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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल-खेल महोत्सव में प्रदेश के खिलाड़ियों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की

पहले दिन ही जीते तीन पदक कृष्ण जाट, मयंक और मासूमा यादव को दी बधाई भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कश्मीर की प्रतिष्ठित डल झील में आयोजित देश के पहले 'खेलो इंडिया जल-खेल महोत्सव' के पहले दिन प्रदेश के खिलाड़ियों द्वारा तीन मैडल जीतने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कयाकिंग-केनोइंग की पृथक-पृथक श्रेणियों में रजत पदक जीतने वाले कृष्ण जाट, कांस्य पदक जीतने वाले मयंक और मासूमा यादव को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तीन दिवसीय महोत्सव की आगामी प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के खिलाड़ी जल-खेल महोत्सव में पदक जीतने का कीर्तिमान स्थापित करेंगे।  

भोपाल से नहीं मिली अनुमति, ऑफिस में फर्नीचर के बिना चटाई पर काम करने को मजबूर एजीएम

ग्वालियर  सरकारी दफ्तरों में समानता की बात अभी भी सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आती है ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं कि दलित वर्ग से आने वाला एक अधिकारी अपने दफ्तर में चटाई पर बैठ कर काम करने को मजबूर है. पदस्थापना के करीब डेढ़ साल बाद भी ग्वालियर में भवन विकास निगम के सहायक महाप्रबंधक सतीश कुमार डोंगरे को अपने दफ्तर में कुर्सी टेबल तक नहीं मिली है. जातिगत भेदभाव या अनदेखी! ग्वालियर में मध्य प्रदेश भवन विकास निगम के दफ्तर में कभी जाना हो और वहां जमीन पर बैठ कर काम करते एक अधिकारी दिखे तो चौंकियेगा नहीं, क्योंकि ये अधिकारी हैं यहां पदस्थ सहायक महाप्रबंधक सतीश कुमार डोंगरे. इनके अधिकारियों ने ही इनका हाल बेहाल कर रखा है, यह सरकारी अफसर अपने दफ्तर में अन्य अधिकारियों से सिफर जमीन पर बैठकर काम करते हैं. लेकिन ये कोई शौक नहीं है बल्कि ये उनके साथ हो रहे भेदभाव की मिसाल है. सतीश कुमार डोंगरे भी अपने वरिष्ठों के इस व्यवहार से दुखी हैं. चटाई पर बैठ काम निपटा रहे सहायक महाप्रबंधक ग्वालियर के गोविंदपुरी इलाके में स्थित मध्य प्रदेश भवन विकास निगम के दफ्तर में पहुंचा तो पता चला कि यह ऑफिस किराए के भवन में संचालित है. लेकिन चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब इस दफ्तर में पदस्थ सहायक महाप्रबंधक अपने केबिन की जगह ऑफिस की जमीन पर चटाई बिछाए फाइलों का काम निपटाते दिखे और जब उनसे इसके पीछे का कारण पूछा तो जवाब बेहद हैरान करने वाला था. जातिगत भेदभाव और षड्यंत्र का आरोप भवन विकास निगम के सहायक महाप्रबंधक सतीश कुमार डोंगरे ने बताया कि "2023 में उनकी पदस्थापना बालाघाट जिले में थी लेकिन उनके उच्च अधिकारियों ने षड्यंत्र के तहत झूठा प्रकरण बनाकर पद से हटवा दिया लेकिन उन्होंने न्यायालय की शरण ली और जीत हासिल हुई. जिसके बाद नाखुश हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें 800 किलोमीटर दूर ग्वालियर में तबादला कर भेज दिया. इतना ही नहीं उन्होंने परेशान करने या उनके मन में जो जातिगत भेदभाव हैं उसके चलते यहां भी ठीक से काम नहीं करने दे रहे हैं." 