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राजस्व महाअभियान: अब सीएससी ऑपरेटरों के हाथों में होगा डिजिटल कामकाज

कल से सीएससी के ऑपरेटर संभालेंगे राजस्व महा–अभियान शिविरों का डिजिटल कामकाज राजस्व महाअभियान: अब सीएससी ऑपरेटरों के हाथों में होगा डिजिटल कामकाज राजस्व महाअभियान में नई पहल: सीएससी ऑपरेटर करेंगे डिजिटल कार्यप्रवाह ऑनलाइन पंजीकरण से लेकर आवेदन संधारण तक की जिम्मेदारी, गुरुवार से तैनात रहेंगे शिविरों में पटना राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा चलाए जा रहे राजस्व महा–अभियान के तहत आयोजित होने वाले शिविरों में प्राप्त होने वाले आवेदनों का डिजिटल प्रबंधन कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के ऑपरेटर करेंगे। ये व्यवस्था गुरुवार से लागू हो जाएगी। राज्य सरकार ने इसके लिए मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के बाद अधिसूचना जारी कर दी है। इसके बाद विभाग के स्तर पर संविदा कर्मियों की हड़ताल से निपटने के लिए पुख्ता व्यवस्था बनाकर अभियान को सफल बनाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी अंचलाधिकारी को पत्र जारी कर आदेश दिया है कि प्रत्येक शिविर में चार कम्प्यूटर ऑपरेटर तैनात किए जाएंगे। ये ऑपरेटर शिविर में मिले सभी आवेदनों को ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकृत करेंगे और फिर संबंधित राजस्व कर्मचारी को उपलब्ध कराएंगे। एक अंचल में अधिकतम 28 ऑपरेटरों की व्यवस्था की जा सकेगी। इसके निगरानी की व्यवस्था भी तय की गई है। अंचल स्तर पर एक सुपरवाइजर और जिला स्तर पर दो डिस्ट्रिक्ट मैनेजर सीएससी की ओर से लगाए जाएंगे, जो शिविरों में तैनात ऑपरेटरों की उपस्थिति और कामकाज पर नजर रखेंगे। सचिव श्री सिंह ने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे तुरंत सीएससी के जिला प्रबंधक/समन्वयक से समन्वय स्थापित करें, ताकि शिविरों में पंजीकरण और प्रपत्र संधारण की प्रक्रिया निर्बाध रूप से पूरी हो सके। सभी अंचलाधिकारी को जिला प्रबंधक/समन्वयक तथा अंचल समन्वयक का नाम एवं नंबर उपलब्ध करा दिया गया है। सीएससी के कर्मी कल यानी गुरुवार से शिविरों में तैनात रहेंगे।

लघु जल संसाधन विभाग की कुल 2,507 योजनाओं में 2,297 उतर चुकी हैं धरातल पर

जल-जीवन-हरियाली अभियान से बिहार के 2,41,782 हेक्टेयर खेतों तक पहुंचा सिंचाई का पानी लघु जल संसाधन विभाग की कुल 2,507 योजनाओं में 2,297 उतर चुकी हैं धरातल पर  राज्य में 2,70,697 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई क्षमता पुनर्स्थापित करने का है लक्ष्य   साथ ही, कुल 993 लाख घनमीटर जल संचयन क्षमता का किया गया है  पुनर्स्थापन  पटना लघु जल संसाधन विभाग द्वारा "जल-जीवन-हरियाली अभियान" के तहत राज्यभर में 2,41,782 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई क्षमता विकसित करने के साथ ही कुल 993 लाख घनमीटर जल संचयन क्षमता का पुनर्स्थापन कर लिया गया है। लघु जल संसाधन विभाग ने परंपरागत जल स्त्रोतों के पुनरूद्धार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए अबतक कुल 2,507 योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। जिसमें अबतक 2,297 योजनाएं पूर्ण की जा चुकी हैं। इन सभी 2507 योजनाओं को पूर्ण कर राज्य में 2,70,697 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई क्षमता को पुनर्स्थापन करने का लक्ष्य तय किया गया है।  यहां उल्लेखनीय है कि विगत वर्षों में व्यापक जलवायु परिवर्तन के फलस्वरूप वर्षापात में कमी एवं भूगर्भ जल के अत्यधिक दोहन के फलस्वरूप भूगर्भ जलस्तर में उत्तरोत्तर कमी आने के कारण बिहार के विभिन्न जिलों को जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। जलवायु परिवर्तन की इस विषम स्थिति से निपटने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वर्ष 2019 में "जल-जीवन-हरियाली अभियान" की शुरूआत की है। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत क्रियान्वित योजनाओं में गुणवत्ता युक्त कार्य सम्पन्न कराते हुए जहां एक ओर राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित किये गये हैं, वहीं दूसरी ओर जलस्त्रोतों में जल संचयन एवं सिंचाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। जल स्त्रोतों में जल संग्रह के फलस्वरूप भूगर्भ जलस्तर में व्यापक सुधार हुआ है। आहर-पईनों एवं तालाबों व पोखरों के मेढ़ पर वृक्षारोपण किये जाने से हरित क्षेत्र में भी वृद्धि हुई है।

