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तीरथगढ़ मोटल की रौनक लौटेगी: निजी हाथों में गया संचालन का जिम्मा

जगदलपुर बस्तर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल तीरथगढ़ जलप्रपात पर स्थित पर्यटन विभाग का वर्षों से बंद पड़ा मोटल अब 30 वर्षों के लिए एक निजी संस्था को लीज पर सौंपा गया है. यह कदम उस मोटल को फिर से शुरू करने की दिशा में उठाया गया है, जो कभी चित्रकोट की तर्ज पर पर्यटकों को सुविधाएं देने के उद्देश्य से बनाया गया था, लेकिन कुप्रबंधन और उदासीनता के चलते कभी सक्रिय नहीं हो सका. वर्तमान में मोटल में रिनोवेशन का कार्य जोरों पर है. भवन की मरम्मत के साथ-साथ परिसर में नई सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं, ताकि कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान आने वाले पर्यटकों को रात्रि विश्राम व भोजन की सुविधा मिल सके. शुरू होने के एक वर्ष बाद ही हो गया था बंद दस साल पहले चित्रकोट की तर्ज पर तीरथगढ़ में भी पर्यटकों के लिए ठहरने और भोजन की व्यवस्था को लेकर पर्यटन विभाग ने एक बहुप्रतीक्षित योजना बनाई थी. लेकिन निर्माण के दौरान ही यह भवन कुप्रबंधन, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार हो गया. कई सालों बाद जब इमारत तैयार हुई, तब भी संचालन को लेकर विभाग ने रुचि नहीं दिखाई. नतीजतन, मोटल उद्घाटन के एक साल के भीतर ही बंद हो गया. इसके बाद इसे एक स्वसहायता समूह को संचालन के लिए सौंपा गया, लेकिन लगातार घाटे के चलते उन्होंने भी एक साल के भीतर हाथ खींच लिए. वर्षों से लटका रहा ताला, अब फिर से होगा आबाद कई सालों से यह मोटल बंद पड़ा था और खंडहर में तब्दील हो चुका था. सीजन के समय भी इसमें सुविधाओं की कमी के चलते पर्यटक नहीं रुकते थे. अब पर्यटन विभाग ने इसे एक निजी संस्था को 30 वर्षों के लिए लीज पर देकर फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है. बहुत जल्द ही यह मोटल आबाद हो सकेगा. स्थानीय ग्रामीण लिंगराज, हेमवती बघेल, पूर्णिमा का मानना है कि मोटल के चालू होने से न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. वहीं पिंटू का कहना है कि ’’अगर निजी संस्था इसे सही तरीके से चलाती है, तो यह कांगेर घाटी सहित तीरथगढ़ पर्यटन को नई दिशा दे सकता है.’

जनजातीय वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार है संकल्पित : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

