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नवागत जनपद सीईओ और विकास खंड अधिकारियों के अभिमुखीकरण प्रशिक्षण का हुआ समापन

नवागत जनपद सीईओ एवं विकास खंड अधिकारियों के अभिमुखीकरण प्रशिक्षण का हुआ समापन मंत्री पटेल ने नवनियुक्त अधिकारियों से किया संवाद, लक्ष्य आधारित कार्यशैली पर दिया जोर भोपाल भोपाल स्थित मध्यप्रदेश जल एवं भूमि प्रबन्ध संस्थान में नवागत मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जनपद पंचायत) एवं विकास खंड अधिकारियों के अभिमुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज समापन समारोह हुआ। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री पटेल ने नवनियुक्त अधिकारियों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि आगामी 3 वर्षों में ऐसा कार्य करें जिससे उन्हें स्वयं संतुष्टि प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि “आपकी आत्मसंतुष्टि ही इस बात का प्रमाण होगी कि आप आमजन के जीवन में कितना सकारात्मक परिवर्तन लाये है।” मंत्री पटेल ने अधिकारियों से उनके कार्य क्षेत्र, भविष्य की योजनाओं एवं चुनौतियों पर चर्चा की तथा उन्हें निरंतर संवाद बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि संवाद बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देता है और इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता आती है। उन्होंने आगे कहा कि कई बार हम यह सोचते हैं कि हम सभी कार्य कर सकते हैं, जो सकारात्मक सोच है, लेकिन अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार कार्य करने से बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। हर कार्य को एक स्पष्ट लक्ष्य, सुदृढ़ योजना और टीम वर्क के साथ किया जाए तो सफलता सुनिश्चित होती है। इस अवसर पर नव नियुक्त अधिकारियों ने प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्राप्त अपने अनुभवों को साझा किया। अधिकारियों ने बताया कि विगत 45 दिनों से संचालित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने उन्हें प्रशासनिक कार्य प्रणाली को समझने, विभिन्न क्षेत्रों का अवलोकन करने तथा जमीनी स्तर पर कार्य करने के व्यावहारिक पहलुओं को जानने का अवसर प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें विभिन्न स्थानों का भ्रमण करने का अवसर मिला, जिससे उन्होंने आने वाली चुनौतियों को समझते हुए अपने कार्य की रूपरेखा पर भी चर्चा की। कार्यक्रम के समापन अवसर पर मंत्री पटेल द्वारा सभी नवनियुक्त अधिकारियों को सम्मानित भी किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।  

