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कांग्रेस छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची जांच के लिए चलाएगी बड़ा अभियान

रायपुर  कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा शुरू किया गया ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ अभियान अब छत्तीसगढ़ में भी विस्तार लेगा। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपने जिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पत्र जारी कर 2023 के विधानसभा चुनाव की वोटर लिस्ट की जांच करने के निर्देश दिए हैं। राज्य के सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में वोटर लिस्ट की गहन जांच के लिए कार्यकर्ताओं और नेताओं को सक्रिय करने को कहा गया है, ताकि मतदाता सूची में किसी भी तरह की अनियमितता को उजागर किया जा सके। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने वोटर लिस्ट की जांच के लिए पांच प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए हैं। इनमें डुप्लीकेट मतदाता, फर्जी या अमान्य पते, एक ही पते पर असामान्य रूप से अधिक मतदाता, अमान्य तस्वीरें और फॉर्म 6 के दुरुपयोग की जांच शामिल है। इन बिंदुओं के आधार पर कार्यकर्ताओं को विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची का विश्लेषण करने और किसी भी गड़बड़ी की जानकारी प्रदेश कांग्रेस कमेटी को देने के लिए कहा गया है। राहुल गांधी के नेतृत्व में शुरू हुआ अभियान छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने बताया कि यह अभियान पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी के मार्गदर्शन में शुरू किया गया है, जिन्होंने कर्नाटक और महाराष्ट्र में वोट चोरी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ में भी मतदाता सूची में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे जांच में पाई गई अनियमितताओं को उजागर करें और इसकी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपें। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर साधा निशाना छत्तीसगढ़ कांग्रेस के इस अभियान पर राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह कदम उनकी हताशा और मति भ्रम को दर्शाता है। साव ने वोट चोरी के आरोप को लोकतंत्र, संविधान और जनता के निर्णय का अपमान बताया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासनकाल में बूथ कैप्चरिंग और वोट चोरी जैसी घटनाएं आम थीं, और अब अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए कांग्रेस इस तरह के निराधार आरोप लगा रही है।

बुधवार से तेज बारिश की संभावना, कई जिलों में गिर सकता है वज्रपात

पटना बिहार में मानसून एक्टिव है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने आज यानी बुधवार को राज्य के 24 जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है। बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद, अरवल, पटना, गया, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय, जहानाबाद में आज बारिश नहीं होने के आसार हैं। बाकी सभी जिलों में एक या दो स्थानों पर बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 28 अगस्त से एक सितंबर तक राज्य के सभी जिलों में कई स्थानों पर बारिश और वज्रपात के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 28 अगस्त से एक सितंबर तक बिहार के सभी जिलों में बारिश के आसार हैं। उत्तर पश्चिम बिहार, उत्तर मध्य बिहार, उत्तर पूर्व बिहार, दक्षिण पश्चिम बिहार, दक्षिण मध्य बिहार, दक्षिण पूर्व बिहार में एक या दो स्थानों पर बारिश के आसार है। 31 अगस्त और एक सितंबर को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, सारण, गोपालगंज, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद, अरवल, पटना, गया, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय, जहानाबाद में अनेक स्थानों पर बारिश के आसार हैं। इसके अलावा अन्य जिलों में कुछ स्थानों पर बारिश के आसार जताए गए हैं। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो मानसून की द्रोणिका अब गंगानगर, सिरसा, आगरा, बांदा, सीधी, संबलपुर से होकर ओडिश तट से दूर बंगाल की खाड़ी के उत्तर पश्चिम में निम्न दाब क्षेत्र के केंद्र तक और फिर दक्षिण पूर्व की ओर से बंगाल की खाड़ी के पूर्व मध्य तक पहुंचाती है। समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर तक फैली हुई है और ऊपर स्थित दो चक्रवाती परिसंचरणों से होकर गुजरती रहती है। पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल स्तरों पर एक द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। इसकी धुरी औसत समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर है।  यह देशांतर 70 डिग्री से अक्षांश 28 डिग्री उत्तर तक बना हुआ है। इस कारण अगले पांच दिनों तक राज्य से अधिकांश भागों में न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने की संभावना है।  

महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर सुरक्षा बलों का ऑपरेशन सफल, चार नक्सलियों का खात्मा

 गढ़चिरौली पूर्वी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में छत्तीसगढ़ सीमा के पास बुधवार सुबह पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में चार माओवादी मारे गए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर गढ़चिरौली पुलिस की सी-60 कमांडो टीम ने कोपरशी गाँव में तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई, जो अभी भी जारी है।

गौरव का पल: सुनीता ढुल राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 के लिए चुनी गईं

सोनीपत सोनीपत जिले के पीएमश्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मुरथल अड्डा की भूगोल और सामाजिक विज्ञान विषय की शिक्षिका सुनीता ढुल को इस वर्ष राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया है। वह पिछले 29 वर्षों से शिक्षा जगत में सक्रिय रहकर बच्चों का भविष्य संवार रही हैं। सुनीता ढुल रेडक्रॉस की राष्ट्रीय मास्टर ट्रेनर भी हैं और अब तक करीब 14 हजार विद्यार्थियों को 'फर्स्ट एड' और 'जीवन रक्षक कौशल' का प्रशिक्षण दे चुकी हैं। विद्यालय में उन्होंने पठन-पाठन का स्तर सुधारने के साथ बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में भी योगदान दिया। बच्चों को रचनात्मक बनाने और अनुशासन की आदत डालने के लिए उन्होंने टाइम टेबल प्रणाली लागू की, जिसका सभी विद्यार्थी पालन करते हैं। 2014 से वह स्कूलों में प्रदर्शनी आयोजित कर बच्चों का व्यावहारिक ज्ञान बढ़ा रही हैं। 2019 से स्टेट रिसोर्स ग्रुप और परमानेंट रिसोर्स ग्रुप की सदस्य रहते हुए सामूहिक और प्रयोगात्मक शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा दे रही हैं। वहीं, 2020 से एफएलएन संसाधन समूह के माध्यम से बच्चों को बेहतर सीखने की दिशा में मार्गदर्शन कर रही हैं। वह समय-समय पर शैक्षिक भ्रमण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर देती हैं।   पर्यावरण के लिए दे रही संदेश 2022 से सुनीता जिला सांस्कृतिक समन्वयक की भूमिका निभाते हुए सामाजिक, सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा दे रही हैं। साथ ही "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत बच्चों से पौधारोपण करवाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी फैला रही हैं। पति निजी कंपनी में हैं GM सुनीता ढुल के निजी जीवन में उनके पति पवन कुमार नोएडा में निजी कंपनी के जीएम हैं। सुनीता का बेटा अध्ययन ऑस्ट्रेलिया में कार्यरत है, जबकि बेटी वंशिका अशोका यूनिवर्सिटी से बीएससी (मनोविज्ञान ऑनर्स) की पढ़ाई कर रही है।