खरीफ की फसल हो गई बर्बाद? चिंता न करें किसान, बस कर दें ये काम

खरीफ की फसल हो गई खराब! राज्य फसल सहायता योजना का उठाएं लाभ  खरीफ की फसल हो गई बर्बाद? चिंता न करें किसान, बस कर दें ये काम  खरीफ 2025: खरीफ की फसल हो गई खराब? जल्‍द कीजिए आवेदन   खरीफ किसानों को दी बड़ी राहत! 10000 रुपये तक सीधे देगी सरकार  नगर पंचायत से गांव तक, खरीफ किसानों को मिला सरकार का सुरक्षा कवच पटना  बिहार के किसानों को मौसम की मार से घबराने की जरूरत नहीं है। खरीफ की फसल बोने वाले किसानों की इस समस्‍या का बिहार सरकार ने समाधान कर दिया है। किसानों के लिए सुरक्षा कवच तैयार कर दिया है। बिहार सरकार ने खरीफ 2025 के लिए किसानों को बड़ी राहत दी है।  सीधे मिलेगी आर्थिक मदद, सरकार ने मांगे आवेदन जिन किसानों की फसल मौसम की मार से खराब हो गई है। उनके लिए सरकार फसल सहायता योजना लेकर आई है। सहकारिता विभाग की ओर से बिहार ‘राज्य फसल सहायता योजना’ के तहत इसके लिए ऑनलाइन आवेदन  मांगे गए हैं। किसान 31 अक्टूबर, 2025 तक निशुल्क आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के तहत किसानों को फसल नुकसान होने पर सीधे मदद देगी। ये किया गया है प्रावधान जिन किसानों की खरीफ फसल 20 फीसद तक खराब हो गई है, सरकार ने ऐसे किसानों को 7500 रुपये प्रति हेक्‍टेयर क्षतिपूर्ति के रूप में देगी। 20 फीसद से अधिक के नुकसान पर सरकार ने 10000 रुपये प्रति हेक्‍टेयर देने का ऐलान किया है। यह सहायता अधिकतम 2 हेक्टेयर तक ही दी जाएगी। नगर पंचायत और नगर परिषद क्षेत्रों के किसान भी इस योजना के लिए पात्र होंगे। साथ ही, रैयत, गैर-रैयत और आंशिक रूप से रैयत-गैर रैयत किसान भी आवेदन कर सकेंगे। मंत्री ने क्या कहा? सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि यह योजना पूरी तरह निशुल्क है। इसमें किसानों से किसी प्रकार का कोई शुल्‍क या प्रीमियम नहीं लिया जाता। उनका कहा, प्राकृतिक आपदाओं से किसानों की फसल को क्षति होने पर सरकार सीधे उनके खाते में वित्तीय सहारा देती है। योजना को और पारदर्शी और सरल बनाने की दिशा में लगातार काम चल रहा है। आवेदन कैसे करें? कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर पंजीकृत किसान सीधे आवेदन कर सकते हैं। पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े रैयत किसान केवल रैयत या आंशिक रैयत-गैर रैयत श्रेणी में आवेदन कर पाएंगे। आवेदन करते समय किसानों को फसल व बुआई क्षेत्र की जानकारी देनी होगी। सीधे बैंक खाते में जाएगी राशि बताते चलें कि कटाई के बाद प्रयोग आधारित उपज दर के आधार पर योग्य पंचायतों का चयन किया जाएगा। इसके बाद चुने गए किसानों को आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। सत्यापन के बाद राशि सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में भेज दी जाएगी। झूठी या गलत जानकारी देने वाले किसानों के आवेदन रद्द कर दिए जाएंगे। इस योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी सहकारिता विभाग की वेबसाइट से भी ली जा सकती है।

विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने देश के नागरिकों को स्वदेशी अपनाने का किया आव्हान

गोपालसिंह इंजीनियर का संदेश – स्वदेशी ही है भारत की आत्मनिर्भरता की कुंजी विधायक कार्यालय में भगवान गणेश जी की हुई स्थापना श्रद्धा भक्ति के साथ भगवान गणेश जी की,की भक्ति, आष्टा   आज गणेश चतुर्थी के शुभ दिवस पर आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के कार्यालय पर रिद्धिसिद्धि के दाता भगवान श्री गणेश जी की स्थापना की गई । आज दोपहर में भारतीय जनता पार्टी के समस्त कार्यकर्ताओं पदाधिकारी की उपस्थिति में विधायक श्री गोपाल सिंह इंजीनियर ने विधि विधान के साथ भगवान श्री गणेश जी की स्थापना की एवं सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने मिलकर भगवान श्री गणेश जी की आरती की । भगवान श्री गणेश जी की स्थापना की विधि उमेश शर्मा ने पूर्ण कराई । इस अवसर पर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने दस दिवसीय गणेशोत्सव के शुभारम्भ अवसर पर सभी नागरिकों से आव्हान किया की वे अपने दैनिक जीवन मे उपयोग में आने वाली वस्तुएं स्वदेशी ही खरीदे ।  देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देश की जनता से स्वतंत्रता दिवस पर जो आव्हान किया कि हम सब देशवासी भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दैनिक जीवन के उपयोग में जो वस्तुएं आती है,जब आप बाजार में उक्त वस्तुएं खरीदने जाये तो वे वस्तुएं स्वदेशी ही हो,स्वदेशी ही खरीदे । हम सब जब  दैनिक उपयोग की वस्तुओं में जितना ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी वस्तुओं का क्रय करेंगे,उसका उपयोग करेंगे  ताकि हमारा देश विदेशी वस्तुओं पर निर्भर न होकर स्वदेशी वस्तुओं के द्वारा आत्मनिर्भर बने और भारत आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर हो । विधायक श्री गोपाल सिंह इंजीनियर ने कहा कि हम अपने स्थानीय उद्योगों को भी ऐसे ही स्वदेशी अपनाने के आवाहन के तहत बढ़ावा दे सकते हैं । विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने भारतीय जनता पार्टी के समस्त कार्यकर्ताओं पदाधिकारी से भी आव्हान किया कि वह भी स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने के लिए अपने-अपने क्षेत्र में प्रचार प्रसार कर नागरिकों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित करें विधायक कार्यालय में भगवान श्री गणेश जी की स्थापना के अवसर पर बड़ी संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता,पदाधिकारी,जनप्रतिनिधि आदि उपस्तिथ थे ।

गोरखपुर में अडानी समूह और कोका कोला के प्रमुख बॉटलर ने भी उद्योग लगाने को ली जमीन

