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पीजी छात्रा केस में झटका: डॉ. आशीष सिन्हा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने FIR को माना उचित

बिलासपुर मेडिकल की छात्रा को शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न करने के आरोपी डॉक्टर आशीष सिन्हा को हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है. हाइकोर्ट ने आदेश में कहा कि आरोपी ऐसे अपराधों से संबंधित हैं, जो गंभीर और संवेदनशील हैं, जिनमें कार्यस्थल पर एक महिला की गरिमा और शारीरिक अखंडता शामिल है. एफआईआर किसी भी तरह से प्रेरित या विलंबित नहीं लगती है. मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा की एकलपीठ में हुई. जिसमें याचिकाकर्ता डॉक्टर आशीष सिन्हा ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी. आरोपी डॉक्टर ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर में लगे आरोप को खारिज करते हुए सरकारी कर्मचारी होने और गिरफ्तार किए जाने पर करियर बर्बाद होने की दुहाई दी थी. उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने मामले में दोनों पक्षों को गंभीरता से सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया. आरोपी डॉक्टर के अधिवक्ता ने दलील दी कि जब विशाखा समिति की रिपोर्ट निदेशक, चिकित्सा शिक्षा को भेजी गई और आवेदक के खिलाफ कुछ भी नहीं पाया गया, तो शिकायतकर्ता ने आवेदक को किसी भी तरह से फंसाने के लिए एफआईआर दर्ज कराई. आवेदक की अनधिकृत अनुपस्थिति के कारण उनके प्रति रंजिश भी थी, इसलिए उनका वजीफा रोक दिया गया था. वह एक सरकारी कर्मचारी हैं, और यदि उन्हें गिरफ्तार किया जाता है तो उनका करियर बर्बाद हो जाएगा, उन्हें अग्रिम जमानत दी जा सकती है. दूसरी ओर सरकारी वकील अमित वर्मा ने आवेदक के वकील द्वारा प्रस्तुत किए गए तर्क का विरोध करते हुए कहा कि चूँकि शिकायतकर्ता, जो एक महिला डॉक्टर और पीजी छात्रा भी है, के शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न से संबंधित है और प्रथम दृष्टया यह पाया गया है कि आवेदक ने ऊपर बताए गए अपराध किए हैं, आवेदक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और मामला जाँच के अधीन है, इसलिए आवेदक अग्रिम जमानत पाने का हकदार नहीं है. आपत्तिकर्ता/शिकायतकर्ता की ओर से उपस्थित वकील मधुनिशा सिंह ने अग्रिम जमानत आवेदन का कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया कि शिकायतकर्ता एक होनहार छात्रा है, और रूस के एक मेडिकल कॉलेज से मेडिसिन की डिग्री में स्वर्ण पदक विजेता छात्रा है. आवेदक ने शुरू से ही शिकायतकर्ता पर बुरी नजर रखी और गंदी और घटिया टिप्पणियाँ कीं. उसे परीक्षा में फेल करने और उसका करियर बर्बाद करने की धमकी दी गई. शिकायतकर्ता ने अपने ही विभाग के अधिकारियों के समक्ष शिकायत करने की पूरी कोशिश की, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो उसे मजबूरन एफआईआर दर्ज करानी पड़ी. विशाखा समिति ने भी पाया है कि आवेदक अपने ऊपर लगे आरोपों में दोषी है. इससे पहले सिकल सेल संस्थान, छत्तीसगढ़ के अधिकारियों और महिला कर्मचारियों ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ महिलाओं को परेशान करने, गाली देने और अभद्र व्यवहार करने की शिकायत दर्ज कराई थी. इसके अलावा वित्तीय अनियमितताएं करने का भी आरोप है. हाईकोर्ट की एकलपीठ ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सुना और केस डायरी का अवलोकन किया और आदेश में कहा आवेदक के विरुद्ध लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं. केस डायरी के साथ संलग्न दस्तावेजों से पता चलता है कि शिकायतकर्ता द्वारा आवेदक के विरुद्ध कई शिकायतें की गई थीं, और विभाग की विशाखा समिति ने भी एक जाँच की है. रिपोर्ट में यद्यपि इस आशय का कोई प्रत्यक्ष निष्कर्ष नहीं है कि आवेदक अपने विरुद्ध लगाए गए आरोपों का दोषी है, तथापि, व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट से ऐसा प्रतीत होता है कि आवेदक ने शिकायतकर्ता पर टिप्पणी करने का प्रयास किया है, जो एक चिकित्सक जैसे महान पेशे के लिए, और वह भी विभागाध्यक्ष होने के नाते, अनुचित था. कोर्ट ने आदेश में कहा कि आवेदक द्वारा गवाहों को प्रभावित करने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने या निष्पक्ष जाँच में बाधा डालने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता. प्राथमिकी किसी भी तरह से प्रेरित नहीं लगती है, और उसमें घटनाओं का वर्णन प्रथम दृष्टया मामला दर्शाता है. आदेश में जाँच के प्रारंभिक चरण में है, और इस स्तर पर केस डायरी में उपलब्ध सामग्री के आधार पर अग्रिम जमानत खारिज की जाती है.

