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मध्यप्रदेश में जनप्रतिनिधियों को मिलेगा लग्जरी ठिकाना, 3 स्टार होटल जैसे फ्लैट्स पर 159 करोड़ खर्च

भोपाल  राजधानी में विधायकों के लिए नए फ्लैट बनने जा रहे हैं। इसके लिए भूमिपूजन भी हो चुका है। 159 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 102 नए फ्लैट बनाए जाएंगे, जिसका भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने किया। यह फैसला विधायकों की शिकायत पर लिया गया है, क्योंकि 67 साल पहले बने विश्रामगृह में बारिश का पानी टपकने और प्लास्टर उखड़ने की समस्या आ रही थी। ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर आधारित हैं फ्लैट नए 3 बीएचके फ्लैट 2600 वर्गफीट के होंगे और ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर आधारित होंगे, जिसमें सौर ऊर्जा पैनल और फायर फाइटिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा। प्रदेशभर के विधायकों के लिए आधुनिक सुविधाओं युक्त नए आवास बनाने का काम आज से शुरू होने जा रहा है। अरेरा हिल्स पर 159 करोड़ रुपए की लागत से ये सर्वसुविधायुक्त 102 नए फ्लैट बनाए जाएंगे। 67 साल पहले बना था विश्रामगृह 1958 यानी, करीब 67 साल पहले बने विश्रामगृह में वर्तमान समय के हिसाब विधायकों की शिकायत थी कि इन भवनों में बारिश का पानी टपकने और कई जगह प्लास्टर उखड़ने की समस्या सामने आ रही है। इसे देखते हुए 10 महीने पहले सरकार ने विधायकों को नए विश्रामगृह बनाने का फैसला किया था। सीएम और विधानसभा अध्यक्ष ने किया भूमिपूजन सोमवार को (आज) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर इस नए प्रोजेक्ट का भूमिपूजन करेंगे। विधानसभा के अधिकारियों का कहना है कि इसे दो से तीन साल में पूरा करने की योजना है। नए आवास बनाने के लिए विश्राम गृह के खंड एक और पुराने पारिवारिक खंड के साथ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को तोड़ा जाएगा। इसकी जगह नए फ्लैट बनेंगे। पुराने पारिवारिक खंड में 24 आवास हैं, जो 700 वर्ग फीट के हैं, जबकि खंड एक में 102 सिंगल रूम कमरे हैं। खंड एक में विधायकों को तीन-तीन रूम अलॉट किए जाते हैं। यह 125-125 वर्गफीट के हैं। नए बनने वाले 3 बीएचके फ्लैट 2600 वर्गफीट के होंगे। ‘विश्राम भवन नहीं सेवा भवन हैं’ भूमि पूजन के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि नए दौर के नए समय में मध्य प्रदेश लगातार बढ़ रहा है. यह विश्राम भवन नहीं सेवा भवन हैं, विधायकों के कार्यालय भी आधुनिक होना चाहिए. पहले चरण में 102 आवास बनाए जा रहे हैं. उसके बाद दूसरे चरण में भी आधुनिक विधायक विश्राम गृह बनेंगे. विधायक विश्राम गृह भी अच्छा बनना चाहिए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज GPT और गूगल का जमाना है। ऐसे में सारे संसाधनों के साथ जब विधायक अपनी विधानसभा में बैठेंगे और विधानसभा में काम करने आएंगे, तो इस सारे तंत्र का और व्यवस्थाओं का लाभ भी लेंगे। इसलिए भोपाल में विधायक विश्राम गृह भी अच्छा होना चाहिए। हमने अपने बजट में 5 लाख रुपए देकर विधायकों के कार्यालय से आवास तक व्यवस्था बनाने की बात कही थी। हमारे बीच में नवाचार का सिलसिला कम नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि