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सीएम साय ने की स्वच्छता दीदियों की सराहना, कहा – राष्ट्र निर्माण में दे रहीं योगदान

  रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देश को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने में हमारी स्वच्छता दीदियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है, जिन्होंने निष्ठा, परिश्रम और सेवा-भावना के साथ समाज को नई दिशा दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज जशपुर जिले के ग्राम बगिया में आयोजित सम्मान समारोह में स्वच्छता दीदियों को साड़ी, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जशपुर एक प्राकृतिक रूप से समृद्ध और सुंदर जिला है, लेकिन पहले जब वे गांवों का दौरा करते थे, तो सड़कों के किनारे फैला कचरा गांवों और नगरों की सुंदरता को धूमिल कर देता था। इस स्थिति को बदलने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत कर इसे राष्ट्रीय जनआंदोलन में परिवर्तित किया। उन्होंने स्वयं झाड़ू उठाकर लोगों को प्रेरित किया और गांव-गांव, शहर-शहर स्वच्छता की अलख जगाई। उन्होंने हर नागरिक को स्वच्छ और सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार दिलाने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान में हमारी स्वच्छता दीदियों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उनके अथक परिश्रम और समर्पण का ही परिणाम है कि आज जशपुर जिले ने स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। वे वास्तव में सम्मान की पात्र हैं, क्योंकि उन्होंने हमें स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्रदान करने में अमूल्य योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने घर, मोहल्ले, चौराहे, मंदिर और सार्वजनिक स्थलों की सफाई को अपना कर्तव्य मानें और स्वच्छता को अपनी आदत में शामिल करें। उल्लेखनीय है कि आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शहरी स्वच्छता सुधारों के मूल्यांकन और प्रोत्साहन हेतु स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U) के अंतर्गत 4,589 शहरों को शामिल किया गया था। इस राष्ट्रीय सर्वेक्षण में जशपुर जिले के नगरीय निकायों ने अभूतपूर्व प्रदर्शन कर देश भर में अपना परचम लहराया है।इसमें जशपुरनगर ने 20,000 से 50,000 की जनसंख्या वर्ग में पूरे देश में 10वां स्थान प्राप्त किया है, जो कि 2023 की 505वीं रैंकिंग से एक लंबी छलांग है। इसी वर्ग में नगर पंचायत कुनकुरी ने 13वां रैंक, नगर पंचायत पत्थलगांव ने 30वां रैंक, नगर पंचायत बगीचा ने 51वां रैंक, और नगर पंचायत कोतबा ने 64वां रैंक हासिल किया है। यह असाधारण उपलब्धि स्वच्छता दीदियों के परिश्रम और प्रशासनिक टीम के समन्वित प्रयास का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगरीय निकायों द्वारा योजनाबद्ध रूप से कई कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें बी.टी. रोड निर्माण, रोड मार्किंग, सामुदायिक शौचालयों का उन्नयन, चौक-चौराहों का सौंदर्यीकरण, वॉल पेंटिंग, वेस्ट मैटेरियल से पार्कों का निर्माण, कम्पोस्टिंग शेड और रिसाइक्लिंग सेंटर की स्थापना, फुटपाथों पर पेवर ब्लॉक लगाना, साइनेज आदि प्रमुख हैं। लेकिन इन प्रयासों की आत्मा बनी हैं वे स्वच्छता दीदियाँ, जो हर गली, मोहल्ले में जाकर डोर टू डोर कचरा संग्रहण जैसे श्रमसाध्य कार्यों को अंजाम देती हैं। इस अवसर पर जशपुर विधायक रायमुनी भगत ने सभी स्वच्छता दीदियों, नगरीय निकायों के अधिकारियों और नागरिकों को इस उपलब्धि पर बधाई दी। सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि स्वच्छता दीदियाँ वह कार्य कर रही हैं जो पहले समाज में उपेक्षित था। उन्होंने कहा कि कभी स्वच्छता के प्रति लोगों में चेतना नहीं थी, लेकिन स्वच्छ भारत अभियान के तहत दीदियों ने लोगों को न केवल जागरूक किया, बल्कि व्यवहार परिवर्तन भी सुनिश्चित किया, जिससे जशपुर को यह गौरव प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष  सालिक साय, उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर रोहित व्यास, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

