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चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: 334 दलों का पंजीकरण रद्द, देश में बचे सिर्फ 67 क्षेत्रीय पार्टियां

नई दिल्ली  अब देश में सिर्फ 6 राष्ट्रीय पार्टियां रह गई हैं। उनमें अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP), मायावती की बहुजन समाज पार्टी (BSP), देश की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP), कॉम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी), मुख्य विपक्षी कांग्रेस और राष्ट्रीय पिपुल्स पार्टी (NPP)। भारत के चुनाव आयोग ने निर्वाचन प्रणाली की सफाई की बात करते हुए 334 राजनीतिक दलों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। देश में सिर्फ 6 राष्ट्रीय दल हैं। इसके अलावा क्षेत्रीय पार्टियों की संख्या घटकर 67 रह गई है। आपको बता दें कि भारत में राजनीतिक दलों का रजिस्ट्रेशन, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के प्रावधानों के तहत निर्वाचन आयोग (ECI) में किया जाता है। राजनीतिक दलों के रजिस्ट्रेशन के लिए जारी दिशानिर्देशों में यह प्रावधान है कि यदि कोई दल लगातार 6 वर्षों तक चुनाव नहीं लड़ता है तो उसे पंजीकृत दलों की सूची से हटा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत दल को रजिस्ट्रेशन के समय अपना नाम, पता, पदाधिकारियों के नाम आदि का विवरण देना होता है। इनमें किसी भी प्रकार का परिवर्तन होने पर उसे बिना विलंब निर्वाचन आयोग को सूचित करना अनिवार्य है। इससे पहले, जून 2025 में निर्वाचन आयोग ने राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को 345 दलों की जांच करने का निर्देश दिया था। मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने इसकी जांच की, इन दलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। प्रत्येक दल को व्यक्तिगत सुनवाई के माध्यम से अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान किया गया। इसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर पाया गया कि कुल 345 दलों में से 334 तय शर्तों का पालन नहीं कर रहे हैं। शेष मामलों को पुनः जांच के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को वापस भेजा गया है। आयोग ने सभी तथ्यों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की अनुशंसाओं पर विचार करने के बाद 334 दलों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया। भारत में अब सिर्फ 6 राष्ट्रीय पार्टियां चुनाव आयोग की नई कार्रवाई के बाद अब देश में सिर्फ 6 राष्ट्रीय पार्टियां रह गई हैं। उनमें अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP), मायावती की बहुजन समाज पार्टी (BSP), देश की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP), कॉम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी), मुख्य विपक्षी कांग्रेस और राष्ट्रीय पिपुल्स पार्टी (NPP)। क्षेत्रीय दलों की लिस्ट 1. आजसू पार्टी (AJSU Party) 2. ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) 3. ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक 4. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) 5. ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस 6. ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) 7. ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) 8. अपना दल (सोनेलाल) 9. असम गण परिषद 10. भारत आदिवासी पार्टी 11. भारत राष्ट्र समिति (BRS) 12. बीजू जनता दल (BJD) 13. बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट 14. सिटिजन एक्शन पार्टी – सिक्किम 15. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) 16. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (मुक्ति) 17. देशिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम 18. द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) 19. गोवा फॉरवर्ड पार्टी 20. हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी 21. इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) 22. इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) 23. इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा 24. जम्मू एवं कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस 25. जम्मू एवं कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी 26. जम्मू एवं कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी 27. जनसेना पार्टी 28. जनता दल (सेक्युलर) 29. जनता दल (यूनाइटेड) 30. जननायक जनता पार्टी 31. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) 32. झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) 33. केरल कांग्रेस 34. केरल कांग्रेस (एम) 35. लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) 36. लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) 37. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) 38. महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी 39. मिजो नेशनल फ्रंट 40. नाम तमिलर कच्ची 41. नागा पीपुल्स फ्रंट 42. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) 43. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी – शरदचंद्र पवार गुट 44. नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी 45. पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट 46. पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल 47. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) 48. राष्ट्रीय लोक समता पार्टी 49. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी 50. रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) 51. रिवोल्यूशनरी गोअन्स पार्टी 52. रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी 53. समाजवादी पार्टी (SP) 54. शिरोमणि अकाली दल (SAD) 55. शिवसेना 56. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) 57. सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट 58. सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा 59. तेलुगु देशम पार्टी (TDP) 60. टिपरा मोटा पार्टी 61. यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी 62. यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी, लिबरल 63. विदुथलाई चिरुथैगल कच्ची 64. वॉयस ऑफ द पीपुल पार्टी 65. युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) 66. जोराम नेशनलिस्ट पार्टी 67. जोराम पीपुल्स मूवमेंट  