यह भवन 1958 में बने थे। आज नए दौर का भारत है, जो दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहा है। हमने कल स्पेन की मंत्री का शॉल भेंट कर स्वागत किया, तो उन्होंने बड़े अचंभे से कहा कि आपके यहां महिलाएं घूंघट करती हैं। उन्होंने कहा कि हम युवाओं के रोजगार के लिए प्रबंध कर रहे हैं। डॉ. यादव ने कहा कि ये विश्राम गृह नहीं, बल्कि सेवा ग्रह बनेगा। विजन डॉक्यूमेंट में हमारी पार्टी ने इसे शामिल किया था। दूसरे दलों की सरकारें लंबे समय रहीं, लेकिन विकास के मामले में आप सिंहावलोकन करेंगे तो शेर आगे बढ़ने के लिए एक बार पीछे मुड़कर देखता है। हम आजादी की सौवीं वर्षगांठ की ओर बढ़ रहे है, तो सिंहावलोकन जरूरी है। तकनीक से जुड़कर आगे बढ़ें विधायक वरना पीछे रह जाएंगे नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि विधानसभा में कंप्यूटराइजेशन हो रहा है। तकनीक से जुड़कर विधायक नहीं चले, तो पीछे रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब हम पहली बार विधायक बने, तो 1989 से 2000 तक बस से आते थे। उस समय रोडवेज में आगे की सीट रिजर्व रहती थी। हम इंदौर से बस से पांच घंटे में भोपाल पहुंचते थे। उस समय कोई होता नहीं था। उस समय चार-पांच विधायकों के बीच एक कर्मचारी होता था। आज जमाना बदल गया है। आज सोशल मीडिया के लिए अलग स्टाफ है। गनमैन हर विधायक के पास है। आज समय की आवश्यकता के अनुसार नए आवास ग्रह की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि इस बार एमपी के 8 शहर स्वच्छता में अवॉर्ड लेकर आए। विधायक दायित्व का निर्वहन कर सकें इसलिए जरुरत पूरी हो विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि विधायक जनता का प्रतिनिधि होता है, वह दायित्व का ठीक से निर्वहन कर सके, इसलिए उसकी आवश्यकता की पूर्ति होनी चाहिए। विधायक विश्राम गृह बहुत पुराना हो गया है। मैं भी एक आवास में रहता था, आज फोटो देखने पर पता चला कि वह 1958 में बना था। मेरा जन्म 1957 में हुआ था यानी उस समय मेरी घुटनों के बल चलने की स्थिति रही होगी। उन्होंने कहा कि ये प्रकल्प पूरा होगा तो विधायक और यहां काम के लिए आई जनता को बहुत प्रसन्नता होगी। हमारा राज्य काफी बड़ा और बड़ी आबादी वाला है। राज्य को नई ऊंचाइयां देने के लिए नई चुनौतियां हैं मुख्यमंत्री जी प्रदेश को नई ऊंचाई देने के लिए लगे हुए हैं। मुख्यमंत्री जी के सामने कई प्रकल्प हैं, ऐसे समय में उन्होंने विधायक विश्राम गृह को स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा में नए नवाचार किए गए हैं। आने वाले समय में ई विधानसभा में तब्दील हो जाएगी, तो विधायकों को काम में आसानी होगी। विधायक विश्राम गृह के दूसरे चरण का काम भी जल्दी शुरू होगा 18 महीने में बनकर तैयार होगा विश्राम गृह PWD मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि वर्तमान विधायक विश्राम गृह 66 साल पुराना है। इसलिए नए विश्राम गृह की जरूरत महसूस हो रही थी, जहां विधायक सरकार के संकल्पों को गढ़ सकें। केवल 18 माह में ये विधायक विश्राम गृह बनकर तैयार होगा। ये अग्नि रोधी, भूकंप रोधी होगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा परिसर में विधायकों के लिए आवास बनाने के लिए भूमिपूजन में आज … Read more

