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राज्यपाल पटेल से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की सौजन्य भेंट

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल से शुक्रवार को लोकभवन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सौजन्य भेंट की। राज्यपाल पटेल का पुष्प-गुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभिवादन किया। राज्यपाल पटेल को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य के विकास एवं जनकल्याण संबंधी विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। दोनों के बीच अनौपचारिक चर्चा भी हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी मौजूद थे।  

राज्यपाल मंगु भाई पटेल बोले: ‘विकसित भारत’ के लिए कौशल, उद्यमिता और शिक्षा में निरंतर सुधार की आवश्यकता

भोपाल में 5वां समर्थ भारत कॉन्क्लेव संपन्न ‘ विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कौशल, उद्यमिता और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रयास जरूरी : राज्यपाल मंगु भाई पटेल  राज्यपाल मंगु भाई पटेल की मौजूदगी में आईसेक्ट समूह के 40 वर्षों की उपलब्धियों पर जोर, एआई साक्षरता और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई पहल   भोपाल  राजधानी भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में आयोजित 5वां समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। “रीइमेजिनिंग इम्पैक्ट: एआई-ड्रिवन स्किलिंग, फाइनेंशियल इंक्लूजन एवं सोशल एंटरप्राइज फॉर विकसित भारत” थीम पर आधारित इस कॉन्क्लेव में प्रदेश के महामहिम राज्यपाल मंगु भाई पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मंच पर रबींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे, स्कोप ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, रबींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. रवि प्रकाश दुबे, स्कोप ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ. विजय सिंह, प्रो चांसलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स तथा वाधवानी फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल संतोष भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने किया। इसके पश्चात महामहिम राज्यपाल का स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया।  महामहिम राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने आईसेक्ट समूह के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि एआई के क्षेत्र में ‘कौशल रथ’ जैसी पहल बच्चों में तकनीकी साक्षरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने सामाजिक और पर्यावरणीय संरक्षण के साथ नवाचारों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि गरीबों के जीवन में खुशहाली लाने और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कौशल, उद्यमिता और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने स्किल इंडिया, खेलो इंडिया और स्वच्छ भारत जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि डिजिटल और तकनीकी सहयोग से देश एक मजबूत इकोसिस्टम की ओर बढ़ रहा है। इससे पहले कॉन्क्लेव की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने बताया कि आईसेक्ट पिछले 40 वर्षों से शिक्षा, कौशल, समावेशन और अवसर के क्षेत्र में कार्य कर रहा है और अब “आईसेक्ट इंडिया” के रूप में पैन इंडिया नेटवर्क के साथ-साथ अफ्रीका, मिडिल ईस्ट और जर्मनी तक अपनी पहुंच बना चुका है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की दिशा में आईसेक्ट की भूमिका निरंतर बढ़ रही है और सीएसआर के माध्यम से साझेदार संस्थाओं के साथ मिलकर सामाजिक-आर्थिक प्रभाव को सशक्त किया जा रहा है। रबींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय का अटल इन्क्यूबेशन सेंटर देश के शीर्ष 5 केंद्रों में शामिल है। अपने संबोधन में संतोष चौबे ने कहा कि उनके संस्थान में भारतीय पारंपरिक मूल्यों को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब संस्थान का फोकस कंप्यूटर साक्षरता से आगे बढ़कर एआई मिशन पर केंद्रित