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राज्यपाल पटेल ने गरीब, वंचितों के आवास निर्माण में समृद्ध वर्ग से सहयोग का किया आव्हान

समाज और सरकार मिलकर काम करें: राज्यपाल पटेल ने पीएम जनमन योजना में सहयोग की अपील राजभवन में पीएम जनमन योजना की समीक्षा बैठक संपन्न भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि पीएम जनमन योजना जनजातीय वर्ग के कल्याण की अभूतपूर्व योजना है और यह समाज के वंचित वर्गों के उत्थान का प्रयास है। समरस समाज के निर्माण की इस पहल में सरकार के साथ समाज को भी सहयोग के लिए आगे आना चाहिए। राज्यपाल ने आव्हान किया कि पीएम जनमन आवास योजना के आवासों को और अधिक बेहतर बनाने के लिये समाज के समृद्ध वर्ग का सहयोग प्राप्त किया जाना चाहिए। राज्यपाल पटेल पीएम जनमन योजना की प्रगति की मंगलवार को राजभवन में समीक्षा कर रहे थे। बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अधिकारियों से अपेक्षा की है कि प्रशासनिक स्तर पर निर्माण कार्य की मज़बूती के लिए सामग्री की गुणवत्ता के साथ निर्माण की देख-रेख के प्रयासों में मैदानी सहयोग और नवाचार को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। गुणवत्तापूर्ण सामग्री की लागत को कम करने, कीमतों में समन्वय, स्थानीय और हरित निर्माण सामग्री के उपयोग की संभावनाओं को तलाशा जाना चाहिए। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आवास की मज़बूती से कोई समझौता नहीं हो। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना जनजातीय समुदाय को समग्रता में लाभान्वित करने की योजना है। हितग्राहियों को लाभान्वित करने की दृष्टि से सबसे गरीब को सबसे पहले प्राथमिकता देना चाहिए और आवास मजबूत और सुविधा जनक हो। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा आवास निर्माण स्थल का निरीक्षण निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सहयोग की दृष्टि से किया जाना चाहिए। स्थल चयन, आकार और निर्माण के दौरान लगने वाली सामग्री की उपलब्धता और गुणवत्ता संबंधी विभिन्न पहलुओं पर हितग्राहियों को सहयोग और मार्गदर्शन दिया जाना चाहिए। बैठक में राज्यपाल को बताया गया कि आवास निर्माण के लिए स्थानीय सामग्री उपलब्ध कराने की पहल की गई है। ईंट निर्माण में स्व-सहायता समूहों को जोड़ा गया है। पर्यावरण अनुकूल निर्माण प्रयासों की भी पहल की गई है। निर्माण सामग्री की दर को कम करने के लिए जिला स्तर पर मूल्य निर्धारण की कार्यवाही भी की गई है। समीक्षा बैठक में राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव दिनेश जैन, जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव श्रीमती जमुना भिड़े और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

ग्रामीण अंचलों में विकास कार्यों को मिलेगी गति: मंत्री पटेल

भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में वायब्रेंट ग्राम सभा के माध्यम से ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि ग्राम सभा केवल औपचारिकता न होकर गाँव की वास्तविक सरकार है, जो जनता के बीच बैठकर उनके लिए निर्णय लेती है। इस दृष्टि से प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम सभाओं को नियमित, सुव्यवस्थित और सहभागितापूर्ण बनाने के लिये विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जनप्रतिनिधि और अधिकारियों की जवाबदेही होगी सुनिश्चित निर्देशों के अनुसारप्रत्येक ग्राम सभा में विकास कार्यों की समीक्षा और अनुमोदन अनिवार्य होगा। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति से योजनाओं की जवाबदेही सुनिश्चित होगी। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से योजनाओं के चयन और क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी। सभी बैठकों का ऑनलाइन पंजीकरण और मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। ग्रामीण अंचलों में विकास कार्यों को मिलेगी गति मंत्री श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश ग्रामीण विकास की दिशा में नए आयाम स्थापित कर रहा है। वायब्रेंट ग्राम सभा इस दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है, जो गाँव-गाँव में लोकतंत्र को सशक्त कर रही है। श्री पटेल ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल ग्रामीण अंचलों में विकास कार्यों को गति प्रदान करेगी और आत्मनिर्भर ग्राम की दिशा में ठोस कदम साबित होगी।  

