबसे अधिक कैशलेस इलाज सुविधा देने वाला राज्य बन चुका है। कॉन्फ्रेंस में इंडियन डेंटल एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के प्रेसिडेंट डॉ. अरविंद कुमार, पूर्व प्रेसिडेंट डॉ. राजीव सिंह, कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन डॉ. वैभव तिवारी सहित बड़ी संख्या में देशभर से आए दंत चिकित्सक उपस्थित रहे।  

नशे की हालत में बस चलाने वाले चालक कि संविदा समाप्त

कार्य में लापरवाही बरतने वाले समयपाल के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई – एम डी परिवहन निगम  लखनऊ उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दया शंकर सिंह के निर्देश पर चालक वीरेश की जमा की गई प्रतिभूति धनराशि जप्त करते हुए उनका अनुबंध निरस्त कर दिया गया है। इसी प्रकार समयपाल श्री विनोद कुमार पांडेय (वरिष्ठ लिपिक) को भी ड्यूटी में लापरवाही बरतने के संबंध में निलंबित किए जाने की कार्रवाई की जा रही है।  यह जानकारी देते हुए प्रबंध निदेशक श्री मासूम अली सरवर ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय परिवहन मंत्री जी के स्पष्ट निर्देश हैं कि यात्रियों के जान-माल से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। सड़क सुरक्षा सरकार की  सर्वोच्च प्राथमिकता है।  श्री सरवर ने बताया कि हरदोई डिपो की वाहन संख्या यूपी 78 एल एन 7576 12 सितंबर 2025 की रात्रि 9:00 बजे हरदोई बस स्टेशन से कानपुर के लिए रवाना हुई, जिसमें चालक के रूप में मौजूद श्री वीरेश नशे की हालत में उक्त बस चल रहे थे। यात्रियों द्वारा विरोध करने पर चालक ने यात्रियों के साथ अभद्रता की उक्त घटना का संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से चालक श्री वीरेश कि संविदा समाप्त कर दी गई है। इस प्रकार की घटना से परिवहन निगम की छवि धूमिल हुई है।उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की घटना किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं है। ऐसा कृत्य प्रकाश में आने पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- भारतीय न्याय व्यवस्था का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय न्याय व्यवस्था का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। सम्राट विक्रमादित्य भारतीय न्याय व्यवस्था के महान पुरोधा थे, जिनके निर्णयों की मिसाल आज भी दी जाती है। न्याय के क्षेत्र में उनकी पहचान विश्व स्तर पर अद्वितीय थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर में विश्व हिंदू परिषद विधि प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित अखिल भारतीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत के अनेक कानूनों में समयानुकूल बदलाव किए गए हैं, जो समय की आवश्यकता भी थे। न्याय व्यवस्था में मन की पवित्रता और पंचों का निष्पक्ष निर्णय ही असली न्याय है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी भारतीय संस्कृति और न्याय परंपरा पर गर्व है और न्यायालयों के निर्णयों का सबको समान रूप से पालन करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में कोलाहल नियंत्रण अधिनियम का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। साथ ही खुले में मांस विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है और उसका भी सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान है और उसके साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लव जिहाद के विषय में स्पष्ट कहा कि यह धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्ति की गरिमा के विरुद्ध है। प्रदेश में लव जिहाद करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि न्याय और कानून व्यवस्था में किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो। समाज के प्रत्येक वर्ग को समान न्याय मिले और जनता को यह विश्वास रहे कि मध्यप्रदेश में कानून सर्वोपरि है। कार्यक्रम को स्वामी श्री जितेंद्रानंद जी महाराज ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर केंद्रीय विधि और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल, परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आलोक जी, संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन, राष्ट्रीय संयोजक विधि प्रकोष्ठ डॉ. अभिषेक अत्रे एवं विधि प्रकोष्ठ के संरक्षक न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्री व्ही.एस. कोकजे विशेष रूप मौजूद थे।  

पॉलीथीन पर नो-टॉलरेंस! यमुनानगर प्रशासन ने जब्त किया भारी मात्रा में पॉलीथीन, वसूला लाखों का जुर्माना