है, जिसके तहत एआई आधारित कोर्स, शॉर्ट टर्म प्रोग्राम और शैक्षणिक यात्राएं शुरू की गई हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एआई मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार के साथ मिलकर इस दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान आईसेक्ट पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म प्रदर्शित की गई। साथ ही आईसेक्ट एवं स्कोप ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी की वार्षिक रिपोर्ट, कौशल रथ पर आधारित रिपोर्ट तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर हिंदी में प्रकाशित पुस्तक का विमोचन कर उन्हें महामहिम राज्यपाल को भेंट किया गया। कॉन्क्लेव में उत्कृष्ट कार्य के लिए आईसेक्ट केंद्र से जुड़े प्रेम सिंह गुंदीया और सुस्वाति त्रिवेदी को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण एमओयू भी हस्ताक्षरित हुए, जिनमें स्कोप ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी और रिलायंस एनीमेशन, वाधवानी फाउंडेशन और आईसेक्ट, नेक्स्ट वेव टेक्नोलॉजी तथा एचसीएल टेक के साथ साझेदारी शामिल रही। सत्र के अंत में स्कोप ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ. विजय सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम  का दूसरा सत्र 'नॉलेज सेशन' का रहा जिसमें विभिन्न अतिथियों सहित आईसेक्ट प्रतिनिधियों ने 'विकसित भारत के लिये एआई' विषय पर पैनल डिस्कशन में अपने महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किये। इंडिया एआई असिस्टेंट मैनेजर देवव्रत वैष्ण्व ने कहा कि हम 570 डाटा सेंटर खोल रहे हैं। और यह सारे टायर 2 और टियर तीन शहरों में खोले जाएंगे। बच्चे यहां से डाटा संबंधी कोर्स कर सकेंगे और यह सारे कोर्स 3 साल तक फ्री रहेंगे। HCL head tech गायत्री धर्मराज ने कहा कि एआई के कारण किसी की जॉब नहीं जाएगी। एआई वर्कर को और बेहतर बनाएगा। यह काम में और गुणवत्ता का भी सुधार करेगा। सभी को एआई को रोजमर्रा के काम में अपनाने की जरूरत है। नेक्स्ट वेव के वरिष्ठ नायडू ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का जो सपना है वह युवाओं के द्वारा भागीदारी करने से ही संपन्न होगा और इसमें युवा जितने जल्दी एआई को अपनाएगा उतना ही भारत विकसित होगा। आईसेक्ट निदेशक अभिषेक पंडित ने इस मौके पर कहा कि आईसेक्ट एआई मिशन के माध्यम से ग्रामीण बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। आज बहुत सारे बच्चे एआई के माध्यम से अपनी शिक्षा पूरी कर पा रहे हैं और इसमें आईसेक्ट बहुत बड़ी भूमिका निभा रहा है। आईसेक्ट लर्न के जीएम मनोज त्रिपाठी ने एआई लिटरेसी मिशन के बारे में प्रेजेंटेशन दिया और बताया कि आईसेक्ट स्किल्ड कोर्सेज और फैकल्टी डेवलपमेंट ट्रेनिंग के माध्यम से एआई द्वारा सुविधा उपलब्ध करा रहा है। सेशन के अंतर्गत 'वोकेशनल एजुकेशन प्रोग्राम इन स्कूल एनुअल रिपोर्ट आफ लद्दाख, मेघालय, झारखंड, यूपी, बिहार', 'इम्पैक्ट रिपोर्ट आन राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम नेशनल हेल्थ मिशन', 'आईसेक्ट इम्पैक्ट रिपोर्ट आन इम्पिलटेशन आफ यूनिसेफ पासपोर्ट टू अर्निंग प्रोग्राम' का लोकार्पण भी किया गया। इस दौरान बहुत सारे प्रोजेक्ट में रोजगार प्राप्त करने वाले कैंडिडेट को आफर लेटर भी प्रदान किये गये। नॉलेज सेशन का संचालन एजीयू निदेशक डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने किया। तीसरे सत्र “को-क्रिएटिंग इम्पैक्ट: द पावर ऑफ कोलैबोरेटिव सीएसआर” में विभिन्न कॉर्पोरेट और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सहयोगात्मक प्रयासों के जरिए सामाजिक प्रभाव बढ़ाने पर जोर दिया। सत्र में जेनपैक्ट की वाइस प्रेसिडेंट सुरचना चुघ, वाधवानी फाउंडेशन से कर्नल संतोष, एनएसडीसी की प्रतिनिधि सुबरकत उल निसा, पॉलीकैब फाउंडेशन के मैनेजर अभिजीत झाल्टे और आईसेक्ट के ईवीपी अरविंद चतुर्वेदी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर आईसेक्ट और जेनपैक्ट के बीच स्किल बिल्ड प्रोग्राम के लिए एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। समापन सत्र के प्रमुख अतिथियों में संतोष … Read more