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गांव पहुँचकर प्रदान किया प्रमाण पत्र

रायपुर : ग्राम जिंदा को मिला छत्तीसगढ़ का पहला टीबी मुक्त गांव होने का गौरव ग्राम जिंदा को मिला छत्तीसगढ़ का पहला टीबी मुक्त गांव बना जिंदा, स्वास्थ्य मिशन में बड़ी उपलब्धि उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गांव पहुँचकर प्रदान किया प्रमाण पत्र रायपुर टीबी मुक्त भारत अभियान को सशक्त आधार देते हुए कबीरधाम जिले ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। जिले की ग्राम पंचायत जिंदा को प्रदेश का पहला टीबी मुक्त ग्राम घोषित किया गया है। इस उपलब्धि को मान्यता प्रदान करते हुए आज प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ग्राम जिंदा पहुँचकर ग्राम पंचायत को टीबी मुक्त होने का प्रमाण पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर आयोजित गरिमामयी कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए टीबी मुक्त भारत अभियान को छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में गंभीरता से लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि टीबी जिसे पहले एक गंभीर बीमारी माना जाता था, अब आधुनिक चिकित्सा, टीकों, दवाइयों और जनसहभागिता के चलते नियंत्रण और समाप्ति की दिशा में है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि किसी भी स्वास्थ्य अभियान की सफलता केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं होती, बल्कि उसमें समाज की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कबीरधाम जिले में 84 ग्राम पंचायतों का टीबी मुक्त घोषित होना इसी सामाजिक सहभागिता और प्रशासनिक सक्रियता का प्रमाण है। जायसवाल ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की भूमिका की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी सतत निगरानी, सजगता और नेतृत्व में जिले को यह उपलब्धि प्राप्त हुई है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्राम जिंदा को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह गांव प्रदेश के लिए एक प्रेरणा बन गया है। उन्होंने कहा कि ग्राम जिंदा की सक्रियता, सजगता और सामूहिक प्रयासों के चलते यह संभव हो सका है। उन्होंने जानकारी दी कि कबीरधाम जिले की कुल 84 ग्राम पंचायतें अब तक टीबी मुक्त हो चुकी हैं, जो कि प्रदेश ही नहीं, देश के लिए भी अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़, विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में नए हितग्रहियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किया गया। कार्यक्रम में सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, कलेक्टर गोपाल वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत सीईओ अजय त्रिपाठी, सहित कई जनप्रतिनिधिगण और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि जिले में निक्षय मित्र योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है, जिसमें जनभागीदारी को केंद्र में रखते हुए टीबी मरीजों को नियमित दवा और पोषण सहायता उपलब्ध कराई गई। इसी मॉडल को आधार बनाकर टीबी की रोकथाम और मरीजों के जीवन स्तर में सुधार सुनिश्चित किया गया।

पूर्व सीएम के बेटे से मिलकर बोले पायलट- चाहे कुछ भी हो, कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी

रायपुर कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट आज छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं. राजधानी पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के साथ सेंट्रल जेल में बंद पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात की. मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया को बताया कि चैतन्य ने मजबूती से लड़ाई लड़ने की बात कही है. इसके साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कंद्रीय जांच एजेंसियों का उपयोग विपक्ष को दबाने के लिए कर रही है. लेकिन वे भाजपा चाहे जो कर लें, हमारा कांग्रेस परिवार एक कदम पीछे नहीं हटेगा. बता दें, छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पूर्व मंत्री कवासी लखमा की गिरफ्तारी के बाद ईडी ने 18 जुलाई को पूर्व सीएम भूपेश बघेल के घर पर छापेमार कार्रवाई करते हुए शराब घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में उनके बेटे चैतन्य को भी गिरफ्तार किया है. ईडी की इस कार्रवाई के बाद से छत्तीसगढ़ में राजनीति गरमाई हुई है. सचिन पायलट ने कहा कि केंद्र सरकार विपक्षी दलों को दबाने का प्रायस कर रही है. भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विरोधी दलों के लिए कर रही है. 10 साल में किसी भाजपा नेता के विरुद्ध कोई जांच सेंट्रल एजेंसी ने नहीं की है. विधायक पुरंदर मिश्रा के बयान का पलटवार विधायक पुरंदर मिश्रा के बयान पर भी उन्होंने पलटवार किया है. रायपुर विधायक मिश्रा ने कहा था कि सचिन पायलट को परिवार की चिंता है, कांग्रेस की नहीं. इसपर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने पार्टी के एक-एक कार्यकर्ता के लिए खड़ी है, परिवार के एक-एक सदस्य के लिए कांग्रेस पार्टी लड़ाई लड़ेगी. जो भी कर ले, लेकिन हम और हमारी पार्टी एक कदम भी पीछे नहीं हटेगी. इस दौरान उन्होंने जेल में बंद पूर्व मंत्री कवासी लखमा के स्वास्थ खराब होने की भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा का स्वास्थ्य खराब है. अधिकारियों से कहा है कि उनका ध्यान रखें. कवासी लखमा के हौसले बुलंद है. विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश वहीं केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर सचिन पायलट ने कहा कि एजेंसियां कांग्रेस के नेताओं को संदेश दे रही हैं कि आप आवाज बुलंद करेंगे तो आपका भी यही हाल होगा. केंद्र और प्रदेश की एजेंसियों का उपयोग विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए किया जा रहा है. छवि धूमिल करने ये कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में ये साबित हो चुका है कि मुद्दों से भटकाने के लिए विपक्ष के नेताओं को टारगेट कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी कोशिश कर रही है कि कोई उनके खिलाफ आवाज न उठाए. उन्हें दबाने के लिए ये सब किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने पार्टी के एक-एक कार्यकर्ता के लिए खड़ी है. परिवार के एक-एक सदस्य के लिए कांग्रेस पार्टी लड़ाई लड़ेगी. छत्तीसगढ़ से उपराष्ट्रपति बनाने PCC चीफ की PM को चिट्ठी वहीं दीपक बैज की ओर से प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ भाजपा के नेताओं में से किसी एक को उप राष्ट्रपति बनाने के सुझाव और क्या कांग्रेस दीपक बैज के सुझाव के साथ है के सवाल पर सचिन पायलट गोलमोल जवाब देते नजर आए. पायलट ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष को जो कहना था वो कह चुके हैं, मुझे इसपर कुछ नहीं कहना है. उन्होंने क्लिरिफिकेशन दिया कि किस सोच के साथ उन्होंने कहा अपनी चिट्ठी के बारे में उनके वीडियो में देख लीजिए. कांग्रेस की बैठक में नेताप्रतिपक्ष महंत नहीं रहे मौजूद सेंट्रल जेल के बाद सचिन पायलट राजीव भवन पहुंचे. वहां उन्होंने पार्टी के नेताओं और पदाधिकारियों से मुलाकात कर कई विषयों पर चर्चा की. इस दौरान सह- प्रभारी विजय जांगिड, जरीता लैतफलांग, ताम्रध्वज साहू, शिव डहरिया मौजूद रहे. हालांकि इस मुलाकात और चर्चा में नेताप्रतिपक्ष चरण दास महंत मौजूद नहीं रहे. पीसीसी चीफ बैज की अनुपस्थिती बनी चर्चा का विषय छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी के इस दौरे में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बनी. बीते कुछ दिनों से बैज बस्तर दौरे पर है. जानकारी के मुताबिक पायलट के दौरे की सूचना बैज को काफ़ी देर से मिली जिसके चलते वो नहीं पहुंच सके.