मण्डला जिले के ब्लॉक बिछिया के महिला पंच-सरपंचों से की भेंट भोपाल उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा ने कहा कि महानगर और शहर ही नहीं बल्कि जनजातीय क्षेत्रों के संर्वागीण विकास के लिए डॉ. मोहन यादव की सरकार कृत-संकल्पित है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छ पानी मिले, आवागमन बेहतर हो, बिजली की निर्बाध आपूर्ति हो और आम जनमानस बुनियादी सुविधाओं में कोई कमी न आए, इसके लिए हमारी सरकार दिन-प्रतिदिन काम कर रही है। यह बात उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में मण्डला जिले के ब्लॉक बिछिया की निर्वाचित वार्ड पंच एवं सरपंच महिलाओं को संबोधित करते हुए कही। ब्लॉक बिछिया की जनजातीय वर्ग की महिलाओं प्रतिनिधियों ने उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा को अपना परिचय दिया और विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उप मुख्यमंत्री देवड़ा से बिछिया विकासखंड से आईं निर्वाचित महिला वार्ड पंच और सरपंचों के महिला प्रतिनिधियों द्वारा अपने गांवों की जमीनी जानकारियों को उनके समक्ष रखा। महिला प्रतिनिधियों ने बताया कि वे कान्हा नेशनल पार्क के आस-पास के क्षेत्र से आती हैं, जहाँ विस्थापन की बार-बार उठती आशंकाओं ने लोगों में डर का माहौल बना दिया है। उन्होंने कहा कि “हम अपने गांव नहीं छोड़ना चाहते”। उप मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि विस्थापन को लेकर ऐसा कोई मसौदा फिलहाल नहीं है और आपको और क्षेत्रवासियों को बिलकुल भी घबराने और चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। संवाद के दौरान महिला प्रतिनिधियों ने जंगलों में फैल रही लेंटाना जैसी आक्रामक झाड़ी की समस्या को भी उठाया। उन्होंने बताया कि लेंटाना जहां एक ओर अन्य वनस्पतियों को समाप्त कर रहा है, वहीं दूसरी ओर यह जंगली जानवरों के गांवों की ओर बढ़ते हमलों और जंगल उत्पादों पर निर्भर आमदनी में गिरावट भी हो रही है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने उनकी इस समस्या को गंभीरता से सुना शीघ्र निराकरण के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया। भावुक हुए उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा जनजातीय महिला प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान देवड़ा ने भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं एक छोटे किसान के पुत्र हैं और आज इन महिला नेताओं को देखकर उन्हें अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत के दिन याद आ गए। इस आत्मीय संवाद के अंत में महिला प्रतिनिधियों ने उन्हें मंडला में माँ नर्मदा के दर्शन और सभी के साथ एक दिन की चर्चा के लिए मण्डला प्रवास के लिये आमंत्रण भी दिया, जिसे उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने स्वीकार किया। यह कार्यक्रम फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी संस्था द्वारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर गुजरात हेड ऑफिस, भोपाल एवं मण्डला कार्यालय के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

ग्राम राँपा में हैंडपंप के जल स्रोत में क्लोरीनेशन से ग्रामीणों को मिला स्वच्छ जल का तोहफ़ा

एमसीबी जिले के भरतपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम राँपा के निवासियों के लिए अब पीने का पानी पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और स्वच्छ हो गया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ग्राम में स्थापित हैंडपंप के जल स्रोत में क्लोरीनेशन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस वैज्ञानिक प्रक्रिया के माध्यम से जल में उपस्थित हानिकारक जीवाणुओं और कीटाणुओं को प्रभावी ढंग से नष्ट किया गया, जिससे अब ग्रामीणों को संक्रमण मुक्त एवं गुणवत्ता युक्त पेयजल मिल रहा है। क्लोरीनेशन की यह पहल ग्रामवासियों के स्वास्थ्य की दृष्टि से एक बड़ा और कारगर कदम है, जिससे ग्रामीणों को जलजनित बीमारियों से बचाव में सीधा लाभ मिलेगा। उल्लेखनीय है कि अब तक कई ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता बनी रहती थी, विशेषकर गर्मियों और बरसात के मौसम में जब जल स्रोतों में प्रदूषण की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा समय रहते इस पहल को अमल में लाना अत्यंत सराहनीय है। विभाग द्वारा नियमित निगरानी, पानी के सैंपल परीक्षण और आवश्यकतानुसार क्लोरीन का उपयोग कर जल स्रोतों को शुद्ध बनाया गया है, जिससे न केवल पेयजल की गुणवत्ता में सुधार आया है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए प्रसन्नता जताई है। उनका कहना है कि पहले हैंडपंप के पानी में हल्की दुर्गंध और अस्वच्छता की शिकायत रहती थी, जिससे उन्हें पीने के लिए पानी उबालना पड़ता था। अब क्लोरीनेशन के बाद पानी की गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार देखने को मिल रहा है और बीमारियों की आशंका भी कम हो गई है। इस पहल ने ग्रामवासियों के जीवन में नई उम्मीदें और स्वास्थ्य के प्रति विश्वास जगाया है। स्वच्छ जल दृ स्वस्थ जीवन के मंत्र को साकार करती यह योजना सरकार की ग्रामीण क्षेत्रों को स्वास्थ्य-सुरक्षा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने मण्डला जिले के ब्लॉक बिछिया के महिला पंच-सरपंचों से की भेंट