राज्य स्थापना दिवस पर राज्यपाल पटेल का संदेश, विविधता में एकता की शक्ति का उत्सव

राज्य स्थापना दिवस समारोह, विविधता में एकता की शक्ति का उत्सव : राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल राजस्थान, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस के संयुक्त कार्यक्रम में हुए शामिल लोक भवन में "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" के तहत हुआ आयोजन भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि राज्यों का स्थापना दिवस कार्यक्रम, भारत की विविधता में एकता की शक्ति का उत्सव है। यह एक दूसरे की कला, संस्कृति, इतिहास और विकास से परिचय कराता है। सभी में आपसी सदभाव, प्रेम और भाईचारा बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि आयोजन, देश की विभिन्नता में एकता की शक्ति को पहचानने और भावी पीढ़ी को परिचित कराने का भी माध्यम है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि यह केवल तिथियों का आयोजन नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक यात्रा का उत्सव भी है, जो हमें अपनी विरासत को संजोते हुए विकास के नए आयाम स्थापित करने की प्रेरणा देता है। राज्यपाल पटेल बुधवार को लोक भवन में राजस्थान, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस के संयुक्त समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने तीनों राज्यों के निवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी। लोक भवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" की संकल्पना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहनीय पहल है। यह विकसित भारत निर्माण की संकल्पना को साकार करने सभी राज्यों को एक साथ जोड़ने का प्रयास है। राज्यपाल पटेल ने तीनों राज्यों के प्रतिनिधियों से वर्ष 2047 तक भारत को विकसित बनाने में योगदान देने का आव्हान भी किया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और महापुरूषों का किया स्मरण राज्यपाल पटेल ने राजस्थान, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस समारोह में तीनों राज्यों के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और महापुरूषों का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के निर्माण में राजस्थान के बालमुकुंद बिस्सा, अर्जुन लाल सेठी, केसरी सिंह बारहठ, विजय सिंह पथिक, जमनालाल बजाज, हीरालाल शास्त्री, सागरमल गोपा और माणिक्य लाल वर्मा जैसे सेनानियों का योगदान अमूल्य है। आजादी के संघर्ष में उड़ीसा के लक्ष्मण नाइक, मालती चौधरी, जमुनीबती पट्टनायक, सुरेंद्र साई और अटल बिहारी आचार्य का अदम्य साहस, देशभक्ति का प्रदर्शन राष्ट्र भक्तों के लिए प्रेरणा का प्रतीक है। हिमाचल प्रदेश में राम सिंह पठानिया ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका। कांशीराम, जिन्हें “पहाड़ी गाँधी” कहा जाता है, ने जनजागरण और संघर्ष के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। इसी प्रकार डॉ. वाई. एस. परमार, पदम देव, शिवानन्द रमौला, पूर्णानंद, सत्यदेव, सदाराम चंदेल, दौलत राम तथा ठाकुर हजारा सिंह का संघर्ष और बलिदान हर पीढ़ी के लिए प्रेरणा दायक है। राज्यपाल पटेल ने सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं से महान सेनानियों के त्याग, साहस और समर्पण से प्रेरणा लेने, राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को साकार करने की अपील भी की। तीनों राज्यों की कला और संस्कृति अद्भुत राज्यपाल पटेल ने कहा कि राजस्थान की भक्ति परंपरा, मीरा के भजन, भव्य किले, लोक कला, संगीत, नृत्य, हस्तशिल्प, थार मरुस्थल और विभिन्न विश्व धरोहर स्थल भारत की वैश्विक पहचान है। भारत की आध्यात्मिक और स्थापत्य विरासत में भगवान जगन्नाथ की पावन भूमि ओडिशा और कोणार्क का सूर्य मंदिर हमारी सांस्कृतिक गरिमा के प्रतीक हैं। देवभूमि के रूप में प्रसिद्ध हिमाचल प्रदेश की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता, स्वच्छ पर्यावरण, धार्मिक आस्थाएं और पौराणिक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध कर राष्ट्रीय पहचान को गौरवान्वित करती हैं। सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत हमारा लक्ष्य राज्यपाल पटेल ने कहा कि हमारी भौगोलिक और सांस्कृतिक विशेषताएँ भले ही भिन्न हों लेकिन हमारा लक्ष्य सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ओडिशा के खनिज संसाधन और औद्योगिक विकास, राजस्थान की नव-करणीय ऊर्जा, पर्यटन विकास तथा हिमाचल प्रदेश के पर्यावरणीय संरक्षण के समन्वित प्रयासों से ही ‘आत्मनिर्भर भारत’ का निर्माण संभव होगा। तीनों राज्यों की लोक, शास्त्रीय और संस्कृति की दिखी झलक राज्यपाल पटेल के समक्ष राजस्थान, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश राज्य की लोक संस्कृति और शास्त्रीय परंपराओं पर आधारित प्रस्तुतियां दी गई। उन्होंने सभी आर्कषक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने समारोह की सभी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में महिला और बेटियों की संपूर्ण सहभागिता को महिला सशक्तिकरण की मिसाल बताया। समारोह में राजस्थान सांस्कृतिक समाज की ओर से घूमर और कठपुतली नृत्य प्रस्तुत किया गया। राजस्थान राज्य के इतिहास और कला संस्कृति पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। ओडिशा राज्य के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभम्पति का संदेश और राज्य की लघु फिल्म का प्रसारण किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुति के अंतर्गत शास्त्रीय नृत्य ओडिसी और उत्कल समाज की ओर से भगवान जगन्नाथ की स्तुति नृत्य हुआ। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता का लघु संदेश और लोक भवन हिमाचल प्रदेश की ऐतिहासिकता पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई। हिमाचल समाज जनसेवा समिति की ओर से राज्य की लोक, कला और भक्ति आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। राज्यपाल पटेल का राजस्थान, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश के मध्यप्रदेश में निवासरत प्रतिनिधियों ने अपने-अपने राज्यों की संस्कृति के अनुरूप पारंपरिक स्वागत किया। राज्यपाल पटेल को राजस्थानी पगड़ी, ओडिशा हस्तशिल्प, हिमाचली टोपी और फलों की टोकरी भेंट की गई। संयुक्त समारोह में पूर्व डी.जी.पी संतोष कुमार रावत, रमेश अग्रवाल, पुरूषोत्तम, तीनों राज्यों के प्रदेश में निवासरत नागरिक और लोक भवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

