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एबीवीपी का ऐक्शन डिमांड, योगी को चेतावनी – 48 घंटे में करें कार्रवाई

लखनऊ राजधानी लखनऊ में एबीवीपी ने पत्र लिखकर सीएम योगी को अल्टीमेटम दिया है। एबीवीपी ने लाठीचार्ज मामले ऐक्शन के लिए 48 घंटे समय दिया है। कैसरबाग स्थित एबीवीपी कार्यालय पर राष्ट्रीय मंत्री अंकित शुक्ला ने प्रेस वार्ता कर कहा कि परिषद ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर 48 घंटे में कार्रवाई की मांग की है, अन्यथा प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। बताया कि रामस्वरूप यूनिवर्सिटी में विधि विद्यार्थियों के शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान बवाल हो गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) कार्यकर्ताओं और छात्रों ने आरोप लगाया कि बाहरी गुंडों ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हमला किया और पुलिस ने बर्बर लाठीचार्ज किया। आंदोलन का कारण विश्वविद्यालय में नवीनीकरण और मानक के बिना चल रहा विधि पाठ्यक्रम था। एबीवीपी ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में मांग की है कि लाठीचार्ज की घटना में शामिल पुलिसकर्मियों और बाहरी गुंडों पर एफआईआर दर्ज कर कठोरतम कार्रवाई की जाए। परिषद ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर किसके आदेश पर लाठीचार्ज हुआ, इसका जवाब अब तक नहीं दिया गया है आपको बता दें कि तीन दिन पहले श्रीरामस्वरूप यूनिवर्सिटी में एलएलबी की मान्यता का नवीनीकरण न होने से छात्रों का भविष्य बर्बाद होने की बात पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व कॉलेज के छात्रों ने प्रदर्शन शुरू किया था। प्रदर्शन को खत्म कराने को लेकर विश्वविद्यालय प्रबंधन के इशारे पर पुलिस द्वारा छात्रों की बर्बता से पिटाई कराने के आरोप लग रहे हैं। लाठीचार्ज से कई छात्र घायल हो गए। मामला तूल पकड़ने लगा तो प्रशासन भी अब ऐक्शन आ गया है। वहीं मामले ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी ने मंडलायुक्त-आईजी अयोध्या को जांच के साथ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। कुछ ही देर बाद ही बाराबंकी सीओ सिटी हर्षित चौहान को हटा दिया गया। इंस्पेक्टर आरके राना, चौकी प्रभारी गदिया गजेन्द्र सिंह और दो सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया। आदेश मिलते ही मंडलायुक्त अयोध्या, आईजी अयोध्या प्रवीण कुमार ने बाराबंकी पहुंच कर जांच शुरू कर दी।  

6 सितंबर तक स जिले में सभी स्कूल रहेंगे बंद, भारी बारिश को देखते हुए लिया फैसला

सिरसा  सिरसा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी सिरसा द्वारा जारी आदेशानुसार, उपायुक्त के निर्देश पर जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल 5 और 6 सितंबर को बंद रहेंगे।  आदेश में कहा गया है कि यदि मौसम सामान्य रहा तो विद्यालय 8 सितंबर से नियमित रूप से खुल जाएंगे। जिला शिक्षा विभाग ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है। इस फैसले से विद्यार्थियों और अभिभावकों को राहत मिलेगी। 

बीजेपी कार्यकर्ताओं और ओबीसी मोर्चा ने राहुल-तेजस्वी का पुतला फूंका, जताया विरोध

मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर जिले में  बुधवार (3 सितंबर) को ओबीसी मोर्चा पूर्वी जिलाध्यक्ष कुंदन गुप्ता के नेतृत्व में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का पुतला दहन किया गया। कार्यकर्ताओं ने कल्याणी चौक पर दोनों नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और माफी की मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शन के दौरान ‘राहुल गांधी मुर्दाबाद, तेजस्वी यादव मुर्दाबाद’ के नारे गूंजते रहे। ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष कुंदन गुप्ता के साथ महामंत्री आकाश पटेल और राकेश रंजन ने इस विरोध का नेतृत्व किया। मोर्चा कार्यकर्ताओं का कहना है कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां के खिलाफ की गई कथित टिप्पणी पर सार्वजनिक माफी मांगनी होगी, तभी विरोध समाप्त होगा। इसी क्रम में बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। बीजेपी नेता साकेत ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री और उनके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक बयान को पार्टी कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक माफी नहीं मांगी जाती, विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन लगातार जारी रहेगा। पुतला दहन और प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष विवेक कुमार, जिला प्रभारी रमेश श्रीवास्तव, महामंत्री मुकेश शर्मा, उपाध्यक्ष अशोक झा, मंत्री पूनम वर्मा, रितु आनंद, मीडिया प्रभारी रंजन ओझा समेत बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता और ओबीसी मोर्चा से जुड़े नेता मौजूद रहे।