राज्यपाल पटेल 20 अगस्त को मंडला में आयुष विभाग की कार्यशाला में होंगे शामिल, आयुष मंत्री परमार भी उपस्थित

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल 20 अगस्त को मंडला जिले के सेमर खापा में आयुष विभाग द्वारा "परंपरागत चिकित्सा का स्वास्थ्य संवर्धन में योगदान एवं सिकल सेल एनीमिया प्रबंधन" विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में शामिल होंगे। कार्यशाला में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार भी शामिल होंगे। कार्यशाला में जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह, पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं मंडला जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल भी उपस्थित रहेंगे। एकदिवसीय यह कार्यशाला मंडला जिले के सेमरखापा स्थित एकलव्य विद्यालय परिसर के ऑडिटोरियम में प्रातः10.30 बजे आयोजित होगी। प्रदेश में पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से जनस्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने एवं क्षेत्र-विशिष्ट स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गई है। कार्यशाला में मंडला एवं समीपवर्ती जिलों के जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया की व्यापकता एवं पारंपरिक वैद्यों की सक्रिय भूमिका को दृष्टिगत रखते हुए व्यापक विचार-विमर्श होगा। कार्यशाला में आयुर्वेदिक चिकित्सकों के अनुभव साझा किए जाएंगे एवं उनके ज्ञान का संवर्द्धन भी किया जाएगा।  

राज्यमंत्री पटेल ने मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश

भोपाल  लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने आगामी त्यौहारों के मद्देनज़र मिलावटी खाद्य सामग्री की संभावित बिक्री पर रोक लगाने के लिए प्रदेशभर में सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलों के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को सतर्क रहते हुए मिलावटखोरों के विरुद्ध तत्काल और कठोर कार्रवाई करने के लिए कहा है। राज्य मंत्री पटेल ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी एवं गणेश चतुर्थी जैसे आगामी त्यौहारों के दौरान दूध, मिठाइयों और अन्य खाद्य सामग्री में मिलावट की आशंका बढ़ जाती है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर खतरा उत्पन्न होता है। उन्होंने निर्देश दिए कि दूध एवं उससे बने उत्पादों के साथ-साथ फल-सब्जियों में केमिकल व कार्बाइड के उपयोग की भी कड़ी निगरानी की जाए। मिलावटी सामग्री पाए जाने पर तत्काल जब्ती और संबंधित खाद्य कारोबारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। राज्यमंत्री पटेल ने मिलावट के विरुद्ध जन-जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया है, जिससे नागरिक सजग रहें और उन्हें सुरक्षित व शुद्ध खाद्य सामग्री प्राप्त हो सके।  