जनजातीय वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार है संकल्पित : उप मुख्यमंत्री  देवड़ा उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा: सरकार का हर निर्णय अंतिम व्यक्ति के हित में होगा, यही हमारा संकल्प  उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने मण्डला जिले के ब्लॉक बिछिया के महिला पंच-सरपंचों से की भेंट भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि महानगर और शहर ही नहीं बल्कि जनजातीय क्षेत्रों के संर्वागीण विकास के लिए डॉ. मोहन यादव की सरकार कृत-संकल्पित है। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छ पानी मिले, आवागमन बेहतर हो, बिजली की निर्बाध आपूर्ति हो और आम जनमानस बुनियादी सुविधाओं में कोई कमी न आए, इसके लिए हमारी सरकार दिन-प्रतिदिन काम कर रही है। यह बात उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में मण्डला जिले के ब्लॉक बिछिया की निर्वाचित वार्ड पंच एवं सरपंच महिलाओं को संबोधित करते हुए कही। ब्लॉक बिछिया की जनजातीय वर्ग की महिलाओं प्रतिनिधियों ने उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा को अपना परिचय दिया और विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा से बिछिया विकासखंड से आईं निर्वाचित महिला वार्ड पंच और सरपंचों के महिला प्रतिनिधियों द्वारा अपने गांवों की जमीनी जानकारियों को उनके समक्ष रखा। महिला प्रतिनिधियों ने बताया कि वे कान्हा नेशनल पार्क के आस-पास के क्षेत्र से आती हैं, जहाँ विस्थापन की बार-बार उठती आशंकाओं ने लोगों में डर का माहौल बना दिया है। उन्होंने कहा कि “हम अपने गांव नहीं छोड़ना चाहते”। उप मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि विस्थापन को लेकर ऐसा कोई मसौदा फिलहाल नहीं है और आपको और क्षेत्रवासियों को बिलकुल भी घबराने और चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। संवाद के दौरान महिला प्रतिनिधियों ने जंगलों में फैल रही लेंटाना जैसी आक्रामक झाड़ी की समस्या को भी उठाया। उन्होंने बताया कि लेंटाना जहां एक ओर अन्य वनस्पतियों को समाप्त कर रहा है, वहीं दूसरी ओर यह जंगली जानवरों के गांवों की ओर बढ़ते हमलों और जंगल उत्पादों पर निर्भर आमदनी में गिरावट भी हो रही है। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने उनकी इस समस्या को गंभीरता से सुना शीघ्र निराकरण के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया। भावुक हुए उप मुख्यमंत्री देवड़ा जनजातीय महिला प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान  देवड़ा ने भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं एक छोटे किसान के पुत्र हैं और आज इन महिला नेताओं को देखकर उन्हें अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत के दिन याद आ गए। इस आत्मीय संवाद के अंत में महिला प्रतिनिधियों ने उन्हें मंडला में माँ नर्मदा के दर्शन और सभी के साथ एक दिन की चर्चा के लिए मण्डला प्रवास के लिये आमंत्रण भी दिया, जिसे उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने स्वीकार किया। यह कार्यक्रम फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी संस्था द्वारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर गुजरात हेड ऑफिस, भोपाल एवं मण्डला कार्यालय के पदाधिकारी उपस्थित रहे।  

