samacharsecretary.com

राज्यपाल पटेल ने एन.जी.ओ. से की अपील — जनजातीय सशक्तिकरण में बढ़ाएँ भागीदारी

जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण प्रयासों में सहभागी बनें एन.जी.ओ. : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने ऑल इंडिया एन.जी.ओ. मीट को किया संबोधित भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि ऑल इंडिया एन.जी.ओ. मीट का आयोजन जनजातीय विकास और उत्थान प्रयासों की दिशा में सराहनीय पहल है। देशभर के सभी एन.जी.ओ. जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण प्रयासों में सहभागी बनें। राज्यपाल पटेल मंगलवार को भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती एवं जनजातीय गौरव वर्ष के उपलक्ष्य में कुशाभाऊ सभागार में आयोजित ऑल इंडिया एन.जी.ओ. मीट को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, जनजातीय समुदाय के प्रति विशेष संवेदनशील है। उनके उत्थान के लिए संकल्पित और सक्रिय हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पीएम जनमन योजना अति पिछड़ी जनजातियों के सर्वांगीण विकास का अभूतपूर्व प्रयास है। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान ग्रामीणों की मैदानी स्तर पर ही समस्याओं के समाधान का अभिनव कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि सभी एन.जी.ओ. जनजातीय कल्याण की योजनाओं को दूरस्थ अंचलो तक पहुँचाने में सक्रिय सहयोग करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि आप जब ग्रामीण अंचलों में जांए जो जनजातीय समुदाय के साथ आत्मीय और विनम्र रहें। उनकी समस्याओं को धैर्य के साथ सुनें और त्वरित निवारण करने का प्रयास करें। चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान पर चिंतन करें राज्यपाल पटेल ने देशभर के एन.जी.ओ. का आह्वान किया कि ऑल इंडिया मीट के विचार-विमर्श और सुझावों पर गंभीर चिंतन करें। चुनौतियों का व्यावहारिक समाधान खोजे। जनजातीय सशक्तिकरण के लिए आवश्यक शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, ट्राईबल गवर्नेंस आदि विभिन्न आयामों को जनजातीय क्षेत्रों की भौगोलिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों के अनुरूप लागू करने के नवाचार करें। उन्होंने कहा कि सभी एन.जी.ओ. जनजातीय समुदाय को शिक्षा का महत्व जरूर बताएं। उन्हें सिकल सेल एनिमिया सहित अन्य स्वास्थ्य चुनौतियों के प्रति जागरूक करें। राज्यपाल पटेल ने जनजाति समाज के सर्वांगीण विकास के चिंतन पर आधारित ऑल इंडिया एन.जी.ओ. मीट के आयोजन के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार का विशेष आभार व्यक्त किया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि जनजातीय समाज में भारत की संस्कृति, पर्यावरण और मानवीय मूल्यों की जड़ें गहराई तक बसी हैं। उनका जीवन दर्शन हमें सिखाता है कि प्रकृति के साथ सामंजस्य, आत्मनिर्भरता और सहयोग ही समावेशी विकास का आधार हैं। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया एन.जी.ओ. मीट का आयोजन अत्यंत प्रासंगिक और समयानुकूल है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में देश जब आगे बढ़ रहा है, ऐसे में जरूरी है कि जनजातीय समाज की भागीदारी इस यात्रा का अभिन्न हिस्सा बने। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि जनजातीय विकास के लिए शिक्षा का स्वरूप ऐसा हो जो केवल साक्षरता तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उसमें जीवन कौशल, स्थानीय ज्ञान और संस्कृति संरक्षण का भी समावेश हो। उन्होंने कहा कि अशासकीय संस्थाएँ, स्थानीय भाषा में पाठ्य सामग्री तैयार करें। डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देकर बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में बड़ा योगदान दिया जा सकता है। साथ ही स्वास्थ्य शिक्षा, मातृ-शिशु पोषण, टी.