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स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल बोले – महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध

एनआईटी रायपुर और विकास तरंगिणी द्वारा किया गया नि:शुल्क महिला स्वास्थ्य जागरूकता एवं जाँच शिविर का आयोजन रायपुर, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर एवं विकास तरंगिणी, छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आज महिलाओं के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य जागरूकता एवं जाँच शिविर का एनआईटी परिसर में आयोजन किया गया। यह जांच शिविर और जागरूकता कार्यक्रम विशेषतः सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए आयोजित किया गया। शिविर के माध्यम से महिलाओं को नि:शुल्क जाँच, परामर्श और आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध कराई गईं। इस अवसर पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल शिविर में शामिल हुए और महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा महिलाओं की जांच की गई और नि:शुल्क जांच, परामर्श और दवाइयां प्रदान किया गया। महिलाओं की बड़ी संख्या ने इस पहल में भाग लेते हुए स्वास्थ्य जांच कराई और स्वास्थ्य विभाग की जागरूकता से लाभ प्राप्त किया। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि ऐसे शिविर महिलाओं को समय पर बीमारियों की जांच के लिए प्रेरित करते हैं और उनके स्वास्थ्य की रक्षा में बड़ा योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि आज अनेक बीमारियाँ हमारी बदलती जीवनशैली, रासायनिक उत्पादों के अत्यधिक उपयोग तथा पारंपरिक जीवन मूल्यों से दूर होने के कारण उत्पन्न हो रही हैं, उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा योग जैसे भारतीय आचार-विचार को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना करते हुए "सर्वे भवन्तु सुखिनः" के सिद्धांत को अपनाने की बात कही। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह पहल न केवल रोगों की समय पर पहचान में सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में भी एक अच्छा कदम है। यह स्वस्थ नारी और सशक्त समाज की ओर बढ़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।उन्होंने कहा कि यह शिविर शिक्षा और स्वास्थ्य के मध्य एक सेतु का कार्य करेगा।

बीडीएस छात्र की आत्महत्या का मामला: दो शिक्षकों को हटाया गया

उदयपुर, उदयपुर के पैसिफिक डेंटल कॉलेज और हॉस्पिटल में फाइनल ईयर की 25 वर्षीय छात्रा श्वेता सिंह की कथित आत्महत्या के बाद दो शिक्षकों को कॉलेज से निष्कासित कर दिया गया है। श्वेता ने गुरुवार रात करीब 11 बजे अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी थी। उनकी रूममेट ने उन्हें इस हालत में देखा था। तुरंत चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई गई लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। श्वेता जम्मू-कश्मीर की रहने वाली थीं, और उनके पिता एक पुलिस कांस्टेबल हैं। पुलिस को मौके से एक हस्तलिखित सुसाइड नोट मिला, जिसमें श्वेता ने दो शिक्षकों (माही मैम और भगवत सर) पर दो साल तक मानसिक और भावनात्मक उत्पीड़न का आरोप लगाया। नोट में श्वेता ने दावा किया कि कॉलेज प्रशासन ने आंतरिक परीक्षाओं में देरी की, मेहनती छात्रों को फेल किया, और रिश्वत देने वालों को पास किया। श्वेता की मौत के बाद शुक्रवार सुबह सैकड़ों छात्र कॉलेज परिसर में जमा हुए और मुख्य द्वार को ब्लॉक कर धरना दिया। उन्होंने दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मामले की गहन जांच की मांग की। बढ़ते तनाव को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने सुसाइड नोट में नामित दोनों शिक्षकों को निष्कासित कर दिया। कॉलेज संचालक राहुल अग्रवाल ने प्रिंसिपल रवि कुमार को फटकार लगाई और छात्रों को आश्वासन दिया कि दो से तीन महीने में समाधान कर लिया जाएगा। सुखेर पुलिस स्टेशन ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की है और आरोपों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस कॉलेज प्रशासन के साथ मिलकर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में जुटी है। श्वेता के सहपाठियों के अनुसार, वह “ऑड बैच” में थीं, जिसमें वे छात्र शामिल होते हैं जो परीक्षा छूटने या 75 प्रतिशत उपस्थिति की कमी के कारण पिछड़ जाते हैं। नियमों के अनुसार, ऐसे छात्रों की छह महीने में दोबारा परीक्षा होनी चाहिए, लेकिन श्वेता की बार-बार गुहार के बावजूद उनकी लंबित परीक्षा आयोजित नहीं की गई। छात्रों का कहना है कि प्रशासन की उदासीनता और देरी ने श्वेता के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाला था।  

