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भोपाल की नई उड़ान: केबल ब्रिज को मिली मंजूरी, गडकरी ने दी हरी झंडी

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जल्द ही देश का दूसरा सबसे लंबा केबल ब्रिज बनने जा रहा है। यह 17 किलोमीटर लंबा ब्रिज रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से राजा भोज एयरपोर्ट तक बनाया जाएगा, जिससे शहरवासियों और यात्रियों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंजूरी दे दी है। 17 किलोमीटर लंबा ब्रिज, बिना जाम के सफर सांसद आलोक शर्मा ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर इस प्रोजेक्ट (Bhopal Cable Bridge) की जरूरत को रखा था। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट तक पहुंचने में ट्रैफिक के कारण काफी समय बर्बाद होता है, जिसे ध्यान में रखते हुए यह ब्रिज शहर की एक बड़ी ज़रूरत बन चुका है। नितिन गडकरी ने इस 17 किमी लंबे केबल ब्रिज को ‘अत्यंत आवश्यक’ मानते हुए इस पर सहमति दे दी है। पहला प्रोजेक्ट: रानी कमलापति स्टेशन से एयरपोर्ट तक 17 किमी केबल ब्रिज: इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत राजधानी को एयरपोर्ट से जोडऩे के लिए 17 किलोमीटर लंबा केबल ब्रिज बनाया जाएगा, जिसमें 2 किलोमीटर का हिस्सा बड़े तालाब क्षेत्र से होकर एलीवेटेड ब्रिज के रूप में गुजरेगा। मौजूदा समय में एयरपोर्ट तक पहुंचने में लगने वाली देरी और ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए यह ब्रिज शहर की जरूरत बन गया है। नितिन गडकरी ने इस प्रस्ताव को ‘भोपाल के लिए व्यावहारिक और समय की मांग’ बताते हुए स्वीकृति दी। दूसरा प्रस्ताव करोंद से बैरसिया के बीच 35 किलोमीटर सड़क को फोरलेन में तब्दील करना: इस प्रस्ताव में पीएम गति शक्ति योजना के तहत स्वीकृति दी गई है। यह सड़क एनएच-146 को एनएच-346 से जोड़ेगी, जिससे राजधानी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच सुगम यातायात सुनिश्चित होगा। भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि ‘यह दोनों प्रोजेक्ट सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड नहीं हैं, बल्कि राजधानी की भावी संरचना का आधार तैयार करेंगे।’ अब निगाहें इन प्रस्तावों की डीपीआर और निर्माण प्रक्रिया की ओर हैं, जिनकी औपचारिक शुरुआत जल्द होने की संभावना है।  बड़ा तालाब पर भी बनेगा 2 किमी एलीवेटेड ब्रिज केबल ब्रिज (Bhopal Cable Bridge) के अलावा भोपाल के बड़ा तालाब क्षेत्र में 2 किलोमीटर लंबा एलीवेटेड ब्रिज बनाने का प्रस्ताव भी सांसद ने रखा, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए मंजूरी दे दी है। यह ब्रिज न केवल ट्रैफिक का दबाव कम करेगा, बल्कि पर्यटन और परिवहन को भी बढ़ावा देगा। फोरलेन रोड से राजधानी को नई रफ्तार सांसद आलोक शर्मा ने एक और बड़ी मांग के तहत भोपाल (Bhopal Cable Bridge) के करोंद से बैरसिया तक सड़क को फोरलेन करने का प्रस्ताव रखा। यह 35 किलोमीटर लंबी सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग 146 को NH-346 से जोड़ेगी और इसे प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत स्वीकृति मिल गई है। यातायात से राहत, सफर में सुविधा इन सभी परियोजनाओं (Bhopal Cable Bridge) के पूरा होने के बाद भोपालवासियों को ट्रैफिक जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही, रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट पहुंचने में लगने वाला समय भी काफी कम हो जाएगा। यह ब्रिज राजधानी के इन्फ्रास्ट्रक्चर को नया आयाम देगा और शहर की स्मार्ट सिटी योजनाओं में गति लाएगा।  

