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महारानी गायत्री देवी पब्लिक स्कूल को धमकी भरे मेल से हड़कंप, जयपुर पुलिस ने स्कूल को घेरा

जयपुर राजधानी जयपुर के विद्याधर नगर इलाके स्थित महारानी गायत्री देवी पब्लिक स्कूल (MGPS) को सोमवार सुबह एक ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई। धमकी की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत पुलिस को सूचित किया और 3500 से अधिक छात्रों को स्कूल परिसर से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। विद्याधर नगर थाने के एसएचओ राकेश ख्यालिया ने बताया कि स्कूल की आधिकारिक मेल आईडी पर देर रात एक धमकी भरा मेल भेजा गया था। इस मेल में स्कूल भवन में विस्फोटक सामग्री होने का दावा करते हुए उसे बम से उड़ाने की बात लिखी गई थी। सुबह करीब 9:15 बजे जब स्कूल प्रशासन ने ईमेल चेक किया, तो धमकी की जानकारी सामने आई। तुरंत खाली कराया स्कूल परिसर धमकी को गंभीरता से लेते हुए स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। विद्याधर नगर थाना पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्कूल की पूरी बिल्डिंग को खाली कराया गया और लगभग 3500 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद बम स्क्वायड ने स्कूल की इमारत की गहन तलाशी शुरू की। पुलिस की प्रारंभिक प्रतिक्रिया एसएचओ के अनुसार फिलहाल बम जैसी कोई वस्तु स्कूल परिसर में नहीं मिली है, लेकिन पूरी सतर्कता बरती जा रही है। स्कूल की जांच अभी जारी है और हर कमरे, लैब और बेसमेंट की बारीकी से तलाशी ली जा रही है। साथ ही ईमेल भेजने वाले की पहचान के लिए साइबर सेल को भी अलर्ट कर दिया गया है। बच्चों और अभिभावकों में दहशत धमकी की खबर फैलते ही अभिभावकों में हड़कंप मच गया। कई अभिभावक घबराहट में स्कूल पहुंचे। स्कूल के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करते हुए सभी से शांति बनाए रखने की अपील की। स्कूल प्रशासन की ओर से भी कहा गया कि बच्चों को सुरक्षित उनके अभिभावकों तक पहुंचाया गया है। जांच जारी, साइबर टीम कर रही विश्लेषण पुलिस ने बताया कि भेजे गए ईमेल की ट्रैकिंग की जा रही है। मेल किस आईडी से, किस स्थान से और किस नेटवर्क के जरिए भेजा गया, इसकी गहन जांच साइबर क्राइम ब्रांच कर रही है। प्रथम दृष्टया मामला शरारतपूर्ण प्रतीत हो रहा है, लेकिन किसी भी संभावना को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा रहा।

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने 2025 में होने वाली परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया था, लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा

 भोपाल  मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने 2025 में होने वाली परीक्षाओं का कैलेंडर जारी कर दिया था, लेकिन इस कैलेंडर का पालन नहीं किया जा रहा है। कृषि स्नातक में प्रवेश के लिए आयोजित किए जाने वाले प्री-एग्रीकल्चर टेस्ट (पीएटी)-2025 मई में प्रस्तावित था, लेकिन अब 26 जुलाई को आयोजित किया जाएगा है। इस साल 15 भर्ती और पांच प्रवेश परीक्षाएं आयोजित किए जाने का कैलेंडर जारी किया गया था। इनमें से अब तक छह भर्ती परीक्षाएं ही आयोजित की जा सकी हैं, जो करीब एक या दो माह की देरी से हुईं। वहीं जुलाई से दिसंबर तक आठ प्रवेश परीक्षाओं के लिए अभी तक आवेदन ही नहीं लिए गए हैं। अब अगले साल 2026 में जनवरी से मई तक सात परीक्षाएं होंगी। अभ्यर्थियों का कहना है कि कई भर्ती परीक्षाएं समय से आयोजित नहीं की जा रही हैं, जिससे उम्र की समय-सीमा भी निकल रही है। सिलेबस अपलोड हो जाएं तो तैयारी में आसानी हो जाएगी इस साल के कैलेंडर के हिसाब से आठ परीक्षाएं होने वाली हैं। इसके अलावा मंडल नियमावली और सिलेबस भी आवेदन के साथ जारी करता है, जिससे अभ्यर्थियों को तैयारी का समय नहीं मिल पाता है। अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर पहले से सिलेबस अपलोड कर दिए जाएं तो परीक्षा की तैयारी करने में आसानी हो जाएगी। बता दें कि इस साल विभिन्न विभागों में करीब 25,472 पदों पर भर्ती प्रक्रिया की जा रही है। प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा का सिलेबस बदल दिया सरकारी स्कूलों के कुल 13089 पदों पर भर्ती के लिए प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। एक अगस्त तक आवेदन होंगे। 31 अगस्त से परीक्षाएं होने वाली हैं। परीक्षा में करीब डेढ़ माह का समय शेष है, लेकिन सिलेबस बदलने से परेशानी बढ़ गई है। इसमें बाल मनोविज्ञान, पर्यावरण और संस्कृत को हटाया गया है। साथ ही अंग्रेजी को वैकल्पिक के बदले अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा विज्ञान व सामाजिक विज्ञान के विषय को जोड़ा गया है। ऐसे में अभ्यर्थियों का कहना है कि नए सिलेबस के साथ परीक्षा की तैयारी करना संभव नहीं है। इसके लिए कम से कम दो से तीन माह का समय चाहिए। विभाग की ओर से पद तय करने में देरी होती है     कैलेंडर का पालन किया जाता है। कई बार विभाग की ओर से पद तय करने में देरी होती है। हालांकि पूरा प्रयास किया जाता है कि समय से परीक्षाएं हों और परिणाम भी समय से जारी किया जाए। – साकेत मालवीय, संचालक, ईएसबी  

