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योगी सरकार का बड़ा निर्णय, प्रदेश में शिक्षा व रोजगार को मिलेगी नई उड़ान

गुरू जम्भेश्वर व मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में 518 शैक्षिक पदों का सृजन योगी सरकार का बड़ा निर्णय, प्रदेश में शिक्षा व रोजगार को मिलेगी नई उड़ान उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की कमी होगी दूर, प्रदेश के युवाओं को मिलेगा अवसर स्थानीय स्तर पर शिक्षण एवं शोध से जुड़े रोजगार के अवसरों का भिन्होगा विस्तार लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए गुरू जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद एवं मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर में कुल 518 अस्थायी शैक्षिक पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की है। गुरू जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 273 पद तो वहीं मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 245 पद सृजित किए गए हैं।  गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी विश्वविद्यालय या महाविद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता में कमी न रहे। इन पदों के सृजन से विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा और शोध के अवसर मिलेंगे। स्थानीय युवाओं को मिलेगा लाभ मंत्री ने कहा कि इन नियुक्तियों से न केवल शिक्षकों की कमी पूरी होगी बल्कि स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार और शोध के अवसर भी मिलेंगे। सभी नियुक्तियां शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया व आरक्षण नियमों का पालन करते हुए की जाएंगी। पदों का विवरण गुरू जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद प्रोफेसर – 39 एसोसिएट प्रोफेसर – 78 असिस्टेंट प्रोफेसर – 156 कुल – 273 पद मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर प्रोफेसर – 35 एसोसिएट प्रोफेसर – 70 असिस्टेंट प्रोफेसर – 140 कुल – 245 पद

यात्रियों के लिए खुशखबरी: इंदौर-भोपाल-नागपुर वंदे भारत ट्रेन में कोच बढ़ोतरी

इंदौर इंदौर से नागपुर के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में कोच बढ़ाने का निर्णय रेलवे बोर्ड की कमेटी ने लिया है। यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या और सीटों की भारी मांग को देखते हुए ट्रेन में अतिरिक्त कोच जोड़ने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, नए रैक कब जोड़े जाएंगे, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। 7 वंदे भारत ट्रेनों में बढ़ेंगे कोच रतलाम मंडल जुड़े वरिष्ठ ने बताया कि इस मामले में लिखित में किसी तरह की कोई जानकारी मिली नहीं है। रेलवे बोर्ड ने हाल ही में वंदे भारत की ऑक्यूपेंसी (ट्रेन में कितनी सीटें भरी हुई हैं) और यात्रियों की मांग के संबंध में सभी जोन और मंडलों से रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद देशभर में चल रही सात वंदे भारत ट्रेनों में कोच बढ़ाने का फैसला लिया गया है।   यात्रियों की बढ़ती संख्या है प्रमुख मुद्दा रतलाम रेलवे मंडल से मिली जानकारी के अनुसार, मंडल ने बढ़ती संख्या में यात्रियों और टिकट की कमी को प्रमुख मुद्दा बताया था। वर्तमान में इंदौर-भोपाल-नागपुर वंदे भारत आठ कोच की है, जिसमें कुल 530 सीटें हैं। इसमें 52 सीटें एक्जीक्यूटिव क्लास और शेष चेयरकार कोच में हैं। वर्तमान सीट व्यवस्था और कोच विस्तार की योजना सी-वन और सी-सेवन कोच में कुल 88 सीटें हैं। सी-टू से सी-सिक्स तक के पांच कोच में प्रत्येक कोच में 78 सीटें हैं, कुल 390 सीटें। बी-वन कोच (एक्जीक्यूटिव क्लास) में 52 सीटें हैं। रेलवे सूत्रों के अनुसार कोच संख्या बढ़ाकर इसे 16 कोच की ट्रेन बनाया जाएगा। इसमें कुल सीटों की संख्या लगभग 1150 से अधिक हो जाएगी। वंदे भारत एक्सप्रेस में कोच बढ़ाने का निर्णय रेलवे बोर्ड की कमेटी ने लिया है। इन रूट्स पर अपग्रेडेशन सीनियर डीसीएम हीना केवलरामानी ने कहा कि इंदौर-नागपुर, मेंगलुरु-तिरुवनंतपुरम सेंट्रल, सिकंदराबाद-तिरुपति, चेन्नई एग्मोर-तिरुनेलवेली, मदुरै-बेंगलुरु कैंट, देवघर-वाराणसी, हावड़ा-राउरकेला रूट पर चलने वाली वंदे भारत में अपग्रेडेशन होगा। फिलहाल लिखित में जानकारी नहीं है वंदे भारत ट्रेन में कोच बढ़ाने के मामले में फिलहाल हमारे पास लिखित में किसी तरह की कोई जानकारी नहीं है। इंदौर-भोपाल-नागपुर वंदे भारत में कुल 90 फीसदी की ऑक्यूपेंसी है। कुछ सेक्शन में 100 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी है। यात्रियों को मिलेगी राहत सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि आगामी महीनों में त्योहारी सीजन और यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए इंदौर-भोपाल-वंदे भारत में कोच की संख्या बढ़ाई जा रही है। इससे हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी। इस मामले में रेल मंत्री से हमने पत्र लिखकर मांग की थी।