योगी सरकार में देश के दिग्गज निवेशकों को भाया गोरखपुर गोरखपुर में अडानी समूह और कोका कोला के प्रमुख बॉटलर ने भी उद्योग लगाने को ली जमीन पेप्सिको का बॉटलिंग प्लांट पहले से उत्पादनरत, रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड और श्री सीमेंट्स ने भी मांगी औद्योगिक जमीन वर्तमान वित्तीय वर्ष में 54 नई यूनिट्स के लिए गीडा ने किया 182 एकड़ भूमि का रिकार्ड आवंटन गोरखपुर  दशकों तक जिस गोरखपुर में स्थानीय पूंजीपति भी औद्योगिक निवेश करने से घबराते थे, योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद सरकार की प्रोत्साहनपरक नीतियों, कारोबारी सुगमता और शानदार कनेक्टिविटी से अब वहां नामी कंपनियों के आने की होड़ सी दिखती है। निवेशकों की डिमांड के अनुरूप गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने न केवल लैंड बैंक समृद्ध किया है बल्कि साल दर साल औद्योगिक भूखंडों का आवंटन भी तेज हुआ है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में तो गीडा ने अब तक 54 नई यूनिट्स के लिए रिकार्ड 182 एकड़ भूमि का आवंटन किया है। इससे 5800 करोड़ रुपये के नए पूंजी निवेश के साथ 8500 लोगों के लिए रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त हुआ है।  लंबे दौर तक पहचान को जूझता रहा गोरखपुर अब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, रोड, रेल और एयर कनेक्टिविटी के मामले में मजबूत होकर औद्योगिक नक्शे पर भी चमक गया है। जिस जिले से उद्यमियों ने मुंह फेर लिया था, वहां 2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से औद्योगिक प्रगति का ऐसा माहौल बनना शुरू हुआ कि देश की बड़ी-बड़ी कंपनियां, यहां तक कि मल्टीनेशनल भी इंडस्ट्री लगा रही हैं।  औद्योगिक प्रगति के नए कालखंड में सिर्फ गत पांच साल की बात करें तो इस दौरान गीडा को 9445 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले और इसके जरिये 22922 रोजगार सृजन संभव हुआ। इसमें मल्टीनेशनल ब्रांड पेप्सिको, केयान डिस्टिलरी, ज्ञान डेयरी, टेक्नोप्लास्ट और केंद्रीय भंडारण निगम, कपिला कृषि उद्योग, एपीएल अपोलो ट्यूब्स जैसे बड़े नाम शामिल हैं।  गोरखपुर में अडानी समूह ने अंबुजा ब्रांड सीमेंट फैक्ट्री की नई यूनिट और कोका कोला के प्रमुख बॉटलर अमृत बॉटलर्स ने भी यूनिट लगाने को जमीन ले ली है। यही नहीं, रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड और श्री सीमेंट्स ने भी निवेश की उत्सुकता दिखाते हुए गीडा से औद्योगिक जमीन मांगी है। श्री सीमेंट्स की टीम पहले ही जमीन देखने के लिए दौरा कर चुकी है जबकि रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के प्रतिनिधि मंगलवार को विजिट पर आए थे। अपने पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्र के साथ गीडा ने गोरखपुर के दक्षिणांचल में धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप को भी औद्योगिक हब के रूप में विकसित करना शुरू कर दिया है। गत दिनों यहां दो बड़े औद्योगिक निवेश के लिए भूमि का आवंटन किया जा चुका है। गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनुज मलिक का कहना है कि मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में गोरखपुर में निवेश और औद्योगिक विकास का शानदार इको सिस्टम तैयार हुआ है। गीडा द्वारा निवेशकों की मांग और पसंद के अनुरूप जमीन उपलब्ध कराई जा रही है। इसका नतीजा है कि यहां औद्योगिक निवेश लगातार बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं को आवंटित जमीन से प्रस्तावित निवेश श्रेयश डिस्टिलरीज               2667 करोड़ रु. अंबुजा सीमेंट (अडानी ग्रुप)    1400 करोड़ रु. अमृत बॉटलर्स (कोका कोला)  800 करोड़ रु. केयान डिस्टिलरीज               600 करोड़ रु. विजन परेन्टल (फार्मास्युटिकल)100 करोड़ रु.   आगामी प्रस्तावित निवेश प्रस्ताव रिलायंस सीपीएल      1000 करोड़ रु. श्री सीमेंट्स                500 करोड़ रु. लाइफकेयर्स हॉस्पिटल   500 करोड़ रु. ईएसआईसी                150 करोड़ रु. डीपीएस                       50 करोड़ रु.