नवागत जनपद सीईओ और विकास खंड अधिकारियों के अभिमुखीकरण प्रशिक्षण का हुआ समापन

नवागत जनपद सीईओ एवं विकास खंड अधिकारियों के अभिमुखीकरण प्रशिक्षण का हुआ समापन मंत्री पटेल ने नवनियुक्त अधिकारियों से किया संवाद, लक्ष्य आधारित कार्यशैली पर दिया जोर भोपाल भोपाल स्थित मध्यप्रदेश जल एवं भूमि प्रबन्ध संस्थान में नवागत मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जनपद पंचायत) एवं विकास खंड अधिकारियों के अभिमुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज समापन समारोह हुआ। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री पटेल ने नवनियुक्त अधिकारियों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि आगामी 3 वर्षों में ऐसा कार्य करें जिससे उन्हें स्वयं संतुष्टि प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि “आपकी आत्मसंतुष्टि ही इस बात का प्रमाण होगी कि आप आमजन के जीवन में कितना सकारात्मक परिवर्तन लाये है।” मंत्री पटेल ने अधिकारियों से उनके कार्य क्षेत्र, भविष्य की योजनाओं एवं चुनौतियों पर चर्चा की तथा उन्हें निरंतर संवाद बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि संवाद बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देता है और इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता आती है। उन्होंने आगे कहा कि कई बार हम यह सोचते हैं कि हम सभी कार्य कर सकते हैं, जो सकारात्मक सोच है, लेकिन अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार कार्य करने से बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। हर कार्य को एक स्पष्ट लक्ष्य, सुदृढ़ योजना और टीम वर्क के साथ किया जाए तो सफलता सुनिश्चित होती है। इस अवसर पर नव नियुक्त अधिकारियों ने प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्राप्त अपने अनुभवों को साझा किया। अधिकारियों ने बताया कि विगत 45 दिनों से संचालित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने उन्हें प्रशासनिक कार्य प्रणाली को समझने, विभिन्न क्षेत्रों का अवलोकन करने तथा जमीनी स्तर पर कार्य करने के व्यावहारिक पहलुओं को जानने का अवसर प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें विभिन्न स्थानों का भ्रमण करने का अवसर मिला, जिससे उन्होंने आने वाली चुनौतियों को समझते हुए अपने कार्य की रूपरेखा पर भी चर्चा की। कार्यक्रम के समापन अवसर पर मंत्री पटेल द्वारा सभी नवनियुक्त अधिकारियों को सम्मानित भी किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।  

राज्यपाल पटेल बोले: रोगियों के उपचार में सेवा भाव की भूमिका अहम

रोगियों के उपचार प्रयासों में सेवा भाव प्रमुख : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने की लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और आयुष विभाग की समीक्षा भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि दीन-दुखियों की सेवा मानवता की सेवा है। इससे आत्म संतोष मिलता है। प्रदेश को सिकल सेल और टी.बी. मुक्त बनाने के प्रयासों में सेवा भाव को सर्वोपरि होना चाहिए।    