'साथी अधिकारी को केबिन, मेरे लिए कुर्सी तक नहीं' सहायक महाप्रबंधक सतीश कुमार डोंगरे का कहना है कि, "इस दफ्तर में आए लगभग डेढ़ साल हो चुका है, यहां 3 अधिकारियों को पद के अनुरूप टेबल कुर्सी की पात्रता है. 2 को यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है लेकिन आज तक उन्हें पद के अनुरूप पात्रता के हिसाब से बैठने के लिए एक्जीक्यूटिव कुर्सी और एग्जीक्यूटिव टेबल नहीं दिया गया है. जबकि उनके समकक्ष साथी अक्षय गुप्ता हैं जो सामान्य वर्ग से आते हैं उन्हें अटैच लेटबाथ के एक साथ केबिन दिया गया है जिसमें उन्हें पात्रता के हिसाब सभी सुविधाएं दी गई हैं. वहीं मैं अनुसूचित जाति वर्ग से आता हूं और मेरे पास बैठने के लिए कुछ नहीं है. मैं चटाई पर बैठ कर अपना ऑफिस का काम और फाइलें निपटाते हैं." सभी के लिए व्यवस्था, डोंगरे की उपेक्षा! सतीश कुमार डोंगरे का यह भी कहना है कि "उप महाप्रबंधक के द्वारा कई बार कुर्सी टेबल की डिमांड भेजी गई है क्योंकि दफ्तर में 8 अधिकारी कर्मचारी पदस्थ हैं लेकिन यहां सिर्फ 4 टेबल कुर्सी हैं. जिन पर सभी लोग कहीं ना कहीं बैठ जाते हैं लेकिन डोंगरे का आरोप है कि उनके साथ उपेक्षा होती है. उन्हें बैठने के लिए स्थान तक नहीं दिया गया है इसलिए उन्हें मजबूरी में नीचे ही बैठना पड़ता है." भोपाल में बैठे अधिकारियों पर लगाया है आरोप सतीश कुमार डोंगरे का मानना है कि "डिमांड भेजने के बाद भी भोपाल से मानव संसाधन विभाग द्वारा उसे पूरा नहीं किया जा रहा है. ऐसे में उन्हें लगता है कि या तो वहां बैठे अधिकारी उनके प्रति जातिगत भेदभाव रखते हैं या पूर्व से किसी बात को लेकर कुंठित हैं." उच्च अधिकारी बोले-कुर्सी टेबल के लिए नहीं है फंड इन हालातों में एक महत्वपूर्ण सरकारी ऑफिस में काम कर रहे सतीश डोंगरे पिछले लगभग डेढ़ साल से इस तरह से अपमान का घूंट पी रहे हैं. सतीश कुमार डोंगरे कहते हैं कि "जब लोग दफ्तर में आते हैं तो उन्हें जमीन पर बैठा देखते हैं तो वे खुद को उपेक्षित महसूस करते हैं. इस मामले में मध्य प्रदेश भवन विकास निगम ग्वालियर के अतिरिक्त महाप्रबंधक अच्छेलाल अहिरवार से बात की गई तो उनका कहना था कि "कुर्सी टेबल के लिए भोपाल डिमांड भेज दी है जब उसके लिए फंड आएगा तब ही फर्नीचर उपलब्ध करा पाएंगे." इन हालातों से ये बात तो साफ है कि, पढ़ाई लिखाई कर अपनी मेहनत से अधिकारी का पद पाने वाले 2 अफसरों को अलग-अलग व्यवस्थाए दी जाएं तो यह भेदभाव का संकेत है लेकिन ताज्जुब इस बात का है कि जिस प्रदेश में विकास के प्रोजेक्ट्स के नाम पर हजारों करोड़ों रुपये सेंक्शन हो जाते हैं वहां 18 महीने से एक अधिकारी को कुर्सी टेबल के लिए फंड नहीं है. 