सोशल मीडिया साज़िश के खिलाफ भाजयुमो आक्रामक, मनेंद्रगढ़ कोतवाली में दी बड़ी चुनौती

मनेंद्रगढ़/एमसीबी भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने प्रदेश अध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा के खिलाफ सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही झूठी, भ्रामक और सुनियोजित अफवाहों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजयुमो पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सिटी कोतवाली मनेंद्रगढ़ में पहुंचकर थाना प्रभारी सुनील तिवारी को एफआईआर हेतु आवेदन सौंपते हुए अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। भाजयुमो का कहना है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाकर प्रदेश अध्यक्ष की छवि धूमिल करने की साज़िश किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि दोषियों पर सख्त कदम नहीं उठाए गए तो युवा मोर्चा उग्र आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगा। इस दौरान प्रदेश पदाधिकारी कोमल पटेल, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अंकित शर्मा, जिला महामंत्री हिमांशू श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष जलील शाह, मंडल अध्यक्ष आदित्य अग्रवाल, महेश चक्रधारी, रोहित यादव, अजय पटेल, दिनेश सिंह, शिवेंद्र केवट सहित बड़ी संख्या में भाजयुमो कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कैब सेवाओं को मिलेगी नई दिशा: सरकार लाएगी मोटर व्हीकल एग्रीगेटर पॉलिसी

जयपुर राजस्थान में जल्द ही मोटर व्हीकल एग्रीगेटर पॉलिसी लागू की जाएगी। उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने विधानसभा में यह जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को इस संबंध में गाइडलाइन भेजी है, जिसका अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पॉलिसी का मसौदा तैयार करने के लिए संबंधित विभागों से चर्चा की जा रही है और राज्य की आवश्यकता अनुसार इसमें संशोधन किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की मंशा न केवल ऐप आधारित कैब सेवाओं को रेगुलेट करने की है, बल्कि उपभोक्ताओं को पारदर्शी और सुरक्षित सेवा भी प्रदान करनी है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में ओला, उबर जैसी एग्रीगेटर कंपनियों की सेवाओं को लेकर कई बार किराया निर्धारण, लाइसेंसिंग और सुरक्षा से जुड़ी शिकायतें सामने आई हैं, जिसे नियंत्रित करने की आवश्यकता है। क्या है मोटर व्हीकल एग्रीगेटर पॉलिसी? केंद्र सरकार की इस नीति का उद्देश्य ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं के संचालन को एक ढांचे में लाना है। इसमें एग्रीगेटर कंपनियों को लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा, कैब चालकों का पंजीकरण, किराए की अधिकतम सीमा और ग्राहक की सुरक्षा जैसे प्रावधान शामिल होंगे। इसके तहत राज्य सरकारों को यह अधिकार दिया गया है कि वे अपनी जरूरतों के अनुसार नियमों में संशोधन कर सकती हैं। कब तक लागू होगी नीति? डॉ. बैरवा ने बताया कि पॉलिसी के ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने के बाद कैबिनेट में पेश किया जाएगा और अनुमोदन के बाद इसे राज्य में लागू किया जाएगा। फिलहाल अधिकारियों की एक टीम इसे अन्य राज्यों की नीतियों से भी तुलना कर रही है ताकि राजस्थान के लिए एक व्यवहारिक और प्रभावी नीति तैयार की जा सके। क्या होगा बदलाव? नई नीति लागू होने के बाद यात्रियों को तयशुदा किराया, पारदर्शी बिलिंग सिस्टम, चालक की पृष्ठभूमि की जांच, रियल टाइम ट्रैकिंग और इमरजेंसी रिस्पॉन्स जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी। वहीं, एग्रीगेटर कंपनियों पर भी जवाबदेही तय होगी और अनियमितताओं की स्थिति में लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान होगा।

एकलव्य वन से प्रारंभ हुई थी विशिष्ट वन की श्रृंखला, ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ पर होगा विशेष कार्यक्रम