मालवा एक्सप्रेस शनिवार को भी रहेगी रद्द, 30 अगस्त को चार ट्रेनें कैंसल

इंदौर उत्तर रेलवे जम्मू मंडल के कठुआ-माधोपुर पंजाब रेल खंड में ट्रैफिक सस्पेंड होने के कारण रतलाम मंडल से होकर गुजरने वाली तथा अपने आरंभिक स्टेशन से 30 अगस्त को चलने वाली चार ट्रेनें निरस्त की गई है। इसके कारण श्रीमाता वैष्णोदेवी के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी होगी। मालूम हो कि माता वैष्णोदेवी के दर्शन करने के लिए यात्रियों का जत्था इकट्ठे टिकट कई दिनों पहले ही करवा लेता है। यात्रा की तिथि आने के पहले ही यात्री आने जाने की तैयारियाें में जुट जाते हैं। रेलवे जनसंपर्क विभाग के अनुसार महू-इंदौर-श्रीमाता वैष्णोदेवी कटड़ा मालवा एक्सप्रेस ट्रेन लगातार दूसरे दिन 30 अगस्त को निरस्त रहेगी। वहीं, श्रीमाता वैष्णोदेवी कटड़ा से महू के लिए चलने वाली ट्रेन भी निरस्त रहेगी। उत्तर रेलवे जम्मू मंडल के कठुआ-माधोपुर पंजाब रेलवे खंड के डाउन लाइन के ब्रिज संख्या 17 पर रेल ट्रैफिक सस्पेंड होने के कारण इंदौर सहित रतलाम मंडल से होकर गुजरने वाली ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। 30 अगस्त 12472 श्रीमाता वैष्णोदेवी कटड़ा-बांद्रा टर्मिनस बांद्रा एक्सप्रेस नई दिल्ली स्टेशन पर शार्ट टर्मिनेट की गई। 30 अगस्त गांधी धाम से श्रीमाता वैष्णोदेवी कटड़ा तक चलने वाली गाड़ी संख्या 12473 निरस्त रहेगी। ट्रेनों के बारे में अधिक जानकारी के लिए यात्री कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन कर सकते हैं।

अब नहीं लगाने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर, महिलाओं को 2100 रुपये की सुविधा ऑनलाइन

हरियाणा  हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने बीते दिन 25 सितंबर से ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ लागू करने की घोषणा की, जिसके तहत पात्र महिलाओं को 2,100 रुपये दिए जाएंगें। इस योजना का लाभ 23 साल या उससे अधिक आयु की महिलाओं को मिलेगा। विवाहित और अविवाहित दोनों तरह की महिलाएं होंगी।  बता दें कि पहले चरण में वो परिवार शामिल होंगे, जिनकी सालाना आय 1 लाख रुपये से कम है। पहले चरण में 19 से 20 लाख महिलाओं को योजना का लाभ मिलेगा। ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ लागू करना हरियाणा में बीजेपी के चुनावी वादों में शामिल था। नायब सैनी ने कहा है कि आने वाले छह-सात दिनों में योजना को लेकर एक ऐप भी लॉन्च किया जाएगा। इसकी मदद से पात्र महिलाएं अपने घर पर बैठकर मोबाइल से ही फॉर्म अप्लाई कर पाएंगी।   