बी., सिकल सेल रोग जागरूकता और स्वास्थ्य शिक्षा को व्यापकता प्रदान करना भी जरूरी है। नीति निर्माण में समर्पित संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका, राज्य सरकार देगी पूरा सहयोग जनजाति कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि जनजाति बहुल क्षेत्रों में काम कर रहे समर्पित अशासकीय संस्थाओं को राज्य सरकार पूरा सहयोग देगी। उनकी विशेषज्ञता का लाभ लेते हुए जनजातीय कल्याण की कार्ययोजनाएं और रणनीतियां बनाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि जनजातीय विकास की योजनाएं बनाने में जमीनी स्तर के सुझावों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। समर्पित स्वैच्छिक संगठन गहन रूप से सामाजिक आर्थिक संदर्भों में समस्याओं का परीक्षण करते हैं। जनजातीय समुदाय के आचार-व्यवहार को भी करीब से जानते हैं। उन्होंने जनजातीय समुदाय के उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे छोटी घटनाओं से सबक लेकर व्यापक जनहितैषी नीतियां बन जाती हैं। डॉ. शाह ने कहा कि सरकार, समुदाय और समर्पित सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर काम करने से सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। उदघाटन सत्र के बाद विशेषज्ञ संस्थाओं के समूहों ने जनजातीय समुदाय की शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, वन अधिकार, शासन, प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर सुझाव दिए। ट्राइफेड की डीजीएम सु प्रीति मैथिल ने आजीविका पर अपने समूह का प्रस्तुतिकरण करते हुए बताया कि वित्तीय समावेश, आजीविका स्कूल, संसाधनों का एटलस, उद्यमिता विकास करने संबंधी सुझाव दिए और राज्य के लिए अपने विचार रखे। जनजातीय समुदाय की शिक्षा और सशक्तिकरण में अशासकीय संगठनों की भूमिका, चुनौतियां एवं मुद्दे, वर्तमान में शिक्षा का स्तर, समग्र शिक्षा में संगठनों की भूमिका पर विशेषज्ञों ने चर्चा की। रामकृष्ण मिशन मेघालय के स्वामी अनुरागनंदा ने सत्र की अध्यक्षता की। स्वामी विवेकानंद यूथ मूवमेंट कर्नाटक के प्रवीन कुमार सैयापराजु ने विशेषज्ञ के रूप में भाग लिया। उन्होंने कहा कि ड्रॉप आउट की चुनौती को नियमित संपर्कों से दूर किया जा सकता है। जनजातीय समुदाय की महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी समस्याओं और चुनौतियां, टीकाकरण एवं अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की पहुंच बढ़ाने, टेली मेडिसिन, एमहेल्थ जैसे आधुनिक हस्तक्षेप से स्वास्थ्य सेवा बढ़ाने में अशासकीय संगठनों की भूमिका पर विचार हुआ। विवेकानंद मेडिकल मिशन वायनाड केरल के सुरेश ने सत्र की अध्यक्षता की। डॉ. सलोनी सिडाना एमडी नेशनल हेल्ड मिशन ने स्वास्थ्य सेवाओं के प्रदाय संबंधी कठिनाइयों की चर्चा करते हुए बताया कि भाषा और भौगोलिक दूरी बड़ी समस्या है। ट्राइफेड की डीजीएम सु मैथिल ने जनजाति अर्थव्यवस्था से जुड़ी समस्याओं, और आजीविका बढ़ाने, जनजातीय युवाओं में उद्यमिता बढ़ाने, आजीविका के नए अवसर, स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक उद्यमिता को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर स्वैच्छिक संगठनों ने अपने विचार रखे। राजस्थान बाल कल्याण समिति उदयपुर के मुकेश गौर ने सत्र की अध्यक्षता की। मती मीनाक्षी सिंह ट्राइबल सेल राजभवन ने जनजातीय विकास एवं शासन प्रशासन से जुड़े विषयों, राज्य की भूमिका, पंचायत राज संस्थाओं, ग्राम सभा पारंपरिक जनजातीय संस्थाओं जनजाति विकास एजेंसियों की भूमिकाओं पर चर्चा की। शिव गंगा झाबुआ के पद्म महेश शर्मा ने सत्र की अध्यक्षता की। राज्यपाल पटेल ने भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्प अर्पित किया। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत और स्मृति चिन्ह स्वरूप गोंडी पेंटिंग भेंट कर अभिनंदन किया। मंत्री डॉं. कुंवर विजय शाह ने कहा कि राज्य सरकार, एन.जी.ओ. मीट में प्राप्त … Read more