हाईकोर्ट में अफसरों ने मांगी माफी, संस्कृत विद्यालयों के छात्रों के लिए विशेष परीक्षा का आदेश

जबलपुर   मध्य प्रदेश में अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में उपस्थित हुए महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान भोपाल के संचालक प्रभात राज तिवारी एवं असिस्टेंट डायरेक्टर रेशमा लाल ने पूर्व में पारित आदेश का पालन नहीं करने पर बिना शर्त माफी मांगी। उन्होंने हाईकोर्ट में अभिवचन दिया कि संस्कृत विद्यालयों के जो विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होने से वंचित हुए हैं, उनके लिए विशेष परीक्षा का आयोजन करवाया जाएगा। छात्रों को परीक्षा के लिए आवेदन करने 7 दिन के लिए पोर्टल खोला जाएगा। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने दोनों अधिकारियों के अधिकारियों के बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए 45 दिन के भीतर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिये हैं। पुष्पांजली संस्कृत विद्यालय सिंगरौली और अन्य की तरफ से दायर की गई। अवमानना याचिका में कहा गया था कि महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान भोपाल ने पूर्व में एक आदेश जारी कर यह शर्त रखी थी कि उनके संस्थान से संबद्ध जिन विद्यालयों के छात्रों ने माशिमं या सीबीएससी से नौवीं या ग्यारहवीं परीक्षा उत्तीर्ण की है, उन्हें दसवीं और बारहवीं में परीक्षा में शामिल नहीं किया जाएगा। जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने उक्त आदेश को मनमाना मानते हुए निरस्त कर दिया था। हाईकोर्ट द्वारा आदेश निरस्त किये जाने के बावजूद भी संस्थान ने याचिकाकर्ता विद्यालयों के करीब 22 सौ विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल नहीं किया। जिसके कारण उक्त अवमानना याचिका दायर की गई थी। अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए विगत 14 अगस्त को हाईकोर्ट ने उक्त अधिकारियों को नोटिस जारी कर पूछा था कि नियम स्थगित करने के बावजूद याचिकाकर्ता संस्कृत विद्यालयों के विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल क्यों नहीं किया गया। पिछली सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने महर्षि पतंजली संस्कृत संस्थान भोपाल के दोनों अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से तलब किया था। याचिकाकर्ता विद्यालयों की तरफ से अधिवक्ता एनएस रूपराह और मुस्कान आनंद ने पक्ष रखा।  

ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर पहुंचे सीएम साय, प्रदेशवासियों के लिए की मंगलकामना

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जापान की राजधानी टोक्यो में ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर का दर्शन किया। सीएम साय ने ट्वीट कर कहा कि आज टोक्यो में ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर दर्शन का अवसर मिला। यह टोक्यो का सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिर है, जो शांति और सामर्थ्य का प्रतीक है। मंदिर दर्शन कर छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की खुशहाली और समृद्धि की कामना की, जिससे हमारा राज्य शांति और सामर्थ्य से परिपूर्ण बन सके। बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जापान और दक्षिण कोरिया के आधिकारिक दौरे पर गया है। इस यात्रा का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित करना है। टोक्यो (22–24 अगस्त) में प्रतिनिधिमंडल जापानी उद्योगपतियों, व्यापार संघों और निवेशकों के साथ इन्वेस्टर कनेक्ट सेशंस एवं व्यावसायिक बैठकों में भाग लेगा। इसके बाद ओसाका (25–26 अगस्त) में मुख्यमंत्री साय वर्ल्ड एक्सपो 2025 में शामिल होंगे और छत्तीसगढ़ में निवेश अवसरों पर विभिन्न हितधारकों से चर्चा करेंगे। दौरे का अंतिम चरण सियोल (27–29 अगस्त) में होगा, जहां निवेशक गोलमेज बैठकों, कोरिया की शीर्ष कंपनियों और व्यापार संघों से मुलाकात तथा सेक्टर-विशेष संवाद आयोजित किए जाएंगे। वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ पर फोकस ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में भारत मंडपम अंतर्गत छत्तीसगढ़ पवेलियन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत, नवाचार की संस्कृति और उभरते भविष्य-उन्मुख क्षेत्रों को वैश्विक दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। पवेलियन को राज्य की अनूठी पहचान को दर्शाने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है। इसमें औद्योगिक विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और सतत विकास जैसे प्रमुख फोकस क्षेत्रों को शामिल किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रदर्शनी पूरी दुनिया के लिए छत्तीसगढ़ के परिवर्तन और भविष्य की आकांक्षाओं की झलक प्रस्तुत करेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जापान और कोरिया के उद्योगपतियों, व्यापार संघों और वैश्विक निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे, जिसका उद्देश्य दीर्घकालिक साझेदारियां स्थापित करना, नए व्यापारिक चैनल खोलना तथा प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। विकास और निवेश को नई गति विश्व के सबसे बड़े नवाचार और सहयोग प्लेटफार्मों में से एक में भाग लेकर मुख्यमंत्री साय इस अवसर का उपयोग इस्पात, खनन, स्वच्छ ऊर्जा और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए करेंगे। यह मिशन राज्य की सक्रिय पहल को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेशकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाना और आर्थिक विकास के नए अवसरों को खोलना है। मुख्यमंत्री साय के साथ मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव रजत कुमार, सचिव राहुल भगत, सीएसआईडीसी के एमडी विश्वेश कुमार सहित कई अधिकारी इस दौरे में शामिल हैं।