उज्जैन में महाकाल की दूसरी सवारी आज एकादशी पर निकली, गूंजा हर हर महादेव

उज्जैन   सावन के पवित्र महीने में आज एकादशी के शुभ अवसर पर उज्जैन में बाबा महाकाल की दूसरी सवारी धूमधाम से निकल रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह सवारी न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण भी है। उन्होंने कहा कि हम सबके रोम-रोम में बाबा महाकाल समाए हुए हैं। बाबा महाकाल की सवारी जब निकलती है तो लौकिक रूप से निराकार से साकार को धारण करती है। उन्होंने कहा कि यह दिन हमारे प्रदेश, देश और सनातन संस्कृति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। बाबा महाकाल की दूसरी सवारी आज सावन का दूसरा सोमवार है और कामिका एकादशी भी है। इस अवसर पर उज्जैन में बाबा महाकाल की सवारी निकल रही है। श्रावण सोमवार के दिन महाकाल के दर्शन और पूजन का विशेष महत्व होता है। बाबा महाकाल की सवारी में शामिल होने के लिए देशभर से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ता है। इस दौरान सवारी के मार्ग को भव्य रूप से सजाया गया है और भक्तगण श्रद्धापूर्वक इसमें शामिल होते हैं। यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक महत्व रखता है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी बढ़ावा देता है। मुख्यमंत्री ने दी मंगलकामनाएं आज के दिन सीएम मोहन यादव ने सभी को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि ‘सावन का महीना है एकादशी का दिन है। एकादशी का पर्व मतलब हमारी शुचिता के साथ आत्मा से परमात्मा के बीच संबंध जोड़ने के संकल्प का दिन भी है। सौभाग्य की बात है कि आज बाबा महाकाल की दूसरी सवारी का भी दिन है। जैसे तिरूपति बालाजी का, जगन्नाथ जी का उनकी यात्राओं के माध्यम से धार्मिक पर्यटन के द्वारा उन राज्यों ने अपनी पहचान बनाई है..वैसे ही हमने भी बाबा महाकाल की सवारी को धार्मिक पर्यटन के माध्यम से और वृहद रूप दे रहे हैं। हम सबके रोम-रोम में बाबा महाकाल समाए हुए हैं। बाबा महाकाल की सवारी निकलती है तो लौकिक रूप से आज निराकार से साकार को धारण करते हैं। ये दिन हमारे प्रदेश देश और सनातन संस्कृति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह धार्मिक आयोजन के साथ ही आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण है।’

अब बिजली चोरों की नहीं चलेगी! भोपाल में मुखबिरी करने वालों को मिलेगा मोटा इनाम

भोपाल  बिजली चोरी रोकने वालों को मिलेगा इनाम, जी हां! सही सुना आपने मध्य प्रदेश की दो बिजली कंपनियां, ईस्ट डिस्कॉम और सेंट्रल डिस्कॉम ने अनोखी योजना शुरू की है। ईस्ट डिस्कॉम ने 'वी मित्र' ऐप बनाया है। इस ऐप पर बिजली चोरी या गड़बड़ी की शिकायत करने पर 10 रुपये से लेकर 50000 रुपये तक का इनाम मिल सकता है। सेंट्रल डिस्कॉम भी ऐसी ही योजना चला रही है। ईस्ट डिस्कॉम के अधिकारियों का कहना है कि 'वी मित्र' ऐप सिर्फ बिजली चोरी की शिकायत के लिए नहीं है। यह बिजली वितरण का सोशल ऑडिट है। कोई भी उपभोक्ता गलत जानकारी की शिकायत कर सकता है। इससे कंपनी को डेटा ठीक करने में मदद मिलेगी। ईस्ट डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक अनय द्विवेदी ने कहा "यह एक तरह का सोशल ऑडिट है। सारा डेटा पब्लिक में है। उपभोक्ता किसी भी गलत चीज की शिकायत कर सकते हैं। इससे हमें डेटा सुधारने में मदद मिलेगी।" ईस्ट डिस्कॉम के अधिकारियों का कहना है कि यह ऐप बहुत काम का है। यह अपने तरह का पहला ऐप है। हर कनेक्शन जियो टैग कंपनी के जनरल मैनेजर कमर्शियल पीके अग्रवाल ने बताया कि हर कनेक्शन को जियो-टैग किया गया है। अगर किसी को टैगिंग गलत लगती है, तो वह शिकायत कर सकता है। सही पाए जाने पर 10 रुपये का इनाम मिलेगा। हर कनेक्शन को इंडेक्स किया गया है। इसका मतलब है कि कनेक्शन किस ट्रांसफार्मर से जुड़ा है, यह जानकारी पब्लिक में है। इसमें गड़बड़ी होने पर भी शिकायत की जा सकती है। अब लोड बढ़ाने से जुड़ी शिकायतें भी की जा सकती हैं। अगर कोई बताता है कि कनेक्शन 2 किलोवाट का है, लेकिन लोड 5 किलोवाट का है, तो सही पाए जाने पर उसे 25 रुपये प्रति किलोवाट का इनाम मिलेगा। कई लोगों को मिल चुके इनाम 17 जुलाई तक डिस्कॉम को अलग-अलग सर्कल से 1190 शिकायतें मिली हैं। कंपनी की विजिलेंस टीम इनकी जांच कर रही है। सही जानकारी देने वाले 49 उपभोक्ताओं को 21300 रुपये का इनाम दिया गया है। 75800 रुपये के इनाम की और जांच चल रही है। विजिलेंस विभाग की जांच के बाद इसे फाइनल किया जाएगा।  

