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वैदिक घड़ी का शुभारंभ: सूर्योदय से सूर्यास्त तक होगी समय की गणना, सीएम बोले- यही है असली भारतीय पद्धति

भोपाल   राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण और ऐप लॉन्च किया। इस घड़ी की खासियत है कि यह सूर्य की गति के साथ चलती है और सूर्योदय से नए दिन की शुरुआत करती है। इस मौके पर शौर्य स्मारक से युवाओं का बाइक व पैदल मार्च निकाला गया, जो मुख्यमंत्री निवास तक पहुंचा। वहां “विक्रमादित्य वैदिक घड़ी : भारत के समय की पुनर्स्थापना की पहल” विषय पर युवा संवाद हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री ने युवाओं से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह केवल घड़ी नहीं, बल्कि भारत की गौरवशाली परंपरा और वैज्ञानिक दृष्टि का आधुनिक स्वरूप है। वैदिक घड़ी हमारी संस्कृति को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाएगी।   कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विक्रमादित्य वैदिक घड़ी से जुड़े मोबाइल ऐप का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम में मंत्री विश्वास सारंग ने कहा- 'अगर हम मंत्रियों को एक-एक घड़ी भेंट कर दी जाए तो हम भी अपने घरों में इसे स्थापित कर सकें।' वर्ष की गणना छह ऋतुओं के आधार पर की गई  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समय की गणना सूर्योदय से सूर्योदय तक होनी चाहिए, क्योंकि रात 12 बजे दिन बदलने का कोई औचित्य नहीं है। हमारे इतिहास में खगोल विज्ञान को सूर्य की छाया के आधार पर समझा और परिभाषित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे व्रत-त्योहार अंग्रेजी कैलेंडर पर नहीं, बल्कि भारतीय पंचांग पर आधारित हैं। वर्ष की गणना भी तिथियों और छह ऋतुओं के आधार पर की गई है।  सीएम ने कहा कि ये भारत का समय है…। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी अब मोबाइल ऐप के माध्यम से भी उपलब्ध है। इसे डाउनलोड कर आप अपने फोन पर हर उपयोगी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। मुझे प्रसन्नता है कि मुख्यमंत्री निवास के बाहर भी वैदिक घड़ी स्थापित की गई है।  सूर्योदय से होना चाहिए दिन की गणना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे सभी त्योहार अंग्रेजी तिथियों के आधार पर नहीं आते। वर्ष की गणना भी तिथियों और छह ऋतुओं के आधार पर की गई है। इसलिए समय की गणना सूर्योदय से सूर्योदय तक होनी चाहिए। रात 12 बजे दिन बदलने का कोई औचित्य नहीं है। हमारी प्राचीन गणना पद्धति में 60 सेकेंड का मिनट नहीं, बल्कि 30 घंटे में 30 मुहूर्त माने जाते हैं। यह कोई बंधन नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति की धरोहर और विचार का विषय है। उन्होंने कहा कि अतीत के इतिहास में खगोल विज्ञान को सूर्य की छाया से समझा जाता था। भारत का सेंटर पॉइंट उज्जैन माना गया है, लेकिन यह भी समय के साथ दोलायमान हुआ और 32 किमी दूर डोंगला तक पहुंचा। भगवान श्रीकृष्ण भी समय गणना का केंद्र खोजने डोंगला के पास नारायणा गांव आए थे, जहां उनके साथ बलराम और सुदामा भी मौजूद थे। सीएम ने आगे कहा कि 10 हजार साल पहले सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण कब हुआ था, इसकी गणना आज का कंप्यूटर भी नहीं कर