खेल प्रतिभाओं की पहचान अब आसान:खेलों को बढ़ावा देने के लिये 180 नोडल खेल केन्द्र

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग ने एजुकेशन पोर्टल की तर्ज पर स्पोर्टस् मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया है। डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से विभाग की खेलकूद शाखा की गतिविधियों, प्रतियोगिता के आयोजन और उससे संबंधित पत्राचार को पेपरलेस कर दिया गया है। इस प्रकिया के चलते खेलों से जुड़ी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। शिक्षा विभाग के अंतर्गत मान्यता प्राप्त एमपी बोर्ड के विद्यालय, सीबीएसई के ऐसे स्कूल जो स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के और स्कूल शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित विभिन्न खेलों की प्रतियोगिता में शामिल होना चाहते हैं वे इस पोर्टल पर निश्चित पंजीयन शुल्क के साथ आवश्यक अभिलेख अपलोड करते हुए पंजीयन करा सकते हैं। पंजीयन 14 से 19 वर्ष से कम आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं के लिये एक ही बार कराना होगा। स्पोर्टस् मैनेजमेंट सिस्टम में प्रति वर्ष आवश्यकतानुसार अपग्रेड किये जाने की सुविधा प्रदाय की गई है। विद्यालय में अध्ययनरत नियमित खिलाड़ियों की दर्ज संख्या के मान से क्रीड़ा शुल्क का संकलन इसी पोर्टल के माध्यम से किये जाने की सुविधा दी गई है जो स्वत: ही संचालनालय, संयुक्त संचालक, संभाग एवं जिला शिक्षा अधिकारी के खाते में शासन द्वारा निर्धारित प्रतिशत के अनुसार अंतरित हो जाता है। यह व्यवस्था खेलों में निष्पक्षता, पारदर्शिता और खिलाड़ियों की आयु के बारे में प्रमाणीकरण के साथ अपात्र खिलाड़ी को किसी भी स्तर पर प्रतियोगिता में शामिल होने से रोकता है। 180 नोडल खेल विद्यालय प्रशिक्षण केन्द्र सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को उच्च स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिये प्रदेश में स्थित शासकीय विद्यालयों में 180 नोडल खेल केन्द्रों की स्थापना की गई है। इन केन्द्रों के माध्यम से खेल अधोसंरचना के साथ उत्कृष्ट स्तर की खेल सामग्री खेल प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। पिछले वर्ष 500 खिलाड़ियों ने राज्य और संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में सहभगिता की और इसमें 600 पदक प्राप्त किये। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी प्रदेश के खिलाड़ियों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है।  

वैष्णो देवी यात्रा के लिए राहत: जबलपुर-कटरा स्पेशल ट्रेन का शेड्यूल जारी

जबलपुर अमरनाथ व वैष्णो देवी के दर्शन की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। पश्चिम मध्य रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जबलपुर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा के बीच अगस्त महीने में विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन सीमित दो फेरों के लिए चलाई जाएगी, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधा और सीधा कनेक्शन मिलेगा। स्पेशल ट्रेन का संचालन – तारीख और समय रेलवे के अनुसार, यह ट्रेन 01707 और 01708 नंबर से संचालित होगी। ट्रेन नंबर 01707 – जबलपुर से 4 अगस्त और 11 अगस्त को रवाना होगी। ट्रेन सुबह 5:25 बजे जबलपुर से चलेगी और अगले दिन शाम 6:00 बजे श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्टेशन पहुंचेगी। रास्ते में यहां प्रमुख ठहराव होंगे-     कटनी मुड़वारा – सुबह 6:45 बजे     दमोह – 8:10 बजे     सागर – 9:15 बजे झांसी, ग्वालियर, मुरैना आदि रास्तों से होकर ट्रेन कटरा पहुंचेगी। ट्रेन नंबर 01708 – वापसी में 5 अगस्त और 12 अगस्त को कटरा से रात 9:15 बजे प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन सुबह 9:35 बजे जबलपुर पहुंचेगी। वापसी मार्ग में यहां प्रमुख ठहराव होंगे-     सागर – तड़के 3:30 बजे     दमोह – 4:50 बजे     कटनी मुड़वारा – 7:15 बजे 25 जुलाई से शुरू होगा आरक्षण इस ट्रेन में यात्रा करने के लिए टिकटों का आरक्षण 25 जुलाई से शुरू होगा। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते बुकिंग कर लें क्योंकि सीमित फेरे होने के कारण सीटें जल्दी भर सकती हैं।