मानवता को सलाम: इंदौर में देह दान करने वाले को पहली बार गार्ड ऑफ ऑनर

इंदौर  इंदौर अंगदान में देश में पहले स्थान पर है। कई लोग देहदान भी इंदौर में करते है। शुक्रवार को पहला मौका था जब 80 वर्षीय अशोक वर्मा की इच्छा अनुसार उनकी देह एक निजी मेडिकल काॅलेज को सौंपी गई। उससे पहले पुलिस जवानों ने पार्थिव देह को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अभी तक गार्ड ऑफ ऑनर शहीदों व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को दिया जाता है। मध्य प्रदेश सरकार ने आदेश जारी किए है कि जो भी व्यक्ति देह दान करता है। उनकी मृत्यु होने पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। इस आदेश के बाद इंदौर में पहला देहदान सम्पन्न हुआ।जवाहर मार्ग निवासी अशोक वर्मा का गुरुवार रात निधन हो गया था। जब वे जीवित थे तो परिजनों से कहा था कि मृत्यु होने पर अंत्येष्टी करने के बजाए उनका देहदान किया जाए। परिजन ने देहदान, नेत्रदान एवं त्वचादान के लिए दधीचि मिशन से संपर्क किया लेकिन तकनीकी कारण से नेत्रदान एवं त्वचादान संभव नहीं हो पाया। शुक्रवार सुबह उनकी अंतिम यात्रा निकली और अरविंदो मेडिकल काॅलेज पहुंची। यहां गार्ड ऑफ ऑनर के लिए पुुलिस जवान पहले से मौजूद थे। शस्त्रों से श्री वर्मा को सलामी दी गई।इसके बाद देह काॅलेज प्रबंधन को सौप दी गई। अंगदान समिति के नंदकिशोर व्यास ने बताया कि श्री वर्मा ने कुछ वर्षों पहले देहदान की स्वीकृति दी थी। उनकी राजवाड़ा पर मेडिकल शाॅप है। वहां भी उन्होंने कई लोगों से देहदान के लिए संकल्प पत्र भरवाए थे। उनके एक बेटे का युवा अवस्था में निधन हो गया था। बेटे का भी उन्होंने देहदान किया था। इसके बाद पुत्रवधू का उन्होंने पुनर्विवाह भी कराया था।  

दीपक बैज का साय सरकार पर वार – बस्तर की उपेक्षा की, भाजपा ने दिया पलटवार

जगदलपुर छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद प्रदेश में सियासी पारा हाई है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने साय सरकार पर बस्तर की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है. वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने दीपक बैज को अपने संगठन की चिंता करने की बात कही है. दीपक बैज ने कहा कि उनकी सरकार के दौरान बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद पर बस्तर के नेताओं को ही जिम्मेदारी दी गई. दो-दो मंत्री बस्तर से हुआ करते थे, लेकिन भाजपा में अब वरिष्ठ नेताओं की राजनीतिक हत्या करने का प्रयास सरकार कर रही है. पीसीसी चीफ दीपक बैज के आरोपों पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा, दीपक बैज अनुचित टिप्पणी कर रहे हैं. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को अपने संगठन पर ध्यान देना चाहिए. किरण देव ने कहा, मुख्यमंत्री का विशेष अधिकार है कि वह किसे मंत्री बनाना चाहते हैं. पहले से ही केदार कश्यप बस्तर से मंत्री हैं. इसके अलावा कोंडागांव विधायक लता उसेंडी बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और मैं स्वयं प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका में हूं.

विधानसभा सत्र बढ़ा, विज का वार- कांग्रेस लोकतांत्रिक पार्टी नहीं, अंदर ही अंदर खींचतान