पाएगा, लेकिन हमारी वैदिक काल गणना तुरंत सटीक जवाब देती है। सावन के महीने में छाता लेकर चलने की परंपरा भी इसी अनुभवजन्य गणना का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ग्रह, नक्षत्र और तिथियों के आधार पर जीवन के सभी निर्णय तय किए जाते थे। हमने विधानसभा में भी यही परंपरा अपनाने का प्रयास किया है- रात में भी काम हो सकता है, लेकिन अमावस्या के दिन अवकाश होना चाहिए। पश्चिम का समय जब तक था, तब तक था। अब पूर्व का समय आया है। दुनिया में भारत की अच्छाइयों को लेकर जाने का यही समय सही समय है। 2014 में सरकार बनाने के 6 महीने में ही पीएम मोदी ने दुनिया मे योग को पुर्नस्थापित करने का काम किया। भारत का ज्ञान कौशल समूची मानवता के लिए है। ये घड़ी भारत की हलचल दुनिया को दिखा रही है। सबकी गति अलग- अलग है लेकिन हमारी ज्ञानगंगा की धारा और आगे तक जाए। हम सब इस घड़ी का उपयोग करते हुए इसकी चर्चा करेंगे। सीएम ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से कहा- मोबाइल ऊपर करके क्यूआर कोड से घड़ी डाउनलोड करो। CM ने सबके मोबाइल की टॉर्च ऑन करवाई। भरतीय पंचांग ऋतुओं और प्रकृति से जुड़ा हुआ  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के लोकार्पण एवं युवाओं से संवाद कार्यक्रम में कहा कि  काल गणना और वैदिक पद्धति हमारी वैज्ञानिक और सांस्कृतिक धरोहर है। अंग्रेजी तिथियां बदलती रहती हैं, लेकिन भारतीय पंचांग ऋतुओं और प्रकृति से जुड़ा हुआ है। सावन-भाद्रपद की वर्षा, क्वार-कार्तिक की ऋतु चक्र- सभी तिथि आधारित गणना का प्रमाण हैं। चंद्रमा और समुद्र के ज्वार-भाटा से लेकर मनुष्य के शरीर पर अमावस्या–पूर्णिमा का प्रभाव वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है। भारतीय गणना पद्धति में दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक माना जाता है, न कि रात 12 बजे से। 30 मुहूर्त, 24 घंटे और समय की संरचना भारतीय काल गणना की अद्वितीय प्रणाली है। सीएम हाउस मेरा नहीं, प्रदेश की जनता का  सीएम ने कहा कि हमारे यहां विचार व्यक्त करने और सत्य के आधार पर सुधार करने की स्वतंत्रता रही है, यही हमारी संस्कृति की ताकत है। उज्जैन भारत का काल गणना का केंद्र है, जो खगोलीय दृष्टि से प्रमाणित है। पंचांग और वैदिक गणित की सटीकता को दुनिया भी स्वीकार कर रही है, कंप्यूटर जहां असफल हो जाए वहां हमारे ज्योतिषी सही उत्तर दे सकते हैं। मुहूर्त का अर्थ केवल शुभ-अशुभ नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन और प्रकृति के अनुकूल आचरण भी है। सीएम हाउस मेरा नहीं, प्रदेश की 9 करोड़ जनता का है। भारत के समय की नई परिभाषा लिखी जा रही इस दौरान भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि आज से भारत के समय की नई परिभाषा लिखी जा रही है। उन्होंने कहा- 'जब हम मां की कोख में आते हैं तो ईश्वर प्रारब्ध पहले ही लिख देता है। मुख्यमंत्री जी ने वैदिक घड़ी लगवाकर वास्तव में भारत के समय की पुनर्स्थापना का ऐतिहासिक कदम उठाया है।' हम सौभाग्यशाली हैं कि हमारा जन्म हिंदू संस्कृति में हुआ है। यह घड़ी हमें काल गणना की वैदिक परंपरा से जोड़ेगी और भारत को सोने की चिड़िया बनने की दिशा में आगे बढ़ाएगी। मुख्यमंत्री निवास विरासत का साक्षी बन रहा मंत्री कृष्णा गौर ने कहा- … Read more