भोपाल: होम्योपैथिक कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट स्टडी को मिली हरी झंडी

भोपाल  स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और विशेषज्ञता बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, भोपाल को दो नए स्नातकोत्तर (पीजी) कोर्स शुरू करने की मंजूरी दे दी है। अब यह महाविद्यालय त्वचा रोग (डर्मेटोलॉजी) और कम्युनिटी मेडिसिन जैसे दो अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों में भी पीजी डिग्री प्रदान करेगा। यह दोनों कोर्स शैक्षणिक सत्र 2025-26 से शुरू होंगे। फिलहाल महाविद्यालय में सात विषयों — प्रैक्टिस ऑफ मेडिसिन, पीडियाट्रिक, साइकियाट्रिक, फार्मेसी, मेडिसिन और रेस्पिरेटरी में पीजी कोर्स संचालित हो रहे हैं। नए कोर्स जुड़ने से यह संख्या नौ हो जाएगी। अस्पताल की अधीक्षक डॉ. सुनीता तोमर ने जानकारी दी कि वर्तमान समय में प्रदूषण, अस्वस्थ खान-पान और निष्क्रिय जीवनशैली के चलते त्वचा रोगों में तेजी से वृद्धि हो रही है। इसी तरह जनस्वास्थ्य की चुनौतियों, नई बीमारियों की रोकथाम और स्वास्थ्य जागरूकता के लिए कम्युनिटी मेडिसिन विशेषज्ञों की मांग भी तेजी से बढ़ी है। इस निर्णय से न केवल विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि आमजन को बेहतर होम्योपैथिक इलाज भी मिल सकेगा। साथ ही यह कदम प्रदेश में जनस्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त करने में भी सहायक होगा। फार्मेसी छात्रों के लिए डिजीलाकर जरूरी, घर बैठे होगा रजिस्ट्रेशन मध्य प्रदेश में बी-फार्मा और एम-फार्मा करने वाले छात्रों के लिए अब रजिस्ट्रेशन से पहले डिजीलाकर पर खाता बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। फार्मेसी काउंसिल की रजिस्ट्रार भव्या त्रिपाठी के अनुसार जल्द ही पंजीयन की प्रक्रिया एक विशेष डिजिटल सॉफ्टवेयर के माध्यम से शुरू की जाएगी, जिससे छात्रों को दस्तावेजों के सत्यापन के लिए बार-बार भोपाल नहीं आना पड़ेगा। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से छात्रों के स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र, 10वीं-12वीं की मार्कशीट, डिग्री/डिप्लोमा, फोटो व अन्य जरूरी दस्तावेजों का समग्र आईडी और डिजीलाकर के जरिए स्वतः सत्यापन किया जाएगा। अब तक यह प्रक्रिया मैन्युअल थी, जिससे रजिस्ट्रेशन में देरी हो रही थी और लगभग 10,500 आवेदन पेंडिंग हो गए थे। अधिकारियों के मुताबिक लगभग 70 प्रतिशत आवेदन फार्म में गलतियां पाई गईं। सबसे ज्यादा गलती अंग्रेजी में नाम, पिता/पति का नाम और जन्मतिथि में हुई। इन समस्याओं से निपटने के लिए अब फार्मेसी काउंसिल पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर रही है, जिससे छात्र घर बैठे आवेदन और वेरिफिकेशन कर सकेंगे। रजिस्ट्रेशन फीस नहीं ली जाएगी नई प्रक्रिया के तहत जब तक दस्तावेजों का वेरिफिकेशन पूरा नहीं होगा, तब तक रजिस्ट्रेशन फीस नहीं ली जाएगी। इससे पहले एमपी ऑनलाइन के माध्यम से पहले फीस ली जाती थी, बाद में वेरिफिकेशन होता था। अब ऐसा नहीं होगा। रजिस्ट्रार के मुताबिक, मई तक 10,500 आवेदन लंबित थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब तक करीब 2,500 छात्रों का रजिस्ट्रेशन पूरा हो चुका है, जबकि लगभग 7,500 आवेदन अभी भी पेंडिंग हैं। इनमें से 4,000 आवेदनों को दस्तावेजों की गलतियों के कारण लौटा दिया गया है। छात्रों को इन फार्मों के लिए नई प्रक्रिया के अनुसार दोबारा आवेदन करना होगा।

