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कलेक्टर श्रीमती चौहान ने सभी एसडीएम को 24 घंटे टीमों को सतर्क रखने के दिए निर्देश

डबरा के नंदू का डेरा से 50 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थलों पर पहुँचाया अतिवृष्टि से हुए जल भराव वाली बसाहटों के लिये पर्याप्त राहत शिविर बनाए कलेक्टर श्रीमती चौहान ने सभी एसडीएम को 24 घंटे टीमों को सतर्क रखने के दिए निर्देश बड़ेरा गाँव के नजदीक स्टॉप डैम पर पैर फिसलने से पानी में बहे प्रीतम की तलाश में जुटी टीम ग्राम खेड़ीरायमल में भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी डबरा  ग्वालियर जिले में अतिवृष्टि से हुए जल भराव से प्रभावित गाँवों के लोगों के लिये एहतियात बतौर पर्याप्त राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। साथ ही जहाँ पर अत्यधिक जल भराव हुआ है वहाँ के लोगों को जिला प्रशासन की टीमों द्वारा एसडीआरएफ की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिले के सभी एसडीएम को जल प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर लोगों को तत्काल नजदीकी राहत शिविर में आश्रय दिलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राहत शिविरों में भोजन, पेयजल व प्राथमिक चिकित्सा के पुख्ता इंतजाम रखने के भी निर्देश दिए। शनिवार को डबरा विकासखंड के ग्राम नंदू का डेरा में अत्यधिक जल भराव होने की सूचना मिलने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की कार्रवाई की गई। ग्राम खेड़ीरायमल में भी रेस्क्यू ऑपरेशन कर लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। एसडीएम दिव्यांशु चौधरी ने बताया कि नंदू का डेरा से एसडीआरएफ की मदद से 50 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। इनमें से 23 लोगों को डबरा के कम्युनिटी हॉल व रैन बसेरा में बनाए गए राहत शिविरों में पहुँचाया गया है। ग्राम खेड़ीरायमल के लोगों को एसडीआरएफ की मदद से रेस्क्यू कर ग्राम पंचायत खेड़ी रायमल के पंचायत भवन में बनाए गए राहत शिविर में पहुँचाया गया है। जिले के मुरार विकासखंड के अंतर्गत ग्राम टिहौली के पीछे स्थित बड़ेरा निवासी 55 वर्षीय प्रीतम सिंह कुशवाह के बैसली नदी पर बने रपटे को पार करते समय पैर फिसलने से बहने की सूचना मिलने पर एसडीएम ग्वालियर ग्रामीण सूर्यकांत त्रिपाठी बचाव टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुँचे। एसडीआरएफ की टीम प्रीतम कुशवाह को खोजने में लगी है। एसडीएम त्रिपाठी ने बताया कि मदद के लिये एनडीआरएफ की टीम को भी बुलाया है। उन्होंने बताया कि मुरार विकासखंड के अंतर्गत हस्तिनापुर व बेहट में विशेष राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। अन्य स्थलों पर भी एहतियात बतौर राहत शिविर स्थल चिन्हित कर लिए गए हैं। एसडीएम भितरवार संजीव जैन ने बताया कि भितरवार क्षेत्र में लगातार हो रही वर्षा को ध्यान में रखकर लगातार सतर्कता बरती जा रही है। निचले क्षेत्रों में स्थित जिन पुल-पुलियों पर पानी बढ़ा है उनको बैरीकेट्स लगाकर आवागमन के लिये बंद कर दिया गया है। छीमक–भितरवार मार्ग व देवरा – भानगढ़ पुल पर पानी बढ़ने से आवागमन के लिये बंद करा दिया गया है। इसी तरह क्षेत्र के अन्य पुल-पुलियों पर भी लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। निचले क्षेत्र के गाँवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क कर दिया गया है। जैन ने बताया कि एहतियात बतौर भितरवार नगर में पाँच राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। जिले की हर ग्राम पंचायत के अंतर्गत पंचायत भवन व स्कूलों को जरूरत पड़ने पर राहत शिविरों के लिये चिन्हित कर आवश्यक इंतजाम कराए गए हैं। 