चंडीगढ़  हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र 22 अगस्त यानी आज से शुरू हो गया है। सत्र की संभावित तारीख 22, 25 और 26 अगस्त तक होना था। लेकिन अब इसे एक दिन और बढ़ा दिया गया है। ऐसे में सेशन 27 अगस्त तक चलेगा। पहले दिन के सत्र के बाद हरियाणा सरकार के मंत्री अनिल विज ने कहा कि आज बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक हुई। बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा नहीं होती, सिर्फ यह तय होता है कि सदन की कार्यवाही कैसे और कितने समय तक चले। इसे एक दिन बढ़ाने का फैसला किया गया। इसमें सभी दलों के नेता मौजूद थे। यह (विधानसभा सत्र) 27 तारीख तक जारी रहेगा।  अनिल विज ने कहा कि सत्र के दौरान विपक्ष को मुद्दे उठाने की आजादी है, हमारे पास हर मुद्दे का जवाब है। इसके साथ ही विज ने विपक्षी दल कांग्रेस पर जुबानी हमला भी किया। विज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक दल नहीं है। कांग्रेस में कोई किसी को नेता नहीं मानता, कोई किसी की सुनता नहीं है। यही वजह है कि इतना समय बीत जाने के बाद भी वे विपक्ष के नेता पर फैसला नहीं कर पाए। शुक्रवार सुबह 11 बजे हरियाणा विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति (बीएसी) की बैठक विधानसभा सचिवालय में हुई। बैठक की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने की। बैठक में विधानसभा अध्यक्ष, सीएम और सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री हिस्सा लिया। इसके साथ ही विपक्ष से पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा शामिल हुए। बैठक में ही तय हुआ कि सत्र का समय एक दिन बढ़ाया जाए।  हालांकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार शाम को ही भाजपा विधायकों के साथ बैठक कर सत्र की पूरी रणनीति तैयार कर ली है। इस बार भी सैनी के अलावा संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा के पास विपक्ष के सवालों के जवाब देने की जिम्मेदारी रहने वाली है। कांग्रेस लाएगी काम रोको प्रस्ताव विपक्ष ने सत्र के दौरान सरकार को घेरने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। पूर्व स्पीकर व कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ गई है। आए दिन हत्याएं, रेप और रंगदारी की खबरें आ रही हैं। इसलिए सारे काम रोक कर सरकार से पहले कानून व्यवस्था पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा वे भाजपा सरकार की ओर से विधानसभा क्षेत्रों में मंत्रियों व विधायकों की जिम्मेदारी पर भी चर्चा करेंगे। उनका कहना है कि सैनी सरकार संविधान के खिलाफ चल रही है। अभी तक दो विधेयक सूचीबद्ध और 30 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव आए हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्डा ने बताया, सत्र के लिए अभी तक 30 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, एक अति आवश्यक प्रस्ताव आया है। जो बिल सूचीबद्ध किए गए हैं, उनमें पिछड़ा वर्ग आयोग की शक्तियां बढ़ाने और विधायकों का यात्रा भत्ता बढ़ाने का विधेयक सूचीबद्ध किया जा चुका है। इसके अलावा जनविश्वास बिल और हरियाणा सिख गुरुद्वारा न्यायिक आयोग की शक्तियां बढ़ाने का विधेयक भी सूचीबद्ध किया जा सकता है। प्रश्नकाल के लिए 60 विधायकों के प्रश्न सूचीबद्ध किए जा चुके हैं। इनेलो ने भी सरकार को घेरने की तैयारी, दिए 10 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव कांग्रेस के अलावा इनेलो ने भी सरकार को घेरने की पूरी तैयार की है। इनेलो की ओर से प्रदेश में खाद की कमी के बारे, शिक्षण संस्थानों के लिए आरक्षित की गई जमीन को आवंटित करने बारे, एसवाईएल नहर, कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति, सरकारी स्कूलों में हजारों की संख्या में शिक्षकों के खाली पद, जमीन व प्लाटों के कलेक्टर रेट में वृद्धि, वायरस से धान व जीरी की बर्बाद फसल, बिजली की दरों में वृद्धि और आयुष्मान योजना के लाभार्थियों का इलाज संबंधी मुद्दे शामिल हैं। विधानसभा में ये मुद्दे इनेलो विधायक दल के नेता आदित्य देवीलाल और विधायक अर्जुन चौटाला उठाएंगे। सीएम की घोषणाओं व पुलिस भर्ती के पूछे गए हैं सवाल इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल ने राज्य की कानून व्यवस्था से संबंधित सवाल पूछा है। उन्होंने कॉल से धमकी, वसूली के मामले और अपराधियों की गिरफ्तारियों के बारे में पूछा है। मुलाना से कांग्रेस विधायक पूजा ने पूछा कि जुलाई तक सभी सड़कों की मरम्मत करने के आदेश दिया था, अब तक उनकी घोषणा में कितना अमल हुआ है। वहीं, कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने सवाल लगाया कि 5600 पुलिसकर्मियों की भर्ती सरकार कब करेगी। कालांवाली से विधायक शीशपाल केहरवाला ने जनवरी 2024 से 31 जुलाई 2025 तक नए बीपीएल कार्डों की संख्या पूछी है।

सीएम नीतीश ने दिलाई पुराने दौर की याद, पूछा- लालू-राबड़ी शासनकाल में क्या हाल था?