सीएम डॉ. यादव ने कहा – कारगिल विजय दिवस हर भारतीय के लिए गर्व का पर्व

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कारगिल विजय दिवस की बधाई देते हुए कहा है कि भारतीय सैनिकों ने पराक्रम की पराकाष्ठा करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में पाकिस्तान को पराजित किया था। साठ दिन तक चलने वाले युद्ध की छवियां आज भी देशवासियों के मन मस्तिष्क पर बनी हुई है। भारतीय सैनिकों ने दुर्गम पहाड़ी परिस्थितियों में एक-एक चोटी को फतह कर अपने शौर्य का परचम फहराया, देश को गौरवान्वित किया और हमारा मनोबल बढ़ाया। हमें विश्वास है कि भारतीय सेना सभी चुनौतियों का सामना करने मैं सदैव समर्थ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शौर्य और बलिदान की अमर गाथा, कारगिल विजय दिवस हम सभी के लिए गौरव का उत्सव है। मां भारती के वीर सपूतों ने सर्वस्व न्यौछावर कर कारगिल में शत्रु का संहार कर विजय प्राप्त की। यह अवसर राष्ट्र के प्रति समर्पण के प्रण का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया के माध्यम से जारी अपने संदेश में, प्रदेशवासियों से मां भारती की सेवा में सर्वस्व समर्पित करने का संकल्प लेने का आहवान किया है।  

धर्मांतरण केस में कार्रवाई तेज: जेल में बंद सबरोज का घर धराशायी, बुलडोजर एक्शन जारी

बलरामपुर  उत्तर प्रदेश में आजकल धर्मांतरण के मामले लागातार सामने आ रहे हैं. यह मुद्दा गरमाता जा रहा है. छांगुर बाबा सिंडिकेट का भांडा फूटने के बाद आगरा, अलीगढ़ समेत अब सुल्तानपुर में धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया. प्रशासन ऐसे मामलों में लगातार सख्ती से कार्रवाई कर रहा है. अब बलरामपुर में अवैध धर्मांतरण के मास्टरमाइंड जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के भतीजे पर बुलडोजर एक्शन का कहर बरपा है. जेल में बंद सबरोज का घर आज बुलडोजर से ढहा दिया गया. बताया जा रहा है कि गांव की जमीन पर अवैध कब्जा कर घर बनाया गया था. इसलिए ये कार्रवाई हुई है. इससे पहले छांगुर की आलीशान कोठी पर बुलडोजर चल चुका है. सबरोज का मकान छांगुर की कोठी से 1 किमी दूर रेहरा माफी गांव में ही बना हुआ था. सबरोज एटीएस की गिरफ्त में हैं. छांगुर के बाद एटीएस ने 19 जुलाई को उसे गिरफ्तार किया था. सबसे पहले सबरोज के घर उतरौला कोतवाली की फोर्स यानी 30 पुलिसकर्मी, सीओ राघवेंद्र सिंह और एएसपी विशाल पांडेय पहुंचे. वहां सुरक्षा व्यवस्था देखी. इसके बाद एसडीएम सत्यपाल प्रजापति पहुंचे. फिर सुबह 11 बजे टीम उतरौला तहसील की टीम दो बुलडोजर लेकर पहुंची. दो बुलडोजर ने 7 मिनट में छत ढहाई और 10 मिनट में दीवारें गिरा दी. इसके बाद पिलर खोद दिए. कुल 20-25 मिनट में पूरे घर को जमींदोज कर दिया गया. कार्रवाई के दौरान कुछ लोग मौजूद थे. मगर, जैसे ही कार्रवाई पूरी तो सब गायब हो गए. वहीं, प्रशासन ने कहा कि सबरोज को 3 बार नोटिस दिया जा चुका था. आखिरी नोटिस 18 जुलाई को दिया गया था. सबरोज का यह घर गौडास बुजुर्ग क्षेत्र के ग्राम रेहरा माफी में बना हुआ है. प्रशासन का कहना है कि यह आवास अवैध कब्जा करके बनाया गया था. लगभग 300 स्क्वायर फीट में बना हुआ था. इसमें एक किचन, एक कमरा और एक बरामदा बना हुआ था. बता दें, सबरोज की पत्नी के अलावा दो बच्चे हैं. बड़ा बेटा 10 साल और छोटा 6 साल का है. आसपास के लोगों ने बताया कि ​सबरोज की पत्नी बच्चों को लेकर मायके चली गई है.