बीजापुर में नक्सली आतंक: ग्रामीणों की हत्या से दहशत का माहौल

बीजापुर जिले के तर्रेम थाना क्षेत्र में नक्सलियों की एक बार फिर कायराना करतूत सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम छुटवाई निवासी कवासी जोगा उम्र करीब 55 वर्ष और बड़ा तर्रेम निवासी मंगलू कुरसम उम्र करीब  50 वर्ष की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई है। यह दर्दनाक घटना 20 और 21 जुलाई की दरम्यानी रात की बताई जा रही है। 4-5 अज्ञात नक्सलियों ने धारदार हथियारों से लैस होकर दोनों ग्रामीणों की बेरहमी से हत्या कर दी। थाना तर्रेम द्वारा घटना की जांच कर रही है। विस्तृत जानकारी मिलने पर आगे की जानकारी दिए जाने की बात कही गई है। बीते दिन बीजापुर जिले के भोपालपटनम ब्लाक के ग्राम कोण्डापडगु में आईईडी ब्लास्ट में 16 साल का एक नाबालिग गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बाद घायल हालत में नाबालिग को अस्पताल में भर्ती कराया। घटना उस वक्त हुई जब कृष्णा गोटा पिता फकीर निवासी कोण्डापडगु के जंगल में मवेशी चराने गया था। नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के मकसद से यहां आईईडी लगाया था। आइये जानतें हैं छत्तीसगढ़ में कब-कब हुए नक्सली हमले-     अप्रैल 2021 को बीजापुर और सुकमा जिले के तेर्रम जंगलों में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में 22 सुरक्षाकर्मी बलिदान को प्राप्त हुए थे।     मार्च 2018 को नक्सलियों के आईईडी विस्फोट में सुकमा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के नौ जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।     18 फरवरी 2018 को सुकमा के भेज्जी में नक्सलियों के साथ एनकाउंटर में पुलिस के दो जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।     24 अप्रैल 2017 को नक्सलियों के साथ सुकमा में मुठभेड़ में सीआरपीएफ के 24 जवान बलिदान हुए थे।     12 मार्च 2017 को सुकमा में माओवादी हमले में सीआरपीएफ के 12 जवानों ने शहादत दी थी।     11 मार्च 2014 में नक्सलियों के हमले में सुकमा सुरक्षा बलों के 15 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।     28 फरवरी 2014 को नक्सली हमले में दंतेवाड़ा में छह पुलिस ऑफिसर्स ने  शहादत दी थी।     25 मई 2013 को सबसे बड़े नक्सली हमले में पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व राज्य मंत्री महेंद्र कर्मा, नेता उदयमुदलियार, योगेंद्र शर्मा सहित कांग्रेस के 25 नेता मारे गये थे।     29 जून 2010 को नारायणपुर जिले में नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 26 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।     8 मई 2010 को नक्सलियों ने बीजापुर जिले में वाहन विस्फोट सीआरपीएफ के आठ जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।     6 अप्रैल 2010 को नक्सलियों ने घात लगतार दंतेवाड़ा जिले में हमला किया। सीआरपीएफ के 75 जवान शहीद शहादत को प्राप्त हुए थे।     27 जुलाई 2009 को नक्सलियों ने दंतेवाड़ा जिले में बारूदी सुरंग विस्फोट किया, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी।     9 जून 2025 को सुकमा में आईईडी ब्लास्ट में एएसपी आकाशराव गिरपूंजे वीरगति को प्राप्त, एसडीओपी और टीआई बुरी तरह से घायल  