गणेश मूर्तियों को लेकर इंदौर में हंगामा, आपत्तिजनक मूर्तियों पर तीन कलाकार गिरफ्तार

इंदौर भगवान गणेश की आपत्तिजनक मूर्तियां बनाने को लेकर इंदौर में हंगामा खड़ा हो गया। भगवान गणेश को एक लड़की के संग दिखान पर हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता भड़क उठे और कलाकारों के मुंह पर कालिख पोत दी। बाद में हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने आरोपी मूर्तिकारों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। शहर में गणेश चतुर्थी से पहले मूर्ति निर्माण का कार्य जोरों पर है। बड़ी संख्या में बंगाल से मूर्तिकार इंदौर समेत मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों में मूर्तियां बनाते हैं। खजराना इलाके में एक स्थान पर भगवान गणेश की कुछ मूर्तियां देखकर हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता भड़क उठे। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान की मूर्तियों से छेड़छाड़ की जा रही है। उन्हें लड़कियों के साथ दिखाकर उनकी छवि को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और धार्मिक भावनाएं आहत की जा रही हैं। हिंदूवादी कार्यकर्ताओं ने मौके पर खूब हंगामा किया। उन्होंने तीन कलाकारों के चेहरों पर कालिख पोत दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मूर्ति कलाकार आरोपी कलाकार राजू पाल, चंद्रपाल और रतनलाल पाल को गिरफ्तार कर लिया। तीनों पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने उन पर धार्मिक भावनाएं आहत करने समेत कई मामलों में एफआईआर दर्ज की है। बजरंग दल के विभाग संयोजक प्रवीण दरेकर ने कहा कि यह सामान्य गलती नहीं है, बल्कि सोच-समझकर हिंदू आस्था के प्रतीक गणेश भगवान की छवि को विकृत किया जा रहा था। मूर्तियों में ऐसे आकृति और, रंगरूप दिए जा रहे थे जो पूरी तरह से अशोभनीय हैं। इससे संपूर्ण हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। बजरंग दल ने चेतावनी दी है कि आगे इस तरह की मूर्तियां बनाई गईं या किसी भी रूप में देवी-देवताओं का मजाक उड़ाने की कोशिश की गई, तो उसका अंजाम गंभीर होगा। बजरंगदल से जुड़े लक्की रघुवंशी ने कहा कि मूर्तियां बनाने के लिए 50 से अधिक कलाकार पश्चिम बंगाल से आए हैं, जिनमें से कई की पहचान स्पष्ट नहीं है। न तो इनका पुलिस वेरिफिकेशन कराया गया। संगठन को आशंका है कि इनमें से कुछ लोग बांग्लादेशी घुसपैठिए या संदिग्ध मजहबी मानसिकता वाले भी हो सकते हैं। बजरंगदल के विजय पटेल, रघुवीर गुर्जर, राकेश चौहान, विजय यादव, कौशल ठाकुर, अमर गुर्जर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने खजराना थाने पहुंचकर आरोपियों के केस दर्ज करवाया है। थाना प्रभारी मनोज सेंधव का कहना था कि अमित पाल सहित दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है कल हिंदूवादी संगठन ने मूर्ति बनाने वाले कलाकारों के ऊपर आपत्ति जताई थी जिसको लेकर धार्मिक भावना आहत होने की धारा में प्रकरण पंजीबद किया जाए, वही तीनों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।    

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जम्मू-कश्मीर में शहीद सैनिक श्री हरिओम नागर को दी श्रद्धांजलि