सिलेंडर व गैस कटर लेकर यूको बैंक में घुसे चोर, धुआं देखकर राहगीरों ने दी पुलिस को सूचना

रायपुर राजधानी रविवार देर रात एक बड़ी वारदात टल गई। तेलीबांधा थाना क्षेत्र स्थित यूको बैंक में अज्ञात चोर गैस कटर और सिलेंडर लेकर घुस गए और तिजोरी तोड़ने का प्रयास किया। हालांकि उनकी योजना पूरी नहीं हो सकी। समय रहते राहगीरों ने बैंक से धुआं निकलते देखा और पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बैंक अधिकारियों को बुलवाकर जब ताला खुलवाया गया। तिजोरी वाले कार्नर में गैस सिलेंडर, गैस कटर और वेल्डिंग मशीन मिली। खिड़की तोड़कर अंदर घुसे चोर पुलिस जांच में सामने आया है कि चोरों ने बैंक की खिड़की तोड़कर प्रवेश किया था। बैंक के अंदर जाते ही उन्होंने तिजोरी को वेल्डिंग मशीन से काटने की कोशिश की। आरोपितों ने बैंक के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरों की केबल को भी काट दिया, ताकि उनकी हरकतें रिकार्ड न हो सके। बैंक की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए यह साफ है कि आरोपित पहले से रेकी करके आए थे और योजना बनाकर ही वारदात की कोशिश की गई थी। जंगली रास्ते से भागे आरोपित जांच के दौरान पुलिस को बैंक के पीछे स्थित जंगली रास्ते से भागने के संकेत मिले हैं। पुलिस ने घटनास्थल से कुछ अहम सबूत जब्त किए हैं। डाग स्क्वाड की मदद से भी आरोपितों का पता लगाने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। पुलिस ने की इलाके की घेराबंदी घटना की जानकारी मिलते ही तेलीबांधा थाना पुलिस, क्राइम ब्रांच और फारेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पूरे इलाके को घेराबंदी कर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। बैंक प्रबंधन से भी सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े दस्तावेज लिए गए हैं। पेशेवर अपराधियों की आशंका पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस वारदात में शामिल लोग पेशेवर अपराधी लगते हैं। जिस तरह से उपकरणों के साथ बैंक में घुसकर उन्होंने तिजोरी तोड़ने का प्रयास किया, उससे साफ है कि उन्हें इस काम में महारत हासिल है। फिलहाल बैंक मैनेजर की शिकायत पर मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।