Regional Tourism Conclave का मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन, अभिनेता मुकेश तिवारी व अभिनेत्री सान्विका सिंह भी शामिल होंगी

 रीवा  मध्य प्रदेश सरकार विंध्य के औद्योगिक विकास के लिए शनिवार को रीवा में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर्यटन व्यवसायियों, टूर ऑपरेटर्स और होटल इंडस्ट्री के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रीवा में दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में शनिवार को उद्घाटन करेंगे। कॉन्क्लेव में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी भी उपस्थित रहेंगे। प्रसिद्ध अभिनेता मुकेश तिवारी और पंचायत वेब सीरीज की अभिनेत्री सान्विका सिंह कॉन्क्लेव में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। निवेशकों को सम्मानित किया जाएगा पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि कॉन्क्लेव में मध्य प्रदेश में आतिथ्य क्षेत्र के निवेशकों को सम्मानित भी किया जाएगा। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा अक्टूबर माह में भोपाल में आयोजित होने वाले मध्य प्रदेश ट्रेवल मार्ट की पूर्व तैयारियों के दृष्टिगत यह रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में ग्वालियर में अगस्त एवं इंदौर में सितंबर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। आईआरसीटीसी पोर्टल पर पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा बुकिंग पोर्टल का शुभारंभ होमस्टे ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल का लोकार्पण मेक माय ट्रिप के साथ एमओयू चित्रकूट घाट में स्पिरिचुअल एक्सपीरियंस परियोजना की आधारशिला का वर्चुअल शिलान्यास होगा। शहडोल में एफसीआई (फैसिलिटेशन सेंटर फार टूरिस्ट्स) का उद्घाटन किया जाएगा। मंडला, डिंडोरी, सिंगरौली, सीधी और सिवनी में कला एवं शिल्प केंद्रों की स्थापना के लिए एजेंसियों के साथ और इंफ्लुएंसर मार्केटिंग एजेंसियों मेसर्स बारकोड एक्सपीरिएंशल एवं मेसर्स क्यूयुकी डिजिटल के साथ अनुबंध होंगे। वन्यजीव, धरोहर और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं पर मंथन किया जाएगा। वन पथों से विरासत की कहानियों तक रीवा का पर्यटन पुनर्जागरण मध्य प्रदेश में समग्र पर्यटन अनुभव का निर्माण और मध्य प्रदेश में पर्यटन, फिल्म और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश प्रोत्साहन के अवसर विषय पर सत्र होंगे। कॉन्क्लेव में ट्रेवल ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों और टूरिज़्म स्टेकहोल्डर्स के बीच द्विपक्षीय संवाद और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। यह सत्र क्षेत्रीय पर्यटन के विकास के लिए बल्कि राष्ट्रीय पर्यटन समृद्धि के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। कॉन्क्लेव के समापन अवसर पर चयनित अतिथियों एवं प्रतिनिधियों के लिए फैमिलियाराइज़ेशन टूर (फेम टूर) का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य रीवा एवं आसपास के पर्यटन स्थलों की संभावनाओं से प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है।