राज्यपाल पटेल मंगलवार को लोकभवन में सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन 2047 एवं टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और आयुष विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। जनजातीय प्रकोष्ठ द्वारा जवाहर खण्ड सभागार में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सिकल सेल रोगियों को आयुष्मान योजना के तहत दी जाने वाली सुविधाएं और पात्रता आदि की समुचित जानकारी दें। प्रदेश स्तरीय सिकल सेल उन्मूलन कार्यक्रम के तहत शून्य से 40 वर्ष तक के व्यक्तियों की विशेष तौर पर जाँच करें। जाँच शिविरों में आमजन को बताएँ कि आयुष्मान भारत योजना के तहत सिकल सेल एनीमिया का इलाज कवर होता है। उन्होंने आयुष्मान योजना के तहत सिकल सेल रोगियों के इलाज की जिलेवार समीक्षा की। जन प्रतिनिधि पोषण आहार वितरण में करें सक्रिय सहयोग राज्यपाल पटेल ने बैठक में टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश को टी.बी. मुक्त बनाने स्थानीय जन प्रतिनिधियों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विशेष कर जनजातीय क्षेत्रों के जन प्रतिनिधि टी.बी. रोगियों को पोषण आहार वितरण में सक्रिय सहयोग करें। राज्यपाल पटेल ने नि:क्षय मित्रों की जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में और अधिक नि:क्षय मित्रों को जोड़कर पोषण आहार वितरण को बढ़ाने के प्रयासों पर बल देने के निर्देश दिए है।  खनन क्षेत्रों में भी कराएं टी.बी. की सघन जाँच राज्यपाल पटेल ने खनन क्षेत्रों में निवासरत और कार्यरत व्यक्तियों की टी.बी. जाँच कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सिकल सेल जाँच लक्ष्य एवं पूर्ति, जेनेटिक कार्ड वितरण, हाईड्राक्सी यूरिया की उपलब्धता, गर्भावस्था में माताओं और शिशुओं का सिकल सेल प्रबंधन, सिकल सेल रोगियों को आयुष्मान कार्ड वितरण, आयुष्मान योजना का लाभ, दिव्यांगता प्रमाण पत्र वितरण, 125 दिवसीय सिकल सेल जागरूकता अभियान आदि विस्तार से समीक्षा कर जरूरी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री और लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने आयुष्मान कार्ड की प्रगति, सिकल सेल और टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम के विभिन्न मानको को शत-प्रतिशत पूरा करने विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। राज्यपाल पटेल को आयुष विभाग के प्रमुख सचिव शोभित जैन ने जिलेवार दवा वितरण, घर-घर दवाई वितरण, जाँच आदि कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। जैन ने अनुसूचित जनजाति बाहुल्य जिलों में औषधि वितरण के विशेष प्रयासों और नवाचारों की जानकारी भी दी। राज्यपाल पटेल को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. सलोनी सिडाना ने राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की उपलब्धियों, सघन स्क्रीनिंग, 100 दिवसीय नि:क्षय अभियान, नि:क्षय मित्र, पोषण आहार वितरण आदि की जानकारी दी। राज्यपाल पटेल के निर्देशानुसार प्रारंभ किए गए अनुसूचित जनजाति छात्रावासों में विद्यार्थियों की टी.बी. जाँच, परामर्श, उपचार आदि के बारे में भी बताया। बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण के अपर मुख्य सचिव अशोक कुमार बर्णवाल, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव श्रीमती मीनाक्षी सिंह, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं आयुष विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और लोकभवन के अधिकारी मौजूद रहे।    