मध्यप्रदेश सहकारिता विभाग राजपत्रित अधिकारी संघ की बैठक

भोपाल  26.7.25 को भोपाल में आयोजित की गई। बैठक में अधिकारी संघ  के संरक्षक सेवानिवृत्त अपर आयुक्त श्री अरुण माथुर, श्री ब्रजेश शरण शुक्ल, एवं श्री पी एस तिवारी की उपस्थिति में सर्वसम्मति से नवीनकार्यकारिणी का गठन किया गया। अध्यक्ष- श्री मनोज कुमार गुप्ता, संयुक्त आयुक्त उपाध्यक्ष- श्रीमती अरुणां दुबे, संयुक्त आयुक्त एवं महेंद्र दीक्षित, संयुक्त आयुक्त जनरल सेक्रेटरी- श्री केके द्विवेदी, संयुक्त आयुक्त कोषाध्यक्ष- श्री आरएस विश्वकर्मा, उपायुक्त  संयुक्त सचिव-श्रीमती श्वेता रावत, उपायुक्त एवं अरविंद बौद्ध सहायक आयुक्त  को सर्वसम्मिति से मनोनीत किया गया।

मध्यप्रदेश सहकारिता विभाग राजपत्रित अधिकारी संघ की बैठक

भोपाल  26.7.25 को भोपाल में आयोजित की गई। बैठक में अधिकारी संघ  के संरक्षक सेवानिवृत्त अपर आयुक्त श्री अरुण माथुर, श्री ब्रजेश शरण शुक्ल, एवं श्री पी एस तिवारी की उपस्थिति में सर्वसम्मति से नवीनकार्यकारिणी का गठन किया गया। अध्यक्ष- श्री मनोज कुमार गुप्ता, संयुक्त आयुक्त उपाध्यक्ष- श्रीमती अरुणां दुबे, संयुक्त आयुक्त एवं महेंद्र दीक्षित, संयुक्त आयुक्त जनरल सेक्रेटरी- श्री केके द्विवेदी, संयुक्त आयुक्त कोषाध्यक्ष- श्री आरएस विश्वकर्मा, उपायुक्त  संयुक्त सचिव-श्रीमती श्वेता रावत, उपायुक्त एवं अरविंद बौद्ध सहायक आयुक्त  को सर्वसम्मिति से मनोनीत किया गया।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल बोले – कारगिल विजय दिवस राष्ट्रभक्ति का अमिट प्रतीक

कारगिल विजय दिवस वीरता, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक : उप मुख्यमंत्री शुक्ल कारगिल विजय दिवस हमें शौर्य और बलिदान की याद दिलाता है: उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल बोले – कारगिल विजय दिवस राष्ट्रभक्ति का अमिट प्रतीक शहीदों के पराक्रम को किया नमन भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अद्वितीय शौर्य, बलिदान और राष्ट्रप्रेम का अमिट प्रतीक है। यह दिन हमें यह स्मरण कराता है कि भारत की ओर आँख उठाने वाले को हमारी सेना मुंहतोड़ जवाब देती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल रीवा के मानस भवन में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद द्वारा आयोजित कारगिल विजय दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि हमारे सैनिकों की वीरता और शहादत चिरकाल तक राष्ट्र की स्मृति में बनी रहेगी। उनकी बहादुरी, अदम्य साहस और देशभक्ति का गुणगान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक युद्ध नहीं था, बल्कि हमारी मातृभूमि की रक्षा के लिए दिया गया एक पवित्र बलिदान था, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने वीर नारियों का शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। उन्होंने कहा कि देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के परिवारों का संबल बनना सरकार का कर्तव्य है। कार्यक्रम में रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा, मनगवां विधायक इंजीनियर नरेंद्र प्रजापति, वीर सैनिकों के परिजन, भूतपूर्व सैनिक और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सभी ने मिलकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और देश की रक्षा में समर्पित जवानों के प्रति आभार प्रकट किया। विंध्य के सैनिक सपूत देश की धरोहर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि देश की आन-बान-शान को बनाए रखने में विंध्य के सैनिकों ने अपना अभूतपूर्व योगदान दिया है। विंध्य के हमारे सैनिक सपूत देश की धरोहर हैं। उन्होंने भारत माता की रक्षा के लिए पूरे जोश के साथ अदम्य साहस से देश की रक्षा की। उप मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिक कल्याण संगठन द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि एवं शौर्य सम्मान समारोह में भूतपूर्व सैनिकों को सम्मानित किया। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय में आयोजित कारगिल विजय दिवस की 26वीं वर्षगांठ पर उप मुख्यमंत्री ने विंध्य के शहीद सैनिकों को नमन किया और कहा कि उनकी शहादत हमें आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करती रहेगी। इस अवसर पर पूर्व सैनिक तथा बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित रहे।  