बहुदिव्यांग बालिकाओं ने राजभवन का किया भ्रमण

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जीवन में सफलता और आगे बढ़ने के लिए निरंतर सीखते रहना चाहिए। राज्यपाल बहुदिव्यांग बालिकाओं से उनके शिक्षकों के माध्यम से राजभवन के सभा कक्ष जवाहर खण्ड में आत्मीय चर्चा कर रहे थे। राज्यपाल पटेल से सौजन्य भेंट करने के लिए आनंद सर्विस सोसायटी की मूकबधिर बहुदिव्यांग बालिकाएं शुक्रवार को इंदौर से राजभवन आईं थीं। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता भी मौजूद थे। निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दिव्यांग बालिकाओं से उनके मार्ग दर्शकों के माध्यम से परिचय प्राप्त किया। उनके जीवन की कठिनाईयों और सफलताओं को जाना। उनको निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। दिव्यांग बालिकाओं के साथ बालिका सुगुरदीप कौर वासु के संघर्ष और सफलता की कहानी पर आधारित वीडियो फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। उन्होंने दिव्यांग बालिकाओं और शिक्षकों के साथ सह-भोज भी किया। राजभवन भ्रमण के अनुभव किए साझा राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सभी बालिकाओं से राजभवन भ्रमण के अनुभव जाने और सामूहिक चित्र भी खिंचवाया। बालिकाओं ने सांकेतिक भाषा में ऐतिहासिक राजभवन परिसर और विशेष रूप से आर्ट गैलेरी भ्रमण के सुखद अनुभव साझा किए। उन्होंने राज्यपाल के प्रति मुलाकात, सह-भोज करने और राजभवन भ्रमण का अवसर देने के लिए आत्मीय आभार जताया।  राज्यपाल को स्व-रचित कलाकृतियां की भेंट राज्यपाल मंगुभाई पटेल से भेंट के अवसर पर मूकबधिर बहुदिव्यांग बालिका सुदिव्या गोले और वैष्णवी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। उन्हें सुकिरण विश्वकर्मा और अन्य बालिकाओं ने स्वयं द्वारा सृजित पैंटिंग और कलाकृतियां भेंट की। राज्यपाल ने देखी बहुदिव्यांग गुरदीप पर बनी फिल्म राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बालिकाओं के साथ मध्यप्रदेश वाणिज्य कर विभाग में कार्यरत मूकबधिर बहुदिव्यांग शासकीय सेवक सुगुरदीप के जीवन और संघर्षों पर आधारित लघु फिल्म को देखा। उन्होंने उपस्थित बालिकाओं से गुरदीप के जीवन के संघर्षों और सफलताओं से प्रेरणा लेने और निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने गुरदीप के परिजनों, संस्था के शिक्षकों और प्रतिनिधियों के समर्पण की प्रशंसा की। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, संस्था की को-फाउंडर और संचालक श्रीमती मोनिका पुरोहित, सचिव ज्ञानेन्द्र पुरोहित, गुरदीप की माताजी श्रीमती सीमा मंजीत कौर, शिक्षिका श्रीमती मृणालिनी शर्मा और बालिकाएं उपस्थित रही।  

मध्यप्रदेश के बड़े गांवों को मिलेगा नियोजित विकास का तोहफा, मास्टर प्लान की तैयारी शुरू

भोपाल  मध्य प्रदेश के 2000 से ज्यादा आबादी वाले गांवों को आदर्श गांव बनाने के लिए जल्द ही एक मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा. इसके लिए संभागों से 5-5 गांवों का चयन किया गया है. प्रदेश के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बताया कि इस योजना के तहत पहले चरण में राज्य के संभागों से 5-5 गांवों का चयन किया गया है, जिन्हें आदर्श गांवों के रूप में विकसित किया जाएगा. मंत्री ने कहा कि मास्टर प्लान का उद्देश्य 2000 से अधिक आबादी वाले गांवों का विकास करना है ताकि विकास का प्रवाह अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक पहुंच सके. इस योजना का उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों की पहचान करना है जहां विकास को लागू करके बदलाव लाया जा सके. इस मामले पर बात करते हुए पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश के गांवों को लेकर मास्टर प्लान का उद्देश्य 2,000 से अधिक आबादी वाले गांवों को विकसित करना है। इस मास्टर प्लान की विकास की धारा अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रयास ऐसे क्षेत्रों की पहचान करना है जहां विकास को अमली जामा पहना कर परिवर्तन लाया जा सके। इन गांवो के विकास के लिए सरकार की तरफ से मास्टर प्लान बनाकर इनका विकास किया जाएगा। इससे लोगों को काफी सुविधाएं मिल जाएंगी मंत्री ने कहा कि दो हजार से अधिक की आबादी वाले गांवों की पहचान होनी है ताकि उन्हें आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत पांच संभाग से पांच गांव लिए गए हैं, जिनमें इंदौर का परवलिया, उज्जैन का चिंतामन जवासिया, ग्वालियर का बदरवास, जबलपुर का बरमान और सागर का मडियादो शामिल हैं। पटेल ने कहा कि इन गांवों को आदर्श के तौर पर विकसित किया जाएगा ताकि अन्य गांवों के लिए योजना बनाने में सुविधा हो। प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि 2000 से अधिक आबादी वाले गांवों की पहचान की जानी है ताकि उन्हें आदर्श गांवों के रूप में विकसित किया जा सके. उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पांच संभागों से 5 गांवों को चुना गया है. इनमें इंदौर का परवलिया, उज्जैन का चिंतामन जवासिया, ग्वालियर का बदरवास, जबलपुर का बरमान और सागर का मड़ियादोह. उन्होंने कहा कि इन गांवों को मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा ताकि अन्य गांवों के लिए योजना बनाना आसान हो सके. 