गया मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फिर से लालू-राबड़ी राज की याद दिला दी। गयाजी में पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के दौरान मंच पर उन्होंने लोगों से पूछा कि 2005 से पहले क्या हाल था?  बिहार का कितना बुरा हाल था? पहले कोई ठीक से कपड़ा तक नहीं पहन पाता था? कोई महिलाओं के लिए काम नहीं किया। मुस्लिमों के लिए भी कोई काम नहीं किया। लेकिन, हमलोगों की सरकार बनी तो सब लोगों के लिए काम किया। अब सब काम ठीक से हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज 13,000 करोड़ रुपए से अधिक की योजनाओं का उद्घाटन किया जा रहा है, जिससे बिहार को अत्यधिक लाभ मिलेगा। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी को हृदय से धन्यवाद देता हूं। यहां के कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री जी बेगूसराय के सिमरिया जाकर नवनिर्मित गंगा पुल का उद्घाटन करेंगे। मैं उनका अभिनंदन एवं नमन करता हूं। हम यह बताना चाहते हैं कि गया और बोधगया में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु एवं पर्यटक आते हैं। पहले यहां की स्थिति बहुत खराब थी। पूर्ववर्ती सरकारों ने इस दिशा में कोई विशेष कार्य नहीं किया। हमने एक-एक चीज़ को ध्यान में रखते हुए कार्य शुरू किया और अब यहां सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दी गई हैं। गया में फल्गु नदी पर रबर डैम के माध्यम से ‘सीता सेतु’ का निर्माण कराया गया है। बोधगया में ‘महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र’ की स्थापना कराई गई है। हमने गया का नाम बदलकर 'गयाजी' कर दिया है। अब एक ओर बोधगया है और दूसरी ओर गयाजी। पहले की सरकारों ने कोई ठोस काम नहीं किया मुख्यमंत्री ने बिहार के संदर्भ में कुछ और बातें साझा करना चाहूंगा। 24 नवंबर 2005 को एनडीए सरकार के गठन से पहले की सरकारों ने कोई ठोस काम नहीं किया। लेकिन हमारी सरकार आने के बाद हमने पूरे बिहार में योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य शुरू किए। आज बिहार हर शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली समेत हर क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। इन कार्यों के अतिरिक्त हाल ही में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं। बिहार में वृद्धजन, दिव्यांगजन एवं विधवा महिलाओं को दी जाने वाली पेंशन राशि को 400 रुपए से बढ़ाकर 1,100 रुपए कर दिया गया है, जिससे 1.12 करोड़ लाभार्थियों को सीधा फायदा होगा। पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2018 में हमने ‘हर घर बिजली’ योजना के अंतर्गत राज्य के सभी घरों तक बिजली पहुंचा दी थी। बिजली आपूर्ति की दरें भी काफी रियायती रखी गईं। इस वर्ष हमने बिजली को पूर्णतः निःशुल्क करने का निर्णय लिया है। अब तक हमने 10 लाख सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं तथा 39 लाख लोगों को विभिन्न रूपों में रोजगार उपलब्ध कराया है। चुनाव से पूर्व यह संख्या 50 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य है। साथ ही, अगली सरकार बनने पर आगामी पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का संकल्प लिया गया है। हमने महिलाओं सहित समाज के हर वर्ग के लिए काम किया है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि बिहार में नए उद्योगों की स्थापना हेतु राज्य सरकार विशेष प्रोत्साहन प्रदान करेगी। बिहार के समग्र विकास हेतु केंद्र सरकार का पूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है। चुनाव के उपरांत बिहार को विशेष वार्षिक  सहायता प्राप्त होगी। फरवरी 2025 के बजट में मखाना बोर्ड, एयरपोर्ट और कोसी क्षेत्र के विकास हेतु विशेष राशि आवंटित की गई है। हमने महिलाओं सहित समाज के हर वर्ग के लिए काम किया है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का पुनः अभिनंदन करता हूं।