दिल्ली के जैतपुर में मंदिर की दीवार गिरने से हुई दर्दनाक मौतें, 7 घायल

नई दिल्ली दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी इलाके जैतपुर के हरि नगर में आज उस वक्त हड़कंप मच गया। यहां एक पुराने मंदिर की दीवार अचानक भरभराकर ढह गई। दीवार का हिस्सा गिरने से 8 लोग नीचे दब गए थे, जिनमें से 7 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें एक ही परिवार के चार लोग शामिल हैं। इस हादसे में कुल 8 लोग बुरी तरह घायल हुए थे, जिनमें से 7 की अब तक मौत हो चुकी है। एक का इलाज चल रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के घरों में लोग दहशत में आ गए। दमकल कर्मी मलबे में फंसे लोगों को निकालने और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गए हैं। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन बचाव कार्य जोरों पर है। हरि नगर में दीवार गिरने की घटना पर एडिशनल डीसीपी साउथ ईस्ट ऐश्वर्या शर्मा ने कहा, 'यहां एक पुराना मंदिर है और उसके बगल में पुरानी झुग्गियां हैं जहां कबाड़ी रहते हैं। रात भर हुई भारी बारिश के कारण दीवार गिर गई। 8 लोग फंस गए थे, जिन्हें बचाकर अस्पताल ले जाया गया। उनका इलाज चल रहा है। हमें नहीं पता कि कितने लोग मरे हैं, लेकिन हमारे अनुसार, 3-4 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जो शायद बच न पाएं। हमने अब इन झुग्गियों को खाली करा दिया है ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो।' क्या है हादसे की वजह? प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमारत पुरानी थी और संभवतः रखरखाव की कमी या निर्माण में खामियों के कारण यह हादसा हुआ। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं, और स्थानीय लोग इस बात से नाराज हैं कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पहले से कोई कदम नहीं उठाए गए। दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर स्थिति को संभाल रही हैं। आसपास के इलाकों को खाली करवाया जा रहा है ताकि कोई और खतरा न हो। यह हादसा एक बार फिर दिल्ली में पुरानी इमारतों की सुरक्षा पर सवाल उठाता है।  

इंदौर का सपना होगा पूरा, 737 करोड़ की केबल कार योजना को मंजूरी का इंतजार

इंदौर  इंदौर में केबल कार से सफर करने का सपना जल्द हकीकत बन सकता है। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा कराए गए फिजिबिलिटी सर्वे की रिपोर्ट नेशनल हाइवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) को सौंप दी गई है। NHLML ने इस प्रस्ताव को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, दिल्ली को अनुमोदन और बजट आवंटन के लिए भेज दिया है। इंदौर विकास प्राधिकरण ( IDA ) की स्कीम 171 को लेकर शुक्रवार को हुई बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखा गया। जैसा कि द सूत्र ने बताया था कि इस मामले में रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है और इसके तहत सोसायटी की जमीन मुक्त की जाएगी और निजी जमीन पर नई स्कीम लाई जाएगी। ऐसी बोर्ड बैठक में चर्चा चली और इसी तरह का स्कीम को मोडिफाइ करने का  विस्तृत प्रस्ताव बनाकर आईडीए द्वारा जल्द मप्र शासन को भेजा जाएगा।  यह निकला है रास्ता संभागायुक्त दीपक सिंह की अध्यक्षता में यह बोर्ड बैठक हुई इसमें कलेक्टर आशीष सिंह, सीईओ आरपी अहिरवार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। इसमें तय किया गया कि सालों से आईडीए स्कीम 171 के पीड़ित परेशान है और वह राशि भी दिसंबर 2024 में पूरी भर चुके हैं तो मप्र शासन के नोटिफिकेशन के तहत इस स्कीम को अप मुक्त करना चाहिए। लेकिन निजी भू स्वामियों की जमीन को लेकर भी बात उठी। तय किया गया कि करीब 171 हेक्टेयर की इस स्कीम में 20 हेक्टेयर सरकारी जमीन है और 38 हेक्टेयर निजी भू स्वामी की जमीन है। ऐेसे में इनस 58 हेक्टेयर जमीन पर अलग से नई स्कीम लागू की जाए और बाकी सोसायटी की जमीन को मुक्त किया जाए। अब इस संबंध में आईडीए द्वारा जमीन का पूरा सर्वे कराकर खसरे नंबर सहित पूरा नक्शा व प्रस्ताव, इस पर होने वाला खर्च, इससे होने वाली आय इन सभी की रिपोर्ट बनाकर मप्र शासन को भेजेगा।  परियोजना की मुख्य बातें कुल लागत: करीब 737 करोड़ रुपये कुल लंबाई: 11 किमी (दो रूट) शुरुआत: 2028 से अनुमानित यात्री: 2028 में प्रतिदिन 29,900, 2068 तक 1.95 लाख पहला रूट: चंदन नगर से शिवाजी वाटिका (6.24 किमी) लागत: 369.32 करोड़ रुपये स्टेशन: चंदन नगर, लाबरिया भेरू, यशवंत निवास रोड गुरुद्वारा, सरवटे, शिवाजी वाटिका यात्री अनुमान (2028): 11,700 प्रतिदिन दूसरा रूट: रेलवे स्टेशन से विजय नगर (4.7 किमी) लागत: 367.68 करोड़ रुपये स्टेशन: रेलवे स्टेशन, मालवा मिल, पाटनीपुरा, विजय नगर यात्री अनुमान (2028): 18,200 प्रतिदिन भविष्य का यात्री अनुमान     2038: 47,400 प्रतिदिन     2048: 78,200 प्रतिदिन     2068: 1.95 लाख प्रतिदिन सेक्शन विवरण     चंदन नगर – शिवाजी वाटिका: 3 सेक्शन (1.74 किमी, 1.93 किमी, 2.59 किमी)     रेलवे स्टेशन – विजय नगर: 2 सेक्शन (2.08 किमी, 2.62 किमी)