CM यादव ने पीएमपर्यटन वायु सेवा बुकिंग पोर्टल की आईआरसीटीसी पोर्टल पर हुई लांचिंग, होम-स्टे ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल किया लाँच

पर्यटन को मिली नई उड़ान, टूरिज्म कॉन्क्लेव में मिले 3000 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर पर्यटन क्षेत्र में काम कर रही है राज्य सरकार विरासतों को सहेजकर बढ़ायेंगे विंध्याचल का वैभव पर्यटन, संस्कृति, विरासत और ऊर्जा क्षेत्र का समन्वित विकास है हमारा लक्ष्य पर्यटन के क्षेत्र में 12 करोड़ का निवेश करने वाली चार कम्पनियों को वितरित किये लेटर ऑफ अलॉटमेंट पीएमपर्यटन वायु सेवा बुकिंग पोर्टल की आईआरसीटीसी पोर्टल पर हुई लांचिंग होम-स्टे ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल किया लाँच मण्डला, डिण्डोरी, सिंगरौली, सीधी और सिवनी में कला और शिल्प केन्द्रों के निर्माण और रीवा के वेंकट भवन के संरक्षण कार्य के लिए हुआ एमओयू मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा में किया दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का शुभारंभ रीवा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रीवा रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में पर्यटन क्षेत्र के लिए एक नई सुबह का आगाज़ हुआ है। आज पर्यटन श्रेत्र में प्रमुख निवेशकों ने रीवा और शहडोल संभाग में 3 हजार करोड़ से अधिक के निवेश की इच्छा जताकर इन क्षेत्रों में पर्यटन के विकास की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया है। यह ऐतिहासिक पल दोनों संभागों के लिए आर्थिक समृद्धि और रोजगार के नए द्वार खोलेगा। कॉन्क्लेव में निवेशकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को रीवा में दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव के शुभारंभ कार्यक्रम में पर्यटन क्षेत्र के निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर इस दो दिवसीय रीजनल कान्क्लेव का विधिवत शुभारंभ किया। यह कान्क्लेव 27 जुलाई को भी जारी रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि विकास के मायने तभी हैं, जब हम अपनी जड़ों से, अपनी संस्कृति और अपनी विरासतों से भी आत्मीयता से जुड़े रहें। हम विरासत से विकास की ओर मिशन मोड में आगे बढ़ रहे हैं। विंध्य क्षेत्र हमेशा से ही मध्यप्रदेश का गौरव रहा है। इस क्षेत्र के विकास में अब कोई भी बाधा नहीं रही। हम यहां की हेरिटेज साइट्स को समुचित तरीके से सहेजकर पूरे विंध्याचल को उसका पुरा वैभव लौटायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपनी मीठी बोली, कला, संस्कृति, खान-पान में अपनत्व समेटे और सघन वनों की हरियाली से आच्छादित इस हरित क्षेत्र में आइडियल टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनने की पूरी संभावना है। हमारी सरकार पर्यटन सेक्टर को भी इंडस्ट्रियल सेक्टर की सारी सुविधाएं दे रही है। हमारी इन्वेस्टर फ्रेंडली पर्यटन नीति का भरपूर लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार 100 करोड़ रुपए लागत का कोई टूरिस्ट होटल, मोटल या रिसार्ट खोलने पर 30 करोड़ रुपए की सब्सिडी देगी। हेल्थ टूरिज्म के लिए 100 करोड़ रुपए लागत का कोई वेलनेस सेंटर खोलने पर 40 करोड़ रुपए तक की सब्सिडी देगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई निवेशक रोजगार आधारित उद्योग लगाते हैं तो हमारी सरकार उस उद्योग से रोजगार पा रहे पुरूष श्रमिक को 5 हजार रुपए और महिला श्रमिक को 6 हजार रुपए दस साल तक प्रदान करेगी। उद्योग स्थापना में सरकार निवेशकों को सभी जरूरी मदद मुहैया करायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का हृदय प्रदेश है और विंध्याचल प्रदेश का हर दिल अजीज हिस्सा है। यहां की माटी ने देश को नेतृत्व दिया है। यहां के वनों में सफेद शेर खुले में विचरण करते हैं। यह क्षेत्र खनिजों और लौह अयस्क से भरा हुआ है। देश की ऊर्जाधानी (रीवा और सिंगरौली) भी इसी क्षेत्र में है। दिल्ली की मेट्रो ट्रेन यहीं से उत्पादित बिजली से ही चलती है। पूरे देश और प्रदेश को रौशन करने वाले इस क्षेत्र में हम विकास की नई रौशनी लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि रीवा में एयरपोर्ट बनने से इस क्षेत्र के विकास को नए पंख लग गए हैं। अब रीवा आना-जाना कठिन नहीं रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विंध्य क्षेत्र प्रदेश की संस्कृति को वैचारिक और आध्यात्मिक रूप से भी पोषित करता है। रीवा में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के बाद रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन यह संकेत है कि हम इस क्षेत्र को पर्यटन के क्षेत्र में आगे लाने के लिए कोई कसर नहीं रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा और संपूर्ण विंध्यांचल न केवल प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक धरोहरों से समृद्ध है, बल्कि यह कई अनोखे प्राकृतिक चमत्कारों से भी धनी क्षेत्र है। उन्होंने बताया कि रीवा हवाई अड्डे की स्थापना के बाद अब यह क्षेत्र देश के अन्य हिस्सों से जुड़ गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार विंध्य क्षेत्र के बहुआयामी विकास के लिए प्रयासरत है। समृद्ध प्राचीन विरासतों से भरपूर इस क्षेत्र की सभी संभावनाओं की पहचान कर पर्यटन विकास को और गति दी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि इस क्षेत्र में जीवंत जंगल हैं। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य इसे सुंदरतम बनाता है। वसुधैव कुटुंबकम के तहत हम सबको जोड़ना चाहते हैं। इस क्षेत्र के विकास का कारवां अब निर्बाध गति से प्रवाहमान है। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ यहां हेल्थ टूरिज्म की भी व्यापक संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा‍कि विंध्य क्षेत्र में पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने के लिए हम निजी निवेशकों के साथ मिलकर नई संभावनाओं पर काम करना चाहते हैं। उन्होंने निवेशकों से आव्हान किया कि वे मध्यप्रदेश की धरा पर विशेषकर विंध्य अंचल में निवेश के लिए खुले दिल से आगे आएं, सरकार निवेशकों को हर जरूरी सुविधा और सहयोग उपलब्ध कराऐगी। लेटर ऑफ अलॉटमेंट क्रं. स्थान भूमि (हेक्टेयर में ) परियोजना न्यूनतम नेवेश राशि निवेशक 1 ढकना चपना जिला रायसेन 4.653 होटल/ रिसोर्ट 5.00 करोड़ श्री सिद्धार्थ सिंह तोमर, भोपाल 2 नेहरयाई जिला विदिशा 2 होटल/ रिसोर्ट 3.00 करोड़ मे प्रयास पावर, भोपाल 3 नन्हाखेडा जिला जबलपुर 0.405 होटल/ रिसोर्ट 1.00 करोड़ में अफोर्ड मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, जबलपुर 4 ग्राम कुम्हरोड़ा नरसिंहपुर 3.805 होटल/रिसॉर्ट 3.00 करोड़ मेसर्स सिद्धिविनायक कंस्ट्रक्शन, जबलपुर   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा की। फ्लाईओला के मैनेजिंग डायरेक्टर राम ओला ने ₹700 करोड़ के सबसे बड़े निवेश की मंशा जताई, जो इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पर्यटन परियोजनाओं की शुरुआत का संकेत है। आरसीआरसीपीएल और विंध्य प्राइड के दिव्यांश सिंह बघेल ने 500 करोड़ के निवेश की इच्छा जताई।, इसी क्रम में अमित दिग्विजय सिंह ने ₹500 करोड़ और संदड़िया बिल्डर्स … Read more