पौधरोपण महाभियान-2025: शिक्षकों के सम्मान में सभी वन प्रभाग लगाएंगे 'एक पेड़ गुरु के नाम' एकलव्य वन से प्रारंभ हुई थी विशिष्ट वन की श्रृंखला, 'एक पेड़ गुरु के नाम' पर होगा विशेष कार्यक्रम शिक्षक दिवस (5 सितंबर) पर गुरु के सम्मान में रोपे जाएंगे पौधे लखनऊ के कुकरैल, वाराणसी के आईआईटी (बीएचयू) में लगाए जाएंगे पौधे  योगी सरकार के प्रयास से निरंतर बढ़ रहा यूपी का फॉरेस्ट कवर लखनऊ  योगी सरकार ने एक तरफ पौधरोपण महाभियान-2025 के अंतर्गत एक दिन में 36.21 करोड़ से अधिक पौध रोप कर नया रिकॉर्ड बनाया तो दूसरी तरफ इस वर्ष भी विशिष्ट वनों की स्थापना की गई। विशिष्ट वनों का आगाज एकलव्य वन के साथ प्रारंभ हुआ तो 'एक पेड़ गुरु के नाम' के तहत विशिष्ट आयोजन भी होगा। गुरु के सम्मान में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर सभी वन प्रभागों में यह आयोजन किया जाएगा। राजधानी लखनऊ में कुकरैल में वन विभाग के सेवानिवृत्त व वर्तमान अधिकारी पौधरोपण करेंगे।  योगी सरकार ने रचा इतिहास, 2025 में बनाया सर्वाधिक पौधरोपण का कीर्तिमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने नया इतिहास रच दिया। 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' थीम के अंतर्गत पौधरोपण महाभियान-2025 में पूरे प्रदेश में एक दिन (9 जुलाई, बुधवार) में 37,21,40,925 पौधरोपण हुए। यह सरकार द्वारा तय किए गए लक्ष्य 37 करोड़ से 21,40,925 अधिक रहा। सीएम योगी ने अयोध्या से अभियान का आगाज किया था। उन्होंने 9 जुलाई को ही आजमगढ़ और गोरखपुर में भी पौधरोपण किया था।  लखनऊ में कुकरैल, वाराणसी में बीएचयू में लगेगा 'एक पेड़ गुरु के नाम'  लखनऊ के प्रभागीय वनाधिकारी सितांशु पांडेय ने बताया कि विशिष्ट वनों की श्रृंखला में शिक्षक दिवस पर लखनऊ के कुकरैल में पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। यहां स्मृति वाटिका में भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्त व वर्तमान अधिकारी पौधरोपण करेंगे। यहां अधिकारियों को स्मृति चिह्न के रूप में पौधे भी भेंट किए जाएंगे। वहीं वाराणसी की प्रभागीय वनाधिकारी स्वाति श्रीवास्तव ने बताया कि आईआईटी (बीएचयू) में 'एक पेड़ गुरु के नाम' के तहत पौधरोपण होगा।  पौधरोपण महाभियान-2025 में लगाए गए विशिष्ट वन  पौधरोपण महाभियान-2025 के मिशन निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि गुरु के सम्मान में 5 सितंबर को प्रदेश के सभी वन प्रभागों में 'एक पेड़ गुरु के नाम' लगाया जाएगा। इसे लेकर सभी वन प्रभागों में तैयारी पूरी हो गई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी अनेक विशिष्ट वन स्थापित किए गए।  2025 में स्थापित किए गए विशिष्ट वन व अन्य कार्यक्रम 👉 एकलव्य वन                 👉 ऑक्सी वन                  👉 शक्ति वन                   👉 त्रिवेणी वन                   👉 अटल  वन                   👉 सहजन भंडारा              👉 गोपाल वन                 👉 एकता  वन                 👉 पवित्र धारा पौधरोपण      👉 औद्योगिक इकाइयों द्वारा पौधरोपण  (संकल्प गोष्ठी व पौधरोपण)   👉 भाई-बहन पौधरोपण       (रक्षाबंधन वाटिका) 👉 शौर्य/सिंदूर वन            👉 एक पेड़ गुरु के नाम       

बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर: जमुई विधानसभा में BJP को मिली थी ऐतिहासिक जीत