वोट अधिकार यात्रा पर रोक, पटना में विपक्षी नेताओं ने गांधी मैदान से किया भाषण

पटना  पटना में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की वोट अधिकार यात्रा का अंतिम चरण शुरू हो गया है। यह पदयात्रा बिहार के 23 जिलों से गुजरते हुए सासाराम से 17 अगस्त को शुरू हुई थी। करीब 16 दिनों और 1300 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करने के बाद यह यात्रा अब पटना के गांधी मैदान पर बड़ी रैली के साथ खत्म होगी। इस यात्रा का मकसद मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के खिलाफ लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने यात्रा रोकी पटना पुलिस ने डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग कर राहुल-तेजस्वी समेत इंडिया ब्लॉक के पदयात्रा को रोक दिया। भारी पुलिस बल के साथ पुलिस ने इलाके को पूरी तरह से घेर लिया है। जब पदयात्रा को डाकबंगला चौराहे पर रोका गया तो विपक्षी नेता वहीं रुककर जनता को संबोधित करने लगे। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखने को मिले। इंडिया ब्लॉक के बड़े नेता हुए शामिल इस पदयात्रा में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, एनसीपी-एसपी की सुप्रिया सुले, सीपीआई के डी. राजा और सीपीआई-एमएल के दीपंकर भट्टाचार्य जैसे कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। ये सभी नेता पटना एयरपोर्ट पर कांग्रेस और गठबंधन के कार्यकर्ताओं द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किए गए। इसके बाद सभी गांधी मैदान के लिए रवाना हुए जहां यात्रा का समापन समारोह शुरू हुआ। यात्रा का मकसद और अहमियत क्या है? यह यात्रा मतदाता सूची में कथित हेराफेरी के खिलाफ जनसामान्य में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से निकाली गई है। इस पदयात्रा के दौरान भारत के विभिन्न इलाकों से होकर गुजरते हुए लोगों को अपने वोट के अधिकार और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता के बारे में जागरूक किया गया। बिहार जैसे बड़े राज्य में यह कदम खास महत्व रखता है, जहां राजनीतिक जागरूकता को बढ़ाना बेहद जरूरी माना जा रहा है।   पटना में विपक्षी नेताओं का जनसंपर्क डाकबंगला चौराहे पर यात्रा रोक दिए जाने के बाद राहुल और तेजस्वी ने वहीं से जनता को संबोधित किया। इस मौके पर विपक्षी नेताओं ने मतदाताओं को वोट अधिकार यात्रा के मकसद से अवगत कराया और चुनावी भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। गांधी मैदान में भी भारी संख्या में कार्यकर्ता और आम लोग जमा हुए, जिससे इस रैली का रंग और जोश दोनों बढ़ गए। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, प्रशासन सतर्क पटना पुलिस ने यात्रा को रोकने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की। डाकबंगला चौराहे और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हर संभव सावधानी बरती। इस कदम को लेकर राजनीतिक हलकों में मतभेद भी देखे गए हैं। नाम तेजस्वी का, काम अखिलेश अपना कर गए… पटना में राहुल के सामने दावेदारी के ऐलान का यूपी कनेक्शन!  बिहार विधानसभा चुनाव की औपचारिक घोषणा भले ही ना हुई हो, लेकिन सियासी सरगर्मी पूरी तरह बढ़ गई है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की जोड़ी ने बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' निकालकर चुनावी माहौल को अपने पक्ष में करने का दांव चला है तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी रणक्षेत्र में उतरकर तेजस्वी यादव के लिए सियासी बैटिंग कर दी है. 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई इंडिया ब्लॉक की 'वोटर अधिकार यात्रा' अब 23 जिलों और 1300 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद पटना में समाप्त हो रही है. राहुल-तेजस्वी की यात्रा के आखिरी पड़ाव में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शिरकत की. अपनी केवल डेढ़ दिन की बिहार यात्रा के दौरान अखिलेश यादव ने तेजस्वी यादव का नाम आगे करके पटना से यूपी की सियासत का एजेंडा तय करते हुए नज़र आए. बिहार में कांग्रेस का आरजेडी के साथ चुनाव लड़ना तय है, लेकिन वह तेजस्वी यादव को सीएम का चेहरा बनाने के लिए तैयार नहीं है. 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान पत्रकारों ने कई बार राहुल गांधी से यह सवाल पूछा और हर बार उन्होंने खामोशी बनाए रखी. इतना ही नहीं, तेजस्वी ने राहुल को पीएम पद का उम्मीदवार तक बता दिया, उसके बाद भी कांग्रेस टस से मस नहीं हुई. ऐसे में अखिलेश ने बिहार में सियासी दस्तक देने के साथ ही तेजस्वी यादव के चेहरे पर अपनी रजामंदी देकर एक बड़ा सियासी दांव चला.   तेजस्वी के नाम पर अखिलेश रजामंद तेजस्वी यादव ने कहा कि 400 पार का नारा लगाने वालों को उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव ने आधे पर रोक दिया. अखिलेश के अनुभव का लाभ हमें बिहार में भी मिलेगा, उनके आने से हमें बहुत मजबूती मिली है. उन्होंने कहा कि हम लोगों को साथ मिलकर लड़ना है. बिहार की जनता जागरूक है. बीजेपी को चुनाव में मुंहतोड़ जवाब देगी. इसके बाद अखिलेश यादव ने भी तेजस्वी यादव की खूब तारीफ की और कहा कि महागठबंधन की तरफ से तेजस्वी यादव ही मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे. अखिलेश ने कहा कि तेजस्वी यादव से बेहतर बिहार में कोई मुख्यमंत्री नहीं हो सकता. मैं हमेशा तेजस्वी यादव का साथ दूंगा और हर मदद करूंगा, क्योंकि उन्होंने बिहार के विकास के लिए काम किया है और नौकरी दी है. ऐसे में बिहार के लोग अपना भविष्य बनाने के लिए मतदान करें. अखिलेश ने यह बात राहुल गांधी और तेजस्वी की मौजूदगी में कही, क्योंकि कांग्रेस और राहुल गांधी ने बिहार में सीएम चेहरे के नाम पर चुप्पी साध रखी है. तेजस्वी के बहाने अखिलेश का दांव बिहार में जिस तरह से कांग्रेस और आरजेडी साथ हैं, उसी तरह से यूपी में सपा और कांग्रेस का गठबंधन है. अखिलेश यादव इस बात को जानते हैं कि बिहार में कांग्रेस ने सीएम चेहरे पर जिस तरह सियासी सस्पेंस बना रखा है, उसी तरह अगर कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के 2027 के विधानसभा चुनाव में सियासी स्टैंड अपनाया, तो उससे सपा के लिए नई सियासी टेंशन पैदा हो जाएगी. यही वजह है कि अखिलेश यादव ने राहुल की मौजूदगी में तेजस्वी यादव के नाम पर अपनी मुहर लगाकर कांग्रेस पर सियासी दबाव बनाने के साथ-साथ अपने मन की बात भी कह दी है. बिहार के डिप्टी सीएम और बीजेपी नेता सम्राट चौधरी … Read more