यूपी में 5 लाख किसानों को तगड़ा झटका, पीएम किसान की किस्त नहीं मिलेगी, उलटे पैसे लौटाने होंगे

लखनऊ  किसानों की आर्थिक मदद के लिए चलाई जा रही पीएम किसान सम्मान निधि योजना में लगातार फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। कुछ ही दिन पहले राजस्थान के जालोर में 33638 फर्जी किसानों के खाते में करोड़ों रुपये की राशि जाने का मामला सामने आया था। अब उत्तर प्रदेश से वेरिफिकेशन ड्राइव में पात्र नहीं होने के बावजूद पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने का मामला सामने आ आया है। यूपी में 5 लाख से ज्यादा ऐसे किसानों के नाम सामने आए हैं, जिनके नाम पीएम किसान सम्मान योजना से कटने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक इन अपात्र किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त का पैसा नहीं आएगा। जांच में यह बात सामने आई है कि यूपी में 5 लाख से ज्यादा ऐसे परिवार हैं, जहां पति और पत्नी दोनों ही पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा ले रहे थे। जबकि नियम के मुताबिक किसी एक को ही इस योजना का लाभ मिलना चाहिए। सबसे ज्यादा मामले प्रतापगढ़ से सामने आए हैं। जांच में ऐसे खुला मामला प्रशासन लगातार अपात्र किसानों के नाम हटाने के लिए वेरिफिकेशन करने में लगा हुआ है। इसी दौरान जब यूपी कृषि विभाग ने राशन कार्ड का डाटा आधार कार्ड और बैंकों से मिलान किया तो सच्चाई सामने आई। प्रतापगढ़ में 37 हजार से ज्यादा पति-पत्नी इस योजना का लाभ ले रहे थे। वहीं प्रयागराज में भी 29 हजार से ज्यादा मामले सामने आए। इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर सीतापुर और चौथे नंबर पर संभल है। सबसे कम अपात्र किसान गाजियाबाद जिले से मिले हैं। खाते में नहीं आएगी अगली किस्त, वसूली भी होगी इन अपात्र किसानों के खाते में अब पीएम किसान सममान योजना की अगली किस्त नहीं आएगी। यही नहीं प्रशासन इनसे वसूली की भी तैयारी में है। अगर कोई परिवार पहली किस्त से ही योजना का लाभ ले रहा है, तो उसे अब मोटा पैसा चुकाना पड़ सकता है। अगर सरकार 19 किस्तों की वसूली की तैयारी करती है तो 38000 रुपये लौटाने होंगे। पक्की नौकरी फिर भी ले रहे 2000 आधार कार्ड से वेरिफिकेशन करने के बाद और भी कई खुलासे हो रहे हैं। 3000 से ज्यादा मामले ऐसे हैं, जिनके पास पक्की नौकरी या खुद का बिजनेस है। फिर भी पीएम किसान सम्मान योजना का लाभ ले रहे थे। इन लोगों के नाम भी लिस्ट से हटा दिए गए हैं। फार्मर आईडी नहीं बनवाने वालों को भी नुकसान यूपी में अभी भी बड़ी संख्या में किसानों ने फार्मर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। ऐसे में उनके खाते में 20वीं किस्त आने की संभावना बहुत ही कम है। यूपी के कृषि विभाग की वेबसाइट upfr.agristack.gov.in के मुताबिक अभी तक महज 49.78 किसानों ने ही फार्मर रजिस्ट्रेशन कराया है। जबकि राज्य में करीब 2.88 किसान पीएम किसान योजना से जुड़े हुए हैं। पीएम किसान सम्मान योजना की 20वीं किस्त कब आएगी प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना की 20वीं किस्त का इंतजार सभी को है। अभी पीएम नरेंद्र मोदी विदेश दौरे पर हैं। 2 अगस्त को यूपी के वाराणसी में उनका कार्यक्रम है। माना जा रहा है कि इस दिन किसानों के खाते में 2000 रुपये आ सकते हैं। हालांकि PMO, PIB या कृषि मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई भी आधिकारिक जानकारी नहीं आई है।  

