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सीएम साय ने जताया आभार, पीएम मोदी के नेतृत्व में जीएसटी सुधारों की नई दिशा

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए ऐतिहासिक जीएसटी सुधारों का स्वागत करते हुए कहा है कि यह निर्णय भारत की कर प्रणाली को आमजन के लिए अधिक सरल और उद्योग-व्यापार के लिए प्रोत्साहनकारी बनाएगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आयकर में 12 लाख तक की छूट देने के बाद अब जीएसटी दरों में की गई भारी कटौती से रोज़मर्रा की ज़रूरत की वस्तुएं, खेती-किसानी के उपकरण, खाने-पीने की चीज़ें, दवाइयां, शिक्षा सामग्री, मनोरंजन की वस्तुएं, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सस्ते हो गए हैं। कई आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स दर शून्य कर दी गई है, जिससे नागरिकों के जीवन में सीधा लाभ पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि नवरात्रि पर्व से लागू होने वाला यह प्रावधान प्रधानमंत्री जी की Ease of Doing Business और Ease of Living की संकल्पना को साकार करेगा। इससे उद्योग-व्यापार को नई ऊर्जा मिलेगी और देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करता हूँ। यह निर्णय आम आदमी के जीवन को सरल बनाने और देश को वैश्विक अर्थव्यवस्था की नई ऊँचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

नर्मदा नदी बढ़ी उफान पर, ओंकारेश्वर बांध के 21 गेट पूरी क्षमता से खोले गए, प्रशासन हुआ अलर्ट

खंडवा मध्य प्रदेश में लगातार हो रही तेज बारिश के चलते नर्मदा नदी पर बने इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध से भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। गुरुवार को इंदिरा सागर बांध के 12 गेट  खोले गए, वहीं ओंकारेश्वर बांध से 21 गेटों के जरिए कुल 35.5 मीटर ऊंचाई तक खोले गए एवं10,533 क्यूमेक्स पानी नर्मदा नदी में छोड़ा गया। दोनों ही बांधों का जलभराव क्षमता से ऊपर नर्मदा नदी का जलस्तर वर्तमान में खतरे के निशान से केवल डेढ़ मीटर नीचे है। दोनों ही बांधों का जलभराव क्षमता से ऊपर पहुंच चुका है, जिसके चलते गेट खोलकर पानी निकाला जा रहा है। यह इस वर्ष का मात्र दो दिन में पांचवां अवसर है जब बांध प्रबंधन को गेट खोलने पड़े हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नर्मदा नदी के ऊपरी हिस्सों से कितनी अधिक मात्रा में पानी आ रहा है। खतरे की स्थिति लगातार हो रही वर्षा और ऊपरी क्षेत्रों से आ रहे प्रवाह के कारण नर्मदा नदी उफान पर है। ओंकारेश्वर से आगे खंडवा और खरगोन जिले में बसे नर्मदा किनारे के गांवों और कस्बों के लिए स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण बन गई है।  यदि वर्षा का सिलसिला जारी रहा और गेटों की संख्या व ऊंचाई और बढ़ाई गई तो नदी का जलस्तर और ऊपर जा सकता है। वर्तमान में नर्मदा नदी का जल स्तर 162,500 तक पहुंच गया है। अगर नदी का जलस्तर 163.980 पर पहुंचा तो खतरे के निशान को पार कर जाएगा। प्रशासन की तैयारी गंभीर हालात को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन टीम लगातार निगरानी कर रही है। दोनों जिलों (खंडवा और खरगोन) के पुलिस अधीक्षकों ने सभी थानों को निर्देश दिए हैं कि नर्मदा किनारे जहां-जहां जनसमूह एकत्रित होता है, वहां सुरक्षा बल तैनात रहें। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, होमगार्ड और स्थानीय गोताखोरों को भी तैयार रखा गया है। ग्राम पंचायत, नगर पंचायत और नगर पालिकाओं को सख्त आदेश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की घटना या दुर्घटना न हो। जनता से अपील प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि लोग नर्मदा नदी के किनारे न जाएं। लगातार गेट खुलने से जलस्तर कभी भी अचानक बढ़ सकता है। सावधानी बरतना ही सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय है। नर्मदा के उफान और बांधों की लगातार जलनिकासी ने पूरे नर्मदा तट क्षेत्र को अलर्ट पर ला दिया है। आने वाले समय में नदी का जलस्तर किस ओर करवट लेगा, यह वर्षा पर निर्भर करेगा। 