राज्यपाल पटेल बोले: रोगियों के उपचार में सेवा भाव की भूमिका अहम

रोगियों के उपचार प्रयासों में सेवा भाव प्रमुख : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने की लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और आयुष विभाग की समीक्षा भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि दीन-दुखियों की सेवा मानवता की सेवा है। इससे आत्म संतोष मिलता है। प्रदेश को सिकल सेल और टी.बी. मुक्त बनाने के प्रयासों में सेवा भाव को सर्वोपरि होना चाहिए।    राज्यपाल पटेल मंगलवार को लोकभवन में सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन 2047 एवं टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और आयुष विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। जनजातीय प्रकोष्ठ द्वारा जवाहर खण्ड सभागार में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सिकल सेल रोगियों को आयुष्मान योजना के तहत दी जाने वाली सुविधाएं और पात्रता आदि की समुचित जानकारी दें। प्रदेश स्तरीय सिकल सेल उन्मूलन कार्यक्रम के तहत शून्य से 40 वर्ष तक के व्यक्तियों की विशेष तौर पर जाँच करें। जाँच शिविरों में आमजन को बताएँ कि आयुष्मान भारत योजना के तहत सिकल सेल एनीमिया का इलाज कवर होता है। उन्होंने आयुष्मान योजना के तहत सिकल सेल रोगियों के इलाज की जिलेवार समीक्षा की। जन प्रतिनिधि पोषण आहार वितरण में करें सक्रिय सहयोग राज्यपाल पटेल ने बैठक में टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश को टी.बी. मुक्त बनाने स्थानीय जन प्रतिनिधियों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विशेष कर जनजातीय क्षेत्रों के जन प्रतिनिधि टी.बी. रोगियों को पोषण आहार वितरण में सक्रिय सहयोग करें। राज्यपाल पटेल ने नि:क्षय मित्रों की जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में और अधिक नि:क्षय मित्रों को जोड़कर पोषण आहार वितरण को बढ़ाने के प्रयासों पर बल देने के निर्देश दिए है।  खनन क्षेत्रों में भी कराएं टी.बी. की सघन जाँच राज्यपाल पटेल ने खनन क्षेत्रों में निवासरत और कार्यरत व्यक्तियों की टी.बी. जाँच कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सिकल सेल जाँच लक्ष्य एवं पूर्ति, जेनेटिक कार्ड वितरण, हाईड्राक्सी यूरिया की उपलब्धता, गर्भावस्था में माताओं और शिशुओं का सिकल सेल प्रबंधन, सिकल सेल रोगियों को आयुष्मान कार्ड वितरण, आयुष्मान योजना का लाभ, दिव्यांगता प्रमाण पत्र वितरण, 125 दिवसीय सिकल सेल जागरूकता अभियान आदि विस्तार से समीक्षा कर जरूरी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री और लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने आयुष्मान कार्ड की प्रगति, सिकल सेल और टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम के विभिन्न मानको को शत-प्रतिशत पूरा करने विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। राज्यपाल पटेल को आयुष विभाग के प्रमुख सचिव शोभित जैन ने जिलेवार दवा वितरण, घर-घर दवाई वितरण, जाँच आदि कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। जैन ने अनुसूचित जनजाति बाहुल्य जिलों में औषधि वितरण के विशेष प्रयासों और नवाचारों की जानकारी भी दी। राज्यपाल पटेल को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. सलोनी सिडाना ने राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की उपलब्धियों, सघन स्क्रीनिंग, 100 दिवसीय नि:क्षय अभियान, नि:क्षय मित्र, पोषण आहार वितरण आदि की जानकारी दी। राज्यपाल पटेल के निर्देशानुसार प्रारंभ किए गए अनुसूचित जनजाति छात्रावासों में विद्यार्थियों की टी.बी. जाँच, परामर्श, उपचार आदि के बारे में भी बताया। बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण के अपर मुख्य सचिव अशोक कुमार बर्णवाल, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव श्रीमती मीनाक्षी सिंह, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं आयुष विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और लोकभवन के अधिकारी मौजूद रहे।    

मन की बात: सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने की पहल, राज्यपाल पटेल ने की सराहना