महाकुंभ 2028 से पहले उज्जैन में पंढरपुर-मथुरा जैसी सुविधाएं, फैसिलिटी हब पर काम शुरू

 उज्जैन  साल 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियां नई दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उज्जैन प्रशासन का लक्ष्य इस बार सिर्फ परंपराओं का पालन नहीं बल्कि तीर्थ व्यवस्थाओं को एक आधुनिक, सुविधाजनक और यादगार अनुभव में बदलना है। प्रशासन अब महाराष्ट्र के पंढरपुर और उत्तर प्रदेश के मथुरा जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों से प्रेरणा लेकर सिंहस्थ के लिए अत्याधुनिक फैसिलिटी सेंटर तैयार करने की योजना बना रहा है। पंढरपुर की प्रसिद्ध वारी यात्रा और मथुरा की ब्रज परिक्रमा में हर साल लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इन तीर्थस्थलों पर विकसित फैसिलिटी सेंटर श्रद्धालुओं को छाया, पीने का पानी, स्नानघर, शौचालय, प्राथमिक चिकित्सा, विश्राम स्थल और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था प्रदान करते हैं। इसी तर्ज पर अब उज्जैन में भी स्थायी, स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल फैसिलिटी सेंटर बनाए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ 2028 में अब केवल अस्थायी टेंट या पारंपरिक पड़ाव नहीं होंगे, बल्कि फैसिलिटी सेंटर श्रद्धालुओं के लिए एक समग्र अनुभव का केंद्र बनेंगे। यहां डिजिटल सूचना पटल, छायादार विश्राम क्षेत्र, पुरुष व महिलाओं के लिए पृथक स्नानगृह, ग्रीन वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, जल वितरण केंद्र और चिकित्सा सहायता केंद्र जैसे अत्याधुनिक इंतजाम होंगे। इन स्थलों पर सीसीटीवी निगरानी और डिजिटल नेविगेशन सिस्टम भी उपलब्ध कराए जाएंगे। उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने कहा 'सिंहस्थ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि व्यवस्थाओं की कसौटी है। हमारा उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को एक प्रेरक, सुरक्षित और सुविधा युक्त अनुभव मिले। पंढरपुर और मथुरा जैसे तीर्थस्थलों की परंपराओं और अनुभवों से प्रेरणा लेकर उज्जैन को एक स्मार्ट तीर्थ मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।' गौरतलब है कि सिंहस्थ महाकुंभ विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु देश-विदेश से आते हैं। इस विशाल भीड़ को सुचारु रूप से संभालने और उनकी मूलभूत आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिए स्थायी फैसिलिटी सेंटर न केवल सहूलियत देंगे, बल्कि उज्जैन को तीर्थ व्यवस्थाओं का आदर्श मॉडल भी बनाएंगे।

‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल और पर्यटन व संस्कृति राज्य मंत्री लोधी भी होंगे शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा में ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ का आज शनिवार को करेंगे शुभारंभ विंध्य के वैभव को मिलेगा नया आयाम : रीवा में आज 26-27 जुलाई को होगा ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’  ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल और पर्यटन व संस्कृति राज्य मंत्री  लोधी भी होंगे शामिल निवेशक, पर्यटन व्यवसायी, टूर ऑपरेटर्स, होटल इंडस्ट्री के हितधारक होंगे सम्मिलित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में पर्यटन निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ–साथ पर्यटन व्यवसायियों, टूर ऑपरेटर्स और होटल इंडस्ट्री के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रीवा में दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में आज  शनिवार 26 जुलाई को शुभारंभ करेंगे। कॉन्क्लेव में उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल और पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भी उपस्थित रहेंगे। मध्यप्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि और विंध्य क्षेत्र की पर्यटन क्षमताओं को पहचानते हुए राज्य में पर्यटन निवेश को बढ़ाने के लिए रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। प्रसिद्ध अभिनेता श्री मुकेश तिवारी और पंचायत वेब सीरीज की अभिनेत्री सान्विका सिंह कॉन्क्लेव में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश में आतिथ्य क्षेत्र के निवेशकों को सम्मानित भी किया जाएगा। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा अक्टूबर माह में भोपाल में आयोजित होने वाले मध्यप्रदेश ट्रेवल मार्ट की पूर्व तैयारियों के दृष्टिगत यह रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में ग्वालियर में अगस्त एवं इंदौर में सितंबर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। डिजिटल पहल, एमओयू, आधारशिला कार्यक्रम एवं अनुबंध आईआरसीटीसी पोर्टल पर पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा बुकिंग पोर्टल का शुभारंभ होमस्टे ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल का लोकार्पण मेक माय ट्रिप के साथ एमओयू  चित्रकूट घाट में 'स्पिरिचुअल एक्सपीरियंस' परियोजना की आधारशिला का वर्चुअल शिलान्यास होगा। शहडोल में एफसीआई (फैसिलिटेशन सेंटर फॉर टूरिस्ट्स) का उद्घाटन मंडला, डिंडोरी, सिंगरौली, सीधी और सिवनी में कला एवं शिल्प केंद्रों की स्थापना के लिये एजेंसियों के साथ और इंफ्लुएंसर मार्केटिंग एजेंसियों—मेसर्स बारकोड एक्सपीरिएंशल एवं मेसर्स क्यूयुकी डिजिटल के साथ अनुबंध होंगे। वन्यजीव, धरोहर और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं पर होगा मंथन रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में पर्यटन क्षेत्र पर आधारित विभिन्न सत्र होंगे। मध्यप्रदेश में वन्यजीव, धरोहर और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं, पर्यटन अनुभव और निवेश पर मंथन होगा। इसमें “वन पथों से विरासत की कहानियों तक : रीवा का पर्यटन पुनर्जागरण”, “मध्यप्रदेश में समग्र पर्यटन अनुभव का निर्माण” और “मध्यप्रदेश में पर्यटन, फिल्म और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश प्रोत्साहन के अवसर” विषय पर सत्र होंगे। हितधारकों पर्यटन व्यवसाय में निवेश की संभावनाओं पर करेंगे चर्चा रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में ट्रेवल ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों और टूरिज़्म स्टेकहोल्डर्स के बीच द्विपक्षीय संवाद और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। यह सत्र क्षेत्रीय पर्यटन के विकास के लिए बल्कि राष्ट्रीय पर्यटन समृद्धि के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। प्रदर्शनी में दिखेगा मध्यप्रदेश का सांस्कृतिक गौरव रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में विशेष पर्यटन प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें मध्यप्रदेश के विविध पर्यटन स्थलों, पर्यटन इकाइयों, हॉस्पिटिलिटी ब्रांड्स, होमस्टे, रिसॉर्ट्स, हैंडलूम/हैंडीक्राफ्ट, साहसिक गतिविधियों और सांस्कृतिक धरोहर को समर्पित स्टॉल लगाए जाएंगे। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम की रंगारंग प्रस्तुति भी होगी। फैम टूर का आनंद लेंगे हित-धारक एवं निवेशक रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव के समापन अवसर पर चयनित अतिथियों एवं प्रतिनिधियों के लिए फैमिलियाराइज़ेशन टूर (FAM Tour) का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य रीवा एवं आसपास के पर्यटन स्थलों की संभावनाओं से प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है।  

28 जुलाई की रात 12 बजे खुलेंगे नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट, 24 घंटे होंगे दर्शन, , ऑनलाइन मिलेंगे शीघ्र दर्शन टिकट