अनुशासनहीनता प्रस्ताव के बाद रविंद्र चौबे पहुंचे राजीव भवन, दीपक बैज से हुई बंद कमरे की मुलाकात

रायपुर  “छत्तीसगढ़ की जनता आज भी भूपेश बघेल का नेतृत्व चाहती है’ वाले बयान पर मचे बवाल के बीच पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे ने आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज से मुलाकात की. बैठक के बाद दोनों नेताओं ने तमाम असहमतियों को दरकिनार करते हुए कहा कि कांग्रेस को मजबूत करना हमारा मकसद है. आगामी चुनाव कलेक्टिव लीडरशिप में लड़ी जाएगी. छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज से मुलाकात के बाद पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि दीपक बैज कांग्रेस के अध्यक्ष है, हमारा समर्थन उनके साथ है. दीपक बैज के नेतृत्व में मजबूती से कांग्रेस लड़ाई लड़ रही है. भूपेश बघेल के जन्मदिन पर भ्रमपूर्वक बातें कही गई. अगर कुछ बातें कही गई तो वह बात नहीं थी, जो प्रेस में आई. दीपक बैज बहुत ही मैच्योर अध्यक्ष हैं. वहीं दीपक बैज ने महंत के चमचे वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस की बैठक में बहुत सारे मुद्दे थे. बैठक में संगठन सृजन अभियान पर चर्चा की गई. कांग्रेस को मजबूत करना हमारा मकसद है. बैठक में जो बातें हुई, वह घर की बात है, पार्टी की बात है. पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे से मुलाकात का जिक्र पर कहा कि कलेक्टिव लीडरशिप में लड़ने का निर्णय हुआ है. आगे भी कलेक्टिव लीडरशिप से कांग्रेस लड़ाई लड़ेगी. वहीं प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन को चमचा भवन बताते हुए भाजपा के पोस्टर जारी किए जाने पर दीपक बैज ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को अपने भवन का नाम नमक हराम भवन रखना चाहिए.