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय को मिला नया मुख्य न्यायाधिपति, संजीव सचदेवा ने ली शपथ

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के 29वें मुख्य न्यायाधिपति की शपथ मनोनीत न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा को दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन गुरूवार को राजभवन के सांदीपनि सभागार में किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भी उपस्थित रहे। राज्यपाल पटेल और उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने नव नियुक्त मुख्य न्यायाधिपति सचदेवा को शपथ ग्रहण के बाद पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने शपथ ग्रहण समारोह का संचालन किया। उन्होंने राष्ट्रपति द्वारा न्यायाधीश संजीव सचदेवा को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधिपति नियुक्त किए जाने की अधिसूचना का वाचन किया। शपथ ग्रहण समारोह में खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार, विधायक रामेश्वर शर्मा, हरियाणा के पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, भोपाल नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, लोकायुक्त सत्येन्द्र कुमार सिंह, मुख्य सूचना आयुक्त विजय यादव, सदस्य मानवाधिकार आयोग राजीव टंडन, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय शुक्ल, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, रजिस्ट्रार जनरल मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय धरमिंदर सिंह, महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, जिला न्यायालय एवं बार के सदस्य, विभिन्न आयोगों के पदाधिकारी सहित जन प्रतिनिधि एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

पंचायतों को और सशक्त बनाने की दिशा में कदम, मंत्री पटेल ने की विभागीय समीक्षा

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बड़वानी जिले के सेंधवा के नगरपालिका भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल गंगा संवर्धन अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छता अभियान, वाटर शेड, श्रम विभाग, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन, श्रमोदय विद्यालय, पोषण शक्ति अभियान, आजीविका मिशन सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ ने जलगंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत डगवेल रिचार्ज संरचनाएँ, कपिल धारा कूप निर्माण, मेढ़बंधान ,पशु शेड एवं बकरी शेड निर्माण आदि के संबंध में जानकारी दी। गोई एवं डेब नदियों के उद्गम स्थल पर भी वृक्षारोपण के कार्य की जानकारी दी। साथ ही आगामी दिनों में शुरू हो रहे एक बगिया माँ के नाम परियोजना के संबंध में भी बताया। मंत्री पटेल ने कहा कि यह परियोजना महिलाओं के रोजगार उन्मुखीकरण को लेकर प्रदेश सरकार की एक नवीन पहल है। जरूरी है कि सकारात्मक एवं जन उपयोगी परिणाम आये। बैठक के दौरान बताया गया कि 30 ट्राइबल हीलर को आयुष विभाग के माध्यम से आयुष वाटिका भी लगाई जा रही हैं। श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कर्मकार मण्डल के श्रमिकों को बेहतर सूचनाएं प्राप्त हो। बैठक में सांसद गजेन्द्र सिंह पटेल, विधायक श्याम बरडे, जिला पंचायत अध्यक्ष बलवन्त सिंह पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