‘मन की बात’ सकारात्मक सोच बनाने की पहल : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने दिव्यांगजनों के साथ सुनी ‘मन की बात’ राज्यपाल ने 11 आत्मनिर्भर दिव्यांगों का किया सम्मान भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देश में हो रहे सकारात्मक बदलावों से प्रेरणा प्राप्त करने की पहल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक दूरदर्शी नेता और अत्यंत संवेदनशील व्यक्तित्व हैं, जिन्हें ईश्वर ने समानुभूति और सहानुभूति की दिव्य भावनाएँ प्रदान की हैं। यह उनका नेतृत्व है, जिसने शारीरिक कमियों को देखने की समाज की सोच को ‘दिव्यांग’ की उपमा से विशिष्ट क्षमताओं को पहचानने में परिवर्तित किया है। ‘मन की बात’ कार्यक्रम नवाचार और चुनौतियों का आगे बढ़कर सामना करने की सकारात्मक सोच निर्माण की अभूतपूर्व पहल है। राज्यपाल पटेल ने यह बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ के सामूहिक श्रवण कार्यक्रम में उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कही। ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण रविवार को अंजनी सभागार, रविन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित किया गया था। राज्यपाल ने कार्यक्रम में आत्मनिर्भर 11 दिव्यांगों को सम्मानित किया। ‘मन की बात – उमंग के साथ’ कार्यक्रम का आयोजन ‘उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी’ द्वारा विशेष बच्चों के लिए संचालित ‘उमंग विशेष विद्यालय’ की 20वीं वर्षगाँठ पर किया गया। राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रस्तुतियाँ दिव्यांगों की इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प की दिव्यता का प्रमाण हैं, जो यह दर्शाती हैं कि शारीरिक सीमाएँ हौसलों को रोक नहीं सकतीं। सामान्य जन, जो मामूली बातों में निराश हो जाते हैं, उनके लिए ये प्रस्तुतियाँ प्रेरणा का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी का मानना है कि देश की प्रगति के लिए समाज में समान अवसर, सहयोग और परस्पर सम्मान की सामूहिक भावना आवश्यक है। राज्यपाल कहा कि प्रधानमंत्री ने दिव्यांग भाई-बहनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण योजनाएँ संचालित की हैं। सार्वजनिक भवनों, परिवहन और सूचना तंत्र तक दिव्यांगजनों की सुलभ और बाधा-मुक्त पहुँच सुनिश्चित करने के लिए ‘सुगम्य भारत अभियान’ चलाया गया है। ‘सुगम्य भारत’ अभियान न केवल भौतिक सुविधाओं की उपलब्धता, बल्कि समाज के दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव और समावेशी सोच के विकास का भी प्रयास है। राज्यपाल पटेल ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के पूर्व ‘आत्मनिर्भर दिव्यांग सम्मान’ से बौद्धिक, शारीरिक निःशक्तता, श्रवण बाधित, डाउन सिंड्रोम, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम तथा दृष्टि बाधित दिव्यांगों को सम्मानित किया। सम्मानितों में मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन विभाग में कार्यरत सुप्रिया शर्मा, अमित मुरजानी, जीएसटी विभाग में कार्यरत शुभम मेहरा, लोकभवन में कार्यरत अजय सैनी, संस्कृति विभाग में कार्यरत सुमधु तिवारी, शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षिका श्रीमती प्रियंका विश्वकर्मा, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन में कार्यरत प्रथम आईआईटी शिक्षित दिव्यांग प्रखर कुमरावत, ताज लेक फ्रंट में कार्यरत सुस्तुति नितिन जोशी, अमेरिकन बैंक में कार्यरत अमन बुंदेला, गायिका सुरूचिका पांडेय तथा क्याकिंग एवं कैनोइंग खिलाड़ी सुपूजा गर्ग शामिल थीं। दिव्यांग बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना, ‘इचक दाना बीचक दाना’ गीत और ‘डूबी-डूबी’ गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में राज्यपाल का स्वागत पौधा एवं शाल भेंट कर किया गया। स्मृति-चिह्न प्रदान कर अभिनंदन किया गया। उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी की संचालिका श्रीमती दीप्ति पटवा द्वारा स्वागत उद्बोधन में बताया गया कि संस्था द्वारा दिव्यांगजनों की शिक्षा, आर्थिक एवं सामाजिक पुनर्वास के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। ‘मन की बात – उमंग के साथ’ कार्यक्रम में विधायक भगवान दास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, सेज समूह के अध्यक्ष संजीव अग्रवाल और रविन्द्र यति मंचासीन थे।  

राज्यपाल पटेल ने रामनवमी पर लोकभवन मंदिर में की पूजा-अर्चना

राज्यपाल पटेल ने रामनवमी पर लोकभवन मंदिर में की पूजा-अर्चना कन्या-पूजन कर उपहार प्रदान किए, प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने शुक्रवार को रामनवमी के पावन पर्व पर लोकभवन स्थित मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने कन्या-पूजन किया और कन्याओं को उपहार भी प्रदान किए। राज्यपाल पटेल ने श्रीराम जन्मोत्सव के अवसर पर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की है। कार्यक्रम में नियंत्रक हाउस होल्ड श्रीमती शिल्पी दिवाकर और लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।  