पंचमुखी शिवलिंग का अद्भुत चमत्कार, छत्तीसगढ़ में संतान की मुरादें होती हैं पूरी

रायपुर  रायपुर के सरोना गांव में प्राचीन शिव मंदिर में दर्शन करने सुबह से ही श्रद्दालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। 250 साल पुराने इस पंचमुखी शिव मंदिर में सावन के दूसरे सोमवार को दर्शन करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। भक्त लाइन में लगकर अपनी-अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। मंत्रोच्चारण के बीच पंचमुखी भगवान शिव का मनमोहक श्रृंगार किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में बम-बम भोले के जयकारे लगते रहे। पूरा मंदिर परिसर जयकारों से गूंजता रहा। यह मंदिर दो तालाबों के बीच में बना हुआ है। दोनों तालाब इस मंदिर की खूबसूरती बढ़ाते हैं। बताया जाता है कि इस मंदिर के नीचे से तालाब का पानी बहता है। लोग इसे कछुआ वाले शिव मंदिर के नाम से भी जानते हैं। दोनों तालाब में 100 साल से अधिक उम्र के दो कछुओं समेत कई कछुए रहते हैं, जिसे देखने के लिए श्रद्धालु घंटों तालाब के किनारे खड़े रहते हैं। मंदिर की विशेषता मंदिर के पुजारी शंकर गोस्वामी ने बताया कि इस मंदिर को राजपूतों ने बनवाया था। 14 गांव के मालिक स्व. गुलाब सिंह ठाकुर नि:संतान थे। सरोना गांव के आसपास जंगलों में नागा साधुओं ने डेरा जमाया था। स्व. ठाकुर ने संतान प्राप्ति के लिए कई मन्नत मांगी। इस दौरान उनकी मुलाकात नागा साधुओं से हुई। इस पर साधुओं ने गांव के पास तालाब खुदवाकर शिव मंदिर बनाने की सलाह दी। इस पर तालाब खुदवाकर वहां शिव मंदिर बनवाया गया। इस पर ठाकुर परिवार को दो संतान की प्राप्ति हुई। आज भी इस मंदिर में लोग संतान प्राप्ति की कामना लेकर आते हैं। भोलेनाथ की कृपा नि:संतान लोगों पर बरसती हैं। यहां न सिर्फ छत्तीसगढ़ से बल्कि दूसरे राज्यों से भी लोग संतान प्राप्ति की कामना लेकर पहुंचते हैं। कछुओं की होती है पूजा यह मंदिर जितना पुराना है, उतने ही पुराने इस तालाब में रहने वाले कछुए और मछलियां हैं। पुजारी गोस्वामी के अनुसार, यहां के तालाब में मछलियां और कछुए भगवान शिव का ही अवतार माने जाते हैं। इन्हें नुकसान पहुंचाने वालों के साथ गंभीर दुर्घटना हो सकती है। इसलिए यहां आसपास रहने वालों ने कभी इस तालाब की मछलियां या कछुए पकड़ने की कोशिश नहीं की। इतना ही नहीं किसी बाहरी व्यक्ति भी ऐसा करने की कोशिश की तो अंजाम बुरा होता है। यहां लोग मछली और कछुए को भगवान का अवतार मानकर उनकी पूजा करते हैं और उन्हें प्रसाद के रूप में आटा खिलाते हैं। अनोखा है मंदिर का गर्भगृह इस मंदिर गर्भगृह में पंचमुखी शिवलिंग के साथ महादेव, पार्वती और भगवान गणेश की ऐसी प्रतिमा है, जिसमें महादेव ने अपनी गोद में भगवान गणेश को लिए हुए हैं। हंस पर सवार ब्रम्हा की मूर्ति स्थापित है। यहां विष्णु की प्रतिमा गरूढ़ के साथ विद्यमान है। गणेश और पार्वती भी विराजे हैं। द्वार रक्षक कीर्तिमुख है। पांच मुख वाले शिव भी विराजमान हैं। मान्यता है कि शिव की पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है। हर साल सावन और महाशिवरात्रि पर यहां  विशेष पूजा की जाती है। सन 1838 ईसवीं में इस मंदिर का निर्माण हुआ था। मंदिर की देखरेख ठाकुर परिवार करता है। सावन सोमवार को विशेष धार्मिक महत्व हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की पूजा अर्चना के लिये जाना जाता है। इस दौरान पूरे महीने भगवान महादेव की विधि-विधान से पूजा की जाती है। खास बात ये है कि सावन में पड़ने वाले हर सोमवार का विशेष धार्मिक महत्व होता है। क्योंकि सोमवार भगवान शंकर का दिन होता है। इस दिन शिवभक्त सोमवार का व्रत रखते हैं और इसे ही सावन सोमवार व्रत कहा जाता है। इस साल सावन महीने की शुरुआत 11 जुलाई 2025 को हुई थी, जिसका समापन 9 अगस्त को होगा। इस दौरान चार सावन सोमवार व्रत पड़ेंगे, जिसमें पहला सावन सोमवार व्रत 14 जुलाई को था। सावन सोमवार का व्रत रखने वाले श्रद्दालुओं पर महादेव की विशेष कृपा होती है। इस दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और आदि पूजन कार्य करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि सावन सोमवार का व्रत रखने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।   सावन सोमवार व्रत और पूजा विधि     जो लोग सोमवार व्रत पूरे साल रखना चाहते हैं, वे सावन के पहले सोमवार से इसकी शुरूआत कर सकते हैं। सावन सोमवार व्रत के नियमों का पालन करते हुए शिव पूजा करते हैं।     सावन सोमवार का व्रत रखने वाले जातक सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करें।     शिवलिंग पूजन करें। मंत्र आदि का जाप करें।     शिव जी को बेलपत्र, भांग, धतूरा, शमी के पत्ते, गाय का दूध, गंगाजल, भस्म, अक्षत्, फूल, फल, नैवेद्य आदि चढ़ाते हैं।     सावन सोमवार व्रत कथा का पाठ करें। शिव चालीसा, शिव रक्षा स्तोत्र पढ़ते हैं। शिव मंत्रों का जाप करते हैं।     व्रती जातकों को झूठ या अपशब्द बोलने, मांस-मंदिरा या नमकयुक्त भोजन से पूरी तरह से परहेज करना चाहिये।     व्रत के दौरान मन, वचन और कर्म से भी शुद्ध और पवित्र रहें। पूरे दिन भगवान शिव का स्मरण करें।     शाम के समय प्रदोष काल में धूप-दीप जलाकर पूजन करें और भगवान शिव की आरती उतारे।     सावन सोमवार के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त पूजा करने वालों के दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ता है। जिन लोगों का विवाह नहीं हुआ, उनके शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।     सावन के सभी सोमवार व्रत रखना चाहिए। इससे आपकी मनोकामना पूरी होगी। अगले दिन करें व्रत का पारण- शिवधर्मोक्त शास्त्र के अनुसार संध्याकाले पूजनान्ते विधिना पारणं कुर्यात अर्थात व्रत का पारण संध्या के समय पूजा पूर्ण होने के बाद करना चाहिए। किसी भी व्रत का फल तभी मिलता है जब पारण सही समय और सही विधि से हो। सावन सोमवार व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद किया जाता है। व्रत का पारण सूर्योदय (ब्रह्म मुहूर्त) के बाद किया जाता है। सूर्योदय के बाद व्रत का पारण करना परंपरागत माना जाता है। जानें कब-कब है सावन सोमवार-     पहला सावन सोमवार – 11 जुलाई 2025     दूसरा सावन सोमवार व्रत- 21 जुलाई 2025     तीसरा सावन सोमवार व्रत- 28 जुलाई 2025     चौथा सावन सोमवार व्रत- 4 अगस्त 2025  