महिलाओं के लिए नई उम्मीद: नीतीश की रोजगार स्कीम लॉन्च, तेजस्वी ने किया अलग योजना का ऐलान

पटना  बिहार में तेजस्वी यादव और कांग्रेस के ‘माई बहिन मान योजना’ वादे के बाद से जिस तरह की संभावना जताई जा रही थी, उसी अनुरूप सीएम नीतीश कुमार ने महिलाओं को ध्यान में रखते हुए ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ शुरू करने की घोषणा कर दी है। शुक्रवार को कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी और सितंबर से योजना चालू हो जाएगी। महिलाओं की मदद के लिए सरकार इस स्कीम के तहत परिवार की एक औरत को 10 हजार रुपये देगी, जिससे वो अपनी पसंद का रोजगार शुरू कर सके। छह महीने बाद उस महिला के रोजगार का आकलन करके जरूरत हुई तो सरकार 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी करेगी। ‘माई बहिन मान योजना’ में सरकार बनने पर महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये नकद देने का वादा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि महिलाओं के हित में एक महत्वपूर्ण और अभूतपूर्व निर्णय लिया गया है, जिसके सकारात्मक दूरगामी परिणाम होंगे। उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ का मुख्य लक्ष्य राज्य के सभी परिवारों की एक महिला को उनकी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता देना है। इस योजना के तहत आवेदक महिला को पहली किस्त के तौर पर 10 हजार रुपये मिलेंगे, जिस राशि से उसे स्व-रोजगार शुरू करना है। सरकार ने ग्रामीण विकास विभाग को इसका नोडल विभाग बनाया है जबकि निगर विकास और आवास विभाग को जरूरत के हिसाब सहयोग देना है। नीतीश कुमार ने घोषणा की है कि अगले महीने यानी सितम्बर 2025 से ही महिलाओं के खाते में फंड ट्रांसफर शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि महिलाओं द्वारा रोजगार शुरू करने के 6 माह के बाद आकलन करते हुए 2 लाख रुपए तक की अतिरिक्त सहायता आवश्यकतानुसार दी जा सकेगी। इसके साथ ही सरकार गांव से शहर तक महिलाओं के उत्पादों की बिक्री के लिए हाट बाजार विकसित करेगी। नीतीश ने उम्मीद जताई है कि इस योजना से न सिर्फ महिलाओं की स्थिति मजबूत होगी बल्कि राज्य के अंदर ही रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और मजबूरी में काम के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। नीतीश कुमार और उनकी सरकार ने इससे पहले तेजस्वी यादव के ज्यादातर चुनावी वादों पर कुछ ना कुछ ऐक्शन ले रखा है। तेजस्वी ने 200 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा किया है तो नीतीश ने 1 अगस्त से 125 यूनिट फ्री बिजली देना शुरू कर दिया है। सरकारी नौकरी पर दोनों के बीच श्रेय की लड़ाई चल ही रही थी कि जुलाई में नीतीश कैबिनेट ने अगले पांच साल में एक करोड़ नौकरी और रोजगार देने का संकल्प पास कर दिया। नीतीश सरकार ने जून में वृद्धा, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया। तेजस्वी ने सरकार बनने पर 1500 करने का वादा किया है। तेजस्वी ने सरकारी नौकरियों में 100 फीसदी डोमिसाइल नीति का वादा किया है तो नीतीश कैबिनेट ने 5 अगस्त को शिक्षक बहाली में 84.4 फीसदी पद बिहार के निवासियों के लिए आरक्षित कर दिया। 60 परसेंट जातीय आरक्षण के ऊपर नीतीश ने इससे पहले ही अनारक्षित 40 फीसदी पदों के अंदर 35 फीसदी पद बिहार की महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया था, जिससे प्रभावी डोमिसाइल 74 फीसदी तक पहुंच गया था। अनारक्षित कोटे में बची 65 फीसदी सीटों पर अगस्त में 40 फीसदी पद बिहार से मैट्रिक या इंटर करने वालों के लिए रिजर्व कर दिया गया था, बोर्ड चाहे कोई भी हो।