राज्यपाल पटेल से राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष पवैया ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल पटेल से राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष पवैया ने सौजन्य भेंट की भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने गुरूवार को राजभवन पहुँचकर सौजन्य भेंट की। आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने राज्य वित्त आयोग का कार्यभार ग्रहण करने की जानकारी राज्यपाल को दी। उल्लेखनीय है कि 23 मार्च 2026 को आयोग के अध्यक्ष पवैया के साथ आयोग के सदस्य के. के. सिंह तथा सदस्य सचिव वीरेन्द्र कुमार ने भी अपना-अपना कार्यभार ग्रहण किया है। राज्यपाल पटेल ने वित्त आयोग की भूमिका, कार्यप्रणाली तथा विभिन्न गतिविधियों को लेकर मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि राज्य वित्त आयोग अपने उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करते हुए प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस अवसर पर आयोग के अध्यक्ष पवैया ने राज्यपाल पटेल को आश्वस्त किया कि आयोग को सौंपे गए दायित्वों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन किया जाएगा और राज्य के विकास में आयोग अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभाएगा। राज्यपाल पटेल ने आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आयोग को सौंपे गए दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना ही राज्य और देश की सच्ची सेवा है।  

राज्यपाल पटेल ने सुदृढ़ीकृत नवनिर्मित प्रवेश द्वार का किया लोकार्पण

लोकभवन राज्य की प्रशासनिक गरिमा का प्रतीक- राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल ने सुदृढ़ीकृत नवनिर्मित प्रवेश द्वार का किया लोकार्पण भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने लोकभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक- 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का बुधवार को लोकार्पण किया। उन्होंने भारत माता के जयघोष के साथ फीता खोलकर प्रवेश द्वार का उद्घाटन किया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि लोकभवन प्रदेश की प्रशासनिक गरिमा का प्रतीक है। प्रवेश द्वारों का सुदृढ़ और सुव्यवस्थित होना सुरक्षा के साथ ही राज्य की सांस्कृतिक स्थापत्य पहचान को भी सशक्त करता है। उन्होंने राज्य की सांस्कृतिक विशिष्टताओं के अनुरूप गेट निर्माण के लिए संबंधित विभागों की सराहना की। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। लोकभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक- 1 एवं 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की पूर्णता तक लगभग 98 लाख 65 हजार रुपयों की लागत आई है। प्रवेश द्वारों की संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण, सौंदर्यीकरण, सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए कार्य किए गए हैं, जिससे लोकभवन परिसर का स्वरूप और अधिक आकर्षक, सुरक्षित और सुविधाजनक हुआ है। गांधी जयंती पर हुआ था प्रवेश द्वार क्र.- 1 का लोकार्पण राज्यपाल पटेल ने अप्रैल 2025 में लोकभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक- 1 एवं 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भूमि-पूजन किया था। उन्होंने पूजा-अर्चना कर निर्माण कार्य की आधारशिला रखी थी। राज्यपाल पटेल लोकभवन के प्रवेश द्वार क्र.- 1 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य के बाद विगत वर्ष गांधी जयंती के अवसर पर उसका लोकार्पण किया था। उसके बाद प्रवेश द्वार क्रमांक-2 का सुदृढ़ीकरण कार्य प्रारम्भ हुआ। इस अवसर पर राज्यपाल के उप सचिव सुनील दुबे, विशेष कर्तव्य अधिकारी अरविंद पुरोहित, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता संजय मस्के, वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता तथा लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।  

