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भारी बारिश की चेतावनी! MP के 20 जिलों में अगले 24 घंटे रहेंगे खतरे वाले, हरसी बांध ओवरफ्लो

भोपाल  मध्यप्रदेश में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग ने राज्य के 20 जिलों में अति भारी बारिश और 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.अगले 48 घंटे में वेदर सिस्टम और अधिक सक्रिय होने की संभावना है, जिससे भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल संभागों में तेज बारिश हो सकती है. इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा जैसे जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में अति भारी वर्षा के कारण जलभराव, नदी-नालों में उफान और लो-लाइन क्षेत्रों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है. इन जिलों में सामान्य से भारी बारिश का अलर्ट विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, ग्वालियर और मुरैना जिलों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है. बीते 24 घंटे के दौरान रीवा में सबसे ज्यादा 3.7 इंच पानी गिर गया। ग्वालियर में भी भारी बारिश दर्ज की गई। यहां ढाई इंच पानी गिरा। छतरपुर के खजुराहो में 1.9 इंच, जबलपुर में 1.6 इंच, मंडला में 1.4 इंच, टीकमगढ़ में 1.2 इंच और सतना में 1 इंच बारिश हुई। दतिया, उमरिया, दमोह, बालाघाट, रतलाम, सागर, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, गुना, मऊगंज, सीहोर समेत कई जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहा।     गुना में लल्लू बैरागी (6) और कबीर मीना (8) नदी में नहाने गए थे। इसी दौरान वे गहरे पानी में चले गए और डूब गए। रात करीब साढ़े 9 बजे मछली पकड़ने वाले जाल की मदद से शव नदी से बाहर निकाले गए।     शिवपुरी और ग्वालियर की सीमा पर बना हरसी बांध लबालब भर गया। इससे पानी का ओवरफ्लो होना शुरू हो गया है। इससे दोनों जिलों के करीब 20 गांव में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है।     ग्वालियर में आधे घंटे की तेज बारिश में ही पॉश कॉलोनियों में पानी भर गया। निचली बस्तियों के घरों में तो कमर तक पानी भर गया।     दमोह में ड्राइवर ने उफनते नाले से बस को पार कराने की कोशिश की। बस बेकाबू होकर पुलिया से नीचे लटक गई। बस में सवार 6 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।     सीहोर जिले की रेहटी में एक कार धामंडा नाले में बह गई। कार सवार दो लोगों ने किसी तरह अपनी जान बचाई।     मैहर गुरुवार को दोपहर 2 बजे के बाद तेज बारिश होने लगी। जिससे रेलवे स्टेशन रोड पर पानी भर गया।     दतिया में रिछरा फाटक इलाके का नाला सुबह हुई बारिश से उफान पर आ गया। नाले के तेज बहाव में ऑटोरिक्शा फंस गया। स्थानीय लोगों ने मदद कर ड्राइवर को बाहर निकाला। रीवा में 9 घंटे में ढाई इंच से ज्यादा बारिश गुरुवार को प्रदेश के 15 जिलों में बारिश हुई। नदी-नाले उफान पर आ गए। मंडला समेत कई जिलों में नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इस वजह से कई गांवों में बाढ़ के हालात हैं। शिवपुरी और ग्वालियर की सीमा पर बना हरसी बांध लबालब भर गया है। बांध से पानी का ओवरफ्लो होना शुरू हो गया है। इससे दोनों जिलों के करीब 20 गांव में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है।  ग्वालियर और रीवा में 9 घंटे में ढाई इंच  पानी गिर गया। दतिया में पौन इंच, टीकमगढ़, सतना और छतरपुर के खजुराहो में आधा इंच पानी गिरा। सीधी, गुना, सागर, उमरिया, दतिया, मऊगंज, दमोह, सिवनी, मऊगंज में भी बारिश का दौर जारी रहा। अगले 2 दिन में सिस्टम और भी होगा स्ट्रॉन्ग अगले 2 दिन में सिस्टम और भी स्ट्रॉन्ग होगा, जिससे भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल में भी तेज बारिश का दौर चलेगा। मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में 3 टर्फ का असर है। वहीं, लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) की एक्टिविटी भी सामने आई है। इसके चलते बारिश का दौर बना हुआ है। अगले तीन दिन ऐसा रहेगा मौसम 11, जुलाई: जबलपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल और नर्मदापुरम में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, विदिशा, रायसेन, नरसिंहपुर। प्रदेश के बाकी के जिलों में भी हल्की बारिश का यलो अलर्ट है। 12 जुलाई: जबलपुर, दमोह, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, हरदा, बैतूल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, सागर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, दतिया, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, उमरिया, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा और मऊगंज। बाकी के जिलों में भी बारिश का यलो अलर्ट है। 13 जुलाई: इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार, खरगोन, खंडवा, हरदा, देवास में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, नीमच, मंदसौर, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, दतिया, दमोह, सिवनी, बालाघा। बाकी बचे जिलों में भी हल्की बारिश का यलो अलर्ट है। भोपाल में तालाब का जलस्तर बढ़ा राजधानी भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के चलते बड़ा तालाब समेत अन्य जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ने लगा है. स्थानीय प्रशासन अलर्ट पर है और निचले इलाकों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी के चलते अगले दो दिनों तक मध्यप्रदेश में रुक-रुक कर तेज वर्षा हो सकती है. इसका प्रभाव सबसे अधिक भोपाल, इंदौर, ग्वालियर-चंबल, और नर्मदापुरम संभाग में रहेगा.