फतेहपुर विवाद: दिव्यांग के घर गिराने पर SDM पर गिरी गाज, सरकार ने किया सस्पेंड

फतेहपुर यूपी में फतेहपुर में दलित दिव्यांग परिवार का घर बुलडोजर से गिराने के मामले में कानूनगो जितेन्द्र सिंह और ट्रेनी लेखपाल पर ऐक्शन के बाद अब एसडीएम अर्चना अग्निहोत्री को भी सस्पेंड कर दिया। वह निलंबित रहने तक राजस्व परिषद से संबंध रहेंगी। उनके खिलाफ जांच लखनऊ कमिश्नर को दी गई है। नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव एम. देवराज ने गुरुवार को यह आदेश जारी किया। आरोप हैं अर्चना ने मौके पर जाकर निरीक्षण नहीं किया और अपने पद के दायित्वों का शिथिलतापूर्वक पालन किया। अर्चना अग्निहोत्री के निलंबन के बाद महकमे में सनसनी फैल गई। ऐसा माना जा रहा है कि मामले में संलिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी जल्द कार्रवाई संभव है। बता दें कि बरमतपुर प्रकरण को लेते हुए शासन ने कडी कार्रवाई करने का भरोसा दिया था। डीएम स्तर पर कानून गो जितेन्द्र सिंह और ट्रेनी लेखपाल आराधना देवी के निलंबन के बाद से मामले में अफसरों व अन्य कर्मचारियों पर कार्रवाई होने की बात सामने आ रही थी। खास कर टीम गठित करने वाले तहसीलदार समेत उसमें शामिल अधिकारी कर्मचारी राडार पर थे। खास कर सदर एसडीएम व तहसीलदार पर कार्रवाई की तलवार लटक रही थी। एसडीएम के बाद अब तहसीलदार व अन्य लेखपाल जद में आ सकते है। वहीं नायब तहसीलदार कांधी के खिलाफ राजस्व परिषद को हुई लिखापढ़ी पर भी जल्द कार्रवाई का आदेश आने की उम्मीद है। वहीं विधायक जयकुमार जैकी का कहना है कि दलित परिवार को बेघर करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सूबे में मिशाल बनेगी। शासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। प्रकरण में ढहाने का आदेश देने वाले अफसर भी खुद को बचा नहीं पाएंगे। दिया भरोसा हम साथ हैं: ब्लाक प्रमुख गुरुवार को अमौली ब्लाक प्रमुख सुशीला देवी बरमतपुर गांव पहुंच पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने ढहाए गए घर और मलबे के नीचे दबी गृहस्थी को देखते हुए अफसरों की कार्रवाई की निंदा की। पी़ड़ितों को भरोसा दिया कि वह मुसीबत की घड़ी में परिवार के साथ है। उन्होंने परिवार को राशन सामग्री समेत जरूरत का सामान सौंपते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने का भरोसा दिया।

रामदेवरा मेला: सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन अलर्ट, अफसरों ने किया निरीक्षण

जैसलमेर आगामी रामदेवरा मेले की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। बुधवार को जिला कलेक्टर प्रताप सिंह नाथावत और जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने रामदेवरा स्थित विख्यात बाबा रामदेव मंदिर परिसर का दौरा कर पूर्व सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान मेला समिति, प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर और एसपी ने रामसरोवर तालाब, जिगजेग रूट और कस्बे का पैदल भ्रमण कर श्रद्धालुओं के लिए बनाई जा रही सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने पिछले पांच वर्षों के दौरान सामने आई समस्याओं और चुनौतियों पर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि इस बार किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए। एसपी अभिषेक शिवहरे ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खुद मैदान में उतरते हुए रामदेवरा कस्बे की प्रमुख गलियों और मंदिर क्षेत्र में ड्रोन और सीसीटीवी निगरानी की संभावनाएं टटोलीं। अधिकारियों से विचार विमर्श कर श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होने बाबत आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। मेले में जेब कतरे एंव चोरी आदि के कुछ दल सक्रिय हो जाते हैं उनकी धरपकड़ एवं उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई हेतु विशेष दिशा निर्देश दिए गए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए, साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था, पार्किंग और भीड़ नियंत्रण के लिए भी ठोस रणनीति बनाई जाए। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक के साथ सीओ रामदेवरा, थानाधिकारी, सरपंच, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि और पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक ने मेले के दौरान हर संवेदनशील बिंदु पर अतिरिक्त फोर्स तैनात करने और जरूरी पुलिस संसाधनों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए।

