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मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने अयोध्या राजसदन के मुखिया के निधन पर जताया शोक मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र को दी श्रद्धांजलि श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के ट्रस्टी और अयोध्या राज परिवार के मुखिया विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का शनिवार रात हुआ था निधन सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिखा, ''प्रभु श्रीराम परिजनों को प्रदान करें दु:ख सहन करने की शक्ति'' अयोध्या,  अयोध्या राजसदन के मुखिया और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र (राजा साहब) का शनिवार की रात 11 बजे निधन हो गया। 75 वर्षीय राजा साहब के निधन की खबर से प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री ने लिखा "राजसदन के मुखिया विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का निधन अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।" पिछले साल ही हुआ था उनकी पत्नी का निधन राजसदन के मुखिया विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के भाई शैलेन्द्र मोहन मिश्र ने बताया कि शनिवार रात अचानक उनका ब्लड प्रेशर गिर गया, जिससे उनकी तबीयत खराब हो गई। डॉक्टर को तत्काल बुलाया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका। राजा साहब ने अपने निवास राजसदन में अंतिम सांस ली। पिछले वर्ष ही उनकी पत्नी का निधन हुआ था। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से गहरा जुड़ाव विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र न केवल अयोध्या के राजघराने के सम्मानित मुखिया थे, बल्कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से भी गहराई से जुड़े रहे। उन्हें अयोध्या की सांस्कृतिक व धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाता था। राजनीतिक व सामाजिक गलियारों में गम राजा साहब के निधन से न केवल अयोध्या, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में गम का माहौल है। कई मंत्री व जनप्रतिनिधियों के अयोध्या पहुंचने की सूचना है।

सिख गुरुओं ने अपने जीवन का हर क्षण देश, धर्म और मानवता के कल्याण के लिए समर्पित किया: मुख्यमंत्री