भक्ति संगीत जगत को लगा झटका, अमरकंटक में डूबे भजन गायक राज भदौरिया

अनूपपुर नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक में रामघाट पर गुरुवार को भजन गायक राज भदौरिया (22) की डूबने से मौत हो गई। घटना शाम करीब 5.30 की है। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में नदी-तालाबों में डूबने की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। ताजा मामला अमरकंटक क्षेत्र का है, जहां ग्राम बालनपुर (भिंड) निवासी 22 वर्षीय भजन गायक “राज भदौरिया” अपने भाई और जीजा के साथ धार्मिक यात्रा पर पहुंचे थे। 10 जुलाई 2025, गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे रामघाट में स्नान करते समय वे गहरे पानी में चले गए, संतुलन बिगड़ने से उनका पैर फव्वारे की रेलिंग में फंस गया और वे डूबने लगे। साथियों और आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। वॉटर बोट और स्थानीय निवासी कृष्णा पाल चौहान की मदद से रेस्क्यू कर राज को बाहर निकाला गया और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अमरकंटक ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद मृतक के गांव और परिवार में शोक की लहर है, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन ने लोगों से नदी-तालाबों में सतर्कता बरतने, बच्चों को अकेले न भेजने और गहरे पानी से बचने की अपील की है। ग्रामीणों ने चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। अनूपपुर जिले में डूबने की प्रमुख घटनाएं: 1. 10 जुलाई 2025: अमरकंटक, रामघाट- भजन गायक राज भदौरिया (22) की डूबने से मौत। 2. 8 जुलाई 2025: ग्राम लोहारिन टोला- 4 वर्षीय जितेश सिंह नदी में डूबा, शव तीन दिन बाद मिला। 3. 25 जून 2024: पुष्पराजगढ़, जोहिला नदी- आकांक्षा गुप्ता (20) और अंशु गुप्ता (16) की डूबकर मौत। 4. अप्रैल 2024: मलगा गांव- तालाब में डूबने से अमित (14) और हरिसिंह (40) की मौत। 5. मई 2023: सारंगढ़, सीतामढ़ी तालाब- पिकनिक के दौरान दो लड़कियों और एक लड़के की डूबने से मौत। प्रशासन और पुलिस ने बार-बार अपील की है कि बरसात के मौसम में नदी-तालाबों में स्नान करते समय विशेष सतर्कता बरतें, बच्चों को अकेले न छोड़ें और गहरे पानी में जाने से बचें। कई जगह अवैध उत्खनन के कारण खतरनाक गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बारिश का पानी भर जाता है और हादसे का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने चेतावनी बोर्ड लगाने और सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाने की मांग की है।

आज शुरू होगा मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025, CM यादव करेंगे शुभारंभ

इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज 11 जुलाई को इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित “मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025 – सिटीज ऑफ टुमॉरो” का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कॉन्क्लेव में होटल, पर्यटन, रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों के प्रमुख निवेशकों से संवाद करेंगे। यह आयोजन प्रदेश में शहरी विकास के ब्लूप्रिंट और भविष्य की योजनाओं पर केंद्रित रहेगा। विशिष्ट अतिथियों के साथ बैठक करेंगे इस उच्च स्तरीय आयोजन में देश के 1500 से अधिक निवेशकों, उद्योगपतियों, कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों की सहभागिता होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 1:30 बजे कॉन्क्लेव स्थल पर पहुँचकर एक्जीबिशन का अवलोकन करेंगे, उसके बाद विशिष्ट अतिथियों के साथ बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 3 बजे दीप प्रज्ज्वलन के साथ कॉन्क्लेव का शुभारंभ करेंगे। कॉन्क्लेव में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय और नगरीय प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। आयोजन में क्रेडाई, नगर निगम, आईडीए, स्मार्ट सिटी, हाउसिंग बोर्ड, मैट्रो, हुडको, एलआईसी सहित कई संस्थाओं की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। तकनीकी सत्रों का आयोजन कॉन्क्लेव में चार तकनीकी-सत्र आयोजित होंगे, जिनमें “शहरी उत्कृष्टता के लिए आधिनिक तकनीक, विकास के केंद्र के रूप में शहर, भविष्य के लिए सतत हरित शहरीकरण और भविष्य के शहरों की यातायात व्यववस्था” जैसे विषयों पर विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कॉन्क्लेव में MP लॉकर, ET अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन समिट 2025 ब्रोशर का विमोचन, एमओयू साइनिंग और “सौगात” का उद्घाटन एवं अनावरण करेंगे। वह निवेशकों को प्रशस्ति-पत्र भी भेंट करेंगे। इसके साथ ही मध्यप्रदेश के शहरीकरण में निवेश अवसरों पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जायेगा। शहरीकरण में निवेश के अवसर प्रदेश में मेट्रो, ई-बस, मल्टीमॉडल हब, अफोर्डेबल हाउसिंग, वॉटरफ्रंट डेवेलपमेंट, सीवेज नेटवर्क, ई-गवर्नेंस, स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, स्मार्ट रोड्स जैसे क्षेत्रों में निवेश की असीम संभावनाएँ हैं। प्रदेश में अफोर्डेबल हाउसिंग में 8 लाख 32 हजार से अधिक किफायती आवास तैयार किये जा चुके हैं और 10 लाख से अधिक नए आवासों पर कार्य चल रहा है, जिनमें लगभग ₹50,000 करोड़ का निवेश संभावित है। प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन उपलब्ध रियल इस्टेट की योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन उपलब्ध हैं। पाईपलाइन वॉटर सप्लाई कवरेज की सुविधा और शतप्रतिशत शहरी क्षेत्र सीवरेज सिस्टम उपलब्ध है। नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय निकायों में 23 सेवाएं ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराई गई हैं। नगरीय निकायों में सेन्ट्रलाइज पोर्टल के माध्यम से मंजूरी दी जा रही है। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी 17 हजार 230 योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पर्यावरण के लिये 2 हजार 800 करोड़ और वॉटर फ्रंट से संबंधित डेव्हलपमेंट में 2 हजार करोड़ रूपये की परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश के बड़े शहरों में 552 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में सुगम परिवहन व्यवस्था के विस्तार के लिये 21 हजार करोड़ रूपये की परियोजनाएं संचालित हैं। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और पेट्रोलियम ईंधन के कार्बन फुट-फ्रंट रोकने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश के बड़े शहरों में 552 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जा रहा है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी-2025 लागू की गई है। इंदौर में आयोजित यह ग्रोथ कॉन्क्लेव न केवल प्रदेश की शहरी योजनाओं को रफ्तार देगा, बल्कि निवेशकों को एक मजबूत और विश्वसनीय मंच भी प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नेतृत्व में प्रदेश शहरी परिवर्तन की ओर तेज़ी से अग्रसर है।  