जनगणना की तैयारी शुरू, एमपी सरकार ने बनाई हाईपावर स्टेट लेवल कमेटी

भोपाल  मध्य प्रदेश में सरकार ने जनगणना की तैयारी शुरू कर दी है. प्रदेश भर में जनगणना को लेकर सरकार ने हाईपावर स्टेट लेवल कमेटी बनाई है. स्टेट लेवल कमेटी के लिए मुख्य सचिव को अध्यक्ष बनाया गया है. 6 एसीएस, 3 पीएस और 15 अधिकारियों की कमेटी बनी है. प्रदेश में 2027 में होनी वाली जनगणना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा. पहले चरण में साल 2026 में मकानों की संख्या की जानकारी होगी इकट्ठा की जाएगी. 30 दिनों में कमेटी अपनी रिपोर्ट पेश करेगी. दूसरे चरण में 20 दिनों के भीतर जनगणना की रिपोर्ट तैयार की जाएगी. इसके साथ ही जनगणना के लिए विभाग मास्टर ट्रेनर्स, फील्ड ट्रेनर्स का भी प्रशिक्षण होगा. 31 दिसंबर 2025 तक सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी.31 दिसंबर 2025 तक सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की ट्रेनिंग पूरी कर ली जाएगी। मध्य प्रदेश सरकार इस जनगणना को समयबद्ध और व्यवस्थित रूप से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य अप्रैल से सितंबर 2026 के मध्य, राज्य शासन द्वारा निर्धारित 30 दिवस की अवधि में संपन्न किया जाएगा। द्वितीय चरण अंतर्गत जनसंख्या की गणना का कार्य नौ से 28 फरवरी 2027 की अवधि में किया जाएगा। जनगणना 2027 के लिए संदर्भ तिथि एक मार्च 2027 की रात्रि 12 बजे होगी। मध्य प्रदेश शासन ने मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में जनगणना 2027 के लिए राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति का गठन किया है। यह समिति प्रदेश में जनगणना के राष्ट्रीय महत्व के कार्य के सुचारू एवं सफल संचालन करेगी एवं जनगणना कार्य निदेशालय एवं राज्य शासन के विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय एवं योजनाबद्ध रूप से कार्य करेगी। इन्हें दी गई जिम्मेदारी समिति में अपर मुख्य सचिव गृह, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नगरीय विकास एवं आवास, सामान्य प्रशासन, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी, वित्त, प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य, राजस्व, सचिव, स्कूल शिक्षा, जनसंपर्क, अपर सचिव गृह विभाग एवं नोडल अधिकारी निदेशक एनआईसी सदस्य होंगे। निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय मप्र भोपाल को संयोजक/सदस्य सचिव बनाया गया है। समिति दोनों चरणों में शासन के संबंधित विभागों के मध्य अपेक्षित सहयोग एवं समन्वय स्थापित करने का कार्य करेगी। समिति की बैठक में जनगणना कार्य के लिए लगाए जाने वाले कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित कराना, जनगणना के मास्टर ट्रेनर फील्ड ट्रेनर्स और फील्ड स्टाफ का प्रशिक्षण निर्धारित कार्यक्रम अनुसार आयोजित करना। 31 दिसंबर 2025 तक प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं के परिवर्तन संबंधी समस्त प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया जाना इत्यादि बिंदुओं पर निर्णय लिया जाएगा। समिति का कार्यकाल 31 मार्च 2027 तक रहेगा। डिजिटल प्रक्रिया होगी जनगणना की पूरी तरह से डिजिटल प्रक्रिया होगी, जिसमें प्रगणक मोबाइल पर डाटा एकत्र करेंगे और जनता को स्व-गणना करने का विकल्प भी दिया जाएगा। जनगणना के समस्त फील्ड कार्य की सतत निगरानी के लिए भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा एक वेब पोर्टल सीएमएमएस विकसित किया गया है।

