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‘अमर रहें’ के नारों के बीच हुआ कर्नल सोनाराम का अंतिम संस्कार

बाड़मेर पश्चिमी राजस्थान के दिग्गज जाट नेता और पूर्व सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी का शुक्रवार को उनके पैतृक गांव मोहनगढ़ में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा और “कर्नल सोनाराम अमर रहें” के नारों के बीच हजारों लोगों ने नम आंखों से अपने नेता को अंतिम विदाई दी। चार बार सांसद और एक बार विधायक रहे कर्नल चौधरी का बुधवार को नई दिल्ली में एक बैठक के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से निधन हो गया था। गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से बाड़मेर लाया गया और आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। यहां आमजन से लेकर कई बड़े नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। शुक्रवार को मोहनगढ़ स्थित आवास पर भी बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। इस दौरान राज्य मंत्री के.के. बिश्नोई, सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी, पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी, बायतु विधायक हरीश चौधरी, बाड़मेर विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी, जैसलमेर के पूर्व विधायक रुपाराम धनदे सहित कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम यात्रा उनके आवास से निकलकर मोहनगढ़ के मुख्य मार्गों से होते हुए श्मशान घाट पहुंची। इस दौरान सड़कों के किनारे खड़े लोगों ने अपने नेता को अंतिम विदाई दी। श्मशान घाट पर उनके पुत्र डॉ. रमन चौधरी ने मुखाग्नि दी और कर्नल चौधरी पंचतत्व में विलीन हो गए।

भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण अधर में, हरियाणा में करोड़ों की कीमत वाले GPS रोवर बेकार पड़े

चंडीगढ़    हरियाणा सरकार की उन्नत रोवर-आधारित तकनीक से भूमि अभिलेखों को आधुनिक बनाने की महत्वाकांक्षी योजना अभी तक शुरू नहीं हो पाई है, जबकि 2023 में लगभग 10 लाख रुपये प्रति रोवर की लागत से खरीदे गए लगभग 300 जीपीएस-सक्षम रोवर तहसील और उप-तहसील कार्यालयों में बिना इस्तेमाल के पड़े हैं।हरियाणा वृहद मानचित्रण कार्यक्रम का हिस्सा, यह पहल, भूमि सीमांकन के सदियों पुराने मैनुअल तरीकों, जैसे कि चेन या टेप माप – राजा टोडरमल के समय से चली आ रही तकनीकें – को बदलने के लिए थी, जिससे अक्सर गलतियाँ और भूमि विवाद होते थे।अधिकारी इस देरी के पीछे दो बड़ी बाधाएँ बताते हैं: ततिमा (बंटवारे) अभिलेखों का अद्यतन न होना और रोवर-आधारित मानचित्रण के लिए शुल्क का अंतिम रूप न दिया जाना।  राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "इसके तीन घटक हैं – सीओआरएस, रोवर और परिचालन डेटा। सरकार ने 19 सतत प्रचालन संदर्भ केंद्र (सीओआरएस) स्थापित किए हैं और 300 रोवर खरीदे हैं। लेकिन चूँकि बुनियादी टाटीमा डेटा अभी भी लंबित है, इसलिए इन रोवर्स का उपयोग नहीं किया जा रहा है।" अभी तक, पूरे हरियाणा में लगभग 18 लाख टाटीमा डेटा अधूरा है। इसके बावजूद, अधिकारियों का कहना है कि परियोजना अपने अंतिम चरण में है और अक्टूबर के अंत तक शुरू हो जाएगी। उच्च-परिशुद्धता जीपीएस तकनीक से लैस, ये रोवर सीओआरएस नेटवर्क के साथ तालमेल बिठाकर काम करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जिससे भूमि अभिलेखों में बेजोड़ सटीकता, पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित होती है। राजस्व विभाग के भूमि अभिलेख निदेशक डॉ. यशपाल यादव ने कहा, "जब कोई सर्वेक्षक रोवर को ज़मीन पर रखता है, तो उसका सटीक अक्षांश और देशांतर अंकित किया जाता है, जिससे सटीकता सुनिश्चित होती है।" वर्तमान में, इस प्रक्रिया में सर्वेक्षण पत्थरों और चेन या टेप माप जैसी जटिल प्रारंभिक तैयारियाँ शामिल हैं। नई प्रणाली भूमि प्रबंधन को कागज़ रहित और निर्बाध बनाएगी।  रीयल-टाइम डेटा एक्सेस के लिए एक मोबाइल ऐप भी विकसित किया जा रहा है।एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पहले ही जारी की जा चुकी है, जिसमें अनिवार्य किया गया है कि भविष्य में सभी भूमि विभाजन और नवीनीकरण केवल रोवर्स की मदद से ही किए जाएँ। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय सर्वेक्षण विभाग की मदद से फील्ड स्टाफ के लिए दो प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं और अतिरिक्त सत्रों के लिए अनुरोध किया गया है।डॉ. यादव ने आगे कहा, "रोवर का उपयोग करके प्रत्येक सीमांकन की दरों को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है और सरकार को एक प्रस्ताव भेजा गया है।" "एक बार लागू होने के बाद, यह प्रणाली त्रुटि-मुक्त सीमांकन सुनिश्चित करेगी, अतिव्यापी दावों को समाप्त करेगी और विवादों को कम करेगी।"