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर दिए वचन को एक महीने से भी कम समय में पूरा कर दिखाया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जीएसटी दरों में कटौती का निर्णय सभी सैक्टर के लिए गुलदस्ते के समान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर दिए वचन को एक महीने से भी कम समय में पूरा कर दिखाया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीएसटी दरों में कटौती से लाभान्वित होंगे देश के 90 प्रतिशत नागरिक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीएसटी दरों में कटौती को बताया ऐतिहासिक निर्णय प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक उथल-पुथल के बीच भी देश के गरीब-वंचितों सहित उद्यमियों का भी रखा ध्यान नागरिकों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण का माना आभार भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गुड्स एवं सर्विस टैक्स काउंसिल द्वारा जीएसटी दरों में कटौती को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वागत योग्य कदम बताया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार ने जीएसटी दरों में बदलाव कर मुक्त हृदय से देश के हर वर्ग को फायदा पहुंचाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने उद्बोधन में लाल किले की प्राचीर से कहा था कि, अगले कुछ समय में प्रदेशवासियों को बहुत अच्छी सुविधाएं मिलने वाली हैं। हमने देखा कि एक महीने से भी कम समय में उन्होंने अपने इन वचनों को साकार कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीएसटी के क्रांतिकारी बदलाव से देश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी यानी 125 करोड़ से अधिक देशवासी लाभान्वित होंगे। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और लघु एवं कुटीर उद्योग को भी व्यवसाय में इसका लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है और तेजी से तीसरे स्थान की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीएसटी स्लैब में बदलाव के बाद गुरुवार को उज्जैन में जारी संदेश में ये विचार व्यक्त किए। उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार भी माना। स्कूली बच्चों की शिक्षण सामग्री पर जीएसटी 12% से शून्य करना महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी दरों में कटौती का निर्णय देशवासियों के लिए एक प्रकार से गुलदस्ते के समान है, जिसमें सभी सैक्टर को कवर किया गया है। इंडस्ट्रीज के साथ देश के सभी वर्गों को इसका लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दुनिया भर में भारत की एक अद्भुत छवि निर्मित हो रही है। वैश्विक उथल-पुथल के बीच भी सरकार ने अपने नागरिकों, उद्यमियों, गरीब एवं वंचित वर्ग का ध्यान रखा है। नागरिकों के हैल्थ इंश्योरेंस को टैक्स फ्री कर स्वास्थ्य के क्षेत्र में अतिरिक्त राहत दी गई है। जीएसटी के सभी बदलाव इसी माह नवरात्रि से अर्थात 22 सितंबर से लागू हो जाएंगे, जिसका लाभ गरीबों, मध्यवर्ग और किसानों को भी मिलेगा। आम आदमी की जरूरत की वस्तुएं जैसे- रोटी, पराठा, पनीर, छैना सस्ते होंगे। यह सामग्री बड़े पैमाने पर निर्यात भी होती है, अत: इस बदलाब से किसानों को भी लाभ होगा। स्कूली बच्चों के लिए शिक्षण सामग्री नक्शे, चार्ट, ग्लोब, पेंसिल, शार्पनर, कॉपी, नोटबुक पर जीएसटी 12% से शून्य करना स्कूली बच्चों और युवाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। हैल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को 18% के स्लैब से हटाकर शून्य करना क्रांतिकारी निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे लिए कृषि क्षेत्र पहली प्राथमिकता है। भारतीय कृषि व्यवसाय को वैश्विक प्रभावों से सुरक्षित रखने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रैक्टर के टायर, पार्ट्स, बायोपेस्टिसाइड, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, स्प्रिंकलर, बागवानी की मशीनों पर जीएसटी दर 18% से घटाकर 5% तक लाने का निर्णय लिय है। यह कृषक कल्याण के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। दूसरी ओर नागरिकों को स्वास्थ्य क्षेत्र में लाभ मिले, इसके लिए हैल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को मौजूदा 18% के स्लैब से हटाकर टैक्स खत्म करना निर्णय क्रांतिकारी है। साथ ही कैंसर जैसी घातक बीमारियों के मरीजों के लिए कई जीवन रक्षक दवाइयां कर मुक्त कर दी गई हैं। इस फैसले का सीधा लाभ जरूरतमंदों को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में 1200 सीसी इंजन क्षमता के वाहनों पर जीएसटी स्लैब 28% से घटाकर 18% किया गया है। यह मध्यम वर्गीय के लिए कार खरीदने का सपना पूरा करेगा। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जैसे- प्रोजेक्टर, डिश, वाशिंग मशीन सस्ती होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन निर्णयों का प्रदेशवासियों को जल्द से जल्द लाभ दिलवाने के लिए राज्य सरकार सभी संबंधित क्षेत्रों में त्वरित गति से कार्य करेगी।  