स्वच्छता सिर्फ घर तक नहीं, पूरे शहर की जिम्मेदारी : अरुण साव

उप मुख्यमंत्री ने अटल परिसर का किया लोकार्पण, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी किया उप मुख्यमंत्री साव ने 30 करोड़ रुपए के कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन रायपुर,     उप मुख्यमंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज कोरबा नगर निगम कोरबा में लगभग 30 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें भूमिपूजन के 74 कार्य, राशि 24 करोड़ 76 लाख रुपए और लोकार्पण के 19 कार्य राशि चार करोड़ 60 लाख रुपए शामिल हैं। साव ने विवेकानंद उद्यान के सामने अटल परिसर का लोकार्पण किया। उन्होंने अटल परिसर में स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी किया। कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, विधायक प्रेमचंद पटेल, कोरबा नगर निगम की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत और सभापति नूतन सिंह ठाकुर भी शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री साव ने लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह गौरव की बात है कि अब प्रदेश के नगरीय निकायों को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त होने लगा है। कोरबा नगर निगम को भी स्वच्छता के लिए पुरस्कार मिलना गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि कोरबा में तेज गति से स्वच्छता के काम हो रहे हैं। आने वाले समय में कोरबा नम्बर वन पर रहे, इसके लिए आमजनों का सहयोग जरूरी है। साव ने कहा कि जिस तरह हर व्यक्ति अपने घर को स्वच्छ रखता है, उसी तरह शहर को भी अपना घर समझें और स्वच्छ रखें। कोरबा शहर साफ-सुथरा हो, इसके लिए सभी का सहयोग आवश्यक है। साव ने कोरबा के विकास के लिए नगर निगम में 72 कार्यों हेतु 18 करोड़ रुपए और देने की घोषणा करते हुए कहा कि कोरबा ऊर्जाधानी है और यहाँ के लोगों में ऊर्जा बनी रहे, इस दिशा में कार्य करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में विकास के लिए राशि उपलब्ध कराई जा रही है। अकेले कोरबा नगर निगम को 280 करोड़ की राशि विकास कार्यों के लिए दी गई है। उन्होंने कहा कि कोरबा जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की राशि से भी विकास के कार्य कराए जा रहे हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्योग व वाणिज्य तथा श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कोरबा के विकास के लिए पर्याप्त राशि प्रदान की है। इसके अलावा डीएमएफ और अन्य मद से भी कोरबा को विभिन्न कार्यों के लिए राशि दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिले से प्राप्त राशि को जिले में ही खर्च करने की व्यवस्था प्रदान की है। इससे कोरबा में लगातार विकास के कार्य कराए जा रहे हैं। देवांगन ने शहर के सभी 67 वार्डों में समग्र विकास कार्य कराने के लिए संकल्पित होने की बात कही और स्वच्छता के मामले में देश की रैंकिंग में नम्बर वन बनाने की दिशा में कार्य करने और आम नागरिकों से भी इसके लिए सहयोग की अपील की। उन्होंने अटल परिसर के निर्माण और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी की प्रतिमा के अनावरण होने पर इसे कोरबा के लिए गौरव बताया। कार्यक्रम को महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने भी सम्बोधित किया। कलेक्टर अजीत वसंत, एसपी सिद्दार्थ तिवारी और निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय सहित पार्षदगण और अन्य जनप्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।  

सावन माह के दूसरे सोमवार को छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ी