राज्यपाल से मिले हाई स्कूल के विद्यार्थी

डेका ने जीवन में सफलता के लिए दिया मार्गदर्शन  रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका से आज राजभवन में रायपुर के निजी स्कूल के विद्यार्थियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर श्री डेका ने बच्चों को जीवन और कैरियर में सफलता पाने के लिए मार्गदर्शन दिया और विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। विद्यार्थियों ने राज्यपाल की बातों को पूरे उत्साह से ध्यानपूर्वक सुना।           राज्यपाल ने विद्यार्थियों से उनके सपनों और हॉबी पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अनुशासन और धैर्य सफलता की कुंजी हैं। यदि किसी परीक्षा में सफलता न मिले तो उसके विकल्प तैयार रखें। विद्यार्थी यूपीएससी की परीक्षा देना चाहते हैं, उसके लिए पूरी लगन के साथ तैयारी करें लेकिन अन्य विकल्पों पर भी ध्यान दें।         डेका ने कहा कि हर विद्यार्थी को अपनी हॉबी विकसित करना चाहिए क्योंकि यह व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होते हैं। एक छात्रा ने संगीत से जुड़े अपने हॉबी का जिक्र किया। इस पर राज्यपाल ने कहा कि संगीत जीवन के लिए महत्वपूर्ण है, इसमें विज्ञान भी निहित है। विद्यार्थियों ने जब राजनीति के बारे में पूछा तो राज्यपाल ने कहा कि अच्छे लोगों को राजनीति में आना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनौतियों का समाधान करने के लिए सही समय पर सही निर्णय लेना जरूरी है और गुस्से में कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए। उन्होंने अनुभव, तर्कशक्ति और निर्णय क्षमता को जीवन में सफलता के लिए अहम बताया।       डेका ने कहा कि सतत् विकास सबसे जरूरी विषय है। हमें अपनी पृथ्वी और पर्यावरण को बचाने के लिए काम करना होगा। हमें अपने वातावरण को स्वच्छ रखना होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 45 प्रतिशत वन क्षेत्र है यह बात उन्हें बहुत प्रभावित करती है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि वे मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करें और टॉपर बनने का लक्ष्य रखें। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बोर्ड परीक्षाओं के टॉपर विद्यार्थियों को उनके द्वारा 5 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि भी दी गई है। इस अवसर पर रेयान इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य श्रीमती धनेश्वरी शर्मा, मैनेजर एवं अन्य स्टॉफ के साथ विद्यार्थियों को राजभवन का भ्रमण भी कराया गया।