वैवाहिक दूरी बनी तलाक की वजह, कोर्ट ने पत्नी के व्यवहार को माना अमानवीय

बिलासपुर हाईकोर्ट ने शादी से जुड़े एक मामले में पति की तलाक की अर्जी को स्वीकार करते हुए पत्नी को 15 लाख रुपए स्थायी गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि बिना पर्याप्त कारण वैवाहिक जीवन से दूरी बनाना पति के प्रति क्रूरता की श्रेणी में आता है. मामला कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र का है, जहां रहने वाले दंपती 2011 से अलग रह रहे थे. कोर्ट ने पति की अपील स्वीकार करते हुए फैमिली कोर्ट के आदेश को निरस्त कर दिया और पति को तलाक की डिक्री प्रदान की. मामले की सुनवाई जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की डिवीजन बेंच में हुई. कोर्ट ने कहा कि पत्नी वर्षों से अलग रह रही है, और उसने पति व ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना समेत कई मुकदमे दर्ज कराए थे. कोर्ट ने पत्नी और बेटी के भविष्य को देखते हुए पति को आदेश दिया कि वह 15 लाख रुपये का स्थायी गुजारा भत्ता अदा करे. दरअसल, एसईसीएल में माइनिंग सरदार के पद पर कार्यरत युवक की शादी 11 फरवरी 2010 को हुई थी. कुछ समय बाद उनके घर बेटी ने जन्म लिया. इसके बाद दंपती के बीच विवाद बढ़ने लगे. पति का आरोप था कि पत्नी ने वैवाहिक दायित्व निभाने से इनकार कर दिया और परिवार से अलग रहने का दबाव बनाया. वहीं पत्नी ने आरोप लगाया कि लड़की होने पर ससुरालवालों का व्यवहार बदल गया और उन्होंने पांच लाख रुपये की मांग करते हुए उत्पीड़न शुरू कर दिया. पत्नी ने पति और ससुरालवालों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना (498ए), घरेलू हिंसा और भरण-पोषण के मामले दर्ज कराए. उसने यह भी कहा कि पति और परिवार वालों ने मारपीट की और जान से मारने का प्रयास किया. वहीं पति ने पत्नी पर झूठे मामले दर्ज करने और कोर्ट परिसर में हमला करने तक के आरोप लगाए. सेशन कोर्ट ने 2019 में पति और उनके परिवार को सभी आपराधिक आरोपों से बरी कर दिया. इसके बावजूद पत्नी अलग ही रही. पति ने 2015 में तलाक की अर्जी लगाई थी, लेकिन 2017 में कटघोरा फैमिली कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा था कि पत्नी की ओर से की गई कथित क्रूरता को पति साबित नहीं कर सका. इसके बाद पति ने हाईकोर्ट में अपील दायर की. हाई कोर्ट में जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की डिवीजन बेंच में दोनों पक्षों ने दलील पेश की. कोर्ट ने कहा कि दंपति 2011 से अलग रह रहे हैं. पत्नी ने कई आपराधिक शिकायतें कीं, जिनसे पति को मानसिक यातना झेलनी पड़ी. अलग रहने का कोई वाजिब कारण पत्नी साबित नहीं कर सकी. कोर्ट ने माना कि अब दोनों के बीच पुनर्मिलन की संभावना पूरी तरह खत्म हो चुकी है. इसके साथ ही कोर्ट ने पति को आदेश दिया कि वह छह माह के भीतर पत्नी को 15 लाख रुपए स्थायी गुजारा भत्ता के रूप में अदा करे. इस फैसले के साथ ही 14 साल से लंबित यह विवादित रिश्ता कानूनी रूप से समाप्त हो गया.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन प्रेस क्लब में भगवान गणेश की आरती में हुए शामिल

 उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को उज्जैन प्रेस क्लब में भगवान गणेश जी की पूजा आरती में शामिल हुए। मुख्यमंत्री का प्रेस क्लब अध्यक्ष विशाल सिंह हाड़ा सहित पत्रकारों ने स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रेस क्लब के पत्रकारों से चर्चा कर उन्हें गणेश उत्सव की शुभकामनाएँ दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रेस क्लब की प्रथम मंजिल पर स्थित व्यायाम केंद्र में पहुंचकर नवीन व्यायाम की मशीनों का अवलोकन किया और कुछ देर वहाँ व्यायाम भी किया। इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, संजय अग्रवाल, जगदीश पांचाल आदि उपस्थित थे।  

अब ड्रोन पहुंचाएंगे मदद: बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाने की नई व्यवस्था