  – गुरुओं की शिक्षाओं और बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए राष्ट्र और धर्म की रक्षा हमारा दायित्व – सीएम योगी – सीएम योगी ने कहा- इतिहास में वही जाति और कोम जीवित रही है जो अपने पूर्वजों के शौर्य और पराक्रम को जीवन का हिस्सा बनाती है – गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के चार साहिबजादों का बलिदान भारतीय इतिहास का गौरवशाली अध्याय है- सीएम योगी – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में सिख समुदाय के योगदान की सराहना की गोरखपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इतिहास में वही जाति और कौम जीवित रहती है, जो अपने पूर्वजों के शौर्य, पराक्रम और बलिदान को जीवन का हिस्सा बनाती है। सिख गुरुओं ने सदैव सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उनकी वीरता, त्याग और बलिदान देश की आत्मा में आज भी जीवित है। सीएम योगी रविवार को गोरखपुर के पैडलेगंज स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने पर्यटन विकास कार्यों, गुरुद्वारा भवन के नए स्वरूप और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार कार्यों का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के प्रथम प्रकाश पर्व पर आयोजित समागम में मुख्यमंत्री ने गुरुवाणी सुनी और संगत के बीच शामिल हुए। गुरुद्वारा समिति की ओर से उन्हें प्रतीक चिन्ह और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया गया। सिख गुरुओं की परंपरा अनुपम और अटूट रही है- सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख गुरुओं की परंपरा अनुपम और अटूट रही है। गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोविंद सिंह जी महाराज तक, हर गुरु ने सनातन धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उन्होंने कहा कि  जब भी भारतीय संस्कृति पर संकट आया, सिख गुरुओं ने आगे बढ़कर अपने बलिदान से उसे बचाया। सीएम योगी ने विशेष रूप से गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को याद किया। उन्होंने कहा कि उनके बलिदान के 350वें वर्ष में देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कुछ ही समय पूर्व मुख्यमंत्री आवास से नगर कीर्तन और कीर्तन पाठ के जरिए इस आयोजन की शुरुआत हुई। इसी तरह गुरु नानक देव जी महाराज के 550वें प्रकाश पर्व पर भी मुख्यमंत्री आवास पर पहली बार गुरुवाणी का आयोजन हुआ था। चार साहिबजादों का बलिदान भारतीय इतिहास का गौरवशाली अध्याय है- सीएम योगी सीएम योगी ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के चार साहिबजादों बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि उनका बलिदान भारतीय इतिहास का गौरवशाली अध्याय है। उन्होंने कहाकि जब उन्हें लालच दिया गया कि इस्लाम स्वीकार कर लो, तो जीवन और रियासत दोनों सुरक्षित रहेंगे, लेकिन उन्होंने झुकने के बजाय बलिदान का मार्ग चुना। छोटे साहिबजादों को दीवार में चुनवाकर शहीद कर दिया गया, लेकिन उन्होंने अपने धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए दृढ़ निष्ठा दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही बलिदान आज हम सभी को प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 26 दिसंबर को पूरे देश में ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है। यह सिख गुरुओं और साहिबजादों के बलिदान को श्रद्धांजलि देने का एक ऐतिहासिक निर्णय है। गुरुद्वारों में सुविधाओं का हुआ विस्तार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पैडलेगंज का यह गुरुद्वारा वर्षों से सिख संगत का आस्था केंद्र रहा है। पहले यहां सुविधाओं का अभाव था, लेकिन अब पर्यटन विभाग और सरकार की मदद से इसे आधुनिक स्वरूप प्रदान किया गया है। अब यहां श्रद्धालुओं के लिए गुरुवाणी पाठ, लंगर और अन्य धार्मिक कार्यक्रम और बेहतर सुविधाओं के साथ हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा केवल किसी जाति या समुदाय तक सीमित नहीं होता। यहां आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत होता है। यही सिख परंपरा और गुरुवाणी का वास्तविक संदेश है। सीएम योगी ने सिख परंपरा के प्रति जताई कृतज्ञता सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर के प्रमुख तीन गुरुद्वारों जटा शंकर, मोहद्दीपुर और पैडलेगंज को बेहतर स्वरूप देने का कार्य किया गया है। यह सिख गुरु परंपरा के प्रति हमारी कृतज्ञता और श्रद्धा का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा कि  आज का दिन हमारे लिए पवित्र इसलिए भी है कि 421 वर्ष पूर्व इसी दिन गुरु ग्रंथ साहिब जी को हरमंदिर साहिब में स्थापित कर उन्हें गुरु के रूप में स्वीकार किया गया। यह परंपरा आज भी पूरे विश्व में आस्था और श्रद्धा का केंद्र है। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं ने अपने जीवन का हर क्षण देश, धर्म और मानवता के कल्याण के लिए समर्पित किया। आज हमारा दायित्व है कि उनकी शिक्षाओं और बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करें। सीएम योगी ने गोरखपुर में सिख समुदाय के योगदान को सराहा सीएम ने गोरखपुर में सिख समुदाय की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह आयोजन पूर्वी उत्तर प्रदेश के सिख समुदाय को एकजुट करने का अवसर है। उन्होंने लखनऊ में अपने नियमित गुरुपर्व आयोजनों का जिक्र करते हुए कहा कि गोरखपुर में इस तरह के आयोजन में शामिल होना उनके लिए विशेष सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि गुरु परंपरा ने देश और सनातन धर्म के लिए अपना जीवन समर्पित किया, उनकी प्रेरणा से हमें देश और धर्म के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य करना है।  इस दौरान सांसद रवि किशन शुक्ला, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, कालीबाड़ी के महंत रविंद्र दास समेत गुरुद्वारा कमेटी के वरिष्ठ सदस्य व सिख समुदाय के कई गणमान्य मौजूद रहे।

कमजोरों के हक छीनने वालों पर योगी सरकार का डंडा, किसी को नहीं मिलेगी ढील

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन समस्याओं का निस्तारण तत्परता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए। बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास के बाद रविवार सुबह जनता दर्शन में आए लोगों से मुलाकात की। उन्होंने ध्यान से उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का निस्तारण तत्परता और संवेदनशीलता से किया जाए। 'सरकार हर समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है' सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘समस्याओं के निस्तारण में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टिपरक होना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि सरकार जनता की हर समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में आए लोगों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद मिले और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। 'सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी' सीएम योगी ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की और सभी को आश्वस्त किया कि हर व्यक्ति की समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले या कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा न जाए। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर भी आए थे। मुख्यमंत्री योगी ने उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी।  