ओबीसी आरक्षण पर कल सर्वदलीय चर्चा, मोहन सरकार करेगी सभी दलों से विचार साझा

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर 28 अगस्त को सर्वदलीय बैठक आयोजित करने का फैसला किया है। इस बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से 27 प्रतिशत आरक्षण से जुड़े पहलुओं पर चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार, ओबीसी आरक्षण से संबंधित मामला सुप्रीम कोर्ट द्वारा टॉप ऑफ द बोर्ड को सौंपा गया है, जो 28 अगस्त के बाद प्रतिदिन इस पर निगरानी रखेगा और राज्य सरकार से प्रगति रिपोर्ट भी मांगेगा। ओबीसी आयोग के सर्वे के मुताबिक, प्रदेश की कुल आबादी में इस वर्ग की हिस्सेदारी लगभग 52 प्रतिशत है। लेकिन लगातार न्यायालय में चुनौती दिए जाने के कारण भर्ती व अन्य प्रक्रियाओं में इसका पूर्ण लाभ नहीं मिल पा रहा। अब सरकार सभी दलों से सुझाव लेकर ओबीसी की हिस्सेदारी के प्रतिशत पर स्पष्ट नीति तय करेगी और उसी आधार पर रिपोर्ट बोर्ड को सौंपी जाएगी। आरक्षण मुद्दे पर गरमाई राजनीति ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर दोनों प्रमुख दल खुद को श्रेय देने की कोशिश कर रहे हैं। अब सर्वदलीय बैठक को लेकर भी राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस विधायक और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का आरोप है कि पिछले छह वर्षों से शिवराज सिंह चौहान और मौजूदा मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार की वजह से ओबीसी वर्ग 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं पा सका। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कमलनाथ सरकार के समय विधानसभा में अध्यादेश लाकर ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया था, जो बाद में कानून भी बन गया, लेकिन उसका क्रियान्वयन अब तक नहीं हो पाया। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री स्वयं ओबीसी आरक्षण देने की प्रतिबद्धता जता रहे हैं, तो फिर सर्वदलीय बैठक बुलाने की आवश्यकता क्यों है। पार्टी का कहना है कि सरकार को अब और विलंब न करते हुए दो दिनों के भीतर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर मामला वापस लेना चाहिए, ताकि ओबीसी वर्ग को उनका हक मिल सके।

योगी सरकार का फैसला, यूपी पुलिस के चार आईपीएस अफसर बदले गए

लखनऊ  यूपी पुलिस में बुधवार को फिर फेरबदल किया गया। योगी सरकार ने चार आईपीएस अफसरों का तबादला कर दिया। 1996 बैच के आईपीएस अफसर विजय सिंह मीना को अपर पुलिस निदेशक विशेष जांच लखनऊ से अपर निदेशक पीटीसी सीतापुर बनाया गया है। वहीं आईपीएस आरआर 2006 बैच के आकाश कुलहरि पुलिस महानिरीक्षक लोक शिकायत लखनऊ को पुलिस महानिरीक्षक झांसी पर क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। आईपीएस आरआर 2009 बैच के केशव कुमार चौधरी पुलिस महानिरीक्षक झांसी परिक्षेत्र को अपर पुलिस आयुक्त गाजियाबाद बनाया गया है।आईपीएस आरआर 2010 बैच के कल्पना सक्सेना अपर पुलिस आयुक्त गाजियाबाद को पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ बनाया गया है। वहीं इससे पहले मंगलवार को योगी सरकार ने पुलिस विभाग में पांच फेरबदल किया था। सरकार ने आईपीएस अफसरों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया था जबकि एडीजी प्रशासन प्रशांत कुमार द्वितीय को एडीजी पुलिस मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार दिया। फेरबदल में यूपी पॉवर कारपोरेशन के डीजी एमके बशाल को होमगार्ड विभाग का डीजी बनाया गया। इसी तरह सीतापुर पीटीसी के एडीजी जयनारायण सिंह को एडीजी पॉवर कारपोरेशन बनाया गया। आईजी पीएसी लखनऊ उपेन्द्र कुमार अग्रवाल को आईजी अभिसूचना मुख्यालय की जिम्मेदारी मिली। प्रतीक्षा में चल रहे डीआईजी सतेन्द्र कुमार को डीआईजी पीएसी अनुभाग आगरा बनाया गया। उपेन्द्र कुमार अग्रवाल का पिछले कुछ समय में यह चौथा तबादला किया गया। आपको बता दें कि इससे पहले जुलाई के आखिरी हफ्ते में योगी सरकार ने 10 जिलों के जिलाधिकारी समेत 23 आईएएस अफसरों का तबादला किया था। इस दौरान कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई थी।  