जमुई  बिहार की जमुई विधानसभा जिले की हॉट सीट के रूप में जानी जाती है। समाजवादियों और कांग्रेसियों का गढ़ कहे जाने वाले क्षेत्र में 2020, यानी भाजपा के गठन के 40 साल के बाद पहली बार कमल खिलने में कामयाब हुआ। अब बात इस क्षेत्र के पिछले चुनावी इतिहास की करें तो 1995 में पहली बार इस सीट से भाजपा प्रत्याशी के रूप में वीरेंद्र सिंह ने चुनाव लड़ा और उन्हें महज पांच हजार वोट से ही संतोष करना पड़ा। इसके बाद गठबंधन का दौर शुरू होने पर यह सीट जदयू के खाते में चली गई। फिर यहां से नरेंद्र सिंह ने जदयू प्रत्याशी के तौर पर 6379 वोट से जीत दर्ज की। काफी मशक्कत के बाद 2015 में यह सीट भाजपा के खाते में आई और पार्टी ने निवर्तमान विधायक अजय प्रताप पर भरोसा जताया, लेकिन पार्टी द्वारा दूसरी बार किया गया यह प्रयोग असफल हुआ और अजय प्रताप को हार का सामना करना पड़ा। 2020 के चुनाव में बाजी आखिर भाजपा के हाथ आ ही गई और पहली बार इस विधानसभा क्षेत्र से श्रेयसी सिंह ने भाजपा विधायक के तौर पर जीत हासिल की। अब देखने वाली बात यह होगी कि इतने लंबे अरसे और इतने कठिन प्रयास के बाद खिला कमल यहां खिलकर बड़ा होता है या इसकी चमक कम होती चली जाती है, यह तो इस चुनाव में ही पता चल पाएगा। 1952 में दुर्गा मंडल बने प्रथम विधायक 1952 से ही इस विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने जाते रहे हैं। त्रिपुरारी सिंह और सुशील कुमार सिंह को छोड़कर हर बार के चुनाव में यहां सत्ता की धुरी अलग-अलग नेताओं के साथ घूमती रही है। दुर्गा मंडल इस विधानसभा क्षेत्र से 1952 में हुए प्रथम चुनाव में कांग्रेस पार्टी से विधायक के रूप में निर्वाचित हुए। इसके बाद हरी प्रसाद शर्मा और गुरु रामदास भी कांग्रेस पार्टी से विधायक बने। त्रिपुरारी प्रसाद सिंह ने चार बार इस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। इसके बाद नरदेव प्रसाद भगत ने विधायक के रूप में जीत दर्ज की। सुशील कुमार सिंह उर्फ हीरा जी ने भी विधायक के तौर पर तीन बार प्रतिनिधित्व किया। इसी विधानसभा क्षेत्र से अर्जुन मंडल, नरेंद्र सिंह, उनके मंझले पुत्र अभय सिंह, बड़े पुत्र अजय प्रताप और विजय प्रकाश ने भी जीत हासिल की। त्रिपुरारी सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष पद को किया सुशोभित इस विधानसभा क्षेत्र से त्रिपुरारी सिंह 1967 से लेकर 1977 तक चार बार प्रजा सोशलिस्ट पार्टी से विधायक के रूप में निर्वाचित हुए। उन्होंने अलग-अलग विभागों के मंत्री के अलावा विधानसभा अध्यक्ष के पद को सुशोभित करते करने का काम किया। नरदेव प्रसाद भगत ने 1980 में इस विधानसभा क्षेत्र से पहले निर्दलीय विधायक के तौर पर जीत हासिल की। सुशील कुमार सिंह उर्फ हीरा जी ने पहली बार 1985 में कांग्रेस की टिकट से विधायक के तौर पर जीत दर्ज की। 1990 में जनता दल की लहर में भी सुशील कुमार सिंह कांग्रेस के टिकट से दोबारा विधायक बनने में कामयाब हुए। 1995 में अर्जुन मंडल ने जनता दल की टिकट से जीत दर्ज कर बिहार सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री के पद को सुशोभित किया। वर्ष 2000 में नरेंद्र सिंह, 2000 के मई में हुए उप चुनाव में सुशील कुमार सिंह, 2005 में अभय सिंह, 2010 में अजय प्रताप और 2015 में विजय प्रकाश ने विधायक के तौर पर यहां से जीत दर्ज की। 2020 में इस सीट से पूर्व रेल राज्य मंत्री स्व. दिग्विजय सिंह की छोटी पुत्री श्रेयसी सिंह ने भाजपा की टिकट से 41,000 से अधिक मतों से जीत हासिल कर फिलहाल प्रतिनिधित्व कर रही हैं। वर्ष 1952 से लेकर 2020 तक के बीच निर्वाचित प्रत्याशी और दल वर्ष निर्वाचित प्रत्याशी दल 1952 दुर्गा मंडल कांग्रेस 1957 हरिप्रसाद शर्मा कांग्रेस 1962 गुरु रामदास कांग्रेस 1967 त्रिपुरारी सिंह प्रजा सोशलिस्ट पार्टी 1969 त्रिपुरारी सिंह प्रजा सोशलिस्ट पार्टी 1972 त्रिपुरारी सिंह प्रजा सोशलिस्ट पार्टी 1977 त्रिपुरारी सिंह प्रजा सोशलिस्ट पार्टी 1980 नरदेव प्रसाद भगत निर्दलीय 1985 सुशील कुमार सिंह कांग्रेस 1990 सुशील कुमार सिंह कांग्रेस 1995 अर्जुन मंडल जनता दल 2000 नरेंद्र सिंह जदयू 2000 (उपचुनाव) सुशील कुमार सिंह जदयू 2005 (फरवरी) विजय प्रकाश राजद 2005 (नवंबर) अभय सिंह जेडीयू 2010 अजय प्रताप जेडीयू 2015 विजय प्रकाश राजद 2020 श्रेयसी सिंह भाजपा  