बच्चों के पोषण अभियान के साथ महिलाओं की आर्थिक समृद्धि को मजबूती देगी यह पहल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रेडी टू ईट निर्माण एवं वितरण हेतु रायगढ़ में 10 महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपे अनुबंध पत्र फिर से महिला स्व-सहायता समूहों को मिला रेडी टू ईट निर्माण का कार्य: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक और गारंटी हुई पूरी बच्चों के पोषण अभियान के साथ महिलाओं की आर्थिक समृद्धि को मजबूती देगी यह पहल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायगढ़ जिले के सभी 2709 आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू ईट फूड का महिला स्व सहायता समूहों द्वारा किया जाएगा वितरण रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक और गारंटी को पूरा करते हुए रेडी टू ईट निर्माण का कार्य पुनः महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने के निर्णय पर अमल की पहल की शुरुआत आज रायगढ़ जिले से की गई है। रायगढ़ जिले के सभी 2709 आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू इट फूड अब महिला स्व सहायता समूहों द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में 10 महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी टू ईट निर्माण एवं वितरण के लिए अनुबंध पत्र सौंपे। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक पुरंदर मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविंद्र गबेल, महापौर जीवर्धन चौहान एवं जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट) के निर्माण एवं वितरण का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने का निर्णय लिया है। यह कार्य प्रारंभिक चरण में 6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया जाएगा। रायगढ़ इस पहल का पहला जिला बना है, जहाँ 10 महिला स्व-सहायता समूहों को अनुबंध पत्र वितरित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समूहों की बहनें अब आंगनबाड़ी के बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ इस कार्य से अपनी आमदनी भी बढ़ाएंगी, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगी। यह योजना महिलाओं को स्वरोजगार के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक सार्थक पहल है। साथ ही, बच्चों को पोषण युक्त आहार प्रदान कर राज्य के पोषण स्तर में सुधार लाने में भी यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि विगत डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अधिकांश कार्यों को धरातल पर उतारा गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, दो वर्षों का बकाया बोनस वितरण, महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि, तेन्दूपत्ता संग्रहण दर में  5500 रुपये प्रति मानक बोरा की वृद्धि तथा चरण पादुका योजना की पुनः शुरुआत जैसे कार्य इसके सशक्त उदाहरण हैं। साथ ही, रामलला दर्शन योजना एवं तीर्थयात्रा योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का लाभ भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल डिजिटल सेवा केन्द्रों की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके गांव में ही बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना है। अब तक प्रदेश की 1,460 पंचायतों में ऐसे सेवा केन्द्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे हजारों माताएं और बहनें सरल, सुरक्षित और सुलभ बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा रही हैं। आने वाले समय में शेष पंचायतों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु सतत कार्य कर रही है। पूरे देश में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का जो लक्ष्य रखा गया है, उसके अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। इसी दिशा में रेडी टू ईट योजना प्रारंभ की जा रही है, जिसके प्रथम चरण में 6 जिलों को शामिल किया गया है। रायगढ़ ऐसा पहला जिला है जहाँ महिला समूहों को अनुबंध पत्र सौंपे गए हैं। वित्त मंत्री ने अनुबंध प्राप्त सभी महिला समूहों से गुणवत्ता युक्त कार्य करने का आह्वान किया और कहा कि वे इस योजना को एक आदर्श मॉडल के रूप में प्रस्तुत करें। यह पहल न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि राज्य के पोषण अभियान को भी मजबूती प्रदान करेगी। उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले में रेडी टू ईट कार्य हेतु 10 महिला समूहों का चयन किया गया है, जिन्हें अनुबंध पत्र प्रदान किए गए हैं। इन समूहों को रेडी टू ईट यूनिट की स्थापना हेतु प्रधानमंत्री फॉर्मेलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज़ (PMFME) योजना के अंतर्गत उद्योग विभाग द्वारा पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाएगी।रायगढ़ जिले की सभी परियोजनाओं रायगढ़ शहरी, रायगढ़ ग्रामीण, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकड़ेगा, धरमजयगढ़ एवं कापू परियोजनाओं के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू ईट वितरण हेतु महिला समूहों का चयन किया गया है।