CBI अधिकारी बनकर की करोड़ों की लूट, दिल्ली में गिरोह ने रची हाई-प्रोफाइल वारदात

नई दिल्ली दिल्ली के विवेक विहार में लुटेरों ने CBI अधिकारी बनकर एक व्यवसायी के घर छापा मारा और 2.3 करोड़ रुपए लूट लिए. पुलिस के मुताबिक, जब व्यवसायी पैसे लेकर बाहर निकल रहे थे, तभी कार से आए बदमाशों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया. उन्होंने पहले कैश से भरा बैग छीना और फिर घर के अंदर जाकर बाकी रकम भी उड़ा ली. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पीड़ित व्यापारी मनप्रीत, गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके के रहने वाले हैं और प्रॉपर्टी डीलिंग व कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं. उन्होंने अपनी कमाई के 2.3 करोड़ रुपए ऑफिस में रखे थे. 19 अगस्त को उन्होंने अपने दोस्त रविशंकर को विवेक विहार से 1.1 करोड़ रुपए घर लाने के लिए कहा. जैसे ही रविशंकर नकदी से भरा बैग लेकर ऑफिस के बाहर निकले, दो कारों में आए चार लोग, जिनमें एक महिला भी शामिल थी, ने उन्हें रोक लिया. आरोपियों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और रविशंकर की पिटाई कर बैग छीन लिया. इसके बाद उन्होंने शंकर को जबरदस्ती व्यापारी मनप्रीत के घर ले जाया गया. वहां पहुंचकर नकली अधिकारियों ने एक कर्मचारी को भी पीटा और घर में रखी बाकी रकम भी लूट ली. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने वारदात को पूरी योजना बनाकर अंजाम दिया. पीड़ितों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. डीसीपी के अनुसार, लुटेरों ने मनप्रीत और शंकर को गाड़ियों में बंधक बना लिया. बाद में शंकर को चिंतामणि अंडरपास और कर्मचारी माहेश्वरी को निगमबोध घाट के पास छोड़ दिया. जाते-जाते आरोपियों ने दोनों को धमकी दी कि इस लूट के बारे में किसी को न बताएं. पुलिस की कार्रवाई पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाला और गाड़ियों का सुराग फरीदाबाद में लगाया. जांच में पता चला कि ये गाड़ियां दिल्ली के साकेत इलाके के एक एनजीओ से किराए पर ली गई थीं. इसके बाद पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया. उनकी पहचान एनजीओ सचिव पापोरी बरुआ (असम निवासी) और दीप (दुगलकाबाद निवासी) के रूप में हुई है. फिलहाल पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है.

जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं में गौरव पथ, स्मार्ट क्लासरूम, ईवी स्टेशन व डिजिटल सेवाएँ विकसित होंगी: मुख्यमंत्री