कटिहार जंक्शन पर सफर होगा आसान, 118 करोड़ की लागत से रोड ओवर ब्रिज का होगा निर्माण

कटिहार कटिहार जंक्शन पर यातायात जाम को कम करने की दिशा में रेल मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय ने मुकुरिया इंड पर 118.61 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 2 लेन रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह आरओबी मौजूदा लेवल क्रॉसिंग गेट KM-2 और KK-1 की जगह लेगा, जो कटिहार-दंडखोरा और कटिहार-मियाना सेक्शन के बीच पड़ते हैं। ये लेवल क्रॉसिंग राज्य राजमार्ग 98 को राष्ट्रीय राजमार्ग 31 से जोड़ने वाली व्यस्त सड़क पर स्थित हैं। यहां ट्रेन परिचालन के दौरान गेट बंद होने से लंबे समय तक जाम लगता था। ट्रैफिक सेंसस 2024 के अनुसार, इन क्रॉसिंग्स पर टीवीयू क्रमशः 1,11,420 और 2,91,024 दर्ज किए गए, जो पिछले वर्षों में रेल और सड़क परिवहन दोनों में तेज़ वृद्धि को दर्शाता है। इसी वजह से आरओबी निर्माण की जरूरत महसूस की गई। निर्माणाधीन आरओबी में 30 स्पैन का पीएससी गर्डर वायडक्ट और 2 स्पैन का स्टील गर्डर वायडक्ट शामिल होगा। फिलहाल इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। रेल मंत्रालय का मानना है कि इस आरओबी के बन जाने से न केवल कटिहार क्षेत्र में रेल परिचालन की सुरक्षा और दक्षता बढ़ेगी, बल्कि सड़क उपयोगकर्ताओं और पैदल यात्रियों को भी जाम से निजात और सुरक्षित आवाजाही मिल सकेगी।