सनसनी: सागर जिले में एक ही परिवार के चार सदस्य मृत मिले, जांच में जुटी पुलिस

सागर मध्य प्रदेश के सागर जिले के खुरई क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां टीहर गांव में खेत में बने एक मकान में रह रहे परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। प्रारंभिक जांच में मामला सामूहिक आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत की असल वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। घटना शुक्रवार देर रात की बताई जा रही है। मृतकों की पहचान मनोहर सिंह लोधी, उनकी मां फूलरानी लोधी (70), बेटी शिवानी (18) और बेटा अनिकेत (16) के रूप में हुई है। फूलरानी और अनिकेत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शिवानी ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। मनोहर सिंह को गंभीर हालत में सागर रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, मनोहर सिंह अपनी मां और दो बच्चों के साथ गांव से दूर खेत में बने मकान में रहते थे। उनकी पत्नी कुछ दिन पहले अपने मायके गई हुई थी। घटना के समय घर में केवल चारों ही मौजूद थे। बड़े भाई को मिली घटना की जानकारी घटना की जानकारी सबसे पहले मनोहर के बड़े भाई को मिली, जिन्होंने बताया कि मकान के ऊपर रहने वाले एक भाई को नीचे से उल्टी करने की आवाजें सुनाई दीं। जब उसने जाकर देखा, तो हालत गंभीर लगी और तुरंत आसपास के लोगों को जानकारी दी गई। खुरई सिविल अस्पताल की ड्यूटी डॉक्टर वर्षा केशरवानी ने बताया कि बीती रात चार लोगों को अस्पताल लाया गया था। इनमें से दो पहले से मृत थे, जबकि एक युवती और उसके पिता की हालत नाजुक थी। शिवानी की अस्पताल में ही मौत हो गई, और मनोहर सिंह ने सागर ले जाते समय एम्बुलेंस में दम तोड़ दिया। पुलिस की जांच जारी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भिजवाया गया। खुरई शहरी थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी ने बताया कि घटना किस वजह से हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। फिलहाल यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है और हर कोई जानना चाहता है कि एक ही परिवार के चार लोगों की जान आखिर कैसे चली गई। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले से पर्दा उठ सकेगा। मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक ही परिवार के चार लोगों ने की आत्महत्या, दादी, पिता और दो बच्चों की मौत, मां मायके गई थी. सागर  में शुक्रवार देर रात एक ही परिवार के चार लोगों ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। पिता, बेटा-बेटी और दादी की मौत हो गई। पुलिस आत्महत्या के कारण जानने का प्रयास कर रही है।  एक रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश के सागर जिले के टीहर गांव में एक ही परिवार के चार सदस्यों ने सामूहिक रूप से आत्महत्या कर ली। यह दर्दनाक घटना शुक्रवार रात को घटी, घर की ऊपरी मंजिल पर रहने वाले भाई को उल्टियां करने की आवाज आई तो वह नीचे आए, इस दौरान उन्हें इसकी जानकारी मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिवार ने ऐसा क्यों किया, अब तक इस बारे में जानकारी सामने नहीं आ पाई है. जानकारी के अनुसार, टीहर गांव के पास खेत में बने एक मकान में मनोहर लोधी (45), उनकी मां फूलरानी (70), बेटा अनिकेत और बेटी शिवानी (18) रह रहे थे। मनोहर की पत्नी कुछ दिनों पहले अपने मायके गई थीं। घर में मनोहर के अलावा दो बच्चे और दादी थीं। शुक्रवार रात को सभी को उल्टियां होने लगीं। उल्टियों की आवाज सुनकर घर की ऊपरी मंजिल में रह रहा मनोहर का भाई चीजे आया। उसने सभी को गंभीर हालत में देखा तो सबसे पहले परिजनों और ग्रामीणों को जानकारी दी। इसके पुलिस और एंबुलेंस को कॉल कर सूचना दी गई।     सभी को गंभीर हालत में खुरई अस्पताल पहुंचाया गया, इस दौरान डॉक्टरों ने फूलरानी और अनिकेत की मृत घोषित कर दिया। वहीं, कुछ देर के इलाज के बाद शिवानी ने दम तोड़ दिया। गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाते समय मनोहर की भी मौत हो गई। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर ह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परिवार ने यह कदम क्यों उठाया?  पुलिस मनोहर के छोटे भाई समेत ग्रामीणों से जानकारी जुटा रही है.