बेहतरीन नगरीय अवस्थापना का मानक बनेंगी जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाएँ: मुख्यमंत्री जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं में गौरव पथ, स्मार्ट क्लासरूम, ईवी स्टेशन व डिजिटल सेवाएँ विकसित होंगी: मुख्यमंत्री हब-एंड-स्पोक मॉडल से नगर पालिकाओं को जोड़कर मिलेगी आधुनिक निगरानी व सुरक्षा: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने की नगर विकास विभाग की समीक्षा, कहा सभी नगरीय निकायों के हो अपना भवन मुख्यमंत्री का निर्देश, नगर निगम कर बकाये की विसंगतियों पर अभियान चलाकर कराएं त्वरित समाधान लखनऊ-कानपुर रुट पर शीघ्र बढ़ेंगी 200 इलेक्ट्रिक बसें, अन्य नगरों में 650 बसें खरीदने की योजना बोले मुख्यमंत्री, इलेक्ट्रिक बसों को प्रोत्साहन के साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार हो नगर निगमों की वित्तीय स्वीकृति सीमा 20 साल बाद बढ़ाई जाएगी, मुख्यमंत्री ने दिए तत्काल निर्णय के निर्देश लखनऊ में बनेगा अंतरराष्ट्रीय शूटिंग रेंज व खेल परिसर लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला मुख्यालयों वाली नगर पालिकाओं को स्मार्ट और विकसित नगर पालिका के रूप में विकसित करने की योजना का क्रियान्वयन प्रारम्भ करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को नगर विकास विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट-विकसित नगर पालिका योजना का उद्देश्य जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं को आधुनिक, आत्मनिर्भर और नागरिक-केंद्रित स्वरूप में विकसित करना है। उन्होंने निर्देश दिया कि इस पर यथाशीघ्र कार्य प्रारंभ किया जाए। अधिकारियों ने अवगत कराया कि योजना के अंतर्गत नगर पालिकाओं में गौरव पथ, पिंक टॉयलेट, शहरी सुविधा केंद्र, स्मार्ट क्लासरूम व आंगनबाड़ी, थीम आधारित पार्क, ऐतिहासिक धरोहर संरक्षण, जलाशयों का पुनर्जीवन, ईवी चार्जिंग स्टेशन, ग्रीन क्रेमेटोरियम और डिजिटल सेवाओं जैसी आधुनिक सुविधाएँ विकसित की जाएँगी। साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए उत्सव भवन, सामुदायिक केंद्र और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ आधारित ढाँचे भी स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना को हब-एंड-स्पोक मॉडल पर लागू किया जा सकता है। उदाहरणस्वरूप, लखनऊ और गोरखपुर स्थित एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर से समीपवर्ती जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं को जोड़ा जा सकता है। इससे नगर पालिकाओं को सुरक्षा, निगरानी और शिकायत निवारण जैसी सेवाओं में आधुनिकता मिलेगी तथा संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक नगर पालिका में परियोजनाओं का चयन स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर किया जाए और वित्तीय संसाधनों का आवंटन नगर निकायों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति के अनुसार किया जाए। अधिकारियों ने बताया कि नगर निकायों को 4 करोड़ से 10 करोड़ रुपये तक का अनुदान उपलब्ध कराए जाने का प्रस्ताव है, जो उनकी जनसंख्या और कार्यदक्षता पर आधारित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं को विकसित-स्मार्ट स्वरूप देने से न केवल आधारभूत संरचना सुदृढ़ होगी, बल्कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी सेवाएँ भी मिलेंगी। बैठक में लखनऊ और कानपुर में 200 इलेक्ट्रिक बसों को नेट कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट मोड पर संचालित करने तथा अन्य नगरों में 650 बसों की प्रत्यक्ष खरीद का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और इसके लिए आवश्यक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी शीघ्र तैयार किया जाए। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्देश में मुख्यमंत्री ने सभी नगर निगमों में निवासियों के विविध कर बकाये में विसंगतियों के तत्काल समाधान पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अभियान चलाकर लोगों से आपत्तियां आमंत्रित की जाएं और समाधान शिविर लगाकर नागरिकों की समस्याओं का यथोचित व संतुष्टिपरक समाधान कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी नगर निकायों के पास अपना भवन होना चाहिए। बैठक में नगर निकायों की वित्तीय स्वीकृति सीमाओं को बढ़ाने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि बीते लगभग 20 वर्षों से इन सीमाओं में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 74वें संविधान संशोधन की भावना के अनुरूप नगर निकायों को अधिक वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार मिलने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि नगर आयुक्त, महापौर, कार्यकारिणी समिति तथा नगर निगम बोर्ड की वित्तीय स्वीकृति सीमाओं का तत्काल विस्तार किया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने लखनऊ में शहीद चंद्रशेखर आज़ाद अंतरराष्ट्रीय शूटिंग रेंज एवं बहुउद्देश्यीय खेल परिसर की स्थापना के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं को पीपीपी मोड पर प्राथमिकता के साथ प्रारम्भ किया जाए, जिससे प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिले और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हों।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने पेश हुई जुलाई माह की आईजीआरएस रिपोर्ट