लखनऊ से देहरादून जा रही इंडिगो फ्लाइट पौने दो घंटे लेट, तकनीकी समस्या सामने आई

लखनऊ  रक्षाबंधन वाले दिन यानि शनिवार सुबह लखनऊ से देहरादून जा रही इंडिगो की फ्लाइट तकनीकी खराबी के कारण रोक दी गई। लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से यह फ्लाइट कुछ मिनटों में ही टेकऑफ करने वाली थी। इंडिगो की फ्लाइट 6E-515 लखनऊ से सुबह 8:55 बजे रवाना होकर 10:15 बजे देहरादून पहुंचनी थी। विमान में सफर करने वाले एक यात्री के मुताबिक, इस विमान की बोर्डिंग पूरी हो चुकी थी और उसमें क्रू मेंबर सहित 158 यात्री सवार थे। जब विमान उड़ान भरने के लिए टैक्सी वे से रनवे पर जा रहा था, तभी विमान में हल्का झटका लगा, पायलट ने तकनीकी गड़बड़ी पहचान ली। पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सूचना देते हुए विमान को रोक दिया। इसके बाद विमान को वापस टैक्सीवे पर लाया गया। विमान की खराबी दूर करने के लिए तत्काल इंजीनियरों की टीम बुलाई गई। यहां पर इंजीनियरों की टीम ने लगभग पौने दो घंटे की मेहनत के बाद विमान की खराबी दूर किया। इसके बाद विमान को रवाना किया। 8:55 पर रवाना होने वाला विमान सुबह 10.50 बजे उड़ान भर सका। विमान का देहरादून पहुंचने का समय 10.15 बजे है।

रायपुर : प्रदेश में अब तक 655.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

 रायपुर,  छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 655.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1100.3 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 334.4 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले मे 595.7 मि.मी., बलौदाबाजार में 557.6 मि.मी., गरियाबंद में  537.0 मि.मी., महासमुंद में 543.2 मि.मी. और धमतरी में 520.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 689.9 मि.मी., मुंगेली में 689.1 मि.मी., रायगढ़ मंे 807.5 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 875.1 मि.मी., कोरबा में 723.5 मि.मी., गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 647.6 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 597.5 मि.मी., सक्ती में 735.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 522.1 मि.मी., कबीरधाम में 485.9 मि.मी., राजनांदगांव में 563.9 मि.मी., बालोद में 628.2 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 814.1 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 464.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 498.5 मि.मी., सूरजपुर में 829.3 मि.मी., जशपुर में 751.7 मि.मी., कोरिया में 768.7 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 719.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 775.8 मि.मी., कोंडागांव में 498.6 मि.मी., नारायणपुर में 677.6 मि.मी., बीजापुर में 815.4 मि.मी., सुकमा में 504.7 मि.मी., कांकेर में 661.6 मि.मी., दंतेवाड़ा में 700.3 मि.मी. और औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