राज्यपाल पटेल ने राज्यमंत्री श्रीमती गौर को दी जन्म दिन की बधाई

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल से सौजन्य भेंट के लिए पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर शुक्रवार को राजभवन पहुंची। उनके जन्म दिवस अवसर पर राजभवन आगमन के प्रसंग में राज्यपाल  पटेल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर श्रीमती गौर को जन्म दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। राज्यपाल मंगुभाई पटेल की शुभकामनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए, श्रीमती गौर ने भी उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर धन्यवाद ज्ञापित किया।  

राज्यपाल पटेल ने गरीब, वंचितों के आवास निर्माण में समृद्ध वर्ग से सहयोग का किया आव्हान

समाज और सरकार मिलकर काम करें: राज्यपाल पटेल ने पीएम जनमन योजना में सहयोग की अपील राजभवन में पीएम जनमन योजना की समीक्षा बैठक संपन्न भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि पीएम जनमन योजना जनजातीय वर्ग के कल्याण की अभूतपूर्व योजना है और यह समाज के वंचित वर्गों के उत्थान का प्रयास है। समरस समाज के निर्माण की इस पहल में सरकार के साथ समाज को भी सहयोग के लिए आगे आना चाहिए। राज्यपाल ने आव्हान किया कि पीएम जनमन आवास योजना के आवासों को और अधिक बेहतर बनाने के लिये समाज के समृद्ध वर्ग का सहयोग प्राप्त किया जाना चाहिए। राज्यपाल पटेल पीएम जनमन योजना की प्रगति की मंगलवार को राजभवन में समीक्षा कर रहे थे। बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अधिकारियों से अपेक्षा की है कि प्रशासनिक स्तर पर निर्माण कार्य की मज़बूती के लिए सामग्री की गुणवत्ता के साथ निर्माण की देख-रेख के प्रयासों में मैदानी सहयोग और नवाचार को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। गुणवत्तापूर्ण सामग्री की लागत को कम करने, कीमतों में समन्वय, स्थानीय और हरित निर्माण सामग्री के उपयोग की संभावनाओं को तलाशा जाना चाहिए। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आवास की मज़बूती से कोई समझौता नहीं हो। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना जनजातीय समुदाय को समग्रता में लाभान्वित करने की योजना है। हितग्राहियों को लाभान्वित करने की दृष्टि से सबसे गरीब को सबसे पहले प्राथमिकता देना चाहिए और आवास मजबूत और सुविधा जनक हो। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा आवास निर्माण स्थल का निरीक्षण निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सहयोग की दृष्टि से किया जाना चाहिए। स्थल चयन, आकार और निर्माण के दौरान लगने वाली सामग्री की उपलब्धता और गुणवत्ता संबंधी विभिन्न पहलुओं पर हितग्राहियों को सहयोग और मार्गदर्शन दिया जाना चाहिए। बैठक में राज्यपाल को बताया गया कि आवास निर्माण के लिए स्थानीय सामग्री उपलब्ध कराने की पहल की गई है। ईंट निर्माण में स्व-सहायता समूहों को जोड़ा गया है। पर्यावरण अनुकूल निर्माण प्रयासों की भी पहल की गई है। निर्माण सामग्री की दर को कम करने के लिए जिला स्तर पर मूल्य निर्धारण की कार्यवाही भी की गई है। समीक्षा बैठक में राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव दिनेश जैन, जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव श्रीमती जमुना भिड़े और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