स्टालिन की मौजूदगी से सियासी पारा चढ़ा, भाजपा ने तेज किया हमला

नई दिल्ली नई दिल्ली बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीख का एलान अभी भले ही ना हुआ हो लेकिन सियासी पारा चरम पर है। एनडीए और महागठबंधन के नेता एक दूसरे पर जमकर सियासी तीर छोड़ रहे हैं। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस और राजद पर करारा हमला बोला है। महागठबंधन की मतदाता अधिकार यात्रा में शामिल होने के लिए बिहार पहुंचे एमके स्टालिन को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल बिहार के 'गौरव और स्वाभिमान' का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन बार-बार ऐसे नेताओं को बिहार बुला रहा है जिन्होंने पहले बिहारी समाज का मजाक उड़ाया था। एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव बिहार के लोगों को गाली देने वालों को राज्य में प्रचार करने के लिए बुला रहे हैं। वे बिहार के गौरव और स्वाभिमान का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों पार्टियों ने बिहारियों का मजाक उड़ाने वाले नेताओं को राज्य में 'मतदाता अधिकार यात्रा' अभियान में भाग लेने के लिए बार-बार आमंत्रित किया है। इस दौरान उन्होंने बिहारियों को लेकर कांग्रेस नेताओं के पूर्व में दिए गए बयानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी, प्रियंका वाड्रा के बाद अब उन्हें स्टालिन मिल गए हैं। रेवंत रेड्डी, जिन्होंने पहले बिहारी डीएनए का मजाक उड़ाया था। वहीं, प्रियंका वाड्रा, जिन्होंने चरणजीत चन्नी द्वारा बिहारियों को गाली दिए जाने पर बेशर्मी से ताली बजाई थी। आगे उन्होंने कहा कि डीएमके प्रमुख और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन पर भी निशाना साधा। जिनकी पार्टी ने बिहारियों पर को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। स्टालिन की पार्टी के नेता ने कहा था कि बिहार के लोग सिर्फ शौचालय साफ करने के लिए हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई संयोग नहीं है। यह आरजेडी-कांग्रेस की मानसिकता है। मेहनतकश बिहारी गाली खाने के लिए निशाना बनते हैं, जबकि अवैध बांग्लादेशियों को वोट बैंक माना जाता है। विपक्ष ने भी किया पलटवार इस बीच, राजद नेता तेजस्वी यादव ने एनडीए पर तीखा हमला बोला है। उन्होने कहा कि एनडीए का मतलब है कि नहीं देंगे अधिकार। जनता जानती है कि वोट चोरी हो रही है, लेकिन इस बार जनता अपने वोट की रक्षा करेगी। बीजेपी-एनडीए को करारी हार मिलेगी। वहीं, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और बिहार की एनडीए सरकार जनता के असली मुद्दों- महंगाई, बेरोजगारी, पलायन और आर्थिक संकट को सुलझाने में विफल रही है और अब वोट चोरी की साजिश रच रही है।

यात्रियों के लिए खुशखबरी: झांसी-पुरी स्पेशल ट्रेन 19 सितंबर से 29 नवंबर तक

झांसी त्योहारी सीजन को देखते हुए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। यात्रियों की सुविधा के लिए 19 सितंबर से लेकर 29 नवंबर के बीच 11 फेरों के लिए वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-पुरी साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जाएगा। यात्रियों को जानकारी के लिए बता दें कि ये ट्रेन झांसी से ग्वालियर, भिंड, इटावा होकर संचालित की जाएगी। इस ट्रेन में दो एसएलआर, दो सेकंड एसी, पांच थर्ड एसी, छह इकॉनमी और चार स्लीपर कोच रहेंगे। इन स्टेशनों से गुजरेगी ट्रेन 01929 झांसी-पुरी साप्ताहिक स्पेशल हर शुक्रवार को सुबह 11.55 बजे झांसी से रवाना होकर दतिया, डबरा होते हुए दोपहर 1.25 बजे ग्वालियर आएगी। ये ट्रेन मालनपुर, सोनी, इटावा, गोविंदपुरी, फतेहपुर, सूबेदारगंज, मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, गया, कोडरमा, पारसनाथ, गोमोह, आद्रा, बांकुर, विष्णुपुर, मिदनापुर, हिजली, बालासोर, भद्रक, जाजपुर, कटक, भुवनेश्वर, खुर्दा रोड होते हुए शनिवार रात 8.15 बजे पुरी पहुंचेगी। वहां से ये ट्रेन रात में 11.45 बजे रवाना होकर विभिन्न स्टेशनों से होते हुए सोमवार की सुबह 8.25 बजे ग्वालियर आएगी। यहां से रवाना होकर ट्रेन सुबह 11.15 बजे झांसी स्टेशन पहुंचेगी। ये ट्रेन भी चलेगी यात्रियों के लिए 08630 गोरखपुर-रांची 19 अक्तूबर से दो नवंबर तक हर रविवार, 04214 लखनऊ-टाटानगर स्पेशल 24 सितंबर से 28 नवंबर तक सप्ताह के हर बुधवार और शुक्रवार, 04213 टाटानगर-लखनऊ स्पेशल 25 सितंबर से 29 नवंबर तक, 06063 कोयंबत्तूर-धनबाद स्पेशल पांच सितंबर से 28 नवंबर तक हर शुक्रवार, 06064 धनबाद-कोयंबत्तूर स्पेशल आठ सितंबर से एक दिसंबर तक हर सोमवार को चलेगी।

