samacharsecretary.com

मंत्री पटेल ने जल गंगा संवर्धन अभियान में श्रेष्ठ कार्य करने के लिये विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की सराहना की

भोपाल  राज्य रोजगार गारंटी परिषद में काम करने वाले संविदा कर्मियों में से किसी की भी आकस्मिक मौत होती है या कोई दुर्घटना में घायल हुए तो उनके परिजनों को सरकार आर्थिक मदद देगी। मनरेगा में कामों की स्थिति का सटीक आंकलन करने, पारदर्शिता लाने और कामों में तेजी लाने के लिए ड्रोन का उपयोग किया जाएगा। इन विषयों पर मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने राज्य रोजगार गारंटी परिषद की कार्यकारिणी समिति की बैठक में सहमति दे दी है। अधिकारी-कर्मचारियों की करी सराहना मनरेगा के अमले के लिए बीमा लाभ, वित्तीय एवं प्रशासकीय अधिकारों का प्रत्यायोजन, जीआरएस के रिक्त पदों की पूर्ति, संविदा अधिकारी-कर्मचारी और जीआरएस की विदेश यात्रा संबंधित प्रकरणों आदि विषयों की समीक्षा की। इतना ही नहीं मंत्री श्री पटेल ने जल गंगा संवर्धन अभियान में श्रेष्ठ कार्य करने के लिये विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की सराहना की।  न्होंने कहा कि जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन कार्य हमें सतत् जारी रखना है। भविष्य में पौधरोपण एवं उनके संरक्षण के लिये कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जाये। 15 अगस्त से लागू होगी योजना मंत्री श्री पटेल ने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों से पौधरोपण एवं संरक्षण के लिये 'मां की बगिया' योजना 15 अगस्त से लागू की जा रही है। यह योजना ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन में महत्वपूर्ण कारक बनेगी। 15 जुलाई से 15 अगस्त तक चिन्हित शासकीय भूमि पर एवं 15 अगस्त से 15 सितंबर पर निजी भूमि पर सघन पौधरोपण किया जायेगा। उन्होंने 'जल गंगा संवर्धन' अभियान में सिपरी सॉफ्टवेयर जैसी तकनीकों का उपयोग करने की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि हमारे यह प्रयास निश्चित ही आने वाली पीढ़ियों की जल आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होंगे।