ग्रामीण अंचलों में विकास कार्यों को मिलेगी गति: मंत्री पटेल

भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में वायब्रेंट ग्राम सभा के माध्यम से ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि ग्राम सभा केवल औपचारिकता न होकर गाँव की वास्तविक सरकार है, जो जनता के बीच बैठकर उनके लिए निर्णय लेती है। इस दृष्टि से प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम सभाओं को नियमित, सुव्यवस्थित और सहभागितापूर्ण बनाने के लिये विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जनप्रतिनिधि और अधिकारियों की जवाबदेही होगी सुनिश्चित निर्देशों के अनुसारप्रत्येक ग्राम सभा में विकास कार्यों की समीक्षा और अनुमोदन अनिवार्य होगा। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति से योजनाओं की जवाबदेही सुनिश्चित होगी। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से योजनाओं के चयन और क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी। सभी बैठकों का ऑनलाइन पंजीकरण और मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। ग्रामीण अंचलों में विकास कार्यों को मिलेगी गति मंत्री श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश ग्रामीण विकास की दिशा में नए आयाम स्थापित कर रहा है। वायब्रेंट ग्राम सभा इस दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है, जो गाँव-गाँव में लोकतंत्र को सशक्त कर रही है। श्री पटेल ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल ग्रामीण अंचलों में विकास कार्यों को गति प्रदान करेगी और आत्मनिर्भर ग्राम की दिशा में ठोस कदम साबित होगी।  

राज्यपाल पटेल 20 अगस्त को मंडला में आयुष विभाग की कार्यशाला में होंगे शामिल, आयुष मंत्री परमार भी उपस्थित

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल 20 अगस्त को मंडला जिले के सेमर खापा में आयुष विभाग द्वारा "परंपरागत चिकित्सा का स्वास्थ्य संवर्धन में योगदान एवं सिकल सेल एनीमिया प्रबंधन" विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में शामिल होंगे। कार्यशाला में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार भी शामिल होंगे। कार्यशाला में जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह, पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं मंडला जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल भी उपस्थित रहेंगे। एकदिवसीय यह कार्यशाला मंडला जिले के सेमरखापा स्थित एकलव्य विद्यालय परिसर के ऑडिटोरियम में प्रातः10.30 बजे आयोजित होगी। प्रदेश में पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से जनस्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने एवं क्षेत्र-विशिष्ट स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गई है। कार्यशाला में मंडला एवं समीपवर्ती जिलों के जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया की व्यापकता एवं पारंपरिक वैद्यों की सक्रिय भूमिका को दृष्टिगत रखते हुए व्यापक विचार-विमर्श होगा। कार्यशाला में आयुर्वेदिक चिकित्सकों के अनुभव साझा किए जाएंगे एवं उनके ज्ञान का संवर्द्धन भी किया जाएगा।  

राज्यमंत्री पटेल ने मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश

भोपाल  लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने आगामी त्यौहारों के मद्देनज़र मिलावटी खाद्य सामग्री की संभावित बिक्री पर रोक लगाने के लिए प्रदेशभर में सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलों के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को सतर्क रहते हुए मिलावटखोरों के विरुद्ध तत्काल और कठोर कार्रवाई करने के लिए कहा है। राज्य मंत्री पटेल ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी एवं गणेश चतुर्थी जैसे आगामी त्यौहारों के दौरान दूध, मिठाइयों और अन्य खाद्य सामग्री में मिलावट की आशंका बढ़ जाती है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर खतरा उत्पन्न होता है। उन्होंने निर्देश दिए कि दूध एवं उससे बने उत्पादों के साथ-साथ फल-सब्जियों में केमिकल व कार्बाइड के उपयोग की भी कड़ी निगरानी की जाए। मिलावटी सामग्री पाए जाने पर तत्काल जब्ती और संबंधित खाद्य कारोबारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। राज्यमंत्री पटेल ने मिलावट के विरुद्ध जन-जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया है, जिससे नागरिक सजग रहें और उन्हें सुरक्षित व शुद्ध खाद्य सामग्री प्राप्त हो सके।  