शिव मंदिर में नंदी की प्रतिमा खंडित करने वाले दो आरोपी मैहर में सलाखों के पीछे

मैहर धार्मिक नगरी मैहर में धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने की साजिश को अंजाम देने वाले आरोपियों को पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाली थाना क्षेत्र के संकुटा तालाब किनारे बने शिव मंदिर में भगवान नंदी की मूर्ति खंडित करने के मामले में पुलिस ने 72 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस के मुताबिक दिनांक 18 अगस्त को मैहर जिले के संकुटा तालाब के किनारे स्थित शिव मंदिर में नंदी भगवान की मूर्ति खंडित पाई गई थी। इस घटना से स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया था। कोतवाली पुलिस ने तुरंत मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस की त्वरित कार्रवाई वही, मैहर पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल ने मामले को संज्ञान में लेते हुए थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अनिमेष द्विवेदी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। इसराइल और नावेद ने शराब के नशे में तोड़ी थी नदी की मूर्ति जांच के दौरान टीम ने घटना स्थल और आसपास के इलाकों में सघन पूछताछ की। इसी आधार पर पुलिस ने मो. इसराइल उर्फ इस्सी (36 वर्ष), निवासी चिकान मोहल्ला, मैहर को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि अपने साथी नावेद अहमद (23 वर्ष) निवासी पुरानी बस्ती, मैहर के साथ संकुटा तालाब के पास शराब पीने के बाद नशे में नंदी भगवान की मूर्ति खंडित की थी। दोनों आरोपी पहुंचे जेल अमर्यादित कृत्य स्वीकार करने के बाद पुलिस ने आरोपी मो. इसराइल उर्फ इस्सी को 18 अगस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, फरार चल रहे उसके साथी नावेद अहमद को पुलिस ने 21 अगस्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे भी जेल भेज दिया गया है।