अवैध संबंध बना पुजारी की मौत की वजह, आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र मे हुए अंधे कत्ल का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अवैध संबध ही हत्या का कारण बना। फिलहाल, पुलिस जांच कार्रवाई में जुटी है। दरअसल, रविवार तड़के मंदिर में पूजा करने वाले पुजारी की हत्या से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस सभी एन्गल से जांच में जुटी इस दौरान पता चला कि मृतक जागेश्वर पाठक, पाठ बाबा मंदिर का पुजारी था। मंदिर के सामने खेत में अधिया खेती के दौरान आरोपी सुरेश धुरी की पत्नी के साथ उसका प्रेम संबंध हो गया था। जिससे आरोपी और एवं उसकी पत्नी का 6 महीने पहले सामाजिक तलाक भी हो गया था। आरोपी मृतक से इसी अवैध संबंध के कारण बैर रखना था और शनिवार रात में सही समय देखकर अपने दोस्तों आरोपी हेमकुमार धुरी पिता हरिराम धुरी उम्र 26 वर्ष साकिन डढहा वार्ड 10 बोदरी थाना चकरभाटा,आरोपी धनराज बंदे पिता जवाहर लाल बंदे उम्र 21 वर्ष बनाक चौक माता चौरा के पास सिरगिट्टी,आरोपी मुकेश धुरी पिता चंद्रप्रकाश धुरी उम्र 23 वर्ष निवासी अमौरा थाना जरहा गांव जिला मुंगेली के साथ मोटरसाइकिल की पूजा करने के बहाने उसे बाहर बुलाया और ईट और वाहन के सस्पेंशन पाइप से वार कर हत्या कर दी। घटना को अंजाम देकर सभी वहां से फरार हो गए। बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह, एएसपी ग्रामीण अर्चना झा और एसडी ओपी कोटा और थाना प्रभारी तखतपुर साथ ही ACCU की टीम हत्या की गुत्थी सुलझाने जुटी हुई थी। पुलिस की सक्रियता से 12 घंटे के भीतर अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझ गई। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पंजाब में लागू हुई कड़ी पाबंदियां, मुश्किल हालात में नागरिकों के लिए आदेश जारी