बहुदिव्यांग बालिकाओं ने राजभवन का किया भ्रमण

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जीवन में सफलता और आगे बढ़ने के लिए निरंतर सीखते रहना चाहिए। राज्यपाल बहुदिव्यांग बालिकाओं से उनके शिक्षकों के माध्यम से राजभवन के सभा कक्ष जवाहर खण्ड में आत्मीय चर्चा कर रहे थे। राज्यपाल पटेल से सौजन्य भेंट करने के लिए आनंद सर्विस सोसायटी की मूकबधिर बहुदिव्यांग बालिकाएं शुक्रवार को इंदौर से राजभवन आईं थीं। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता भी मौजूद थे। निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दिव्यांग बालिकाओं से उनके मार्ग दर्शकों के माध्यम से परिचय प्राप्त किया। उनके जीवन की कठिनाईयों और सफलताओं को जाना। उनको निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। दिव्यांग बालिकाओं के साथ बालिका सुगुरदीप कौर वासु के संघर्ष और सफलता की कहानी पर आधारित वीडियो फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। उन्होंने दिव्यांग बालिकाओं और शिक्षकों के साथ सह-भोज भी किया। राजभवन भ्रमण के अनुभव किए साझा राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सभी बालिकाओं से राजभवन भ्रमण के अनुभव जाने और सामूहिक चित्र भी खिंचवाया। बालिकाओं ने सांकेतिक भाषा में ऐतिहासिक राजभवन परिसर और विशेष रूप से आर्ट गैलेरी भ्रमण के सुखद अनुभव साझा किए। उन्होंने राज्यपाल के प्रति मुलाकात, सह-भोज करने और राजभवन भ्रमण का अवसर देने के लिए आत्मीय आभार जताया।  राज्यपाल को स्व-रचित कलाकृतियां की भेंट राज्यपाल मंगुभाई पटेल से भेंट के अवसर पर मूकबधिर बहुदिव्यांग बालिका सुदिव्या गोले और वैष्णवी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। उन्हें सुकिरण विश्वकर्मा और अन्य बालिकाओं ने स्वयं द्वारा सृजित पैंटिंग और कलाकृतियां भेंट की। राज्यपाल ने देखी बहुदिव्यांग गुरदीप पर बनी फिल्म राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बालिकाओं के साथ मध्यप्रदेश वाणिज्य कर विभाग में कार्यरत मूकबधिर बहुदिव्यांग शासकीय सेवक सुगुरदीप के जीवन और संघर्षों पर आधारित लघु फिल्म को देखा। उन्होंने उपस्थित बालिकाओं से गुरदीप के जीवन के संघर्षों और सफलताओं से प्रेरणा लेने और निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने गुरदीप के परिजनों, संस्था के शिक्षकों और प्रतिनिधियों के समर्पण की प्रशंसा की। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, संस्था की को-फाउंडर और संचालक श्रीमती मोनिका पुरोहित, सचिव ज्ञानेन्द्र पुरोहित, गुरदीप की माताजी श्रीमती सीमा मंजीत कौर, शिक्षिका श्रीमती मृणालिनी शर्मा और बालिकाएं उपस्थित रही।  

मध्यप्रदेश के बड़े गांवों को मिलेगा नियोजित विकास का तोहफा, मास्टर प्लान की तैयारी शुरू

भोपाल  मध्य प्रदेश के 2000 से ज्यादा आबादी वाले गांवों को आदर्श गांव बनाने के लिए जल्द ही एक मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा. इसके लिए संभागों से 5-5 गांवों का चयन किया गया है. प्रदेश के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बताया कि इस योजना के तहत पहले चरण में राज्य के संभागों से 5-5 गांवों का चयन किया गया है, जिन्हें आदर्श गांवों के रूप में विकसित किया जाएगा. मंत्री ने कहा कि मास्टर प्लान का उद्देश्य 2000 से अधिक आबादी वाले गांवों का विकास करना है ताकि विकास का प्रवाह अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक पहुंच सके. इस योजना का उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों की पहचान करना है जहां विकास को लागू करके बदलाव लाया जा सके. इस मामले पर बात करते हुए पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश के गांवों को लेकर मास्टर प्लान का उद्देश्य 2,000 से अधिक आबादी वाले गांवों को विकसित करना है। इस मास्टर प्लान की विकास की धारा अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रयास ऐसे क्षेत्रों की पहचान करना है जहां विकास को अमली जामा पहना कर परिवर्तन लाया जा सके। इन गांवो के विकास के लिए सरकार की तरफ से मास्टर प्लान बनाकर इनका विकास किया जाएगा। इससे लोगों को काफी सुविधाएं मिल जाएंगी मंत्री ने कहा कि दो हजार से अधिक की आबादी वाले गांवों की पहचान होनी है ताकि उन्हें आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत पांच संभाग से पांच गांव लिए गए हैं, जिनमें इंदौर का परवलिया, उज्जैन का चिंतामन जवासिया, ग्वालियर का बदरवास, जबलपुर का बरमान और सागर का मडियादो शामिल हैं। पटेल ने कहा कि इन गांवों को आदर्श के तौर पर विकसित किया जाएगा ताकि अन्य गांवों के लिए योजना बनाने में सुविधा हो। प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि 2000 से अधिक आबादी वाले गांवों की पहचान की जानी है ताकि उन्हें आदर्श गांवों के रूप में विकसित किया जा सके. उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पांच संभागों से 5 गांवों को चुना गया है. इनमें इंदौर का परवलिया, उज्जैन का चिंतामन जवासिया, ग्वालियर का बदरवास, जबलपुर का बरमान और सागर का मड़ियादोह. उन्होंने कहा कि इन गांवों को मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा ताकि अन्य गांवों के लिए योजना बनाना आसान हो सके. 