झालावाड़ में दर्दनाक विदाई: मासूमों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार

जयपुर झालावाड़ के पिपलोदी में शुक्रवार को स्कूल की छत ढहने से जान गंवाने वाले मासूमों के शव आज सुबह एक साथ उठे तो पूरे गांव का कलेजा मुंह को आ गया। सभी की आंखों में आंसू और सवाल थे,जिन बच्चों को बड़ा होकर अपने मां-पिता का सहारा बनना था वे आज अपने परिजनों के कंधों पर जा रहे थे। हादसे के बाद पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है। सरकारी सिस्टम की लापरवाही के चलते  शुक्रवार को सरकारी स्कूल की जर्जर बिल्डिंग गिरने से 7 मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि 20 से ज्यादा बच्चों का अभी भी अस्पताल में इलाज चल रहा है। गांव में आज शवों का अंतिम संस्कार एक साथ किया जा रहा है। परिजन अपने बच्चों को अंतिम विदाई देने के लिए इकट्ठा हुए हैं। गांव की गलियों में चीखें सुनाई पड़ रही हैं। अंतिम यात्रा में ग्रामीणों के साथ पुलिस के जवान भी शामिल हुए हैं। वहीं सगे भाई-बहन कान्हा और मीना को एक ही अर्थी पर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। आज मनोहरथाना ब्लॉक में सभी स्कूलों की छुट्टी जिला कलेक्टर ने निर्देश जारी करते हुए आज मनोहरथाना ब्लॉक के सभी सरकारी स्कूलों में छुट्टी का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है। गौरतलब है कि कल स्कूल के सभी पांच शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया था।