थानेदार का विवादित प्रहार बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर, भड़की प्रतिक्रिया

महाराजगंज  यूपी के महाराजगंज के कोठीभार थाने में बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर भड़के थानेदार धर्मेंद्र सिंह का गुस्सा इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। बजरंग दल कार्यकर्ताओं के साथ नोकझोंक के दौरान उनका एक कथित वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे कहते सुने जा रहे हैं-‘ऐसी नौकरी की ऐसी की तैसी करता हूं, इस्तीफा देकर चला जाऊंगा। दो मिनट लगेगा सबको सही करने में।’ हालांकि मीडिया वायरल हो रहे वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। मिली जानकारी के अनुसार यह विवाद कोठीभार थाना क्षेत्र के ग्राम बिसोखोर के एक मंदिर से जुड़ा है। जहां हर तीन साल पर धार्मिक कथा और पूजा-पाठ का आयोजन होता है। मंगलवार को आयोजन के लिए चंदा जुटाने के दौरान गांव में विवाद हुआ था। इसी को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ता थाने पहुंचे और ईसाई मिशनरियों पर हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। इस दौरान कार्यकर्ताओं और थानेदार धर्मेंद्र सिंह के बीच तीखी बहस हो गई। बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने पर थानेदार गुस्से में आ गए और उन्होंने नौकरी छोड़ने तक की बात कह डाली। वीडियो में पुलिसकर्मी कार्यकर्ताओं को थाने से बाहर निकालते हुए भी नजर आ रहे हैं। घटना के बाद वीडियो वायरल हो गया है और इलाके में खूब चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, ग्रामीणों ने भी इस मामले में तहरीर देकर पूजा-पाठ में बाधा डालने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। थाने से बाहर निकलने के बाद बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने थानेदार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने क्षेत्र में धर्मांतरण होने का आरोप लगाया और कार्रवाई की मांग की। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि धर्मांतरण कराने वालों पर कार्रवाई की बजाए पुलिस उल्टे उन पर ही दबाव बना रही है। वहीं पुलिस कर्मियों का कहना है कि थाने में कार्यकर्ताओं ने जिस तरह के व्यवहार का प्रदर्शन किया वो कहीं से भी उचित नहीं था। बताया जा रहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने धर्मांतरण के कुछ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है।  

भारी बारिश के चलते 18 ट्रेनें कैंसिल, रेलवे ने जारी की लिस्ट

हरियाणा  हरियाणा में लगातार बारिश जारी है। प्रदेश के आठ जिलों अंबाला, सोनीपत, पानीपत, रोहतक, हिसार, भिवानी, नारनौल और चरखी दादरी में दिनभर रुक-रुककर तेज बारिश होती रही। इसके चलते आम जनजीवन प्रभावित हुआ। दूसरी ओर भारी बारिश के चलते रेलवे ने 18 ट्रेनों को रद्द कर दिया है।  जानकारी के अनुसार, पंजाब के पठानकोट और हिमाचल प्रदेश के कंदरोड़ी रेलवे ट्रैक पर बना चक्कर पुल बारिश में क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके चलते कई मार्गों पर ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा है। इसके अलावा, जम्मू तवी से श्री वैष्णो देवी कटरा स्टेशन और जम्मू तवी से बड़ी ब्राह्मणा डाउन लाइन पर भी बाढ़ का पानी भर गया है। रेलवे ने अगले आदेश तक इन सभी ट्रेनों के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। 