गौतमबुद्धनगर और श्रावस्ती आईजीआरएस संतुष्ट फीडबैक में सबसे आगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने पेश हुई जुलाई माह की आईजीआरएस रिपोर्ट जनसुनवाई में जनता की संतुष्टि पर योगी सरकार का फोकस, अफसरों की जवाबदेही और पारदर्शिता पर जोर लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जनसुनवाई प्रणाली (IGRS) को बेहतर और पारदर्शी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जुलाई माह की रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि पुलिस कमिश्नर, एसएसपी और एसपी स्तर पर गौतमबुद्धनगर ने सबसे अधिक संतुष्ट फीडबैक हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया, जबकि जिलाधिकारी स्तर पर श्रावस्ती जिले ने बाजी मारी। पुलिस स्तर पर टॉप-5 गौतमबुद्धनगर 98.72 प्रतिशत संतुष्ट फीडबैक के साथ पहले स्थान पर रहा। इसके बाद पीलीभीत (98.23%), बलिया (96.04%), बस्ती (95.43%) और श्रावस्ती (95.14%) का स्थान रहा। इन जिलों ने शिकायतों के समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण में बेहतर कार्य किया है। जिलाधिकारी स्तर पर टॉप-5 जिलाधिकारी स्तर पर श्रावस्ती जिला 90.2 प्रतिशत संतुष्ट फीडबैक के साथ शीर्ष पर रहा। इसके बाद शाहजहांपुर (89.08%), बलरामपुर (83.44%), हमीरपुर (82.15%) और बरेली (80.11%) रहे। इन जिलों में डीएम स्तर पर की गई कार्यवाही से शिकायतकर्ताओं को संतुष्टि मिली है। मुख्यमंत्री योगी का सख्त संदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायत जिस अधिकारी से संबंधित हो, उसकी जांच उसी अधिकारी को न दी जाए। शिकायतों की जांच उच्चाधिकारियों से कराना अनिवार्य किया जाए ताकि न्याय और पारदर्शिता बनी रहे। सीएम योगी ने यह भी कहा कि यदि स्पेशल क्लोज अनुचित पाया जाता है तो प्रस्तावित करने वाले अधिकारी/कर्मचारी पर विभागीय कार्यवाही की जाए। जिलास्तर पर एडीएम/अतिरिक्त मजिस्ट्रेट, एएसपी, डीसीपी या अन्य वरिष्ठ अधिकारी को नामित किया जाए, जो स्पेशल क्लोज करने से पहले शिकायतकर्ता से वार्ता कर उसे संतुष्ट करने का प्रयास करे। योगी सरकार की प्राथमिकता – पारदर्शी और जवाबदेह शासन मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जनसुनवाई प्रणाली को जनता और सरकार के बीच सीधा संवाद बनाने के लिए सशक्त किया जा रहा है। शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता योगी सरकार की प्राथमिकता है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर जनता का भरोसा बढ़ा है।    

लालू यादव को करारा झटका, राजद विधायक पहुंचे पीएम मोदी की सभा में

गया/ नवादा विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की पार्टी को बड़ा झटका लगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गया दौरे के दौरान नवादा से राष्ट्रीय जनता दल की वर्तमान विधायक विभा देवी और रजौली विधायक प्रकाश वीर पीएम मोदी के मंच पर दिखाई दिए। इसके बाद सियासी गलियारे में हड़कंप मच गया। दोनों विधायक जल्द ही सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाईटेड का दामन थामने जा रहे हैं। दोनों को विशेष तौर पर पीएम मोदी के मंच पर बुलाया गया था। हालांकि, जदयू की ओर से इसकी औपचारिक घोषणा अब तक नहीं की गई है। राजबल्लभ प्रसाद ने कभी वोट का सौदा नहीं किया जानकारी के मुताबिक, पूर्व राज्य मंत्री राजवल्लभ प्रसाद यादव की पत्नी विभा देवी लंबे समय से राजद से नाराज चल रही थीं। वहीं, प्रकाश वीर भी पार्टी में अपनी अनदेखी से असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। हाल में ही उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और राजद नेताओं पर कई आरोप लगाए थे। हाल में ही विभा देवी प्रेस वार्ता कर कहा था कि ने कहा कि उन्होंने, उनके जेठ कृष्णा प्रसाद, स्व. जेहल प्रसाद या जेल में बंद राजबल्लभ प्रसाद ने कभी वोट का सौदा नहीं किया। यह नवादा है, राघोपुर नहीं, जहां एक दिन में करोड़ों रुपये बांटे जाते हैं। उन्होंने कहा कि नवादा के सैकड़ों परिवारों से उनका नाता है। उन्हें हर बात की जानकारी है। परिवार की छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है पूर्व मंत्री राजबल्लभ यादव की पत्नी और नवादा सदर से राजद विभा देवी ने कहा कि तेजस्वी और उनके कुछ करीबी नेताओं द्वारा उनके और उनके परिवार पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उनके सम्मानित परिवार की छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है। विभा देवी ने कहा कि वह राजनीति में अपना सम्मान बेचकर नहीं आई हैं। उन्होंने कभी घूस नहीं ली और न ही भ्रष्टाचार किया। विभा देवी ने आरोप लगाया कि जब सरकार बनाने-बिगाड़ने का खेल चल रहा था, तब तेजस्वी के साथ रहने वाले उनके कुछ करीबी नेताओं ने उनसे भारी धनराशि की मांग की थी। वह यह रकम नहीं दे सकीं। इसके बावजूद उन्होंने और विधायक प्रकाश वीर ने पार्टी नहीं छोड़ी। जबकि कई नेताओं ने उन्हें पाला बदलने का प्रलोभन दिया था। उन्होंने कहा कि यही उनकी गलती थी कि वह तेजस्वी को गलत काम के लिए पैसा नहीं दे सकीं।