मिशन अंकुर का दो वर्षीय सफर पूर्ण, प्रदेश में हरियाली अभियान को मिली रफ्तार

प्रारंभिक कक्षाओं में शैक्षिक प्रगति के अनुभवों और उपलब्धियों पर हुई चर्चा भोपाल  मध्यप्रदेश में बुनियादी साक्षरता और संख्‍या ज्ञान के लिए संचालित मिशन अं‍कुर कार्यक्रम के कुशल संचालन के लिए अगस्त-2023 से जिलों में कार्यरत निपुण प्रोफेशनल्स फैलोज़ का विदाई समारोह शुक्रवार को भोपाल के राज्य शिक्षा केन्द्र में आयोजित हुआ। संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र हरजिन्‍दर सिंह ने विगत दो वर्षों में एफएलएन फैलोज़ द्वारा जिलों में किये गये कार्यों के लिये धन्यवाद दिया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। प्रदेश में स्‍कूल शिक्षा विभाग की सहयोगी संस्‍था सेंट्रल स्‍क्‍वायर फांउडेशन के साथ विभाग ने देश दुनिया के उत्‍कृष्‍ट शैक्षिक संस्‍थानों से शिक्षित उर्जावान युवाओं को टीआईएसएस मुंबई के सहयोग से प्रदेश के विभिन्‍न जिलों में मिशन अंकुर के कुशल संचालन के लिए तैनात किया था। इन युवा निपुण प्रोफेशनल्स ने पिछले दो वर्षों में ज़िलों में अधिकारियों तथा शिक्षकों के साथ मिलकर कक्षा 1, 2 और 3 के बच्चों के लिए बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। निपुण प्रोफेशनल्स का मध्यप्रदेश के ज़िलों में दो वर्षीय कार्यकाल 31 जुलाई 2025 को पूरा हो रहा है। संचालक राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र ने इन युवाओं द्वारा प्रदेश के नौनिहालों की शैक्षिक नींव को मजबूती प्रदान करने और किये गये कार्यों के लिये इन्‍हें प्रमाण-पत्र और स्मृति-चिन्ह भेंट किये। कार्यक्रम में 52 जिलों में कार्यरत सभी निपुण प्रोफ़ेशनल्स के साथ ही सहयोगी संस्‍थाओं सेंट्रल स्‍क्‍वायर फाउंडेशन की वरिष्‍ठ परियोजना लीडर सुविशाखा तिवारी और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में अपर संचालक राजीव तोमर ने मिशन अंकुर के बारे में जानकारी दी।  

इंसानियत की ड्यूटी पर तैनात जवान: समय पर इलाज दिलाकर बचाई जान

बीजापुर नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात जवान केवल सुरक्षा की ड्यूटी नहीं निभा रहे, बल्कि मानवता की मिसाल भी पेश कर रहे हैं. बीजापुर और तेलंगाना के बॉर्डर पर बसे कर्रेगुट्टा के पटेल पारा से एक ऐसी ही खबर सामने आई है, जिसने सबका दिल जीत लिया. जानकारी के मुताबिक, पटेल पारा के एक ग्रामीण की अचानक तबीयत गंभीर हो गई. हालात बिगड़ते देख परिजन और ग्रामीण घबराए हुए थे. तत्काल ग्रामीणों ने इसकी सूचना पास के सुरक्षा बल के जवानों को दी. जवानों ने बिना देर किए ग्रामीण को चार पहिया वाहन में बैठाया और ट्रैक्टर के माध्यम से कठिन रास्तों से होते हुए अपने कैम्प तक पहुंचाया. वहाँ समय पर इलाज मिलने से ग्रामीण की जान बच गई. अब उस ग्रामीण की हालत पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर बताई जा रही है. इस मानवीय पहल के बाद गाँव के लोग जवानों के प्रति आभार जता रहे हैं और कह रहे हैं कि ये सुरक्षाकर्मी केवल नक्सलियों से ही नहीं लड़ते, बल्कि हमारी जिंदगी की रक्षा भी करते हैं.