बाढ़ की आशंका पर प्रशासन अलर्ट, प्रिंसिपल और हेडमास्टर्स को मिले नए दिशा-निर्देश

लुधियाना  पिछले कुछ दिनों से लगातार कहर बरसा रहा रावी दरिया अपनी हदें पार कर गया है। पंजाब के गुरदासपुर, पठानकोट जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इन हालातों से जूझने के लिए डी.ई.ओ. गुरदासपुर ने जिले के डी.एम.ओ., प्रिंसिपल, हेडमास्टर्स, मिडल स्कूल इंचार्ज को एक संदेश जारी किया है। उन्होंने अपील की है जिन स्कूलों में राहत केंद्र बने हैं वहां शिक्षा विभाग की ओर से डटकर मदद करनी चाहिए।   उन्होंने कहा कि उक्त सभी इंचार्जों को अपने स्टाफ की दो घंटे की ड्यूटी लगाई जाए तो कोई फर्क नहीं पड़ता है। उन्होंने कहा कि परमात्मा ने हमें जीवन दिया है तो इंसान होने के नाते किसी के काम आना चाहिए। अगर स्कूल में किसी को रात रहना या किसी के गांव में पानी भर गया है तो उनकी मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रिंसिपल, हेडमास्टर्स यानी शिक्षा विभाग से संबंधित सभी को डटकर सामने आना चाहिए। दीनानगर साइड बहुत पानी है। डी.ई.ओ. गुरदासपुर ने कहा कि उन्हें प्रशासन की चिट्ठी के इंतजार में नहीं रहना चाहिए। बिना कहे इंसान होने के नाते मदद कर सकते हैं। शिक्षा विभाग से निवेदन है कि बच्चों को ऑनलाइन काम देना है तो उनके व्हाट्स ग्रुप बने हुए हैं उनके व्हाट्स ग्रुप से जुड़े। गौरतलब है कि पंजाब में हालात यह बन गए हैं कि धुस्सी बांध कई जगहों से टूट गया है और कई जगह रावी दरिया का पानी धुस्सी के ऊपर से होकर गांवों तक पहुंच गया है।  सीमा के पास के गांवों में हालात बद से बदतर हो गए हैं और लोगों के घरों में पानी भर गया है। गुरदासपुर और पठानकोट जिले में माधोपुर से शुरू होता यह कहर आगे रावी के पास के गांवों में बड़ा नुकसान कर रहा है। 

पितृपक्ष मेला गया : श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधाएं, प्रशासन ने शुरू की तैयारी