शिक्षा सुधार का असर, युक्तियुक्तकरण से रायपुर के स्कूलों में फिर से आई रौनक

रायपुर : युक्तियुक्तकरण से स्कूलों में लौटी रौनक रायपुर: युक्तियुक्तकरण से स्कूलों में लौटी चहल-पहल, बढ़ी शिक्षण गुणवत्ता शिक्षा सुधार का असर, युक्तियुक्तकरण से रायपुर के स्कूलों में फिर से आई रौनक अंग्रेजी, गणित और कला विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति से बच्चों और पालकों में जगी नई उम्मीद रायपुर महासमुंद जिले के विकासखंड बागबाहरा अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल मोहगांव में शिक्षक नियुक्ति के साथ ही शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन देखा जा रहा है। वर्ष 2022 में स्थापित इस विद्यालय को माध्यमिक स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खोला गया था, लेकिन प्रारंभ से ही शिक्षकों की कमी के कारण यह संस्था शिक्षकविहीन स्थिति में संचालित हो रही थी। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी और अभिभावकों में निराशा व्याप्त थी। शासन की युक्तियुक्तकरण नीति के तहत शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालय में तीन विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। अब अंग्रेजी, गणित एवं कला जैसे प्रमुख विषयों के लिए नियमित कक्षाएं संचालित हो रही हैं। इन विषयों में क्रमशः श्री देवेंद्र चंद्राकर, श्री शैलेन्द्र ठाकुर और श्री रामसिंह नाग की नियुक्ति की गई है। साथ ही विज्ञान सहायक श्री भूपेंद्र जसपाल भी विद्यालय में सेवाएं दे रहे हैं। शिक्षकों की उपलब्धता के साथ विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों को नई गति मिली है। कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं और विद्यार्थियों की उपस्थिति में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। बच्चे अब पूरे उत्साह के साथ पढ़ाई में जुटे हैं। विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति से न केवल बच्चों की पढ़ाई में सुधार हुआ है, बल्कि मोहगांव सहित आसपास के गांवों के पालकों और ग्रामीणों में भी प्रसन्नता का माहौल है। ग्रामवासियों ने शासन और शिक्षा विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय ग्रामीण अंचल में शिक्षा को मजबूती देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। गांव के जनपद सदस्य श्री भूपेंद्र दीवान, सरपंच श्री नरेन्द्र दीवान तथा एसएमसी अध्यक्ष डॉ. चेतन साहू ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा सबके लिए के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में यह एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में विद्यालय में अन्य आवश्यक संसाधन भी शीघ्र उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि विद्यार्थियों को बेहतर और समग्र शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

न्यू मार्केट में दिखे सीएम, बिना तामझाम के फल खरीदते देख हैरान रह गए लोग

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 10 जुलाई की रात एक चौंकाने वाला लेकिन शानदार नजारा देखने को मिला, जब प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक न्यू मार्केट पहुंचे। आम जनता के बीच पहुंचकर उन्होंने न केवल लोगों से बातचीत की और हालचाल जाना, बल्कि एक ठेले वाले से फल भी खरीदे और उसका डिजिटल पेमेंट किया। मुख्यमंत्री का यह सादगी भरा अंदाज लोगों को बेहद पसंद आया। बाजार में सीएम को देख चौंके लोग सीएम को अचानक बाजार में देख लोगों को उनकी सादगी पसंद आई। लोगों को यकीन ही नहीं हुआ कि उनके मुख्यमंत्री इतनी सहजता से उनके बीच खड़े हैं। अचानक सीएम को अपने बीच में देखकर लोग अचंभित नजर आए। काफिले में नहीं, सिर्फ दो गाडियों से पहुंचे न्यू मार्केट मुख्यमंत्री डॉ. यादव सादगी के साथ सिर्फ दो वाहनों में बाजार पहुंचे और 15 मिनट रुक कर फल खरीदे और निवास लौट गए। ट्रैफिक सिग्नल का किया पालन आमतौर पर सीएम का काफिला जिस रूट से गुजरता है। अमूमन 10-15 मिनट पहले पुलिस उस रूट पर ट्रैफिक रोक देती है लेकिन, सीएम ने अपने दौरे की किसी को जानकारी नहीं दी। वे जब फल लेकर वापस सीएम हाउस की तरफ जाने लगे तो सिग्नल पर रेड लाइट देखकर उनकी गाड़ी रुक गई। सीएम ने सिग्नल पर ट्रैफिक नहीं रोकने दिया। बल्कि, ग्रीन सिग्नल होने पर ही वे आगे बढ़े। इस दौरान लोगों ने सीएम का यह अंदाज देख वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर शेयर किया। डॉ. मोहन यादव बिना भारी-भरकम सुरक्षा के केवल दो वाहनों के काफिले के साथ बाजार पहुंचे और करीब 15 मिनट तक वहां रुके। इस दौरान उन्होंने ट्रैफिक नियमों का भी पूरी तरह पालन किया। फल विक्रेता से उन्होंने न सिर्फ सामान लिया, बल्कि उसके व्यवसाय और हालचाल की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री को यूं अपने बीच सहजता से खड़ा देख लोग आश्चर्यचकित रह गए और उनके इस व्यवहार की जमकर सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह बेफिक्र और जनता से जुड़ाव दर्शाने वाला अंदाज सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। ट्रैफिक सिग्नल का किया पालन इतना ही नहीं, लौटते समय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रेड सिग्नल पर अपनी गाड़ी रोककर ट्रैफिक नियमों का पालन किया। उनके इस आचरण से यह स्पष्ट संदेश गया कि कानून का पालन हर नागरिक की जिम्मेदारी है, चाहे वह आम व्यक्ति हो या कोई पदाधिकारी। उनका सादगीभरा व्यवहार प्रदेशवासियों को यह सिखाता है कि सच्चे नेतृत्व का अर्थ केवल पद ग्रहण करना नहीं, बल्कि अपने आचरण से आदर्श प्रस्तुत करना भी है।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम, ग्रामीण स्कूलों की गुणवत्ता में आई मजबूती

