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खेत में काम करते वक्त मधुमक्खियों का कहर, महिला की इलाज के दौरान हुई मौत

कोरबा मधुमक्खियों के काटने से शरीर में सूजन होना या छोटी-मोटी परेशानी होना को आम बात है, लेकिन मधुमक्खी के काटने से किसी की मौत हो जाना अचरज भरा है। ऐसी एक धटना कोरबा जिले के करतला विकासखंड के ग्राम बंधवाभाठा में गुरूवार को हुई है। गुरुवार दोपहर मधुमक्खी के हमले से एक महिला की मौत हो गई। घटना के समय महिला खेत में काम कर रही थी। ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों खेती का काम जोरो पर है। बंधवाभांठा निवासी सिहारीन बाई 75 वर्ष अपने खेत में काम कर रही थीं, जबकि उनका बेटा सुरेश दूसरे खेत में काम कर रहा था। अचानक, मधुमक्खियों के झुंड ने सिहारीन बाई पर हमला कर दिया, जिससे वह खेत में गिर गईं। सुरेश ने अपनी मां की चिल्लाने की आवाज सुनी और दौड़ते हुए जाकर देखा कि मधुमक्खियों ने उनकी मां पर हमला कर दिया है। सुरेश ने अपनी मां को कंधे पर उठाकर घर पहुंचाया। मधुमक्खियों की डंक से मां की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। इलाज के लिए उसे जिला मेडिकल अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका के दामाद संत राम ने बताया कि जिस खेत के पास वे काम कर रहे थे, वहां पेड़ पर मधुमक्खियों का छत्ता था। उन्होंने बताया कि एक या दो मधुमक्खियों के काटने से आमतौर पर मौत नहीं होती, लेकिन झुंड के एक साथ हमला करने से यह घटना हुई। जिला मेडिकल कॉलेज में पदस्थ डॉक्टर आदित्य सिसोदिया के अनुसार, मधुमक्खी के डंक से निकलने वाली रसायन से शरीर में हाइपरसेंसिटिव रिएक्शन शुरू हो जाता है। जिससे पीड़ित को सांस लेने में तकलीफ और शरीर में सूजन बढ़ने लगती है। डॉक्टर सिसोदिया ने सलाह दी है कि अगर किसी को ज्यादा मधुमक्खियां काटें, तो तुरंत अस्पताल पहुंचाना चाहिए। ऐसे मामलों में एस्टरायड देना और वेंटिलेटर की सुविधा वाले नजदीकी अस्पताल ले जाना जरूरी है।

जबलपुर में रिश्वतखोरी का खुलासा, हाउसिंग बोर्ड के बाबू से ₹10 हजार की रिश्वत रंगे हाथों पकड़ी गई

जबलपुर   मकान के नामांतरण के मामले में शुक्रवार को लोकायुक्त पुलिस ने संजीवनी नगर हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में छापा मारकर बाबू को दस हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है. लोकायुक्त दल ने रिश्वत की रकम जब्त कर ली है. लोकायुक्त पुलिस ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड के संजीवनी नगर स्थित कार्यालय में पदस्थ क्लर्क अमन कोष्टा को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया. फरियादी हाकम साहू महाराजपुर स्थित अपने मकान का नामांतरण कराने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन बाबू ने कार्य के बदले 10 हजार रुपये की मांग की थी, जिसकी शिकायत लोकायुक्त से की गई थी. शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी अंजूलता पटले ने टीआई जितेंद्र यादव के नेतृत्व में टीम बनाकर कार्रवाई की है. जांच में बताया गया है कि बाबू अनुकंपा नियुक्त पर नौकरी कर रहा था, जो बिना रिश्वत लिए नामांतरण नहीं करता था, जिससे लोग परेशान हो चुके थे. बताया गया है कि शिकायतकर्ता दो माह से नामांतरण को लेकर परेशान था, आखिरकार, उसने बाबू से बात की थी, जिस पर उसने रिश्वत देने की पेशकश की थी.