मांगें पूरी करने पर अड़े जूनियर डॉक्टर, दूसरे दिन भी बंद रहा अस्पताल

पटना बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में आज भी जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। जूनियर डॉक्टर स्टायपेंड बढ़ोतरी की मांग लेकर आज भी प्रदर्शन कर रहे हैं। इनका कहना है कि हमलोगों का हर तीन साल में इंटर्नशिप स्टायपेंड का पुनरीक्षण होना चाहिए, लेकिन लंबे समय से इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। हमको महज 18 से 20 हजार रुपये मासिक स्टायपेंड मिल रहा है। इतने कम स्टायपेंड में हमारा गुजारा नहीं हो रहा है। पिछले कई माह से स्टायपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन इसे बढ़ाया नहीं गया है। पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टरों की मांग है कि उनका प्रतिमाह स्टाइपेंड बढ़ाया जाय। उनके अनुसार वेलोग प्रति दिन 12 से 18 घंटे तक काम करते हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें मात्र 20,000 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाता है। इस महंगाई में यह राशि काफी काफी कम है, इसलिए उनकी मांग है कि इसे बढ़ाकर 40,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए। जूनियर डॉक्टरों ने सरकार से मांग पूरी करने की अपील की है। बढ़ी मरीजों और परिजनों की परेशानी जूनियर डॉक्टरों के अचानक हड़ताल से दूसरे दिन भी ओपीडी सेवा पर काफी असर पड़ा। इलाज कराने आये मरीज और उनके परिजनों ने काफी नाराजगी दिखी। उनका कहना है कि प्रदर्शन कोई करे और खामियाजा हमलोगों को भुगतना पड़े, यह गलत है। हमलोगों काफी दूर से आए हैं लेकिन ओपीडी में डॉक्टर्स ही नहीं हैं।  

कृषि मंत्री शिवराज सिंह बोले- मप्र में 30 तालाबों का निर्माण, मछली पालन होगा प्रोत्साहित

  दतिया  दतिया में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान(Shivraj Singh Chouhan) ने कहा कि अत्याधुनिक पशु अस्पताल में यूपी और एमपी के किसानों के पशुओं का इलाज मिलेगा। उन्होंने कहा कि जलवायु के परिवर्तन से निपटने के लिए 14 और 15 सितंबर को पूसा में रबी कॉफ्रेंस आयोजित की जा रही है। उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते तापमान, अनियमित बारिश और पानी की कमी जैसी चुनौतियों से निपटने के उपाय किए जा रहे हैं। ऐसी किस्मे विकसित की जा रही हैं, जो बदलते जलवायु में अनुकूल हों और ऊंचे तापमान में भी बेहतर पैदावार दे। साथ ही भविष्य में संभावित बीमारियों से बचाव के लिए नई किस्मों पर काम चल रहा है। 30 तालाबों का निर्माण फिसरीज अस्पताल द्वारा परिसर में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए 30 तालाबों का निर्माण किया जाएगा। उधर तालाबों के निर्माण के साथ-साथ एक हेचरी की स्थापना भी की जा रही है। आगामी दिनों में मछली के बीज भी तैयार किए जाएंगे। जिससे किसान आर्थिक तौर पर सशक्त होंगे। वहीं कालेज में पढ़ने वाले छात्रों को भी मछली के प्रजनन की वैज्ञानिक प्रक्त्रिस्या को सीखने के लिए प्रायोगिक ज्ञान भी मिलेंगे। वन्य जीवों का भी होगा इलाज उधर पशुओं के एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, और ऑपरेशन की सुविधा के साथ-साथ वन्य जीवों का भी यहां इलाज हो सकेगा। वहीं शिवपुरी, श्योपुर, और पन्ना तक के वाइल्ड लाइफ और सेंचुरी में पाए जाने वाले शेर सहित अन्य वन्य जीवों का इलाज भी इस अस्पताल में किया जाएगा।