पंजाब  पंजाब में बाढ़ के हालात से जूझ रहे लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए भगवंत मान सरकार ने अब ड्रोन के जरिए राहत सामग्री पहुंचानी शुरू कर दी है. जिन गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है, वहां ड्रोन के ज़रिए सूखा राशन, दवाइयां, पीने का पानी, बच्चों के लिए दूध और ज़रूरी सामान छतों तक पहुंचाया जा रहा है. अमृतसर, गुरदासपुर, अजनाला, फाजिल्का और पठानकोट जैसे इलाकों में ड्रोन राहत सेवा लगातार सक्रिय है. मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है. हर ज़रूरतमंद तक समय पर मदद पहुंचाने के लिए सभी संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है. यह तकनीक आधारित राहत अभियान न सिर्फ तेज़ है, बल्कि उन सैकड़ों लोगों के लिए उम्मीद बन गया है जो कई दिनों से फंसे हुए थे. अधिकतर प्रभावित इलाकों में राहत मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार बाढ़ राहत कार्यों को बखूबी अंजाम दे रही है. यही वजह है कि राज्य के अधिकतर प्रभावित इलाकों में राहत कार्य समय पर और योजनाबद्ध तरीके से हो रहे हैं. सबसे बड़ी और असरदार पहल रही है ड्रोन के जरिए राहत सामग्री पहुंचाने की. अमृतसर, अजनाला, फाजिल्का, गुरदासपुर और पठानकोट जैसे डूबे हुए इलाकों में पुलिस और प्रशासन ने मिलकर ड्रोन के ज़रिए मदद पहुंचाने का काम किया है. इन ड्रोन के ज़रिए उन गांवों में भी सामान पहुंचाया गया, जहां नावें भी नहीं जा सकती थीं. लोगों तक छतों के रास्ते राशन, पीने का पानी, ज़रूरी दवाइयां, बच्चों का दूध, बुजुर्गों की दवाएं, महिलाओं के लिए सैनिटरी पैड और टॉर्च जैसे सामान पहुंचाए गए. ड्रोन टीमें पूरी तरह नि:शुल्क सेवा कई ड्रोन 10 से 15 किलोमीटर तक उड़कर उन जगहों पर गए, जहां लोग दो-तीन दिन से फंसे हुए थे. ये ड्रोन टीमें पूरी तरह नि:शुल्क सेवा दे रही हैं, जो सरकार की कार्यकुशलता और समाज के सहयोग की मिसाल है. इन राहत कार्यों में पुलिसकर्मी, अफसर, मेडिकल टीमें, एनडीआरएफ, आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग दिन-रात जुटे हैं. फाजिल्का में पुलिसकर्मी खुद कंधे पर बोरे लादकर राशन पहुंचा रहे हैं. गुरदासपुर और पठानकोट में अधिकारी पानी में उतरकर मेडिकल कैंप चला रहे हैं. अजनाला में प्रशासन ट्रैक्टर और नावों से राहत सामग्री बंटवा रहा है. हालात पर खुद सीएम मान की नजर मुख्यमंत्री खुद स्थिति पर निगरानी कर रहे हैं, मंत्री प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं और स्थानीय प्रशासन हर गांव तक राहत पहुंचाने में जुटा है. यह सिर्फ राहत की कहानी नहीं है, बल्कि भरोसे और नए सोच वाले पंजाब की कहानी है. जहां सरकार और जनता एक-दूसरे के साथ खड़े हैं. जहां ज़रूरत पड़ने पर टेक्नोलॉजी भी लोगों की सेवा में लगाई जा रही है.  

MP की जज साहिबा पर बड़ा केस: जंगल में पैसे लेकर सुरक्षित रहने की धमकी

रीवा मध्य प्रदेश में अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जज साहिबा से ही 'प्रॉटेक्शन मनी' मांग ली गई है। जिंदा रहने के लिए उन्हें 500 करोड़ रुपये देने को कहा गया है। रीवा जिले के त्योंथर न्यायालय में पदस्थ एक न्यायाधीश को धमकी भरा खत मिला है। डाक से मिले इस खत को भेजने वाले ने खुद को हनुमान नाम के एक डकैत का साथी बताया है। मामले की शिकायत सोहागी थाने में दर्ज कराई गई है जिसके बाद अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। मामला रीवा जिले के सोहागी थाना क्षेत्र अंतर्गत त्योंथर न्यायालय का है। यहां पदस्थ प्रथम व्यवहार न्यायाधीश मोहिनी भदौरिया को पोस्ट ऑफिस के माध्यम से एक धमकी भरा पत्र मिला है। यह पत्र प्रयागराज जिले के बारा थाना अंतर्गत लोहगारा निवासी संदीप सिंह ने लिखा है। पत्र में न्यायाधीश को जान से मारने की धमकी दी है और उसके एवज में 500 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी है। पत्र लिखने वाले ने खुद को दस्यु सरगना हनुमान के गिरोह का साथी बताया है। उसने पांच अरब की फिरौती लेकर 1 सितंबर को शाम 7:45 बजे यूपी-एमपी के बॉर्डर पर स्थित बड़गड़ जंगल में बुलाया गया था। यह भी लिखा गया था कि रकम लेकर उन्हें खुद आना है। मामले की शिकायत सोहागी थाने में दर्ज करवाई गई है, जहां पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 308 (4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है। न्यायाधीश को इस तरह से पत्र लिखने वाले आरोपी की तलाश में पुलिस टीम यूपी पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि आरोपी यूपी का रहने वाला है। उसने ऐसा पत्र न्यायाधीश को किन कारणों से लिखा, उसका खुलासा आरोपी के पकड़े जाने के बाद ही हो पाएगा। एसपी विवेक सिंह ने कहा कि एक पत्र रजिस्ट्री के जरिए मिला है। इसमें धमकी देकर फिरौती की मांग की गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया था। कुछ संदिग्धों की पहचान की गई है, जो यूपी के हैं। जल्द ही इन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। लेटर में 500 करोड़ की मांग की गई है, कारण कुछ खास नहीं बताए गए हैं।