बहुदिव्यांग बालिकाओं ने राजभवन का किया भ्रमण

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जीवन में सफलता और आगे बढ़ने के लिए निरंतर सीखते रहना चाहिए। राज्यपाल बहुदिव्यांग बालिकाओं से उनके शिक्षकों के माध्यम से राजभवन के सभा कक्ष जवाहर खण्ड में आत्मीय चर्चा कर रहे थे। राज्यपाल पटेल से सौजन्य भेंट करने के लिए आनंद सर्विस सोसायटी की मूकबधिर बहुदिव्यांग बालिकाएं शुक्रवार को इंदौर से राजभवन आईं थीं। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता भी मौजूद थे। निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दिव्यांग बालिकाओं से उनके मार्ग दर्शकों के माध्यम से परिचय प्राप्त किया। उनके जीवन की कठिनाईयों और सफलताओं को जाना। उनको निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। दिव्यांग बालिकाओं के साथ बालिका सुगुरदीप कौर वासु के संघर्ष और सफलता की कहानी पर आधारित वीडियो फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। उन्होंने दिव्यांग बालिकाओं और शिक्षकों के साथ सह-भोज भी किया। राजभवन भ्रमण के अनुभव किए साझा राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सभी बालिकाओं से राजभवन भ्रमण के अनुभव जाने और सामूहिक चित्र भी खिंचवाया। बालिकाओं ने सांकेतिक भाषा में ऐतिहासिक राजभवन परिसर और विशेष रूप से आर्ट गैलेरी भ्रमण के सुखद अनुभव साझा किए। उन्होंने राज्यपाल के प्रति मुलाकात, सह-भोज करने और राजभवन भ्रमण का अवसर देने के लिए आत्मीय आभार जताया।  राज्यपाल को स्व-रचित कलाकृतियां की भेंट राज्यपाल मंगुभाई पटेल से भेंट के अवसर पर मूकबधिर बहुदिव्यांग बालिका सुदिव्या गोले और वैष्णवी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। उन्हें सुकिरण विश्वकर्मा और अन्य बालिकाओं ने स्वयं द्वारा सृजित पैंटिंग और कलाकृतियां भेंट की। राज्यपाल ने देखी बहुदिव्यांग गुरदीप पर बनी फिल्म राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बालिकाओं के साथ मध्यप्रदेश वाणिज्य कर विभाग में कार्यरत मूकबधिर बहुदिव्यांग शासकीय सेवक सुगुरदीप के जीवन और संघर्षों पर आधारित लघु फिल्म को देखा। उन्होंने उपस्थित बालिकाओं से गुरदीप के जीवन के संघर्षों और सफलताओं से प्रेरणा लेने और निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने गुरदीप के परिजनों, संस्था के शिक्षकों और प्रतिनिधियों के समर्पण की प्रशंसा की। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, संस्था की को-फाउंडर और संचालक श्रीमती मोनिका पुरोहित, सचिव ज्ञानेन्द्र पुरोहित, गुरदीप की माताजी श्रीमती सीमा मंजीत कौर, शिक्षिका श्रीमती मृणालिनी शर्मा और बालिकाएं उपस्थित रही।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमीदिया अस्तपताल में सीटी स्कैन एवं एमआरआई मशीन का किया लोकार्पण