मन की बात: सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने की पहल, राज्यपाल पटेल ने की सराहना

‘मन की बात’ सकारात्मक सोच बनाने की पहल : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने दिव्यांगजनों के साथ सुनी ‘मन की बात’ राज्यपाल ने 11 आत्मनिर्भर दिव्यांगों का किया सम्मान भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देश में हो रहे सकारात्मक बदलावों से प्रेरणा प्राप्त करने की पहल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक दूरदर्शी नेता और अत्यंत संवेदनशील व्यक्तित्व हैं, जिन्हें ईश्वर ने समानुभूति और सहानुभूति की दिव्य भावनाएँ प्रदान की हैं। यह उनका नेतृत्व है, जिसने शारीरिक कमियों को देखने की समाज की सोच को ‘दिव्यांग’ की उपमा से विशिष्ट क्षमताओं को पहचानने में परिवर्तित किया है। ‘मन की बात’ कार्यक्रम नवाचार और चुनौतियों का आगे बढ़कर सामना करने की सकारात्मक सोच निर्माण की अभूतपूर्व पहल है। राज्यपाल पटेल ने यह बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ के सामूहिक श्रवण कार्यक्रम में उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कही। ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण रविवार को अंजनी सभागार, रविन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित किया गया था। राज्यपाल ने कार्यक्रम में आत्मनिर्भर 11 दिव्यांगों को सम्मानित किया। ‘मन की बात – उमंग के साथ’ कार्यक्रम का आयोजन ‘उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी’ द्वारा विशेष बच्चों के लिए संचालित ‘उमंग विशेष विद्यालय’ की 20वीं वर्षगाँठ पर किया गया। राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रस्तुतियाँ दिव्यांगों की इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प की दिव्यता का प्रमाण हैं, जो यह दर्शाती हैं कि शारीरिक सीमाएँ हौसलों को रोक नहीं सकतीं। सामान्य जन, जो मामूली बातों में निराश हो जाते हैं, उनके लिए ये प्रस्तुतियाँ प्रेरणा का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी का मानना है कि देश की प्रगति के लिए समाज में समान अवसर, सहयोग और परस्पर सम्मान की सामूहिक भावना आवश्यक है। राज्यपाल कहा कि प्रधानमंत्री ने दिव्यांग भाई-बहनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण योजनाएँ संचालित की हैं। सार्वजनिक भवनों, परिवहन और सूचना तंत्र तक दिव्यांगजनों की सुलभ और बाधा-मुक्त पहुँच सुनिश्चित करने के लिए ‘सुगम्य भारत अभियान’ चलाया गया है। ‘सुगम्य भारत’ अभियान न केवल भौतिक सुविधाओं की उपलब्धता, बल्कि समाज के दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव और समावेशी सोच के विकास का भी प्रयास है। राज्यपाल पटेल ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के पूर्व ‘आत्मनिर्भर दिव्यांग सम्मान’ से बौद्धिक, शारीरिक निःशक्तता, श्रवण बाधित, डाउन सिंड्रोम, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम तथा दृष्टि बाधित दिव्यांगों को सम्मानित किया। सम्मानितों में मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन विभाग में कार्यरत सुप्रिया शर्मा, अमित मुरजानी, जीएसटी विभाग में कार्यरत शुभम मेहरा, लोकभवन में कार्यरत अजय सैनी, संस्कृति विभाग में कार्यरत सुमधु तिवारी, शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षिका श्रीमती प्रियंका विश्वकर्मा, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन में कार्यरत प्रथम आईआईटी शिक्षित दिव्यांग प्रखर कुमरावत, ताज लेक फ्रंट में कार्यरत सुस्तुति नितिन जोशी, अमेरिकन बैंक में कार्यरत अमन बुंदेला, गायिका सुरूचिका पांडेय तथा क्याकिंग एवं कैनोइंग खिलाड़ी सुपूजा गर्ग शामिल थीं। दिव्यांग बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना, ‘इचक दाना बीचक दाना’ गीत और ‘डूबी-डूबी’ गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में राज्यपाल का स्वागत पौधा एवं शाल भेंट कर किया गया। स्मृति-चिह्न प्रदान कर अभिनंदन किया गया। उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी की संचालिका श्रीमती दीप्ति पटवा द्वारा स्वागत उद्बोधन में बताया गया कि संस्था द्वारा दिव्यांगजनों की शिक्षा, आर्थिक एवं सामाजिक पुनर्वास के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। ‘मन की बात – उमंग के साथ’ कार्यक्रम में विधायक भगवान दास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, सेज समूह के अध्यक्ष संजीव अग्रवाल और रविन्द्र यति मंचासीन थे।  