ग्रामीण स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता में आया सुधार शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण का सकारात्मक प्रभाव शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम, ग्रामीण स्कूलों की गुणवत्ता में आई मजबूती रायपुर राज्य शासन द्वारा शिक्षकों की युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति का सकारात्मक असर अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। दुर्ग जिले के ब्लॉक धमधा के अंतर्गत हाई स्कूल दनिया में इस प्रक्रिया के अंतर्गत चार नए विषयों के शिक्षकों की तैनाती की गई है, जिससे विद्यार्थियों को अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो रही है। हाई स्कूल दनिया में पढ़ने वाली कक्षा 10वीं की छात्रा हितेश्वरी बताती है कि पहले स्कूल में शिक्षकों की कमी के कारण कई विषयों की पढ़ाई नियमित नहीं हो पाती थी। अब विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और अंग्रेज़ी जैसे विषयों के शिक्षक मिल गए हैं।  विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, युक्तियुक्तकरण के बाद विद्यालय में शिक्षकों की संख्या में संतुलन आया है। अब प्रत्येक विषय के लिए प्रशिक्षित शिक्षक उपलब्ध हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई के लिए बेहतर मार्गदर्शन मिल रहा है। इसके चलते बच्चों की उपस्थिति में भी सुधार देखा गया है। विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि यह पहल विशेषकर ग्रामीण व पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब छात्र नियमित रूप से कक्षा में सभी विषयों की पढ़ाई कर पा रहे हैं और उन्हें किसी बाहरी सहायता की आवश्यकता नहीं रह गई है। ज्ञातव्य हो कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया का उद्देश्य शिक्षकों का प्रभावी पुनर्विनियोजन कर ऐसी जगहों पर उनकी नियुक्ति करना है, जहाँ शिक्षकों की आवश्यकता अधिक है। यह कदम न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहा है, बल्कि इससे विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को भी नई दिशा मिल रही है।