राजस्थान के जंगलों में लौटेगी दहाड़, 5 बाघ होंगे नए घर में बसे

जयपुर राजस्थान में इस साल के अंत तक 2 बाघ अभ्यारण्य में नए बाघों की एंट्री होने जा रही है। राज्य सरकार का वन विभाग महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से बाघों को कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व (MHTR) और बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व (RVTR) में शिफ्ट करने जा रहा है। इसके लिए नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी(NTCA) से मंजूरी ली जा चुकी है।  इनमें नर और मादा दोनों तरह के बाघ होंगे। बाघों की रिलोकेशन इसी साल अक्टूबर से दिसंबर के बीच की जाएगी। इनमें महाराष्ट्र से बाघों को एयरलिफ्ट किया जाना है। राजस्थान में ऐसा दूसरी बार होगा जब दूसरे राज्य से बाघों को एयरलिफ्ट कर यहां लाया जाएगा। इससे पहले 2008 में रणथम्भौर से सरिस्का में नर बाघ को एयरलिफ्ट करके ले जाया गया था। वर्तमान में, RVTR में 7 बाघ हैं और  MHTR में एक शावक सहित पांच बाघ हैं। वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार ने बताया कि हाल में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में मध्यप्रदेश से 3 और महाराष्ट्र से 2 बाघें को राजस्थान के बाघ अभ्यारण में रिलोकेट करने की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा, "शुरुआत में, अक्टूबर में RVTR और MHTR में एक-एक बाघ स्थानांतरित किया जाएगा। चरण बद्ध तरीके से बाघों की शिफ्टिंग का काम किया जाएगा। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बाघों को एयरलिफ्ट करने के लिए भारतीय वायुसेना के विमान काम में लिए जाने हैं। इसके लिए वन विभाग ने भारतीय वायुसेना से अनुरोध भी किया है। दरअसल बाघों की रिलोकेशन एक बेहद पेचीदा और तनाव भरा काम होता है। इसमें बाघों की संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए यात्रा का समय कम लगे इसके लिए शिफ्टिंग का काम हवाई मार्ग से किए जाने के प्रयास हैं। बाघों के भोजन की व्यवस्था के लिए दोनों अभ्यारण्यों में 150 चित्तीदार हिरण छोड़े जाएंगे। एक वरिष्ठ वन अधिकारी ने बताया कि यह अन्य राज्यों से बाघों को राजस्थान में स्थानांतरित करने का पहला उदाहरण होगा। इस रिलोकेशन का एक मकसत राजस्थान में बाघों की आबादी में तेजी से बढ़ हरे अंत: प्रजनन को रोकना भी है।नेशनल सेंटर फॉर बायोलॉजिकल साइंसेज (NCBS) के शोध में पाया गया था कि राजस्थान में देश के किसी भी अन्य राज्य की तुलना में अधिक इनब्रेड बाघ हैं। मामले पर टिप्पणी करते हुए, रणथंभौर टाइगर रिजर्व के पूर्व फील्ड डायरेक्टर मनोज पराशर ने कहा, "अंतःप्रजनन हर जगह एक चिंता का विषय है क्योंकि बाघों की आबादी अलग-थलग है।" उन्होंने कहा, "यह रणथंभौर के बाघ हैं जो सरिस्का और मुकुंदरा गए हैं। बाहर से किसी भी बाघ के संपर्क में आने की शून्य संभावना है।" उन्होंने कहा कि बाघों का रिलोकेशन प्रोजेक्ट अच्छा कदम है क्योंकि यहां दूसरे राज्यों के बाघों को नहीं लाया जाता है तो अगले 2 से 3 दशकों में यहां के बाघ अंत:प्रजनन से जुड़ी बीमारियों के शिकार हो जाएंगे।