मंत्री श्री पटेल की सौजन्य मुलाकात, नवनियुक्त पंचायत CEO और विकासखंड अधिकारियों से की बातचीत

मंत्री  पटेल ने नवनियुक्त जनपद पंचायत CEO और विकासखंड अधिकारियों से की सौजन्य भेंट नए पदस्थ अधिकारियों से मिले मंत्री श्री पटेल, जनपद और विकास कार्यों को लेकर हुई चर्चा मंत्री श्री पटेल की सौजन्य मुलाकात, नवनियुक्त पंचायत CEO और विकासखंड अधिकारियों से की बातचीत भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बुधवार को अपने निवास पर नवनियुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं विकासखंड अधिकारियों से सौजन्य भेंट की। उन्होंने सभी अधिकारियों को सौपे गये दायित्वों के सफल निर्वहन के ‍लिये शुभकामनाएँ दी। उन्होंने अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। इस अवसर पर कोर्स डायरेक्टर श्री वीरेन्द्र पटेल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा-2022 से चयनित 23 मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं विकासखंड अधिकारियों का 45 दिवसीय प्रशिक्षण 26 मई से प्रारंभ हुआ था। प्रशिक्षण के दौरान नव नियुक्त अधिकारियों को विषय-विशेषज्ञों द्वारा विभागीय योजनाओं एवं कार्यप्रणाली की जानकारी प्रदान की गई। अधिकारियों को महिला बाल विकास, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, कृषि, उद्यानिकी, श्रम सहित 12 विभिन्न विभागों में प्रशिक्षण दिलाया गया एवं विभागों की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। आदर्श ग्राम पंचायत भोजपुर, आदर्श जनपद पंचायत सांची और जिला पंचायत भोपाल का भ्रमण कराया गया। प्रशिक्षु अधिकारियों को सांची, भीमबेटका, भोजपुर सहित अन्य पर्यटन स्थलों एवं विधानसभा, विकास भवन, संभाग आयुक्त कार्यालय सहित प्रमुख प्रशासकीय कार्यालयों का भ्रमण कराया गया। प्रशिक्षण समापन के उपरांत नवनियुक्त अधिकारियों को जनपद पंचायतों एवं विकासखंडों में पदस्थ किया गया है।  