रायपुर: कोलकाता में छत्तीसगढ़ पर्यटन ने दिखाया दम, पर्यटकों को किया आकर्षित

रायपुर : छत्तीसगढ़ पर्यटन ने कोलकाता में दर्ज कराई प्रभावशाली उपस्थिति कोलकाता में छत्तीसगढ़ पर्यटन की प्रभावशाली प्रस्तुति, राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मिली सराहना रायपुर: कोलकाता में छत्तीसगढ़ पर्यटन ने दिखाया दम, पर्यटकों को किया आकर्षित रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों में आज एक महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ी है। कोलकाता में चल रहे ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (टीटीएफ) में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने अपनी विशिष्ट और समृद्ध विरासत के साथ शानदार उपस्थिति दर्ज करायी। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कोलकाता के टूर ऑपरेटर एवं ट्रेव्हल्स एजेंट को छत्तीसगढ़ के टूर पैकेज के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ मंच साझा किया।  इस अवसर पर अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि यह हमारे लिए गौरव की बात है कि छत्तीसगढ़ जैसे समृद्ध राज्य को भारत के इस प्रमुख पर्यटन मंच पर प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है। हमारा राज्य प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं, ऐतिहासिक स्थलों और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर है। छत्तीसगढ़ को आज भी ‘अनदेखा भारत‘ कहा जाता है और यही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे चित्रकोट जलप्रपात, कांगेर घाटी, सिरपुर, बस्तर का धुड़मारास के साथ-साथ भोरमदेव, डोंगरगढ़, दंतेवाड़ा आदि धार्मिक स्थलों का उल्लेख किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल के टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल एजेंट्स से आग्रह किया कि वे अपने पर्यटन पैकेज में छत्तीसगढ़ को भी शामिल करें। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन को अब उद्योग का दर्जा प्राप्त है और पर्यटन क्षेत्र में होमस्टे, रिसॉर्ट्स, ट्राइबल और वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। हमारा उद्देश्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सतत विकास को भी मजबूत करना है। शर्मा ने यह भी बताया कि कोलकाता में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड का स्थायी सूचना केंद्र स्थापित किया गया है, जिससे कोलकाता के टूर ऑपरेटर्स और पर्यटकों को सीधी और सुविधा-सम्पन्न सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी। इस मौके पर कोलकाता के 50 टूर ऑपरेटर एवं ट्रेव्हल्स एजेंट पंजीकृत हुए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने उपस्थित अतिथियों, टूर एंड ट्रैवल ऑपरेटर के समक्ष प्रेजेंटेशन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सुंदरता,संस्कृति एवं भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा टूरिज्म को लेकर लिए गए निर्णय से भी अवगत कराया। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा जी ने मीडिया से चर्चा में बताया कि भारत को समझने के लिए छत्तीसगढ़ को जानना जरूरी है। मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि छत्तीसगढ़ आइए, इसे महसूस कीजिए और भारत की आत्मा से मिलिए।  इस अवसर पर सिक्किम विधानसभा की उपाध्यक्ष श्रीमती राजकुमारी थापा, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी,थाईलैंड की महावाणिज्यदूत सुश्रीपोन तांतिपन्याथेप के साथ ही वेस्ट बंगाल टूर ऑपरेटर एवम ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन कोलकाता के लगभग 500 से भी अधिक सदस्य उपस्थित थे।

नवा रायपुर स्थित सर्किट हाउस में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन, सभी महापौर और आयुक्त हुए शामिल