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जम्मू-कश्मीर में अपना कर्तव्य पालन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिक श्री हरिओम नागर को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनकी संवेदनाएं शोकाकुल परिजन के साथ हैं। मध्यप्रदेश की माटी के वीर सपूत का सर्वोच्च बलिदान मां भारती की सेवा और रक्षा के लिए सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने के लिए भी प्रार्थना की है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधायक श्री खेमराज पाटीदार के निधन पर दु:ख जताया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व विधायक श्री खेमराज पाटीदार के निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री पाटीदार का देवलोकगमन पार्टी परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा की शांति एवं स्व. पाटीदार के शोकाकुल परिजन को यह दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थना की है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व राज्यपाल श्रद्धेय लालजी टंडन को श्रद्धांजलि अर्पित की

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के पूर्व राज्यपाल श्रद्धेय लालजी टंडन 'बाबूजी' की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रद्धेय टंडन जी का संपूर्ण जीवन सेवा, संगठन और अनुशासन को समर्पित रहा, जो देशभक्ति और गरीब कल्याण के संकल्प का अनुकरणीय अध्याय है। श्री लालजी टंडन के समाज सेवा कार्यों से हम सभी को सदैव राष्ट्र के प्रति कर्तव्य बोध की प्रेरणा मिलती रहेगी।  

मथुरा सड़क हादसा: तेज रफ्तार वाहन से टकराई कार, 6 की मौके पर मौत

मथुरा उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में भीषण सड़क हादसा हो गया। जहां, अज्ञात वाहन ने एक कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी खतरनाक था कि कार के परखच्चे उड़ गए और 6 लोगों की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। दिल्ली से आगरा की तरफ जा रही थी कार यह पूरा मामला जिले के यमुना एक्सप्रेसवे माइलस्टोन संख्या 140 का है। जहां, दिल्ली से आगरा की तरफ जा रही एक कार को तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। इस भीषण सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई। जबकि 2 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आस -पास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जबकि घायलों को इलाज के अस्पताल रेफर किया गया है। जहां, उनका इलाज जारी है।

सिक्सलेन परियोजना में लापरवाही पर डीएम का एक्शन, भीलवाड़ा में एनएच और ठेकेदार तलब

चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्टर आलोक रंजन की अध्यक्षता में रविवार को गंगरार क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर हो रहे निर्माण कार्य एवं यातायात व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें जिला कलेक्टर ने निर्माण कार्य में देरी तथा जाम रहने के कारण लोगों को हो रही परेशानी को लेकर नाराजगी जताई। इस बैठक में जिला कलेक्टर ने इन दोनों ही विषय पर एनएचआई के अधिकारियों व ठेकेदार से स्पष्टीकरण मांगा है। जानकारी के अनुसार रविवार को बैठक जिला कलेक्टर आलोक रंजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में चित्तौड़गढ़ से भीलवाड़ा सिक्सलेन पर गंगरार के यहां चल रहे निर्माण कार्य पर चर्चा की गई। यहां राष्ट्रीय राजमार्ग पर आए दिन लगने वाले जाम एवं निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर जिला कलेक्टर ने गंभीर नाराजगी जताई। साथ ही एनएचआई के पीड़ी एवं संबंधित ठेकेदार से तत्काल स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला कलेक्टर ने निर्देशित किया कि समस्त कार्य आईआरसी-55 मानकों के अनुरूप हो। इसके अलावा निर्माण स्थलों पर जनसुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं जैसे सुरक्षा संकेतक, मार्ग परिवर्तन, ट्रैफिक मार्शल की तैनाती एवं रात में ब्लिंकर लाइट्स की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही कलेक्टर ने दो टूक कहा कि कार्य की वर्तमान स्थिति संतुष्टिपूर्ण नहीं है। इससे आमजन को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। ख़ास कर थोड़ी बरसात के बाद लंबा जाम लग जाता है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि जाम में फंसे या खराब हुए वाहनों के लिए किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में त्वरित राहत और निकलने व्यवस्था के निर्देश दिए। इस संबंध में अधिकारियों से विस्तृत कार्य योजना एवं स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) प्रभा गौतम, अतिरिक्त जिला कलक्टर (रावथभाटा) विनोद मल्होत्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह एवं एनएचएआई के परियोजना निदेशक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में जिला कलक्टर आलोक रंजन ने स्पष्ट किया कि जनसुविधा से जुड़े कार्यों में लापरवाही कदापि स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि निर्धारित समयावधि में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, तो आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। गौरतलब है कि चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा सिक्सलेन पर गंगरार में ओवरब्रिज का काम चल रहा है। यहां वाहनों का लंबा जाम लग रहा है। इससे वाहन चालकों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है। इससे आम जन खासा परेशान है।  