उज्जैन ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 29 जुलाई को मनाए जाने वाले नागपंचमी महापर्व को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। लालपुल के समीप स्थित मंदिर प्रवेश मार्ग के मुहाने पर कर्कराज पार्किंग व भील समाज की धर्मशाला में श्रद्धालुओं की सुविधा के इंतजाम जुटाए जा रहे हैं। देशभर से आने वाले दर्शनार्थी यहीं से दर्शन की कतार में लगेंगे। नागपंमी पर भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए आम दर्शनार्थियों को करीब चार किलोमीटर पैदल चलना पड़ेगा। भक्तों को कर्कराज पार्किंग से भील समाज की धर्मशाला, गौंड बस्ती के रास्ते चारधाम मंदिर पार्किंग, होते हुए महाकाल मंदिर की ओर प्रवेश दिया जाएगा। शासन, प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के इंतजाम किए जा रहे हैं। बता दें 28 जुलाई की रात 12 बजे महाकाल मंदिर के शीर्ष पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुलेंगे। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से पूजा अर्चना की जाएगी। इसके बाद आम दर्शन का सिलसिला शुरू होगा, जो 29 जुलाई की रात 12 बजे तक निरंतर जारी रहेगा। ऑनलाइन मिलेंगे शीघ्र दर्शन टिकट नागपंचमी पर कम समय में सुविधापूर्वक भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन करने के लिए 250 रुपये की शीघ्र दर्शन टिकट सुविधा उपलब्ध रहेगी। भक्त मंदिर की वेबसाइट पर ऑनलाइन अग्रिम बुकिंग कराकर नागचंद्रेश्वर के दर्शन कर सकते हैं। शीघ्र दर्शन टिकट वाले दर्शनार्थियों को कम पैदल चलना पड़ेगा और सुविधा से दर्शन होंगे। बता दें पूर्व में नागपंचमी पर भक्त आफलाइन शीघ्र दर्शन टिकट खरीद सकते थे। मंदिर समिति द्वारा इसके लिए विभिन्न स्थानों पर टिकट काउंटर लगाए जाते थे। कैश लाने ले जाने की परेशानी, काउंटरों पर रसीद कट्टों की उपलब्धता सुनिश्चित करना, कर्मचारियों को सुरक्षा आदि परेशानी के चलते इस बार यह व्यवस्था सिर्फ आनलाइन रखी जा रही है। पांच किलोमीटर क्षेत्र में सूचना संकेतक बोर्ड महाकाल मंदिर समिति व जिला प्रशासन द्वारा नागपंचमी पर शहर के आसपास पांच किलोमीटर दूर से सूचना संकेतक बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इस व्यवस्था से बाहर से आने वाले दर्शनार्थियों को आसानी से मंदिर पहुंच मार्ग के साथ उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी मिल सकेगी। विभिन्न स्थानों पर पूछताछ व खोयापाया केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा को नई रफ्तार: सीएम विष्णु देव साय ने आधुनिक एम्बुलेंस को किया रवाना

  सीएसआर निधि से प्रदत्त एम्बुलेंस में उपलब्ध है बेसिक लाइफ सपोर्ट समेत आधुनिक सुविधाएँ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के ग्राम बगिया स्थित कैम्प कार्यालय परिसर से अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह एम्बुलेंस बैंक ऑफ इंडिया द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) निधि से प्रदत्त है, जिसमें बेसिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम सहित अन्य उन्नत सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। यह एम्बुलेंस मुख्य रूप से मनोरा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु रखी जाएगी, जिसकी सेवाएँ आवश्यकता अनुसार पूरे जिले में ली जा सकेंगी। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित चिकित्सा परिवहन सेवा सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में गंभीर रूप से बीमार एवं दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सहायता मिल सकेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार हर व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण और त्वरित स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के लिए कृतसंकल्पित है। उनकी पहल पर विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरवर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए अनेक योजनाएँ प्रारंभ की गई हैं। उन्होंने बताया कि कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज और 50 बिस्तर वाला मातृ एवं शिशु अस्पताल, जशपुर में प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना का कार्य प्रगति में है। इस अवसर पर सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, जशपुर विधायक रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर रोहित व्यास, सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी, और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।