राजभवन में गुलाब की विभिन्न प्रजातियों का उत्पादन होगा दोगुना

वर्ल्ड रोज कन्वेंशन 2028 वैश्विक संवाद और आतिथ्य का अभूतपूर्व अवसर : राज्यपाल आयोजन, विश्व स्तर पर भारत की बढ़ती साख का प्रतिफल: राज्यपाल मंगुभाई पटेल राजभवन में गुलाब की विभिन्न प्रजातियों का उत्पादन होगा दोगुना भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि वर्ल्ड रोज कन्वेंशन 2028 का भोपाल में आयोजन, भारत के लिए ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण है। यह आयोजन विश्व स्तर पर भारत की बढ़ती साख का प्रतिफल है। भारत को विश्वगुरू के रूप में स्थापित करने की ओर बढ़ा कदम है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल 21वें वर्ल्ड रोज कन्वेंशन- 2028 संबंधी बैठक को संबोधित कर रहे थें। इस अवसर पर उन्होंने मध्यप्रदेश रोज सोसायटी के मुख्य संरक्षक के रूप में वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटी द्वारा भारत को 2028 के आयोजन की मेजबानी के लिए मई 2025 में सौंपे गए ध्वज को ग्रहण किया। कन्वेंशन का आयोजन भोपाल में वर्ष 2028 में 7 से 13 जनवरी तक होगा। बैठक का आयोजन राजभवन के सांदीपनि सभागार में इण्डियन रोज फेडरेशन के तत्वावधान में मध्यप्रदेश रोज सोसायटी द्वारा किया गया था। राज्यपाल पटेल ने कहा कि वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटी के ध्वज को ग्रहण करना देश और प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का पल है। यह ध्वज 2028 के ऐतिहासिक आयोजन के गौरवपूर्ण कार्यक्रम की जिम्मेदारी, वैश्विक संवाद और आतिथ्य के अभूतपूर्व अवसर का प्रतीक है। राज्यपाल पटेल ने वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटी द्वारा भारत को पहली बार आयोजन की जिम्मेदारी सौंपने के लिए आभार ज्ञापित किया। उन्होंने वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटी के पहले भारतीय अध्यक्ष बनने पर सुशील प्रकाश को सम्मानित किया। इण्डियन रोज फेडरेशन और मध्यप्रदेश रोज सोसायटी को आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि वर्ल्ड रोज कन्वेंशन 2028 का मध्यप्रदेश के भोपाल में आयोजन, प्रदेश को विश्व स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाएगा। आयोजन की मेजबानी सम्पूर्ण मध्यप्रदेश और भोपाल शहर के लिए हर्ष और गर्व का विषय है। आयोजन के लिए रोज सोसायटी द्वारा भोपाल को रोज सिटी के रुप में विकसित करने की जानकारी पर राज्यपाल पटेल ने राजभवन में गुलाब की विभिन्न प्रजातियों के वर्तमान उत्पादन को दोगुना करने की पहल करने के लिए कहा है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि गुलाब धार्मिकता और पर्वित्रता का प्रतीक है। यह आत्मीयता और सहृदयता की पहचान है। उन्होंने कहा कि हम सभी आयोजन से जुड़े प्रत्येक कार्य और जिम्मेदारियों को भव्यता और दिव्यता के साथ सम्पन्न करने का संकल्प ले ताकि यह आयोजन दुनियां भर के प्रतिनिधियों के मन में प्रेरणादायी और यादगार अनुभव के रूप में अंकित हो। राज्यपाल पटेल ने मध्यप्रदेश और भोपाल के गुलाब प्रेमियों से आयोजन को सफल बनाने में सहयोग की अपील भी की। बैठक में संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि वर्ल्ड रोज कन्वेंशन 2028 का आयोजन मध्यप्रदेश टूरिज्म को बढ़ाने में भी मददगार होगा। पर्यटन विभाग द्वारा मेहमानों को मध्यप्रदेश दर्शन कराने की योजना भी तैयार की जाएगी। उन्होंने मध्यप्रदेश में इस आयोजन के लिए वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटी को धन्यवाद ज्ञापित किया। संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी का स्वागत उच्च शिक्षा, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने किया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल का पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. शिवशेखर शुक्ला ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और परिचयात्मक उद्बोधन दिया।बैठक में वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटी के अध्यक्ष सुशील प्रकाश ने वर्ल्ड रोज कन्वेंशन 2028 की तैयारी, योजना आदि पर आधारित पी.पी.टी. प्रस्तुतिकरण दिया। आभार मध्यप्रदेश रोज सोसायटी के अध्यक्ष एस.एस. गर्दे ने व्यक्त किया।    

मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा जल गंगा संवर्धन अभियान में विभाग द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया गया

भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान में विभाग द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत खेत तालाब, अमृत सरोवर, रीचार्ज पिट लक्ष्य से अधिक बनाये गये। अभियान में किये गये कार्यों के परिणाम आगामी वर्षों में परिलक्षित होंगे। मंत्री पटेल ने कहा कि बड़ी नदियों के अस्तित्व को बचाने के लिये छोटी नदियों के उद्गम स्रोतों का संरक्षण आवश्यक है। मंत्री पटेल सोमवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद कार्यकारणी की 7वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे। मंत्री पटेल ने जल गंगा संवर्धन अभियान में श्रेष्ठ कार्य करने के लिये विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन कार्य हमें सतत् जारी रखना है। भविष्य में पौधरोपण एवं उनके संरक्षण के लिये कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जाये। मंत्री पटेल ने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों से पौधरोपण एवं संरक्षण के लिये “मां की बगिया” योजना 15 अगस्त से लागू की जा रही है। यह योजना ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन में महत्वपूर्ण कारक बनेगी। 15 जुलाई से 15 अगस्त तक चिन्हित शासकीय भूमि पर एवं 15 अगस्त से 15 सितंबर पर निजी भूमि पर सघन पौधरोपण किया जायेगा। उन्होंने “जल गंगा संवर्धन” अभियान में सिपरी सॉफ्टवेयर जैसी तकनीकों का उपयोग करने की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि हमारे यह प्रयास निश्चित ही आने वाली पीढ़ियों की जल आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होंगे। मंत्री पटेल ने कहा कि संविदा अधिकारियों-कर्मचारियों की नवीन सेवा शर्तों में आकस्मिक मृत्यु/दुर्घटना के समय सहायता राशि प्रदान करने के प्रावधानों का समावेश करें। इस संबंध में सामान्य प्रशासन एवं वित्त विभाग के नियमों का पालन किया जाए। आयुक्त मनरेगा, अविप्रसाद ने मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी कार्यकारणी परिषद की 6वीं बैठक का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। बैठक में मनरेगा की भौतिक और वित्तीय प्रगति संविदा कर्मचारियों/अधिकारियों की नवीन सेवा शर्तों, ग्राम रोजगार सहायकों की सेवा शर्तों, विषय विशेषज्ञों की सेवाएं लेने, यंग प्रोफेशनल्स को संबद्ध करने, मनरेगा में ड्रोन तकनीक का उपयोग करने, भारत सरकार को भेजे गये प्रस्ताव आदि बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री पटेल ने कहा कि गौशालाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये स्वैच्छिक संस्थाओं (एनजीओ) स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जाये। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के तहत बनने वाली सड़कों की मरम्मत करने के लिये समय-सीमा तय की जाये। उन्होंने कहा कि “जल गंगा संवर्धन” अभियान के अंतर्गत किये गर्ये कार्यों का प्रभाव आंकलन 3 वर्ष उपरांत कराया जाये। इसके लिये बेस डेटा एवं एजेंसी अभी से तय की जाये। उन्होंने कहा कि सिपरी सॉफ्टवेयर के उपयोग के संबंध में अन्य विभागों, संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थाओं को सिपरी का एक्सेस उपलब्ध कराने के लिये विस्तृत नीति शीघ्र तय की जाये। मंत्री पटेल ने मनरेगा योजना अंतर्गत पदस्थ अमले के लिये विभिन्न प्रकार का बीमा लाभ, वित्तीय एवं प्रशासकीय अधिकारों का प्रत्यायोजन, जीआरएस के रिक्त पदों की पूर्ति, संविदा अधिकारी-कर्मचारी और जीआरएस की विदेश यात्रा संबंधित प्रकरणों आदि विषयों की समीक्षा की। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह, प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, संचालक पंचायती राज छोटे सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसआरएलएम श्रीमत हर्शिता सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी आरआरडीए दीपक आर्य सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