भारत की पहली प्रदूषण-रहित ट्रेन का आगाज, हरियाणा से होगी शुरुआत

हरियाणा  भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर के रूट पर सितंबर 2025 में ट्रायल रन के लिए तैयार है। इसका निर्माण चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में किया गया है, और यह ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित है।  इसे भारतीय रेलवे की अभूतपूर्व पहल माना जा रहा है। यह पर्यावरण के अनुकूल कदम है। ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक में ऑक्सीजन के साथ मिलकर बिजली उत्पन्न की जाती है, जिसमें पानी और भाप खर्च होती है। इसका कार्बन उत्सर्जन शून्य रहता है। यह डीजल ट्रेनों की तुलना में प्रदूषण-मुक्त है।    यह ट्रेन 1,200 हॉर्सपावर की क्षमता वाली होगी जो इसे दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेनों में से एक बनाती है. अन्य देशों (जैसे जर्मनी) की हाइड्रोजन ट्रेनें आमतौर पर 500-600 हॉर्सपावर की होती हैं। ट्रेन में 8 यात्री कोच और 2 हाइड्रोजन स्टोरेज कोच हैं जो एक बार में 2,638 यात्रियों को ले जा सकती है. 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम है। किलो हाइड्रोजन इस ट्रेन को 4.5 लीटर डीजल के बराबर माइलेज देता है. 8-10 कोच खींचने के लिए 2.4 मेगावाट बिजली की आवश्यकता होती है, जिसके लिए ट्रेन में दो पावर प्लांट लगाए गए हैं।    ट्रेन का निर्माण चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में किया गया है, जो 1955 में स्थापित भारत की पहली कोच उत्पादन इकाई है. ट्रेन का डिजाइन लखनऊ के अनुसंधान, अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) द्वारा तैयार किया गया है. यह पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित है। इस ट्रेन की अनुमानित लागत 82 करोड़ रुपये है. भारतीय रेलवे ने ‘हाइड्रोजन फॉर हेरिटेज’ पहल के तहत 35 ऐसी ट्रेनों के लिए 2,800 करोड़ रुपये और बुनियादी ढांचे के लिए 600 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।   

बेरोजगारों के लिए खुशखबरी: MP में महीने के ₹1500 पाने का आसान तरीका

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के बेरोजगार युवाओं को आर्थिक सहयोग देने के लिए एमपी बेरोजगारी भत्ता योजना 2025 शुरू की है। इस योजना के तहत योग्य आवेदकों को हर महीने ₹1,500 की सहायता राशि दी जाएगी, जिससे वे नौकरी की तलाश के दौरान अपनी दैनिक ज़रूरतें पूरी कर सकें और कौशल विकास पर ध्यान दे सकें। योजना के मुख्य लाभ आर्थिक सहयोग से युवाओं को नौकरी की तैयारी में मदद। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और आसान। योग्य उम्मीदवारों को समय पर सीधा बैंक खाते में राशि का ट्रांसफर। पात्रता मानदंड इस योजना का लाभ पाने के लिए आवेदक को निम्न शर्तें पूरी करनी होंगी: मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। आयु 21 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास। परिवार की वार्षिक आय ₹3 लाख से कम होनी चाहिए। वर्तमान में किसी भी प्रकार की नौकरी में न हों। आवश्यक दस्तावेज़ आवेदन के समय इन कागज़ों की जरूरत होगी: आधार कार्ड पैन कार्ड निवास प्रमाण पत्र आय प्रमाण पत्र 12वीं की मार्कशीट बैंक खाता विवरण पासपोर्ट साइज़ फोटो मोबाइल नंबर जन्म प्रमाण पत्र आवेदन की प्रक्रिया एमपी रोजगार पोर्टल पर जाएं। "नया पंजीकरण" विकल्प चुनें। मांगी गई जानकारी को सही तरीके से भरें। आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें। आवेदन सबमिट कर भविष्य के लिए रसीद सुरक्षित रखें।