रायपुर: विधानसभा अध्यक्ष ने कहा – हर जरूरतमंद को मिले गुणवत्तापूर्ण राशन

रायपुर : गरीबों को गुणवत्तापूर्ण राशन मिले यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह डॉ. रमन सिंह बोले – गरीबों तक अच्छा राशन पहुँचाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी रायपुर: विधानसभा अध्यक्ष ने कहा – हर जरूरतमंद को मिले गुणवत्तापूर्ण राशन राशन वितरण में गुणवत्ता जरूरी, गरीबों का हक प्राथमिकता: डॉ. रमन सिंह नवनियुक्त अध्यक्ष  संदीप शर्मा का शपथ ग्रहण समारोह  रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में लगातार संघर्ष करते हुए श्री शर्मा ने संघर्षशील जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी छवि बनाई है। सरकार ने उन्हें पीडीएस के तहत राशन कार्डधारियों  को गुणवत्तापूर्ण प्रतिमाह राशन मिले, इसके निरीक्षण और परीक्षण के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। डॉ. सिंह ने कहा कि गरीबों और प्राथमिकता वाले परिवारों को गुणवत्तायुक्त राशन मिले, यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने नवनियुक्त अध्यक्ष को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी।  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयाल दास बघेल इस मौके पर नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा को पदभार ग्रहण की बधाई देते हुए कहा कि अब गरीबों को साफ-सुथरा राशन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी उन पर है। खाद्य वितरण संबंधी कोई भी शिकायत होती है हितग्राही आयोग के माध्यम से अपनी समस्या का समाधन करा सकेंगे। अब खाद्य विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन को और गति मिलेगी।  खाद्य मंत्री श्री बघेल ने आगे कहा कि राज्य में राशन कार्डधारियों की संख्या 81 लाख से अधिक है। 13 हजार 930 शासकीय उचित मूल्य की दुकानें स्व-सहायता समूहों, ग्राम पंचायतों तथा सहकारी समितियों के माध्यम से संचालित हो रही हैं। गरीबों एवं प्राथमिकता वाले परिवारों को पारदर्शिता के साथ राशन का वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। हाल ही में हमारी सरकार ने प्रदेश के राशन कार्डधारियों को तीन माह का एकमुश्त चावल देने का उल्लेखनीय काम किया है।  मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल का स्मरण करते हुए कहा कि उनके समय में छत्तीसगढ़ खाद्यान्न सुरक्षा कानून बना, जिसके तहत प्रदेश के अंतिम छोर के व्यक्तियों तक राशन उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य ने पीडीएस प्रणाली के बेहतर क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। डॉ. सिंह को चाउर वाले बाबा के नाम से भी जाना जाता है। मंत्री श्री बघेल ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार द्वारा बजट में 6500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।  छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुझे सरकार ने गरीबों को गुणवत्तपूर्ण राशन उपलब्ध कराने तथा जांच परीक्षण के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। मैं पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्य का निर्वाहन करूगा। हर गरीब एवं प्राथमिकता वाले परिवारों को गुणवत्तापूर्ण चावल मिले, यह हर हाल में सुनिश्चित होगा।   खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने इस अवसर पर विभागीय योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में पीडीएस के माध्यम से राज्य के 2 करोड 73 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। आधार प्रमाणिकरण के जरिए पारदर्शी तरीके से राशन वितरण व्यवस्था को सृदृढ़ की गई है।  शपथ ग्रहण समारोह में कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री गौरी शंकर अग्रवाल, विधायक सर्वश्री मोतीलाल साहू, राजेश मूणत, रोहित साहू, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा,  संपत अग्रवाल, रिकेश सेन, नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निनिर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष श्री राम प्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, लौह शिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा, श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। 

छात्रा की संदिग्ध मौत पर बवाल: कॉलेज प्रशासन के खिलाफ छात्रों का विरोध तेज

उदयपुर उदयपुर के पैसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल परिसर में संचालित डेंटल कॉलेज की एक छात्रा ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिसर में सनसनी फैल गई और गुस्साए स्टूडेंट्स ने हंगामा कर दिया। मामले में लगाए आरोपों के बाद कॉलेज स्टाफ के दो सदस्यों को हटा दिया गया है। मृतका जम्मू कश्मीर की निवासी थी और अंतिम वर्ष की छात्रा थी। जानकारी के अनुसार मृतका छात्रा श्वेता सिंह (25) ने अपने हॉस्टल के कमरे में पंखे से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। इसकी जानकारी रात करीब 11 बजे उसकी रूममेट के पहुंचने पर हुई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों  ने उसे मृत घोषित कर दिया। आत्महत्या से पूर्व छात्रा श्वेता सिंह ने सुसाइड नोट छोड़े हैं, जिसमें कॉलेज के स्टाफ पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की जानकारी के बाद कॉलेज के अन्य स्टूडेंट्स गुस्सा हो गए और कॉलेज का मेन गेट बंद कर धरने पर बैठ गए। सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस पहुंची और उन्होंने छात्रों से समझाइश की। बताया जा रहा है कि मृतका ने सुसाइड नोट में कॉलेज स्टाफ सदस्य नैनी मैडम और भगवत पर टॉर्चर करने के आरोप लगाए हैं। इसमें समय पर परीक्षा नहीं करवाने, मनमर्जी से अंक देने, अकारण अनुत्तीर्ण करने और जबरन पैसा वसूली के आरोप हैं। आरोपी स्टाफ हटाया इधर स्टाफ पर लगाए गए आरोपों की जानकारी के बाद संस्था के अध्यक्ष राहुल अग्रवाल मौके पर पहुंचे और धरने पर बैठे छात्रों की समस्याओं को सुना। इस दौरान उन्होंने कालेज के प्रिंसिपल को भी जमकर फटकार लगाई। अध्यक्ष के सामने भी छात्रों ने समय पर परीक्षा नहीं करवाने, अकारण अनुपस्थिति दर्ज कर दबाव बनाने आरोप लगाए। अंततः दोनों आरोपी स्टाफ सदस्यों को हटाने के बाद छात्रों का गुस्सा शांत हुआ।