मानसून देगा रफ्तार पकड़, 23 जुलाई से नए सिस्टम के चलते शुरू होगा तेज़ बारिश का सिलसिला

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून के कमजोर पड़ते ही बारिश का दौर थम गया है हालांकि अगले 48 घंटे बाद फिर नए वेदर सिस्टम के सक्रिय होने से तेज बारिश का दौर देखने को मिलेगा। फिलहाल 21 और 22 जुलाई को कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।जुलाई अंत में पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में तेज बारिश होने का अनुमान है। आज सोमवार को जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, नर्मदापुरम, हरदा और बैतूल जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।बता दे कि रविवार को मलाजखंड में सात, खजुराहो में दो, उज्जैन में एक मिलीमीटर बारिश हुई।दिन का सबसे अधिक 35 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया। नदियों में उफान के बाद क्या है प्रशासन की तैयारी? भारी बारिश के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने संवेदनशील गांवों को अलर्ट पर रखा है। राहत दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। भोपाल में कैसा है मौसम का हाल? भोपाल, इंदौर, उज्जैन जैसे शहरों में दिन में हल्की धूप और उमस बनी रही, लेकिन शाम होते-होते कई जगहों पर बादल छा गए और बौछारें शुरू हो गईं। वहीं, खजुराहो में सबसे ज्यादा 35 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। 23 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग की मानें तो 23 जुलाई से एक बार फिर मूसलधार बारिश की शुरुआत होगी। नागरिकों को चाहिए कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखें और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतें। मध्य प्रदेश मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान वर्तमान में मानसून द्रोणिका गहरे कम दबाव के क्षेत्र से होकर चुरू, आयानगर (दिल्ली), शाहजहांपुर, लखनऊ, पटना, बांकुरा, दीघा से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। एक गहरा कम दबाव का क्षेत्र पश्चिमी राजस्थान और उससे लगे पाकिस्तान पर बना हुआ है जिसके पश्चिम दिशा में कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने के आसार हैं। एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू के आसपास द्रोणिका के रूप में सक्रिय है। 24 जुलाई को उत्तरी बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने से फिर मानसून एक्टिव होगा और झमाझम बारिश का दौर देखने को मिलेगा। अबतक कहां कितनी हुई है वर्षा प्रदेश में अब तक औसत 20.5 इंच बारिश हो चुकी है। इस सीजन में एक जून से लेकर 20 जुलाई की सुबह साढ़े आठ बजे तक प्रदेश में कुल 521.9 मिमी. बारिश हो चुकी है, जो सामान्य वर्षा (323.2 मिमी.) की तुलना में 61 प्रतिशत अधिक है। 3 जिले निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है।इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। इन जिलों के रास्ते वापसी करेगा मानसून मौसम विज्ञानियों के अनुसार, 23 जुलाई से पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में एक नया मानसूनी द्रोणिका और अवदाब सक्रिय हो सकता है, जिसके कारण भारी बारिश (heavy rainfall) की वापसी संभव है। यह सिस्टम धीरे-धीरे पूरे पूर्वी भागों को प्रभावित कर सकता है। शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली और मऊगंज जैसे जिलों में भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य के अन्य हिस्सों में भी अच्छी बारिश की संभावनाएं बनेंगी। कहां हुई बारिश, कितने मिमी दर्ज पश्चिमी मध्य प्रदेश के मंदसौर ज़िले के धुंधरका में पिछले 24 घंटों में सबसे ज़्यादा 19 मिमी बारिश दर्ज की गई। परसवाड़ा (बालाघाट) में 16 मिमी, मलाजखंड (बालाघाट) में 14.4 मिमी, कायमपुर (मंदसौर) में 13 मिमी, सीतामऊ (मंदसौर) में 12.4 मिमी और सौसर (छिंदवाड़ा) में 10 मिमी बारिश दर्ज की गई।