यमुनानगर सिंगल यूज प्लास्टिक इस्तेमाल करने वालों की अब खैर नहीं है। त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले ऐसे दुकानदारों के खिलाफ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व नगर निगम ने संयुक्त अभियान छेड़ दिया है। दोनों विभागों के अधिकारियों के नेतृत्व में गठित टीमों ने 14 दुकानदारों के चालक किए और एक क्विंटल 59 किलोग्राम पालीथिन को जब्त किया है। इतना ही नहीं दुकानदारों पर दो लाख दो हजार 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप सिंह ने बताया कि पिछले दिनों पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह की अध्यक्षता में सभी क्षेत्रीय अधिकारियों की बैठक बुलाई गई थी। जिसमें प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल करने वाले दुकानदारों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश जारी किए गए थे। जिसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम, रादौर व साढौ़रा की नगर पालिका तथा बीडीपीओ के सहयोग से टीमों का गठन किया गया। बोर्ड की ओर एसडीओ दीक्षा पांडे, एसडीओ विक्रम सिंह व एसडीओ विभम नायक को टीम में शामिल किया गया। प्रदीप सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान 14 दुकानदारों के चालन कर उनसे एक क्विंटल 59 किलोग्राम पालीथिन जब्त की है। दुकानदारों पर दो लाख दो हजार 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। उन्होंने बताया कि यमुनानगर क्षे़त्र में छह चालान किए गए और 47 किलो 88 ग्राम पालीथिन जब्त की गई। दुकानदारों पर एक लाख जुर्माना लगाया गया। जगाधरी में पांच दुकानदारों के चालान कर 107 किलोग्राम पालीथिन जब्त की गई। 86 हजार 500 रुपये जुर्माना लगाया गया। साढौ़रा में तीन चालान कर चार किलो 47 ग्राम पॉलीथीन जब्त की गई। 16 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चंबल नदी में बोटिंग कर जेट स्काय की सवारी की

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को गांधीसागर में चंबल नदी के अद्भुत और आकर्षक प्राकृतिक नजारे का अनुभव करते हुए बोटिंग की। बोट में बैठकर उन्होंने नदी की मनोहारी छटा को निहारा और इस मनमोहक सफर का आनंद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को नई पहचान दिलाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। चंबल नदी क्षेत्र में विकसित हो रही पर्यटन गतिविधियाँ न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करेंगी बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र बनेंगी। बोटिंग के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चंबल नदी में जेट स्काय की सवारी भी की। पानी की लहरों पर बाइक बोट चलाते हुए मुख्यमंत्री अत्यंत प्रसन्नचित और उत्साहित नजर आए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल पर्यटन को बढ़ावा देंगी बल्कि प्रदेश की प्राकृतिक धरोहरों को देखने-समझने का नया अवसर भी प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सफारी जीप में बैठकर टेंट सिटी का भी अवलोकन किया और यहां की पर्यटन सुविधाओं एवं आकर्षक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ सांसद श्री सुधीर गुप्ता, गरोठ विधायक श्री चंदर सिसोदिया, कमिश्नर श्री आशीष सिंह, आईजी श्री उमेश जोगा, कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग, पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार मीणा सहित पर्यटक मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मौके पर सुनाया न्याय, धोखाधड़ी करने वाले पर की कार्रवाई