हाथियों का उत्पात: रांची के कुल्लू में मकान ध्वस्त, परिवार तबाही का शिकार

रांची झारखंड के रांची जिले के चान्हो प्रखंड के ग्राम कुल्लू में आज तड़के हाथियों के एक झुंड ने जगदीश गंझु के घर को ध्वस्त कर दिया। वहीं घर के अंदर रखे चावल, बर्तन और घर में रखी चीजों को भी बर्बाद कर दिया। हाथियों के हमले से जगदीश गंझु को काफी नुकसान हुआ है। जगदीश गंझु एक गरीब परिवार से हैं और उनके परिवार के लिए यह एक बड़ा झटका है। हाथियों के इस हमले से ग्रामीणों में डर का माहौल व्याप्त हो गया और लोग घरों से निकलने से डर रहे हैं। उन्हें चिंता है कि आगे भी हाथियों का हमला हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हाथियों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं और प्रशासन को इस मामले में तुरंत कारर्वाई करनी चाहिए और पीड़ित परिवार को सहायता प्रदान करनी चाहिए। साथ ही हाथियों को नियंत्रित करने के लिए भी कदम उठाए जाने चाहिए ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।  

गणेश विसर्जन और ईद मिलादुन्नबी को लेकर कलेक्टर-एसपी की संयुक्त बैठक

गणेश विसर्जन और ईद मिलादुन्नबी को लेकर कलेक्टर-एसपी की संयुक्त बैठक त्योहारों में शांति और सौहार्द बनाए रखने दिए सख्त निर्देश मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में आगामी पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डी. राहुल वेंकट और पुलिस अधीक्षक चन्द्रमोहन सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में गणेश विसर्जन, ईद मिलादुन्नबी, दशहरा और दीपावली की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने साफ कहा कि परंपरागत स्थलों पर होने वाले आयोजनों के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रहते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि गणेश विसर्जन के दौरान ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। जरूरत से अधिक डेसिबल पर डीजे बजाने वालों पर तुरंत कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि शांति समिति से मिले सुझावों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि साम्प्रदायिक सौहार्द और शांतिपूर्ण माहौल बना रहे। एसपी ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी पशु मालिक की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। इस दौरान नागपुर व बरबसपुर क्षेत्र में ‘गाय मित्र समूह’ बनाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने आरटीओ को आदेशित किया कि यातायात नियम उल्लंघन करने वालों पर लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई में तेजी लाएं। बिना हेलमेट व बिना सीटबेल्ट वाहन चलाने वालों पर चालान के साथ-साथ लाइसेंस रद्द करने जैसे कठोर कदम उठाने पर जोर दिया गया। बैठक में खोंगापानी में नई पुलिस चौकी हेतु भूमि आवंटन पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर और एसपी ने सभी एसडीएम व तहसीलदारों को आपसी समन्वय बनाकर त्योहारों पर सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर विनायक शर्मा, श्रीमती नम्रता आनंद डोंगरे, चिरमिरी सीएसपी दीपिका मिंज, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती इंदिरा मिश्रा, एसडीएम लिंगराज सिदार, शशि शेखर मिश्रा, विजयेन्द्र सारथी, तहसीलदार, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।