सर्जिकल स्ट्राइक, आपरेशन सिंदूर ने हर देशवासी को किया गौरवान्वित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हमारे वीर सैनिक देश की आन-बान-शान के हैं सच्चे प्रहरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमारी सेना मर्यादा में रहकर देश की सीमाओं की रक्षा के लिए सदैव तत्पर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सर्जिकल स्ट्राइक, आपरेशन सिंदूर ने हर देशवासी को किया गौरवान्वित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कारगिल विजय दिवस पर दी वीर शहीदों को श्रृद्धांजलि भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे वीर सैनिक देश की आन-बान-शान के सच्चे प्रहरी हैं। हमारी तीनों सेनाएँ मर्यादा में रहकर देश की सीमाओं की रक्षा के लिए सदैव तत्पर हैं। वर्ष 1999 का कारगिल युद्ध अब तक का सबसे चुनौती पूर्ण युद्ध रहा है। दुश्मन ने छल से देश की सीमा के अंदर घुसपैठ कर ऊंचे स्थानों पर छिपकर हमला किया था। लेकिन 60 से अधिक दिनों तक चले इस चुनौती पूर्ण युद्ध में हमारी सेना ने अपने पुरूषार्थ और पराक्रम से असंभव से लगने वाले कार्य को भी संभव कर दिखाया। कारगिल युद्ध के दौरान हमें रोज नई वीर गाथाएँ सुनने को मिल रही थी। प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में वीर सैनिकों ने हर कठिन चुनौती का सामना कर दुश्मन को मार भगाने का काम किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर सैनिक स्कूल रीवा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद स्मारक में पुष्पचक्र अर्पित कर देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले वीर सैनिकों की शहादत को नमन किया। साथ ही कारगिल युद्ध में शहीद सैनिकों के चित्र पर भी पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कारगिल युद्ध में शहादत देने वाले गनर श्री छोटे लाल सिंह की पत्नी श्रीमती विद्या देवी तथा नायक श्री कालू प्रसाद की पत्नी श्रीमती श्यामकली देवी को शाल और श्रीफल कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश सशक्त हुआ है। यह देश का स्वर्णिम काल है। आज हमारी सेना अमेरिका और इजराइल की तरह अपने देश की सीमा के बाहर भी दुश्मनों को मारने में सक्षम है। सर्जिकल स्ट्राइक, विंग कमांडर अभिनंदन की वापसी और आपरेशन सिंदूर के माध्यम से देश ने बता दिया है कि यदि आतंकवाद की घटनाएं नहीं रूकी तो उन्हें घर में घुसकर मारेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेना के शौर्य और पराक्रम ने प्रत्येक देशवासी को गौरवान्वित किया है। सैनिक स्कूल के योगदान की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि आज देश की थल सेना और नौ सेना का नेतृत्व करने वाले दोनों अध्यक्ष विन्ध्य के सपूत हैं और उनकी नींव सैनिक स्कूल में रखी गयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के लिए शहादत देने वाले लोग बहुत ही पुण्यशाली होते हैं। पूरी निष्ठा से देश के लिये समर्पित होकर अपना योगदान देना ही इन वीर शहीदों को सच्ची श्रृद्धांजलि होगी। इस अवसर पर भारतीय सेना की डेयर डेविल टीम द्वारा अपने साहसिक कारनामों से अतिथियों में ऊर्जा का संचार किया तथा सभी को देश प्रेम की भावना से ओतप्रोत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय सेना के मोटर साइकिल अभियान ''वीरता के पहिये'' को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री और रीवा जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सांसद श्री जनार्दन मिश्र, विधायक सिरमौर श्री दिव्यराज सिंह, विधायक त्योंथर श्री सिद्धार्थ तिवारी, विधायक मनगवां श्री नरेन्द्र प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, पूर्व महापौर श्री वीरेन्द्र गुप्ता सहित अन्य जन-प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिकों ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर वीर सैनिकों की शहादत को नमन किया।  