मंत्री पटेल ने राजीव गांधी जल संग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन की साधारण सभा की बैठक

जल, भूमि संरक्षण के लिये ठोस प्रयास आवश्यक : मंत्री पटेल हमें जल, भूमि संरक्षण के लिये अभी से ठोस प्रयास करने होंगे: मंत्री पटेल मंत्री पटेल ने राजीव गांधी जल संग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन की साधारण सभा की बैठक भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा है कि हमें जल, भूमि संरक्षण के लिये अभी से ठोस प्रयास करने होंगे। जल स्रोतों के रिचार्जिंग सिस्टम को बढ़ाना होगा। फसलों का चक्रीकरण और पौधरोपण में वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना होगा। मंत्री पटेल सोमवार को राजीव गांधी जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन की साधारण सभा की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बैठक में चिंता करते हुए कहा कि बढ़ती जनसंख्या के कारण जल स्रोतों के रिचार्जिंग सिस्टम धीरे-धीरे समाप्त होते जा रहे हैं। नदियों के उद्गम स्थलों का संरक्षण नहीं करने के कारण उनके स्रोत सूखते जा रहे हैं। मरूस्थलीकरण की प्रक्रिया तेजी से बढ़ रही है। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह, प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव पीएचई पी. नरहरि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री पटेल ने कहा कि “राजीव गांधी जल संग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन” के अंतर्गत विभिन्न विभागों से मिशन के परिणामों की जानकारी प्राप्त की जाए। उन्होंने कहा कि मिशन के तहत सभी परियोजनाओं का थीमेटिव विश्लेषण किया जाये। मंत्री पटेल ने कहा कि वॉटर शेड परियोजनाओं के बेहतर परिणामों के लिये एनजीओ को संबद्ध करने की नीति तैयार की जाये। उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना” की प्रगति का आंकलन जमीनी स्तर पर करें। मंत्री पटेल ने कहा कि वॉटर शेड परियोजनाओं के अंतर्गत क्लस्टर आधारित सब्जी उत्पादन का कार्य अच्छा करने वाले जिलों का स्वयं भ्रमण करेंगे। इस अवसर पर चंदेला-बुंदेला तालाबों का जीर्णोद्धार कार्यशाला प्रतिवेदन की पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। मिशन संचालक अवि प्रसाद ने बैठक में साधारण सभा के समक्ष विभिन्न एजेंडा प्रस्तुत किये। उन्होंने पीएमकेएसवाय 2.0 की प्रगति, वॉटर शेड परियोजनाओं का सोशल ऑडिट, परियोजना के प्रभावों का विश्लेषण, मिशन के संस्थागत सुदृढ़ीकरण, जीआईएस एवं एआई सुविधा विकसित करने आदि विषयों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मिशन के तहत वॉटर शेड परियोजनाओं के निरीक्षण के लिये एरिया ऑफिसर मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने वॉटर शेड वर्क मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर की जानकारी भी दी।