स्वस्थ प्रदेश से ही बनाएंगे समृद्ध प्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुलभ, सस्ती और गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमीदिया अस्तपताल में सीटी स्कैन एवं एमआरआई मशीन का किया लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नर की सेवा में ही नारायण की सेवा है। प्रदेश के नागरिकों के स्वास्थ्य की देखभाल हमारी सरकार की जिम्मेदारी है। स्वस्थ प्रदेश के जरिए ही हम मध्यप्रदेश को समृद्ध प्रदेश बनाएंगे। उन्होंने कहा कि नागरिकों को सहज, सुलभ, सस्ती, तत्परतापूर्ण और गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना ही सरकार की प्राथमिकता है। गरीब कल्याण के संकल्प की सिद्धि के लिए हम वचनबद्ध होकर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन मशीनों का लोकार्पण हुआ है, यह हमारे लिए सिर्फ मशीनों का नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और अपने वचनों के प्रति समर्पण भाव का भी विस्तार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को शासकीय गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल से सम्बद्ध हमीदिया अस्पताल में नव स्थापित सीटी स्कैन एवं एमआरआई मशीन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा इन मशीनों के लोकार्पण से प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय चिकित्सालय को चिकित्सा जांच की अत्याधुनिक सुविधा स्थायी रूप से उपलब्ध हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ती जा रही हैं। हमीदिया अस्पताल में नई एमआरआई मशीन का लोकार्पण हुआ है। यह कष्ट के समय में जीवनदान के समान है। इससे जांच में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी शासकीय अस्पतालों में आधुनिक मशीनों द्वारा मरीजों की जांच के लिए कार्य कर रही है। सभी अस्पतालों में मरीजों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। यह नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति सरकार की सजगता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मध्यप्रदेश में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेजों के साथ अस्पताल भी शुरू किए जा रहे हैं। देश में अपनी तरह का यह पहला मॉडल है, जहां मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए इच्छुक निवेशकों/संस्थाओं को 25 एकड़ जमीन मात्र एक रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक प्रदेश में 4 मेडिकल कॉलेजों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। राज्य सरकार सभी क्षेत्रों में विकास के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों को उच्च स्तरीय जांच सुविधाओं और आधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है ताकि आमजन को सस्ती, सुलभ और समुचित स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकें। उन्होंने बताया कि शासकीय गांधी चिकित्सालय महाविद्याय और हमीदिया अस्पताल अपनी वर्षों पुरानी साख और सेवाभाव के साथ अब नई तकनीकों से भी सुसज्जित हो गया है। सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन की स्थापना से मरीजों को जटिल स्वास्थ्य जांचों के लिए अब कहीं और भटकने की आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गंभीर मरीजों के लिए सरकार ने एयर एंबुलेंस और हेली सेवा की भी शुरुआत की है, जिससे कई मरीजों को समय पर चिकित्सा उपलब्ध करवाकर उनकी जीवन रक्षा संभव हो सकी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार केवल नीतियों के निर्माण से नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन से ही आता है और यह कार्य राज्य सरकार द्वारा दृढ़ संकल्प के साथ किया जा रहा है। प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में दिनों-दिन बढ़ रही है क्षमता और गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमीदिया अस्पताल में स्थापित अत्याधुनिक सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन के लोकार्पण से यहां रोजाना लगभग 2 हज़ार ओपीडी (बाहरी) और 1500 आईपीडी (आंतरिक) मरीज लाभान्वित होंगे। इससे गरीब भाई-बहनों को बड़ी सुविधा मिल गई है। अब वे भी महंगे टेस्ट और उपचार करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 17 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। उज्जैन में प्रदेश की पहली मेडिसिटी एवं मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन सहित विक्रम उद्योगपुरी में देश का सबसे बड़ा मेडिकल डिवाइस पार्क भी बन रहा है। प्रदेश के 50 जिला और 3 सिविल अस्पतालों में सीटी स्कैन सेवाएं मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि एमबीबीएस की 2,575 और पीजी की 1,357 सीटें शासकीय कॉलेजों में उपलब्ध हैं। प्रदेश में वर्तमान में शासकीय और निजी मिलाकर कुल 40 मेडिकल कॉलेज, 308 नर्सिंग कॉलेज और 800 हेल्थ वेलनेस सेंटर संचालित हैं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश में अब तक 4 करोड़ 37 लाख से अधिक आयुष्मान निरामयम् कार्ड बनाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल किसी व्यक्ति को एक घंटे के भीतर निकटतम अस्पताल पहुंचाकर उसके प्राण बचाने में योगदान देने वाले व्यक्ति को सरकार राहवीर योजना के तहत 25 हजार रुपये देगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने देहदान और अंगदान करने वालों को सम्मानित करने का निर्णय भी लिया है। इस अवसर खेल एवं युवक कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, विधायक रामेश्वर शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, जीएमसी डीन डॉ. कविता सिंह, सहित चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, मेडिकल कॉलेज के सभी डॉक्टर्स और जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।  

उच्च शिक्षा मंत्री परमार की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक हुई

भोपाल  उच्च्‍ा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में विभाग के उल्लेखनीय कार्य, महाविद्यालयों में शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, पदपूर्ति एवं कक्षाओं का संचालन, महाविद्यालय के भवनों की स्थिति, नवीन महाविद्यालय की स्थिति, महाविद्यालय में पुस्तकालय और लैब की स्थिति की समीक्षा की गयी। बैठक में अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

टीटी नगर में ‘मकान बिकाऊ’ पोस्टरों से हड़कंप, हिंदू परिवारों के पलायन की आशंका पर प्रशासन सतर्क