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय को मिला नया मुख्य न्यायाधिपति, संजीव सचदेवा ने ली शपथ

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के 29वें मुख्य न्यायाधिपति की शपथ मनोनीत न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा को दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन गुरूवार को राजभवन के सांदीपनि सभागार में किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भी उपस्थित रहे। राज्यपाल पटेल और उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने नव नियुक्त मुख्य न्यायाधिपति सचदेवा को शपथ ग्रहण के बाद पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने शपथ ग्रहण समारोह का संचालन किया। उन्होंने राष्ट्रपति द्वारा न्यायाधीश संजीव सचदेवा को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधिपति नियुक्त किए जाने की अधिसूचना का वाचन किया। शपथ ग्रहण समारोह में खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार, विधायक रामेश्वर शर्मा, हरियाणा के पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, भोपाल नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, लोकायुक्त सत्येन्द्र कुमार सिंह, मुख्य सूचना आयुक्त विजय यादव, सदस्य मानवाधिकार आयोग राजीव टंडन, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय शुक्ल, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, रजिस्ट्रार जनरल मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय धरमिंदर सिंह, महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, जिला न्यायालय एवं बार के सदस्य, विभिन्न आयोगों के पदाधिकारी सहित जन प्रतिनिधि एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

पंचायतों को और सशक्त बनाने की दिशा में कदम, मंत्री पटेल ने की विभागीय समीक्षा

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बड़वानी जिले के सेंधवा के नगरपालिका भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल गंगा संवर्धन अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छता अभियान, वाटर शेड, श्रम विभाग, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन, श्रमोदय विद्यालय, पोषण शक्ति अभियान, आजीविका मिशन सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ ने जलगंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत डगवेल रिचार्ज संरचनाएँ, कपिल धारा कूप निर्माण, मेढ़बंधान ,पशु शेड एवं बकरी शेड निर्माण आदि के संबंध में जानकारी दी। गोई एवं डेब नदियों के उद्गम स्थल पर भी वृक्षारोपण के कार्य की जानकारी दी। साथ ही आगामी दिनों में शुरू हो रहे एक बगिया माँ के नाम परियोजना के संबंध में भी बताया। मंत्री पटेल ने कहा कि यह परियोजना महिलाओं के रोजगार उन्मुखीकरण को लेकर प्रदेश सरकार की एक नवीन पहल है। जरूरी है कि सकारात्मक एवं जन उपयोगी परिणाम आये। बैठक के दौरान बताया गया कि 30 ट्राइबल हीलर को आयुष विभाग के माध्यम से आयुष वाटिका भी लगाई जा रही हैं। श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कर्मकार मण्डल के श्रमिकों को बेहतर सूचनाएं प्राप्त हो। बैठक में सांसद गजेन्द्र सिंह पटेल, विधायक श्याम बरडे, जिला पंचायत अध्यक्ष बलवन्त सिंह पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।