बीडीएस छात्र की आत्महत्या का मामला: दो शिक्षकों को हटाया गया

उदयपुर, उदयपुर के पैसिफिक डेंटल कॉलेज और हॉस्पिटल में फाइनल ईयर की 25 वर्षीय छात्रा श्वेता सिंह की कथित आत्महत्या के बाद दो शिक्षकों को कॉलेज से निष्कासित कर दिया गया है। श्वेता ने गुरुवार रात करीब 11 बजे अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी थी। उनकी रूममेट ने उन्हें इस हालत में देखा था। तुरंत चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई गई लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। श्वेता जम्मू-कश्मीर की रहने वाली थीं, और उनके पिता एक पुलिस कांस्टेबल हैं। पुलिस को मौके से एक हस्तलिखित सुसाइड नोट मिला, जिसमें श्वेता ने दो शिक्षकों (माही मैम और भगवत सर) पर दो साल तक मानसिक और भावनात्मक उत्पीड़न का आरोप लगाया। नोट में श्वेता ने दावा किया कि कॉलेज प्रशासन ने आंतरिक परीक्षाओं में देरी की, मेहनती छात्रों को फेल किया, और रिश्वत देने वालों को पास किया। श्वेता की मौत के बाद शुक्रवार सुबह सैकड़ों छात्र कॉलेज परिसर में जमा हुए और मुख्य द्वार को ब्लॉक कर धरना दिया। उन्होंने दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मामले की गहन जांच की मांग की। बढ़ते तनाव को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने सुसाइड नोट में नामित दोनों शिक्षकों को निष्कासित कर दिया। कॉलेज संचालक राहुल अग्रवाल ने प्रिंसिपल रवि कुमार को फटकार लगाई और छात्रों को आश्वासन दिया कि दो से तीन महीने में समाधान कर लिया जाएगा। सुखेर पुलिस स्टेशन ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की है और आरोपों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस कॉलेज प्रशासन के साथ मिलकर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में जुटी है। श्वेता के सहपाठियों के अनुसार, वह “ऑड बैच” में थीं, जिसमें वे छात्र शामिल होते हैं जो परीक्षा छूटने या 75 प्रतिशत उपस्थिति की कमी के कारण पिछड़ जाते हैं। नियमों के अनुसार, ऐसे छात्रों की छह महीने में दोबारा परीक्षा होनी चाहिए, लेकिन श्वेता की बार-बार गुहार के बावजूद उनकी लंबित परीक्षा आयोजित नहीं की गई। छात्रों का कहना है कि प्रशासन की उदासीनता और देरी ने श्वेता के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाला था।  

IPS और SPS अधिकारियों के तबादले, नई सूची के साथ पदस्थापना आदेश जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश शासन ने भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के तबादला आदेश (IPS Transfer Order) जारी किये हैं इसके अलावा राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों के भी तबादला आदेश जारी किये हैं, शासन ने ट्रांसफर किये अधिकारियों को निर्देश दिए हैं वे शीघ्र अपनी पदस्थापना वाली जगह ज्वाइन करें पुलिस अधिकारियों के तबादलों के आदेश गृह विभाग मध्य प्रदेश और पुलिस मुख्यालय भोपाल ने जारी किये हैं, गृह विभाग ने दी IPS अधिकारियों को इधर से उधर किया है वहीं पुलिस मुख्यालय ने दो निरीक्षकों के तबादला आदेश जरी किये हैं उन्हें एक जिले से दूसरे जिले में पदस्थ किया है। गृह विभाग ने IPS श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया को सेनानी 15वीं वाहिनी SAF इंदौर से हटाकर एसपी देहात इंदौर पदस्थ किया है वहीं इंदौर देहात एसपी श्रीमती हितिका वासल को 15वीं वाहिनीं SAF का सेनानी बनाया है। दो पुलिस इंस्पेक्टर्स के तबादले  उधर पुलिस मुख्यालय ने एक आदेश जारी कर दो निरीक्षकों के तबादले किये हैं, PHQ द्वारा जारी आदेश के तहत निरीक्षक कुशल सिंह रावत को उज्जैन से बड़वानी भेजा गया है वहीं धार में पदस्थ निरीक्षक संतोष कुमार दुधी को इंदौर (शहर) पदस्थ किया है।