CBI स्पेशल कोर्ट का बड़ा फैसला, डाक विभाग के तीन अफसरों को घोटाले में 5 साल की सजा

जबलपुर   सीबीआई की विशेष कोर्ट ने डाक विभाग के तीन अधिकारियों को भ्रष्टाचार व धोखाधड़ी के अपराध में दोषी करार दिया है. सीबीआई कोर्ट ने सागर के डाक विभाग में पदस्थ रहे तीन अधिकारियों को पांच-पांच साल तक के कारावास के साथ अर्थदंड से दंडित किया है. कोर्ट ने 17 नवंबर 2022 को दर्ज हुए मामले की लंबी सुनवाई के बाद ये सजा सुनाई है. क्या है पूरा मामला? अभियोजन की ओर से बताया गया कि सभी आरोपी सागर जिले के बीना एलएसजी उप डाकघर में पदस्थ रहे हैं. डाकघर के तत्कालीन उप डाकपाल विशाल कुमार अहिरवार, हेमंत सिंह और रानू नामदेव पर आरोप था कि तीनों ने 1 जनवरी 2020 से 5 जुलाई 2021 के बीच डाकघर में जमा लोगों के 1 करोड़ 21 लाख रु से ज्यादा की राशि का हेरफेर करते हुए जमाकर्ताओं को फर्जी पासबुक जारी की थी. जब कुछ जमाकर्ता अवधि पूरी होने पर रूपए निकालने पहुंचे, तभी पूरा मामला उजागर हुआ और फिर शिकायत सीबीआई से की गई. शासन को पहुंचाया 1 करोड़ 21 लाख का नुकसान सीबीआई ने जांच के दौरान पाया कि तीनों आरोपियों ने सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी खजाने को 1 करोड़ 21 लाख 82 हजार 921 रु नुकसान पहुंचाया. इस राशि को गलत तरीके से निकालकर आरोपियों ने उसका उपयोग खुद को लाभ पहुंचाने के लिए किया था. भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी व जालसाजी के दोषी सीबीआई ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार,जालसाजी व धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर विशेष न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया था. सीबीआई कोर्ट ने प्रकरण की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किए गए साक्ष्य व गवाहों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए कारावास व अर्थदंड की सजा से दंडित किया. सीबीआई की ओर से लोक अभियोजन संजय कुमार उपाध्याय ने पैरवी की. किसे कितनी हुई सजा? सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने तत्कालीन उप डाकपाल विशाल कुमार अहिरवार को 5 साल कारावास की सजा और 39 हजार रु जुर्माना, हेमंत सिंह को 4 साल की सजा और 7 हजार रु जुर्माना और रानू नामदेव को भी 4 साल के कठोर कारावास के साथ 7 हजार रु के अर्थदंड से दंडित किया है.