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार साबित किया कि वे राजा विक्रमादित्य को आदर्श क्यों मानते हैं। अपने चिर-परिचित अंदाज में उन्होंने एक बार फिर सुनवाई की और फैसला ऑन द स्पॉट किया। उन्होंने एक युवक की गुहार पर वहीं खड़े-खड़े मामले के दोषी की गिरफ्तारी के आदेश दिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि दोषी को तत्काल हवालात में बंद करें। इसके बाद उन्होंने युवक को गले से लगाकर मदद का आश्वासन दिया। दरअसल, यह मामला एक फॉर-व्हीलर से जुड़ा है। पीड़ित युवक का आरोप है कि उसे कंपनी ने गलत गाड़ी बेची है। सीएम डॉ. यादव के निर्देश के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। सीएम डॉ. यादव के यह अंदाज सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।   गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रतलाम में एक जगह जनता से संवाद कर रहे थे। इस बीच पूनम चंद नाम का शख्स अपनी फरियाद लेकर उसके पास आया। उसे देखते ही सीएम डॉ. यादव ने अपने पास बुलाया और मामला पूछा। युवक ने बताया कि मसला उसकी गाड़ी का है। उसने फायनेंस पर 8 लाख 32 हजार की फॉर-व्हीलर ली थी। इस पर वह 9 लाख 86 हजार दे भी चुका है। बेचने वाली कंपनी ने बॉडी बदलकर एक साल पुरानी गाड़ी मुझे दे दी। मेरे साथ बहुत बड़ा धोखा हो गया। भावुक कर देने वाला पल युवक की बात सुनकर सीएम डॉ. मोहन यादव तत्काल एक्शन में आए और फैसला ऑन द स्पॉट किया। उन्होंने वहीं खड़े पुलिस अधिकारी को दोषी युवक को हवालात में बंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि जिसने भी यह फ्रॉड किया है उसे 420 की धारा में गिरफ्तार करें। उसके बाद उन्होंने युवक के साथ कुछ समय बातचीत की और उसे गले से लगा लिया। उनके इस अंदाज की वहां मौजूद लोगों ने जमकर तारीफ की। लोगों ने कहा कि एक मुख्यमंत्री को सीएम डॉ. मोहन की तरह ही होना चाहिए। सरकार को गरीबों की इसी तरह तत्काल मदद करनी चाहिए।

‘बिहार अंधकार में’, नड्डा ने तेजस्वी पर साधा निशाना, जंगलराज और तुष्टिकरण को बताया जिम्मेदार

पटना बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी तापमान चढ़ गया है। केंद्रीय मंत्री और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को बिहार की राजधानी पटना में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। जेपी नड्डा ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि स्वार्थी नेतृत्व और जंगलराज ने बिहार को अंधकार में धकेल दिया है। बिहार को पीछे ले जाने का आरोप नड्डा ने कहा कि बिहार, जो कभी देश को दिशा देता था, आज कुछ लोगों के गलत नेतृत्व और स्वार्थी प्रयासों के कारण पीछे चला गया। जंगलराज, तुष्टिकरण और जातिवाद ने बिहार को जकड़ लिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जंगलराज का इतिहास भूलने वाला नहीं है, भले ही विपक्ष इसे भुलाने की बात कहे। नड्डा ने तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी नीतियों ने बिहार की प्रगति को बाधित किया।   मोदी-नीतीश के नेतृत्व में बदला बिहार भाजपा अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 20 साल के शासन की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा, मोदी और नीतीश के नेतृत्व में बिहार ने विकास की नई ऊंचाइयां छुई हैं। सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम हुआ है। नड्डा ने दावा किया कि एनडीए ने बिहार को जंगलराज के अंधेरे से निकालकर प्रगति की राह पर लाया। विपक्ष की निम्न राजनीति पर हमला नड्डा ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस और आरजेडी पर राजनीति को निम्न स्तर पर ले जाने का आरोप लगाया। उन्होंने हाल ही में कांग्रेस द्वारा जारी एक कथित वीडियो का जिक्र किया, जिसमें पीएम मोदी की मां के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल हुआ। नड्डा ने कहा कि ऐसे अपशब्दों का उपयोग और फिर पछतावा न करना विपक्ष के चरित्र को दर्शाता है। यह उनकी सोच का निम्न स्तर दिखाता है। चुनावी माहौल में नड्डा की हुंकार नड्डा का यह बयान बिहार में चुनावी माहौल को और गरमा सकता है। तेजस्वी यादव की बिहार अधिकार यात्रा के जवाब में नड्डा ने एनडीए की उपलब्धियों को जनता के सामने रखने की रणनीति अपनाई है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता विकास चाहती है, न कि जंगलराज की वापसी। वहीं, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शनिवार को कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बेबाक राय व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने 16 सितंबर से शुरू होने वाली बिहार अधिकार यात्रा के बारे में विस्तार से जानकारी दी।