जयपुर एयरपोर्ट और CMO को उड़ाने की धमकी, ई-मेल से मचा बवाल, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

जयपुर राजधानी जयपुर में आज सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एयरपोर्ट प्रशासन को एक धमकी भरा ई-मेल मिला। इस ई-मेल में जयपुर एयरपोर्ट को विस्फोटकों से उड़ाने की बात कही गई थी, साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय को भी एक-दो घंटे में निशाना बनाने की धमकी दी गई। ई-मेल मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं और एयरपोर्ट परिसर में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। एयरपोर्ट पर सघन तलाशी अभियान धमकी भरा ई मेल मिलते ही सीआईएसएफ ने एयरपोर्ट की सुरक्षा को हाई अलर्ट पर रखते हुए तलाशी अभियान शुरू किया। एयरपोर्ट टर्मिनल, एप्रन एरिया, पार्किंग स्थल और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की गहन जांच की जा रही है। हालांकि अभी तक किसी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री की बरामदगी नहीं हुई है। एयरपोर्ट पर यात्रियों की आवाजाही सामान्य है लेकिन अतिरिक्त चेकिंग और निगरानी की जा रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय को उड़ाने की धमकी, प्रशासन सतर्क ई-मेल में केवल एयरपोर्ट ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री कार्यालय को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। मेल में स्पष्ट तौर पर लिखा गया कि एक-दो घंटे में सीएम ऑफिस को भी उड़ा दिया जाएगा। इसके बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने सीएमओ और उसके आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा बढ़ा दी है। सभी संदिग्ध गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। साइबर सेल कर रही जांच एयरपोर्ट प्रशासन ने धमकी भरे ई मेल की जानकारी तुरंत पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस की साइबर सेल ने मेल की सत्यता और स्रोत की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह साफ नहीं हो सका है कि मेल किसी आतंकी संगठन की ओर से भेजा गया है या किसी शरारती तत्व की साजिश है। फिर भी मामले को गंभीरता से लेते हुए हर एंगल से जांच की जा रही है। मेल भेजने वाले की पहचान के लिए तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। लगातार मिल रहे हैं धमकी भरे ई मेल गौरतलब है कि 2025 में अब तक बम विस्फोट की यह 16वीं धमकी है। अकेले मई महीने में जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम को चार बार निशाना बनाया जा चुका है। इसके अलावा कई बार स्कूल, अस्पताल, होटल, मेट्रो स्टेशन और अदालतों को भी धमकियां मिल चुकी हैं। इन धमकियों के अधिकतर मामले फर्जी साबित हुए हैं, लेकिन हर बार सुरक्षा एजेंसियों को पूरे संसाधनों के साथ सतर्कता बरतनी पड़ी है। करीब पांच दिन पहले भी माहेश्वरी गर्ल्स स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इसके बाद 3500 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। इससे पहले 30 मई को मानसरोवर मेट्रो स्टेशन, 2 कोर्ट परिसरों मेट्रो कोर्ट और फैमिली कोर्ट में बम की झूठी धमकी दी गई थी। वहीं 8, 12 और 13 मई को सवाई मानसिंह स्टेडियम को उड़ाने की धमकी भी दी गई।  इस ई-मेल में रेप पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग भी की गई थी। सचिवालय में बढ़ाई सुरक्षा एक बार फिर धमकी भरे मेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर जयपुर के प्रशासनिक दफ्तरों में भी हलचल तेज हो गई है। सचिवालय में पुलिस की टीम पहुंच गई है और यहां की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय में BDS, SDRF की टीम तैनात है। अफवाहों से बचें, सहयोग करें जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन और पुलिस विभाग ने नागरिकों और यात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, शांति बनाए रखें और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करें। सुरक्षा में कोई भी चूक न हो, इसके लिए चौतरफा सतर्कता बरती जा रही है।