इंदौर में रक्षाबंधन पर्व का भव्य आयोजन, मंत्री विजयवर्गीय ने दी सांस्कृतिक सीख

बहन-बेटियों को भारतीय संस्कृति से जुड़े संस्कार दें : मंत्री विजयवर्गीय इंदौर में हुआ रक्षाबंधन पर्व का आयोजन मंत्री विजयवर्गीय ने कहा: बहन-बेटियों को भारतीय संस्कृति के संस्कार दें इंदौर में रक्षाबंधन पर्व का भव्य आयोजन, मंत्री विजयवर्गीय ने दी सांस्कृतिक सीख रक्षाबंधन पर मंत्री विजयवर्गीय का संदेश: संस्कृति से जुड़ें बहन-बेटियां इंदौर नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि बहन-बेटियों को भारतीय संस्कृति से जुड़े संस्कार दें। ऐसा करके हम समाज में आदर्श परिवार के उदाहरण को प्रस्तुत कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि समाज में कई असामाजिक तत्व बेटियों को गलत रास्ते पर ले जाने के प्रयास कर रहे हैं। हम सबको मिलकर इससे सावधान रहने की जरूरत है। मंत्री विजयवर्गीय गुरूवार को इंदौर में रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर महिलाओं ने मंत्री विजयवर्गीय को राखी बांधी। महिलाओं ने शौर्य और पराक्रम की प्रतीक राखी सीमाओं पर तैनात सैनिकों को भी भेजी। जनता ही हमारा परिवार मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि मेरा विधानसभा क्षेत्र एक परिवार के समान है। हम सब एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होते हैं। साथ ही सामाजिक सद्भाव के माहौल में सभी त्यौहारों को मनाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिये ‘लाड़ली बहना योजना’ चलाई है। उन्होंने समाज की महिलाओं से आहवान किया कि वे कुछ समय निकालकर अपने हुनर के साथ आर्थिक गतिविधियों से जुड़ें। इससे मध्यप्रदेश आर्थिक रूप से और सशक्त हो सकेगा। कार्यक्रम में पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय, सुदर्शन गुप्ता और स्थानीय जन-प्रतिनिधि भी मौजूद थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव तामोट, रायसेन में रक्षाबंधन महोत्सव में हुए शामिल, बोले – स्वदेशी अपनाने के संकल्प के साथ हैं प्रदेशवासी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उद्योग हमारे लिए मंदिर और देवालय के समान हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश का परिदृश्य बदला है, भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ते हुए 15वें से चौथे स्थान पर पहुंच चुकी है। मध्यप्रदेश का जैविक कपास, चीन, जापान और वियतनाम से लेकर स्पेन तक एक्सपोर्ट हो रहा है। राज्य सरकार कृषि के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और निवेश प्रोत्साहित करने के लिए भी हरसंभव प्रयास कर रही है। दस अगस्त को रायसेन में ही रेल कोच बनाने के लिए कारखाने का भूमिपूजन होने जा रहा है। धार में प्रधानमंत्री मोदी 25 अगस्त को टेक्सटाइल उद्योग के लिए पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन करेंगे। इससे मालवा और आसपास के जनजातीय अंचल के एक लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। प्रदेश में जारी औद्योगिक विकास की गतिविधियां प्रधानमंत्री मोदी के स्वदेशी के भाव को चरितार्थ करने का माध्यम हैं। प्रधानमंत्री मोदी भोपाल को जल्द ही मेट्रो ट्रेन की सौगात भी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव औद्योगिक क्षेत्र तामोट, जिला रायसेन में सागर मैन्युफैक्चरर्स प्राइवेट लिमिटेड की इकाई में आयोजित रक्षाबंधन महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टैक्सटाइल यूनिट का भ्रमण कर यहां टैक्सटाइल प्रोडक्शन का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में सागर ग्रुप की महिला कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी बांधकर पवित्र रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में उपस्थित बहनों के बीच जाकर पुष्प वर्षा की और बहनों को उपहार भेंटकर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत सरकार की लड़ाई किसानों की मेहनत के लिए है। किसान कपास, सब्जी और फसलें उगाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी देश के किसान, गरीब, मजदूरों के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने स्वदेशी अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया है, सभी प्रदेशवासी उनके साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार बहनों की खुशहाली के लिए निरंतर कार्य कर रही है। लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन के अवसर पर 1500 रुपए का विशेष तोहफा दिया गया है। रोजगार परक उद्योगों में कार्य करने वाली बहनों को प्रतिमाह 6000 रुपए की वेतन सहायता दी जा रही है। राज्य सरकार प्रदेश के सभी वर्गों की समृद्धि के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर ग्रुप ने आसपास के गांवों के लोगों को रोजगार से जोड़ा है। इकाई में काम करने वाले लोगों के लिए आवास और भोजन की व्यवस्था करने पर उन्होंने सागर ग्रुप को बधाई दी। सागर ग्रुप में कुल 8000 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें 5000 महिलाकर्मी हैं।  

सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण को विभागीय योजनाओं में शामिल करने पर मंत्री सिंह का जोर

लोक निर्माण से लोक कल्याण: पर्यावरण से समन्वय विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला 11 अगस्त को भोपाल लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा है कि विभाग अपने ध्येय वाक्य “लोक निर्माण से लोक कल्याण” को केवल सड़कों, पुलों और भवनों के निर्माण तक सीमित न रखते हुए अब पर्यावरण-संरक्षण और सतत विकास को भी विभागीय कार्यों का अभिन्न हिस्सा बना रहा है। इसी सोच को साकार करने और अभियंताओं में पर्यावरणीय जागरूकता को और गहरा करने के उद्देश्य से 11 अगस्त को रवींद्र भवन भोपाल में “पर्यावरण से समन्वय” विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह ऐतिहासिक आयोजन प्रदेश के लगभग 1500 अभियंताओं को एक ही मंच पर एकत्र करेगा, जिसमें वे न केवल पर्यावरण-अनुकूल निर्माण तकनीकों का अध्ययन करेंगे बल्कि टिकाऊ विकास के नए आयाम भी सीखेंगे। मंत्री श्री सिंह ने बताया कि कार्यशाला में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पर्यावरणविद् श्री गोपाल आर्य, भास्करायचार्य संस्थान के महानिदेशक श्री टी.पी. सिंह शामिल होंगे और अभियंताओं को प्रेरक संदेश देंगे। कार्यक्रम की रूपरेखा में उद्घाटन-सत्र, मुख्य अतिथियों के संबोधन, तकनीकी-सत्र और विशेष प्रशिक्षण-सत्र शामिल हैं। इस अवसर पर पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें निर्माण क्षेत्र में उपयोग होने वाली नवीनतम और टिकाऊ तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। मंत्री श्री राकेश सिंह ने बताया कि वास्तविक लोक कल्याण तभी संभव है जब हम आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण छोड़कर जाएं। उन्होंने कहा कि अभियंताओं की जिम्मेदारी केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके हर प्रोजेक्ट में पर्यावरणीय दृष्टिकोण को सम्मिलित करना भी आवश्यक है। कार्यशाला में अभियंताओं को आधुनिक हरित निर्माण सामग्री, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने वाली तकनीक, अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संतुलन से जुड़ी पद्धतियों के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया जाएगा। तकनीकी सत्र में भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष उपयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान गांधीनगर, गुजरात के विशेषज्ञ पीएम गतिशक्ति योजना के अंतर्गत डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की विधि पर विशेष प्रस्तुतीकरण देंगे। साथ ही जीआईएस पोर्टल पर सड़कों एवं पुलों की भौगोलिक मैपिंग की प्रक्रिया और उसके लाभों पर भी अभियंताओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग कर विभागीय परियोजनाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता को बढ़ा सकें। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि यह कार्यशाला न केवल अभियंताओं के तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल में वृद्धि करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को विभागीय योजनाओं के केंद्र में लाने का भी एक ठोस प्रयास है। इससे प्रदेश में हरित, टिकाऊ और जिम्मेदार बुनियादी ढांचे के निर्माण को नई दिशा मिलेगी और “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की परिकल्पना साकार रूप ले सकेगी। पर्यावरण-संरक्षण के लिये लोक निर्माण विभाग द्वारा उठाये गये कदम     ट्री शिफ्टिंग – पर्यावरण हितैषी तकनीकों के तहत पेड़ काटने के बजाय उन्हें स्थानांतरित करने की व्यवस्था लागू, पौधरोपण एवं ट्री-शिफ्टिंग के लिए निविदा दस्तावेज में प्रावधान।     वॉटर रिचार्ज बोर – वर्षा जल को जमीन में समाहित करने के लिये सड़क किनारे प्रत्येक किलोमीटर पर ग्राउंड वाटर रिचार्ज बोर की स्थापना। वर्तमान में 850 किमी सड़कों पर लगभग 1000 रिचार्ज बोर के लिए प्रावधान। वर्ष 2025-26 में 10 हजार रिचार्ज बोर निर्माण का लक्ष्य।     लोक कल्याण सरोवर – सड़क निर्माण में मुरम/कोपरा खुदाई को व्यवस्थित कर छोटे-छोटे तालाबों का निर्माण कर इन तालाबों को “लोक कल्याण सरोवर” नाम दिया गया।इस वर्ष 500 लोक कल्याण सरोवर निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।     पौधरोपण अभियान – सड़क किनारे पौधरोपण को एसओआर में शामिल कर मुख्यधारा में लाया गया। जुलाई माह में विशेष अभियान के तहत 2 लाख 50 हजार पौधों का रोपण किया गया। विभागीय इंजीनियर्स और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी। भास्कराचार्य संस्थान के सहयोग से पौधरोपण स्थलों की जियो मैपिंग और सैटेलाइट मॉनिटरिंग की व्यवस्था।  