विद्युत उपभोक्ता ऑनलाइन कराएं स्वैच्छिक भार (लोड) वृद्धि

  682 घरेलू उपभोक्ताओं ने उठाया ऑनलाइन भार वृद्धि सुविधा का लाभ भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को घर बैठे अपने बिजली कनेक्शन में भार (लोड) वृद्धि की सुविधा उपलब्ध कराई गयी है। अब उपभोक्ता अपने बिजली कनेक्शन के पूर्व स्वीकृत भार में अपनी वर्तमान आवश्यकता के अनुसार ऑनलाइन आवेदन की सुविधा का लाभ उठाकर भार (लोड) वृद्धि करा सकेंगे। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि घरेलू श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को त्वरित रूप से पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं प्रदान करने की दिशा में कंपनी द्वारा पहल करते हुए 10 किलोवाट भार तक के घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए त्वरित स्वचालित भार वृद्धि की एक नई सुविधा 15 जुलाई से उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई है। सुविधा के शुरू होने से अब तक 682 उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन आवेदन कर अपने बिजली कनेक्शन की भार वृद्धि कराई है। कंपनी ने बताया है कि ऑनलाइन भार वृद्धि की सुविधा के लिए उपभोक्ताओं को किसी फेज परिवर्तन या मीटर प्रतिस्थापन की आवश्यकता नहीं होगी। इस पहल के तहत पात्र उपभोक्ता द्वारा अपने स्वीकृत भार (निर्दिष्ट सीमा के भीतर) में वृद्धि का अनुरोध करने पर उनके उनुरोध को अब बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप या जोन-स्तरीय अनुमोदन के बिना कंपनी द्वारा त्वरित और निर्बाध रूप से स्वीकृत कर भार (लोड) वृद्धि की जा रही है। इस हेतु लगने वाले शुल्क का भुगतान कंपनी द्वारा आगामी देयक में शामिल किया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को अलग से भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी। इस प्रक्रिया से बिलिंग सिस्टम में स्वचालित रूप से त्वरित भार वृद्धि सुनिश्चित हो रही है, जिससे कंपनी के मानव संसाधन के साथ ही उपभोक्ताओं के समय और श्रम की भी बचत हो रही है। कंपनी के महाप्रबंधक (सूचना प्रौद्योगिकी) श्री अभिषेक मार्तंड ने बताया है कि ऐसे उपभोक्ता जिनके कनेक्शन में भार (लोड) वृद्धि के उपरांत फेस परिवर्तन अथवा मीटर बदलने की आवश्यकता होगी, उनके लिए ये सुविधा लागू नहीं है। गौरतलब है कि विद्युत उपभोक्ता कंपनी द्वारा स्वीकृत विद्युत भार से अधिक भार का उपयोग करते हैं जिससे कम्पनी की विद्युत अधोसंरचना अतिभारित हो जाती है जो कि अनावश्यक रूप से विद्युत व्यवधानों का कारण बनती है। अतः सभी उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे स्वेच्छा से अपने विद्युत भार की वृद्धि करा लें जिससे कम्पनी द्वारा भार अनुरूप उपयुक्त विद्युत अधोसंरचना का विकास कर बेहतर एवं निर्बाध विद्युत प्रदाय सुनिश्चित किया जा सके। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सभी सम्मानीय विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने परिसर के वास्तविक विद्युत भार के अनुरूप अपने कनेक्शन की भार वृद्धि कंपनी के पोर्टल https://saralsanyojan.mpcz.in:8888/apply/other/services पर ऑनलाइन आवेदन कर स्वीकृत कराना सुनिश्चित करा लें। इसके लिए उन्हें तुरंत कोई शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है।  