सैनिकों के बलिदान से कायम है भारत की अखंडता: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ,  कारगिल विजय दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी के शहीद स्मृति वाटिका में आयोजित एक कार्यक्रम में शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके परिजनों को सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत के वीर सैनिकों ने अपना बलिदान देकर भारत की एकता और अखंडता को बरकरार रखा। मुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान हमारे सैनिकों ने पलायन नहीं किया था, उसी का नतीजा है हमें विजय मिली। इस दिन भारत ने पाकिस्तान को धूल चटाकर दुनिया को हैरान कर दिया था। सीएम योगी ने कहा कि हालिया ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य क्षमताओं का नवीन प्रतीक है और यह कारगिल युद्ध की गूंज को और बुलंद करता है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का दिन भारत के महान वीर सपूतों को याद करने का दिन है। हम भारत के उन वीर सपूतों को नमन करते हैं। ये दिन भारत की सेना के शौर्य का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध पाकिस्तान ने भारत पर थोपा था, जिसका मुंहतोड़ जवाब हमारे वीर जवानों ने दिया। उन्होंने कहा कि कारगिल एक चुनौतीपूर्ण जगह थी, जहां का तापमान माइनस 50 डिग्री होता है। इस बेहद चुनौतीपूर्ण हालात में भी हमारे जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए पाकिस्तान के कायरों को धूल चटा दी। उस समय पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ अमेरिका गए और भारत पर दबाव डालने की कोशिश की। लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा कि अमेरिका हो या दुनिया की कोई भी ताकत, भारत किसी के सामने नहीं झुकेगा, और अंत में पाकिस्तान को आत्मसमर्पण करना पड़ा और घुसपैठियों को भागना पड़ा। सीएम योगी ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारत माता की रक्षा में वीर जवानों के अदम्य साहस, अद्भुत पराक्रम और अटूट संकल्प की अमर गाथा है। यह बलिदान देश की एकता, अखंडता और स्वाभिमान को सुरक्षित रखने का उदाहरण है। देश को जोड़ने और उसकी रक्षा करने वाले सैनिक ही सच्चे राष्ट्रनायक हैं। सीएम योगी ने बताया कि अगर कोई जवान देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए, आंतरिक सुरक्षा की स्थिति को बनाए रखने के लिए कहीं बलिदान होता है, तो हमारी सरकार अपने स्तर पर उस जवान के परिवार को 50 लाख की सहायता अलग से देती है। परिवार के एक सदस्य को प्रदेश सरकार में नौकरी भी देती है। राष्ट्र की एकता और अखंडता सदैव बलिदान मांगती है। उन्होंने आगे कहा कि आज अगर हम चैन से सो पाते हैं, समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ पाते हैं, विकास के नए-नए आयामों का लाभ ले पाते हैं और आधुनिक सुविधाओं से लाभान्वित हो पा रहे हैं, तो इसका कारण है कि भारत के वीर जवान सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं।  

भोपाल में सक्रिय ‘लव-ड्रग्स जिहाद’ नेटवर्क! पीड़िता के बयान से खुली कई परतें, कहा- सबको खुश करो