दिल्ली में बाढ़ की आशंका बढ़ी, प्रशासन ने यमुना किनारे बढ़ाई निगरानी

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। यमुना नदी का जलस्तर शनिवार सुबह 9 बजे ओल्ड रेलवे ब्रिज पर 204.40 मीटर तक पहुंच गया, जो खतरे के निशान 204.50 मीटर से बस थोड़ा ही नीचे है। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित विभागों को बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। क्यों बढ़ रहा है जलस्तर? केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने बताया, "यमुना का जलस्तर बढ़ने का मुख्य कारण वजीराबाद और हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे बड़ी मात्रा में पानी का छोड़ा जाना है।" इसके अलावा, हरियाणा और उत्तराखंड के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई बारिश ने भी नदी के जलस्तर को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। बैराज से पानी की स्थिति बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, वजीराबाद बैराज से हर घंटे करीब 30,800 क्यूसेक और हथिनीकुंड बैराज से 25,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। यह पानी दिल्ली पहुंचने में आमतौर पर 48 से 50 घंटे का समय लेता है। ऊपरी क्षेत्रों से कम मात्रा में पानी छोड़े जाने के बावजूद, दिल्ली में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। क्या है खतरे का निशान? दिल्ली में यमुना के लिए चेतावनी स्तर 204.50 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 205.30 मीटर पर है। यदि जलस्तर 206 मीटर तक पहुंचता है, तो शहर में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। ओल्ड रेलवे ब्रिज यमुना के प्रवाह और बाढ़ के जोखिम को मापने का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। प्रशासन की तैयारी प्रशासन ने बाढ़ की आशंका को देखते हुए सभी जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। संबंधित एजेंसियों को नदी के किनारे बसे इलाकों में नजर रखने और आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है। दिल्लीवासियों से भी अपील की गई है कि वे नदी के आसपास सावधानी बरतें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।  

निर्माणाधीन मेट्रो लाइन का एक हिस्सा 15 मीटर तक धंसा, पुलिस ने की बैरिकेडिंग

नई दिल्ली वसंत कुंज स्थित मसूदपुर फ्लाईओवर के पास निर्माणाधीन मेट्रो लाइन का एक हिस्सा धंस गया। फ्लाईओवर के पास बैरिकेड लगाकर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है।  डीएमआरसी के मुताबिक मसूदपुर फ्लाईओवर के पास मेट्रो के खोदाई वाले क्षेत्र में फुटपाथ का लगभग 10 से 15 मीटर का हिस्सा धंस गया है। किसी भी व्यक्ति या सामग्री को कोई नुकसान नहीं हुआ है।  एहतियात के तौर पर मसूदपुर फ्लाईओवर के नीचे फुटपाथ के पास की सड़क पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। डीएमआरसी दिल्ली यातायात पुलिस के साथ समन्वय कर रही है ताकि यातायात सुचारू रहे।  

जल्द ही रेल की सौगात भी मिलेगी आगर-मालवा को, जिले के हरेक गांव और एक-एक खेत तक पहुंचेगा पानी : CM यादव