मानसून में बंद हवाई सफर दोबारा शुरू, भोपाल एयरपोर्ट से Indigo-Air India Express की नई उड़ानें

भोपाल  मानसून के कारण दो महीने पहले बंद हुई उड़ानें फिर से शुरू होंगी। इंडिगो ने एयरपोर्ट अथॉरिटी को इसकी सहमति दे दी है। माना जा रहा है कि दिल्ली, बेंगलुरू तक अतिरिक्त उड़ान फिर से शुरू होगी। रायपुर उड़ान जल्द ही प्रतिदिन संचालित होगी। उड़ानें बढ़ने से किराये में भी कमी हो सकती है। मानसून के दौरान यात्रियों की संख्या कम होने के कारण एयरलाइंस कंपनियां उड़ानों को री-शेड्यूल कर देती हैं। जहां अधिक यात्री मिलते हैं वहां अतिरिक्त उड़ानें संचालित की जाती हैं। इस बार भी दो माह पहले भोपाल से दिल्ली, बेंगलुरू तक उड़ानें कम हो गई थीं। रायपुर उड़ान को सप्ताह में सात दिन से कम कर तीन दिन कर दिया गया था। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी ने बताया कि 21 सितंबर से दिल्ली की दोपहर की उड़ान फिर से शुरू हो जाएगी। बैंगलुरू मार्निग उड़ान इसी दिन से सप्ताह के सभी सात दिन संचालित होगी। रायपुर उड़ान भी सप्ताह के सभी सातों दिन संचालित होंगी। विंटर में बढ़ेगी एयर कनेक्टिविटीअक्टूबर के अंतिम सप्ताह से लागू हो रहे विंटर शेड्यूल में भोपाल से एयर कनेक्टिविटी बढ़ने की संभावना है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बेंगलुरू, हैदराबाद एवं मुंबई रूट पर उड़ानें शुरू करने के साथ भोपाल में दस्तक देने की तैयारी की है। इंडिगो भी गोवा, नवीं मुंबई एवं नोएडा तक उड़ान शुरू कर सकता है। रीजनल कनेक्टिविटी योजना के तहत फ्लायबिग रीवा एवं दतिया उड़ान शुरू करने पर विचार कर रहा है। वर्तमान में भोपाल से प्रतिदिन साढ़े तीन से चार हजार यात्री सफर करते हैं। विंटर शेड्यूल में यह संख्या पांच हजार से अधिक हो सकती है।

राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन MP में, 15 खेल होंगे शामिल, शेड्यूल जारी

भोपाल स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इण्डिया ने 69वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के आयोजन में मध्यप्रदेश को 15 खेल विधाओं की राष्ट्रीय प्रतियोगिता के आयोजन का दायित्व सौंपा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इन प्रतियोगिताओं के आयोजन स्थल और तिथियों का निर्धारण कर दिया है। क्र. प्रतियोगिता का नाम आयु वर्ग आयोजन स्थल प्रस्तावित तिथि वर्ष 2025-26 1. वॉलीवाल 19 बालक/बालिका गाडरवाड़ा (नरसिंहपुर) 13 से 17 नवम्बर 2. मलखम्ब 14, 17, 19 बालक/बालिका उज्जैन 24 से 28 नवम्बर 3. फुटबाल 14 बालक उमरिया 01 से 06 दिसम्बर 4. एथेलेटिक्स 14 बालक/बालिका इंदौर 01 से 04 दिसम्बर 5. रायफल शूटिंग 17 बालक/बालिका इंदौर 06 से 09 दिसम्बर 6. सॉफ्ट टेनिस 14, 17, 19 बालक/बालिका देवास 11 से 14 दिसम्बर 7. स्कवॉश 19 बालक/बालिका इंदौर 11 से 13 दिसम्बर 8. कराते 14 बालक/बालिका इंदौर 15 से 19 दिसम्बर 9. स्केटिंग 11, 14, 17, 19 बालक/बालिका ग्वालियर 15 से 20 दिसम्बर 10. बैडमिंटन 14 बालक/बालिका सागर 17 से 21 दिसम्बर 11. बॉस्केटबॉल 14 बालिका शहडोल 19 से 23 दिसम्बर 12. हॉकी 14 बालक टीकमगढ़ 22 से 27 दिसम्बर 13. बॉस्केटबॉल 14 बालक जबलपुर 23 से 28 दिसम्बर 14. खो-खो 19 बालक/बालिका जबलपुर 23 से 28 दिसम्बर 15. बॉक्सिंग 14 बालक गुना 26 से 31 दिसम्बर 16. रायफल शूटिंग 14, 19 बालक/बालिका भोपाल 05 से 09 जनवरी, 2026 17. क्रिकेट 19 बालिका शिवपुरी 01 से 06 जनवरी 18. हॉकी 14, 19 बालिका ग्वालियर 02 से 07 जनवरी