भोपाल भाजपा नेता शरीफ मछली का भजीता व शफीक मछली का बेटा यासीन अहमद (मछली) और उसका चाचा शाहवर मध्य प्रदेश की राजधनी भोपाल में एमडी ड्रग्स तस्करी का बहुत बड़ा नेटवर्क संचालित कर रहे थे। यासीन मछली भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन के बाहर एक बड़े काम्प्लेक्स में स्थित दो पबों में डीजे का कार्य करता था। इसी की आड़ में दोनों पबों में ड्रग्स का धंधा चलाया जा रहा था। पब में पार्टियों में आने वाले युवकों, खासकर हाईप्रोफाइल युवतियों को फ्री में नशा देकर आदी बनाया जाता था। बाद में नशे के बदले या फिर बेहोशी की हालत में इन युवतियों के साथ दुष्कर्म करता था। यासीन के मोबाइल में मिले  वीडियो में इसके सबूत भी पुलिस को मिले हैं। पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि यासीन मुंबई ही नहीं, राजस्थान और पंजाब से भी चरस और एमडी ड्रग्स भोपाल लाकर हाईप्रोफाइल पार्टियों में खपाता था। बता दें कि भोपाल पुलिस ड्रग्स तस्करी के आरोपी शाहवर को मामले की जांच के लिए राजस्थान लेकर गई थी, जहां ड्रग्स तस्करी से जुड़े कुछ सबूत पुलिस के हाथ लगे हैं। ऐसे में पूछताछ के लिए पुलिस ने शाहवर को दो दिन की रिमांड पर फिर लिया है। नए सबूतों को लेकर पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। ड्रग्स और लव जिहाद केस में यासीन अहमद के चाचा और शहर के बड़े मछली कारोबारी सारिक मछली भी फंसता नजर आ रहा है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर से कराई फायरिंग यासीन अहमद उर्फ मछली के मोबाइल में एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर का वीडियो भी पुलिस को मिला है, जो यासीन के बुलावे पर भोपाल में पार्टी करने आया था। वह मछली के हथाईखेड़ा स्थित फार्म हाउस पर रुका था, इस दौरान उसने वहां पर फायरिंग भी की थी। पुलिस आरोपी शाहवर और यासीन की निशानदेही पर आधा दर्जन से अधिक ड्रग पैडलरों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। क्लब-90 का मैनेजर, संचालक मोहित बघेल और गौरव चौहान भी पुलिस हिरासत में है, पुलिस दोनों से लगातार पूछताछ कर रही है। यासीन ने बंधक बनाकर युवक को पीटा  ड्रग्स तस्करी के आरोप में भोपाल क्राइम ब्रांच की रिमांड पर चल रहे यासीन अहमद उर्फ यासीन मछली के खिलाफ तलैया थाने में एक युवक ने शिकायत की है। शिकायत में युवक ने कहा कि यासीन मछली और उसके गुर्गों ने उसका अपहरण कर उसे बंधक बनाकर बुरी तरह मारपीट की थी। आरोपियों के डर के कारण अभी तक शिकायत नहीं की थी। यह मामला पुराना है, पुलिस ने शिकायत की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक प्रकरण दर्ज नहीं किया है। सारिक के गुर्गे ने युवती से क्लब-90 में किया दुष्कर्म, बनाया धर्म परिवर्तन का दबाव इस ड्रग्स और लव जिहाद केस में यासीन अहमद के चाचा और शहर के बड़े मछली कारोबारी सारिक मछली भी उलझता जा रहा है। बागसेवनिया थाना क्षेत्र में रहने वाली एक युवती ने पिपलानी थाने में दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने को लेकर शिकायत की जिसमें सारिक पर गंभीर आरोप हैं। युवती का कहना है कि सारिक मछली का गुर्गा दिव्यांश अहिरवार मुझसे मैनिट का स्टूडेंट बनकर कोचिंग में मिला और फिर दोस्ती की। आरोपी दिव्यांश अहिरवार टीआईटी कॉलेज का छात्र है। जून महीने में वह मुझे घर छोड़ने के बहाने अपने साथ ले गया और क्लब-90 में ले जाकर मेरे साथ दुष्कर्म किया। उसने क्लब-90 में एक व्यक्ति से मिलवाया, जिसका नाम उसने सारिक मछली बताया। उसने एक और व्यक्ति से मिलवाया, जिसका परिचय क्लब के मैनेजर मोहित बघेल के रूप में कराया। इसके बाद आरोपी दिव्यांश ने युवती पर दबाव बनाया कि वह सारिक मछली और उसके गुर्गों के साथ दोस्ती करे, उनको खुश करे। दिव्यांश ने यह भी कहा कि मैं और मेरे जैसे कई युवक सारिक भाई के लिए काम करते हैं। पीड़िता ने पुलिस को दिए लिखित बयान में कहा है कि सारिक मछली के कहने पर ही पिपलानी थाना पुलिस ने मेरी शिकायत पर दिव्यांश के खिलाफ पहले दुष्कर्म का केस दर्ज नहीं किया था। बाद में कोरे कागज में मेरे हस्ताक्षर कराकर अपने हिसाब से एफआईआर दर्ज करा दी, ताकि दिव्यांश को जल्दी जमानत मिल जाए। युवती ने आरोप लगाया कि सारिक मछली के गुर्गों ने कई युवतियों के साथ ऐसा किया। युवती का अश्लील वीडियो वायरल किया पीड़ित युवती ने पिपलानी पुलिस को दिए लिखित बयान में बताया है कि दिव्यांश के साथ आधा दर्जन लोग और हैं जो सारिक मछली के लिए काम करते हैं। वह सब मिलकर युवतियों का शारीरिक शोषण करते हैं और फिर उन पर मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाते हैं। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि दिव्यांश ने उसे रामकृपाल मेहरा, अविनाश आनंद, मोहिल बघेल, साहिल और कई मुस्लिम लड़कों से मिलावाया था। उसने मेरा अश्लील वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल किया, इसके बाद ही पुलिस ने केस दर्ज किया था।  मोबाइल और पैन ड्राइव में वीडियो, नमाज पढ़ने का दबाव  पीड़ित युवती ने पिपलानी थाने में दिए लिखित बयान में कहा है कि दिव्यांश कुछ दिनों के लिए जेल गया, इस बीच मेरे अश्लील वीडियो प्रियांशी कुश्वाह नाम की युवती ने सोशल मीडिया में अपलोड किए। इसका मतलब है कि दिव्यांश ने मेरे निर्वस्त्र वीडियो कई लोगों को बांटे हैं। पीड़िता का आरोप है कि दिव्यांश के मोबाइल और पैन ड्राइव में मेरी जैसी कई हिंदू युवतियों के अश्लील वीडियो, वीडियो और शारीरिक शोषण के दरिंदगी भरे वीडियो बनाकर रखे हैं। उनका वह समय-समय पर दुरुपयोग करता है। पीड़िता का आरोप है कि दिव्यांश कहता था कि वह यह सब सारिक मछली के कहने पर ही करता है। दिव्यांश नमाज पढ़ता है और मुझे पर भी नमाज पढ़ने के लिए दबाव बनाता था। ऐसा नहीं करने पर उसने मेरे साथ मारपीट भी की। वह हिंदू युवतियों का शारीरिक शोषण कर उन्हें जाल में फंसाकर सारिक मछली और उनके गुर्गों से दोस्ती करता है। बाद में उन पर मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाया जाता था।  