फाजिल्का जिला मैजिस्ट्रेट अमरप्रीत कौर संधू ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (पुरानी सीआरपीसी 1973 की धारा 144) के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए जिले में अलग-अलग पाबंदियों के आदेश जारी किए हैं। ये पाबंदियां 31 अक्तूबर 2025 तक लागू रहेंगी और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पाबंदियों के अनुसार जिले फाजिल्का में शाम को सूरज डूबने के बाद और सुबह सूरज चढ़ने से पहले गौवंश की ढुलाई पर पूरी तरह रोक रहेगी। आदेश में कहा गया कि जिन लोगों के पास गौवंश है, उन्हें पशुपालन विभाग में रजिस्टर्ड कराना अनिवार्य होगा। ज़िला मैजिस्ट्रेट के आदेशों के अनुसार किसी भी रेस्टोरेंट या हुक्का बार में ग्राहकों को हुक्का नहीं पिलाया जा सकेगा। जिले के सभी गांवों और नगर कौंसलों की सीमा में यह आदेश लागू रहेंगे। उल्लंघन करने वालों पर भारतीय दंड विधान की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। ज़िला मैजिस्ट्रेट ने अंतरराष्ट्रीय सीमा और सीमा सुरक्षा तार के बीच तथा तार से भारत की ओर 70 से 100 मीटर क्षेत्र में ऊँची फसलें जैसे बीटी नरमा, मक्का, ग्वारा, ज्वार, गन्ना, सरसों, तोरिया, सूरजमुखी और ऐसी ही 4.5 फुट से ऊँची फसलों की बुवाई पर रोक लगा दी है। बीएसएफ अधिकारियों द्वारा ध्यान में लाया गया कि कुछ किसान इन फसलों की बुवाई कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा कारणों से यह पाबंदी लगाई गई है। एक अन्य आदेश के तहत फाजिल्का जिले में पतंगबाजी के लिए चीनी डोर बेचने, स्टोर करने और इस्तेमाल करने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। यह डोर सूती की जगह सिंथेटिक/प्लास्टिक की होती है, जो बेहद मजबूत और न गलने वाली होती है। इसके इस्तेमाल से हाथ-उंगलियां कटने, साइकिल चालकों का गला या कान कटने और पक्षियों के पंख फँसकर मरने जैसी घटनाएं होती हैं। यह डोर इंसानों और पक्षियों दोनों के लिए घातक मानी गई है। आदेश में फाजिल्का जिले के मैरिज पैलेसों में हथियार लाने और हवाई फायरिंग पर भी पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। इसके अलावा जिले के अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र से लगे 4 किलोमीटर क्षेत्र में पाकिस्तानी सिम कार्ड रखने और इस्तेमाल करने पर भी रोक लगाई गई है। इसी तरह इस क्षेत्र में क्वाडकॉप्टर/ड्रोन कैमरे उड़ाने पर भी पाबंदी लगाई गई है। आदेश के तहत जिले की सभी सरकारी इमारतों और पानी की टंकियों पर आम जनता, व्यक्तियों और प्रदर्शनकारियों को चढ़ने से सख्त मनाही कर दी गई है। संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 24 घंटे के लिए चौकीदार/कर्मचारी की ड्यूटी लगाएं, ताकि किसी भी जथेबंदी द्वारा विरोध प्रदर्शन को रोका जा सके। आदेशों के अनुसार फाजिल्का जिले के बॉर्डर नज़दीकी गांवों में शाम 5 बजे के बाद डीजे (म्यूजिक सिस्टम), पटाखे चलाने और लेज़र लाइटों का इस्तेमाल करने पर रोक रहेगी। उल्लेखनीय है कि बॉर्डर पार से रात को ड्रोन के जरिए घुसपैठ की कोशिश होती है और डीजे की ऊँची आवाज़ में सीमा पर ड्यूटी कर रहे जवानों को ड्रोन की गूंज सुनाई नहीं देती, जिससे उसकी गतिविधियों का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।

डेंगू का प्रकोप बढ़ा, हरियाणा में सैकड़ों केस, पानीपत में पहली मौत दर्ज

हरियाणा  हरियाणा में डेंगू के मामलों में इस साल तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। 31 अगस्त 2025 तक प्रदेश में डेंगू के कुल 367 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि पानीपत जिले में डेंगू से पहली मौत की पुष्टि हुई है। मृतक एक बच्चा था, जो उत्तर प्रदेश के शामली जिले का निवासी था। पिछले साल की तुलना में मामलों में भारी बढ़ोतरी पिछले साल 3 सितंबर 2024 तक डेंगू के 212 मामले दर्ज किए गए थे, जो 11 दिनों में बढ़कर 390 तक पहुंच गए थे। उस दौरान पंचकूला डेंगू का सबसे बड़ा हॉट-स्पॉट बना था, जहां 15 सितंबर 2024 तक सबसे ज्यादा 390 मामले दर्ज किए गए थे। डेंगू से निपटने को लेकर प्रशासन सतर्क प्रदेश के सभी जिलों में डेंगू से निपटने के लिए 50 से अधिक कर्मचारियों की टीमें फील्ड में कार्यरत हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी सिविल अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि वे सैंपलिंग और उपचार की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें। अधिकारियों के अनुसार, डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर केवल 400 मीटर की सीमा तक ही उड़ सकता है, लेकिन यह वाहनों या मनुष्यों के साथ दूर-दराज इलाकों तक भी पहुंच सकता है। यह मच्छर खासतौर पर दिन में और दोपहर के समय काटता है, और अंधेरे तथा ठंडी जगहों, जैसे कि घरों के कोने या कारों में, छिपकर बैठता है। जिलावार डेंगू के आंकड़े (31 अगस्त 2025 तक)     रेवाड़ी-    106     गुरुग्राम-    51     करनाल-    29     सोनीपत-    25     रोहतक-    23     झज्जर-    15     पंचकूला-    18     पानीपत-    14     यमुनानगर-    14     चरखी दादरी-    9     हिसार-    9     कैथल-    8     फरीदाबाद-  8     महेंद्रगढ़-    8     नूंह-    7     कुरुक्षेत्र-    5     अंबाला-    4     सिरसा-    3     फतेहाबाद-    2 डेंगू से बचाव के लिए जलभराव न होने दें, कूलर और पौधों के गमलों की नियमित सफाई करें, और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।