भोपाल   मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। भोपाल के टीटी नगर थाना इलाके में रहने वाले हिंदू परिवार पलायन करने को मजबूर हैं। इन हिंदू परिवारों ने अपने-अपने घरों के बाहर पोस्टर लगाए हैं जिनमें उन्होंने मुस्लिम वर्ग के लोगों की प्रताड़ना से परेशान होकर मकान बेचने की बात लिखी है। हिंदू परिवारों के द्वारा घर के बाहर ये पोस्टर लगाए जाने से हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन किया। 'मुस्लिमों से परेशान होकर मकान बेचना है..' भोपाल शहर के टीटी नगर थाना इलाके की बाणगंगा बस्ती में रहने वाले परिवारों ने अपने घरों के बाहर मकान बेचने के पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टर में उन्होंने लिखा है कि मुस्लिम वर्ग के लोगों की प्रताड़ना से तंग आकर वो अपना मकान बेचना चाहते हैं। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि आए दिन होने वाली परेशानियों और बदमाशों के आतंक से वो परेशान हो चुके हैं। बीती रात भी मुस्लिम वर्ग के कुछ असामाजिक तत्वों ने जमकर आतंक मचाया जिसके कारण वो अपने घरों में भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हिंदू संगठनों ने किया प्रदर्शन बाणगंगा बस्ती से हिंदू परिवारों के पलायन का मन बनाने और मकान बेचने के पोस्टर लगाए जाने की खबर जब हिंदू संगठनों को लगी तो बड़ी संख्या में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता बस्ती में पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया है कि पुराने भोपाल के अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों से पहले भी बड़ी संख्या में हिंदुओं का पलायन हो चुका है और अब अन्य बस्तियों व बड़े क्षेत्रों को निशाना बनाया जा रहा है। हिंदू संगठनों के बस्ती में पहुंचने के बाद पुलिस भी बस्ती में पहुंची और लोगों के घरों के बाहर लगाए गए मकान बेचने के पोस्टरों को हटवाया और हर मुस्लिम घर के सामने पुलिसकर्मी तैनात किया गया।

टीटी नगर में ‘मकान बिकाऊ’ पोस्टरों से हड़कंप, हिंदू परिवारों के पलायन की आशंका पर प्रशासन सतर्क

भोपाल   मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। भोपाल के टीटी नगर थाना इलाके में रहने वाले हिंदू परिवार पलायन करने को मजबूर हैं। इन हिंदू परिवारों ने अपने-अपने घरों के बाहर पोस्टर लगाए हैं जिनमें उन्होंने मुस्लिम वर्ग के लोगों की प्रताड़ना से परेशान होकर मकान बेचने की बात लिखी है। हिंदू परिवारों के द्वारा घर के बाहर ये पोस्टर लगाए जाने से हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन किया। 'मुस्लिमों से परेशान होकर मकान बेचना है..' भोपाल शहर के टीटी नगर थाना इलाके की बाणगंगा बस्ती में रहने वाले परिवारों ने अपने घरों के बाहर मकान बेचने के पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टर में उन्होंने लिखा है कि मुस्लिम वर्ग के लोगों की प्रताड़ना से तंग आकर वो अपना मकान बेचना चाहते हैं। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि आए दिन होने वाली परेशानियों और बदमाशों के आतंक से वो परेशान हो चुके हैं। बीती रात भी मुस्लिम वर्ग के कुछ असामाजिक तत्वों ने जमकर आतंक मचाया जिसके कारण वो अपने घरों में भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हिंदू संगठनों ने किया प्रदर्शन बाणगंगा बस्ती से हिंदू परिवारों के पलायन का मन बनाने और मकान बेचने के पोस्टर लगाए जाने की खबर जब हिंदू संगठनों को लगी तो बड़ी संख्या में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता बस्ती में पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया है कि पुराने भोपाल के अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों से पहले भी बड़ी संख्या में हिंदुओं का पलायन हो चुका है और अब अन्य बस्तियों व बड़े क्षेत्रों को निशाना बनाया जा रहा है। हिंदू संगठनों के बस्ती में पहुंचने के बाद पुलिस भी बस्ती में पहुंची और लोगों के घरों के बाहर लगाए गए मकान बेचने के पोस्टरों को हटवाया और हर मुस्लिम घर के सामने पुलिसकर्मी तैनात किया गया।