राज्यपाल पटेल ने रामनवमी पर लोकभवन मंदिर में की पूजा-अर्चना

राज्यपाल पटेल ने रामनवमी पर लोकभवन मंदिर में की पूजा-अर्चना कन्या-पूजन कर उपहार प्रदान किए, प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने शुक्रवार को रामनवमी के पावन पर्व पर लोकभवन स्थित मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने कन्या-पूजन किया और कन्याओं को उपहार भी प्रदान किए। राज्यपाल पटेल ने श्रीराम जन्मोत्सव के अवसर पर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की है। कार्यक्रम में नियंत्रक हाउस होल्ड श्रीमती शिल्पी दिवाकर और लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।  

राज्यपाल पटेल से राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष पवैया ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल पटेल से राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष पवैया ने सौजन्य भेंट की भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने गुरूवार को राजभवन पहुँचकर सौजन्य भेंट की। आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने राज्य वित्त आयोग का कार्यभार ग्रहण करने की जानकारी राज्यपाल को दी। उल्लेखनीय है कि 23 मार्च 2026 को आयोग के अध्यक्ष पवैया के साथ आयोग के सदस्य के. के. सिंह तथा सदस्य सचिव वीरेन्द्र कुमार ने भी अपना-अपना कार्यभार ग्रहण किया है। राज्यपाल पटेल ने वित्त आयोग की भूमिका, कार्यप्रणाली तथा विभिन्न गतिविधियों को लेकर मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि राज्य वित्त आयोग अपने उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करते हुए प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस अवसर पर आयोग के अध्यक्ष पवैया ने राज्यपाल पटेल को आश्वस्त किया कि आयोग को सौंपे गए दायित्वों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन किया जाएगा और राज्य के विकास में आयोग अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभाएगा। राज्यपाल पटेल ने आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आयोग को सौंपे गए दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना ही राज्य और देश की सच्ची सेवा है।  