मॉनसून का कहर जारी! MP में कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल  मध्यप्रदेश में मॉनसून ने एक बार फिर अपनी पूरी ताकत दिखा दी है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से प्रदेश में जमकर बारिश हो रही है। मौसम विभाग (IMD) ने आज, 4 सितंबर 2025 को प्रदेश के लगभग आधे हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जानिए आज कहां कैसा मौसम रहेगा। इन जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने नौ जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसमें सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ और देवास शामिल हैं। इन इलाकों में तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) और वज्रपात की भी आशंका है। यहां भारी बारिश का येलो अलर्ट इसके अलावा प्रदेश के 17 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है। इसमें भोपाल, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, आगर, गुना, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और पांढुर्णा शामिल हैं। उज्जैन में क्षिप्रा का जलस्तर बढ़ने से घाट किनारे के मंदिर डूब गए हैं। उनके गुंबद तक पानी आ गया है। प्रशासन ने लोगों को घाटों से दूर रहने की चेतावनी दी है। रतलाम और आसपास के इलाकों में गुरुवार सुबह तेज बारिश हुई। इससे जनता कॉलोनी, पीएंडटी कॉलोनी, जवाहर नगर समेत कई रिहायशी इलाकों में पानी भर गया। कई मकानों में गृहस्थी का सामान डूब गया। नर्मदापुरम जिले के इटारसी में तवा डैम के तीन गेट 5-5 फीट की ऊंचाई तक खुले हैं। इनसे करीब 25000 क्यूसेक पानी नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है। डैम के गेट पिछले 15 दिन से खुले हैं। भोपाल में गुरुवार सुबह कहीं धीमी, कहीं तेज बारिश हुई। 26 जिलों में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने गुरुवार को 26 जिलों में अति भारी या भारी बारिश की चेतावनी दी है। अगले 24 घंटे के दौरान झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास और सीहोर में अति भारी बारिश होने का अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है। बाकी मध्यप्रदेश का हाल प्रदेश के अन्य हिस्सों, जैसे ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, सतना और शहडोल में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं गरज-चमक और वज्रपात की संभावना है। तापमान की बात करें तो भोपाल में 30.0 डिग्री, इंदौर में 29.3 डिग्री, ग्वालियर में 31.4 डिग्री, और जबलपुर में 30.3 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। पचमढ़ी जैसे पहाड़ी इलाकों में तापमान 25.0 डिग्री तक नीचे जा सकता है। अगले चार दिन जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 4 से 7 सितंबर तक मध्यप्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। खासकर मालवा-निमाड़, विंध्य और पूर्वी मध्यप्रदेश में मॉनसून की सक्रियता चरम पर होगी। 5 सितंबर को ग्वालियर-चंबल संभाग में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आ सकती है, लेकिन उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। औसत से 21 फीसदी ज्यादा बरसा मॉनसून मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश में इस साल मॉनसून ने औसत से 21% अधिक बारिश दी है और यह सिलसिला अभी थमने का नाम नहीं ले रहा। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय मॉनसून ट्रफ के कारण प्रदेश में 6-7 सितंबर तक झमाझम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पूर्वी मध्यप्रदेश में 21% और पश्चिमी मध्यप्रदेश में 22% अतिरिक्त बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत 37 इंच के मुकाबले अब तक 38.2 इंच तक पहुंच चुकी है। मालवा-निमाड़ और विंध्य क्षेत्रों में बारिश का जोर सबसे ज्यादा रहेगा।

नीरज कुमार सिंह का विपक्ष पर हमला, कहा- झूठे आरोप लगाने वालों का इतिहास रहा बूथ कैप्चरिंग से भरा

सुपौल सुपौल जिले के छातापुर में बुधवार को एनडीए के विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के पीएचईडी मंत्री एवं छातापुर विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। छातापुर विधायक ने कहा कि जिनके शासनकाल में बूथ लूट और मतपेटी हेराफेरी की घटनाएं आम थीं, वही आज चुनाव आयोग पर झूठे आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2005 के पहले का “गुंडागर्दी का दौर” वापस लाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अब बिहार की जनता इनके झांसे में नहीं आएगी। उन्होंने अपने 20 वर्षों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि बिना किसी भेदभाव के क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी योजनाओं पर काम हुआ है। अगर विपक्ष को विकास नहीं दिखता, तो उन्हें “आंख का इलाज करवाना चाहिए।” मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि वीरपुर से जल्द हवाई सेवा शुरू होगी। साथ ही महिला आरक्षण, स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता और पेंशन बढ़ोतरी की उपलब्धियां भी गिनाईं। सम्मेलन में मंत्री हरि सहनी ने विधायक नीरज बबलू को “शेर जैसा नेता” बताते हुए जनता से अपार समर्थन देने की अपील की। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा की स्थिति बदहाल थी, लेकिन नीतीश कुमार और एनडीए सरकार ने बिहार को विकास की राह पर खड़ा किया। मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने सम्मेलन में उमड़ी भीड़ को एनडीए के पक्ष में मजबूत जनसमर्थन का संकेत बताया। वहीं, पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने विपक्ष को “बहुरूपिया” बताते हुए जनता को सावधान रहने की नसीहत दी। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र ऋषिदेव की अध्यक्षता रही और कई नेताओं ने पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार की विकासपरक नीतियों का उल्लेख किया। वक्ताओं ने विपक्ष पर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि दरभंगा में पीएम की मां को गाली देने जैसी घटनाओं ने जनता को आक्रोशित किया है और इसका जवाब विधानसभा चुनाव में मिलेगा। मौके पर कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।