दिल्ली प्रीमियर लीग में प्रियांश आर्या का आया तूफान, 52 गेंदों में ठोका शतक, तीन मैचों में रहे थे फ्लॉप

नई दिल्ली  आउटर दिल्ली वॉरियर्स ने दिल्ली प्रीमियर लीग (डीपीएल) टी20 मैच में शुक्रवार को ईस्ट दिल्ली राइडर्स के खिलाफ 20 ओवर में सात विकेट खोकर 231 रन बनाए। प्रियांश आर्या ने अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में दमदार शतक ठोका। पिछले तीन मैचों में आउटर दिल्ली वॉरियर्स के सलामी बल्लेबाज प्रियांश आर्या का बल्ला नहीं चला था और उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करने पर उनकी जमकर आलोचना हो रही थी। लेकिन शुक्रवार को प्रियांश ने ईस्ट दिल्ली के खिलाफ मुकाबले में 52 गेंदों में शतक जड़कर आलोचकों को करारा जवाब दिया।   प्रियांश आर्या के शतक की बदौलत आउटर दिल्ली वॉरियर्स ने शुक्रवार को दिल्ली प्रीमियर लीग के 12वें मैच में 20 ओवर में 231 रनों का विशाल स्कोर बनाया। प्रियांश आर्या ने 56 गेंदों में 9 छक्के और सात चौकों की मदद से 111 रन बनाए। उन्हें 18वें ओवर में आखिल चौधरी ने पवेलियन का रास्ता दिखाया। प्रियांश दिल्ली प्रीमियर लीग 2025 में शतक लगाने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं। जारी टूर्नामेंट में उनसे पहले आयुष दसोजा और यश धुल शतक लगा चुके हैं। प्रियांश शुरुआती तीन मैचों में 50 रन ही बना पाए थे। हालांकि उन्होंने इससे पहले आईपीएल में अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा था। प्रियांश ने बतौर अनकैप्ड बल्लेबाज पंजाब किंग्स के लिए 17 मैचों में 475 रन बनाए थे। उन्होंने एक शतक भी लगाया था। पहले बल्लेबाजी करने उतरी आउटर दिल्ली वॉरियर्स की शुरुआत खराब रही। टीम ने पहले ही ओवर में सलामी बल्लेबाज सनत का विकेट गंवाया। उन्होंने 5 गेंद में 10 रन बनाए। इसके बाद करन गर्ग और प्रियांश के बीच दूसरे विकेट के लिए 92 रन की साझेदारी हुई। करन 24 गेंद में 43 रन बनाकर आउट हुए। मोहित दो रन ही बना सके। केशव ने 13 गेंद में 17 रन बनाए। विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव सिंह बिना खाता खोले रन आउट हुए। इसके बाद प्रियांश 111 रन बनाकर पवेलियन लौटे। अंतिम ओवर में हर्ष त्यागी 8 गेंद में 16 के स्कोर पर रन आउट हुए।  

झारखंड में IED विस्फोट, CRPF के 2 जवान गंभीर हालत में रांची रेफर

चाईबासा झारखंड के चाईबासा में संवर्धित विस्फोटक उपकरण (आईईडी) में विस्फोट से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कम से कम दो जवान घायल हो गए। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना एशिया के सबसे घने जंगलों में से एक सारंडा जंगल में जराइकेला के पास मानके इलाके में दोपहर के समय तब हुई जब सीआरपीएफ के जवान तलाश अभियान संचालित कर रहे थे। दोनों जवान सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन से हैं। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘उन्हें बेहतर इलाज के लिए हवाई मार्ग से रांची ले जाया जा रहा है।'' तलाश अभियान अब भी जारी है।  