अब अस्पतालों में नहीं मिलेगा कैशलेस इलाज, 1 सितंबर से लागू होगा नया नियम

भोपाल  मध्यप्रदेश में हेल्थ इंश्योरेंस को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। निजी बीमा कंपनियों और अस्पतालों के बीच भुगतान को लेकर चल रहे विवाद का असर सीधे बीमाधारकों पर पड़ने वाला है। एक सितंबर से दो प्रमुख बीमा कंपनियों के बीमाधारकों का कैशलेस इलाज प्रदेश के अस्पतालों में नहीं हो पाएगा। बीमाधारकों की चिंता अस्पतालों और इंश्योरेंस कंपनियों के बीच खींचतान का खामियाजा बीमाधारक मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। इलाज के लिए उन्हें अपनी जेब से नकद भुगतान करना होगा। प्रदेश में करीब 30 लाख लोग निजी कंपनियों के हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज में आते हैं। इनमें ज्यादातर पॉलिसियां 3 से 5 लाख रुपए तक की हैं। क्यों मचा विवाद? हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां पुराने कॉन्ट्रैक्ट की दरें बढ़ाने को तैयार नहीं हैं। जबकि अस्पतालों का कहना है कि इलाज की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन बीमा कंपनियां भुगतान कम कर रही हैं और क्लेम सेटलमेंट में देरी भी कर रही हैं। इसी कारण एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इंडिया ने अपने 15,000 सदस्य अस्पतालों को बजाज एलायंज जैसी कंपनियों के ग्राहकों का कैशलेस इलाज रोकने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों का तर्क अस्पतालों का कहना है कि बीमा कंपनियां कैशलेस इलाज के बाद क्लेम पास करने में काफी समय लगाती हैं। बीमा कंपनियां ट्रीटमेंट की लागत घटाकर या कुछ चार्जेस को नॉन-पेएबल बता कर रकम कम कर देती हैं। सबसे बड़ी शिकायत यह है कि कई बार मरीज के छुट्टी लेने के हफ्तों बाद भी बीमा कंपनी से पूरा क्लेम नहीं मिलता। कभी राशि कम मिलती है तो कभी विवाद में फंसी रहती है। इससे अस्पतालों की वित्तीय स्थिति बिगड़ती है और वे कैशलेस सुविधा देने में हिचकिचाने लगते हैं। अस्पतालों का कहना है कि बीमा कंपनियों के दबाव में वे घाटे में इलाज नहीं कर सकते। सरकारी कंपनियों में राहत विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियां न्यू इंडिया इंश्योरेंस, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस, नेशनल इंश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस की कैशलेस सुविधा फिलहाल जारी रहेगी। इन कंपनियों में क्लेम कटौती और देरी जैसी समस्या कम देखने को मिलती है। क्या कहते हैं एक्सपर्ट? बीमा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि अक्सर अस्पताल इलाज की वास्तविक लागत और अतिरिक्त चार्जेस छिपाते हैं। वहीं, बीमा कंपनियों का टैरिफ घटाने का दबाव भी विवाद को बढ़ा रहा है। ऐसे हालात में बीमाधारकों की साख और भरोसा दोनों प्रभावित हो रहे हैं।