ड्यूटी के दौरान हरियाणा के लाल ने दी शहादत, लेह में ऑक्सीजन की कमी बनी वजह

सोहना  सोहना खंड के गाँव अभयपुर के रहने वाले 34 वर्षीय प्रीतम सिंह 14 साल पहले भारतीय सेना में भर्ती हुए थे, जो कि 14 साल तक मां भारती की रक्षा में तैनात रहने के बाद ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। शहीद प्रीतम सिंह फिलहाल लेह में तैनात थे। बताया जा रहा है कि ऑक्सीजन कम होने की वजह से शहीद प्रीतम सिंह की अचानक तबीयत खराब हो गई, जिनको उपचार के लिए शीघ्र अस्पताल में दाखिल कराया गया, लेकिन वह मौत से जिंदगी की जंग हार गए। पार्थिव शरीर को सैन्य टुकड़ी द्वारा उनके पैतृक गांव अभयपुर में लाया गया, जहा में हजारों लोगों के काफिले के साथ बंदे मातरम व भारत माता की जय के उदघोषों के बीच उनको गांव की शमशान भूमि ले जाया गया। जहां पर सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के 12 वर्षीय पुत्र प्रतीक ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। बता दें कि हवलदार शहीद प्रीतम सिंह फिलहाल लेह की 5014 ASC बटालियन में तैनात थे, जिनके पिता व चाचा ताऊ भी भारतीय सेना में रहकर मां भारती के लिए समर्पित रह चुके है।14 साल पहले प्रीतम सिंह भी मां भारती की रक्षा करने के लिए भारतीय सेना में भर्ती हुए थे, जो अपनी शहादत देने के बाद अपनी वीरांगना पत्नी 12 वर्षीय बेटा प्रतीक व 9 वर्षीय बेटी पंछी छोड़ गए है। इस मौके पर गांव की तरफ से गांव के सरकारी स्कूल का नाम शहीद प्रीतम सिंह के नाम से किए जाने की माग की गई है।

नक्सलियों को तगड़ा झटका! कोईमेंटा जंगल से मिला विस्फोटक डंप

सुकमा नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर मेट्टागुड़ा कैंप से जवानों की टीम नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना हुई थी. इस दौरान जवानों को नक्सलियों के खुफिया डंप को बरामद कर बड़ी सफलता हासिल हुई है. नक्सलियों के छिपाए गए कंट्रीमेड रायफल, विस्फोटक और भारी मात्रा में लोहे की सामग्री सुरक्षाबलों ने बरामद की है. जानकारी के मुताबिक, 23 अगस्त को जवानों को नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी. इसके बाद 203 कोबरा वाहिनी, 241 बस्तर बटालियन सीआपीएफ और जिला बल की संयुक्त पार्टी नक्सल विरोधी अभियान के लिए ग्राम बोटेलंका, ईरापल्ली, कोईमेंटा पहाड़ी, दारेली व आस-पास क्षेत्र की ओर रवाना हुई. अभियान के दौरान कोईमेंटा पहाड़ी में नक्सलियों द्वारा डंप कर कंट्रीमेड हथियार और अन्य नक्सल सामग्राी को बरामद किया गया.   नक्सल डंप से क्या-क्या मिला ? बरामदगी के दौरान जवानों को नक्सलियों के डंप से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री मिली है. इसमें कंट्रीमेड रायफल, बीजीएल लांचर और उसका बैरल, यूएवी नेत्रा का टूटा हुआ प्रोपेलर, इलेक्ट्रिक होल्डर वेल्डिंग, बैंच वाइस और स्टील पाइप शामिल है. इसके अलावा 7 लोहे के छड़, करीब 2 किलो वजनी 45 लोहे के बेस प्लेट, 8 किलो के 47 पोल एंगलर और लगभग 480 भारी-भरकम आयरन क्लैंप बरामद किए गए. वहीं 35 ग्राउंड सपोर्टर, 1 किलो, 18 और 12 इंच के दर्जनों क्लैंप, एक टी-टाइप क्लैंप, काला वर्दी, एम्युनेशन पाउच और टूटी हुई इन्वर्टर बैटरी भी मिली. मौके से करीब 20 मीटर इलेक्ट्रिक वायर और एक इलेक्ट्रिकल एक्सटेंशन बोर्ड भी जब्त किया गया.

आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, पंजाब के मशहूर बारों पर रेड

अमृतसर  जिला आबकारी विभाग अंग्रेजी शराब की बिक्री को सुरक्षित करने और अवैध तौर पर बाहर से आई शराब को रोकने के लिए हर प्रकार से सतर्क है। इसको लेकर अमृतसर की मशहूर बारों तक निरंतर इंस्पैक्शन की जा रही है। इसी क्रम में अमृतसर की बीयर और हार्ड-लिक्कर बारों में नामवर दी-कबीला बार, दी-बाग बार, होटल हयात बार, आर.आर.वी. होटल बीयर बार, बार.बी.क्यू. नैशन एंड बार रेड की गई। बारों को स्टॉक व रिकार्ड जांचा गया। यह कार्रवाई पंजाब आबकारी विभाग की तरफ से दी गई हिदायतों के मुताबिक अमृतसर रैंज के सहायक कमिश्नर आबकारी महेश गुप्ता के निर्देश पर की गई है। इन निर्देशों का पालन करते हुए जिला आबकारी अधिकारी ललित कुमार की निगरानी में उपरोक्त नामवर बारों पर सर्वेक्षण और चैकिंग के लिए इंस्पैक्टर आर.एस. बाजवा के नेतृत्व तले टीम का गठन करके रवाना किया गया। इंस्पैक्टर आर.एस बाजवा ने बताया कि शहर के कई हिस्सों में बाहर के सर्किल से शराब को अवैध तौर पर लाने वाले सक्रिय हो रहे हैं, क्योंकि सरकार की तरफ से किसी भी स्थान पर दूसरे सर्किल से आई हुई शराब न तो बेची जा सकती है, न उसका सेवन किया जा सकता है । हालांकि इस पूरी रेड के बावजूद उपरोक्त बड़ी बारों पर किसी भी प्रकार की कोई कोताही विभाग के सामने नहीं आई, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि विभाग हमेशा सतर्कता को लेकर चलता है, ताकि कोई चूक न हो जाए। रात 1 बजे महानगर की सभी बारें होंगी बंद अमृतसर रेंज के सहायक कमिश्नर आबकारी महेश गुप्ता ने कहा है कि पंजाब सरकार के निर्देश पर महानगर की सभी बीयर और हार्ड-बार होल्डर्स को चेतावनी दी जा रही है कि रात्रि 1 बजे के बाद न तो किसी बार से शराब की बिक्री अथवा सर्विस होगी और न ही किसी को किसी होटल अथवा बार में लिक्कर सेवन की आज्ञा दी जाएगी। नियम का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी। इन चीजों पर रखा गया चैकिंग में फोक्स! -बार होल्डरों के पास सेल रिकॉर्ड रजिस्टर्ड कंप्लीट है, क्या दर्ज स्टॉक के अतिरिक्त कोई लिक्कर तो नहीं? -स्टॉक की फिजिकल चेकिंग के तौर पर निश्चित किया जाता है कि क्या बिके हुए लिक्कर के ब्रांड मैच करते हैं अथवा नहीं? -शराब की खप्त के उपरांत खाली बोतलों को समय रहते नष्ट किया जा रहा है अथवा नहीं? -बोतलों को नष्ट करने का मंतव्य उनकी री-फिलिंग को लेकर है । -खप्तकारों को सर्वे किए जाने वाली शराब, विशेष कर बियर की एक्सपायरी चैकिंग।