यूपी बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए तैयार लिस्ट, 6 नामों में पूर्व उपमुख्यमंत्री भी शामिल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में 2027 की शुरुआत में चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में राज्य इकाई प्रमुख का चुनाव भाजपा के सामने प्रमुख फैसलों में से एक माना जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश इकाई ने राष्ट्रीय नेतृत्व को छह नामों की एक सूची भेजी है। इनमें दो ब्राह्मण, दो पिछड़े समुदाय से और दो दलित समुदाय से हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही राज्य इकाई के अगले प्रमुख का चयन और ऐलान हो जाएगा। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने  यह जानकारी दी। सुझाए गए नामों में पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और बस्ती के पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी (दोनों ब्राह्मण), उत्तर प्रदेश के वर्तमान मंत्री धर्मपाल सिंह और वर्तमान केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा (दोनों ओबीसी), और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामशंकर कठेरिया और वर्तमान एमएलसी विद्या सागर सोनकर (दोनों दलित) शामिल हैं। नेता ने कहा, ‘हमने अपनी ओर से केंद्रीय नेतृत्व को उपयुक्त नाम सुझाए हैं जिन पर उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद के लिए विचार किया जा सकता है और नेतृत्व सक्रिय रूप से उनका मूल्यांकन कर रहा है। अगले दो हफ़्तों में, संभवतः उससे भी पहले, कोई निर्णय होने की संभावना है।’ भारत के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य में 2027 की शुरुआत में चुनाव होने वाले हैं और राज्य इकाई प्रमुख का चुनाव भाजपा के सामने प्रमुख फैसलों में से एक माना जा रहा है। भाजपा, यूपी में पिछले लोकसभा चुनाव की अपनी हार को पलटने और प्रदेश में लगातार तीसरी बार जीत हासिल करने की कोशिश करेगी। भाजपा ने पहले ही 37 संगठनात्मक इकाइयों में से 25 से अधिक में राज्य प्रमुखों का चयन कर लिया है। अपने अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम की भी तैयारी कर रही है। वर्तमान में यूपी भाजपा की कमान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाट नेता भूपेन्द्र सिंह चौधरी संभाल रहे हैं। नए अध्यक्ष उनकी जगह लेंगे। लिस्ट में शामिल नामों की खासियत अपनी स्वच्छ छवि और शैक्षणिक योग्यता के लिए जाने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा (ब्राह्मण) को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और शीर्ष नेतृत्व का विश्वास प्राप्त है। हरीश द्विवेदी भी ब्राह्मण हैं और अपने साथ संसदीय अनुभव लेकर आते हैं। वे बस्ती से सांसद और पार्टी में राष्ट्रीय सचिव रह चुके हैं। धर्मपाल सिंह और बीएल वर्मा दोनों ही प्रभावशाली लोध समुदाय से हैं। उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल में वरिष्ठ मंत्री सिंह को विधायी और मंत्री पद का दशकों का अनुभव है। वर्मा, जो वर्तमान में केंद्रीय राज्य मंत्री हैं, एक अनुशासित और साधारण संगठनकर्ता माने जाते हैं जिनके आरएसएस से गहरे संबंध हैं। संगठन के भीतर उन्हें विश्वास प्राप्त है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष कठेरिया हिंदुत्व और दलित पहचान के अपने आक्रामक रुख के लिए जाने जाते हैं। एमएलसी सोनकर एक साधारण लेकिन वफादार पार्टी कार्यकर्ता हैं जिनका पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रभाव है। उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने कहा, "हमने आलाकमान को अपने विचारों से अवगत करा दिया है। अब, केंद्रीय नेतृत्व को राज्य के नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा करनी है और हमें उम्मीद है कि यह बहुत जल्द हो जाएगा।"

सरकारी स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिये राज्य सरकार वचनबद्ध

स्कूल शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों को वितरित की नि:शुल्क साईकिल भोपाल स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिये वचनबद्ध है। इसी उद्देश्य को लेकर स्कूल ‍शिक्षा विभाग लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सांदीपनी विद्यालयों की संख्या में लगातार वृद्धि की जा रही है। इन विद्यालयों ने न केवल प्रदेश में बल्कि देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह शुक्रवार को नरसिंहपुर जिले के साईखेड़ा ब्लॉक के ग्राम बम्होरीकला में नि:शुल्क साईकिल वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनाने के भी प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की इस कमी को भर्ती अभियान से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने ग्राम के मंदिर में चबूतरा निर्माण के लिये दो लाख 50 हजार रूपये देने की घोषणा की। मंत्री श्री सिंह ने सेवानिवृत्त प्राचार्य श्रीमती मुमताज खान को उनके द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में दी गई उल्लेखनीय सेवा के लिये सम्मानित किया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री नरेश पाठक, श्रीमती साधना स्थापक और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे।  