राज्यपाल पटेल ने सुदृढ़ीकृत नवनिर्मित प्रवेश द्वार का किया लोकार्पण

लोकभवन राज्य की प्रशासनिक गरिमा का प्रतीक- राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल ने सुदृढ़ीकृत नवनिर्मित प्रवेश द्वार का किया लोकार्पण भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने लोकभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक- 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का बुधवार को लोकार्पण किया। उन्होंने भारत माता के जयघोष के साथ फीता खोलकर प्रवेश द्वार का उद्घाटन किया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि लोकभवन प्रदेश की प्रशासनिक गरिमा का प्रतीक है। प्रवेश द्वारों का सुदृढ़ और सुव्यवस्थित होना सुरक्षा के साथ ही राज्य की सांस्कृतिक स्थापत्य पहचान को भी सशक्त करता है। उन्होंने राज्य की सांस्कृतिक विशिष्टताओं के अनुरूप गेट निर्माण के लिए संबंधित विभागों की सराहना की। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। लोकभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक- 1 एवं 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की पूर्णता तक लगभग 98 लाख 65 हजार रुपयों की लागत आई है। प्रवेश द्वारों की संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण, सौंदर्यीकरण, सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए कार्य किए गए हैं, जिससे लोकभवन परिसर का स्वरूप और अधिक आकर्षक, सुरक्षित और सुविधाजनक हुआ है। गांधी जयंती पर हुआ था प्रवेश द्वार क्र.- 1 का लोकार्पण राज्यपाल पटेल ने अप्रैल 2025 में लोकभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक- 1 एवं 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भूमि-पूजन किया था। उन्होंने पूजा-अर्चना कर निर्माण कार्य की आधारशिला रखी थी। राज्यपाल पटेल लोकभवन के प्रवेश द्वार क्र.- 1 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य के बाद विगत वर्ष गांधी जयंती के अवसर पर उसका लोकार्पण किया था। उसके बाद प्रवेश द्वार क्रमांक-2 का सुदृढ़ीकरण कार्य प्रारम्भ हुआ। इस अवसर पर राज्यपाल के उप सचिव सुनील दुबे, विशेष कर्तव्य अधिकारी अरविंद पुरोहित, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता संजय मस्के, वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता तथा लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।  

राज्यपाल ने ‘गुड़ी पड़वा’ और ‘भारतीय नव वर्ष’ के मौके पर नागरिकों को दी बधाई

राज्यपाल ने नागरिकों को 'गुड़ी पड़वा' और 'भारतीय नव वर्ष' पर दी हार्दिक बधाई नागरिकों से एकता और खुशहाली के लिए स्वयं को समर्पित करने का किया आहृवान भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रदेश के समस्त नागरिकों को 'गुड़ी पड़वा' और 'भारतीय नव वर्ष' के पावन अवसर पर हार्दिक बधाई एवं आत्मीय शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने प्रार्थना की है कि शक्ति की उपासना का यह पर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मकता और उत्तम स्वास्थ्य का संचार करे। राज्यपाल  पटेल ने अपने संदेश में भारतीय कालगणना के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा है कि चैत्र नवरात्रि के साथ प्रारंभ होने वाला हमारा नव वर्ष प्रकृति के नव-श्रृंगार, उमंग और भारत की गौरवशाली परंपरा का जीवंत प्रतीक है। यह पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और उसे नई पीढ़ी तक पहुँचाने का अवसर है। राज्यपाल पटेल ने समस्त प्रदेशवासियों का आह्वान किया है कि वे नव वर्ष के इस शुभ अवसर पर प्रदेश की एकता, अखंडता और खुशहाली के लिए स्वयं को समर्पित करने का संकल्प लें।