भाई-बहन का स्नेहिल बन्धन शाश्वत है और रहेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दीपावली की भाईदूज से लाड़ली बहनों को हर माह दिये जायेंगे 1500 रूपये : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जल्द ही रेल की सौगात भी मिलेगी आगर-मालवा को, जिले के हरेक गांव और एक-एक खेत तक पहुंचेगा पानी : CM  यादव पीकेसी नदी जोड़ो परियोजना से आगर-मालवा भी होगा लाभान्वित आगर-मालवा जिले को मिले दो आईएसओ प्रमाण-पत्र मुख्यमंत्री ने आगर-मालवा में बहनों से बंधवाई राखी और दिये उपहार दिव्यांगजनों को बांटे सहायक उपकरण मुख्यमंत्री आगर मालवा जिले में रक्षाबंधन पर्व में हुए शामिल आगर मालवा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की सभी बहनें हमारा मान हैं, सम्मान हैं, अभिमान हैं। बहनों के बिना यह संसार सूना है। उन्होंने कहा कि जीवन तो नश्वर है, पर भाई-बहन का ये स्नेहिल रिश्ता शाश्वत है और आगे भी रहेगा। जब तक संसार है, यह अनमोल और अटूट रिश्ता भी अजर-अमर ही रहेगा। उन्होंने कहा कि हमने बहनों को उनका हर वाजिब हक दिलाया है। बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सबकी राखी स्वीकार की और कहा कि आप सबके आशीर्वाद से ही मुझे प्रदेश के विकास के लिए प्राण-प्रण से जुटे रहने की असीम ऊर्जा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को आगर मालवा जिले के बाबा बैजनाथ महादेव धाम में श्रावण पर्व के अवसर पर आयोजित भव्य रक्षाबंधन कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बहनों और दिव्यांगजनों के प्रति गहरा स्नेह, सम्मान और इनके प्रति अपनी संवेदनशीलता व्यक्त की। उन्होंने दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी बहनों से राखी बंधवाई, उन्हें मिठाई खिलाई, उपहार दिए, सावन के झूले में झूलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी प्रदेशवासियों को श्रावण एवं रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में देवी अहिल्या नारी शक्ति कल्याण मिशन चलाया जा रहा है। इस मिशन के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हमारी सरकार मिशन मोड पर तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे दिव्यांगजन परमात्मा के दिव्य अंश हैं। इन्हें परमेश्वर ने विशेष शक्तियों से नवाजा है। इन्हें सिर्फ़ प्रोत्साहन की जरुरत है और हमारी सरकार हर कदम पर इनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को शैक्षणिक मदद, पेंशन राशि या शासकीय सेवा में आरक्षण देने की बात हो, हमारी सरकार ने इनके समग्र कल्याण के लिए सभी पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए हैं। आने वाला समय महिलाओं का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनें चिंता न करें, आने वाला समय महिलाओं का ही है। राज्य की विधानसभा हो या देश की लोकसभा सबमें महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ने वाला है। उन्होंने कहा कि भारतीय तीज-त्यौहारों में एक संदेश छूपा होता है, जो समझने की जरूरत है। हम कुटुंब परम्परा के संवाहक है। भाई-बहन इसी परम्परा को आगे बढ़ाते हैं। बहनों के आशीष से हर घर में बरकत है। हमारे आनंद के मूल में बहनें ही हैं। बहनें दो घरों को रोशन करती हैं। वे दो कुलों को जोड़ती हैं, उन्हें पालती-पोसती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विरोधी लोगों की बातों में कभी न आएं। प्रदेश की कोई भी जनकल्याणकारी योजना बंद नहीं होगी। अभी बहनों को हर महीने 1250 रूपए मिल रहे हैं। इसी रक्षाबंधन को 250 रूपए शगुन के रूप में दिए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली दीपावली की भाईदूज से लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रूपए दिए जाएंगे। इसी तरह साल दर साल राशि बढ़ाते हुए वर्ष 2028 तक हमारी सरकार बहनों को 3000 रूपए महीने देगी। उन्होंने कहा कि बहनों के लिए सब कुर्बान है, बहनों के लिए हम कोई कमी नहीं कखेंगे। आगर-मालवा में हो रहा करीब 4 हजार करोड़ रूपए का निवेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगर-मालवा जिले की तकदीर और तस्वीर जल्दी बदलने वाली है। यहां करीब 4 हजार करोड़ की बड़ी राशि का निवेश हो रहा है। यहां आलू से जुड़े उत्पादों का बड़ा कारखाना स्थापित होने वाला है। इससे यहीं के लोगों को रोजगार मिलेगा। किसानों को उनके द्वारा उगाए जा रहे आलू की लागत से चार गुना ज्यादा कीमत मिलेगी। पीकेसी के बड़े लाभ का हिस्सा बनेगा आगर-मालवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का बड़ा लाभ आगर-मालवा जिले को भी मिलेगा। इससे जिले के हर एक गांव और कस्बे को पीने का पानी मिलेगा साथ ही यहां के एक-एक खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से चर्चा हुई है। आगर-मालवा जिले को भी जल्द ही रेल की सौगत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इंदौर में मेट्रो रेल शुरू हो चुकी है, भोपाल में जल्द ही शुरू होने वाली है। इससे पहले रायसेन जिले में वंदे भारत और मेट्रो रेल के कोच बनाने की बीईएमएल की रोलिंग स्टॉक फैक्ट्री का भूमिपूजन होने जा रहा है। केन्द्रीय रक्षा मंत्री 10 अगस्त को इस फैक्ट्री का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष जताया कि आगर-मालवा जिले के थाना आगर-मालवा और एसडीओपी ऑफिस आगर-मालवा को आईएसओ प्रमाण-पत्र मिला है। कार्यक्रम में विधायक आगर-मालवा श्री माधौसिंह गेहलोत, शाजापुर विधायक श्री अरूण भीमावद, श्री ओम मालवीय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में जिले के स्व-सहायता समूहों, प्रजापिता ब्रह्मकुमारी संस्थान की बहनें, खिलाड़ी बहनें और स्कूल की बेटियां/बहनें भी उपस्थित थीं।  