राज्यपाल ने ‘गुड़ी पड़वा’ और ‘भारतीय नव वर्ष’ के मौके पर नागरिकों को दी बधाई

राज्यपाल ने नागरिकों को 'गुड़ी पड़वा' और 'भारतीय नव वर्ष' पर दी हार्दिक बधाई नागरिकों से एकता और खुशहाली के लिए स्वयं को समर्पित करने का किया आहृवान भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रदेश के समस्त नागरिकों को 'गुड़ी पड़वा' और 'भारतीय नव वर्ष' के पावन अवसर पर हार्दिक बधाई एवं आत्मीय शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने प्रार्थना की है कि शक्ति की उपासना का यह पर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मकता और उत्तम स्वास्थ्य का संचार करे। राज्यपाल  पटेल ने अपने संदेश में भारतीय कालगणना के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा है कि चैत्र नवरात्रि के साथ प्रारंभ होने वाला हमारा नव वर्ष प्रकृति के नव-श्रृंगार, उमंग और भारत की गौरवशाली परंपरा का जीवंत प्रतीक है। यह पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और उसे नई पीढ़ी तक पहुँचाने का अवसर है। राज्यपाल पटेल ने समस्त प्रदेशवासियों का आह्वान किया है कि वे नव वर्ष के इस शुभ अवसर पर प्रदेश की एकता, अखंडता और खुशहाली के लिए स्वयं को समर्पित करने का संकल्प लें।  

राज्यपाल पटेल बच्चों के साथ “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में शामिल हुए

राज्यपाल  पटेल बच्चों के साथ “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में हुए शामिल लोक भवन आए विद्यार्थियों ने कहा- पीएम  मोदी का मार्गदर्शन सरल, रोचक और प्रेरक भोपाल       राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने लोकप्रिय कार्यक्रम “परीक्षा पे चर्चा”  को छात्र-छात्राओं के साथ लोक भवन में देखा। इस अवसर पर लोक भवन के जवाहर खण्ड में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और लोक भवन परिसर में रहने वाले परिवारों के बच्चे उपस्थित थे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का यह कार्यक्रम अभूतपूर्व है। देश के प्रधानमंत्री का विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद सार्थक और नवाचारी है, जो विद्यार्थियों को जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन देता है। चुनौतियों के समाधान के लिए नई प्रेरणा और आत्मबल प्रदान करता है। परीक्षा काल के दौरान आने वाली चुनौतियों और कठिनाईयों को दूर करने के तरीके और तकनीक बताता है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम केवल परीक्षा की तैयारी तक सीमित नहीं है। सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा से जुड़े तनाव का प्रबंधन सिखाता है। यह जीवन में संतुलन, अनुशासन और आत्मबल विकसित करने का मार्गदर्शन भी देता है। तनाव मुक्त रहना, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना और सोच को सकारात्मक बनाने की प्रेरणा उज्जवल भविष्य निर्माण का रास्ता है। विद्यार्थियों ने कहा : प्रधानमंत्री  मोदी के सरल, रोचक और प्रेरक संदेशों ने बढ़ाया आत्मविश्वास      राज्यपाल  पटेल द्वारा प्रधानमंत्री  मोदी के “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिये गए आमंत्रण से विद्यार्थी अभिभूत थे। सभी विद्यार्थियों ने इस अवसर को अपने जीवन का एक अद्भुत, प्रेरक और अविस्मरणीय अनुभव बताया। मॉडल स्कूल, टी.टी. नगर, भोपाल की कक्षा 12वीं की छात्रा सु आराध्या शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के सरल, व्यावहारिक और उत्साहवर्धक संदेशों से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। वह अब परीक्षाओं को लेकर अधिक सहज और सकारात्मक महसूस कर रही हैं। केन्द्रीय विद्यालय-2 के कक्षा 8वीं के विद्यार्थी अरिहंत जैन ने कार्यक्रम को व्यवहारिक सीख, चुनौतियों के रणनीतिक समाधान और परीक्षा के तनाव को कम करने में अत्यंत उपयोगी सुझावों का खजाना बताया। केन्द्रीय विद्यालय-1 की कक्षा 9वीं की छात्रा सु महक विमल ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम ने हम सब विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया है। उपस्थित सभी विद्यार्थियों ने "परीक्षा पे चर्चा" कार्यक्रम को परीक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने वाला महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया है। सभी छात्र-छात्राओं ने राज्यपाल  पटेल और प्रधानमंत्री  मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।      कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव, जनजातीय प्रकोष्ठ के सचिव  मालसिंह भयड़िया, लोक भवन के अधिकारी और छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।  