सुश्री भूरिया ने रक्षाबंधन को बताया प्रेम, विश्वास और सुरक्षा का पवित्र बंधन

भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने रक्षाबंधन पर्व पर सभी लाड़ली बहनों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई–बहन के पवित्र प्रेम, विश्वास और संरक्षण का अद्भुत प्रतीक है, जो रिश्तों में अटूट विश्वास और स्नेह का संचार करता है। सुश्री भूरिया ने कहा कि रक्षाबंधन का यह अवसर महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के संकल्प को पुनः दृढ़ करने का समय है। हमें महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने और बच्चों के स्वस्थ व सशक्त भविष्य के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। मंत्री सुश्री भूरिया ने प्रदेशवासियों का आहवान किया कि इस दिन हम सभी अपनी बहनों, माताओं और बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और खुशहाली के लिए हर संभव प्रयास करने का प्रण लें। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन न केवल भाई–बहन के रिश्ते को मजबूत बनाता है, बल्कि हमें एक सुरक्षित, सशक्त और संस्कारित समाज के निर्माण के लिए एकजुट होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रेम और सौहार्द के इस पर्व पर हम सभी मिलकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को साकार करने में अपना योगदान दें।  

पूर्ण पीठ बैठक की अपील, न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार केस पर चर्चा के संके

प्रयागराज इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के एक समूह ने न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार को निशाना बनाने वाले उच्चतम न्यायालय के हाल के आदेश को लेकर मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली से एक पूर्ण बैठक (फुल कोर्ट मीटिंग) आहूत करने का आग्रह किया है। न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा द्वारा लिखे इस पत्र में उच्चतम न्यायालय द्वारा चार अगस्त, 2025 को पारित आदेश को लेकर खेद व्यक्त किया गया है। इस पत्र पर सात न्यायाधीशों ने हस्ताक्षर किए हैं। उच्चतम न्यायालय ने चार अगस्त को दिए अपने निर्णय में न्यायमूर्ति कुमार के न्यायिक तर्क को लेकर गंभीर टिप्पणी की थी और उच्च न्यायालय प्रशासन को उन्हें आपराधिक रोस्टर से हटाने का निर्देश दिया था। साथ ही उच्चतम न्यायालय ने न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार को उनकी सेवानिवृत्ति तक एक वरिष्ठ न्यायाधीश के साथ एक खंडपीठ में रखने को भी कहा था। ये निर्देश न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने 'मेसर्स शिखर केमिकल्स' द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया था। कंपनी ने एक वाणिज्यिक विवाद को लेकर शुरू किए गए आपराधिक मुकदमे को रद्द करने का अनुरोध करते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया था। इससे पूर्व, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कंपनी की याचिका खारिज कर दी थी। न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार ने कहा था कि शिकायतकर्ता को दीवानी उपाय के लिए बाध्य करना ''बहुत अनुचित'' होगा और बकाया वसूली के लिए आपराधिक मुकदमा चलाने की अनुमति दी जा सकती है। उच्चतम न्यायालय ने इस तर्क को यह कहते हुए पलट दिया, ''हम इस आदेश के पैरा 12 में दिए गए तर्क को लेकर हैरान हैं… न्यायाधीश यहां तक कह गए कि शिकायतकर्ता को दीवानी मुकदमा चलाने के लिए कहना बहुत अनुचित होगा क्योंकि दीवानी मुकदमों में लंबा समय लगता है इसलिए शिकायतकर्ता को बकाया वसूली के लिए आपराधिक मुकदमा दायर करने की अनुमति दी जा सकती है।'' उच्चतम न्यायालय ने इस दृष्टिकोण को ''अस्थिर'' पाते हुए उच्च न्यायालय के आदेश को दरकिनार कर दिया और निर्देश दिया कि इस मामले को एक दूसरे न्यायाधीश द्वारा नए सिरे से सुना जाए।