वाराणसी सावन के दूसरे सोमवार को वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर समेत तमाम शिव मंदिरों में भक्त उमड़ पड़े हैं. इसके साथ ही भोले बाबा को जल चढ़ाने के लिए कांवड़ियों का जत्था भी पहुंच गया है. रविवार रात से ही कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के बाहर दर्शन और जल अर्पण करने के लिए कांवड़ियों की लाइन लग गई. सोमवार सुबह से ही भोले के गीत गाते श्रद्धालु मंदिरों की ओर बढ़ते रहे. इसी क्रम में आगरा देवाधिदेव महादेव की भक्ति में डूब गया है. आगरा में रविवार शाम चार बजे से शिव भक्त अपने अपने क्षेत्र से परिक्रमा को निकले तो शहर में बम बम भोले के जयकारे गूंजने लगे. माथे पर बाबा के नाम का चंदन, मुंह पर हर-हर महादेव के नारे संग नंगे पैर ही शिव भक्त नाचते और गाते आगे बढ़े. देर रात से महादेव मंदिर में शिव भक्त जलाभिषेक कर रहे हैं. सुबह बल्केश्वर महादेव मंदिर पर जलाभिषेक के बाद परिक्रमा पूरी होगी. रविवार देर शाम बल्केश्वर महादेव मंदिर का उद्घाटन हो गया है. बता दें कि आगरा के चारों कोने पर प्राचीन शिव मंदिर हैं. जिनमें पूर्व में बल्केश्वर महादेव मंदिर, पश्चिम में पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर, उत्तर में कैलाश महादेव मंदिर और दक्षिण में राजेश्वर महादेव मंदिर स्थित हैं. शहर के बीच में बाबा मनकामेश्वर महादेव विराजमान हैं. जिससे शहर में ऊं नम शिवाय और बम-बम के जयघोष गूंज रहे हैं. सावन के दूसरे सोमवार को बल्केश्वर महादेव मंदिर मेला की पूर्व संध्या पर आगरा में लाखों श्रद्धालु 42 किमी की नगर परिक्रमा कर रहे हैं. लाखों श्रद्धालु नंगे पैर रातभर शहर के चारों कोनों पर स्थित महादेव मंदिर में शिवलिंग का जलाभिषेक करेंगे. परिक्रमा के मार्ग में जगह-जगह पर भंडारे लगते हैं.  प्रयागराज के सोमेश्वर महादेव में उमड़ी भक्तों की भीड़  पवित्र महीने सावन के दूसरे सोमवार सोमेश्वर महादेव में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी. श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने और पूजा-अर्चना करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त से ही मंदिर में जुटने लगे थे. मान्यता है कि यहां दर्शन-पूजन, जलाभिषेक करने से श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूर्ण होती है. इस मंदिर का पुराणों में भी उल्लेख मिलता है.मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं. मंदिर के महंत ब्रम्हचारी श्रीधरानंद बताते हैं कि स्कंद पुराण और पदम पुराण में कामेश्वर पीठ का वर्णन है, यह वही कामेश्वर धाम है. काम को भस्म करके भगवान शिव स्वयं यहां पर विराजमान हुए हैं. साथ ही ये भी बताया कि त्रेता काल में वनवास जाते वक्त प्रभु राम ने भी यहां शिव का पूजन और जलाभिषेक किया था. 'छोटी काशी' में उमड़ा शिवभक्तों का सैलाब, भीड़ के दबाव से रेलिंग टूटी लखीमपुर खीरी में सावन माह के दूसरे सोमवार को श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया। तड़के से ही शिव मंदिरों में भीड़ उमड़ने लगी। भक्तों ने लंबी-लंबी कतारों में खड़े होकर शिवलिंग के दर्शन किए और जलाभिषेक किया। गोला गोकर्णनाथ के पौराणिक शिव मंदिर में भगवान शिवन के दर्शन करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। यहां भारी भीड़ को संभालने के लिए प्रशासन के इंतजाम भी ध्वस्त हो गए। मंदिर के मुख्य मार्ग पर लोहे के एंगल से बनाई गई दीर्घा भीड़ को रोक नहीं पाई और टूटकर गिर गई। हालांकि किसी के घायल होने की खबर नहीं है। घटनास्थल पर चप्पल-जूतों का ढेर बिखरा नजर आया।  मंदिर में जलाभिषेक के लिए दोपहर 12 बजे के बाद तक कांवड़ियों की कतार लगी रही। कछला और हरिद्वार से गंगाजल लेकर आए कांवड़ियों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।  रविवार शाम गोला मार्ग पर कावड़ियों के जत्थे गोला गोकर्णनाथ के लिए रवाना होते रहे। कावड़ियों के जत्थे में भजनों की धुन पर नाचते हुए आगे बढ़ रहे थे। बच्चे और महिलाएं भी कांवड़ लेकर जाती दिखीं।  लखीमपुर शहर के प्रमुख प्राचीन मंदिरों, भुईफोरवनाथ और जंगली नाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भुईफोरवनाथ मंदिर में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग लाइनें बनाई गई, जिससे व्यवस्था सुचारू रही।  ओयल स्थित मेंढक मंदिर में भी शिवभक्तों की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने शिवलिंग पर दूध, जल और बेल पत्र चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। इस दौरान मंदिर परिसर जयकारों से गूंजता रहा।  अयोध्या में उमड़े शिवभक्त, सरयू में डुबकी लगाकर किया जलाभिषेक भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में सुबह से ही सावन के दूसरे सोमवार के मौके पर शिवभक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा है। बड़ी संख्या में कावड़िये, रामनगरी के स्थानीय जनमानस के अलावा आसपास के जिलों के श्रद्धालु भी रामनगरी पहुंचे हैं। भगवान श्रीराम के पुत्र कुश की ओर से स्थापित सिद्धपीठ नागेश्वर नाथ मंदिर में दर्शन पूजन कर रहे हैं।  सुबह से ही श्रद्धालु मां सरयू में डुबकी लगाकर जल लेकर भगवान शिव के दरबार में कतारबद्ध होकर जलाभिषेक कर रहे हैं। भोर से ही दर्शन पूजन शुरू हो गया है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से व्यापक इंतजाम किए हैं। बड़ी संख्या में सुरक्षा बल की तैनाती रामनगरी के प्रत्येक शिवालय और सरयू के घाटों पर की गई है। सावन का पवित्र माह शुरू हो चुका है।  आज सावन का दूसरा सोमवार है। लिहाजा रामनगरी भगवान शिव के जयकारों से गूंज रही है। भोलेनाथ के पूजन का विशेष दिन सावन माह में रहता है। इस बार सावन में पांच सोमवार मिलेगा। इस दौरान भगवान शिव का रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और पूजन-अर्चन का विशेष महत्व रहेगा। दूर-दराज से अयोध्या पहुंचे श्रद्धालु भोलेनाथ का दर्शन कर आशीर्वाद ले रहे हैं।  श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ से अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए आशीर्वाद भी मांगा। अयोध्या पहुंचे श्रद्धालु खुद को अभिभूत मानते हुए भगवान शिव का दर्शन पूजन कर रहे हैं। भोर में तीन बजे से ही दर्शन पूजन का दौर शुरू हुआ है। देर शाम तक चलता रहेगा। बरेली में कावड़ियों ने थाने के सामने कार पर बरसाए ईंट-पत्थर  बीसलपुर रोड पर एक कार की कावड़िए को साइड लगने के बाद गुस्साए साथियों ने कार में तोड़फोड़ कर दी. इतना ही नहीं, कावड़ियों ने थाने के सामने पुलिस की मौजूदगी में कार पर ईंट-पत्थर बरसा कर कार में तोड़फोड़ की. पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर जांच कर कार्रवाई की बात कर रही है. पीलीभीत के बिलसंडा का कावड़ियों का एक जत्था रविवार को … Read more

श्रावण की आस्था के बीच महाकाल की दूसरी सवारी, मनमहेश हाथी पर सवार, चंद्रमौलेश्वर की रजत पालकी ने मोहा मन