सक्ती जिले में सामूहिक पौधरोपण महाअभियान का हुआ आयोजन

कलेक्टर, सीईओ, विभिन्न जनप्रतिनिधियों सहित जिलेवासियों ने सामूहिक पौधरोपण महाअभियान में बढ़-चढ़ कर लिया भाग सक्ती, सक्ती जिले में सामूहिक पौधरोपण महाअभियान का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री वाशु जैन, विभिन्न जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में जिलेवासियों ने सामूहिक पौधरोपण महाअभियान में बढ़-चढ़ कर भाग लिया और विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। सामूहिक पौधरोपण महाअभियान के तहत आज कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ द्वारा विभिन्न जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में नवापाराकला में पहुंचकर पौधरोपण किया गया। इसके साथ ही वन विभाग द्वारा विकासखंड सक्ती अंतर्गत आमनदुला के मंडी प्रांगड़ में वन महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। जिसमे बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा पौधरोपण किया गया।  सामूहिक पौधरोपण महाअभियान के तहत जिले में आज सक्ती, डभरा, मालखरौदा, जैजैपुर सभी विकासखण्ड में वृहद स्तर पर पौधरोपण अभियान का आयोजन किया गया। इसके साथ ही लोगों को विभिन्न प्रजातियों के पौधों का वितरण भी किया गया। सामूहिक पौधरोपण महाअभियान अंतर्गत आज मार्कफेड विभाग अंतर्गत जिले के सभी संग्रहण केंद्रों में, जिले के डोलोमाइट व लाइमस्टोन माइनिंग एरिया में, जिले के विभिन्न विद्यालयों में, जिले के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर, आयुर्वेद विभाग के माध्यम से जिले के सभी 23 आयुर्वेद डिस्पेंसरीज द्वारा विभिन्न प्रजातियों का पौधरोपण किया गया।

बहन-बेटियों के लिए सम्मान का प्रतीक है लाड़ली बहना योजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