प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से उपभोक्ताओं को मिल रही राहत

कोनी निवासी रमेश साहू का बिजली बिल हुआ शून्य रायपुर, केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना अब उपभोक्ताओं की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला रही है। प्रदेश के बिजली उपभोक्ता इस योजना का लाभ लेने आगे आ रहे हैं। ऐसे ही बिलासपुर जिले के ग्राम कोनी के निवासी श्री रमेश साहू ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया है। इसके बाद उनका बिजली बिल शून्य हो गया है।इस अभिनव योजना के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री का आभार जताया है। कोनी में रहने वाले श्री रमेश साहू बताते हैं कि उनके घर पर बिजली की खपत काफी अधिक थी प्रतिमाह आने वाले बिजली के बिल से उन्हें बड़ा आर्थिक भार झेलना पड़ता था। सूर्यघर योजना के बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया जिसकी लागत करीब दो लाख रुपए थी। इस प्लांट पर उन्हें केन्द्र सरकार से 78 हजार रुपये की सब्सिडी मिल चुकी है, जबकि राज्य सरकार से मिलने वाली 30 हजार रुपये की सब्सिडी भी शीघ्र मिलने वाली है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें बिजली बिल की चिंता से मुक्ति मिल गई है।अब उन्हें किसी तरह का बिल नहीं भरना पड़ रहा। एक बार निवेश करने पर 25 वर्षों तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होती है और इस पर कोई विशेष मेंटेनेंस खर्च भी नहीं है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में सप्लाई कर आय अर्जित करने का अवसर भी मिलता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में यह योजना बड़ा कदम है। श्री साहू ने आम नागरिकों से अपील की कि वे भी इस योजना का लाभ उठाएं और सौर ऊर्जा को अपनाकर बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनें। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने पर केन्द्र सरकार से 78 हजार रुपये तक सब्सिडी और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये तक सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही सरकार 300 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली प्रदान कर रही है। योजना में घर की छत पर सोलर पैनल लगाने की सुविधा मिलती है जिससे बनने वाली खपत से अतिरिक्त बिजली ग्रिड में देकर बिजली उत्पादक भी बना जा सकता है। योजना के तहत ऋण का भी प्रावधान है जिसमें एक बार निवेश पर 25 वर्षों तक मुफ्त और सतत बिजली पाई जा सकती है।

यूपी की सियासत में गरमाहट, प्रयागराज की होर्डिंग से तेज हुई पूजा पाल के भविष्य की अटकलें