पेसा एक्ट जनजातीय पहचान और स्वशासन की गारंटी देता है: मंत्री श्री पटेल

पेसा एक्ट जनजातीय समाज की स्वतंत्रता और संस्कृति की ढाल है: मंत्री पटेल मंत्री पटेल बोले– पेसा एक्ट आदिवासी जीवन मूल्यों और अधिकारों की सुरक्षा का कानून है पेसा एक्ट जनजातीय पहचान और स्वशासन की गारंटी देता है: मंत्री श्री पटेल नवनियुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं विकासखंड  अधिकारियों के प्रशिक्षण का समापन पेसा कानून के क्रियान्वयन पर हुई विशेष कार्यशाला भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि नवनियुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं विकासखंड अधिकारियों की पहली पोस्टिंग प्रदेश के जनजातीय विकासखंड में की जा रही है। इन विकासखंडों में पेसा मोबलाइजर्स के साथ कार्य कर नवनियुक्त अधिकारियों को जमीनी स्तर पर पेसा कानून के क्रियान्वयन की जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि पेसा कानून के क्रियान्वयन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ ही जनजाति कार्य विभाग की बड़ी भूमिका है। उन्होंने पेसा कानून को जनजातीय समाज की स्वतंत्रता और जीवन मूल्यों की रक्षा का माध्यम बताया। मंत्री पटेल मंगलवार को मध्यप्रदेश जल एवं भूमि प्रबंध संस्थान (वाल्मी) भोपाल में नवनियुक्त जनपद सीईओ एवं बीडीओ के प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं पेसा कानून पर कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों को प्रमाण पत्र प्रदान किये और स्मृति दर्पण पुस्तिका का भी विमोचन भी किया। मंत्री पटेल ने कहा कि शासकीय सेवा को व्यक्तिगत लाभ न मानते हुए समाज और संस्था की प्रतिष्ठा का माध्यम बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपनी सेवा जनजातीय क्षेत्र में होने पर स्वस्थ मन से, निष्काम भाव से जनजातीय सांस्कृतिक विरासत के लिए, उनके जीवन दर्शन के लिए, उनको दबावों से मुक्त कराने के लिए कार्य करें। मंत्री पटेल ने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करने के लिए प्रदेश के विभिन्न पंचायत में 1400 से अधिक नवीन ग्राम पंचायत भवन स्वीकृत कराए गए है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज को मज़बूत करना केवल इमारतें बनाना ही नहीं, बल्कि संसाधनों और सही माहौल की उपलब्धता से संभव है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण का उद्देश्य केवल पौधे लगाना ही नहीं उनका संरक्षण करना भी आवश्यक है। अब फेंसिंग और पानी की व्यवस्था के बिना पौधारोपण नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह प्राकृतिक संसाधनों जैसे जल स्रोत, भूमि को पुनर्जीवित करने के प्रयास करना चाहिए। मंत्री पटेल ने कहा कि ग्रामीण विकास में पात्र व्यक्ति को सबसे पहले लाभ मिलना न्याय की सच्ची परिभाषा है। सभी पात्र हितग्रहियों को शासन की योजनाओं के लाभ पहुंचाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नए अधिकारियों को जनजातीय विकासखंड में भेजने से उन्हें अधिक जमीनी अनुभव मिलेगा। पेसा एक्ट के अंतर्गत ग्राम सभाओं की सक्रियता और वास्तविक बैठकें सुनिश्चित करने पर बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गौण खनिज अधिकारों की रक्षा की ज़िम्मेदारी अब जनपद सीईओ की होगी। उन्होंने कहा कि प्रकृति का सम्मान आवश्यक है- नदी, पहाड़ और वृक्ष जीवनदायिनी संगम हैं। जनजातीय समाज की प्रकृति के प्रति आस्था और उनकी जीवन शैली से सीखना चाहिए। मंत्री पटेल ने “जल गंगा संवर्धन अभियान” और “एक बगिया माँ के नाम” अभियान के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत प्रदेश में जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कई कार्य किए गए। मंत्री पटेल ने कहा कि अभियान के तहत उन्होंने 80 से अधिक छोटी नदियों के उद्गम स्थलों का दौरा किया। उन्होंने बताया कि जल स्रोतों के संरक्षण के साथ ही पौधों के संरक्षण के लिए “एक बगिया मां के नाम” अभियान की शुरुआत 15 जुलाई से की जा रही है। इस अभियान के तहत एक एकड़ ज़मीन पर बगिया लगाने के लिए ₹3 लाख की सहायता दी जाएगी – पहले साल ₹2 लाख, फिर क्रमशः ₹52,000 और ₹48,000 की किश्तों में दी जाती है। स्व सहायता समूह की महिलाओं को निजी भूमि पर बागवानी के लिए विशेष आर्थिक सहायता दी जाएगी। मंत्री पटेल ने कहा कि मनरेगा योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए सिपरी सॉफ्टवेयर का उपयोग शुरू हो चुका है, जिससे योजनाएं वैज्ञानिक आधार पर बनेगी और चलेंगी। उन्होंने कहा कि कई योजनाओं की असफलता का कारण साइट सिलेक्शन की गलतियां हैं, जिसे नवीन तकनीक का समावेश कर ठीक किया जा सकता है। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह, डायरेक्टर वाल्मी श्रीमती सरिता बाला, उप सचिव ह्रदयेश श्रीवास्तव सहित जनजातीय विकासखंडों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत के नवनियुक्त सीईओ एवं बीडीओ, 20 जिलों के जिला पेसा समन्वयक तथा जनजातीय विकासखंडों के समन्वयक उपस्थित थे।