 महापौरो और आयुक्तों के इंदौर शहर के अध्ययन भ्रमण का छत्तीसगढ़ को मिलेगा लाभ: उप मुख्यमंत्री अरुण साव  महापौरो और आयुक्तो ने शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने उप मुख्यमंत्री अरुण साव के साथ किया मंथन नवा रायपुर स्थित सर्किट हाउस में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन, सभी महापौर और आयुक्त हुए शामिल उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने दिया मार्गदर्शन अन्य नगरीय निकायों के अध्यक्षों और सीएमओ को भी स्वच्छ्तम शहरों के अध्ययन भ्रमण पर भेजा जायेगा रायपुर   प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौरो एवं आयुक्तों की आज नवा रायपुर स्थित सर्किट हॉउस में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई । कार्यशाला में सभी नगर पालिक निगमों के महापौर एवं आयुक्त ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव के समक्ष अपने इंदौर अध्ययन भ्रमण के अनुभवों को साझा किया । साथ ही प्रदेश में स्वच्छता अभियान को लेकर भविष्य की योजनाओं तथा विभिन्न नवाचारो पर चर्चा की गयी तथा आगे की रणनीति पर मंथन किया गया । उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने कार्यशाला में कहा कि एक महापौर अपने शहर का प्रथम नागरिक और  मुखिया  होता है, महापौर को अपने निगम क्षेत्र में असीमित अधिकार एवं संसाधन प्राप्त है, किसी और जन प्रतिनिधि के पास इतने अधिकार एवं संसाधन नहीं होते है, उन्होंने आगे कहा की जब हम अपने लिए घर बनाते है तब हम विचार करते है की घर भले ही छोटा हो लेकिन साफ स्वच्छ एवं सुविधायुक्त हो, इसी प्रकार हमें अपने शहर की भी कार्य योजना बनाते समय ध्यान रखना होगा कि शहर साफ, स्वच्छ एवं सुविधापूर्ण हो, जिसमे आम नागरिको के लिए आवश्यक सुविधाओ की कमी न रहे | उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यशाला में कहा कि किसी राज्य की छवि उसके शहरों से बनती है, यदि आपका शहर साफ स्वच्छ एवं सुविधापूर्ण होगा तो आपके प्रदेश की छवि भी सुधरेगी | एक मुखिया होने के नाते पूरा शहर आपका घर है और घर को साफ स्वच्छ एवं सुविधा पूर्ण बनाना मुखिया की जिम्मेदारी होती है| साव ने आगे कहा की इंदौर शहर विगत सात वर्षो से भारत सरकार की स्वच्छता रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त कर रहा है| इसीलिए महापौरों एवं आयुक्तों को  इंदौर शहर के भ्रमण पर भेजा गया था कि आप खुद जाकर वहां की कार्यप्रणाली का अवलोकन करे और उन अनुभवों  को अपने शहर में क्रियान्वित करें। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अन्य नगरीय निकायों के अध्यक्षों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को भी देश के स्वच्छ्तम शहरों के अध्ययन भ्रमण पर भेजा जायेगा|    कार्यशाला में रायपुर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने इंदौर भ्रमण के अनुभव साझा करते हुए बताया कि वहां की सबसे अच्छी बात शहर की नालियों का पूरी तरह से कवर्ड और अंडरग्राउंड होना है जिससे कचरा नालियों में नहीं जाता है और नालियां जाम  नहीं होती है| उन्होंने बताया कि इंदौर शहर की स्वच्छता में जनप्रतिनिधि और जनता का पूरा समन्वय दिखाई देता है| इसके लिए आवश्यक है कि जनप्रतिनिधि भी जनता के बीच जनजागरूकता लाने हेतु प्रयास करे, केवल सरकार के भरोसे यह संभव नहीं है|  नगर निगम बिलासपुर की महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने इंदौर भ्रमण के अनुभव साझा करते हुए बताया कि भ्रमण के दौरान पूरे शहर में उन्हें कहीं  भी सड़क पर मवेशी या कुत्ता दिखाई नहीं दिया,   सड़क किनारे बने नालियों के ऊपर ठेले-खोमचे वाले भी नहीं दिखे, यह केवल निगम, जनप्रतिधि तथा जनता के बीच परस्पर समन्वय से ही संभव हो सकता है|  कार्यशाला में नगर निगम  कोरबा की महापौर श्रीमती संजुदेवी राजपूत ने कहा की इंदौर शहर में बैनर एवं होर्डिंग्स पर विशेष प्रावधान लागू किया गया है, बैनर तथा होर्डिंग्स लगाने वालों को चाहे वह राजनीतिक  हो या गैर राजनीतिक उन्हें २४ घंटे के भीतर स्वयं हटाना पड़ता है| इससे भी शहर को साफ-सुथरा रखने में मदद मिलती है| इंदौर की मोनिटरिंग प्रणाली का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ए-आई आधारित मोनिटरिंग प्रणाली के माध्यम से सभी गाडियों की लोकेशन ट्रेस की जाती है जिससे निर्धारित समय पर कचरे का संग्रहण किया जा सकता है| उन्होंने कहा कि कोरबा नगर निगम में भी इंदौर से प्राप्त अनुभवों को लागू करने का प्रयास किया जा रहा है| नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक आर.एक्का, सुडा के अतिरिक्त सीईओ दुष्यंत कुमार रायस्त और नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य भी कार्यशाला में मौजूद थे।

भटगांव से अनरोखा पकनी मार्ग के चौड़ीकरण को मिली 10.95 करोड़ की मंजूरी

रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से सूरजपुर जिले में भटगांव से अनरोखा पकनी तक 7.80 किमी लंबी सड़क के चौड़ीकरण व निर्माण को राज्य शासन ने 10.95 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। यह मंजूरी वित्त विभाग की सहमति के बाद जारी हुई है। यह सड़क परियोजना आवागमन को सुगम बनाने के साथ व्यापारिक और सामाजिक गतिविधियों को भी गति देगी। क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग को मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने गंभीरता से लेकर सरकार के समक्ष लगातार रखा, जिसके फलस्वरूप स्वीकृति प्राप्त हुई। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है। यह सड़क बरसात में होने वाली दिक्कतों को खत्म कर एंबुलेंस, स्कूल वाहन व आपातकालीन सेवाओं की सुविधा बढ़ाएगी। परियोजना की गुणवत्ता और समयसीमा की निगरानी संबंधित विभाग द्वारा की जाएगी। यह कार्य न सिर्फ बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा बल्कि क्षेत्रीय विकास का नया अध्याय भी जोड़ेगा।