लखनऊ  अपने पति राजू पाल की हत्या के सालों बाद मिले ‘न्याय’ के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ करके यूपी की सियासत में हलचल मचा देने वाली विधायक पूजा पाल का अगला कदम क्या होगा? यह सवाल इस समय उनसे जुड़े या फिर यूपी की राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले हर शख्स की जुबान पर है। पूजा पाल ने पिछले दिनों सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। इसके बाद उनके भाजपा में शामिल होने से लेकर मंत्री बनने तक की अटकलें लगनी शुरू हो गईं। यह भी कहा जाने लगा कि पूजा को 2027 में भाजपा अपना उम्मीदवार भी बना सकती है। जानकार उन्हें समाजवादी पार्टी के पीडीए नारे की काट और चुनाव से पहले भाजपा के हाथ आया हथियार बताने लगे। इस बीच प्रयागराज के धूमनगंज के सुलेम सराय इलाके में लगी एक होर्डिंग ने लोगों को चौंका दिया है। दधिकांदो मेले को लेकर लगाए गए नीले रंग के इस होर्डिंग को देखकर लोग उनके बसपा के पाले में जाने के भी कयास लगाने लगे। दरअसल, विधायक पूजा पाल अतीत में बसपा में रह भी चुकी हैं। 2007 से 2012 तक वह प्रयागराज पश्चिमी सीट से बसपा की ही विधायक थीं। 2019 में वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गई थीं और सपा के ही टिकट पर उन्होंने कौशांबी की चायल सीट से 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ा था। हालांकि राज्यसभा चुनाव में उनका सपा से अलग रुख देखने को मिला। क्रॉस वोटिंग के बाद उनके और सपा के रिश्ते बिगड़ते चले गए। फिर हाल में जब पूजा पाल ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ की तो यूपी के सियासी गलियारों में हलचल मच गई। हर कोई अपने-अपने ढंग से इसकी व्याख्या करने लगा। समाजवादी पार्टी ने पूजा पाल को अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए निष्कासित कर दिया। इसके बाद सपा मुखिया अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए पूजा पाल के बयान आने लगे। सीएम योगी और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात करने के बाद पूजा पाल ने अखिलेश यादव को एक पत्र लिखकर कई चुभते सवाल पूछे और उन्हें खूब सुनाया। यहां तक कह दिया कि यदि मेरी हत्या होती है तो वास्तविक दोषी समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को ही माना जाए। पूजा पाल को लेकर यूपी में जबरदस्त सियासी घमासान के बीच उनके समर्थन में भाजपा नेताओं के भी बयान आने लगे। कुल मिलाकर जानकारों को लगने लगा कि जल्द ही पूजा पाल भाजपा ज्वाइन कर सकती हैं लेकिन इसी बीच प्रयागराज में नीले रंग की होर्डिंग लगी तो उनके बसपा में जाने को लेकर भी अटकलें तेज हो गईं। इस होर्डिंग ने कई लोगों को चौंकाया भी। पूजा पाल ने अभी साफ नहीं किया है रुख एक तरफ यूपी की सियासत में पूजा पाल को लेकर कयासबाजियों का सिलसिला तेज है तो दूसरी तरफ उन्होंने खुद अभी तक इस बारे में अधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा है। सपा से निष्कासन के बाद उनका अगला कदम क्या होगा, इस पर उनके समर्थकों और विरोधियों सबकी नजर है।  

तेज बारिश से पंजाब बेहाल, कई गांवों की सड़कें बंद, खतरे का अलर्ट जारी

दीनानगर  जहां पिछले दिनों पहाड़ों पर लगातार बारिश के कारण जलस्तर काफी बढ़ गया था, जिसके चलते प्रशासन ने पिछले हफ्ते भी रावी नदी में लगभग डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। आज फिर से लगातार बारिश के कारण आज 2 लाख 70 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से रावी नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया और दूसरी तरफ के गांवों में आने-जाने के लिए नाव सुविधा भी बंद कर दी गई। जलस्तर इतना बढ़ गया है कि नदी के बाहर से पानी आने लगा है, जिसके चलते आस-पास के खेतों और गांव मकौड़ा जाने वाले रास्ते तक पानी पहुंच गया है, जिसके चलते प्रशासन ने आस-पास के गांवों के सरपंचों को गांवों में अलर्ट जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रावी नदी के पास सुनसान इलाके में जो गुज्जर समुदाय का डेरा है और लोगों का डेरा है, वे अपने डेरे छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाएं क्योंकि जलस्तर अभी भी काफी हद तक बढ़ सकता है। इस बीच जब इस संबंध में एस.डी.एम. दीनानगर जसपिंदर सिंह भुल्लर से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि जलस्तर फिर बढ़ने के कारण आज नदी में पानी छोड़ा गया है, जिसके चलते नदी के आस-पास के इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। बाकी इलाके के लोगों से अपील है कि वे बिना किसी काम के नदी की तरफ न जाएं। प्रशासन इस पर कड़ी नजर रखे हुए है। अगर किसी भी तरह की बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होती है, तो प्रशासन ने सभी अप्रत्याशित प्रबंध कर लिए हैं और लोगों के ठहरने के लिए राहत शिविरों की व्यवस्था भी पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि लोगों की जान-माल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सभी तरह की जरूरतमंद टीमों को सख्त आदेश जारी किए हैं, जो नदी के आस-पास के इलाकों पर पूरी तरह से नजर रखेंगी और लोगों के साथ समन्वय बनाए रखेंगी। बाकी लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए सभी तरह के इंतजाम पूरे कर लिए हैं।