यात्रियों को बड़ी सौगात: 3 अगस्त से कानपुर से झारखंड और राजस्थान के लिए नई ट्रेन

कानपुर रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। अब कानपुर से झारखंड और राजस्थान का सफर पहले से ज्यादा सुगम होगा। रेलवे ने एक नई साप्ताहिक ट्रेन सेवा शुरू करने का फैसला लिया है, जो गोविंदपुरी, फतेहपुर और इटावा जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी। यह ट्रेन 3 अगस्त से नियमित रूप से दौड़ेगी, जबकि 26 जुलाई को इसका उद्घाटन होगा। भारतीय रेलवे ने उत्तर प्रदेश, झारखंड और राजस्थान के यात्रियों को बड़ी सौगात दी है। कानपुर से झारखंड और राजस्थान के बीच अब एक नई साप्ताहिक ट्रेन सेवा शुरू की जा रही है। यह ट्रेन गोड्डा (झारखंड) से दौराई (राजस्थान) तक चलाई जाएगी और गोविंदपुरी, फतेहपुर व इटावा जैसे प्रमुख स्टेशनों पर इसका ठहराव रहेगा। इस ट्रेन का उद्घाटन 26 जुलाई को किया जाएगा, जब यह एक विशेष उद्घाटन रेलगाड़ी के रूप में गोड्डा से दौराई की ओर चलेगी। इसके बाद इसका नियमित संचालन 3 अगस्त से शुरू होगा। रेलवे जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, इस साप्ताहिक गाड़ी का नंबर 19603/19604 होगा और इसका नाम गोड्डा-दौराई साप्ताहिक एक्सप्रेस रहेगा। ट्रेन में कुल 22 डिब्बे होंगे, जिनमें-     2 द्वितीय एसी कोच     3 तृतीय एसी कोच     3 इकोनॉमी कोच     1 पैंट्रीकार     7 स्लीपर कोच     4 सामान्य कोच     1 एसएलआर और 1 एसएलआरडी कोच शामिल हैं। यह ट्रेन झारखंड और राजस्थान को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ते हुए बीच के यात्रियों के लिए भी एक नया विकल्प बनेगी। इससे खासकर उन यात्रियों को राहत मिलेगी जो लंबे समय से इस रूट पर सीधी ट्रेनों की कमी का सामना कर रहे थे। साथ ही, रेलवे ने एक और खुशखबरी दी है। अहमदाबाद-पटना-अहमदाबाद अजीमाबाद एक्सप्रेस, जो सप्ताह में दो दिन सेंट्रल स्टेशन के रास्ते गुजरती है, अब राजगीर स्टेशन तक चलेगी। यह विस्तार 25 जुलाई (राजगीर से) और 28 जुलाई (अहमदाबाद से) लागू होगा।

भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी से बचें: आरएसएसबी ने दिए अहम दिशा-निर्देश

जयपुर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर की ओर से पटवारी भर्ती परीक्षा 17 अगस्त, 2025 को दो पालियों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा से पहले भर्ती बोर्ड ने विज्ञापन संख्या 02/2025 के तहत अधिसूचित पटवारी भर्ती के संबंध में बेहद महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया है। नोटिस आधिकारिक वेबसाइट rssb.rajasthan.gov.in. पर उपलब्ध है। इस नोटिस में उम्मीदवारों के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनका उन्हें पालन करना होगा। हालांकि, बोर्ड ने दिशानिर्देशों के साथ-साथ एक चेतावनी भी जारी की है। पंजीकृत अभ्यर्थी आरएसएसबी द्वारा जारी दिशानिर्देश और चेतावनी के बारे में नीचे जान सकते हैं। आधिकारिक नोटिस नीचे उपलब्ध है। आरएसएसबी के दिशा-निर्देश भर्ती बोर्ड के नोटिस में लिखा है कि पटवारी भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों को निम्नानुसार सूचित किया जाता है किः-     आवेदक यह सुनिश्चित कर लें कि वे बोर्ड कार्यालय की उक्त विज्ञप्ति के अनुसार निर्धारित पात्रता एवं शैक्षणिक योग्यता रखते हैं।     