जयपुर-कोटा जाने वालों को झटका, हरियाणा रोडवेज ने बस किराया बढ़ाया 40 रुपए तक

पलवल हरियाणा के यात्रियों को राजस्थान का सफर करने के लिए अब अपनी जेबें ज्यादा ढीली करनी पड़ रही हैं। इसकी वजह है कि राजस्थान परिवहन निगम की ओर से किराए में 10% से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई है। ऐसा होने के बाद रोजाना प्रदेश से राजस्थान जाने वाले हजारों लोगों पर इसका असर पड़ रहा है। उन्हें राजस्थान के विभिन्न शहरों में जाने के लिए 10 से लेकर 40 रुपए तक ज्यादा खर्च करने पड़ रहे हैं। खास बात ये है कि हरियाणा रोडवेज ने किराया नहीं बढ़ाया है, लेकिन जैसे राजस्थान की सीमा में प्रवेश करेंगे तो किराया राजस्थान की बढ़ी हुई दरों के हिसाब से ही देना होगा। बता दें कि हरियाणा का सबसे बड़ा बॉर्डर राजस्थान से लगता है। प्रदेश के महेंद्रगढ़ जिले की 3 ओर की सीमाएं राजस्थान से टच हैं। इसके अलावा भिवानी, हिसार, सिरसा, रेवाड़ी, नूंह, पलवल और गुरुग्राम की सीमा भी राजस्थान से लगती है। इसलिए रोजाना हजारों की संख्या में लोग राजस्थान की ओर सफर करते हैं, जिनमें जयपुर और कोटा जाने वाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा होती है। यहां जानिए हरियाणा के यात्रियों पर कैसे भारी पड़ रही बढ़ोतरी…     राजस्थान में 8 अगस्त से बढ़ गया था किराया: 8 अगस्त को राजस्थान परिवहन निगम की ओर से किराया बढ़ोतरी के आदेश जारी किए थे। हरियाणा रोडवेज की बस में राजस्थान की सीमा तक पहले की तरह किराए दर लागू है। जैसे ही हरियाणा रोडवेज राजस्थान में प्रवेश करेगी, साधारण बस में एक रुपया प्रति किलोमीटर किराया बढ़ जाएगा। वहीं, यात्रियों को राजस्थान से वापस आते समय प्रति किलोमीटर एक रुपए के हिसाब से किराया देना पड़ रहा है। इसके अलावा यात्रियों को राजस्थान रोडवेज की बसों में हरियाणा प्रदेश में प्रति किलोमीटर एक रुपए किराया देना होगा।     लग्जरी बसों के किराए में भी हुई बढ़ोतरी: साधारण बस में पहले प्रति किलोमीटर 85 पैसे किराया जाता था। अब बढ़ाकर प्रति किलोमीटर किराया 95 पैसे कर दिया गया है। एक्सप्रेस बसों का प्रति किलोमीटर किराया 90 पैसे से बढ़ाकर 100 पैसे कर दिया गया है। डीलक्स बस में प्रति किलोमीटर किराया 90 पैसे से बढ़ाकर 110 पैसे कर दिया गया है। नॉन एसी बस में किराया बढ़ाकर 110 से 125 पैसे कर दिया गया है। AC बस का किराया 165 पैसे से बढ़ाकर 180 पैसे प्रति किलोमीटर कर दिया है। AC सुपर लग्जरी बस में प्रति किलोमीटर किराया 190 से 210 पैसे कर दिया गया है।     उदाहरण से जानिए कैसे बढ़ेगा किराया: उदाहरण के लिए पहले नारनौल से राजस्थान के कोटपूतली तक का किराया 60 रुपए था, अब यात्रियों को 61 रुपए देने पड़ रहे। नारनौल से नांगल चौधरी जाते समय किराया 30 रुपए है, लेकिन वापसी पर 30 की बजाय 31 रुपए देना होगा। हरियाणा रोडवेज की बस जैसे ही राजस्थान सीमा में प्रवेश करती है, किराया एक रुपया बढ़ जाता है। कोटपूतली से नारनौल आने वाले यात्रियों को अपने बस स्टैंड तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त एक रुपए का भुगतान करना पड़ रहा। वहीं, नारनौल से कोटपूतली जाते समय यात्रियों को राजस्थान में प्रवेश करते ही एक रुपए अतिरिक्त किराया देना पड़ रहा।     नारनौल से जयपुर के उदाहरण से समझिए: नारनौल अड्डा इंचार्ज ब्रह्मप्रकाश ने बताया कि नारनौल से जयपुर की दूरी करीब 168 किलोमीटर है। अगर किसी को जयपुर जाना हो तो नारनौल से हरियाणा के बॉर्डर तक 35 किलोमीटर रायपुर तक का किराया 45 रुपए है। इसके बाद राजस्थान में प्रति किलोमीटर 95 पैसे का इजाफा हो जाएगा। ऐसे में बचे हुए 133 किलोमीटर का किराया 95 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से 126 रुपए लगेगा। इसमें टोल टैक्स अलग है। जयपुर, बालाजी और खाटूश्याम जाने वालों के लिए बस का सफर महंगा राजस्थान सरकार की तरफ से साधारण बसों के किराये में 10 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की गई है। पहले 85 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया लगता था। बढ़ोतरी होने से अब रेवाड़ी डिपो की बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों को पांच रुपये से लेकर 20 रुपये तक अतिरिक्त किराया देना पड़ेगा। वहीं, खुल्ले पैसे को लेकर परिचालकों की भी परेशानी बढ़ी हुई है। रेवाड़ी जिले से प्रतिदिन जयपुर, सीकर, कोटा, कोटकासिम, खाटूश्याम जी के लिए सैकड़ों यात्रियों का आवागमन होता है। वहीं इन रूटों पर हरियाणा रोडवेज को भी अच्छा राजस्व मिलता है। राजस्थान की सीमा में प्रवेश करते हुए लागू हो जाएगा बढ़ा हुआ किराया राजस्थान सरकार की तरफ से गत आठ अगस्त से बसों के किराये में बढ़ोतरी के आदेश जारी कर दिए गए थे। हरियाणा रोडवेज की बसों में राजस्थान की सीमा तक पहले की तरह ही किराया देना होगा, लेकिन बस जैसे ही राजस्थान की सीमा में प्रवेश करेगी बढ़ा हुआ किराया लागू हो जाएगा। यात्रियों को जहां जयपुर के लिए पहले 195 रुपये देने होते थे, लेकिन अब 215 रुपये किराया देना होगा। इसी प्रकार कोटकासिम, झुंझूनु, सिंघाना, सीकर, खाटूश्याम, कोटा आदि रूटों के लिए भी बढ़े हुए किराये के हिसाब से यात्रियों को भुगतान करना होगा। रेवाड़ी से कोटा के लिए 435 की जगह अब 480, खाटूश्याम के लिए 280 की जगह 300, झुंझूनु रूट पर 160 की जगह 170 रुपये तथा  कोटकासिम रूट पर 24 की जगह 26 रुपये यात्रियों को किराया चुकाने पड़ेगे। जयपुर रूट पर पहले का और वर्तमान किराया स्टाॅप     किराया पहले      किराया अब बहरोड़         55                           60 कोटपूतली     85                         90 पावटा         100                       105 शाहपुरा     125                       135 मनोहपुर     135                      145 चांदवाजी     145                     160 अचरोल     165                      175 जयपुर     195                           215 नोट: किराया रुपये में     पहले किराया राउंड फिगर में था, लेकिन … Read more