शिवराज सरकार का बड़ा फैसला, रक्षाबंधन पर लाडली बहना योजना का बजट होगा 3000 रुपए तक

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में रक्षाबंधन का त्योहार उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से महिलाएं 'मामा के घर' पहुंचीं और उनकी कलाई पर राखी बांधी। शिवराज ने कहा कि जब तक उनकी सांसें हैं, वे बहनों के सुख, सम्मान और मुस्कान के लिए काम करते रहेंगे। बहनों की सेवा मेरे लिए पूजा शिवराज ने कहा कि बहनों की सेवा मेरे लिए भगवान की पूजा के समान है। मेरे रहते कोई बहन यह नहीं कह सकती कि उसका कोई भाई नहीं है। इस दौरान उन्होंने लाडली बहना और लाडली लक्ष्मी जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि इन्हें कई राज्यों ने अलग-अलग नामों से लागू किया है। इस मौके पर उन्होंने वादा किया कि लाडली बहना योजना की राशि को तीन हजार रुपये तक बढ़ाया जाएगा, और सरकार इस दिशा में काम कर रही है। रक्षाबंधन की शुभकामनाएं शिवराज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रक्षाबंधन की बधाई दी। उन्होंने लिखा कि मेरी प्यारी बहनों, आपके प्रेम की डोर मेरी कलाई पर बंधती है तो मुझे सेवा का संकल्प देती है। जब तक सांस है, आपके सुख, सम्मान और मुस्कान के लिए काम करता रहूंगा। शिवराज सिंह ने आगे कहा कि इस राखी पर स्वदेशी का संकल्प भी लें। सभी भाई-बहनों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं।

रायपुर के गाँव में शिक्षा सुधार की नई मिसाल, युक्तियुक्तकरण से बदलाव

रायपुर बिलासपुर जिला के कोटा ब्लॉक का छोटा सा ग्राम खरगा अब शिक्षा की नई रोशनी से जगमगा रहा है। इस गाँव के शासकीय प्राथमिक विद्यालय की छात्रा पूनम धृतलहरे की आंखों में अब आत्मविश्वास और उम्मीद दोनों चमकते हैं। मेहनती और होशियार पूनम शुरू से पढ़ाई में आगे रही है, लेकिन लंबे समय से यह विद्यालय एकल शिक्षकीय था, जिससे उसकी और उसके साथियों की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। कठिन सवालों के उत्तर न मिल पाने से बच्चे धीरे-धीरे उत्साह खोने लगे थे और कुछ तो स्कूल छोड़ने की सोच भी रहे थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए गए युक्तियुक्तकरण ने इस गाँव के बच्चों की जिंदगी में नई दिशा दी। विद्यालय में पहले से कार्यरत शिक्षक श्री संतोष कुमार खांडे के साथ अब श्री मुकेश कुमार यादव की नियुक्ति होने से कक्षाओं में नई ऊर्जा और बेहतर शिक्षण वातावरण आया। दो शिक्षकों की मौजूदगी ने न केवल पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारी, बल्कि बच्चों का स्कूल से जुड़ाव भी बढ़ाया। पूनम और उसके सहपाठियों का कहना है कि अब वे कठिन से कठिन प्रश्न हल करना सीख गए हैं और पढ़ाई में मजा आने लगा है। पालकों ने भी मुख्यमंत्री के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि अब उनके बच्चों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है, जिससे वे भी शहर के बच्चों की तरह बड़े सपने देख और पूरे कर सकेंगे। खरगा जैसे छोटे गाँवों में जब शिक्षक समय पर पहुँचते हैं, तो यह बदलाव केवल एक स्कूल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे गाँव के भविष्य को दिशा देता है। आज पूनम और उसके साथी न सिर्फ मन लगाकर पढ़ रहे हैं, बल्कि आने वाले समय में अपने गाँव और राज्य का नाम रोशन करने के लिए तैयार हैं।