बेलबहरा विद्यालय का एनसीईआरटी नई दिल्ली एवं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा औचक निरीक्षण

संकुल स्तरीय सामाजिक अंकेक्षण एवं एसएमडीसी के सदस्यों का प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न एमसीबी/बेलबहार  शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलबहरा का नई दिल्ली एनसीआरटी से मनोवैज्ञानिक करियर काउंसलिंग एवं गाइडलाइंस विभाग से आए अशोक कुमार तथा जिला शिक्षा अधिकारी राम प्रसाद मिरे द्वारा विद्यालय का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के के दौरान विद्यालय की शैक्षिक गतिविधियां , प्रयोगशाला, पुस्तकालय, आईसीटी लैब, कक्षा – कक्ष तथा विद्यार्थियों की अध्ययन स्थिति का मूल्यांकन किया गया। प्रोफेसर श्री कुमार ने विद्यार्थियों को कैरियर मार्गदर्शन तथा मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए सुझाव दिए। जिला शिक्षा अधिकारी आरपी मिरे द्वारा मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर बल दिया गया। अधिकारियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं अनुशासन को संतोषजनक एवं उत्तम पाया गया। विशेष रूप से विद्यालय द्वारा प्रदान की जा रही शिक्षा की गुणवत्ता को सराहनीय एवं उत्कृष्ट बताया गया। प्राचार्य बलराज पाल एवं शालेय परिवार  द्वारा सभी आगंतुकों का स्वागत किया गया। उनके सुझावों का विद्यालय विकास में उपयोग करने का आश्वासन दिया गया  जिला शिक्षा अधिकारी श्री मिरे द्वारा द्वारा 12वीं साइंस के छात्र-छात्राओं को कक्षा बोर्ड में ही विषय वस्तु को विस्तार से समझाया गया तथा सभी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं उच्च संस्था के बारे में भी बतलाया गया उन्होंने कहा कि पढ़ाई को निरंतर जारी रखते हुए सभी छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा को अवश्य प्राप्त करें जिससे उनका भविष्य उज्जवल हो सके। सभी छात्र-छात्राएं अपने लक्ष्य अवश्य बनाएं एवं उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अहर्निश मेहनत करें उन्होंने 12वीं कक्षा में प्रथम श्रेणी में आने के लिए विशेष टिप्स के साथ सभी छात्रों को नोट्स बुक तैयार कर ब्लूप्रिंट के माध्यम से पढ़ने के लिए  प्रेरणा दी। तत्पश्चात एसएमडीसी के सदस्यों का संकुल स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सक्रिय सदस्यों ने सहभागिता निभाई तथा इस प्रशिक्षण में संकुल स्तर के  प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के प्रधान पाठक तथा संकुल सदस्यगण उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया, उद्देश्य एवं शाला स्तर पर पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। संकुल प्राचार्य  श्री पाल ने  बताया कि सोशल ऑडिट केवल लेखा-जोखा की जाँच भर नहीं है, बल्कि यह एक सामूहिक प्रयास है जिसमें विद्यालय की गुणवत्ता सुधार और शैक्षिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाता है। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि सामाजिक अंकेक्षण से अभिभावकों एवं समुदाय की भागीदारी बढ़ेगी और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी कृष्ण गोपाल दुबे, पूर्व विकासखंड शिक्षा अधिकारी डीपी मिश्रा, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष आरसी राजवाड़े, सीएसी धर्मेंद्र पैकरा सहित  व्याख्यातागण माता प्रसाद द्विवेदी, सुधा शुक्ला, सुषमा टोप्पो,  सुनीता मिश्रा, निर्मला अग्रवाल, कमलेश पांडे, अश्विनी कुमार दुबे, नित्यानंद द्विवेदी, जयंत देवांगन, माया वर्मा, मंजू बघेल, शोभा जायसवाल तथा सहायक शिक्षक सुनीता यादव, विशाल ठाकुर, अभिलाष पांडे सहित संकुल स्तर के शिक्षक गण तथा पालकगण उपस्थित थे।