एमपी के IAS अफसर मोदी सरकार में बने प्रशासनिक रीढ़, अब नौ मंत्रालयों में लीडरशिप

भोपाल  पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की केंद्र सरकार में उत्तर भारतीय राज्यों के वरिष्ठ नौकरशाहों को बोलबाला है। मोदी सरकार (Modi Government) के चुस्त व नतीजे देने वाले प्रशासन की रीढ़ माने जाने वाले मंत्रालयों के सचिव पदों का जिम्मा मध्यप्रदेश सहित बिहार के आला अफसर संभाल रहे है। पूर्ववर्ती यूपीए सरकार में जहां दक्षिण भारतीय अधिकारी प्रमुख मंत्रालयों की कमान संभाले हुए थे वहीं मोदी के शासन संभालने के बाद धीरे-धीरे ट्रेंड बदला है और मौजूदा दौर में उत्तर भारत की नौकरशाही प्रभावी है। अब मध्यप्रदेश के आइएएस अफसर सबसे आगे निकल गए है। फिलहाल 9 केंद्रीय मंत्रालयों की कमान मध्यप्रदेश और 7 मंत्रालयों की कमान बिहार के आइएएस अफसरों के पास है। वहीं उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य के 6 आइएएस अफसर केंद्रीय मंत्रालयों का नेतृत्व कर रहे है। राजस्थान के भी चार अफसर सचिव के तौर पर काम कर रहे हैं। सचिव स्तर के अधिकारियों की संख्या में सबसे बड़े राज्य उत्तरप्रदेश व महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात जैसे बड़े राज्यों के अफसर पीछे हैं। कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन तमिलनाडु व गृह सचिव गोविंद मोहन सिक्किम काडर के आइएएस अफसर हैं। ये संभाल रहे जिम्मेदारी मध्यप्रदेश के IAS और उनके मंत्रालय     IAS दीप्ति गौड़ मुखर्जी- कारपोरेट मामलात     IAS विवेक अग्रवाल- संस्कृति     IAS अलका उपाध्याय- पशुपालन एवं डेयरी     IAS वीएल कांताराव- खनन     IAS पंकज अग्रवाल- ऊर्जा     IAS नीलम शमीराव- टैक्सटाइल     IAS हरि रंजन राव– खेल     IAS पल्लवी जैन गोविल, युवा कल्याण     IAS मनोज गोविल, सचिव समन्वय राजस्थान     IAS रजत कुमार मिश्रा, रसायन एवं उर्वरक     IAS तन्मय कुमार, पर्यावरण, वन व क्लाइमेट चेंज     IAS वी श्रीनिवास, प्रशासनिक सुधार एवं कार्मिक     IAS नरेशपाल गंगवार, पशुपालन डेयरी व मत्स्य छत्तीसगढ़     IAS अमित उठावाल, फार्मास्यूटिकल्स परफार्मेस की कद्र केंद्र में बेहतर परफार्मेंस की कद्र हो रही है। तो ये अच्छा है। एमपी के अफसर बेहतर परफार्मेंस वाले हैं इसलिए उनकी संख्या बढ़ रही रही है। -एसपीएस परिहार, पूर्व केंद्रीय सचिव