गयाजी गयाजी में पितृपक्ष मेले के आयोजन को लेकर सरकारी तैयारी शुरू हो गई हैं। पितरों को मोक्ष दिलाने का महापर्व पितृपक्ष मेला- 2025 दस दिनों के बाद शुरू होगा। एक पखवाड़े तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध मेला का उद्घाटन 6 सितंबर को होगा। गयाजी के विष्णु नगरी में मेला के दौरान देश के अलग-अलग राज्यों से पिंडदानियों का आना शुरू हो जाएगा। 6 सितंबर गया जी में गोदावरी तालाब या पटना जिले के पुनपुन नदी से पिंडदान शुरू होगा। विष्णु नगरी में मुख्य रूप से 7 सितंबर को फल्गु नदी में स्नान और तर्पण के साथ त्रिपाक्षिक गया श्राद्ध शुरू होगा। जो 22 सितंबर को गायत्री घाट पर मातामाह श्राद्ध के साथ समाप्त होगा। साथ ही पिंडदान से लेकर तीर्थ यात्रियों के लिए प्रशासन द्वारा की जानें वाली सुविधाओं के बारे में भी आपको बता रहे हैं। इन तारीखों में पिंडदान 06 सितंबर            पुनपुन या गोदावरी श्राद्ध। 07 सितंबर            फल्गु श्राद्ध। 08 सितंबर            ब्रह्मकुंड, प्रेतशिला, रामकुंड, रामशिला, कागबलि श्राद्ध। 09 सितंबर            उत्तर मानस, उदिची, कनखल, दक्षिण मानस, जिह्वालोल। 10 सितंबर            बोधगया के मातंगवापी, धर्मारण्य और सरस्वती।   11 सितंबर            ब्रह्मसत, कागवलि, आम्रसचेन। 12 से 14 सितंबर        विष्णुपद, सोलह वेदी। 15 सितंबर            सीताकुंड और रामगया। 16 सितंबर            गयासिर और गया कूप। 17 सितंबर            मुंडपृष्ठा, आदि गया, धौतपद। 18 सितंबर            भीमगया, गो प्रचार, गदालोल। 19 सितंबर            फल्गु में दूध तर्पण व पितरों की दीपावली। 20 सितंबर            वैतरणी श्राद्ध, गौदान। 21 सितंबर            अक्षयवट, शैय्या दान, सुफल। 22 सितंबर            गायत्री घाट, मातामाह श्राद्ध व आचार्य विदाई। कुंभ की तर्ज पर होगी मेले की सफाई पितृपक्ष मेले को यादगार पल बनाने के लिए जिला प्रशासन के साथ-साथ निगम प्रशासन ने भी कमान संभाल लिया है। कुंभ की तर्ज पर विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले में साफ सफाई की व्यवस्था होगी। इस दौरान सफाई  के लिए तीन एजेंसियों को जिम्मेदारी दी गई है। निजी आवास और धर्मशाला में ठहरने से पहले होगी जांच गयाजी के डीएम शशांक शुभंकर ने बताया कि पितृपक्ष मेला के दौरान श्रद्धालुओं को घरों में ठहरने के लिए 134 और निजी धर्मशाला की तरफ से 525 आवेदन मिले हैं। उन्होंने बताया कि लाइसेंस देने से पहले इसका भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। सभी मानकों की जांच के बाद ही लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। मेले में निगम करेगी 12 करोड़ रुपये खर्च राजकीय पितृपक्ष मेला की तैयारी पर गया जी नगर निगम 12 करोड़ रुपये खर्च करेगी। जिसमें पेयजल, रोड, नाली, ढक्कन, रंग रोगन, साफ सफाई समेत विभिन्न बुनियादी जरूरत पर खर्च करेगी। खुला कंट्रोल रूम मिलेगी सुविधाएं पितृपक्ष मेला के दौरान देश-विदेश से आने वाले पिंडदानियों की सुविधाओं को लेकर डीएम शशांक शुभंकर द्वारा विष्णुपद मंदिर के समीप स्थित संवाद सदन कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। पितृपक्ष मेला में आने वाले तीर्थ यात्रियों को महत्वपूर्ण जानकारी तथा सुविधाओं से संबंधित भी जानकारी उपलब्ध कराया जाएगा। नियंत्रण कक्ष 24 घंटे कार्यरत रखा जाएगा। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए फोन नंबर 92666 28168, 0631-2222500 और 0631-2222253/59 जारी किया गया है। टेंट सिटी में तीर्थ यात्रियों को निःशुल्क ठहरने की सुविधा पितृपक्ष मेला में आने वाले तीर्थ यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा टेंट सिटी का निर्माण कराया जा रहा है। जो गया जी के गांधी मैदान में 25 सौ क्षमता वाली टेंट सिटी बनाया जा रहा है। जहां तीर्थ यात्रियों को ठहरने के लिए निशुल्क दिया जाएगा। वहीं उक्त टेंट सिटी में शुद्ध पेयजल, शौचालय, स्नानगृह और बिजली की व्यवस्था होगी। साथी तीर्थ यात्रियों के मनोरंजन के लिए जगह-जगह एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी। अधिकारियों ने संभाली मेले की कमान पितृपक्ष मेला 2025 को यादगार पल बनाने के लिए प्रमंडलीय आयुक्त डॉ. सफीना एएन, आईजी छात्रनील सिंह, डीएम शशांक शुभंकर और नगर आयुक्त कुमार अनुराग समेत अन्य आलाधिकारियों ने मेला की कमान संभाल लिया है। प्रतिदिन जिला के अधिकारी मेल क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। ताकि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े।