उज्जैन  12 ज्योतिर्लिंगों में से एक दक्षिणमुखी भगवान महाकालेश्वर श्रावण महीने के दूसरे सोमवार 21 जुलाई को हाथी पर मनमहेश स्वरूप में व रजत पालकी में चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में नगर भ्रमण पर मंदिर से शाम 04 बजे निकलेंगे. खास बात ये है बाबा की सवारी में 7 राज्यों के लोकनृत्य कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगे. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बाबा महाकाल का मंदिर के सभामंडप में पूजन अर्चन करेंगे. बता दें कि कुल 6 सवारी श्रावण और भाद्रपद में निकलना है. सभी की अलग-अलग थीम है. रोजाना एक लाख भक्त आ रहे हैं दर्शन करने महाकाल की नगरी में भक्तिमय माहौल है. एक ओर कांवड़िए बोल बम के जयकारे लगाते हुए नगरी में प्रवेश कर रहे हैं तो रोजाना 1 लाख से अधिक भक्त बाबा के दर्शन कर रहे हैं. मंदिर के लड्डू प्रसादी की बिक्री में भी बढ़ोतरी हुई है. पहले सोमवार को ढाई लाख से अधिक भक्तों ने बाबा के दर्शन किए थे. इसके अलावा सवारी मार्ग में लाखों की संख्या अलग थी. सावन के दूसरे सोमवार को लोगों की आस्था देखते हुए ये रिकॉर्ड टूट सकता है. सवारी का वैभव बढ़ाते है ये खास दृश्य महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार "बाबा महाकाल की सवारी में सबसे आगे विशाल भगवा ध्वज और शंखनाद होगा. भगवान मनमहेश हाथी पर तो भगवान चंदमौलेश्वर रजत पालकी में सवार होंगे. कहार बाबा की पालकी उठाएंगे. मंदिर के मुख्य द्वार पर होमगार्ड पुलिस के जवान गार्ड ऑफ ऑनर देंगे. घुड़सवार, कड़ा बिन(तोप), पुलिस बैंड व प्राचीन परंपरा अनुसार बाबा के आगे उद्घोष करता सेवक. 9 भजन मंडली, झांझ डमरू दल, 7 राज्यों के लोकनृत्य कलाकार व अन्य सवारी का वैभव बढ़ाएंगे. पूरे मार्ग में फूलों की वर्षा होगी. रंगोली बनाते कलाकार होंगे." ये है नगर भ्रमण का परंपरागत मार्ग बाबा महाकाल की सवारी मंदिर से महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाडी से होती हुई रामघाट पहुंचेगी. जहां मां शिप्रा नदी के जल से भगवान का अभिषेक होगा. आरती पूजन के बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ की धर्मशाला, कार्तिक चौक खाती का मंदिर, सत्यीनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार से होती हुई महाकालेश्वर मंदिर लौटेगी. भक्तों को रथ पर लगी LED में होंगे लाइव दर्शन महाकालेश्वर भगवान की सवारी में बड़ी संख्या में आने वाले भक्तों में कई भक्त बाबा को नजदीक से भीड़ के कारण देख नहीं पाते, ऐसे श्रद्धलुओं के लिए मंदिर समिति ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर लाइव व सवारी के दौरान चलित रथ में एलईडी के माध्यम से भगवान के दर्शन की व्यवस्था रहेगी. मंदिर प्रबंध समिति ने किया भक्तों से आग्रह मंदिर समिति, जिला व पुलिस प्रशासन ने सवारी के दौरान श्रद्धालुओं से अपील की है कि उल्टी दिशा में न चलें, सवारी निकलने तक अपने स्थान पर खड़े रहें. दर्शनार्थी कृपया गलियों में वाहन खड़े न रखें. श्रद्धालु सवारी के दौरान सिक्के, नारियल, केले, फल आदि न फेंके. सवारी के बीच में प्रसाद और चित्र वितरण न करें. इसके अलावा पालकी के आसपास अनावश्यक संख्या में लोग न रहें. सवारी मार्ग में सड़क की ओर व्यापारीगण भट्टी चालू न रखें और न ही तेल का कड़ाव रखें. बिजली के खंभे से दूर रहें व प्राशासनिक व्यवस्था में सहयोग करें. जानिए कब कौन सी थीम पर बाबा की सवारी पहले सोमवार में 500 बटुकों का शिप्रा नदी किनारे वैदिक उद्घोष हुआ. दूसरे सोमवार को 7 राज्यों के लोक नृत्य कलाकारों की प्रस्तुतियां. उड़ीसा का जोड़ी शंख, छत्तीसगढ़ का पंथी लोक नृत्य, महाराष्ट्र के नासिक का सोंगी मुखोटा, गुजरात के राठवा आदिवासी जनजातीय होली नृत्य, मध्यप्रदेश के छतरपुर का बरेदी लोक नृत्य, हरियाणा का हरियाणवी घूमर, मध्यप्रदेश के धार का भील जनजातीय नृत्य, राजस्थान का गैर घुमरा जनजातीय नृत्य. पुलिस व आर्मी बैंड देंगे आकर्षक प्रस्तुति तीसरे सोमवार को पुलिस बैंड, आर्मी बैंड, होमगार्ड बैंड और निजी स्कूलों के बैंड के द्वारा आकर्षक प्रस्तुति दी जाएंगी. चौथे सोमवार को पर्यटन की थीम पर मांडू के महल, सांची के स्तूप, खजुराहो के शिव मंदिर, देवी अहिल्या किला महेश्वर, भीमबेटका, ग्वालियर का किला, उदयगिरि की गुफाएं, विदिशा बाग की गुफाएं, धार की झांकियां निकाली जाएंगी. पांचवें सोमवार को सवारी में धार्मिक थीम रहेगी, जिसमें कृष्ण पाथेय और प्रदेश के धार्मिक पर्यटन स्थलों व मंदिरों की झांकी निकाली जाएंगी. छठे सोमवार को 70 से अधिक भजन मंडलियों द्वारा प्रस्तुति दी जाएंगी. इस प्रकार होता है श्रावण महोत्सव का आयोजन प्रत्येक वर्ष अनुसार श्रावण महोत्सव हर शनिवार शाम मंदिर के समीप ही 07 बजे से त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय के सभा कक्ष में आयोजित किया जा रहा है. ये आयोजन 13 जुलाई से शुरू हुए जो 16 अगस्त तक 23 दिन तक (श्रावण महोत्सव शनिवार के दिन, सवारी सोमवार के दिन, नाग पंचमी 29 जुलाई और 15 अगस्त का दिन छोड़कर) महाकालेश्वर सांस्कृतिक संध्या नाम से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. इनकी प्रस्तुति महाकाल महालोक परिसर में सप्त ऋषियों की मूर्ति के पास शाम को 6 बजे से 8 बजे तक दी जा रही है, इसमें देशभर से 47 कलाकार समूह प्रस्तुति दे रहे हैं. कब-कब निकलेगी बाबा महाकाल की सवारी पहली सवारी 14 जुलाई, दूसरी सवारी 21 जुलाई, तीसरी सवारी 28 जुलाई, चौथी सवारी 4 अगस्त, पांचवीं सवारी 11 अगस्त और राजसी सवारी 18 अगस्त को निकाली जाएगी.    हर सवारी में कैसा रहेगा बाबा महाकाल का स्वरूप पहली सवारी में भगवान मनमहेश, दूसरी में चंद्रमौलेश्वर और हाथी पर मनमहेश, तीसरी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव, चौथी सवारी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव और नंदी रथ पर उमा महेश, पांचवीं सवारी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव नंदी रथ पर उमा महेश और रथ पर होलकर स्टेट और राजसी सवारी में पालकी में चंद्रमोलेश्वर हाथी पर मन महेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव नंदी रथ पर उमा महेश, रथ पर होलकर स्टेट और रथ पर सप्तधान मुखारविंद के रूप में भगवान विराजित होंगे.