लंबे समय से रह रहे परिवारों को हाईकोर्ट से फौरी राहत, 30 दिन में खाली करना होगा परिसर

बिलासपुर हाईकोर्ट ने मिशन हास्पिटल कैंपस में लंबे समय से रह रहे 17 परिवारों को बड़ी राहत दी है. परिसर खाली करने तहसीलदार द्वारा 48 घंटे का समय दिए जाने के निर्देश के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट की एकलपीठ ने मानवीय आधार पर 30 दिनों की मोहलत दी है. कोर्ट ने साफ किया कि तय समय के बाद यदि परिसर खाली नहीं किया गया, तो प्रशासन कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होगा. मिशन हॉस्पिटल के केम्पस में रहने वाले शांति दानी, अमिता मसीह, शाहिद हुसैन, विनीत मसीह, शांता ब्राउन, अरशद हुसैन समेत अन्य लोगों को तहसीलदार नजूल ने 23 जुलाई को नोटिस जारी कर 48 घंटे के भीतर जमीन खाली करने का निर्देश दिया था. इसके खिलाफ उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी. याचिकाकर्ताओं ने कहा कि वे वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं और नियमित रूप से बिजली बिल, हाउस टैक्स आदि का भुगतान करते आ रहे हैं. उनका आरोप था कि तहसीलदार ने बिना सुनवाई और छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता की धारा 248 का पालन किए बिना मनमानी कार्रवाई की है. हाई कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं के पास एसडीएम के समक्ष अपील का विकल्प मौजूद है, इसलिए इस स्तर पर कोर्ट का हस्तक्षेप उचित नहीं है. हालांकि अदालत ने बरसात के मौसम और मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए याचिकाकर्ताओं को 30 दिन की अंतरिम राहत दी है. दरअसल, मिशन अस्पताल की स्थापना वर्ष 1885 में हुई थी. मिशन अस्पताल के लिए सेवा के नाम से 11 एकड़ जमीन लीज पर दी गई थी. इसके लिए क्रिश्चियन वुमन बोर्ड ऑफ मिशन हॉस्पिटल बिलासपुर, तहसील व जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़ को जमीन आवंटित की थी. यह मोहल्ला चांटापारा शीट नंबर 17, प्लाट नंबर 20/1 एवं रकबा 382711 एवं 40500 वर्गफीट है. 1966 में लीज का नवीनीकरण कर साल 1994 तक लीज बढ़ाई गई थी. जिसकी अवधि 31 अप्रैल 1994 तक के लिए थी. जिसमें मुख्य रूप से निर्माण में बदलाव एवं व्यवसायिक गतिविधियां बिना कलेक्टर की अनुमति के न किए जाने की शर्त थी. लीज पर जमीन लेकर डायरेक्टर रमन जोगी ने इसे चौपाटी बनाकर किराए पर चढ़ा दिया था. एक रेस्टोरेंट का कैम्पस में संचालन किया जा रहा था. लीज की शर्तों का उल्लंघन कर व्यावसायिक उपयोग करने पर तत्कालीन कलेक्टर अवनीश शरण की नजर पड़ी. लीज की अवधि बढ़ाने के समय इसमें कई शर्तें भी लागू की गई थी. पर शर्तों का उल्लंघन कर न केवल इसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था. साथ ही किराए पर अन्य प्रतिष्ठानों को देकर इसे कमाई का माध्यम बना लिया गया था. 1994 को लीज खत्म होने के बाद 30 वर्षों तक लीज का नवीनीकरण नहीं करवाया गया था.

राजस्थान में फिर गूंजेगी क्रिकेट की गूंज, घरेलू सत्र 2025-26 का कार्यक्रम घोषित

जयपुर आरसीए की एडहॉक कमेटी ने घरेलू क्रिकेट सत्र 2025-26 का कैलेंडर जारी कर दिया है। इसके अनुसार विभिन्न आयु वर्ग की पुरुष और महिला क्रिकेट प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। कैलेंडर की घोषणा आरसीए एडहॉक कमेटी के संयोजक डी. डी. कुमावत, सदस्य पिंकेश पोरवाल और आशीष तिवारी ने सीनियर चयन समिति की उपस्थिति में की। संयोजक डी.डी. कुमावत ने बताया कि यह कैलेंडर बीसीसीआई द्वारा आयोजित राष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिताओं की तैयारी के मद्देनजर बनाया गया है। इसके लिए पूर्व पुरुष और महिला खिलाड़ियों की 14 सदस्यीय समिति के सुझावों के आधार पर योजना तैयार की गई है। कैलेंडर के अनुसार आयोजित होने वाली प्रमुख प्रतियोगिताओं में राज्य स्तरीय सीनियर चैलेंजर ट्रॉफी, राज्य स्तरीय सीनियर वीमेन टी-20 प्रतियोगिता, अंडर-19 ट्रॉफी (पुरुष वर्ग), अंडर-23 ट्रॉफी (पुरुष वर्ग), अंडर-16 ट्रॉफी (पुरुष वर्ग), अंडर-19 और अंडर-15 महिला चयन ट्रायल्स शामिल हैं। राजस्थान सीनियर चयन समिति की बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि सीनियर चैलेंजर ट्रॉफी से पूर्व संभावित खिलाड़ियों के लिए 1 से 6 अगस्त के बीच जयपुर में फिटनेस और स्किल्स सेशन आयोजित किया जाएगा, जिससे खिलाड़ी प्रतियोगिता से पहले खुद को पूरी तरह से तैयार कर सकें। संयोजक कुमावत ने कहा कि आरसीए का प्रयास है कि सभी खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का उचित अवसर मिले और वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार रह सकें।