  लाड़ली बहना योजना की राशि में होगी चरणबद्ध वृद्धि परिवार परम्परा का आधार है मातृशक्ति महिलाओं की आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समरसता और अधिकार सम्पन्नता के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध सतना को प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ जिला बनाने के लिए दिलाया संकल्प मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मातृशक्ति उत्सव के अंतर्गत महिला सम्मेलन को किया संबोधित सतना जिले के सिंहपुर में मना मातृशक्ति उत्सव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार महिलाओं की आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समरसता और सभी की अधिकार सम्पन्नता के लिए सामाजिक रचना के ताने-बाने में सभी स्तर पर आवश्यक योगदान दे रही है। इसी का परिणाम है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप किसान, युवा, गरीब कल्याण और महिला सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम संचालित हैं। हमारी संस्कृति में देश के लिए मातृत्व भाव विद्यमान है, हम सब भारत माता पर सर्वस्व न्यौछावर करने के लिए सदैव तत्पर हैं। आज का मातृशक्ति सम्मेलन- माताओं-बहनों के प्रति सनातन संस्कृति के अनुरूप अनन्य श्रद्धा-स्नेह-प्रेम और सम्मान का प्रकटीकरण है। भारत की कुटुम्ब या परिवार परम्परा हमारी संस्कृति को समृद्ध और सशक्त बनाती है। परिवार परम्परा का आधार मातृशक्ति ही है। बेटियां एक ही नहीं दो परिवारों का उद्धार करती हैं। बहन-बेटियों के प्रति इस सम्मान के परिणामस्वरूप ही प्रदेश में “लाड़ली बहना योजना’’ आरंभ की गई। सावन के महीने में लाड़ली बहनों के खाते में 1250 रूपए के साथ 250 रूपए अतिरिक्त रूप से आने वाले हैं। यह बहन-बेटियों प्रति हमारी सरकार का आदर और स्नेह है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सतना जिले के सिंहपुर में आयोजित मातृशक्ति उत्सव के अंतर्गत आयोजित महिला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। प्रदेश की सभी बहनें हमारा मान हैं, अभिमान हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत बहनों को जारी की जाने वाली राशि में चरणबद्ध रूप से वृद्धि होगी और वर्ष 2028 तक बहनों को तीन हजार रूपए प्रतिमाह उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण और उनके कल्याण के लिए 1500 करोड़ रूपए से अधिक प्रतिमाह अंतरित किए जा रहे हैं। प्रदेश की सभी बहनें हमारा मान हैं, अभिमान हैं। इनके मान-सम्मान और कल्याण के लिए हम कोई कसर नहीं रखेंगे। दीपावली के बाद आने वाली भाईदूज तक राज्य सरकार सभी लाड़ली बहनों को 1250 रुपए से बढ़ाकर हर माह 1500 रूपए सहायता राशि देगी। बहन-बेटियों के सशक्तिकरण के‍लिए स्व-सहायता समूहों का संचालन, नौकरियों और स्थानीय व नगरीय निकायों और पंचायतों में आरक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी लोकसभा और विधानसभा में बहनों का 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। माताओं-बहनों के कल्याण के लिए ही सभी परिवारों को पक्के मकान, घर-घर गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दीदीयां लखपति बनकर प्रगति कर रही हैं, बेटियों के लिए शिक्षा की उचित व्यवस्था है, उन्हें साइकिलें उपलब्ध कराने के साथ-साथ परीक्षा में अच्छा परिणाम लाने पर प्रोत्साहन स्वरूप लेपटॉप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। डॉक्टर-इंजीनियर बनने के लिए भी आवश्यक हरसंभव सहायता बेटियों को उपलब्ध है। उद्योगों में काम करने वाली बहनों के लिए भी राज्य सरकार विशेष सहायता प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की जिन्दगी बदलने के लिए उन्हें बिजली में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सोलर पम्प पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। अगले डेढ़ माह में बरगी नहर का कार्य पूर्ण हो रहा है, इससे रीवा-सतना क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। हमारी सरकार ने हर खेत तक पानी पहुंचाने का संकल्प लिया है और हम इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्ष 2002-03 तक केवल 7 लाख हेक्टेयर में सिंचाई सुविध उपलब्ध थी। वर्तमान में हम 55 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2028 तक 100 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष 2600 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया गया। अगले दो साल में संभवत: 2700 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी के माध्यम से शीघ्र ही गरीबों के लिए 4 करोड़ आवास स्वीकृत होने वाले हैं, वर्ष 2028 तक 80 करोड़ लोगों को नि:शुल्क राशन की व्यवस्था है, बच्चों की शिक्षा के लिए सांदिपनी विद्यालय जैसे स्कूल विद्यमान हैं, यह सब रामराज की संकल्पा को साकार करने के समान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार श्रीराम वन गमन पथ का निर्माण करा रही है। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण ने जहां-जहां लीलाएं की हैं, वे स्थल तीर्थ के रूप में विकसित किए जाएंगे। किसानों की आय में वृद्धि के‍लिए गौपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, इससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि से परिवार के सभी सदस्यों को पर्याप्त पोषण भी उपलब्ध हो सकेगा। अत: सरकार घर-घर गौपालन को प्रोत्साहित करने के लिए 'जिसके घर गाय वह गोपाल' के भाव से कार्य कर रही है। प्रदेश में देश का 9 प्रतिशत दुग्ध उत्पादन होता है, इसे 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। यदि कोई गौ-पालक 25 गायों का पालन करता है तो उन्हें लागत के 40 लाख रूपए में से 10 लाख रूपए अनुदान के रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे। गौशालाओं में भी प्रति गौमाता 20 रूपए के स्थान पर 40 रूपए की राशि उपलब्ध कराई जा रही है। पांच हजार से अधिक गौमाताएं पालने पर 130 एकड़ जमीन और 40 रूपए प्रति गाय के मान से सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। गौमाताओं की उचित देखभाल के लिए नगर निगम, नगर परिषद और पंचायतों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा-सतना क्षेत्र में पर्याप्त औद्योगिक गतिविधियां संचालित हैं। इस क्षेत्र में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए होमस्टे विकसित करने में राज्य सरकार सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना जिला भगवान श्रीराम से जुड़ता है अत: क्षेत्र के विकास के लिए कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जनसमुदाय को अपने गांव-मोहल्ले का उन्नयन करते हुए सतना जिले को प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ जिला बनाने में योगदान देने का … Read more