मौसम विभाग का अलर्ट: यूपी में 48 घंटे बारिश से तबाही, कई जिलों में खतरे की चेतावनी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में रुक रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश में सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश होगी। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।  2 सितंबर को भी होगी भारी बारिश  मौसम विभाग ने 15 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण 2 सितंबर तक भारी बारिश की आशंका है। लखनऊ सहित कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है इसलिए सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मानसूनी रेखा उत्तर की ओर खिसकी है। इस कारण दो सितंबर तक कहीं भारी तो कहीं अत्यधिक भारी बारिश होगी।  इन जिलों में अलर्ट जारी विभाग के अनुसार, राज्य के लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं व आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मीरजापुर, भदोही, बहराइच, सीतापुर, हरदोई, फरुर्खाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज, एटा, मैनपुरी व आसपास के इलाकों में भी अधिक बारिश के आसार हैं। 

मौसम विभाग की चेतावनी: छत्तीसगढ़ के जिलों में यलो-ऑरेंज अलर्ट, भारी बारिश के आसार

रायपुर  छत्तीसगढ़ के कई जिलों में आज फिर जमकर बारिश होगी. मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 घंटों के अंदर प्रदेश के कुल 24 जिलों में मध्यम से तेज बारिश होने के आसार हैं. IMD ने 18 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट और 6 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में जारी हुआ अलर्ट: मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सूरजपुर और कोरिया में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ मध्यम वर्षा की संभावना जताई गई है. वहीं, यलो अलर्ट वाले जिलों में नारायणपुर, कोंडागांव, रायगढ़, जशपुर, सुरगुजा और बलरामपुर शामिल हैं. इन इलाकों में भी मध्यम दर्जे की बारिश की आशंका है. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी-झरने जैसी जगहों पर सावधानी बरतने की अपील की है।

एमसीबी में सड़क सुरक्षा सप्ताह: मनेंद्रगढ़ में वाद-विवाद प्रतियोगिता के जरिए युवाओं ने दिखाई जागरूकता

एमसीबी : मनेंद्रगढ़ में सड़क सुरक्षा सप्ताह पर जिला स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई संपन्न नव्या गुप्ता ने हासिल की प्रथम स्थान एमसीबी सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत जिला स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी विद्यालय मनेंद्रगढ़ में उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रतियोगिता में विकासखंड स्तर पर चयनित छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। निर्णायकों द्वारा परिणाम घोषित किए गए, जिसमें प्रथम स्थान नव्या गुप्ता (वीएसएसएन विद्यालय भरतपुर), द्वितीय स्थान शिवेंद्र तिवारी (सेजेस भरतपुर) तथा तृतीय स्थान साक्षी सिंह (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलबहरा) को प्रदान किया गया। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने सड़क दुर्घटनाओं की भयावहता पर प्रकाश डालते हुए मृत्यु दर के आंकड़े प्रस्तुत किए और दुर्घटनाओं में कमी लाने के उपायों पर विस्तार से सुझाव दिए। उन्होंने सड़कों पर बैठे आवारा पशुओं, जगह-जगह गड्ढों और यातायात नियमों की अनदेखी जैसी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया तथा दुर्घटना पीड़ितों को बचाने के लिए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। प्रतियोगिता में विजेताओं को सम्मानित करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त छात्रा को 7000 रुपए, द्वितीय स्थान को 5000 रूपये। और तृतीय स्थान को 3000 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई, वहीं सांत्वना पुरस्कार स्वरूप प्रत्येक प्रतिभागी छात्र-छात्रा को 2000 रुपए का चेक दिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डिप्टी कलेक्टर इंदिरा मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी. मिरे, पुष्कर तिवारी, अनीता फरमानिया, अभिषेक पांडे, नीलम दुबे, मधुमिता चौधरी, रामाश्रय शर्मा, डॉ. विनोद पांडेय, द्वारिका मिश्रा और सूर्याेदय सिंह सहित अनेक शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के समापन अवसर पर नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत डिप्टी कलेक्टर इंदिरा मिश्रा ने उपस्थित सभी लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। आभार प्रदर्शन जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा किया गया।