इंदौर की युवती का खुलासा: शादी के बाद बच्चे का जबरन खतना और मांस खिलाने का दबाव

इंदौर इंदौर शहर में एक जैन युवती के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक मुस्लिम युवक ने पहले उससे शादी रचाई और फिर उस पर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मुस्लिम युवक और उसकी बहन के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। जबरन कराया बच्चों का खतना जानकारी के अनुसार, एक हाई प्रोफाइल परिवार की युवती की शिकायत पर मुंबई के यूसुफ खान और उनकी बहन गुलबानो के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जैन समाज की इस युवती ने बताया कि शादी के बाद यूसुफ ने उसके बच्चों का जबरन खतना करवाया और मांस खाने के लिए मजबूर कर बच्चों का धर्म परिवर्तन कराने का दबाव बनाया। इसके बाद पीड़िता ने इंदौर आकर अपने परिजनों को आपबीती सुनाई और थाने में शिकायत दर्ज कराई। रोमी नाम बताकर की थी दोस्ती पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह इंदौर की एक पॉश कॉलोनी में रहती है। साल 2004 में उसकी दोस्ती यूसुफ से हुई थी, जिसने उस समय अपना नाम रोमी बताया था। उस समय पीड़िता एक विज्ञापन कंपनी में काम करती थी। इसके बाद दोनों ने 2005 में मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में शादी कर ली। उसी वर्ष पीड़िता को एक टीवी चैनल से जुड़ने का अवसर मिला। मुंबई जाने पर उसे पता चला कि रोमी वास्तव में यूसुफ है और मुस्लिम धर्म से है। इस पर पीड़िता ने रिश्ता तोड़ने की बात कही, लेकिन यूसुफ ने आश्वासन दिया कि वह उसे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर नहीं करेगा और वह अपने जैन धर्म के अनुसार जीवन जी सकती है। मुस्लिम धर्म अपनाने का बनाया दवाब हालांकि, 2011 में पीड़िता के एक बेटे के जन्म के बाद यूसुफ और उसकी बहन गुलबानो का व्यवहार बदल गया। जन्म के 40 दिन बाद यूसुफ ने चुपके से बच्चे का खतना करवा दिया। इसके बाद यूसुफ ने पीड़िता पर दबाव बनाया कि उनकी बेटी की परवरिश और शिक्षा मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार होगी। गुलबानो ने भी पीड़िता को धमकाते हुए कहा कि वह मुस्लिम धर्म अपनाए, वरना यूसुफ से उसका रिश्ता खत्म कर दिया जाएगा। इसके अलावा, यूसुफ बच्चे को जबरन मांस खिलाता था। जब बच्चा मांस खाने से इनकार करता, तो यूसुफ उसके मुंह में मांस के टुकड़े डालकर मुंह बंद कर देता था। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि यूसुफ और गुलबानो ने कई बार उसके निजी वीडियो बनाए। घर पर आने वाले एक मसाज करने वाले व्यक्ति के साथ यूसुफ ने आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया और वीडियो वायरल करने की धमकी दी। कुछ समय पहले पीड़िता एक कार्यक्रम में शामिल होने इंदौर आई और उसने अपनी पूरी आपबीती परिजनों को बताई। इसके बाद देर रात तुकोगंज थाने में यूसुफ और गुलबानो के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया।

सीएम डॉ. यादव ने शूटिंग चैंपियनशिप के पदक विजेताओं को दी बधाई, कहा- प्रदेश को आप पर गर्व

प्रदेश के शूटिंग स्टार्स को सीएम की बधाई, डॉ. यादव बोले- युवाओं की मेहनत से बढ़ा मध्यप्रदेश का मान मानसी रघुवंशी ने स्वर्ण और ज्योतिरादित्य सिंह सिसोदिया ने जीता कांस्य पदक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कजाकिस्तान में जारी 16वीं एशियाई शूटिंग शॉटगन चैंपियनशिप में प्रदेश के खिलाड़ियों द्वारा स्वर्ण और कांस्य पदक जीतने पर प्रदेश के विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मानसी रघुवंशी और ज्योरादित्य सिंह ने वैश्विक मंच पर देश और प्रदेश को गौरवान्वित किया है। एशियाई शूटिंग शॉटगन चैंपियनशिप के अंतर्गत जूनियर महिला वर्ग में मानसी रघुवंशी ने स्वर्ण पदक और ज्योतिरादित्य सिंह सिसोदिया ने जूनियर पुरुष वर्ग में कांस्य पदक जीते। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि कठिन परिश्रम, अटूट समर्पण और एकनिष्ठ ध्येय के पर्याय प्रदेश के खिलाड़ियों की यह उपलब्धि असंख्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।