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ टीबी उन्मूलन की दिशा में तेजी से अग्रसर: अब तक 4106 ग्राम पंचायतें हुईं टीबी मुक्त घोषित

टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्यक्रम के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को मिला राष्ट्रीय सम्मान रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य टीबी जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन की दिशा में प्रभावी और सुनियोजित प्रयासों के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में भी व्यापक कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वित की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के दिशानिर्देशन में 7 दिसंबर 2024 को "निक्षय-निरामय छत्तीसगढ़ – 100 दिवसीय अभियान" की शुरुआत की गई। इस अभियान का उद्देश्य था – टीबी के विरुद्ध जमीनी स्तर पर निर्णायक लड़ाई छेड़ना। अभियान के अंतर्गत राज्य के सभी जिलों में घर-घर जाकर उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें सूचीबद्ध करते हुए आधुनिक तकनीकों के माध्यम से जांच कराई गई। इस अभियान के तहत 36 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई, 4.5 लाख से अधिक एक्स-रे जांचें की गईं और 1.5 लाख से अधिक व्यक्तियों की जांच अत्याधुनिक ‘नॉट मशीन’ से की गई। यह व्यापक परीक्षण प्रक्रिया टीबी की शीघ्र पहचान और त्वरित उपचार के लिए अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुई। इस अभियान की सफलता में जनभागीदारी की भूमिका भी उल्लेखनीय रही। स्वयं राज्यपाल, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने टीबी मरीजों को गोद लेकर ‘निक्षय मित्र’ के रूप में पोषण आहार उपलब्ध कराने की पहल की। अब तक 15,000 से अधिक नए निक्षय मित्रों ने पंजीकरण कर 34,000 से अधिक मरीजों को पोषण सहायता प्रदान की है। राज्य के सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, महिलाएं, युवा वर्ग, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक इस अभियान में सक्रिय रूप से सहभागी बने हैं। मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर समाज के उन वर्गों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जो आमतौर पर स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रह जाते हैं – जैसे कि जेलों में बंद बंदी, वृद्धाश्रमों के बुजुर्ग, छात्रावासों में रह रहे छात्र तथा फैक्ट्रियों में कार्यरत श्रमिक। इनके लिए विशेष शिविरों का आयोजन कर जांच और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इन समर्पित प्रयासों और सामूहिक भागीदारी का ही परिणाम है कि छत्तीसगढ़ राज्य को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्यक्रम के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। अब तक राज्य की 4106 ग्राम पंचायतों को "टीबी मुक्त" घोषित किया जा चुका है — जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जब शासन की प्रतिबद्धता और जनसहयोग एक साथ मिलते हैं, तब बदलाव सिर्फ लक्ष्य नहीं, उपलब्धि बन जाते हैं – और छत्तीसगढ़ इसका जीवंत उदाहरण बनने जा रहा है।