जनता के बीच पहुंचे सीएम योगी, एक-एक पीड़ित की सुनी पीड़ा, अफसरों को दिए सख्त आदेश

 लखनऊ   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर 'जनता दर्शन' किया। उनके आवास पर प्रदेश भर से 50-55 पीड़ित पहुंचे थे। उन्होंने हर पीड़ित के पास स्वयं पहुंचकर समस्याएं सुनीं, प्रार्थना पत्र लिया और आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। जनता दर्शन में पुलिस, राजस्व, चिकित्सा सहायता, रोजगार, शिक्षा, आवास, कब्जा, परिवार आदि से जुड़े मामले भी आए। जिस पर प्रार्थना पत्र लेकर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी की हर समस्या का निराकरण होगा। उत्तर प्रदेश के हर नागरिक की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है।  उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक की सेवा एवं सुरक्षा हमारी सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। सभी जिलों में अधिकारियों को सक्रिय भी किया गया है और सभी प्रकार की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों को निर्देश-हर पीड़ित की समस्या पर करें तत्काल कार्रवाई मुख्यमंत्री ने दिव्यांग की बात सुनी और उन्हें मोटराइज्ड ट्राई साइकिल दिलाने को निर्देशित किया। जनता की समस्या सुनते हुए सीएम ने अधिकारियों को त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। सबको न्याय मिलेगा। बच्चों को दुलारा और चॉकलेट भी दी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'जनता दर्शन' में अभिभावकों के साथ आए बच्चों से भी बातचीत की। उनका हालचाल जाना, दुलार किया। बच्चों की पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली। सीएम योगी ने चॉकलेट-टॉफी प्रदान कर बच्चों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।  

कृषि केंद्रों में धांधली पर शिकंजा, बिलासपुर में एक साथ कई जगह छापेमारी

अनियमितता पाये जाने पर अतुल कृषि केन्द्र का खाद गोदाम सील तखतपुर के मेंसर्स किसान सेवा केन्द्र का लाइसेंस निलंबित आधा दर्जन कृषि केंद्रों को नोटिस जारी एक सप्ताह के भीतर मांगा जवाब रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों को उचित दाम पर गुणवत्ता युक्त खाद मुहैया कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। साथ ही अमानक एवं खाद-बीज की कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए है। इसी तारतम्य में बिलासपुर जिले के कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिला स्तर पर अधिकारियों की टीम गठित कर खाद-बीज विक्रय केंद्रों में आकस्मिक निरीक्षण करने को कहा है। बिलासपुर के जिले के कृषि विभाग के उप संचालक पीडी हथेश्वर के नेतृत्व में उड़न दस्ता दल ने विकासखण्ड-कोटा और बिल्हा में दर्जनों पर कृषि केन्द्रों पर छापामार कार्रवाई की। छापामार कार्यवाही के दौरान आधा दर्जन कृषि केंद्र में नियम विरूद्ध व्यवसाय करने पाये जाने पर नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है। वही औचक निरीक्षण के दौरान मेंसर्स किसान सेवा केन्द्र तखतपुर के फर्म में कमी एवं अनियमितताओं के कारण नोटिस जारी कर जवाब चाहा गया था, संबंधित के द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक प्राप्त नहीं होने के फलस्वरूप उनकी अनुज्ञप्ति को 15 दिवस के लिए निलबंन की कार्रवाई की गई है। बिलासपुर के उप संचालक कृषि ने बताया कि मेसर्स उन्नत कृषि केन्द्र रतनपुर में क्रेताओं को बिना बिल दिये उर्वरक का व्यवसाय किये जाने के कारण नोटिस जारी किया गया। इसी प्रकार मेसर्स शेखर कृषि केन्द्र कोनचरा को बिना आई.एफ.एम.एस, आई.डी के उर्वरक का व्यवसाय करते पाये जाने पर विक्रय प्रतिबंध कर उपलब्ध स्टॉक को जब्ती की कार्यवाही कर नोटिस जारी किया गया। ग्राम कोनचरा स्थित अतुल कृषि केन्द्र में अनियमितता पाये जाने के कारण गोदाम को सील करने की कार्यवाही किया गया। ग्राम मदनपुर विकास खण्ड बिल्हा अन्तर्गत मेसर्स राघवेन्द्र देवांगन के यहां मूल्य एवं स्कंध सूची का प्रदर्शन नहीं करने भंडारण वितरण की प्रतिवेदन नही भेजने, स्कंध एवं बिल संधारण नहीं करने के कारण विक्रय पर प्रतिबंध लगाकर स्पष्टीकरण जारी किया गया है। उक्त कृषि केन्द्रो को स्पष्टीकरण तामिल हेतु सात दिवस के भीतर पालन प्रतिवेदन एवं जवाब प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। समय सीमा एवं संतोषप्रद जवाब प्रस्तुत नहीं किये जाने पर अनुज्ञप्ति निलंबन/निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।     निरीक्षण दल में सहायक संचालक कृषि अनिल कुमार शुक्ला, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी खेमराज शर्मा, विजय धीरज एवं विकासखण्ड कोटा से ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी दिलीप रात्रे एवं उर्वरक निरीक्षक मारू ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी आर.जी. भानू शामिल थें। गौरतलब है कि जिले में संचालित समस्त उर्वरक विक्रेताओं को बिना पॉस मशीन के उर्वरकों का विक्रय नहीं किये जाने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित निरीक्षकों से उनके कार्य क्षेत्र अन्तर्गत संचालित उर्वरक विक्रेताओं से पॉस मशीन की मांग के लिए भी कहा गया है उर्वरक विक्रेता पॉस मशीन हेतु वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, संबंधित उर्वरक निरीक्षक एवं कार्यालय उप संचालक कृषि बिलासपुर में सम्पर्क कर सकते हैं।