जिला से लेकर प्रदेश स्तर तक BJP दफ्तरों में नई व्यवस्था लागू, प्रदेशाध्यक्ष की तय हुई मिलने की तिथियां

भोपाल  मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठन और सरकार के बीच समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से एक अहम फैसला लिया है। अब भोपाल स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में हर दिन एक मंत्री की ड्यूटी अनिवार्य रूप से लगाई जाएगी। इस दौरान संबंधित मंत्री प्रदेश कार्यालय में उपस्थित रहकर जनता और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और सरकार का पक्ष भी प्रमुख मुद्दों पर स्पष्ट करेंगे। इसलिए उठाया ये कदम पार्टी के इस फैसले से न केवल कार्यालय में मंत्रियों की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित होगी, बल्कि संगठन की जमीन पर सक्रियता भी बढ़ेगी।भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल इस व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उन्होंने खुद सप्ताह में दो दिन सोमवार और मंगलवार प्रदेश कार्यालय में बैठने का शेड्यूल तय किया है। जिसमें वे कार्यकर्ताओं से मिलेंगे, संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करेंगे और जनता की शिकायतों पर सीधे फीडबैक लेंगे। बुधवार से लेकर रविवार तक प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल जिलों के प्रवास, बैठकें और पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल होंगे। प्रदेश अध्यक्ष से भेंट-मुलाकात का दिन तय होने से प्रदेश कार्यालय में रोजाना नेताओं, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की लगने वाली भीड़ कम होगी। जिला कार्यालयों में भी व्यवस्था बदलेगी बीजेपी के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष ने सभी जिला अध्यक्षों से कहा है कि वे कार्यालय में सातों दिन न बैठें। दो दिन जिला कार्यालय पर रहने के लिए तय करें और बाकी दिनों में जिले में आने वाले मंडलों और विधानसभा क्षेत्रों में प्रवास के कार्यक्रम बनाएं। जिला कार्यालयों पर मिलेंगे विधायक, सांसद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने जिला अध्यक्षों को ये सलाह दी है कि वे विधायकों, सांसदों से चर्चा करके उनके साथ जिला कार्यालय पर बैठें। इससे कार्यकर्ताओं और आम जनता में अच्छा संदेश जाएगा। शनिवार-रविवार के दिन विधायकों, सांसदों को अपने जिले के भाजपा कार्यालय पर बैठकर कार्यकर्ताओं और आम जनता से मेल मुलाकात करने की सलाह है। प्रदेश कार्यालय में बैठेंगे मंत्री भोपाल में भाजपा के प्रदेश कार्यालय में राज्य सरकार के एक मंत्री को रोज बैठने की व्यवस्था पर मंथन चल रहा है। राज्य सरकार के मंत्री पार्टी के प्रदेश कार्यालय में बैठकर कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनेंगे।शिकायती आवेदनों को संबंधित विभागों में भेजकर निराकरण कराएंगे। इससे कार्यकर्ताओं की मंत्रियों से सहज मुलाकात भी हो सकेगी और समस्याएं भी आसानी से सुलझ जाएंगी। भोपाल ऑफिस के चक्कर लगाने वालों को दी नसीहत हेमंत खंडेलवाल ने पार्टी के जिला अध्यक्षों और प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में कहा था कई कार्यकर्ता ऐसे हैं, जो मुझे सातों दिन यहीं (प्रदेश भाजपा कार्यालय) में दिखते हैं। जिसको जहां दायित्व मिला है उन्हें वहां समय देना चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष की इस टिप्पणी के बाद प्रदेश कार्यालय में रोजाना चक्कर लगाने वाले नेताओं का आना कम हो गया है। कार्यकर्ता और जनता के लिए बनेगा संवाद का मंच इस नई व्यवस्था से प्रदेश कार्यालय कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ मंच बन जाएगा। जो कार्यकर्ता या आमजन अपनी बात सरकार तक सीधे पहुंचाना चाहते हैं, उन्हें अब मंत्रियों से मिलने के लिए इधर-उधर भटकने की ज़रूरत नहीं होगी। तय दिन पर वे सीधे कार्यालय पहुंचकर संवाद कर सकेंगे। संगठन-सरकार का तालमेल प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पहले ही कार्यकर्ताओं को सलाह दे चुके हैं कि वे भोपाल में अनावश्यक समय न बिताएं और अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहें। अब जब मंत्री खुद राजधानी के प्रदेश कार्यालय में नियमित रूप से बैठेंगे, तो कार्यकर्ताओं को भी स्पष्ट मार्गदर्शन मिलेगा और निर्णय प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सकेगी। जल्द लागू होगी व्यवस्था यह नई प्रणाली जल्द ही अमल में लाई जाएगी, जिससे प्रदेश कार्यालय में नेताओं की उपस्थिति, जनता से सीधा संवाद और संगठन के स्तर पर स्पष्टता तीनों ही पहलुओं को एक नई धार मिलेगी। भाजपा इसे संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा और सकारात्मक कदम मान रही है। मुख्य बिंदु     प्रदेश भाजपा कार्यालय भोपाल में हर दिन एक मंत्री की ड्यूटी अनिवार्य।     मंत्री जनता से संवाद करेंगे और सरकार का पक्ष रखेंगे।     प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सोमवार और मंगलवार को स्वयं बैठेंगे।     जन-संगठन संवाद को मजबूत करने की दिशा में यह एक नई पहल।     जल्द ही नई व्यवस्था लागू होने की संभावना।