अभ्यर्थी अपने पहचान पत्र में फोटो, यदि 03 वर्ष या उससे अधिक पुरानी है तो उसे अपडेट करा लिया जाना सुनिश्चित करें ताकि परीक्षा आयोजन के समय परीक्षा प्रवेश पत्र में प्रिंट फोटो का मिलान आपके मूल पहचान पत्र में फोटो से हो सके तथा आपको प्रवेश के समय कोई कठिनाई न हो। आपके मूल पहचान पत्र की फोटो का आपके चेहरे, प्रवेश पत्र की फोटो से मिलान होना आवश्यक है अन्यथा आपको परीक्षा केन्द्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जावेगी।     परीक्षा के अन्तर्गत प्रत्येक प्रश्न के आगे पांच विकल्प/गोले दिए जायेंगे। पहले चार विकल्प/गोला A,B,C और D उपयुक्त उत्तर से संबंधित तथा पांचवा विकल्प/गोला 'E' 'अनुत्तरित प्रश्न' से संबंधित होगा।     अभ्यर्थी को ओ.एम.आर. उत्तर-पत्रक पर, संबंधित प्रश्न क्रमांक के लिए सही उत्तर निर्दिष्ट करने हेतु A,B,C या D अर्थात पहले चार में से केवल एक विकल्प/गोला नीले बॉल पॉइन्ट पेन से गहरा कर भरना होगा। यदि अभ्यर्थी कोई प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता है तो पांचवा विकल्प/गोला 'E' को गहरा करना होगा।     यदि पांचों विकल्पों में से कोई भी विकल्प/गोला गहरा नहीं किया गया तो उस प्रश्न के अंक का 1/3 भाग काट लिया जाएगा।     10 प्रतिशत से अधिक प्रश्नों में किसी भी विकल्प/गोले को अभ्यर्थी द्वारा गहरा नहीं किया गया तो उसे परीक्षा के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।     प्रत्येक प्रश्न के लिए कोई एक विकल्प/गोला भरा है या नहीं, यह सुनिश्चित करने के लिए उम्मीदवार को 10 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जायेगा।     उक्त परीक्षाओं के लिए "प्रोविजनल ई- प्रवेश पत्र" बोर्ड की वेबसाइट से डाउनलोड करने की दिनांक यथासमय सूचित कर दी जाएगी। बोर्ड द्वारा परीक्षार्थियों को अलग से प्रवेश पत्र प्रेषित नहीं किये जायेंगे।     परीक्षाओं के सम्बन्ध में विभिन्न सोशल मीडिया पर किये जा रहे भ्रामक प्रचार पर विश्वास न करें। बोर्ड द्वारा राज्य स्तरीय प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में एवं बोर्ड की वेबसाइट rssb.rajasthan.gov.in पर प्रकाशित विज्ञप्ति द्वारा दी गई जानकारी को ही अधिकृत माना जाए।     ड्रेस कोड के बारे में समय-समय पर निर्देश अपडेट किए जाते हैं जो बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड़ किए जाते है। प्रवेश पत्र में भी इस विषय में उल्लेख किया जाता है। ड्रेस कोड की पालना आवश्यक रूप से की जाए ताकि परीक्षा केन्द्र पर प्रवेश हेतु कोई समस्या या कोई परेशानी ना हो। दिशानिर्देशों के साथ-साथ यह चेतावनी भी दी परीक्षा केन्द्रों पर नकल की रोकथाम के लिए बहुत ही प्रभावी उपाय किये गये हैं। भर्ती बोर्ड ने अभ्यर्थियों को परीक्षा में नकल कराने के नाम पर ठगी कराने वाले गिरोह के किसी झांसे/बहकावे में नहीं आने की सलाह दी है। बोर्ड ने कहा है कि परीक्षा के संबंध में विभिन्न Social Media पर किये जा रहे भ्रामक प्रचार पर विचार न करें। नकल करने वालों पर भारी जुर्माना और सजा का प्रावधान परीक्षा संचालन में किसी प्रकार से अनुचित साधनों का उपयोग एवं अनियमित गतिविधियों में संलिप्तता पाए जाने पर 10 लाख से लेकर अधिकतम 10 करोड रूपये तक दंड तथा 10 वर्ष से लेकर अधिकतम आजीवन करावास तक की सजा के प्रावधान है। इसके साथ ही कठोर दंडात्मक कानूनी कार्यवाही की जा सकती है साथ ही ऐसे अभ्यर्थी को आगे परीक्षा देने से विवर्जित (Debar) भी किया जाएगा।