UP में सियासी हलचल! संगठनात्मक बदलाव को लेकर CM योगी की बीजेपी नेतृत्व से बैठक

लखनऊ  उत्तर प्रदेश बीजेपी की नई सियासी प्रयोगशाला बनती जा रही है. 2024 के लोकसभा चुनाव में घटी सीटों ने बीजेपी के लिए 2027 की चिंता बढ़ा दी है, जिसे लेकर लखनऊ से दिल्ली तक राजनीतिक एक्सरसाइज शुरू है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार और संगठन में फेरबदल की संभावनाओं के बीच  दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उसके बाद बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से बैक टू बैक मुलाकात की. योगी की ये तीनों मुलाकातें करीब तीन घंटे की रहीं, जिसके सियासी मायने और राजनीतिक मकसद भी है. सूत्रों की मानें तो सीएम योगी ने बीजेपी हाईकमान के सामने अपनी बात को मजबूती से रखा है. खासकर प्रदेश अध्यक्ष को लेकर, उन्होंने पार्टी के टॉप थ्री लीडरशिप को बता दिया है कि यूपी में प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी किसे सौंपी जानी चाहिए. सीएम योगी ने अपनी पसंद ही नहीं बताया बल्कि ये भी बताया कि यूपी के सियासी समीकरण के लिहाज से पार्टी के लिए कौन बेहतर रहेगा. यूपी में नए पार्टी अध्यक्ष की तलाश दरअसल, यूपी में बीजेपी भूपेंद्र चौधरी की जगह नए अध्यक्ष की तलाश में है, जिसे लेकर सियासी माथापच्ची काफी दिनों से चल रही है, लेकिन अभी तक सहमति नहीं बन पाई है कि किसे प्रदेश संगठन की बागडोर सौंपी जाए. इसकी वजह यह भी है कि पार्टी जिसे बागडोर सौंपेगी, उसके अगुवाई में ही 2027 का विधानसभा चुनाव होना है. यही वजह है कि बीजेपी काफी सोच समझकर प्रदेश अध्यक्ष का फैसला करना चाह रही है और ऐसे में सीएम का पसंद का भी ख्याल रखना है ताकि सरकार और संगठन का बेहतर तालमेल हो सके. बीजेपी शीर्ष नेतृत्व से सीएम योगी से मुलाकात के दौरान यूपी नेताओं की नाराजगी और शिकायतों को लेकर बात हुई. सूत्रों ने बताया कि बीजेपी की टॉप लीडरशिप ने योगी के सामने बीजेपी और सहयोगी दलों की उन तमाम शिकायतों को रखा, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने उन सभी नेताओं के पूरा चिट्ठे खोलकर रख दिए. नाराजगी जाहिर करने वालों नेताओं की कामकाज से लेकर सारी उनके बात को रखी. इसके अलावा नौकरशाही के के नेताओं के न सुनने वाले नेताओं के मुद्दे पर भी बात हुई है. मंत्रिमंडल में जल्द होगा फेरबदल यूपी बीजेपी अध्यक्ष के चयन में देरी हो रही है. माना जा रहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के बाद यूपी प्रदेश अध्यक्ष का फैसला होगा. इस तरह से प्रदेश अध्यक्ष का निर्णय से पहले यूपी में कैबिनेट में फेरबदल हो सकता है. सूत्रों की मानें तो इसे लेकर भी सीएम योगी ने पीएम मोदी से लेकर अमित शाह और जेपी नड्डा से बात हुई है. इस बीच योगी कैबिनेट से कुछ नेताओं के जल्द छुट्टी हो सकती है तो कुछ नेताओं को मंत्री बनाया जा सकता है. सीएम योगी ने बीजेपी हाईकमान से अपनी कैबिनेट से किसे हटाने और किन चेहरों को शामिल करने है, उसे लेकर भी अपनी राय ही ही. शीर्ष नेतृत्व ने गंभीरता से सुनी योगी की बात बीजेपी सूत्रों ने बताया है कि सीएम योगी ने मोदी, अमित शाह और नड्डा के सामने जो भी बात रखी है, उसे बीजेपी के तीनों ही लीडरों ने गंभीरता से सुनी है. इसके अलावा अपनी भी बातें रखी है. सूत्रों ने ये भी बताया है कि सीएम योगी को बीजेपी नेताओं के साथ-साथ सहयोगी दलों के साथ भी सियासी बैलेंस बनाकर चलने का संदेश दिया है.  इसके अलावा यूपी के सियासी बैलेंस बनाकर चलने के साथ-साथ सरकार और संगठन में भी बेहतर तालमेल बनाकर चलने की बात कही गई है. इसके बाद ही दोनों डिप्टी सीएम और सीएम योगी एक साथ पश्चिम यूपी में नजर आए हैं.