दुग्ध संकलन के साथ किसानों की आय बढ़ाने हो रहे हैं समन्वित प्रयास : पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री पटेल

सुनियोजित रणनीति अपनाते हुए किये जा रहे हैं नवाचार गौवंश के अवैध परिवहन पर वाहन किये जायेंगे राजसात पशुओं की नस्ल सुधार के लिए संचालित है हिरण्यगर्भा अभियान दुग्ध उत्पादन में प्रदेश की भागीदारी 9 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य दो वर्ष की उपलब्धि और आगामी 3 वर्ष की कार्य योजना की दी जानकारी भोपाल  पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने तथा पशुपालकों की आय में वृद्धि एवं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिये निरंतर प्रयास कर रही है। हमारा यह सतत प्रयास रहा है कि पशुपालन को आजीविका का मजबूत आधार बनाया जाए। श्री पटेल ने बताया कि पिछले 02 वर्षों में प्रदेश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के पथ पर निरंतर प्रगति की है। हमने शासन की विभिन्न योजनाओं और कार्यकमों के माध्यम से समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का संकल्प दृढ़ता से निभाया है। हमारी सरकार ने गौवंश के संरक्षण और संवर्धन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में निराश्रित पशुओं के लिए नवीन गौशाला नीति बनाई है। राज्यमंत्री श्री पटेल शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभा हॉल में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी मीडिया प्रतिनिधियों से साझा कर रहे थे। गौसंवर्धन राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा कि गौवंश की संख्या के मामले में मध्यप्रदेश का देश में दूसरा स्थान है। प्रदेश के 1.87 करोड़ गौवंश में से लगभग 70 प्रतिशत गौवंश अवर्णित नस्ल के हैं। शासन द्वारा निराश्रित गौवंश के व्यवस्थापन के लिए लगभग 2500 से अधिक गौशालाओं में 4 लाख 75 हजार से अधिक निराश्रित गौवंश को आश्रय दिया गया है। इसके अतिरिक्त गौशालाओं में निराश्रित गौवंश के व्यवस्थापन हेतु दिए जाने वाले अनुदान की राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रूपये प्रतिदिन/गौवंश की गई है। राज्य शासन द्वारा गौशालाओं के अनुदान के बजट को 250 करोड प्रति वर्ष से बढ़ाकर 505 करोड़ कर दिया गया है, जिसमे से 369.02 करोड़ की राशि गौशालाओ को वितरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शिता और संकल्पशक्ति के प्रतिफल से हमारी सरकार ने 'स्वावलंबी गौशालाओं (कामधेनु निवास) की स्थापना नीति 2025' लागू की है। निवेशकों को परियोजनाओं की स्थापना के लिए 5 हजार गौवंश के लिये अधिकतम 130 एकड़ भूमि उपयोग हेतु दी जाएगी। साथ ही प्रत्येक 1000 गौवंश की वृद्धि पर 25 एकड़ दी जा सकेगी। इस योजना में 20 स्वावलम्बी गौशाला की स्थापना हेतु निविदा जारी की गयी, जिसकी अंतिम दिनांक 29 दिसम्बर है। दुग्ध उत्पादन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा अनुसार देश के दुग्ध उत्पादन में प्रदेश की भागीदारी 09 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने के उददेश्य से अभिनव योजना "डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना" प्रारंभ की गई है। एक हितग्राही को एक आवेदन पर एक इकाई (25 दुधारू पशु) या एक से अधिक इकाई (अधिकतम 08 इकाईयों, 200 दुधारू पशु) लेने की पात्रता होगी। योजना अंतर्गत देशी नस्ल की गाय की इकाई की लागत 36 रूपये लाख तथा संकर नस्ल की गाय तथा भैंस की इकाई की लागत 42 लाख रूपये है। मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम के अंतर्गत पशुपालकों के भैसपालन की रूचि के अनुरूप दो दुधारू भैंस उपलब्ध करायी जाती है। पहले इस योजना को मात्र 3 जिलों सीहोर, विदिशा एवं रायसेन जिलों में थी, जिसे वर्ष 2024-25 से पूरे प्रदेश में लागू किया गया है। सहकारिता के माध्यम से दुग्ध संकलन व प्रसंस्करण सरकार द्वारा सहकारी प्रणाली और सांची ब्राण्ड को उन्नयन करने के उद्देश्य से एम.