बिल बकाया तो कनेक्शन बंद! बिजली विभाग की सख्ती, तीन दिन में 8 हजार उपभोक्ताओं की बिजली गुल

जबलपुर जबलपुर में कोरोना काल के दौरान बिजली बिलों की वसूली पर मिली राहत का कई उपभोक्ताओं ने गलत फायदा उठाया और महामारी समाप्त होने के बाद भी बिलों का भुगतान नहीं किया। अब मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने ऐसे उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए जबलपुर शहर में तीन दिनों के भीतर करीब आठ हजार विद्युत कनेक्शन काट दिए हैं। इनमें करीब 4,700 उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्होंने कोरोना काल समाप्त होने के बाद भी सितंबर 2023 से बिलों का भुगतान नहीं किया था।   कोरोना काल में मिली थी अस्थायी राहत मई 2020 से अगस्त 2023 तक राज्य सरकार ने बिजली बिलों को अस्थायी रूप से निलंबित कर रखा था। इस अवधि में जबलपुर शहर के 81,201 घरेलू उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ लिया। उस समय की बकाया राशि करीब 24.94 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी। लेकिन कोरोना काल समाप्त होने के बाद भी 7,151 उपभोक्ताओं ने अपने बिलों का भुगतान नहीं किया, जिससे बिजली कंपनी को सख्ती बरतनी पड़ी। 23 जुलाई से शुरू हुई थी विशेष मुहिम बिजली कंपनी ने 23 जुलाई से बिल वसूली के लिए विशेष अभियान शुरू किया। पहले दिन 474 कनेक्शन फिजिकल तौर पर काटे गए। दूसरे दिन 3,629 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के कनेक्शन रिमोट से काटे गए। तीसरे दिन कंपनी ने 3,800 से अधिक कनेक्शन काटे, जिनमें फिजिकल और रिमोट दोनों तरीकों का इस्तेमाल किया गया। सैकड़ों उपभोक्ता अब भी लापरवाह बिजली कंपनी की रिपोर्ट के अनुसार, तीसरे दिन जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए, उनमें से करीब 500 उपभोक्ता कोरोना काल के बाद भी लगातार लापरवाही बरतते रहे, जबकि शेष 3,300 से अधिक उपभोक्ता सामान्य घरेलू श्रेणी के थे, जिन्होंने बिजली बिल नहीं चुकाया।   कनेक्शन काटने के बाद उपभोक्ताओं में मचा हड़कंप तीन दिनों में की गई इस कार्रवाई से उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया है। जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए हैं, अब वे जल्द से जल्द भुगतान कर कनेक्शन पुनः चालू कराने की कोशिश में जुटे हैं। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि भुगतान करने पर कनेक्शन बहाल कर दिए जाएंगे, लेकिन आगे से लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।   बकायेदारों के खिलाफ अभियान रहेगा जारी मध्य प्रदेश पूर्व विद्युत वितरण कंपनी के सिटी एसई संजय अरोरा ने बताया कि यह अभियान सिर्फ जबलपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सभी क्षेत्रों में बड़े बकायादारों के खिलाफ इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो उपभोक्ता बकाया बिल का भुगतान करने के लिए आगे आएंगे, उन्हें उचित प्रक्रिया के तहत राहत दी जा सकती है, लेकिन जानबूझकर बिल न चुकाने वालों को किसी भी तरह की छूट नहीं दी जाएगी।   उपभोक्ताओं को चेतावनी बिजली कंपनी ने स्पष्ट किया है कि अगर उपभोक्ता समय पर बिलों का भुगतान नहीं करते हैं, तो उनके कनेक्शन काटे जाएंगे और बाद में पुनः जोड़ने पर अतिरिक्त शुल्क भी वसूला जाएगा। कंपनी का लक्ष्य है कि इस अभियान से राजस्व की वसूली हो और भविष्य में उपभोक्ता समय पर भुगतान के लिए प्रेरित हों।  

रेलवे की विरासत: रानी कमलापति स्टेशन पर रखा गया 30 साल पुराना NG इंजन

भोपाल  1991 में चलने वाली ट्रेन का इंजन रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर विरासत के रूप में रखा जाएगा। रानी कमलापति स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार पर एक पुरानी NG LOCO No 514 (ZDM5) को रेलवे की धरोहर के रूप में सहेजा गया है। यह 22 टन का इंजन, जो कभी धौलपुर में चलता था, 3 जून 1991 को शुरू हुआ और 1 अप्रैल 2019 को बंद हो गया। लगभग 30 साल बाद ये इंजन रिटायर हुआ है। इसे 3 नवंबर 2023 को विरासत का दर्जा मिला। रेलवे का कहना है कि यह इंजन रेलवे के इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 2025 को धौलपुर से लाया गया था रेलवे अधिकारियों के अनुसार, NG LOCO No 514 को 23 जुलाई 2025 को धौलपुर से लाया गया था। यह इंजन छोटी लाइन (नैरो गेज) पर चलता था। छोटी लाइन में रेल की पटरियां सामान्य रेल की तुलना में कम दूरी पर होती हैं। इनकी दूरी 762MM होती है। 30 मार्च 2023 को की थी आखिरी यात्रा इस इंजन ने अपनी आखिरी यात्रा 1 अप्रैल 2019 को धौलपुर से तांतपुर-मथुरा के बीच की थी। हालांकि, यह कुछ समय बाद तक चालू रहा। इसने आखिरी बार 30 मार्च 2023 को काम किया और 1 अप्रैल 2023 को इसे आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया गया। वैक्यूम डीजल NCR LOCO शेड इस इंजन की देखभाल करता था। 3 नवंबर 2023 को इसे विरासत का दर्जा मिला। रेलवे अधिकारियों ने कहा, 'इसकी सुरक्षा से रेलवे के इतिहास को बचाए रखा जा सकेगा।' PRO नवल अग्रवाल ने कहा, 'यह रेलवे के तकनीकी इतिहास को दर्शाता है।'