लव जिहाद मामले में फरार कांग्रेस नेता पर इनाम हुआ दोगुना, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

इंदौर  इंदौर पुलिस ने एक कांग्रेस पार्षद की गिरफ्तारी के लिए इनाम की राशि दोगुनी कर दी है. वह 'लव जिहाद' के लिए पैसे मुहैया कराने के मामले में एक महीने से फरार है.   एसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि आरोपी अनवर कादरी उर्फ डकैत की गिरफ्तारी के लिए इनाम की राशि 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई है. अगर पार्षद को आने वाले दिनों में गिरफ्तार नहीं किया जाता है, तो उसकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी. दरअसल, शहर के दो युवकों साहिल शेख और अल्ताफ शाह ने बीते जून में पुलिस के सामने कबूल किया था कि कांग्रेस पार्षद कादरी ने उन्हें लड़कियों को प्रेम संबंधों में लाने और उनका धर्म परिवर्तन कराने के लिए 3 लाख रुपये दिए थे. यह पैसा लड़कियों पर खर्च किया गया था. पुलिस अधिकारी ने बताया कि शेख और शाह दोनों को दो लड़कियों द्वारा लगाए गए रेप और अन्य आरोपों से जुड़े अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया गया था. उन्होंने बताया कि उनके बयानों के आधार पर पुलिस ने कादरी पर पैसे के बल पर लोगों का धर्म परिवर्तन कराने की साजिश रचने का मामला दर्ज किया है. कादरी, जिसके खिलाफ शहर के विभिन्न पुलिस थानों में 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं, तब से फरार है. उसके भूमिगत होने के बाद, जिला प्रशासन ने कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कादरी की गिरफ्तारी का आदेश दिया.