पी. स्टेट को-ओपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड तथा संबद्ध दुग्ध संघों के संचालन एवं प्रबंधन के लिए मध्यप्रदेश शासन, एम.पी. स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड एवं संबद्ध दुग्ध संघों तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के मध्य होने वाले सहकार्यता अनुबंध पर सहमति दी गई तथा सहकार्यता अनुबंध किया गया। हमारा लक्ष्य राज्य में औसत दुग्ध संकलन तीन वर्षों में 33 लाख लीटर प्रतिदिन से अधिक करना। सहकारिता अंतर्गत ग्रामों का कवरेज आगामी 3 वर्षों में बढ़ाकर 15 हजार से अधिक ग्रामों को कवर करना तथा दुग्ध सहकारी समिति सदस्यों की संख्या बढ़ाकर कुल 470 हजार करना। इस हेतु राज्य में 4000 करोड से अधिक का निवेश होगा। दुग्ध संघो द्वारा दूध खरीद मूल्यों में 2.50 रूपये से 8.50 रूपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई। हिरण्यगर्भा अभियान प्रदेश में पशुपालकों को समृद्ध करने हेतु पशुओं का नस्ल सुधार एक महत्वपूर्ण साधन है, इस हेतु "हिरण्यगर्भा अभियान" संचालित किया जा रहा है। परम्परागत सीमन डोज की जगह सॉर्टेड सेक्सड सीमन के ज्यादा से ज्यादा उपयोग हेतु जागरूक किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर लगभग 11500 हजार कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता (मैत्री) को प्रशिक्षित किया गया है। इन प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं में से अक्रियाशील कार्यकर्ता की पहचान कर उन्हें क्रियाशील तथा क्रियाशील कार्यकर्ताओं को रिफेंशर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दुग्ध संपर्क समृद्धि अभियान प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को दो गुना करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य पूर्ती हेतु आयोजित इस अभियान में पशुपालकों को पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य एवं नस्ल सुधार से होने वाले आर्थिक लाभ के विषय पर गृह भेंट कर उन्नत पशुपालन हेतु प्रेरित किया जा रहा है। अभियान तीन चरणों में संचालित होना है। प्रथम चरण में 10 या अधिक गाय भैंस के पशुपालक, द्वितीय में 5 या अधिक के पशुपालक तथा तृतीय चरण में 5 से कम पशुसंख्या वाले पशुपालक सम्मिलित होंगे। 

एम्स का निरीक्षण: राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने ली व्यवस्थाओं की जानकारी

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने किया एम्स का भ्रमण राज्यपाल ने व्यवस्थाओं की जानकारी ली, रोगियों की कुशल क्षेम पूछी भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का भ्रमण किया। अस्पताल की व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने रोगियों एवं उनके परिजनों से चर्चा कर कुशल क्षेम जाना। राज्यपाल पटेल ने एम्स परिसर में स्वयं द्वारा पूर्व में रोपे गए पीपल के पेड़ के विकास पर हर्ष व्यक्त कर पौधे को पानी भी दिया। राज्यपाल पटेल ने वर्ष 2022 में एम्स परिसर में पीपल का पौधा लगाया था। एम्स भ्रमण के दौरान वे हमेशा पौधे के रख-रखाव की जानकारी प्राप्त करते रहे। हैं। पौधे को पानी भी देते रहे हैं।